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*राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात.....बधाई  उज्ज्वल भविष्य की कामना की*

रायपुर 18 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से   राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया।  श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री घोषणा के 1.71 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की राशि को मिली स्वीकृति, क्षेत्र वासियों को मिली बड़ी सौगात.......*

 जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शासन की स्थापना से लेकर निरन्तर जशपुर जिले के विकास के कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्रामों से लेकर हर गांव-नगर सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यटन, अधोसंरचनात्मक विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहना कर क्षेत्र के विकास हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा मद से 01 करोड़ 71 लाख 99 हज़ार रूपयों के विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें महाकुल यादव समाज बगीचा के वृंदावन भवन के विस्तार हेतु 50 लाख रूपये, ग्राम पंचायत नारायणपुर में अघोरेश्वर आश्रम के प्रवेश द्वार निर्माण हेतु 10 लाख रूपये, तपकरा के स्टेडियम में युवाओं की सुविधा के लिए समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं जिम निर्माण हेतु 12 लाख रूपये एवं किलकिला धाम के शिव मंदिर में भव्य प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री वाल निर्माण हेतु 99.99 लाख रूपयों की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।

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बड़ी खबर : NDA ने किया ऐलान..सीपी राधाकृष्णन बने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के दावेदार..पढ़ें पूरी समाचार

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में आज एक बड़ा ऐलान हुआ। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया है। इस घोषणा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया के सामने करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन का नाम तय किया गया। जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए इस चुनाव में विपक्ष से भी संपर्क साधेगा ताकि उपराष्ट्रपति पद का चयन सर्वसम्मति से हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी विपक्षी दलों के साथ संवाद करती रही है और आगे भी संपर्क बनाए रखेगी। 

 

 

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में 20 अक्टूबर 1957 को जन्मे चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ से शुरू किया। राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर से लोकसभा चुनाव जीते। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे।

इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और भाजपा की जड़ों को दक्षिण भारत में गहराई तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई। 2004–2007 के बीच प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 93 दिनों की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ जनजागरण और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों को लेकर समाज को जागरूक करना था।

 

 

 राज्यपाल के रूप में अनुभव सीपी राधाकृष्णन का प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी बेहद समृद्ध रहा है। फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। मार्च से जुलाई 2024 तक वे तेलंगाना के अतिरिक्त प्रभारी राज्यपाल रहे। मार्च से अगस्त 2024 तक उन्होंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं। उनका यह अनुभव उन्हें एक सक्षम और वरिष्ठ राजनेता के रूप में स्थापित करता है, जो उपराष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। 

 

 

 संसदीय अनुभव और योगदान लोकसभा सांसद रहते हुए राधाकृष्णन ने संसद में कई समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वे कई वित्तीय और सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित समितियों के सदस्य भी रहे, जहां उन्होंने नीतिगत सुधारों पर सक्रिय भागीदारी की। शैक्षणिक पृष्ठभूमि सीपी राधाकृष्णन ने कोयम्बटूर स्थित वीओ चिदंबरम कॉलेज से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री प्राप्त की है। 

 

एनडीए के निर्णय पर राधाकृष्णन की प्रतिक्रिया

 

 एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राधाकृष्णन ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि आज उन्होंने अपनी पत्नी सुमति के साथ मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। सहयोगी दलों का समर्थन एनडीए की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद सहयोगी दलों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित नेता हैं जिन्होंने लंबे समय तक देश सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। नायडू ने इस नामांकन का स्वागत करते हुए एनडीए उम्मीदवार को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। राजनीतिक समीकरण और संदेश एनडीए द्वारा राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के पीछे कई राजनीतिक संदेश भी छिपे हैं। 

दक्षिण भारत में भाजपा की पैठ मजबूत करना: राधाकृष्णन का संबंध तमिलनाडु से है। भाजपा दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, और इस निर्णय को उसी रणनीति के तहत देखा जा रहा है। 

अनुभवी और सर्वमान्य चेहरा: राधाकृष्णन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव उन्हें विपक्ष के सामने भी एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है। 

सहयोगी दलों को साथ रखना: नड्डा द्वारा सर्वसम्मति की अपील से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा इस चुनाव को टकराव के बजाय सहयोग के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब नजरें विपक्ष पर अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष अपनी ओर से किसे उम्मीदवार बनाता है। यदि विपक्ष कोई मजबूत उम्मीदवार खड़ा करता है तो चुनाव रोचक हो सकता है, लेकिन यदि सर्वसम्मति बनती है तो राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जा सकते हैं।

