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केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कवरेज वाली पंचायतों के सरपंच गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में होंगे सम्मानित

हर जिले से दो सर्वश्रेष्ठ पंचायतों का किया जायगा चयन

जशपुरनगर, 31 अक्टूबर 2025/ केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में “संतृप्ति” यानी पात्र लाभार्थियों का 90 प्रतिशत या उससे अधिक कवरेज करने वाले पंचायतों के सरपंचों को भारत सरकार के द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के दिन विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा चयन के लिए नौ प्रमुख योजनाओं को चिन्हित किया गया है। इनमें हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मिशन इन्द्रधनुष, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, किसान क्रेडिट कार्ड योजना (कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन हेतु) और पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना शामिल है। 
    इन योजनाओं में से कम से कम छह योजनाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक कवरेज हासिल करने वाली पंचायतें जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए पात्र मानी जाएंगी। पात्र पंचायतों को उनके प्रदर्शन के अनुसार क्रमांकित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में जिला मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। समिति में जिला पंचायत के सीईओ, पंचायती राज अधिकारी, डीआरडीए के परियोजना निदेशक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। 
    स्थानीय स्तर पर पंचायत द्वारा किए गए नवाचार, रचनात्मकता और सामुदायिक भागीदारी को भी 20 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति 30 नवंबर 2025 की स्थिति के आधार पर पंचायतों का मूल्यांकन करेगी और प्रत्येक जिले से दो सर्वश्रेष्ठ पंचायतों का चयन कर भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय को भेजेगी। अंतिम निर्णय मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। गणतंत्र दिवस 2026 के दिन इन चयनित पंचायतों के सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। जिससे देशभर में उत्कृष्ट पंचायत कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके।

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राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण,विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 31 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि वे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ निष्ठा से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक से शारदा चौक तक आयोजित ‘एकता दौड़’ में शामिल होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दूरदृष्टि और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण ही ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है। राष्ट्र को एकजुट करने के उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आज पूरे देश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण देश है, और  'विविधता में एकता' की भावना हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह जोश सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने का प्रण लेने का आह्वान किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी,  जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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गुजरात की धरती पर बस्तर का सम्मान — एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाया विकास का नया मॉडल,नए झलक देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभावित

एकता नगर (गुजरात), 31 अक्टूबर 2025-गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया।

झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया।

झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है।

झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया।

छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं।

गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं।

यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है।

एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया।

अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।

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अक्षय नवमी पर्व पर महिलाओं ने की आंवला वृक्ष की पूजा

 

जशपुर 31 अक्टूबर 2025 : 
आंवला नवमी  आज मनाई   जा रही है । कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तिथि तक भगवान विष्णु आंवला के वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए इस दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती है.
मान्यता है इससे आरोग्य, सुख-शांति और अखंड सौभाग्य, संतान सुख की प्राप्ति  होता है. इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, कहते हैं इस दिन आंवला से कुछ खास उपाय करने पर मां लक्ष्मी अक्षय पुण्य प्रदान करती है, यानी जिसका कभी नाश नहीं होता.
     आंवला नवमी के दिन प्रातः काल स्नान करके पूजा करने का संकल्प लें. इसके बाद आंवले के वृक्ष के निकट पूर्व की ओर मुख करके शुभ मुहूर्त में जल अर्पित करें. आंवला के पेड़ पर मौली बांधकर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करना चाहिए. भगवान की आरती के साथ ही पेड़ की 108 बार या 11 बार परिक्रमा करें. अब आंवले, वस्त्र, अन्न का दान करें. इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे ही भोजन करना चाहिए, भोजन में आंवला जरुर खाएं।
     आंवला नवमी के दिन श्रीहरि को आंवला अर्पित करें और फिर आंवले का दान करें. मान्यता है इससे देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य से घर भर जाता है. परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है.
     आंवला खाने से आयु  बढ़ती है. इस फल का रस पीने से धर्म-संचय होता है. आंवले के जल से स्नान करने से दरित्रता दूर होती है तथा सब प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं. आंवले का दर्शन, स्पर्श तथा उसके नाम का उच्चारण करने से वरदायक भगवान श्री विष्णु अनुकूल हो जाते हैं.

