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मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर 9.49 करोड़ की लागत से होगा इन तीन सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य...पढ़ें विस्तार से

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से  जिले में तीन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। 9 करोड़ 49 लाख 23 हजार  की लागत के इन तीन सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य  पूर्ण हो जाने से सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इससे कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 
     मुख्यमंत्री श्री साय कि पहल पर  जिन कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें विकासखंड फरसाबहार में 03 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपए लागत से कोनपारा( दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य,  03 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपए की लागत के विकासखंड बगीचा में सोरो  व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य और  2 करोड़ 55 लाख 88 हजार रुपए की लागत से विकासखंड फरसाबहार की अंकिरा तालाब योजना का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। 
    इन कार्यों के पूर्ण हो जाने पर सिंचाई की सुविधा में बढ़ोतरी होगी। किसानों को वर्षभर फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा जिससे सूखे की स्थिति में भी फसलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इन कार्यों के पूरा हो जाने से न केवल किसानों की आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अंचल की कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन....प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर, 24 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।

उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी

तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।

महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।

ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।

महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं

महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।

कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।

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केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में आ रहा है बड़ा बदलाव......लाभार्थीथियोों का बिजली बिल हुआ शून्य


रायपुर, 24 अगस्त 2025
केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

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डेयरी उद्यमिता विकास योजना से सुखसागर आर्थिक रूप से हुआ मजबूत,16 से 18 लीटर तक हो रहा दूध उत्पादन

जशपुरनगर 24 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप पशुधन विकास विभाग द्वारा  जिले के गौव पालकों को विभागीय योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बगीचा विकासखण्ड के श्री सुखसागर यादव को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार योजना का लाभ दिया गया है। 
               
बगीचा विकासखण्ड के पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राही सुखसागर यादव को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ दिया गया एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार किया गया। राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से 70 हजार के अनुदान का लाभ दिया गया एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार किया गया। हितग्राही सामान्य किसान है, इनका रोजगार का कार्य खेती था। योजना का लाभ लेने के पूर्व हितग्राही के पास 01 देसी गाय थी। इनकी गाय उस समय लगभग प्रतिदिन 1 लीटर दूध देती थी। जिसका उपयोग घर में ही कर लिया जाता था। 
पशुपालन से कोई अतिरिक्त आय नही होती थी। पशुधन विकास विभाग से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास अन्तर्गत हितग्राही द्वारा शासकीय योजना का लाभ लेकर  01 उन्नत नस्ल की जर्सी गाय और एक साहीवाल क्रास गाय खरीदा गया  

वर्तमान में कुल 16-18 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। जिसके विक्रय से हितग्राही को राशि रूपए 25000-30000 रूपये मासिक आमदनी प्राप्त हो रही है। साथ ही राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम नस्ल सुधार योजना द्वारा कृत्रिम गर्भाधान का लाभ लिया जाता है। जिससे वर्तमान में उन्नत नस्ल की बछिया एवं बाछा उत्पन्न हुई है। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेने के पश्चात् हितग्राही के आर्थिक स्थिति में सुधार हुई है। विभाग द्वारा समस्त गाय का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। कृमिनाशक दवाईयां एवं मिनरल मिक्सचर प्रदान किया जाता है। आवश्यकतानुसार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाता है।

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बस्तर के होनहार अविनाश तिवारी से टोक्यो में मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय : छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर 24 अगस्त 2025 :
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव श्री अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि श्री अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जो बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं।

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टोक्यो के ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी को  किया नमन.....कहा महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत

रायपुर 24 अगस्त 2025/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर  महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।

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जापान में निवेश से लेकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक छत्तीसगढ़ की वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ कर रहे हैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  