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बड़ी खबर : आज से काम बंद, कलम बंद.! अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे NHM के 16 हजार कर्मचारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि इस दौरान आपातकालीन सेवाएँ भी बंद रहेंगी। NHM कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अनुकम्पा नियुक्ति, संविलियन, नियमित भर्ती में आरक्षण, स्थानांतरण नीति, 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि, ग्रेड पे निर्धारण, मेडिकल और अन्य अवकाश शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। 

 

 

कर्मचारियों की चेतावनी NHM कर्मचारी संगठन ने शासन को पहले ही सूचित कर दिया था कि यदि मांगे पूरी नहीं की गईं तो वे 18 अगस्त से काम और कलम बंद कर देंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार यदि अब भी त्वरित निर्णय नहीं लेती तो वे बाध्य होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इस हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने काम से अलग हो जाएंगे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ, निभाई दही-हांडी की परंपरा*

रायपुर 17 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव एवं दही-हांडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतीकात्मक रूप से दही-हांडी तोड़कर उत्सव की परंपरा निभाई तथा राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई खिलाकर स्नेह प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हम छत्तीसगढ़ जैसे पावन प्रदेश के निवासी हैं, जो भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार भोरमदेव मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास हेतु कार्य कर रही है। साथ ही, श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न पावन स्थलों के दर्शन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक श्री बसंत अग्रवाल एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी।कार्यक्रम में विधायक श्री किरण देव एवं श्री पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री राजीव लोचन महाराज, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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CG Breaking : विशाल दही हांडी महोत्सव..मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बने आकर्षण का केंद्र..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर आयोजित विशाल दही हांडी प्रतियोगिता कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और भक्ति के साथ हुए इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए।

वहीं मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें सत्य, धर्म और कर्तव्यपथ पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

 

  दरअसल कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने ऊंचाई पर बंधी दही हांडी को फोड़ने के लिए पिरामिड बनाया। जगह-जगह से गूंजते “गोविंदा आला रे” के नारों और ढोल-नगाड़ों की धुन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने विजेता टीम को शुभकामनाएं दीं और उनके उत्साह की सराहना की।

फिलहाल आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन पहले से भी अधिक भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी उपस्थित रहे।

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CG News : पति और ससुरालवालों के अत्याचार से तंग आकर विवाहिता ने किया आत्महत्या का प्रयास..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम झबड़ी में घरेलू विवाद और बेटियां होने की वजह से प्रताड़ित एक विवाहिता ने ज़हर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे कसडोल के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और बेटियों को बोझ मानने की मानसिकता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम जलसो थाना पचपेड़ी निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अंजली बंजारे का विवाह वर्ष 2021 में झबड़ी निवासी ओमप्रकाश बंजारे से सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। विवाह के बाद शुरुआती दो वर्षों तक दाम्पत्य जीवन सामान्य रहा। इस दौरान अंजली ने दो बेटियों को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक, इसी बात को लेकर अंजली के पति, सास और ससुर उसके साथ आए दिन विवाद करने लगे।

 

 

 दरअसल शिकायतकर्ता ने बताया कि बेटी अंजली अक्सर फोन पर अपने मायके वालों से पति और ससुरालजनों की प्रताड़ना की शिकायत करती रहती थी। 15 अगस्त की सुबह भी उसने फोन कर कहा कि पति, सास और ससुर ने फिर से उसे गालियां दीं और मारपीट की। पति ओमप्रकाश ने उस पर हाथ मुक्का से हमला किया, जबकि सास-ससुर ने अश्लील गालियां दीं और धमकियां भी दीं। इस घटना के कुछ ही देर बाद अंजली ने मानसिक रूप से आहत होकर खेतों में डालने वाले रासायनिक खाद यूरिया का सेवन कर लिया। मायके से पिता और भाई जब ससुराल पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि अंजली को गंभीर हालत में कसडोल के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह उपचाराधीन है। 

 

दरअसल परिजनों का कहना है कि यह पूरी तरह से पति और ससुरालवालों की प्रताड़ना का नतीजा है। अगर समय रहते घरेलू झगड़े और बेटियों को लेकर हो रही उपेक्षा पर रोक लगाई जाती तो उनकी बेटी को यह कदम नहीं उठाना पड़ता। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंजली की हालत में सुधार होगा या नहीं। डॉक्टरों के अनुसार, ज़हर का सेवन करने से उसके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है और अगले 24 घंटे बेहद अहम होंगे। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि आज भी बेटियों को लेकर भेदभाव और अंधविश्वास जैसी मानसिकता लोगों के जीवन को तबाह कर रही है। सरकार और समाज मिलकर ऐसी सोच के खिलाफ आवाज उठाए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है।