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अवैध कच्ची महुवा शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुनकुरी के सुखबासु पारा में 10 लीटर महुआ शराब जब्त,एक आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल


जशपुर - 31 अक्टूबर 2025 : कुनकुरी पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि, सुखबासु पारा, कुनकुरी, निवासी जीतू उर्फ डैनी, अपने साथ दो जरकिन में अवैध रूप से महुआ शराब भरकर, गड़ाकाटा  की ओर पैदल जा रहा है, व बिक्री हेतु ग्राहक तलाश रहा है, ।
            जिस पर कुनकुरी पुलिस के द्वारा, मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल पुलिस टीम के साथ, गड़ा काटा कुनकुरी की ओर रवाना हुआ गया, तभी रास्ते में दुर्गा पंडाल के पास  मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक संदिग्ध व्यक्ति मिला , जो कि एक झोला में, दो प्लास्टिक की जरकिन को रखा था, पुलिस के द्वारा उक्त संदिग्ध को रोककर, पूछताछ करने पर, उसने अपना नाम , जीतू उर्फ डैनी, सुखबासु पारा, कोरवा डेरा कुनकुरी का रहने वाला बताया। पुलिस  के द्वारा जब संदिग्ध जीतू उर्फ डैनी, के पास रखे, झोले की तलाशी ली गई तो, उसमें प्लास्टिक की दो ज़रकीन में, अवैध रूप से रखा गया, कच्चा महुआ शराब मिला। पुलिस के द्वारा आरोपी जीतू उर्फ डैनी से उक्त कच्चा महुआ शराब को रखने व बिक्री करने के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांग करने पर, उसके द्वारा कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी जीतू उर्फ डैनी को हिरासत में लिया गया व उसके कब्जे से  दो जरकिन सहित 10 लीटर कच्ची महुआ शराब को जप्त किया गया।
           पुलिस की पूछताछ पर अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, आरोपी जीतू उर्फ डैनी के खिलाफ थाना कुनकुरी में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
            मामले की कार्यवाही व 10 लीटर कच्ची महुआ शराब सहित आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, प्रधान आरक्षक छवि कांत पैंकरा, आरक्षक सुजीत खाखा , व नगर सैनिक अजय श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
          मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि कुनकुरी क्षेत्र में 10 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ, एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, नशे सौदागरों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात जारी है।

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जशपुर पुलिस का गौ तस्करी के खिलाफ कार्यवाही निरंतर जारी,फिर छुड़ाया 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से



जशपुर : 31 अक्टूबर 2025 : पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में गौ तस्करी के खिलाफ, जशपुर पुलिस के द्वारा ऑपरेशन शंखनाद चलाया जा रहा है, जिसके तहत जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है, जशपुर पुलिस, अब तक जहां सैकड़ों गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा चुकी है, वही 50 से अधिक गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इसी क्रम में जशपुर पुलिस को चौकी मनोरा क्षेत्र में फिर 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराने में सफलता मिली है।
           मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 28.10.25 को चौकी  मनोरा पुलिस को,  मुखबिर से सूचना मिली थी कि, दो व्यक्ति ग्राम केसरा के जंगल से होते हुए,लावा नदी पुल के रास्ते, 15 नग गौ वंशों को, पैदल, मारते पीटते हुए, हांक कर, झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं। जिस पर चौकी मनोरा पुलिस के द्वारा तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल अपनी पुलिस टीम के साथ, केसरा जंगल की ओर रवाना होकर, लावा नदी पुल के पास जाकर देखा तो पाया कि दो व्यक्ति जल्दी जल्दी गौ वंशों को हांक रहे हैं, जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपियों को पकड़ने हेतु घेराबंदी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को देखकर संदिग्ध तस्कर, गौ वंशों को छोड़कर, जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस के द्वारा  मौके से 15 नग गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस फरार आरोपियों की पता साजी कर रही है, जिन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
          मामले में पुलिस के द्वारा चौकी मनोरा में आरोपी तस्करों के विरुद्ध छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10  व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1)(क)( घ)के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
           मामले की कार्यवाही व गौ वंशों की सकुशल बरामदगी में चौकी प्रभारी मनोरा  उप निरीक्षक दिनेश पुरैना , सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक प्रीतम टोप्पो, आरक्षक रोशन पैंकरा व जगजीवन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
           मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी मनोरा क्षेत्र से 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है, फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: 1 से 5 नवम्बर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी शानदार प्रस्तुतियां

रायपुर, 31 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, श्री हंशराज रघुवंशी, श्री आदित्य नारायण, श्री अंकित तिवारी, श्री कैलाश खेर, सुश्री भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। 

राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सुश्री ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी। इसके बाद श्री पीसी लाल यादव, सुश्री आरू साहू, श्री दुष्यंत हरमुख, श्रीमती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार श्री हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे। उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी। इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी। सबसे पहले श्री सुनील तिवारी, सुश्री जयश्री नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा। 

इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सुश्री भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पण्डवानी, श्री राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, श्री कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे। इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, श्रीमती रेखा देवार की लोकगीत, श्री प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से श्रीमती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा। 

*शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां-*

शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को श्री मोहम्मद अनस पियानो वादन, श्रीमती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सुश्री रमादत्त जोशी और श्रीमती सोनाली सेन का गायन, सुश्री स्वीटी पगारिया कत्थक, श्री मंगलूराम यादव की बांसगीत, सुश्री चारूलता देशमुख भारत नाट्य, श्री दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, श्री लोकेश साहू की भजन, श्रीमती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा श्री चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी। 