 
 रायपुर, 24 अगस्त 2035

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में  छत्तीसगढ़ अपने सतत प्रयासों के माध्यम से स्वयं को वैश्विक मंच पर एक प्रतिस्पर्धी एवं दूरदर्शी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जापान प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सहयोग तथा वैश्विक साझेदारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय विविधीकरण, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा छत्तीसगढ़ में उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों, हाल के सुधारों तथा स्टार्टअप्स और नई पीढ़ी के उद्योगों को प्रदान किए जा रहे सशक्त सहयोग पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों की महत्ता पर बल देते हुए  टोक्यो में आयोजित “Deep Space – To the Moon and Beyond” नामक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह दौरा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से और गहन रूप से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने उन्हें राज्य की हालिया नीतिगत पहल, छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों से अवगत कराया। भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय को आश्वस्त किया कि वे छत्तीसगढ़ और जापान के बीच संबंधों को सशक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे तथा जापानी व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ में निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

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रजत महोत्सव के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित होगा तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन

रायपुर, 23 अगस्त 2025/ राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी।

इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा।

संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्री अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।

गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

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निवेश, तकनीक और अंतरिक्ष: मुख्यमंत्री श्री साय की जापान यात्रा ने खोले नए आयाम.....आईटी, टेक्सटाइल्स और एयरोस्पेस अवसरों पर हुई चर्चा

रायपुर 22 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (JETRO) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों श्री नाकाजो काज़ुया, श्री एंडो युजी और श्री हारा हारुनोबू से भेंट कर निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में आईटी, टेक्सटाइल्स, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री ने जेट्रो के प्रतिनिधियों को प्रदेश की तेज़ी से प्रगति कर रही अर्थव्यवस्था में निवेश के नए अवसर तलाशने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़, भारत के हृदय स्थल में स्थित एक उभरता हुआ औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य है। राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, सुगम प्रक्रियाओं और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है। जेट्रो प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा से छत्तीसगढ़ और जापान के बीच आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित ‘Deep Space – To the Moon & Beyond’ प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान और नवाचारों की यह समृद्ध झलक, आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में भारत सरकार के सहयोग से विकसित किए जा रहे स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को नई दिशा और प्रेरणा देगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान प्रवास से छत्तीसगढ़ को निवेश, नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में ठोस परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य प्रदेश को न केवल औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि उसे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से विश्व पटल पर एक सशक्त पहचान दिलाना भी है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत 'महतारी मेगा हेल्थ कैम्प' का हुआ आयोजन......109 महिलाओं की कैम्प में हुई स्वास्थ्य की जांच

जशपुरनगर, 23 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में 'महतारी मेगा हेल्थ कैम्प' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। जहां चिकित्सकों द्वारा तत्समय जांच कर परामर्श करते हुए उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की। इस कैम्प में रक्तचाप, मधुमेह, मौसमी बुखार, ज़ुखाम जैसी बीमारियों की जांच की गई। शिविर में कुल 109 महिलाओं की स्वास्थ्य की जांच चिकित्सकों द्वारा की गई। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, पार्षदगण राजेश कुमार गुप्ता, श्रीमती शैलेन्द्री यादव, कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, कमला बाई, शबनम खातून, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित महिलाएं मौजूद रहीं।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत महतारी सम्मेलन का हुआ आयोजन

