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आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के सफल विदेश यात्रा से वापस लौटे मुख्यमंत्री श्री साय ...  एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत 

 रायपुर, 30 अगस्त 2025/ अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं। श्री साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री श्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में श्री साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी श्री साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं। 

इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे - मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे। 

जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति -

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है। 

ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी -

 मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। श्री साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली। 

पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल -

मुख्यमंत्री श्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। श्री साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

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शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचा शक्ति कलशः किया गया भव्य स्वागत ....बगीचा में  होने वाले 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ 24 घंटों के अखंड जप से होगी शुरुआत 

जशपुर,30 अगस्त 2025

बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ के लिए 33 परिजन शांतिकुंज हरिद्वार से शक्ति कलश लेकर बगीचा पहुंचे।जहां स्थानीय बस स्टैंड में मातृशक्ति व नगरवासियों ने शक्ति कलश का पूजन अर्चन के साथ भव्य स्वागत किया।

उक्त महायज्ञ का आयोजन 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक बगीचा में होना है जिसके लिए गायत्री परिवार के द्वारा तैयारियां शुरु कर दी गई हैं।बस स्टैंड में शक्ति कलश का पूजन कर गायत्री मंत्रोच्चार के साथ मंगल गान करते हुए मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण किया।विघ्न विनाशक गणपति बप्पा के दर्शन पश्चात नगर के मुख्य मार्ग से होते शक्ति कलश स्थानीय दुर्गा मंदिर पंहुचा जहां पूजन अर्चन के बाद गायत्री परिजनों ने प्रज्ञापीठ बगीचा में शक्ति कलश स्थापित किया।शक्ति कलश के स्वागत में गायत्री परिवार के समस्त परिजनों समेत प्रज्ञा महिला मंडल की बहनें उपस्थित रहीं।स्थानीय नागरिकों में मुकेश शर्मा,श्रीमती गीता सिन्हा,श्रीमती मुक्ता यादव,द्रौपदी यादव,संतोष गुप्ता, उमाशंकर,भूपेंद्र थवाईत, भगवानो यादव,संतोष सोनी,रमेश गुप्ता,देवराज नागेश समेत अन्य परिजन उपस्थित रहे।

गायत्री मंदिर में शक्ति कलश लेकर पहुंचे परिजनों का भाव भरा अभिनंदन किया गया।यहां यज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आगामी तीन महीने की विस्तृत कार्ययोजना बनी हुई है जिसकी शुरुआत गायत्री महामंत्र के चौबीस घंटों के अखंड जप से  की जाएगी।इस क्रम में घर घर दीप महायज्ञ,एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ,मंत्र लेखन,मुट्ठी चावल अन्नदान,अंशदान,श्रमदान,समयदान की श्रृंखला सतत चलती रहेगी।

108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की स्वीकृति शांतिकुंज हरिद्वार से प्राप्त हो चुकी है।जिसके बाद स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की भव्य तैयारी के लिए प्रयास शुरु कर दिए गए हैं।उक्त शक्ति कलश के भ्रमण से गांव गांव तक युग निर्माण योजना का संदेश गायत्री परिजन पंहुचाते हुए जन जन को  उक्त यज्ञ आयोजन के लिए आमंत्रित करेंगे।

प्रज्ञा परिजन रमेश गुप्ता ने बताया कि 1 सितंबर प्रातः 8 बजे से गायत्री मंदिर में अखंड जप का कार्यक्रम रखा गया है।जिसकी पूर्णाहुति 24 घंटे बाद 2 सितंबर को प्रातः 8 बजे होगी।उक्त कार्यक्रम के बाद परिजनों व नगरवासियों की आवश्यक गोष्ठी होगी रखी गई है जिसमें यज्ञ की तैयारी को लेकर आगामी कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया जाएगा।

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सड़क हादसा: गीन्ताजली बस ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, दो युवक गम्भीर रूप से घायल........घायलों को ईलाज के लिए अम्बिकापुर अस्पताल किया गया रवाना

नारायणपुर : 30 अगस्त 2025 :- एक जबरजस्त सड़क दुर्घटना हुई है जिसमें गीतांजली बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिसके कारण बाइक में सवार बुरी तरह घायल हो गया घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत चिकित्सा सुविधा के लिए अम्बिकापुर भेज दिया गया है. यह दुर्घटना गीन्ताजली बस के चालक की तेज रफ्तार और  लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने से हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है. 