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*प्रदेश के 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट, रायगढ़ बना उत्पादन शुरू करने वाला पहला जिला.....महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा ‘रेडी-टू-ईट’ : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 17 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।

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छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी 409 की बैठक जशपुर के भागलपुर में हुआ सम्पन्न

जशपुर : छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 का महत्वपूर्ण बैठक जशपुर में आयोजित हुआ,भागलपुर के सामुदायिक भवन में आयोजित इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांतीय संरक्षक देवेंद्र पटेल मौजूद रहे।बैठक के दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का परिचय पर उनका शपथ ग्रहण कराया गया,वहीं जिला कार्यकारिणी के लिए सभी परियोजना अध्यक्ष अपने परियोजना से सक्रिय लोगों का नाम मांगा भी गया।
ज्ञात हो कि जशपुर के भागलपुर में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र में द्वीप प्रज्वलन करते हुए विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया।जिसके उपरांत मुझे अतिथि देवेंद्र पटेल का पुष्प गुच्छ से स्वागत कर स्वागत गीत गाया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि देवेंद्र पटेल ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुवे उनके उज्जवल भविष्य का कामना किया।श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 के इतिहास को विस्तार से बताया और उसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं को समझाते हुए संगठन के विस्तार और मजबूती पर ध्यान देने का बात कहा।देवेंद्र पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में सबसे ज्यादा परियोजना के क्षेत्र में जाना जाता है,प्रदेश में सबसे ज्यादा सदस्यों की संख्या इसी जिला से है।जिला स्तरीय सम्मेलन में प्रांत की टीम के तरफ से श्रीमती कविता यादव को जशपुर जिला की पूरी टीम के लिए पुष्प गुच्छ देकर बधाई और शुभकामनाएं दिया। सभी परियोजना अध्यक्ष व पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि संघर्ष के हर स्थिति में प्रांत की टीम सदैव आपके साथ खड़ी है। आंगनबाड़ी केंद्र को देश में संचालित होने में 50 वर्षों से ज्यादा समय बीत चुका है इन 50 वर्ष के भीतर महंगाई भरे दौर में मामूली से भुगतान में गुजारा कर पाना मुश्किल हो रहा है।लगातार अपने हक और अधिकार के लिये आवाज उठाया जा रहा है और समय समय पर आवाज उठाया भी जायेगा। सरकार के पास बात रख कर अपनी मांगों को पूरा करने बात कहा जायेगा,सहायिका बहनों का 85 प्रतिशत मांग छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने सरकार के पास रखा है।उम्मीद ही नहीं विश्वास भी है कि जल्द ही इस पर अमल होते हुए सहायिकाओं बहनों का मानदेय 85 प्रतिशत में जरूर आयेगा।जशपुर की आवाज पूरे प्रदेश में गूंज रही है,आज बस्तर की बहनें जशपुर की आवाज सुन प्रेरित होती है और आवाज बुलंद कर संघर्ष के लिए आगे आ रही है। संगठन की मजबूती बरकार रखें और विश्वास रखें कि 2025 में पेंशन ग्रेज्युटी और जीने लायक वेतन की मांग पूरी हो जायेगी। सब कोई एकजुट रहेंगे तो हमारी एकता और अखंडता को किसी भी सूरत में कोई तोड़ नहीं सकता।सूबे के मुखिया विष्णुदेव साय है,उनसे मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे और अवश्य ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यकर्ता सहायिका बहनों की बात सुनेंगे,व प्रयास करेंगे कि जल्द ही इसका निराकरण किया जा सके। 2025 के लिए संघर्ष की शुरुआत 1 सितंबर से शुरू किया जायेगा,पूरे प्रदेश भर के सभी जिला के जिलामुख्यालय में यह हड़ताल होगा जिसमें ताला बंद केंद्रों में किया जायेगा।बिना किसी दबाव के अपने अपने केंद्रों से सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तर पर हो रहे कार्यक्रम के शामिल होंगे। दिनांक 02 से 18 सितंबर तक विधायक और सांसद के पास पहुंच ज्ञापन सौंप मांग रखा जायेगा। उक्त मांग को विधानसभा और लोकसभा के रख हमारी मांगों की रखने आग्रह किया जायेगा। इस प्रकार 19 सितंबर को प्रदेश भर में  महिला एवं बाल विकास विभाग का घेराव किया जायेगा।जिसके बाद भी यदि मांगो पर विचार नहीं होता है तो योजना बना अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिये तैयारी की जायेगी।बैठक के दौरान सभी लोगों ने 1 सितंबर और 19 सितंबर को अपने अपने केंद्र को बंद कर हड़ताल करने,दमन के आगे नहीं झुकने,आवाज दो हम एक है सहित अन्य जोशीला नारा एक स्वर में लगाया।
        कार्यकारी प्रांताध्यक्ष,सरगुजा संभाग प्रभारी और जशपुर जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव ने संघ के संबंध में विस्तार से बताते हुवे कार्यक्रम की रूपरेखा साझा किया।श्रीमती कविता यादव के उद्बोधन से समूचा हॉल तालियों की हड़बड़ाहट से गूंजने लगा।श्रीमती यादव ने सभी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का हौसला बढ़ाते हुए प्रांतीय निर्देशों का पालन कर संघ की गतिविधियों के तेजी लाने का बात कहा।पत्र भेजो अभियान में सफलता पूर्वक सभी के सहयोग और सहभागिता पर श्रीमती यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि जशपुर जिला में शत प्रतिशत लोगों ने पत्र भेजो अभियान को अपना कीमती समय निकाल सफल बनाया है 
         श्रीमती यादव ने संघ की आगामी रणनीति और योजनाओं को विस्तार से बताते हुए 1 सितंबर को जशपुर में होने वाले एकदिवसीय जिला स्तरीय हड़ताल और 19 सितंबर को रायपुर में होने वाले एकदिवसीय हड़ताल के संबंध में विस्तार से बताया।
        कार्यक्रम के दौरान सभी परियोजना अध्यक्ष के द्वारा अपने अपने परियोजना में नवगठित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का परिचय कराया।जिसके उपरांत सभी ने एक स्वर में संघ के मजबूती और विस्तार पर सक्रियता के साथ कार्य करने का बात कहा।बैठक में सभी पदाधिकारी,परियोजना पदाधिकारी,सेक्टर पदाधिकारी,पूर्व सेक्टर अध्यक्ष,पूर्व परियोजना अध्यक्ष शामिल रहे।बैठक के दौरान जिला कार्यकारिणी के लिए सभी परियोजना अध्यक्ष अपने परियोजना से सक्रिय लोगों का नाम दिया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी परियोजना अध्यक्ष,सेक्टर अध्यक्ष को मोमेंटो दे सम्मान किया गया।