2 नवम्बर को श्रीमती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, श्री ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, श्री बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, संश्री दीपाली पाण्डेय की कत्थक, श्री लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सुश्री अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सुश्री आशिका सिंघल कत्थक, श्री प्रांजल राजपूत भरथरी, सुश्री प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, श्री जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं श्री जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी। 

3 नवम्बर को श्री सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, श्रीमती राखी राय भरतनाट्यम, श्री पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सुश्री इशिका गिरी कत्थक, श्री गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सुश्री राधिका शर्मा कत्थक, श्रीमती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, श्री दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, श्रीमती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सुश्री संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, श्री महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा श्री घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी। 

4 नवम्बर को सुश्री भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, श्री चैतुराम तारक नाचा दल, सुश्री आशना दिल्लीवार कत्थक, सुश्री पुष्पा साहू लोक संगीत, श्री महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सुश्री प्रिति गोस्वामी कत्थक, सुश्री पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, श्री महेश साहू लोकमंच, श्री विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा श्री तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी। 

5 नवम्बर को सुश्री दुर्गा साहू पण्डवानी, सुश्री डाली थरवानी कत्थक, श्री संजय नारंग लोकसंगती, सुश्री सारिका शर्मा कत्थक, सुश्री महेश्वरी सिंहा लोकमंच, श्री चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, श्री नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, श्री द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सुश्री महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा श्री नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

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Rashifal: मेष से लेकर मीन राशिवालों के लिए कैसा रहेगा 31 अक्टूबर का दिन,किन राशियों को मिलेगी बड़ी सफलता? जानें सभी राशियों का हाल

मेष - सुख-आनंद कारक समय है। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-4-5-6

वृष - शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। मनोविनोद बढ़ेगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। शुभांक-4-6-7

मिथुन - नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में वृद्घि होगी। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। शुभांक-4-6-7

कर्क - आध्यात्मिक रुचि बनेगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित विघ्न पैदा होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-1-7-9

सिंह - प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगेे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। वाहन चालन में सावधानी बरतें। शुभांक-3-5-8

कन्या - आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। शनै:-शनै: स्थिती पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-5-7

तुला - स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रहें। व्यापार में वृद्घि होगी। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रखें। शुभांक-2-6-8

वृश्चिक - आवेश में आना आपके हित में नही होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। शुभांक-3-6-8

धनु - धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। रुका हुआ लाभ प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों में प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। शुभांक-4-6-7

मकर - अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कामकाज की व्यस्तता बढ़ेगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होंगी। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। शुभांक-3-5-6

कुम्भ - आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। इच्छित कार्य सफल होंगे। शुभांक-4-6-8

मीन - ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-5-6-8

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S.I.R : केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की होगी जरूरत,असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले सकते हैं मदद

रायपुर. 30 अक्टूबर 2025. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गया है उसमें बीएलओ द्वारा वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया गया है जो कि 71 प्रतिशत के करीब है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं, मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा और केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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हिमालय में गूँजी जशपुर की गूंज: आदिवासी युवाओं ने जगतसुख पीक पर खोला नया मार्ग

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में दिया गया विष्णु देव रूट नाम

रायपुर 30 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के आदिवासी युवाओं के एक दल ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस दल ने हिमाचल प्रदेश की दूहंगन घाटी (मनाली) में स्थित 5,340 मीटर ऊँची जगतसुख पीक पर एक नया आल्पाइन रूट खोला, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में “विष्णु देव रूट” नाम दिया गया है। टीम ने यह चढ़ाई बेस कैंप से केवल 12 घंटे में पूरी की — वह भी आल्पाइन शैली में, जो तकनीकी रूप से अत्यंत कठिन मानी जाती है।

यह ऐतिहासिक अभियान सितंबर 2025 में आयोजित हुआ, जिसका आयोजन जशपुर प्रशासन ने पहाड़ी बकरा एडवेंचर के सहयोग से किया। इस अभियान को हीरा ग्रुप सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दल के पाँचों पर्वतारोही पहली बार हिमालय की ऊँचाइयों तक पहुँचे थे। सभी ने “देशदेखा क्लाइम्बिंग एरिया” में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो जशपुर प्रशासन द्वारा विकसित भारत का पहला प्राकृतिक एडवेंचर खेलों के लिए समर्पित प्रशिक्षण क्षेत्र है। विश्वस्तरीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को जोड़ा, जिनमें बिलासपुर के पर्वतारोही एवं मार्गदर्शक स्वप्निल राचेलवार, न्यूयॉर्क (USA) के रॉक क्लाइम्बिंग कोच डेव गेट्स, और रनर्स XP के निदेशक सागर दुबे शामिल रहे। इन तीनों ने मिलकर तकनीकी, शारीरिक और मानसिक दृष्टि से युवाओं को तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाया। दो महीनों की कठोर तैयारी और बारह दिनों के अभ्यास पर्वतारोहण के बाद टीम ने यह चुनौतीपूर्ण चढ़ाई पूरी की।

