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मुख्यमंत्री ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ...टेक्नोलॉजी और नवाचार हब बनेगा छत्तीसगढ़ : सी एम श्री साय

 

रायपुर, 07 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों और ट्रिपल आईटी परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा, एकता और औद्योगिक विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह मिशन न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है— मोबाइल, सैटेलाइट, रक्षा प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी इससे जुड़े हैं। ऐसे में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसी पहल भारत की चिप क्रांति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशल मानव संसाधन, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और तकनीकी विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।  नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आईटी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें सेमीकंडक्टर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार  इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ अब स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस पर भी बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को लाभ मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि “हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाएं तथा भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दें।”

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। किंतु पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के कारण आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू, एम्स, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों ने राज्य को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान दी है।

श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। आज का युग टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इकोनॉमी का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से विश्वभर में जिस प्रकार कार्य प्रभावित हुए, उससे स्पष्ट है कि पावर टेक्नोलॉजी आज जीवन, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करती है। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा कि नवाचार, कौशल और काबिलियत ही भविष्य में आपकी वास्तविक उपयोगिता सिद्ध करेंगे। बड़ी उपलब्धियाँ वही व्यक्ति प्राप्त करता है, जो अपनी क्षमता को निरंतर तराशता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा दृष्टिकोण, संकल्प और निरंतर प्रयास से आता है। साउथ कोरिया के तकनीकी परिवर्तन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “हमें भी उसी प्रकार शिक्षा, तकनीक और शोध में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।”

वित्त मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता, शोध और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का होगा जो ज्ञान और नवाचार को अपनी शक्ति बनाएंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि “आपका नवाचार और आपका संकल्प भारत की तकनीकी पहचान को नई ऊँचाई देगा।”

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने अतिथियों को संस्थान की 10 वर्षों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान में विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण एवं उद्योग आधारित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल सुतावणे, आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष विश्वकर्मा, श्री मनोज कुमार मजूमदार सहित शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।

उल्लखेनीय है कि ‘मेक इन सिलिकॉन’ - स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी - ट्रिपल आईटी नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग के माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई डिजाइन समूह द्वारा आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके।
संगोष्ठी में वीएलएसआई डिजाइन और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उन्नत तकनीक, जैसे नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स, एमईएमएस, क्वांटम डिवाइस, तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इन क्षेत्रों में प्रगति न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगी बल्कि भारत के अनुसंधान और औद्योगिक विकास के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य भी करेगी।

राष्ट्रीय मिशन के तहत यह पहल सेमीकंडक्टर उपकरण, पैकेजिंग और फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता एवं नवाचार को गति देने का प्रयास है। संगोष्ठी में नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स की सहभागिता से कौशल विकास, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत मिशन की भावना के अनुरूप भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर नवाचार और निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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मुख्यमंत्री ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली हुए शामिल,‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री श्री साय

वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

छत्तीसगढ़ की फिज़ा में गूंजा राष्ट्रगीत, वंदे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव का अवसर बना खास

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन

‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का किया गया स्मरण

पूरे उत्साह के साथ देशभर में मनाया गया ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ

रायपुर 7 नवम्बर 2025/  ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ में भी बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर सभी ने “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का पुण्य स्मरण किया और अमर बलिदानियों को नमन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए और प्रधानमंत्री का उद्बोधन भी सुना।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का एक प्रवाह, एक लय और एक तारतम्य हृदय को स्पंदित कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का मूल भाव मां भारती है — यह भारत की शाश्वत संकल्पना, स्वतंत्र अस्तित्व-बोध और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आज़ादी का उद्घोष था, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने और स्वाधीन भारत के स्वप्न को साकार करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता आंदोलन में यह गीत क्रांतिकारियों की आवाज़ बना और यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र बन गया। श्री मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। विदेशी आक्रमणों और अंग्रेज़ों की शोषणकारी नीतियों के बीच  ‘वंदे मातरम्’ ने समृद्ध भारत के स्वप्न का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के नए स्वरूप का उदय देख रही है, जो अपनी परंपरा, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था, और यह गीत सदैव हमारे हृदयों में अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह गीत मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, कृतज्ञता और राष्ट्रधर्म की भावना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर मातृभूमि की वंदना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ इस कालातीत रचना के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण अध्याय है। इस अवसर पर वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ ही माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा स्मारक सिक्के का जारी होना एक ऐतिहासिक स्मृति है। श्री बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है, जिसने सदैव राष्ट्रीय गौरव, एकता और आत्मसम्मान की ज्योति प्रज्वलित की है। यह मातृभूमि की शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है, साथ ही भारत की एकता और आत्मगौरव की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस कालजयी रचना की सृष्टि की थी, जिसे बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ में शामिल किया गया। मातृभूमि की स्तुति में रचा गया यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा बना। अनेक क्रांतिकारियों ने “वंदे मातरम्” कहते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वंदे मातरम  भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1905 में बंगाल विभाजन के समय ‘वंदे मातरम्’ ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक यह गीत सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का मंत्र बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सुनते ही हृदय में ऊर्जा, गर्व और देशभक्ति का संचार होता है। यह गीत हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि, जल, अन्न और संस्कृति ही हमारी जीवनदायिनी शक्ति हैं। उन्होंने कहा, “यूरोप में भूमि को ‘फादरलैंड’ कहा जाता है, लेकिन भारत में हम अपनी भूमि को ‘मातृभूमि’ कहते हैं।” यह भाव रामायण के श्लोक “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” में  प्रकट होता है। ‘वंदे मातरम्’ भी इसी भाव से जन्मा हमारा ध्येय-वाक्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से भावी पीढ़ी को हमारे अतीत के संघर्षों और ‘वंदे मातरम्’ जैसी अमर रचनाओं की आज़ादी की लड़ाई में भूमिका के बारे में जानने का सुंदर अवसर मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें और इसे भारत माता तथा छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करें।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट का विमोचन किया। साथ ही, इस अवसर पर ‘वंदे भारत पोर्टल’ (vandematram150.in) का शुभारंभ भी किया। इस पोर्टल के माध्यम से देशवासी अपनी आवाज़ में ‘वंदे मातरम्’ रिकॉर्ड कर इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ सकते हैं। यह पहल लोगों को भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी का विस्तार से अवलोकन करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के सृजन से लेकर इसके राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारत के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के दौर की अनेक अनकही कहानियों को उजागर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को देश की आज़ादी के मूल भाव और ‘वंदे मातरम्’ की प्रेरक भूमिका से परिचित कराती है।

इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री मुकेश बंसल, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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यूनिसेफ और एसीई संस्था के सहयोग से स्वास्थ्य एम्बेसडरों का एकदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न 

जशपुर 07 नवम्बर 2025 : स्वास्थ्य के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जशपुर में एक दिवसीय स्वास्थ्य एम्बेसडरों का कार्यशाला होटल निरवाणा जशपुर में यूनिसेफ और एसीई संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया कार्यशाला में जशपुर जिले के कल 48 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया कार्यक्रम में जल स्वच्छता साफ सफाई और पर्यावरण संरक्षण संबंधित मुद्दों पर कार्यशाला आयोजित की गई। श्रीमती सरोज खलखो सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर के मुख्य आतिथ्य में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ कार्यशाला में श्री आशीष राज्य समन्वयक रायपुर (यूनिसेफ) श्री महेश जी एससीई संस्थान रांची विशिष्ट अतिथि  व शास्त्री कुमार जिला प्रभारी जशपुर  मदन प्रेमी जिला समन्वयक एबीएम उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नेराष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम‘‘ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समारोह का किया शुभारंभ

