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राज्योत्सव पर लगी जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को लोगों ने सराहा,राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक 

 
                                                                   
रायपुर, 02 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 

प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।

नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।

प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। 

राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।

पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया। 

जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।

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मुख्यमंत्री निवास में देवउठनी एकादशी पर श्रद्धा एवं पारंपरिक विधिविधान से हुआ तुलसी विवाह

रायपुर, 2 नवम्बर 2025/देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ तुलसी विवाह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने माता तुलसी एवं भगवान शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया और सपरिवार पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि देवउठनी एकादशी धर्म, अध्यात्म और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। भगवान श्री विष्णु के योगनिद्रा से जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। तुलसी विवाह समाज में पवित्रता, सौहार्द और एकत्व की भावना को जागृत करता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह पर्व हमें परिवार, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। हमारी लोक संस्कृति में तुलसी विवाह को पवित्रता और समर्पण का प्रतीक माना गया है, जो जीवन में सात्त्विकता और सद्भावना का संचार करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता की मंगलकामना करते हुए कहा कि सृष्टि के पालनहार भगवान श्री विष्णु और माता तुलसी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो, तथा समूची सृष्टि में आरोग्य, सौहार्द और मंगलमय ऊर्जा का संचार हो।

उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और नव आरंभ का प्रतीक भी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह के पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपराओं, लोकआस्था और जीवनमूल्यों को निरंतर जीवंत रखने का प्रतीक है।

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पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, एक विधि से संघर्षरत बालक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार


 जशपुर 2 नवम्बर 2025 : सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी ,कि ग्राम पुराना नगर के तुरीटोंगरी  में किसी व्यक्ति की अधजली शव मिली है, जिसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ है, जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले के संबंध में अवगत कराते हुए, घटना स्थल, तुरीटोंगरी रवाना हुआ गया, जहां जाकर पुलिस ने पाया कि, एक गड्ढे में एक युवक  के शव को जलाया गया है, जिसके शरीर के चेहरे सहित , अधिकांश हिस्सा जल गया था,। घटना स्थल के निरीक्षण व शव के पंचनामा के पश्चात पुलिस के द्वारा, थाने में मर्ग कायम कर जांच विवेचना में लिया गया था। पुलिस के निरीक्षण के दौरान, चूंकि प्रथम दृष्टिया मामला हत्या का प्रतीत होता था, अतः पुलिस के द्वारा शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्टम भी कराया गया। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्यात्मक , बताने पर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी. एन. एस. की धारा 103(1) व 238(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
          चूंकि शव अज्ञात था व  शरीर का आधे से अधिक हिस्सा जल चुका था,अतः उसकी पहचान कर, आरोपियों की पता साजी करना, पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। पुलिस के द्वारा शव की पहचान हेतु, उसके फोटो को आस - पास के थानों/ चौकियों में सर्कुलेट किया गया था व क्षेत्र में गुम इंसानों की जानकारी  भी ली जा रही थी। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए,टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान पुलिस व टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम को पता चला,कि थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम सीटोंगा का एक युवक सीमित खाखा, कुछ दिनों पूर्व, अपने गांव के ही कुछ साथियों के साथ, काम करने के लिए, झारखंड राज्य गया था, उसके साथी वापस, ग्राम सीटोंगा लौट चुके थे, परंतु सीमित खाखा वापस नहीं लौटा था,। जिस पर पुलिस के द्वारा संदेह के आधार पर उक्त दिशा में जांच प्रारंभ की गई, व अधजली शव की फोटो को, उसके परिजनों को दिखाया गया। जिसकी शिनाख्त सीमित खाखा के रूप में होने पर, पुलिस के द्वारा, मृतक सीमित खाखा के साथ काम करने हेतु हजारीबाग(झारखंड) गए, उन साथियों को, जो कि वापस ग्राम सीटोंगा लौट आए थे, जिनमें से संदिग्ध क्रमशः रामजीत राम, वीरेंद्र राम व एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में ले कर पूछताछ की गई।
           पुलिस की पूछताछ पर आरोपियों के द्वारा  लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी, अंततः पुलिस के मनोवैज्ञानिक  पूछताछ के आगे वे झुक गए, और अपने अपराध को स्वीकार करते हुए बताया कि, घटना दिनांक 17.10.25  को आरोपी  रामजीत राम, वीरेंद्र राम , दो अन्य आरोपी तथा एक विधि से संघर्षरत बालक,  व मृतक सीमित खाखा, शाम करीबन 07.30 बजे, जशपुर के बाँकीटोली नीचे नदी पुलिया के पास स्थित श्मशान घाट में बैठे थे व सभी ने शराब पिया हुआ था, चूंकि सभी एक साथ ही काम करने हेतु, हजारीबाग, झारखंड गए थे अतः वहां से काम के दौरान , मिले कमीशन की बात को लेकर, आरोपियों व मृतक सीमित खाखा के मध्य वाद विवाद, व मारपीट होने लगा, इसी दौरान आरोपी वीरेंद्र राम, अपने बैग में पहले से रखे, लोहे की रॉड से, मृतक सीमित खाखा के सिर के कनपटी में वार कर दिया  , फिर आरोपी रामजीत राम के द्वारा,  अपने पास रखे चाकू से  मृतक सीमित खाखा के सीने में  वार किया गया। जिससे मृतक सीमित खाखा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, फिर आरोपियों के द्वारा मृतक सीमित खाखा के शव  के हाथ पैर को पकड़ते हुए , उसे ढोकर, पुरनानगर के तुरीटोंगरी में ले जा कर एक गड्ढे में रख दिया गया था, फिर आरोपी अपने अपने घर लौट गए, रात में सभी ने योजना बनाई कि, मृतक सीमित खाखा का शव, खुले में रखा गया है, जिससे लोग उसे पहचान लेंगे, अतः उनके द्वारा रात्रि में ही पेट्रोल लेकर, पुनः पुरना नगर, तुरी टोंगरी जाकर मृतक सीमित खाखा के शव को जलाने का प्रयास किया गया था।
         विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा आरोपियों के माध्यम से हत्या की घटना का, डमी के द्वारा पुनरावृत्ति भी किया गया । पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व छड़ तथा हत्या के समय पहने कपड़े को भी जप्त कर लिया  है।
           मामले में दो आरोपी फरार हैं, जिन्हें पुलिस के द्वारा चिन्हित कर लिया गया है, उनकी पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
   पुलिस की पूछताछ पर आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने  पर,  मामले में बी एन एस की धारा 61(2) जोड़ते हुए,उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर दो आरोपियों क्रमशः रामजीत राम व वीरेंद्र राम को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है व विधि से संघर्षरत बालक को , बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
     मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक आशीष कुमार तिवारी, उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर, आरक्षक विनोद तिर्की, हेमंत कुजूर, शोभनाथ सिंह, नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख तथा साइबर सेल से निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी,प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक अनिल सिंह सहित पूरी सायबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से, सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई, एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए, एक विधि से संघर्षरत बालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, दो आरोपी फरार है, जिनकी पता साजी जारी है, उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों की आत्मीय भेंट,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल

रायपुर 2 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है ।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री श्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म - ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।

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भारत निर्वाचन आयोग के कार्य में लगे  अधिकारी-कर्मचारियों का नहीं होगा स्थानांतरण

मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण और सुधार के संबंध में नियोजित अधिकारी-कर्मचारी भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण और अनुशासन के अधीन रहेंगे

जशपुरनगर 02 नम्बर 2025/ भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गयी है।
           आयोग द्वारा जारी पुनरीक्षण कार्यक्रम अनुसार निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 28 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ कर 07 फरवरी, 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जावेगा।
           जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 सीसी के प्रावधान के तहत मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण और सुधार के संबंध में नियोजित अधिकारी,  कर्मचारी भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण, और अनुशासन के अधीन रहेंगे।
           अतएव उक्त अवधि में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण में लगे संभागायुक्त (रोल आब्जर्वर),  कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बूथ लेवल अधिकारी पर्यवेक्षक, बूथ लेवल अधिकारी तथा उक्त कार्य में लगे अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों का स्थानांतरण उक्त पुनरीक्षण कार्य की अवधि में भारत निर्वाचन आयोग के बिना अनुमति व सहमति से स्थानांतरण नहीं किए जाने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित है। ताकि निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कार्य की निरन्तरता बनी रहें और कार्य प्रभावित न हों। 
                 मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के द्वारा दिये गये निर्देशानुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता  मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य बी.एल.ओ.व अविहित अधिकारियों के माध्यम से घर-घर जाकर किए जाने हेतु प्रत्येक 10 मतदान केन्द्र पर एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं प्रभारी अधिकारी के नियंत्रण में नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, बी०एल०ओ० सुपरवाईजर, अविहित अधिकारी, बी०एल०ओ० कार्य करेंगे जिस हेतु पृथक से नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। 
               सभी कर्मचारी निर्वाचन आयोग की प्रतिनियुक्ति पर है कोई निर्वाचन  कार्य से मना नहीं कर सकते।

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प्रधानमंत्री आवास योजना से जिले के 13000  हितग्राहियों ने किया गृह प्रवेश,दिया गया आवास की चाबी

 जशपुर 2 नवंबर 25/  प्रधानमंत्री आवास योजना से जिले के 13000  हितग्राहियों ने किया गृह प्रवेश 
 
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने ऐसे परिवारों के जीवन में आशा की एक नई किरण जागी है जिनके स्वयं का सपना महज एक सपना ही रह गया था शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना ने जशपुर जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों के सपनों को पंख देकर सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया गया हैl 
लंबे समय से अपने आवास की प्रतीक्षा कर रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के 13000 हितग्राहियों के महागृह प्रवेश का सिलसिला शनिवार को एक नवंबर 2025 को राज्य की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाई जा रहे राज्य उत्सव से शुरू हो गया है ।

आवास योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद भी दिया।

पीएम आवास का निर्माण बीते 2 वर्षों में तेजी से हुआ है अधूरे पड़े आवासों को सबसे पहले पूरा करने का कार्य राज्य शासन से मिली हुई धनराशि से शुरू किया गया l
जिले में कुल 13000 लाभार्थियों ने अपने नए मकान में गृह प्रवेश किया
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी हितग्राहियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी 