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार दाराखरिका के जाता कोना संतन घर के पास गीतांजली बस क्रमांक CG 14 G 0216 ने बाइक सवार दो युवकों को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर लाया गया, जहां से उसे अम्बिकापुर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बनकोम्बो सारंगडाँड़ निवासी देवेंद्र प्रसाद राम पिता संतोष राम उम्र 25,इंद्र कुमार पिता देवजीत उम्र 20 साल के साथ बाइक पर बैठकर अपने रिश्तेदार के यंहा चटकपुर गए हुए थे जब वह सुबह वापस आ रहे थे  की तभी कलिया से जशपुर चलने वाली गीन्ताजली बस ने जाता कोना  के पास चालक के द्वारा लाफ़रवाही पूर्वक एवं तेज रप्तार से चलाते हुए बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों युवक काफी गंभीर रूप से घायल  है। पुलिस ने बस सहित चालक को हिरासत में लेकर  आगे की कार्यवाही जारी है

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कोयला से भरा अनियंत्रित ट्रक मकान में घुसा: बाल-बाल बचे लोग, ग्रामीणों ने ड्राइवर को निकाला,इलाज हेतू अस्पताल में भर्ती

नारायणपुर : बतौली चराईडाँड़ हाइवे पर बगीचा थाना क्षेत्र के सरबकोम्बो में शनिवार सुबह 6 बजे अनियंत्रित ट्रक रोड किनारे मकान में घुस गया। मकान के अंदर मौजूद लोग बाल बाल बच गए। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया घर मे रखा सभी कीमती सामान बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जिस समय यह घटना हुई उस समय मकान में रहने वाला  शख्स उठकर मुंह धोने गया था। वाहन में फंसे ड्राइवर को ग्रामीणों की  मदद से बाहर निकाला और अस्पताल रवाना कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबहब6 बजे  कोयला से भरा एक ट्रक क्रमांक RJ  02 G C  1712 बतौली चराईडाँड़ हाइवे से आमगांव विश्रामपुर से अंगुल उड़ीसा जा रहा था। इसी दौरान  सरबकोम्बो के पास चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे स्थित कमल के घर में घुस गया।जिससे मकान व रखा घरेलू सामान नष्ट हो गया ।घटना में घर के लोग बाल बाल बचे।हादसे के बाद गृह स्वामी कमल ने छती पुर्ति को लेकर वाहन मालिक से मुआवजे की मांग की है.

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा उपहार....सात करोड़ से बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम

जशपुरनगर 30 अगस्त 25/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा अनुरूप जशपुर शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडीटोरियम निर्माण के लिए 7 करोड़ रूपये की स्वीकृति देते हुए बजट जारी कर दिया है। नगर पालिक के अधिकारी ने बताया कि इस निर्माण कार्य के लिए नगर सरकार  ने तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर निविदा जारी कर दिया है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

यह होगा आडोटोरियम से लाभ

अभी तक जिला मुख्यालय में बड़े आयोजन के लिए जगह की कमी महसूस की जा रही थी। शहर में आयोजित होने वाले किसी भी बड़े सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक आयोजन का पूरा बोझ फिलहाल रणजीता स्टेडियम और वशिष्ठ कम्युनिटी हाल पर है। रणजीता स्टेडियम में स्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान कर चूके है।
  आडोटोरियम  के बन जाने से शहरवासियो को एक अच्छा विकल्प मिल सकेगा।


यहां बनेगा ऑडीटोरियम और मिलेगी ऐसी सुविधा

 आडोटोरियम का निर्माण शहर के सारुडीह मोड़ के पास बंद पड़े हुए दुग्ध संयंत्र के पीछे में किया जाएगा। इसके लिए ढाई एकड़ जमीन चिन्हकित कर लिया गया है। 500 सीट क्षमता वाले इस आडोटोरियम में पार्किंग के साथ बेहतर लाइट व्यवस्था और बुनियादी सुविधा उयलब्ध कराई जाएगी।

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प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध,किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक

राज्य के लिए निर्धारित 14.62 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण

5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण

रायपुर, 29 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।

इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है। 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
     
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री के दक्षिण कोरिया प्रवास से ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी से राज्य की ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति

रायपुर, 29 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।”

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज को लेकर जनता का बढ़ा भरोसा : इंडिया टुडे–MOTN सर्वे में मुख्यमंत्री को राज्य में 41.9% जनता का विश्वास.....ईमानदार और जनता से सीधा जुड़ाव बने सफलता के आधार