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*छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की लाभार्थी सुमन तिर्की को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में मिला यह अवसर* 

 जशपुरनगर, 17 अगस्त 2025/ यह मेरे लिए अविस्मृत करने वाला पल था जब मुझे महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुझे यह पल जीवन भर याद रहेगा कि मुझे माननीय राष्ट्रपति महोदया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बात करने का अवसर भी मिला। वार्तालाप के दौरान  मैने शासकीय योजनाओं के माध्यम से गांव के विकास और लोगों के जीवन में हो रहे सकारात्मक बदलाव के बारे में बताया।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने वहां मौजूद सभी का उत्साहवर्धन किया। यह कहना है प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा की हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की का, जिन्हें 15 अगस्त 2025 स्वंतत्रता दिवस के पावन संध्या पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में  आयोजित एट होम रिसेप्शन में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ था।  
   राष्ट्रपति भवन में आयोजित "एट-होम" स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, भारत के प्रधान न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रीगण, राजनयिक, विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात व्यक्तित्व, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, दिव्यांगजन तथा विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।  
   भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा देश के समस्त राज्यों से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत उपरोक्त कार्यक्रम हेतु प्रतिभागियो का नामांकन मंगाया गया था। भारत सरकार द्वारा समस्त राज्यों से प्राप्त नामांकन के विरूद्ध 09 राज्य के 10 हितग्राहियो का चयन एट होम रिसेप्शन के लिए किया गया है, छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 01 हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की को यह स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ है। श्रीमती सुमन तिर्की राजमिस्त्री का कार्य करती है। योजनांतर्गत इनका आवास वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण हेतु केन्द्रांश एवं राज्यांश के रूप उन्हें कुल  2.26 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है।
    श्रीमती सुमन तिर्की को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अतिरिक्त महतारी वंदन, उज्जवला योजना, खाद्यान्न योजना आदि का लाभ भी प्राप्त हुआ है।  श्रीमती तिर्की एवं उनके पति आनंद तिर्की और नोडल अधिकारी श्री आशुतोष ताम्रकार एवं सुबोध जायसवाल और पंकज सिंह 14 अगस्त  को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से नई दिल्ली के लिए  रवाना हुए थे।

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*मुख्यमंत्री की पहल पर बंदरचुवा और दुलदुला में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण हेतु 1.99 करोड़ की मिली स्वीकृति*