उल्लेखनीय है कि इनमें से कई परिवार वर्षों से कच्ची झोपड़ी नुमा घरों में रह रहे थे जहां बरसात और गर्मी के मौसम में रहना मुश्किल हो जाता था नई पक्की आवासीय संरचना मिलने के बाद उनकी जिंदगी में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय शुरू हुआ है जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के वह निर्माण कार्य नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक है आज जिन परिवारों को नया आवास मिला है उनके जीवन में सुरक्षा और सम्मान का नया अध्याय शुरू हुआ है यह आवास केवल दीवारें नहीं बल्कि सब उनके सपनों का आकार है प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे आगे भी हम यह प्रयास जारी रखेंगे की कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही सभी ग्राम पंचायत के नवनिर्मित घरों में पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार पूजा अर्चना कर गृह प्रवेश कराया गया तथा फीता काटकर खुशियों की चाबियां सौंपी गई ।

 प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीणों के पक्का घर का सपना पूरा हो रहा हैl शासन की महत्वकांक्षी  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों का आवास स्वीकृत हुआ जहां शासन प्रशासन के सहयोग से उनके सपनों का आशियाना पक्के मकान का सपना संभव हो पाया है इस योजना के तहत हितग्राहियों को राशन कार्ड गैस कनेक्शन शौचालय आयुष्मान कार्ड महतारी वंदन आदि सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है l

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत महोत्सव पर जशपुर में जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

जशपुर, 2 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में रजत  जयंती महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिला मुख्यालय  रणजीता स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह में जनसंपर्क विभाग द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई गई, जो आकर्षण का केंद्र बनी रही।

प्रदर्शनी में विभाग द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी नगरवासियों, ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को दी गई। साथ ही जनमन पत्रिका, सुशासन तिहार 2025 पत्रिका, जशपुर जम्बूरी 2025 एवं जशपुर किसान कॉल सेंटर की पत्रिका व ब्रोशर का वितरण किया गया।

जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता की झलक प्रस्तुत की गई। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभान्वित परिवारों की सफलता कथा, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही महिलाओं की प्रेरक कहानियाँ, पीएम जनमन योजना से लाभान्वित पहाड़ी कोरवा परिवारों के अनुभव, जशप्योर ब्रांड के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों की पहचान तथा मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान जैसी प्रमुख पहलें प्रदर्शित की गईं।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने तथा सुशासन की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की जानकारी प्रभावी रूप से दी जा रही है।
ग्रामीणों और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग से 
परियोजना अधिकारी श्री योगेश भगत, आम नागरिकों में लखेश कुर्रे, मंजू बाई, सुनीता देवी, शंकुन्तला नेताम, हीरामनी, मीना भगत, पार्वती, पिंकी सिंह, आशा कुजूर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया

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स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल कल जशपुर में राज्योत्सव का करेंगे शुभारंभ 

जशपुर 1 नवंबर 25/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और रजत महोत्सव के अवसर पर रणजीत स्टेडियम में 2 से 4 नवम्बर को तीन दिवसीय कार्यकम का आयोजन किया गया है। 
 3 नवम्बर सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।
रणजीता स्टेडियम में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मछली पालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग, परिवहन विभाग,जल संसाधन विभाग, रेशम विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग, जशप्योर, मिलेट कैफे, खेल एवं पर्यटन विभाग,आयुष विभाग, कौशल विकास विभाग, आदि अन्य विभाग के द्वारा छत्तीसगढ़ शासन से संबंधित विकास प्रदर्शनी लगाई गई।और लोगों को योजनाओं से संबंधित जानकारी दी जा रही है।

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पर्यटकों के लिए खूबसूरती का प्रमुख जगहों में से एक जशपुर का मयाली नेचर कैम्प,बना आकर्षण का केन्द्र

विशेष लेख  

जशपुर 2 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के  निर्देशन में जशपुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 6 से 9 नवम्बर तक जशपुर जम्बुरी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।मयाली नेचर कैम्प जशपुर में जल क्रीड़ाओं का नया रोमांचक गंतव्य स्पीड बोटिंग, कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग और बाउंस बोट का भी पर्यटन आनंद उठा पाएंगे।

जशपुर की हरी-भरी वादियां
हरे-भरे जंगलों, झरनों और पहाड़ियों से घिरे जशपुर जिले का मयाली नेचर पार्क अब रोमांच और जल क्रीड़ा प्रेमियों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गया है। शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से भरे इस स्थल में अब एडवेंचर का नया रंग जुड़ चुका है, स्पीड बोटिंग, कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग और बाउंस बोट जैसी गतिविधियाँ यहाँ के पर्यटन अनुभव को और भी यादगार बना रही हैं।
       मयाली जलाशय की स्वच्छ और विस्तृत झील अब पर्यटकों को केवल प्रकृति की गोद में सुकून ही नहीं, बल्कि रोमांच का अहसास भी कराती है। सुबह की सुनहरी रोशनी में झील पर फिसलती स्पीड बोट्स जब हवा को चीरती हैं, तो दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं। वहीं, कयाकिंग में प्रतिभागी अपनी शक्ति और संतुलन के बल पर पानी की लहरों के बीच आगे बढ़ते हैं, यह अनुभव आत्मविश्वास और एकाग्रता का प्रतीक बन जाता है।
     परिवारों और युवाओं के बीच एक्वा साइक्लिंग सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से एक बन रही है। पानी पर चलती यह विशेष साइकिल रोमांच के साथ-साथ मनोरंजन का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है। यह उन लोगों के लिए है जो रोमांच तो चाहते हैं, पर शांति के साथ। वहीं बच्चों और समूह पर्यटकों के लिए बाउंस बोट पूरी तरह मस्ती से भरा अनुभव है, नाव पर हंसी, शोर और उमंग का माहौल पूरे झील क्षेत्र को जीवंत बना देता है।