रायपुर, 29 अगस्त 2025/ इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) Survey में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कामकाज को लेकर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। अगस्त 2025 के सर्वेक्षण में उनके गृह राज्य के 41.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उनके कार्य को संतोषजनक बताया है, जो फरवरी 2025 के 39 प्रतिशत से बढ़कर दर्ज हुआ है। यानी महज़ छह महीनों में मुख्यमंत्री के प्रति जनता की संतुष्टि में 2.9 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि बड़े राज्यों की श्रेणी में उन्हें दूसरे स्थान पर स्थापित करती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर का व्यापक भ्रमण करते हुए आमजन की समस्याओं को सीधे सुना और शिकायत निवारण समाधान शिविरों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस पहल से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर नई गति मिली। साथ ही निचले प्रशासनिक तंत्र की कमियाँ उजागर हुईं, जिन्हें तत्परता से दूर किया गया। मुख्यमंत्री की यह संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली जनता को निकटता से महसूस हुई, जिससे उनके प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय की टीम ने विभागों और जिला कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के निराकरण में गति आई, वहीं भ्रष्टाचार पर प्रहार और प्रशासनिक सुधारों ने शासन की कार्यक्षमता को नई ऊर्जा दी। केंद्र सरकार की मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों का पूरा होना, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना जैसे कार्यक्रमों ने गरीबों, महिलाओं और किसानों के बीच भरोसे और संतोष की भावना को और गहरा किया। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा निवेश और व्यापार-व्यवसाय के नए अवसरों ने प्रदेश में नई आशा और उत्साह का संचार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय की सरल, सौम्य और ईमानदार छवि, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई है। विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सुधारों ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्हें ‘बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री’ के रूप में स्थापित किया है।

सर्वेक्षण के परिणाम यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएँ और कार्यक्रम जनता तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों को राहत पहुँचाने वाली कृषि योजनाएँ, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम तथा गरीब परिवारों के लिए संचालित कल्याणकारी उपायों ने जनता की संतुष्टि को मज़बूती प्रदान की है।

इसी अवधि में मुख्यमंत्री का जापान और दक्षिण कोरिया का निवेशक दौरा भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। वहां आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से हुई सार्थक चर्चाओं ने प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर अग्रणी स्थान दिलाने की नींव रखी है। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक सहयोग की दिशा में हुए समझौते जनता के भविष्य में विश्वास और आशा को और मजबूत करते हैं।

बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं। सड़कों, पुलों, सिंचाई और बिजली की परियोजनाओं को गति देने के साथ ही रेलवे और उद्योग आधारित ढाँचागत विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री स्वयं जिलों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को समझते हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इससे आम नागरिकों को सीधे शासन से जुड़ाव का अनुभव हो रहा है।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित रजत जयंती महोत्सव, तीजा-पोरा महोत्सव और स्वच्छता संगम जैसे सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया है कि सरकार केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को भी समान महत्त्व देती है।

Mood of the Nation Survey में दर्ज आंकड़े यह भी स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व को विकास और स्थिरता की गारंटी मान रहे हैं। 41.9 प्रतिशत संतुष्टि दर का अर्थ है कि हर दो में से एक नागरिक राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। बड़े राज्यों में दूसरा स्थान इस बात की पुष्टि करता है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पटल पर एक मजबूत और उभरते हुए राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने राज्य के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि जनता के विश्वास और सर्वेक्षण के नतीजे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संकेत करते हैं। यह परिणाम न केवल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की पुष्टि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आशा और प्रेरणा का संदेश भी है। छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास और नए संकल्पों के साथ विकास के मार्ग पर अग्रसर है और जनता का यह समर्थन उस यात्रा को और अधिक मजबूत बना रहा है।

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इंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर

इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है — यानी हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है; पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं।

बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है — इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।

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दक्षिण कोरिया के  KITA से मुख्यमंत्री की सार्थक मुलाकात....छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

रायपुर : 28 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

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श्री रामलला दर्शन योजना: जिले के 1632 रामभक्तों को मिला अयोध्या में  प्रभु श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