जशपुरनगर, 23 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को महतारी सम्मेलन का आयोजन जशपुरनगर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत कार्यक्रम में शामिल हुए। 
        इस महतारी सम्मेलन में आयी महिलाओं को स्थानीय सादरी भाषा में संबोधित करते हुए  विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि नारी इस सृष्टि की रचियता है, वह दुर्गा भी है रणचंडी भी है, शिशु को गर्भ में धारण कर विश्व निर्मात्री शक्ति भी है। नारी इस जगत की आधी जनसंख्या का नेतृत्व भी करती है। आज देश के राष्ट्रपति पद से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक महिलाएं प्रतिनिधित्व कर समाज में अहम भूमिका निभा रहीं हैं। इस नारी शक्ति के सम्मान के लिए शासन द्वारा अपने वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना प्रारम्भ कर हर महिला को एक हजार रुपये प्रदान किये जा रहे हैं। पहले राशन से लेकर हर चीज के लिए लोगों बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, शासन द्वारा महिलाओं के हित के लिए निःशुल्क राशन वितरण, सुकन्या समृद्धि योजना आदि योजनाओं का संचालन कर महिलाओं को सशक्त करने का कार्य किया जा रहा है। पहले कई ऐसे जनजातीय ग्राम थे जहां सड़कें तक नहीं थी, अब पीएम जनमन योजना से वहां बारहमासी सड़कें बन गयी हैं। विशेषकर पाट क्षेत्रों के विकास हेतु करोड़ों रुपयों से सड़क परियोजनाओं को विस्तार का कार्य किया जा रहा है। पहले स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ नहीं हो पाती थी, स्वास्थ्य खराब होने पर बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, अब जिले में मेडिकल कॉलेज सहित स्वास्थ्य के कई संस्थान खुलने जा रहा हैं जिनसे लोगों को सुविधा प्राप्त होगी। 
          उन्होंने मातृ शक्ति का वंदन करते हुए कहा कि महिला समाज की धुरी होती है, समाज की दिशा और दशा निर्धारित करती है, महिलाएं ठान ले तो समाज की सभी बुराईयों को दूर कर सकतीं हैं। वर्तमान में समाज में नशे के प्रभाव में छोटे छोटे बच्चे भी आ रहे हैं, ऐसे में  महिलाओं को अपने संस्कारों से बच्चों को नशे से दूर रखना होगा ताकि परिवार और युवा समाज को सशक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा किया जा सके। समाज से बाल विवाह, कुपोषण को भी दूर कर हमें समाज को सशक्त बनाना है।
         इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, हमें अपनी गौरवशाली परंपरा और इतिहास को साथ में रखते कर विकास करते हुए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना है। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि हमारा राज्य अभी 25 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। यह अभी एक युवा राज्य है, यह अपनी प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पारम्परिक एवं मानव संसाधनों से परिपूर्ण है। यह राज्य लगातार विकसित होने की दिशा में अग्रसर हो रहा है। यहां के लोगों को सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। यहां की मातृ शक्ति को भी सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना आदि का संचालन किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि महिलाएं आज खेल हो या विज्ञान या राजनीति या प्रशासन हर क्षेत्र में आगे आकर अपना परचम लहरा रहीं हैं।
         जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने सभी महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया शासन द्वारा पीएम जनमन योजनांन्तर्गत महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नए सर्व सुविधायुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को सुविधा प्राप्त होगी। इस दौरान एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी सहित पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव सहित सभी लोगों के योगदान को याद किया। 
       इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बाल विवाह निषेध, बालिका सुरक्षा माह आदि योजनाओं से अवगत कराया एवं सुकन्या समृद्धि योजनांन्तर्गत हितग्राहियों का पंजीयन भी किया गया।
*महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को किया गया सम्मानित*
      इस कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त राशि के बेहतर निवेश द्वारा अपने और अपने परिवार के साथ कुपोषण मुक्ति के लिए कार्य करने वाली 15 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इन महिलाओं द्वारा महतारी वंदन की राशि को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों में निवेश कर अन्य महिलाओं के लिए मिशाल पेश की है। सम्मानित महिलाओं में शिशिर मेरी एक्का, गंगोत्री बाई, सल्मा शालिनी, उमा भगत, सरस्वती देवी, अनीता टोप्पो, रवीना बाई आदि शामिल थीं। इस अवसर पर पार्षदगण राजेश कुमार गुप्ता, शैलेन्द्री यादव, श्रीमती कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, कमला बाई, और शबनम खातून, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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जशपुरिया जायका कार्यक्रम में जनजातीय समुदायों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को जानने उत्सुक दिखे लोग