इन सभी गतिविधियों को सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में संचालित किया जा रहा है। हर प्रतिभागी के लिए लाइफ जैकेट, और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षित गाइड और स्थानीय युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन में भी योगदान दे रही है।
       जशपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की यह पहल न केवल जिले के प्राकृतिक आकर्षणों को एक नया स्वरूप दे रही है, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख इको-टूरिज़्म एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। 
     मयाली नेचर पार्क अब केवल एक पिकनिक स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव स्थल बन चुका है जहाँ प्रकृति, रोमांच और संस्कृति तीनों का सुंदर संगम दिखाई देता है। झील के किनारे से उठती ठंडी हवा, पानी पर चमकती धूप की लहरें और दूर से आती बोट की आवाज़, यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल रचते हैं जो हर पर्यटक के मन में जशपुर की याद हमेशा के लिए बसा देता है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का किया लोकार्पण

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानियों की वीरता को प्रदर्शित करती दीर्घाओं का किया अवलोकन

रायपुर, 01 नवम्बर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को संग्रहालय को उत्कृष्टता के साथ मूर्त रूप देने के प्रयासों के लिए बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय वर्गों की ऐतिहासिक गौरवगाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक यह संग्रहालय-सह-स्मारक अब जनसमर्पित हो रहा है। यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को हमारे पुरखों की वीरगाथाओं को अविस्मरणीय बनाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की विशेषताओं की जानकारी दी। श्री बोरा ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यहां 14 गैलरियों में अंग्रेजी हुकूमत काल के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की लगभग 650 मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। जनजातीय विद्रोहों को आसानी से समझाने के लिए डिजिटल माध्यमों की भी व्यवस्था की गई है।

परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर ‘ई-पुस्तिका आदि शौर्य’ का विमोचन भी किया गया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहीद वीर नारायण सिंह जी के वंशजों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने संग्रहालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘जशप्योर ब्रांड’ की कलाकृतियों की सराहना की

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जशपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित ‘जशप्योर ब्रांड’ के अंतर्गत तैयार किए गए उत्पादों — महुआ लड्डू, महुआ कैंडी, महुआ टी, महुआ हेक्टर संग्रह आदि का अवलोकन किया और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने जशपुर की पारंपरिक हस्तकला ‘छिंद कांसा टोकरी’ (हाथ से बनी बांस/छिंद की टोकरियाँ) के बारे में जानकारी ली और स्थानीय संसाधनों से बनी इस कलाकृति की प्रशंसा की।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम, राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, केंद्रीय राज्य मंत्री (जनजातीय कार्य) श्री दुर्गा दास उइके, केंद्रीय सचिव (जनजातीय कार्य मंत्रालय) श्रीमती रंजना चोपड़ा, प्रमुख सचिव (अनुसूचित जनजाति) श्री सोनमणि बोरा, निदेशक (केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय) श्रीमती दीपाली मसीरकर, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, शहीद वीर नारायण सिंह जी के वंशज तथा विभिन्न राज्यों के जनजातीय कार्य एवं अनुसंधान संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक है यह संग्रहालय

नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित यह भव्य और आकर्षक संग्रहालय आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्यगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। यह संग्रहालय इस संदेश को जीवंत करता है कि अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह करने का साहस सबसे बड़ी शक्ति है।

यह प्रदेश का पहला संग्रहालय है, जो विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है। यह स्मारक-सह-संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को अपने पुरखों के संघर्षों और बलिदानों की स्मृति से जोड़े रखेगा।

50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह संग्रहालय 14 गैलरियों में विभाजित है, जिनमें अंग्रेजी शासन काल में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों के 650 से अधिक मूर्तिशिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। जनजातीय विद्रोहों को सहज रूप में समझाने के लिए यहां डिजिटल माध्यमों का भी प्रयोग किया गया है।

यह संग्रहालय केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों के लिए प्रेरणादायी है। यह देश-विदेश के आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा, शौर्य और संस्कृति से परिचित कराएगा।

आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संग्रहालय

यह स्मारक-सह-संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास पर गहन अध्ययन और शोध के बाद VFX टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के माध्यम से तैयार किया गया है।

आगंतुकों को प्रत्येक दीर्घा में आदिवासी विद्रोह का विवरण डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। वे संग्रहालय में प्रदर्शित मूर्तियों और घटनाओं को जीवंत रूप में अनुभव कर सकेंगे। प्रत्येक दीर्घा के सामने लगे स्कैनर से मोबाइल द्वारा कोड स्कैन कर संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।

16 गैलरियों में जीवंत हुआ इतिहास

संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों — हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह — के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य के दृश्य 14 गैलरियों में सजीव रूप से प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर दो अलग-अलग गैलरियाँ भी निर्मित की गई हैं।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म : रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन,प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य को किया समर्पित

रायपुर. 1 नवम्बर 2025. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

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नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए, आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत

रायपुर 1 नवम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका जी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष, मेरे मित्र रमन सिंह जी, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, केंद्र सरकार में मेरे सहयोगी मंत्री तोखन साहू जी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी, अरुण साव जी, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत जी, उपस्थित अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मौजूद देवियों और सज्जनों!