अभियान प्रमुख स्वप्निल राचेलवार ने बताया कि जगतसुख पीक का यह मार्ग नए पर्वतारोहियों के लिए अत्यंत कठिन और तकनीकी था। मौसम चुनौतीपूर्ण था, दृश्यता सीमित थी और ग्लेशियरों में छिपी दरारें बार-बार बाधा बन रही थीं। इसके बावजूद टीम ने बिना फिक्स रोप या सपोर्ट स्टाफ के यह चढ़ाई पूरी की — यही असली आल्पाइन शैली है। यह अभियान व्यावसायिक पर्वतारोहण से अलग था, जहाँ पहले से तय मार्ग और सहायक दल पर निर्भरता होती है; इस दल ने पूरी तरह आत्मनिर्भर रहते हुए नई मिसाल कायम की।

अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। स्पेन के प्रसिद्ध पर्वतारोही टोती वेल्स, जो इस अभियान की तकनीकी कोर टीम का हिस्सा थे और स्पेन के पूर्व वर्ल्ड कप कोच रह चुके हैं, ने कहा कि “इन युवाओं ने, जिन्होंने जीवन में कभी बर्फ नहीं देखी थी, हिमालय में नया मार्ग खोला है। यह साबित करता है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ये पर्वतारोही विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।”

“विष्णु देव रूट” के अलावा दल ने दूहंगन घाटी में सात नई क्लाइम्बिंग रूट्स भी खोले। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रही एक अनक्लाइम्ब्ड (पहले कभी न चढ़ी गई) 5,350 मीटर ऊँची चोटी की सफल चढ़ाई, जिसे टीम ने ‘छुपा रुस्तम पीक’ नाम दिया। इस पर चढ़ाई के मार्ग को ‘कुर्कुमा (Curcuma)’ नाम दिया गया — जो हल्दी का वैज्ञानिक नाम है और भारतीय परंपरा में सहनशक्ति और उपचार का प्रतीक माना जाता है।

यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा, अवसर और संसाधन मिलें तो भारत के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से भी विश्वस्तरीय पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। बिना किसी हिमालयी अनुभव के इन युवाओं ने आल्पाइन शैली में जो उपलब्धि हासिल की है, उसने भारतीय साहसिक खेलों को नई दिशा दी है। इस पहल ने तीन बातों को सिद्ध किया — आदिवासी युवाओं में प्राकृतिक शक्ति, सहनशीलता और पर्यावरण से जुड़ी सहज समझ उन्हें एडवेंचर खेलों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है; “देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर” जैसे स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र पेशेवर पर्वतारोही तैयार करने की क्षमता रखते हैं; और हिमालय की अनदेखी चोटियाँ भारत में सतत एडवेंचर पर्यटन की नई संभावनाएँ खोल सकती हैं।

अभियान का नेतृत्व स्वप्निल राचेलवार ने किया, उनके साथ राहुल ओगरा और हर्ष ठाकुर सह-नेता रहे। जशपुर के पर्वतारोही दल में रवि सिंह, तेजल भगत, रुसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल थे। अभियान को प्रशासनिक सहयोग डॉ. रवि मित्तल (IAS), रोहित व्यास (IAS), शशि कुमार (IFS) और अभिषेक कुमार (IAS) से मिला। तकनीकी सहायता डेव गेट्स, अर्नेस्ट वेंटुरिनी, मार्टा पेड्रो (स्पेन), केल्सी (USA) और ओयविंड वाई. बो (नॉर्वे) ने दी। पूरे अभियान का डॉक्यूमेंटेशन और फोटोग्राफी ईशान गुप्ता की कॉफी मीडिया टीम ने किया।

प्रमुख सहयोगी और प्रायोजक संस्थानों में पेट्ज़ल, एलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट, रेड पांडा आउटडोर्स, रेक्की आउटडोर्स, अडवेनम एडवेंचर्स, जय जंगल प्राइवेट लिमिटेड, आदि कैलाश होलिस्टिक सेंटर, गोल्डन बोल्डर, क्रैग डेवलपमेंट इनिशिएटिव और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल शामिल रहे।

यह अभियान केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है कि भारत के गाँवों और आदिवासी क्षेत्रों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “भारत का भविष्य गाँवों से निकलकर दुनिया की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।”

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ अब जशपुर को एक सतत एडवेंचर एवं इको-टूरिज़्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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कुनकुरी विकासखण्ड में 28 अक्टूबर से 03 नवम्बर तक होगा नेत्र परीक्षण,अब तक 16499 लोगों के नेत्र परीक्षण में 58 से अधिक मोतियाबिंद के मिले मरीज