जशपुरनगर, 23 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव  के अंतर्गत आज वशिष्ठ कम्युनिटी हाल में आयोजित जशपुरिया जायका कार्यक्रम में लोगों को जशपुर की संस्कृति में रची बसी आदिवासी समुदायों के पारंपरिक व्यंजनों को जानने और समझने का अवसर मिला। यहां पर जशपुर की स्थानीय जनजाति उरांव, गोंड, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, मुंडा, नगेशिया, कंवर, भूईहर, खैरवार और अगरिया जनजातियों के द्वारा प्रदर्शित की गई उनके पारंपरिक व्यंजनों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
       लोग इन व्यंजनों के बारे में जानने और समझने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। पौष्टिकता और स्वादिष्ट से भरपूर ये व्यंजन इन जनजातीय समुदाय की परंपरा, संस्कृति और जीवनशैली को भी प्रदर्शित करती है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित अन्य अतिथियों ने इन जनजातीय समुदायों द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन किया। उन्होंने इन व्यंजनों का स्वाद भी चखा और सराहना भी की।
      इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने अपने संबोधन में जनजातीय संस्कृति, खान-पान, पूजा पद्धति, पारंपरिक व्यंजनों को सहेजने पर जोर देते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। आज के युवाओं को हमारी संस्कृति से परिचित कराने जशपुरिया जायका जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि तीजा, जितिया, सोहराई, करमा सहित अन्य त्योहारों में अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। त्योहारों के साथ ही विभिन्न पकवानों का आनंद हमारी परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी है। इन व्यंजनों के माध्यम से हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का अवसर मिलता है।
      नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ अभी युवा है और तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। जशपुर की कला-संस्कृति, खानपान और पारंपरिक व्यंजनों को हमें सहेजते हुए पूरी दुनिया को इसके विशेषताओं से परिचित कराना है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि यहां की जनजातीय समुदायों द्वारा बनाया गया व्यंजन काफी स्वादिष्ट और पौष्टिकता से भरपूर होता है। अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी इसका स्वाद काफी भाता है। हर त्योहारों के अनुसार यहां पर अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं, जो कि यहां की समृद्ध संस्कृति को भी प्रदर्शित करता है।
     जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कहा कि जशपुरिया जायका कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों के पारंपरिक व्यंजनों के  महत्व के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताना है, ताकि यहां की संस्कृति और खानपान के बारे में पूरी दुनिया को जानकारी हो सके। इस अवसर पर पार्षदगण श्री राजेश कुमार गुप्ता, श्रीमती शैलेन्द्री यादव, श्रीमती कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, कमला बाई, और शबनम खातून, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन। 

38 दिनों में जिले के सभी 4900 शिक्षक प्रतिभागी हुए प्रशिक्षित।

जशपुरनगर 13 अगस्त 2025 :
कलेक्टर रोहित व्यास एवं सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘यशस्वी जशपुर’ कार्यक्रम के अंतर्गत 38 दिनों तक लगातार चले इस व्यापक अभियान में प्राथमिक ,पूर्व माध्यमिक ,हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा गुणवत्ता के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। अंतिम दिन पत्थलगांव विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों के उन्मुखीकरण के साथ प्रशिक्षण का समापन  हुआ। जिले के लगभग 4900 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठक,  हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य, व्याख्याता, छात्रावास अधीक्षक, ग्रंथपाल, प्रयोगशाला सहायक सहित बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी, संकुल समन्वयक, व्यायाम शिक्षक शामिल रहे।
      संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि, नेतृत्व क्षमता विकास, उपचारात्मक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में विद्यालयों की भूमिका को सशक्त करना तथा शिक्षकीय अमले में आत्मविश्वास एवं कार्यकुशलता का विकास करना रहा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा, डीईओ पीके भटनागर  के निर्देशन में आयोजित हुआ है।
    संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने प्रशिक्षण में प्रतिदिन विशेष सत्र लिया।  स्कूल रेडिनेस, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, प्रोजेक्ट कार्य, माइंड मैपिंग, टीम वर्क, संवाद कौशल, व्यवहार प्रबंधन, डिजिटल टूल्स का उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की नवीन तकनीकों, विज्ञान प्रयोगों के साथ अध्यापन, उपचारात्मक शिक्षण, नेतृत्व क्षमता, चुनौतियां और समाधान प्रशिक्षण के मुख्य विषयों में शामिल रहे । प्रशिक्षण आयोजन  में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय और शिक्षक संजय दास, सीमा गुप्ता राजेंद्र प्रेमी की भूमिका विशेष रही ।