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए, आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत का दिन है। और मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ये बहुत ही सुखद दिन है, अहम दिन है। मेरा बीते कई दशकों से इस भूमि से बहुत आत्मीय नाता रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में बहुत समय बिताया, यहां से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे जीवन को गढ़ने में यहां के लोगों का, यहां की भूमि का बहुत बड़ा आशीर्वाद रहा है।  छत्तीसगढ़ की परिकल्पना, इसके निर्माण का संकल्प और फिर उस संकल्प की सिद्धि, हर एक क्षण पर मैं छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का साक्षी रहा हूं। और आज जब छत्तीसगढ़ 25 वर्षों की यात्रा के अहम पड़ाव पर पहुंचा है, तो मुझे इस क्षण का भी, सहभागी बनने का अवसर मिला है। आज इस रजत जयंती के उत्सव पर, मुझे राज्य के लोगों के लिए, इस नई विधानसभा के लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला है। मैं छत्तीसगढ़ के लोगों को, राज्य सरकार को, इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं, बधाई देता हूं।

साथियों,
2025 का ये वर्ष भारतीय गणतंत्र का अमृत वर्ष भी है। 75 वर्ष पहले भारत ने अपना संविधान देशवासियों को समर्पित किया था। ऐसे में, आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं इस अंचल से संविधान सभा के सदस्य रहे, रविशंकर शुक्ल जी, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जी, घनश्याम सिंह गुप्त जी, किशोरी मोहन त्रिपाठी जी, रामप्रसाद पोटाई जी और रघुराज सिंह जैसे मनीषियों का स्मरण करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। तब के काफ़ी पिछड़े रहे इस क्षेत्र से, दिल्ली पहुंच कर इन विभूतियों ने बाबा साहेब के नेतृत्व में, संविधान के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

साथियों,
आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बनकर चमक रहा है। आज जब हम इस भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन का लोकार्पण कर रहे हैं, तो ये केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जन-आकांक्षा, जन-संघर्ष और जन-गौरव का उत्सव बन गया है। आज छत्तीसगढ़ अपने स्वप्न के नए शिखर पर खड़ा है। और इस गौरवशाली क्षण में, मैं उन महापुरुष को नमन करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि और करुणा ने इस राज्य की स्थापना की। वो महापुरुष हैं- भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी।

साथियों,
साल 2000 में जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तो वो निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं था। वो निर्णय था विकास की नई राह खोलने का, और वो निर्णय था छत्तीसगढ़ की आत्मा को पहचान दिलाने का। इसलिए, आज जब इस भव्य विधानसभा के साथ-साथ अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण हुआ है, तो मन कह उठता है, मेरे भाव व्यक्त हो रहे हैं, अटल जी जहां भी हो- अटल जी, देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है। आपका बनाया हुआ छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास से भरा है, विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,
छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास अपने आप में प्रेरणास्रोत है। 2000 में जब इस सुंदर राज्य की स्थापना हुई, तो पहली विधानसभा की बैठक राजकुमार कॉलेज, रायपुर के जशपुर हॉल में हुई थी। वो समय सीमित संसाधनों का तो था, लेकिन असीम सपनों का था। तब केवल एक भावना थी कि हम अपने भाग्य को और तेजी से उज्ज्वल बनाएंगे। बाद में विधानसभा का जो भवन तैयार हुआ, वो भी पहले किसी दूसरे विभाग का परिसर था। वहीं से छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की यात्रा नई ऊर्जा के साथ प्रारंभ हुई। और आज, 25 वर्षों के बाद, वही लोकतंत्र, वही जनता, एक आधुनिक, डिजिटल और आत्मनिर्भर विधानसभा के भवन का उद्घाटन कर रही है।

साथियों,
यह भवन लोकतंत्र का तीर्थ स्थल है। इसका हर स्तंभ पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका हर गलियारा जवाबदेही की याद दिलाता है। और इसका हर कक्ष जनता की आवाज़ का प्रतिबिंब है। यहाँ लिए गए निर्णय दशकों तक छत्तीसगढ़ के भाग्य को दिशा देंगे। और यहां कहा हर एक शब्द, छत्तीसगढ़ के अतीत, इसके वर्तमान का और इसके भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। मुझे विश्वास है, ये भवन आने वाले दशकों के लिए छत्तीसगढ़ की नीति, नियति और नीतिकारों का केंद्र बनेगा।

साथियों,
आज पूरा देश विरासत और विकास को साथ लेकर चल रहा है। और ये भावना, सरकार की हर नीति, हर निर्णय में भी दिखती है। आज देश की संसद को, हमारा पवित्र सेंगोल प्रेरणा देता है। नई संसद की नई गैलरियां, पूरी दुनिया को भारत के लोकतंत्र की प्राचीनता से जोड़ती हैं। संसद परिसर में लगी प्रतिमाएं, पूरे विश्व को ये बताती हैं कि भारत में लोकतंत्र की जड़ कितनी गहरी है।

साथियों,
मुझे प्रसन्नता है कि भारत की यही सोच, यही भावना, छत्तीसगढ़ के इस नए विधानसभा में भी झलकती है।

साथियों,
छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा परिसर राज्य की समृद्ध संस्कृति का प्रतिबिंब है। इस विधानसभा के कण-कण में, छत्तीसगढ़ की भूमि पर जन्मे हमारे महापुरुषों की प्रेरणा है। वंचितों को वरीयता, सबका साथ, सबका विकास, ये भाजपा सरकार के सुशासन की पहचान है, यही देश के संविधान की स्पिरिट है, यही, हमारे महापुरुषों, हमारे ऋषियों, मनीषियों के दिए संस्कार हैं।