जशपुरनगर 30 अक्टूबर 2025/ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन तथा मुख्य चिकित्सा एवं अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी एनपीसीबी के मार्गदर्शन में अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत “सम्पूर्ण नेत्र सुरक्षा“ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसका विगत दिवस 28 अक्टूबर को कुनकुरी विकासखण्ड में शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम 03 नवम्बर 2025 तक आयोजित होगा।
                    सम्पूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत कुनकुरी विकासखण्ड के प्रत्येक गांव तथा परिवार के सदस्यों का नेत्र परीक्षण कर नेत्र रोगियों को चिन्हांकित कर उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल या जिला चिकित्सालय व चिकित्सा महाविद्यालय रेफर किये जाने हेतु लाईन लिस्ट तैयार किया जा रहा है। सम्पूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम में नेत्र का प्राथमिक उपचार, निःशुल्क दवाई वितरण, मेडिकल, ऑप्टिकल तथा सर्जिकल उपचार किया जा रहा है। दृष्टिहीनता का सर्वेक्षण पंजीयन एक आँख, दोनो आँख, नहीं दिखने का कारण मोतियाबिंद पंजीयन, ऑपरेशन की व्यवस्था किया जा रहा है।
                 मोतियाबिंद परीक्षण, पंजीयन उपचार, नेत्रदान घोषणापत्र हितग्राही की जॉच एवं पंजीयन रेटिनोपैथी, डायबिटिज एवं हाइपरटेशन की जांच व उपचार हेतु रेफर करना। दृष्टिदोष परीक्षण एवं हितग्राही को निःशुल्क चश्मा वितरण लो विजन परीक्षण, स्कूली बच्चों नेत्र परीक्षण कर रेफ्ररेक्टीव एरर बच्चों को निःशुल्क चश्मा वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष किसी एक विकासखण्ड का चयन कर प्रयास किया जाता है कि दोनों आंख में मोतियाबिंद के रोगियों की शल्यक्रिया कर लोगों को दृष्टिहीनता से मुक्त किया जाए इस कार्य में जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारियों की ड्युटी लगाई गई है। 28 अक्टूबर 2025 को 17 गांव के 16499 लोगों का नेत्र परीक्षण में दोनों आंख के 30, एक आंख के 58 मोतियाबिंद मरीज मिले है। नेत्र परीक्षण हेतु विकासखण्ड स्तर पर बीएमओ, बीपीएम, सेक्टर सुपरवाईजर के मोनिर्टिंग में आरएचओ महिला-पुरूष तथा मितानिनों का विशेष सहयोग मिल रहा है।

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कलेक्टर ने दूरस्थ वनांचल गांव लकराघरा में ग्रामीणों की मांग पर 4 किलोमीटर तक डब्लू बी एम सड़क बनाने के दिये निर्देश

जशपुर 30 अक्टूबर 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को फरसाबहार विकास खंड के दूरस्थ अंचल बोखी ग्राम पंचायत के लकराघरा ग्राम के वन भूमि के कच्चे सड़क का निरीक्षण किया। 
उन्होंने ग्रामवासियों की मांग पर 4 किलोमीटर लकराघरा गांव में वन विभाग के अधिकारियों को  डब्लू बी एम सड़क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र राशि स्वीकृति करवाने के निर्देश दिए हैं।
 उन्होंने कहा कि सड़क की स्वीकृति के साथ जहां आवश्यकता है पूल पुलिया निर्माण कार्य का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री वेद प्रकाश भगत, एसडीएम फरसाबहार श्री ओंकारेश्वर सिंह जनपद पंचायत सीईओ फरसाबहार श्री मिथलेश पैंकरा एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।

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जिले में एसआईआर कार्यक्रम शुरू, 07 फरवरी को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन,राजनीतिक दलों को एसआईआर से जुड़ी प्रक्रियाओं और तैयारियों के संबंध दी गई जानकारी

जशपुरनगर, 30 अक्टूबर 2025/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। एसआईआर हेतु जारी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़ भी शामिल है। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित ने बुधवार को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी और एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के भी मौजूद रहे।  इस अवसर पर कलेक्टर ने एसआईआर से जुड़ी प्रक्रियाओं और तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करने की अपील भी की, ताकि  कार्य पूरी शुद्धता के साथ संपादित हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी कार्य नियमों के दायरे में किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि एसआईआर का कार्य डिजिटल तरीके से किया जाएगा।

