"किताबों के साथ व्यवहारिक जीवन की शिक्षा भी जरूरी"— जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने छात्राओं को दिए सफलता के मंत्र, कुनकुरी कन्या विद्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव
कुनकुरी, 27 जून। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को यादगार बनाने के उद्देश्य से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में शनिवार को "शाला प्रवेश उत्सव पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर दिनभर उत्सव के माहौल से सराबोर रहा। नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा निशुल्क पुस्तकें और गणवेश प्रदान कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्राओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष माननीय सालिक साय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत कुनकुरी की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष बालेश्वर यादव, शाला विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती जयमन्ती भगत, समिति सदस्य राजेश अग्रवाल, अमित मिश्रा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पैंकरा तथा संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य वाई.आर. कैवर्त्य उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य सीताराम साव, सभी व्याख्याता, शिक्षक, छात्रावास अधीक्षक, अभिभावक एवं कक्षा पहली से बारहवीं तक की छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद आकर्षक अंदाज में हुई। अतिथियों का विद्यालय परिसर में छात्राओं ने स्थानीय लोकगीत, मांदर की थाप और पारंपरिक नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया। व्याख्याता देव प्रकाश तिर्की और विनोद टोप्पो स्वयं मांदर बजाते हुए छात्राओं के साथ मंच तक पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण जनजातीय संस्कृति और उत्साह से सराबोर हो गया।
मंच पर पहुंचने के बाद अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद छात्राओं ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।
विद्यालय के प्राचार्य सीताराम साव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, वर्तमान स्थिति तथा आगामी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय के विकास में सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक वर्ग की छात्राओं ने शाला प्रवेश उत्सव की थीम पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आकर्षक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। छात्राओं की प्रस्तुति पर बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन, संस्कार और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए छात्राओं को भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि सालिक साय ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं से कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में व्यवहारिक ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से विद्यालय की साफ-सफाई, वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करना प्रत्येक विद्यार्थी का पहला कर्तव्य है और उनके मार्गदर्शन पर चलकर ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनके प्रेरक विचारों का छात्राओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने उन्हें निशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और पुष्पगुच्छ भेंट कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती रजनी कुजूर एवं सुधीर दुबे ने किया, जबकि व्याख्याता श्रीमती संगीता कुजूर ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
समूचा आयोजन शिक्षा के साथ संस्कृति, परंपरा और संस्कारों का सुंदर संगम बनकर सामने आया। विद्यालय परिवार के सभी व्याख्याताओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से आयोजित यह शाला प्रवेश उत्सव 2026-27 नवप्रवेशी छात्राओं के लिए जीवनभर यादगार बनने वाला आयोजन साबित हुआ।