साथियों,
मैं जब इस भवन को देख रहा था, तो मुझे बस्तर आर्ट की सुंदर झलक दिखाई दी। मुझे याद है, कुछ महीने पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री जी को मैंने यही बस्तर आर्ट भेंट की थी, बस्तर की ये कला हमारी सृजनशीलता और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है।

साथियों,
इस भवन की दीवारों में बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश है, जो हमें, सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान सिखाता है। यहां के हर द्वार में, माता शबरी की सिखाई आत्मीयता है, जो हमें हर अतिथि, हर नागरिक का स्नेह स्वागत करने की बात बताती है। इस सदन की हर कुर्सी में संत कबीर का सिखाया सच्चाई और निडरता का भाव है। और यहां की नींव में, महाप्रभु वल्लभाचार्य जी का बताया- नर सेवा, नारायण सेवा का संकल्प है।

साथियों,
भारत लोकतंत्र की जननी है, मदर ऑफ डेमॉक्रेसी है, हमारा आदिवासी समाज तो, पीढ़ियों से लोकतांत्रिक परंपराओं को जीता आया है। मुरिया दरबार- बस्तर की ‘आदिम संसद’ इसका जीवंत उदाहरण है। वो आदिम संसद थी, सालों से हमारे यहां समाज और शासन मिलकर, समस्याओं का समाधान करते रहे हैं। और मुझे प्रसन्नता है कि इस विधानसभा में भी मुरिया दरबार की परंपरा को स्थान मिला है।

साथियों,
एक ओर, इस सदन के हर कोने में, हमारे महापुरुषों के आदर्श हैं, तो वहीं इसकी अध्यक्ष पीठ पर, रमन सिंह जी जैसा अनुभवी नेतृत्व भी है।  रमन जी, इस बात का बहुत बड़ा उदाहरण हैं कि एक कार्यकर्ता अपने परिश्रम से, अपने समर्पण भाव से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितना सशक्त बना सकता है।

साथियों,
क्रिकेट में तो देखते हैं, कि जो कभी कैप्टन रहता है, वो कभी टीम में खिलाड़ी बनकर के भी खेलता है, लेकिन राजनीति में ऐसा देखने को नहीं मिलता है, ये उदाहरण रमण सिंह जी दे सकते हैं, कि जो कभी कैप्टन हुआ करते थे, वो आज सच्चे स्पिरिट से कार्यकर्ता के छत्तीसगढ़ की सेवा के लिए समर्पित हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य कर रहे हैं।

साथियों,
राष्ट्रकवि निराला जी ने अपनी कविता में माँ सरस्वती से प्रार्थना की थी- प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव भारत में भर दे, यह केवल काव्य नहीं था, यह आज़ाद भारत के नवसृजन का मंत्र था। उन्होंने नव गति, नव लय, नव स्वर की बात कही, यानी कि एक ऐसे भारत की, जो परंपरा से जुड़ा हो, लेकिन भविष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़े। आज जब हम छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा में खड़े हैं, तो यह भावना यहां भी उतनी ही सार्थक है। यह भवन भी उसी ‘नव स्वर’ का प्रतीक है, जहाँ पुराने अनुभवों की ध्वनि है, और नए सपनों की ऊर्जा भी है। और इस ऊर्जा के साथ, हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है, एक ऐसे छत्तीसगढ़ की नींव बनानी है, जो विरासत से जुड़कर, विकास के पथ पर आगे बढ़ सके।

साथियों,
नागरिक देवो भव:, ये हमारे सुशासन का मंत्र है। और इसीलिए, हमें विधानसभा के हर निर्णय में जनता के हित को ध्यान में रखकर काम करना होगा। यहां कानून ऐसे बनें, जो रिफॉर्म को गति दे, जिससे लोगों का जीवन आसान हो, जो लोगों के जीवन से सरकार के अनावश्यक दखल को बाहर करे। सरकार का न अभाव हो और न ही अनावश्यक प्रभाव हो, यही तेज़ प्रगति का एकमात्र मंत्र है।

साथियों,
यह हमारा छत्तीसगढ़ तो भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम इस धरती के भांजे हैं। आज इस नए परिसर में श्रीराम के आदर्शों को याद करने का इससे बेहतर दिन और क्या होगा। भगवान राम के आदर्श, हमें सुशासन की सीख देते हैं।

साथियों,
अयोध्या में राममंदिर की प्राणप्रतिष्ठा के समय, हम सभी ने देव से देश और ‘राम से राष्ट्र’ का संकल्प लिया था। हमें याद रखना है, राम से राष्ट्र का अर्थ है- रामराज बैठे त्रैलोका। हरषित भए गए सब सोका। इसका अर्थ है, सुशासन और जनकल्याण का राज! इसका अर्थ है, सबका साथ, सबका विकास की भावना से शासन! राम से राष्ट्र का अर्थ है, नहिं दरिद्र कोउ, दुखी न दीना। जहां कोई ना गरीब हो, ना कोई दुखी हो, जहां भारत गरीबी से मुक्त होकर आगे बढ़े, राम से राष्ट्र का अर्थ है- अल्पमृत्यु नहिं कवनिउ पीरा। यानी, बीमारियों से असमय मृत्यु ना हो, यानी स्वस्थ और सुखी भारत का निर्माण हो, राम से राष्ट्र का मतलब है- मानउँ एक भगति कर नाता। अर्थात हमारा समाज ऊंच नीच के भाव से मुक्त हो, और हर समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना हो