जशपुरनगर 28 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में स्थित भगवान श्री रामलला के दर्शन का सुअवसर प्रदान करना है। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। 
      जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 1632  रामभक्तों ने अयोध्या जाकर भगवान श्री राम का दर्शन लाभ ले चुके हैं।  जिसमें  जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर से 134 जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा से 95, जनपद पंचायत क्षेत्र बगीचा से 168, नगर पालिका क्षेत्र जशपुर से 83, नगर पंचायत क्षेत्र बगीचा से 58, जनपद पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 172, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला से 110, जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार से 179,  नगर पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 109, जनपद पंचायत क्षेत्र पत्थलगांव से 220, जनपद पंचायत क्षेत्र कांसाबेल से 165 नगर पालिका क्षेत्र पत्थलगांव से 82 और नगर पंचायत क्षेत्र कोतबा से 57 रामभक्त अयोध्या में भगवान श्री राम का दर्शन कर चुके हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलता है, जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहती है।
        छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान श्री राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण कण पर व्याप्त है। अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं।  दर्शन के बाद रामभक्तों के चेहरे पर झलकती संतुष्टि और आत्मिक खुशी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार के प्रति  कृतज्ञता का भाव उनमें साफ झलकता है। श्री रामलला दर्शन योजना  प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और श्री राम के आदर्शों को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रेन रवाना करते समय बजते भजन, भगवान श्री राम की जयकारे की गूंज, यात्रियों के चेहरे से झलकती खुशी आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण रचते हैं।
         श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का ऐसा आध्यात्मिक अभियान है, जो छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में नए उत्साह और विश्वास का संचार कर रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई, जो उनकी दूरदर्शिता और लोककल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीरामलला के जन्मस्थान के दर्शन कर चुके हैं। श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री राम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को अपने जीवन मूल्य में अपनाने की एक पहल भी है।

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दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सीएम श्री साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रित

रायपुर 28 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत के राजदूत श्री अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा  के दौरान दिए दिशा निर्देश...बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित

रायपुर, 28 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया  कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। 

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें  शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। 

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

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सरोकार:– बीमारी से जीवन फंसी संकट में, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सहायता के लिए बढ़ाया हाथ, उपचार के लिए दो करोड़ पचासी लाख रुपए की दी सहायता.....

जशपुरनगर 28 अगस्त 2025 :  परिवार के किसी एक सदस्य के गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाने से पूरा परिवार संकट में आ जाता है। ऐसे विकट परिस्थिति में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना उपचार में सहयोगी बनता है। इसके तहत हितग्राहियो को 5 लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालो में मिलती है।  लेकिन ज़ब गंभीर बीमारी के उपचार और सर्जरी का खर्च आयुष्मान योजना की सीमा से अधिक हो जाए तो क्या होगा? कहां से आएगा इलाज के लिए लाखों रूपये? संकट की ऐसी घड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपत्ती में फंसे ऐसे परिवारों की सहायता के लिए फिर हाथ बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत जिले के 72 मरीजों को उपचार के 2 करोड़ 85 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इस योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है। इस राशि से लाभार्थी कैंसर,बोनमेरो ट्रांसफर,किडनी ट्रांसप्लांट जैसे महंगे उपचार बड़े अस्पतालों में करा सके। समय पर आर्थिक सहायता मिल जाने से न केवल मरीजों का जीवन सुरक्षित हो पाया अपितु परिवार को भी बड़ी राहत मिली। इस सहायता के लिए मरीज और उसका परिवार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जता रहा है।

*इस तरह प्राप्त करें सहायत*

सीएमएचओ डॉ जीके जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक निर्धारित आवेदन फ़ार्म के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करना होता है। यह आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके आवेदन के साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराना चाहते हैँ वहाँ का प्राकलन रिपोर्ट (स्टीमेट) संलग्न करना होता है।

*स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा है सुधार*

उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार और सुधार की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैँ। जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा होने के साथ इसके लिए बजट भी सरकार जारी कर चुकी है। जमीन चयन होने के साथ कालेज शुरू करने की क्वायद चल रही है। अस्पतालों में भौतिक और मानव संसाधन जुटाया जा रहा है।

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रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की पहचान हा - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 28 अगस्मुत 2025 : ख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।

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राज्यपाल ने 40वें चक्रधर समारोह का किया भव्य शुभारंभ....अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ने और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है चक्रधर समारोह: राज्यपाल श्री डेका

रायपुर 27 अगस्त 2025/ चक्रधर समारोह हमें अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ता है और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है। राजा चक्रधर सिंह ने कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जो सपना रायगढ़ की धरती से देखा था, यह उत्सव उस स्वप्न का प्रतीक है। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज रायगढ़ जिले में आयोजित 40वें चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणपति की पूजा अर्चना की और संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा को हम रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं और इस दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समृद्ध बनाने में चक्रधर समारोह का योगदान अग्रणी है। श्री डेका ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ में बहुत गहरा संबंध है और ब्रिटिश काल में इस प्रदेश से लोग असम गए थे। उन्होंने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने साहित्य और कला के संरक्षण के जो प्रयास असम में किए थे, वही प्रयास महाराज चक्रधर ने रायगढ़ की धरती से किया। श्री डेका ने बताया कि असम में राजा चक्रधर सिंह की स्मृति में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 

राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ की धरती भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। रायगढ़ घराने की छाप न केवल देश में बल्कि विश्वभर में है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई ऊंचाइयां दीं और अपनी रचनाओं नर्तन सर्वस्व, तालतोय निधि और राग रत्न मंजूषा के माध्यम से संगीत और नृत्य को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि कला हमारे भीतर संवेदनाओं को जगाती है और जीवन को सुंदर बनाती है। आधुनिकता की दौड़ में जब लोग संस्कृति से दूर हो रहे हैं, तब ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ का नाम लेते ही हमारे मन में संगीत की मिठास, नृत्य की लय और कला के रंग दिखाई देते हैं। यही वो धरती है, जहां बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई, हरिप्रसाद चौरसिया की बाँसुरी और पं. जसराज सहित साहित्य जगत के महान विभूतियों के सुर गूंजते रहे हैं। उन्होंने इस खास मौके पर रायगढ़ की जनता को इस महान परंपरा को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।  

40वें चक्रधर समारोह के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही संगीत, नृत्य और साहित्य जैसी विधाएँ राजाओं के आश्रय में पल्लवित होती आई हैं और इन्हीं परंपराओं ने भारत को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।

राजा चक्रधर सिंह को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि जब कथक में केवल जयपुर और बनारस घराने ही प्रसिद्ध थे, उस समय रायगढ़ घराने की स्थापना कर उन्होंने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। श्री शेखावत ने कहा कि आज यह समारोह उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने का गौरवशाली अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के सक्षम और सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को नक्सल छवि से मुक्ति मिल रही है और प्रदेश अब संस्कृति तथा पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जूझते हुए जिस प्रदेश को कभी पिछड़ेपन की दृष्टि से देखा जाता था, वही आज अपनी लोककलाओं और पर्यटन स्थलों के कारण विश्व स्तर पर पहचान बना रहा है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। हमारी लोककलाएँ, लोकनृत्य और लोकपरंपराएँ पुनः संरक्षित और सशक्त हो रही हैं। श्री शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी दस दिनों तक रायगढ़ सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा और देश-विदेश से आए कलाकार अपनी कला के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बनाएँगे।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही रायगढ़ में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है, जिससे यहां की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हो रही है। श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आस्था के प्रमुख केंद्रों, पर्यटन स्थलों को लगातार विकसित करने का काम केंद्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सहयोग से भोरमदेव मंदिर सहित अनेक विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से राशि आवंटित की गई है।

राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली से आए अतिथियों ने चक्रधर समारोह को गरिमामयी बनाया है। श्री सिंह ने कहा कि संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई पहचान दी। उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण से रायगढ़ घराने को प्रतिष्ठा दिलाई और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एक गोंड आदिवासी राजा द्वारा कथक नृत्य को इस ऊँचाई तक पहुँचाना इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद किया जाएगा। रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि इस भव्य आयोजन से रायगढ़ की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ रही है तथा यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है।

चक्रधर समारोह के अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया, नगर निगम के महापौर श्री जीववर्धन चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे।

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया में विराजे गणपति महाराज, गणपति बप्पा की जयकारा से गूंजा परिसर......

जशपुरनगर 27 अगस्त 2025 : गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में गणपति महाराज की स्थापना बड़े ही विधि-विधान और श्रद्धा भाव से की गई। पूजा-अर्चना के साथ वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    मुख्यमंत्री निवास परिसर में गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश का स्वागत किया। इस अवसर पर गणपति जी की आरती, पुष्प अर्पण और प्रसाद वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्री गणेश से प्रदेश की खुशहाली समृद्धि और सुख-शांति की कामना की। गणपति उत्सव के दौरान 11 दिनों तक प्रतिदिन विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। भक्तों के लिए सुबह-शाम आरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।सीएम कैंप कार्यालय में गणपति स्थापना के इस आयोजन से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया है।

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मुख्यमंत्री के सुशासन में नागरिकों को मिल रहा है प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य....204 श्रद्धालुओं जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना

जशपुर 27 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
       छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को श्रीरामलला दर्शन अयोध्या धाम यात्रा योजना अंतर्गत  27 से 30 अगस्त 2025 के यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया। जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 
             रवाना किए गए 204 श्रद्धालुओं में जशपुर विधानसभा से 64, कुनकुरी विधानसभा से 73 एवं पत्थलगांव विधानसभा से 67 श्रद्धालु शामिल हैं।

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