       बैठक में निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक मतदान केन्द्र में लगभग 1000 मतदाता होते हैं। हर मतदान केन्द्र के लिए एक बूथ स्तरीय अधिकारी होता है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्र होते हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी होता है। ईआरओ एक उप-मंडल मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी होता है जिनका कार्य कानून के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करना दावों और आपत्तियों को प्राप्त करना और उन पर निर्णय लेना, अंतिम मतदाता सूची तैयार और प्रकाशित करना है। प्रत्येक तहसील के लिए तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होता है।
        निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारी नए मतदाताओं को शामिल करने हेतु फॉर्म-6 और घोषणा पत्र एकत्र करेंगे। साथ ही वे मतदाताओं के आधार नंबर को लिंक करने में सहायता करेंगे, मतदाताओं को ई.एफ. भरने में मदद करेंगे, और एकत्र किए गए प्रपत्रों को ईआरओ एवं एईआरओ के पास जमा करेंगे। वे प्रत्येक मतदाता के घर का कम से कम 3 बार दौरा करेंगे। मतदाता, विशेष कर शहरी मतदाता, अस्थायी प्रवासी, ई.एफ. वेबसाइट https://www.eci.gov.in/ पर ऑनलाईन भी भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बीएलओ अपने क्षेत्र में मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थानांतरित व्यक्तियों, तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान भी करेंगे। गणना चरण के दौरान ई-फॉर्म के अलावा किसी अन्य दस्तावेज को एकत्र करने की आवश्यकता नहीं होगी।
    ईआरओ, एईआरओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र नागरिक नहीं छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल हो। जिला मजिस्ट्रेट ईआरओ के फैसले के खिलाफ पहली अपील की सुनवाई करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट  के निर्णय के खिलाफ दूसरी अपील की सुनवाई करेंगे।

 *विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रमुख चरण*

मुद्रण, प्रशिक्षण कार्य  28 अक्टूबर से 03 नवंबर तक,
घर-घर जाकर सत्यापन कार्य  04 नवंबर से  04 दिसंबर तक, मतदाता सूची का प्रकाशन 09 दिसंबर को, दावे और आपत्ति 09 दिसंबर से 08 जनवरी 2026 तक,सुनवाई और सत्यापन 09 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक एवं मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

     गणना चरण के दौरान विधिवत भरे गए गणना प्रपत्रों का मुद्रण, वितरण, मिलान  और संग्रहण 1,200 मतदाताओं की अधिकतम सीमा वाले मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।  ड्राफ्ट रोल में वे सभी मतदाता शामिल होंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो गए हैं। ड्राफ्ट रोल में शामिल न किए गए अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत डुप्लिकेट नामों की सूची सीईओ वेबसाइट सार्वजनिक कार्यालयों पर चस्पा की जायेगी। ईआरओ, एईआरओ को नोटिस जारी करने और उस पर निर्णय लेने का अधिकार होगा।  नोटिस उन मतदाताओं को जारी किए जाएंगे जिनका अंतिम एसआईआर से  लिंक नहीं किया जा सका। मतदाता के रूप में उनकी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सांकेतिक दस्तावेजों का सत्यापन करना अंतिम एसआईआर से पहले उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सुनवाई। ईआरओ, एईआरओ द्वारा दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के साथ ही उन पर निर्णय लिया जाएगा।  मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का कोई भी मतदाता या बीएलए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके बाद  अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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कुनकुरी के हनुमान टेकरी मंदिर का कलेक्टर ने किया निरीक्षण ,मंदिर की नियमित साफ सफाई पार्क में बच्चों के लिए खेल सामग्री और मंदिर की सीढ़ी में डोम शेठ लगाने निर्देश 

जशपुर 30 अक्टूबर 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को कुनकुरी विकास खंड के हनुमान टेकरी मंदिर का निरीक्षण किया और सुविधाओं, समस्याओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने मंदिर के अंदर बने पार्क के सौन्दर्य करण करने के निर्देश दिए हैं। पार्क की साफ सफाई, पेड़ पौधे लगाने और बच्चों के खेलने के लिए खेल सामग्री लगाने के लिए कहा है।
श्रद्धालुओं के बैठने के लिए चबूतरा निर्माण भी करने के लिए कहा है।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील,भरत सिंह, एसडीएम श्री नन्द जी पांडे कुनकुरी नगर पालिका अधिकारी श्री राजेन्द्र पात्रे जनप्रतिनिधिगण और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कलेक्टर ने मंदिर परिसर की श्रमदान से साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं। और मंदिर के सीढ़ी में डोम शेठ लगाने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने मंदिर परिसर के बाहर पार्किंग की व्यस्था और घास लगाने के निर्देश दिए हैं।
कुनकुरी के नगर वासियों ने अपने मांगों और समस्याओं को भी कलेक्टर के सामने रखा जिस पर कलेक्टर ने यथा संभव निराकरण करने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर श्री व्यास ने कुनकुरी छठ घाट का किया निरीक्षण,छठ घाट की साफ-सफाई, पचरी निर्माण, पाथ-वे, सौलर लाइट और बच्चों के लिए  बनाया जाएगा बाल उद्यान