साथियों,
राम से राष्ट्र का एक अर्थ ये भी है कि, “निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ पन कीन्ह”। यानी, मानवता विरोधी ताकतों का, आतंक के विनाश की प्रतिज्ञा! और यही तो हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है। भारत, आतंक के विनाश की प्रतिज्ञा करके आतंकियों की कमर तोड़ रहा है। भारत आज नक्सलवाद, माओवादी आतंक को भी समाप्त करने की तरफ बढ़ रहा है। भारत आज अभूतपूर्व विजय के गर्व से भरा हुआ है। और गर्व की यही भावना, आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के इस नए परिसर में हमें चारों तरफ दिख रही है।

साथियों,
पिछले पच्चीस वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जो परिवर्तन देखा है, वह अद्भुत और प्रेरणादायी है। कभी यह राज्य नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था। आज वही राज्य समृद्धि, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक बन रहा है। आज बस्तर ओलंपिक की चर्चा देश के कोने-कोने में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आज विकास की लहर और सुकून की मुस्कान लौट आई है। और इस परिवर्तन के पीछे है छत्तीसगढ़ की जनता का परिश्रम और भाजपा सरकारों का दूरदर्शी नेतृत्व।

साथियों,
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह का उत्सव, अब एक बड़े लक्ष्य का आरंभ बिंदु बनने जा रहा है। 2047 तक, जब भारत अपनी आजादी के 100 साल मनाएगा, हमें विकसित भारत निर्माण के जो लक्ष्य तय किए हैं, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका बहुत बड़ी होने वाली है। और इसीलिए, मैं यहां उपस्थित सभी साथियों से भी कहूंगा, सभी जनप्रतिनिधियों से कहूंगा, कि आप एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करिए, एक ऐसी विधानसभा का उदाहरण बनाइए, जो विकसित भारत के हर राज्य को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करे। यहां होने वाले संवादों में, यहां पूछे जाने वाले प्रश्नों में, सदन में होने वाली कार्यवाहियों में, सब में एक श्रेष्ठता लाने का प्रयास हो, और हम जो भी करें, जिस भी रूप में करें, सबका लक्ष्य विकसित छत्तीसगढ, विकसित भारत का निर्माण हो।

साथियों,
छत्तीसगढ़ की इस नई विधानसभा की श्रेष्ठता इसके भवन की भव्यता से ज्यादा, यहां लिए जाने वाले जनकल्याण के निर्णयों से निर्धारित होगी। यह इस बात से तय होगी कि यह सदन छत्तीसगढ़ के सपनों को, इसकी सोच को कितनी गहराई से समझता है, और उन्हें साकार करने के लिए कितनी दूर तक चलता है। हमारा हर निर्णय ऐसा होना चाहिए, जो किसान की मेहनत को सम्मान दे, युवा के सपनों को दिशा दे, नारीशक्ति के जीवन में नई आशा की किरण लेकर आए, और समाज में अंत्योदय का माध्यम बने। हम सबको ये याद रखना है कि यह विधानसभा केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के भाग्य निर्माण का प्रखर केंद्र है, जीवंत इकाई है। इसीलिए हम सब को ये सुनिश्चित करना होगा, कि यहां से निकलने वाले हर विचार में जनसेवा की भावना हो, विकास का संकल्प हो, और भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने का विश्वास हो। यही हमारी कामना है।

साथियों,
लोकतंत्र में कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए, हम सब सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभायें, यह संकल्प लेना ही नए विधानसभा भवन के लोकार्पण के इस अवसर के सबसे बड़ी सार्थकता होगी। आइए इस परिसर से हम सभी, भारतीय गणतंत्र के इस अमृत वर्ष में यह संकल्प लेकर जाए, कि जनता-जनार्दन की सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाएंगे। आप सभी को लोकतंत्र के इस सुंदर नव मंदिर के लोकार्पण पर मैं पुन: शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। मैं मुख्यमंत्री जी को और विशेष रूप से मेरे मित्र रमन सिंह जी को इस कल्पना को साकार करने के लिए हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जय भारत – जय छत्तीसगढ़। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन को राज्य को किया समर्पित

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

परंपरा और आधुनिकता का संगम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन

रायपुर. 1 नवम्बर 2025. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

*खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक*

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

*कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक*

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

*भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन*

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

*324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर*

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

*हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन*

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

*500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल*

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

*तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक*

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जशप्योर उत्पादों की सराहना की,दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सशक्त मिसाल 

जशपुर 1 नवम्बर 25/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाएं गए प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह के अवसर पर ट्राइबल म्यूजियम, नवा रायपुर अटल नगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था।