जशपुरनगर, 17 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनसुविधा आधारित अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। उनके कार्यभार संभालते ही किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है और योजनाएं तेज़ी से ज़मीन पर उतर रही हैं। 
     इसी क्रम में मुख्यमंत्री घोषणा मद से जशपुर जिले के बंदरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड तथा दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण हेतु कुल 1 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, यात्रा सुगम होगी और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की पहल पर  बंदरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए और दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।

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*महाकुल समाज द्वारा यहां तीन पीढ़ियों से जारी है ये परंपरा, श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में दिखी श्रद्धा और उत्साह,नगर भ्रमण में गूंजे भजन-कीर्तन...*

जशपुरनगर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस वर्ष भी गरियादोहर गांव में पूरे हर्षोल्लास और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। महाकुल समाज द्वारा आयोजित यह परंपरा बीते तीन पीढ़ियों से लगातार जारी है, जिसने पूरे गांव को भक्ति और उल्लास से भर दिया है।पहले दिन मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधिविधान से मनाया गया,इस अवसर पर भजन-कीर्तन और झूला उत्सव ने भक्तों को आनंदित कर दिया। वहीं दूसरे दिन प्रातः काल से ही नगर भ्रमण का आयोजन हुआ। नगर भ्रमण में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजन-कीर्तन की गूंज और "जय श्रीकृष्ण" के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा।नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जी का पांव पखार कर पूजा-अर्चना की। इस अनूठी परंपरा को देखने और भाग लेने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।


कंचनपुर कीर्तन मंडली ने बांधा समा, गायक आदर्श प्रधान की भक्ति धुनों पर झूमे श्रद्धालु

गरियादोहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन नगर भ्रमण और भजन-कीर्तन के दौरान कंचनपुर की प्रसिद्ध कीर्तन मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंडली के गायक आदर्श प्रधान की मधुर आवाज़ और भक्ति रस से ओतप्रोत गायन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।आदर्श प्रधान ने जब भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित पद और कीर्तन प्रस्तुत किए, तो सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे। मंडली के साथ बज रहे मृदंग, झांझ  कार्यक्रम की भव्यता में और चार चांद लगा दिए।भजन-कीर्तन की धुन पर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी झूमते नज़र आए। श्रद्धालुओं ने तालियों और "हरे कृष्ण-हरे राधे" के जयकारों से मंडली का उत्साहवर्धन किया।

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*पमशाला के राधा कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शामिल होकर की पूजा अर्चना....*

जशपुरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन इस वर्ष पमशाला के प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में बड़े ही भक्ति भाव और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।रात्रि भर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु झूमते और गाते नजर आए। भक्तों ने "हरे कृष्ण-हरे राधे" के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।अर्धरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। नंदलाला के रूप में सजे श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, फल, मेवे और पंचामृत का भोग लगाया गया। इसके बाद भगवान की भव्य पालकी सजाई गई, जिसमें बारी-बारी से भक्तों ने झूला झुलाकर आनंद लिया।

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CG Big News : स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन प्रधान पाठिका नदारद.! ग्रामीणों ने जताई नाराजगी..हटाने की मांग..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, रोहिना में पदस्थ प्रधान पाठिका मिलाप बंजारे के खिलाफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि उनका रवैया अड़ियल और मनमाना है, जिसके चलते वह 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी विद्यालय में उपस्थित नहीं रहीं।

फिलहाल कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठिका की अनुपस्थिति से बच्चों, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उनकी शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मांग की जा रही है कि मिलाप बंजारे को तत्काल इस विद्यालय से हटाकर किसी अन्य स्थान पर पदस्थ किया जाए।

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CG Big News : जन्माष्टमी पर अद्भुत नजारा, हुआ चमत्कार.! लड्डू गोपाल ने पिया दूध..श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से जन्माष्टमी पर एक चमत्कारिक घटना सामने आई है। यहां मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दिनेश डे के घर जन्माष्टमी के अवसर पर स्थापित लड्डू गोपाल की मूर्ति को दूध का भोग लगाया गया। जैसे ही दूध से भरा कटोरा मूर्ति के सामने रखा गया, वहां मौजूद लोगों ने देखा कि कटोरे में रखा दूध धीरे-धीरे कम होने लगा। यह दृश्य देखते ही सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए और माहौल में श्रद्धा का उत्साह भर गया। कुछ ही देर में यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग वहां दर्शन के लिए उमड़ पड़े। घर का माहौल “राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और बांके बिहारी की जय” के जयकारों से गूंज उठा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि कटोरे में रखा दूध मूर्ति के सामने धीरे-धीरे घट रहा है। 

 

 