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पोला पर्व : आज पोला त्योहार मना रहे छत्तीसगढ़वासी.! त्योहार का उत्साह गांव से लेकर शहर तक आ रहा नजर..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज पोला त्योहार का उत्साह गांव से लेकर शहर तक नजर आ रहा है. छत्तीसगढ़ के इस पारंपरिक त्योहार में कृषि कार्यों में लगे बैलों की पूजा का विधान है. इस दिन किसान कृषि कार्यों से विरत रहते हैं, और बैलों को नहलाकर उसे सजाकर पूजा करते हैं. घरों में मिट्टी, लकड़ी या पीतल के बने बैलों की पूजा करते हैं, जिन्हें बच्चे खेलते हैं. इस अवसर पर ठेठरी-खुरमी और अईरसा जैसे पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं.

 

दरअसल, वृषभ पूजन दिवस भाद्र पद मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होता है, जिसे छत्तीसगढ़ में पोला-पोरा तिहार कहा जाता है. पंडितों के अनुसार अमावस्या तिथि 22 अगस्त को दोपहर 11.37 से प्रारंभ होकर दूसरे दिन 11.02 मिनट तक रहेगा. श्राद्ध कर्म पूर्व दिन होगा, जबकि वृषभ पूजन उदय तिथि अनुसार 23 अगस्त को मनाया जाएगा. इसे ही कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है.

 

फिलहाल, शास्त्रों में इस अमावस्या को कुशोत्पाटनी अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन पुरोहित कर्म में लगे हुए ब्राह्मण कुश उखाड़ने का कार्य करते हैं, जो देव एवं पितृ कार्यों में काम आता है.

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आज राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस.! CM साय ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई दी..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। CM विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई दी। भारत में 23 अगस्त को मनाया जाने वाला दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025 में विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि यह चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता की दूसरी वर्षगांठ है। इस दिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में इसरो की चंद्रयान-3 लैंडर की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग की याद में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में घोषित किया था । इसका मुख्य उद्देश्य चंद्रयान-3 मिशन की सफलता को याद करना और युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

 

दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (2025)

 

दरअसल, वर्ष 2025 का विषय है: “आर्यभट्ट से गगनयान: प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएँ”, जो भारत की खगोलशास्त्रीय विरासत से लेकर आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान (गगनयान) तक की यात्रा को दर्शाता है।

 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

 

फिलहाल, 23 अगस्त 2023 को ISRO के चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग की। इसमें विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर की तैनाती शामिल थी, जिससे भारत यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना। इसके अवतरण स्थल को “शिव शक्ति” बिंदु के नाम से जाना जाता है। इसी उपलब्धि को याद करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 23 अगस्त को आधिकारिक रूप से "राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस" के रूप में घोषित किया गया। पहली बार राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का आयोजन 23 अगस्त 2024 को किया गया, जिसका विषय था: "चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा"

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रायपुर : वनभूमि कब्ज़ाधारी किसान ने कब्जा छोड़कर पेश की अनूठी मिशाल......वन मंत्री ने किया सम्मान