 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जशपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जशप्योर ब्रांड’ के अंतर्गत तैयार किए गए उत्पादों — महुआ लड्डू, महुआ कैंडी, महुआ टी, महुआ हेक्टर संग्रह आदि को देखा और उनकी गुणवत्ता की सराहना की।
साथ ही, उन्होंने जशपुर की पारंपरिक हस्तकला ‘छिंद कांसा टोकरी’ (हाथ से बनी बांस/छिंद की टोकरियाँ) की जानकारी ली।उन्होंने स्थानीय संसाधनों से बनी इस कलाकृति की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने समूह की दीदी अनिता भगत और अन्नेश्वरी भगत से वार्ता की तथा उनके उत्कृष्ट कार्य और आजीविका सशक्तिकरण के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर बगीचा विकास खंड की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा लखपति दीदी मनकुंवर बाई भी उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सशक्त मिसाल हैं और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना गर्व की बात है।
[01/11, 5:40 pm] PRO NUTAN MEM JSP: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। महिलाओं द्वारा उत्पाद की जबरदस्त मांग बनी हुई है। तैयार जशप्योर ब्रांड के माध्यम से स्थानीय आदिवासी स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पादों को विभिन्न राज्यों जैसे पुणे  दिल्ली, मध्यप्रदेश , उड़ीसा आदि अन्य राज्यों में प्रदर्शनी लगाया गया।
 जहां प्रदर्शनी का अवलोकन करके लोग बड़ी मात्रा में खरीदी भी किए हैं और उत्पाद को भी पसंद किया जा रहा है।

जिला प्रशासन जशपुर की पहल पर जशप्योर ब्रांड का पुणे के विभिन्न स्थानों पर नियमित स्टॉल लगाई जा रही है। जहां जशपुर जिले के स्थानीय कच्चे माल से बने उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है जो जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हैं। ये उत्पाद अपनी शुद्धता और स्वास्थ्य लाभ के कारण उच्च मांग में हैं, क्योंकि इनमें कोई रसायन नहीं होते हैं, जिससे वे बाजार के अन्य उत्पादों की तुलना में एक स्वस्थ विकल्प बन जाते हैं।

 महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उत्पाद, जैसे महुआ सिरप (शहद का महुआ आधारित विकल्प), महुआ आधारित चीनी मुक्त च्यवनप्राश विकल्प फॉरेस्टगोल्ड वन्यप्राश और बाजरा पास्ता के नियमित ग्राहक प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त छिन्द घास के हाथ से बने टोकरियां त्यौहारी मौसम के दौरान उच्च मांग में हैं। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और जशपुर और जवाहर दोनों के आदिवासियों को स्थायी रोजगार प्रदान करने में जिला प्रशासन के प्रयास सराहनीय हैं। यह पहल न केवल आदिवासी समुदायों को सशक्त बना रही है बल्कि इन अद्वितीय, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के माध्यम से उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी सुनिश्चित कर रही है।

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं

रायपुर 1 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएँ दी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति समर्पित छत्तीसगढ़ आज प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, वे अब विकास की दौड़ में अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के मेहनती और प्रतिभाशाली लोग अपनी लगन और उद्यमशीलता से ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर लिखा- 'छत्तीसगढ़ के अपने सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ की अनेकानेक शुभकामनाएँ। प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए मानदंड गढ़ने में जुटा है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के कई इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से हमारा यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।'

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क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय रहे खजरी टीम को 5 विकेट से हराकर लुडेग की टीम ने जीता फाइनल मुकाबला....

जशपुरनगर 1 नवम्बर 2025 : खेल के क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहन देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से चंदागढ़ में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।फाइनल मुकाबला लुडेग और खजरी टीम के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों ने शानदार खेल भावना का प्रदर्शन किया। खजरी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 49 रनों का लक्ष्य निर्धारित किया। जवाब में लुडेग की टीम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से मुकाबला जीत लिया और प्रतियोगिता की विजेता बनी।विजेता टीम लुडेग को ₹20,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता खजरी टीम को ₹10,000 नगद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि सालिक साय जी ने कहा —ग्रामीण क्षेत्र के युवा खेलों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि एकता, अनुशासन और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती हैं। खेलों से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।”इस अवसर पर मंच पर मंडल अध्यक्ष श्री विशाल अग्रवाल, सरपंच संघ अध्यक्ष श्री रोशन प्रताप सिंह, चंद्रपुर सरपंच श्रीमती नंदनी पैंकरा, सूरजगढ़ सरपंच श्रीमती सरस्वती पैंकरा, सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा, तांमता सरपंच श्रीमती शीता बाज, एवं चंदागढ़ उपसरपंच श्री रामप्रसाद चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पूरे दिन दर्शक खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर तालियों की गूंज से मैदान को जीवंत बनाए रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और खेल के प्रति रुचि देखने को मिली।

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने  छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

रायपुर, 1 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सर्वांगीण विकास की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति के अनुरूप पूजा-अर्चना कर राज्य की धरोहर, संस्कृति, मातृशक्ति और स्वाभिमान की प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी हमारी अस्मिता, आस्था और गर्व का प्रतीक हैं। 
             
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि मातृशक्ति की आराधना वाली भूमि है और छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से ही प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार आम जनता के जीवनस्तर में सुधार, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, युवाओं को रोजगार, आदिवासी समाज की उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष प्रदेश के लिए नई ऊर्जा और संकल्प का प्रतीक है। आज का दिन विशेष रूप से गौरव का क्षण है, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आज छत्तीसगढ़ आगमन है और राज्य स्थापना दिवस पर अनेक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से आने वाले समय में प्रदेश निश्चित ही देश के अग्रणी और समृद्ध राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

                       इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान,सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित होगी सरदार पटेल की प्रतिमा

रायपुर, 1 नवम्बर 2025/ देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक श्री राजेश मूणत उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई।

राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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