दरअसल भक्तों में आस्था का उफान इस घटना को देखने पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि यह जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की साक्षात लीला प्रतीत होती है। कई लोग भावुक होकर इसे भगवान की कृपा और आशीर्वाद मान रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान कभी-कभी अपने भक्तों को चमत्कारिक रूप में दर्शन देते हैं, और यह उसी का उदाहरण है। धर्माचार्यों की प्रतिक्रिया धर्माचार्यों ने भी इस घटना को भक्त और भगवान के बीच की गहरी आस्था और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। उनका कहना है कि जब भक्ति चरम पर होती है तो ईश्वर अपने भक्तों की भावना का सम्मान करते हुए चमत्कार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। हालांकि कुछ विद्वानों का यह भी कहना है कि ऐसे प्रसंगों को श्रद्धा और विश्वास के नजरिए से ही देखना चाहिए, क्योंकि धार्मिक अवसरों पर आस्था का महत्व सर्वोपरि होता है। 

फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे बड़े चाव से शेयर कर रहे हैं और भगवान श्रीकृष्ण के इस अद्भुत स्वरूप को देखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग इसे “जन्माष्टमी का वरदान” बता रहे हैं, तो कई लोग इसे दिव्य लीला मानकर भगवान की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। घटना के बाद मोहल्ले में मेले जैसा माहौल बन गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे और लड्डू गोपाल को भोग अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने घर पर भी विशेष पूजा-पाठ किया और इसे शुभ संकेत मानते हुए अपने परिवार के लिए मंगलकामना की।

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रेंज की बड़ी लापरवाही उजागर: बादलखोल अभ्यारण्य के जंगल में रातोंरात काट दिए गए साल प्रजाति के 8 पुराने पेड़....तस्करों को पकड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती...क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई करेगा विभाग...जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर!

बादलखोल अभयारण्य में पेड़ों की चोरी 50 साल से अधिक पुराने साल के 8 पेड़ काट दिए गए

आरोपियों का नहीं मिला कोई सुराग, पेड़ों को काटने वाली चेनसाँ मशीन का किया उपयोग

जशपुर / नारायणपुर 16 अगस्त 2025 :-बादलखोल अभ्यारण्य वन क्षेत्र में इन दिनों वन माफियाओ ने आतंक मंचा रखा है या यह कहे की वन विभाग के अधिकारियो या कर्मचारियों की लाफ़रवाही के चलते यंहा के हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान हो रहा है, क्योंकि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यंहा छोटे बड़े पेड़ पौधे के टूंट देखने को मिलते रहें है और अब साहीडाँड़ बिट क्षेत्र के जंगल में बीती रात फिर से साल के पेड़ों पर आरी चला दी गयी।

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही सर्किल अधिकारी को सूचना मिली, वह मौके पर पहुंचे और तत्काल एक फॉरेस्ट गार्ड को भी बुलाया। कटे हुए पेड़ों को पेवार कर डिपो भेजने की तैयारी जुट गए है, ताकि मीडिया को इनकी भनक न लगे। परन्तु इस घटना ने वन विभाग के रेन्ज के जिम्मेदार अधिकारी की कार्यशैली और सतर्कता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ज्ञात हो कि जिले के एकमात्र अभयारण्य बादलखोल में पुराने विकसित पेड़ों की चोरी धड़ल्ले से हो रही है। 13 अगस्त की रात को साहीडांड़ बीट में आरा मशीन का उपयोग कर करीब 50 साल से अधिक पुराने 8 पेड़ काट दिए गए हैं। पेड़ों को गिराने के क्रम में करीब 5 अर्धविकसित पेड़ भी दब कर धाराशायी हो गए हैं।

13 अगस्त को विशालकाय आठ पेड़ जो काटे गए हैं, उसकी सूचना ग्रामीणों के माध्यम से अभयारण्य अमले को मिली। 14 अगस्त को चुपचाप अभयारण्य के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कटे हुए पेड़ों की जब्ती बनाई और आनन-फानन में पेड़ों को डीपो भेजने की तैयारी करने लगे। 15 अगस्त की तैयारी की वजह से जब डीपो भेजने की व्यवस्था नहीं हो पाई तो कटे हुए पेड़ यहीं पड़े रह गए। रिपोर्टर को जब इसकी सूचना मिली तो मौके पर पहुंचे। यहां उपस्थित अभ्यारण्य के रेंजर से जब हमने सवाल पूछा तो वह अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए इस संबंध में  उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। बता दें कि अभयारण्य जंगल के दुश्मनों का साफ्ट टारगेट बन चुका है।