मुख्यमंत्री ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति

जशपुरनगर 30 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को‌ नगरी निकाय कुनकुरी के छठ घाट का निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधीयों के साथ समीक्षा बैठक लेकर कुनकुरी के छठ घाट के सौन्दर्य करण के लिए सुझाव भी लिए। 
         कलेक्टर  ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण करने के लिए 5 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग कुनकुरी के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने  कुनकुरी छठ घाट के आस-पास सीमांकन करने और मुआवजा राशि का भी समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार यादव, एसडीएम श्री नन्द जी पांडे, नगर निकाय के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
          इस दौरान छठ घाट के सौन्दर्यकरण के लिए जनप्रतिनीधियों के साथ आम नागरिकों ने अच्छा सुझाव भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुनकुरी तालाब उघान आदि अन्य जगहों के देख-रेख साफ सफाई के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।
          उल्लेखनीय है कि जन आस्था का सम्मान और लोक संस्कृति का संवर्धन के शहर में छठ तालाब विकास की स्वीकृति मिली है। जिसके तहत् कुनकुरी छठ घाट की सफाई की जाएगी। रिटर्निंग वाल, गाद की साफ सफाई, दो स्वागत गेट, पचरी निर्माण, 10 नग वोट , फाउंटेन,10 नग पैर वाले वोट, सौलर लाइट, 50 नग लाइट, पाथ-वे, सेल्फी पाइंट, बच्चों के खेलने के लिए छोटे उद्यान और ओपन जिम की व्यवस्था, बैठने की चेयर, शौचालय, चेंजिंग रूम, आदि अन्य कार्य किया जाएगा।

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श्रम विभाग अंतर्गत 25 वर्षों की विभागीय उपलब्धियां,राज्य सरकार के प्रयासों से श्रमिकों के जीवन में आ रहा है बदलाव

विशेष लेख :
 
 
रायपुर, 30 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ राज्य स्थापना के समय 16 जिलों में से 09 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 04 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित है। वर्तमान में राज्य के समस्त 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा वर्ष 2008 से रायपुर में इंडस्ट्रीयल हाईजिन लैब का राज्य स्तरीय कार्यालय प्रारंभ किया गया है। राज्य स्थापना के बाद से वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण तथा विभिन्न योजनाओं में आवेदन विभागीय पोर्टल/श्रमेव जयते मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करने की सुविधा दी गयी है तथा विभिन्न योजनाओं में डी०बी०टी के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है।

52 लाख 75 हजार 618 संगठित/निर्माण/असंगठित श्रमिक पंजीकृत
      31 जुलाई, 2025 तक छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 5लाख 41 हजार 920 संगठित श्रमिक, छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 30 लाख 21 हजार 624 निर्माण श्रमिक तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 17 लाख 12 हजार 074 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार विभाग अंतर्गत संचालित मंडलों में कुल 52 लाख 75 हजार 618 संगठित, निर्माण, असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। राज्य स्थापना के बाद से 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को 23 अरब 70 करेाड 24 लाख 56 हजार 757  रूपये से लाभांवित किया गया। 
    छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल में 80 लाख 713 संगठित श्रमिक को 31 जुलाई, 2025 तक राशि रूपये 26 करोड 56 लाख 2 हजार 131 से, छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 51 लाख 72, हजार 579 निर्माण श्रमिकों को राशि रूपये 19 करोड 82 लाख 69 लाख 48 हजार 448 तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में 4 लाख 71 हजार 453 अंगठित कर्मकारों को राशि रूपये 3अरब 60 करोड 99 लाख 06 हजार 178 से इस प्रकार राज्य स्थापना के बाद से कुल 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को राशि रूपये 23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 (तेईस अरब सत्तर करोड़ चौबीस लाख छप्पन हजार सात सौ सात रूपये) से लाभांवित किया गया है।
श्रमिक सहायता केन्द्र 24x7 संचालित 
      श्रमिकों के हितलाभ संरक्षण, सहायता एवं उनके शिकायतों के निराकरण करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री  श्रमिक सहायता केन्द्र (Helpline Center) रायपुर में 24x7 संचालित है। प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84 हजार 810 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन एवं योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।
      ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत कारखानों, दुकान व स्थापनाओं, ठेकेदारों आदि का पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा विभाग अंतर्गत गठित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा योजनाओं हेतु आवेदन/स्वीकृति विभागीय वेब पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन की जा रही है। साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पंजियों/अभिलेखों को ऑनलाईन डिजिटल रूप में संधारित करने तथा एकीकृत वार्षिक विवरणी ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा नियोजकों को प्रदान की गई है।
ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
     भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छ०ग० शासन श्रम विभाग को 2020-21 हेतु ‘ई-श्रमिक सेवा‘ सहित सार्वभौमिक पहुंच हेतु ‘ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार‘ रूपये 02 लाख पुरस्कार राशि के साथ गोल्ड पुरस्कार प्रदान किया गया।
      प्रवासी श्रमिकों के हित संरक्षण, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से दिनांक 19 जुलाई 2021 से छ०ग० राज्य प्रवासी श्रमिक नीति, 2020 लागू किया गया है, जिसमें पलायन पंजी के ऑनलाईन संधारण की व्यवस्था की गई है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिये अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना
     मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा एवं श्रम मंत्री के निर्देशानुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क अध्ययन कराये जाने हेतु छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना‘ 08.जनवरी 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना के तहत मंडल में 01 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम 02 बच्चों को कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12 वीं तक आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 100 श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया जाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु एक लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 31 जुलाई 2025 तक 2 हजार 278 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।
निर्माण श्रमिकों के लिये पेंशन योजना
      60 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिनका मंडल में 10 वर्ष पूर्व का पंजीयन हो, ऐसे 37 निर्माण श्रमिकों को प्रतिमाह रूपये 1500/- पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना इस योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को रूपये 05 में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में 37 श्रम अन्न योजना केन्द्र संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 8 हजार श्रमिक गरम भोजन प्राप्त करे रहें है।
संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें
      कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना, राज्य निर्माण के समय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदाय करने वाली यह योजना केवल कारखानों, सिनेमाघरों, ट्रांसपोर्ट, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू थी। राज्य निर्माण के पश्चात इस योजना में निजी सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं निजि चिकित्सा संस्थाओं तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित नगर निगमों, नगर पालिकाएं, नगर परिषद् एवं अन्य स्थानीय निकाय पर भी लागू की गई है।
निःशुल्क चिकित्सा हित लाभ
       छ.ग. राज्य गठन के उपरांत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का विस्तार छ.ग. राज्य के 15 जिलों के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा 17 जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत छ.ग. राज्य निर्माण के पूर्व लगभग 30 हजार कामगार बीमित होकर राज्य के संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत संचालित औषधालयों के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा हितलाभ प्राप्त कर रहे थे, जो कि अब बढ़कर लगभग 6 लाख 25 हजार हो गये हैं।    
    राज्य निर्माण के पूर्व छ.ग. राज्य में केवल 6 औषधालय संचालित थी जो अब बढ़कर 42 हो गई है। बीमित हितग्राहियों को बेहतर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये राज्य के रायपुर, कोरबा, भिलाई तथा रायगढ़ में एक-एक 100 बिस्तरयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा किया गया है।
बीमित हितग्राहियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधायें
    राज्य निर्माण के पूर्व बीमित हितग्राहियों को अंतःरोगी उपचार पर होने वाले व्यय का वहन पहले स्वयं करना पड़ता था फिर वे चिकित्सा पुर्नभुगतान हेतु अपना देयक प्रस्तुत करते थे। राज्य निर्माण के पश्चात् वर्ष 2014 में बीमित हितग्राहियों को कैशलेस आधार पर सेकेण्डरी केयर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये निजी चिकित्सालयों को अधिकृत किया गया है। अधिकृत किये गये चिकित्सालयों में बीमित हितग्राहियों को कैशलेस अधार पर सेकेण्डरी केयर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही है।
    बीमित हितग्राहियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के उदद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी का गठन वर्ष 2018 में किया गया है, जिसका लाभ पंजीकृत श्रमिक उठा रहे हैं।