 
रायपुर, 22 अगस्त 2025

वनमंत्री श्री केदार कश्यप आज अपने बस्तर प्रवास के दौरान बेसोली में आयोजित वन महोत्सव में सम्मिलित हुए। जहाँ उन्होंने पीपलवांड ग्राम पंचायत में वन विभाग के जमीन पर गांव के निवासी सोन सिंह पिता पदम से वन भूमि पर किया गया कब्जा छोड़ने का आग्रह किया। इस पर किसान ने अपनी कब्जे वाली वनभूमि को ग्रामवासियों के समक्ष लिखित में वापस की और भविष्य में ऐसा कार्य नहीं करने की प्रतिज्ञा भी ली। 
       वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने किसान सोनसिंह के इस निर्णय को अनुकरणीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक अनूठी पहल है। सोनसिंह के इस कार्य से अन्य लोग भी प्रभावित होकर समाज हित में वनभूमि से कब्जा छोड़ने का निर्णय लेंगे। पीपलवांड के सरपंच श्री केशव और ग्रामीणों ने उनकी इस मिसाल का स्वागत कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया ।

      वन विभाग के उच्च अधिकारी मुख्य वन संरक्षक श्री आर सी दुग्गा एवं वन वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता के नेतृत्व में यह कार्य बहुत ही अच्छे ढंग से चल रहा है जिसका परिणाम है कि आज लोग स्वयं से आकर वन भूमि पर किए कब्जे की जमीन को वापसी कर रहे हैं। श्री सोन सिंह के इस प्रयास के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी एवं अन्य अतिक्रमणकारियों से भी आग्रह किया है कि जो भी लोग इस प्रकार से कब्जा किए हैं स्वयं से आकर अपनी कब्जे की जमीन वन विभाग को वापिस कर दें।  

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मुख्यमंत्री की प्रयास से कोनपारा तालाब  दलटोली डेम मरम्मत जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख की मिली प्रशासकीय स्वीकृति 

जशपुर 23 अगस्त 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से जिले के फरसाबहार विकास खंड के कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

राज्य शासन द्वारा  विकासखंड फरसाबहार की कोनपारा तालाब दलटोली डेम का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु  लागत राशि रु. 347.21 लाख (रूपये तीन करोड़ सैतालीस लाख ईक्कीस हजार) प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

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वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय का जापान दौरा बना तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का सेतु

मुख्यमंत्री श्री साय का जापान प्रवास: छत्तीसगढ़ के लिए तकनीक, व्यापार और संस्कृति के नए आयाम

रायपुर, 22 अगस्त 2025/ ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 22 अगस्त को टोक्यो प्रवास की शुरुआत आध्यात्मिकता, तकनीक और व्यापार कूटनीति के संगम के साथ की।

टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर जिस प्रकार शांति और शक्ति का संदेश देता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ की जनता भी छत्तीसगढ़ शांति, सामर्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण राज्य के रूप में सतत विकास की ओर अग्रसर राज्य बने, यह आकांक्षा करती है।

सूचना प्रौद्योगिकी में नवाचार की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी लिमिटेड (NTT Ltd.) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी विश्व की शीर्ष आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधान कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक आय 90 अरब अमेरिकी डॉलर है और जो 50 से अधिक देशों में कार्यरत है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनटीटी विश्वभर में क्लाउड कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा सहित अत्याधुनिक आईटी समाधान प्रदान कर रही है और डिजिटल परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बनी हुई है।

सांस्कृतिक रिश्तों और व्यापारिक साझेदारी को मजबूती

शाम को भारत के जापान में राजदूत श्री सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित औपचारिक रात्रिभोज में मुख्यमंत्री श्री साय और प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस अवसर पर हुई चर्चा में इंडो-पैसिफिक देशों को उद्योग और व्यापार के माध्यम से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा, पारिस्थितिकीय संतुलन और औद्योगिक वृद्धि की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत के कुशल जनशक्ति के संयोजन से व्यापक औद्योगिक सहयोग की संभावनाएँ हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।

वैश्विक सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री श्री साय और उनके प्रतिनिधिमंडल का यह पहला दिन उपलब्धियों से परिपूर्ण  रहा। इसमें व्यापार, तकनीक और कूटनीति से जुड़े अहम अवसरों की खोज की गई। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को तीव्र औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक साझेदारी के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

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