बादलखोल अभ्यारण्य में वन घनत्व तेजी से कम हो रहा है। अभ्यारण्य के कई इलाके ऐसे हैं, जहां बीस से पच्चीस साल पहले इतने घने जंगल थे, कि दोपहर के वक्त भी सूरज की किरणें धरती पर नहीं पड़ती थी। पर अब पूरे अभ्यारण्य में ऐसा एक भी इलाका नहीं बचा है जहां इतने घने जंगल हों। इसके जगहों पर जंगल में पेड़ इतने कम हो चुके हैं कि आसानी से 500 मीटर से अधिक दूरी तक की चीजें नजर आ जाती है।

स्थानीयों ने कहा- बाहरी गिरोह होने की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय ग्रामीण भोजन इंधन के लिए लकड़ियां काटते हैं। इतने बड़े पेड़ों को काटने की हिम्मत स्थानीय लोग नहीं करेंगे। इन पेड़ों को काटने के लिए चेनसों मशीन का उपयोग किया गया है। इसलिए यह प्रतीत होता है कि इसमें किसी बाहरी तत्व का हाथ है। रेंज अधिकारी की लाफ़रवाही के कारण यह संभव हो रहा है।

तस्करों पर कार्रवाई नहीं की जा रही

लंबे समय से अभयारण्य में बीच बीच मे इस तरह की गतिविधियां जारी है। इधर अभयारण्य अमले द्वारा ना तो अवैध कटाई पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही तस्करों तक पहुंच पा रही है, बड़ी बटनाओं के सामने आने के बाद कोई विशेष कार्रवाई नही की जाती है। यहां पेड़ों की बेतहाशा कटाई हो रही है। बहुत कम बार विभाग को कटे हुए पेड़ जब्त होते हैं। अक्सर लकड़ी तस्करी करने वाले बेशकीमती पेड़ों को काटकर ले जाते हैं। जिसे लेकर ना तो कोई प्रकरण बनाया जाता है और ना ही कोई जांच होती है।


गश्ती वाहन का  उपयोग सिर्फ एक के हाथों में

अभ्यारण्य प्रशासन ने अभ्यारण्य क्षेत्र में गश्ती के लिए वाहन दिया है। पर इस वाहन का उपयोग सिर्फ एक  अधिकारी कर रहे हैं। अभ्यारण्य कर्मचारियों ने बताया कि कभी भी गश्ती के लिए वाहन ले जाने को नहीं बोला जाता हैं। बरसात में भी बाइक में गश्ती करने को मजबूर हैं। जो शासकीय वाहन मिला है, उसका उपयोग रेंज  अधिकारी स्वयं करते हैं। इस संबंध में जब हमने रेंजर से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

          अब देखना यह है कि वन विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर इसे भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा।
       प्राकृतिक संसाधनों की इस खुली लूट पर रोक लगाने के लिए ज़मीनी स्तर पर सक्रिय निगरानी की सख्त ज़रूरत है। वरना बादलखोल अभ्यारण्य बचे हुए हरित क्षेत्र जल्द ही बंजर में तब्दील हो सकते हैं। हमारी इस खबर पर वन विभाग के उच्चधिकारी संज्ञान लेकर अधिकारियो की मॉनिटरिंग जरूर कराये! अन्यथा आने वाले समय मे जंगल को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा।

13 अगस्त की रात को अज्ञात तस्करों द्वारा 8 पेड़ काटे गए और साथ ही भारी पेड़ के गिरने से 5 से 6 पेड़ टूट गए है कटे हुए पेड़ों को बोंगी कर डिपो भेजने की तैयारी कर रहे है।
सुरेन्द्र प्रधान - डिप्टी रेंजर-बादलखोल अभ्यारण्य

पेड़ काटने वालों की पतासाजी की जा रही

पेड़ काटे जाने की सूचना स्टाफ से मिली थी। किसने पेड़ काटे हैं, इसकी पतासाजी के लिए गुप्तचर लगाए गए हैं। कटे हुए पेड़ों को डीपो भेजने के निर्देश दिए गए हैं।गश्ती वाहन की शिकायत मिलने के बाद वाहन को अभ्यारण्य के सर्किल साहीडांड़ में रखने के निर्देश रेंजर को दिए हैं।
-बीबी केरकेट्टा - अधीक्षक,
बादलखोल अभ्यारण्य

देखें वीडियो :- किस तरह से पेड़ों को काटा गया और क्या कहते है ग्रामीण ओर विभाग के कर्मचारी

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मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा रामकिशुन राम और जुगनी बाई की जिंदगी में फिर से लौटी खुशियाँ.....मिला श्रवण यंत्र,सीएम साय को दिया धन्यवाद

