विधायक रायमुनी भगत ने मनोरा में शाला प्रवेशोत्सव का किया शुभारंभ, जनपद प्राथमिक शाला के गौरवशाली शताब्दी वर्ष समारोह में पूर्व विद्यार्थियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान और नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत
मनोरा, 27 जून। विकासखंड मनोरा में शनिवार को शिक्षा के क्षेत्र का ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण आयोजन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया गया। इसी अवसर पर विकासखंड मुख्यालय स्थित जनपद प्राथमिक शाला मनोरा के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शाला स्थापना शताब्दी समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जशपुर विधायक रायमुनी भगत रहे। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और पाठ्य सामग्री भेंट कर विद्यालय परिवार में आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान विद्यालय की गौरवशाली 100 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को भी याद किया गया।
शताब्दी समारोह में जनपद प्राथमिक शाला मनोरा से शिक्षा प्राप्त कर चुके तथा वर्तमान में विभिन्न विभागों में सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। विद्यालय के प्रधान पाठक बेंजामिन एक्का के आमंत्रण पर पहुंचे इन अतिथियों को विधायक रायमुनी भगत ने साल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय के योगदान और उसकी गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की।
शताब्दी समारोह के बाद पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय, मनोरा के सभागार में विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन हुआ। यहां कक्षा पहली के 5, कक्षा छठवीं के 5 तथा कक्षा नौवीं के 5 नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्प और मिष्ठान के साथ स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिलें भी प्रदान की गईं, जिससे उनकी शिक्षा का सफर और अधिक सुगम हो सके।
प्रवेशोत्सव को यादगार बनाने के लिए शिक्षिका मंजुला झा ने एक अनूठी पहल की। सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों की हथेलियों की छाप सफेद कपड़े पर ली गई, जिस पर कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने हस्ताक्षर किए। यह स्मृति चिह्न विद्यालय के इतिहास में इस विशेष अवसर की याद संजोकर रखेगा।
मुख्य अतिथि विधायक रायमुनी भगत ने अपने संबोधन में कहा कि "शिक्षा ही जीवन का सबसे मजबूत आधार है। शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों का समय पर विद्यालय में नामांकन कराकर उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़ें।" उन्होंने शासन की विभिन्न शिक्षा योजनाओं का लाभ उठाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करना तथा बच्चों का विद्यालय में स्थायित्व बनाए रखना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन बीआरसी आशुतोष शर्मा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में एबीईओ जगतपाल, पीएमश्री विद्यालय के प्राचार्य, मनोज सिंह (मंडल संयोजक), प्रधान पाठक प्रवीण कुमार पाठक, अधीक्षक विनोद भगत, विपिन विकास खरे (पीओ उल्लास), सीएसी प्रेमलाल बर्मन, सभी संकुल प्राचार्यों, संकुल समन्वयकों, शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष हैप्पी कमल कुजूर, जनपद सदस्य रंजीत भगत, पूर्व जनपद सदस्य एवं एसएमडीसी अध्यक्ष सुषमा सिंह, मंडल महामंत्री रामदास यादव, भजुनन्दन नायक, आशुतोष राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