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एनएसएस का सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ, प्रथम दिवस पढ़ाया गया अनुशासन का पाठ

जशपुर/नारायणपुर 30 अक्टूबर 2025 :
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर एक ऐसा मंच है जो युवाओं में सामुदायिक जुड़ाव, टीम वर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देता है
 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय नारायणपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का 7 दिवसीय विशेष शिविर विधिवत रूप से आरंभ हुआ। यह शिविर 29 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक किया जाएगा शिविर का शुभारंभ जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव ने किया। उन्होंने इस मौके पर एनएसएस का ध्वज भी फहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा ने की। मुख्य अतिथि बालेश्वर यादव ने   अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को सेवा,स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का सच्चा पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी समाज परिवर्तन की अग्रदूत है और उसे  पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने मेक इन इंडिया पर विस्तृत चर्चा कर स्व देशी चीजें अपनाने पर जोर दिया।

 स्कूल के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्य का विकास करती है। उन्होंने स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि वे समाज की सेवा को अपना परम कर्तव्य समझें और पूरे समर्पण के साथ शिविर की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने स्वयंसेवियों को समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

     कार्यक्रम अधिकारी उत्तम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 50 स्वयंसेवी छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, पाैधरोपण जल संरक्षण गतिविधियां, नशामुक्ति जनजागरण रैली, सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, विद्यालय परिसर सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्वयंसेवियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी, जो देशभक्ति और समाज सेवा विषय पर आधारित थे।

    इस अवसर पर प्राचार्य कन्या हाई स्कूल के अमृत तिग्गा,प्राचार्य सरबकोम्बो महेश केरकेट्टा, शिक्षक इकबाल खान,एनएसएस सहायक कार्यक्रम अधिकारी  अजय कुमार कोरी सहित विद्यालय के सभी अध्यापक एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण  


 
 रायपुर, 30 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आगामी 1 नवम्बर को आयोजित होने वाले नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करते हुए औपचारिक आमंत्रण पत्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष और गर्व का अवसर है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की रजत जयंती वर्ष के शुभ अवसर पर प्रदेश की जनता को नवीन विधानसभा भवन समर्पित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से इस भव्य एवं सुसज्जित विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कह कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं, विकास यात्रा और जनभावनाओं का प्रतीक बनेगा, जिसके हम सभी साक्षी बनेंगे।

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