जशपुरनगर, 16 अगस्त 2025/ प्रकृति की मनमोहक ध्वनियाँ, अपने बच्चों और परिवारजनों की मधुर आवाजें जीवन को सुखद, जीवंत और आनंद से परिपूर्ण बना देती हैं।लेकिन जब सुनने की शक्ति छिन जाती है तब जीवन का ये संगीत जैसे थम सा जाता है। ऐसा ही कुछ बीता विकासखंड दुलदुला के ग्राम बोईडांड के रहने वाले बुजुर्ग रामकिशुन राम और जुगनी बाई के साथ।
     जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई, दोनों की श्रवण क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई। रामकिशुन राम ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें दोनों कानों से स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे रहा है। इस वजह से उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस समस्या से निजात पाने हेतु  श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
      इसी प्रकार जुगनी बाई ने भी कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें भी दोनों कानों से सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने निवेदन  किया कि उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस समस्या से राहत पा सकें और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
        मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। अब रामकिशुन राम और जुगनी बाई फिर से सुन सकते हैं हर वो ध्वनि, अपने बच्चों, परिवारजनों की आवाज जो उनके जीवन को उमंग और आनंद से भर सकती है।  
      श्रवण यंत्र पाकर उन्होंने  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और कैंप कार्यालय का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा मेरी समस्या का इतने जल्दी समाधान हो जाएगा यह सोचा नहीं था। आज मेरे जीवन में फिर से उजाला लौट आया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

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*बस्तर के 29 गांवों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा.....अब भय और हिंसा से निकलकर विकास व विश्वास की ओर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

रायपुर, 16 अगस्त 2025/ आज़ादी के 78 साल बाद बस्तर के उन गांवों में तिरंगा शान से लहराया, जहाँ अब तक नक्सलियों का लाल झंडा ही ताक़त और खौफ का प्रतीक माना जाता था। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 29 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। दशकों से बंदूकों की नली और डर के साए में जी रहे इन गांवों में तिरंगे का फहराया जाना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की ऐतिहासिक तस्वीर है। यह तस्वीर दर्शाती है कि सुरक्षा बलों के त्याग, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और ग्रामीणों की उम्मीद ने मिलकर नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इन गांवों में तिरंगा फहराना उस ऐतिहासिक बदलाव का प्रमाण है, जो सुरक्षा बलों के साहस, राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा सबसे बढ़कर ग्रामीणों के धैर्य और विश्वास से संभव हुआ है। बीजापुर जिले के कोंडापल्ली, जीड़पल्ली, वाटेवागु, कर्रेगुट्टा, पिड़िया, पुजारीकांकेर और भीमारम जैसे गांव; नारायणपुर जिले के गारपा, कच्चापाल, बेड़माकोट्टी, कांदूलनार, रायनार सहित कई गांव; तथा सुकमा जिले के गोमगुड़ा, गोल्लाकुंडा, नुलकातोंग और उसकावाया जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में आज़ादी के बाद पहली बार तिरंगे का फहरना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी सुशासन की सरकार के उस संकल्प का परिणाम है, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की नई धारा प्रवाहित करने का लक्ष्य रखा गया है। “बस्तर अब भय और हिंसा से बाहर निकलकर प्रगति, समृद्धि और विश्वास की ओर बढ़ रहा है। सरकार का वचन है कि हर गांव तक विकास की रोशनी पहुँचेगी और कोई भी नागरिक विकास की रोशनी से अछूता नहीं रहेगा,” उन्होंने कहा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे सुरक्षा बलों की मेहनत और स्थानीय समुदायों के धैर्य का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “आज जिन गांवों में तिरंगा फहराया गया, वहाँ दशकों तक लाल झंडे का खौफ छाया रहा। यह  बस्तर में नई सुबह का प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की नई रणनीति, शिविरों की स्थापना और लगातार दबाव के चलते नक्सली कैडर कमजोर हुआ है। आत्मसमर्पण नीतियों ने बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मुख्यधारा में लौटाया है। वहीं सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं, बल्कि विकास ही स्थायी समाधान है। इसी कारण नियद नेल्ला नार योजना सहित सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और अन्य योजनाओं से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है। ग्रामीणों का भरोसा जीतना इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे बड़ा आधार रहा है। स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर तथा प्रशासन का संवेदनशील रवैया ग्रामीणों को यह संदेश दे रहा है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

बस्तर की यह नई तस्वीर पूरे देश को यह संदेश देती है कि जब इच्छाशक्ति, रणनीति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। कर्रेगुट्टा सहित बस्तर के इन 29 गांवों में फहराता तिरंगा उस नई सुबह का प्रतीक है, जो हिंसा की अंधेरी रात को पीछे छोड़ते हुए शांति, विकास और आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर अग्रसर है।

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