जशपुरनगर, 05 नवंबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम‘‘ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर में एक साथ “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया, जिससे राष्ट्रभक्ति और एकता का अद्भुत वातावरण बना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान “वंदे मातरम्” पर आधारित विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। इस ऐतिहासिक अवसर का सीधा प्रसारण देशभर के सभी जिलों, शासकीय कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में किया गया, जहाँ अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ और जनप्रतिनिधि एक स्वर में राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन में शामिल हुए।
   जशपुर जिले में कलेक्टरेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ श्री योगेश्वर उपाध्याय, पार्षदगण और जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने प्रधानमंत्री के साथ “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन करते हुए राष्ट्रप्रेम, एकता और गौरव का संदेश दिया।
     प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने उदबोधन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का महत्व और आजादी में आंदोलन में इसकी भूमिका का विस्तार से बताया। उन्होंने माँ भारती के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक शब्द नहीं, यह एक मंत्र है, एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है, और एक दृढ़ संकल्प है। जहाँ-जहाँ आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई, वहाँ “वंदे मातरम” गूँजा। क्रांतिकारी वीर सावरकर से लेकर शहीदों तक, सबके होंठों पर यही शब्द थे। महात्मा गांधी ने 1927 में कहा था कि “वंदे मातरम् अखंड भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। श्री अरविंदो ने इसे “मंत्र” बताया जो आंतरिक शक्ति को जगाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही भारत का राष्ट्रीय ध्वज समय के साथ बदलता गया हो, लेकिन जब भी वह फहरता है, हमारे हृदय से एक ही स्वर निकलता है “भारत माता की जय! वंदे मातरम”।  उन्होंने कहा कि आज जब हम इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो यह उन वीरों के प्रति श्रद्धांजलि है जिन्होंने “वंदे मातरम” कहते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए।
    विधायक श्री रायमुनी भगत ने कहा कि भारत की आज़ादी के दीवानों के लिए “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक मंत्र था। उन्होंने कहा कि गुलाम भारत के दौर में जब यह गीत गूंजता था, तो लोगों के भीतर आज़ादी के लिए मर-मिटने का उत्साह और जोश उमड़ पड़ता था। उन्होंने  कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इस राष्ट्रीय गीत के महत्व और उसके ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराना हम सभी का दायित्व है, ताकि उनमें भी राष्ट्रप्रेम और समर्पण की वही भावना जागृत हो सके।

           *चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन*

    भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
      राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके। प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम” विषय पर विशेष सभाएँ, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा। 
       राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी।

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जिले के सड़को का हो रहा बी.टी. पेंच रिपेयर का कार्य ,इस कार्य हेतु 450.00 लाख की राशि स्वीकृत

जशपुरनगर 07 नवम्बर 2025/लोक निर्माण विभाग जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर संभाग अंतर्गत् चल रहे बी.टी, पेच रिपेयर कार्य कुल लंबाई 220.70 कि.मी. हेतु राशि 450.00 लाख का स्वीकृति प्राप्त हुआ है। वर्तमान में बी.टी. पेच रिपेयर कार्य प्रगति पर है। जिनमें सरईपानी-बगीचा मार्ग में 17.00 कि.मी. एवं दोदरअम्बा-ढुलूकोना मार्ग 4.00 कि.मी. में कुल लंबाई 21.00 कि.मी. में बी.टी. पेच रिपेयर कार्य05 नवम्बर 2025 तक पूर्ण कराया जा चुका है तथा शेष कि.मी. को माह दिसम्बर 2025 तक पूर्ण करा लिया जायेगा।

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जशपुर जम्बूरी के आदर सत्कार से पर्यटक हुए खुश,चांदनी रात में आसमान में सितारों के नीचे पर्यटक स्टार ग्रेजिंग का लिया आनंद 

जशपुर 7 नवम्बर 25/ जशपुर जम्बुरी में पहले दिन 120 पर्यटकों का पंजीयन किया है। स्थानीय पाए जाने वाले शुद्ध दोना पत्तल में जशपुर भोजन परोसा गया है। पर्यटक जशपुर की लोक संस्कृति,लोक नृत्य, परंपरागत भोजन का मेहमानों ने आत्मीयता से लिया आनंद 

जशपुर में आए मेहमानों का आदर सत्कार देखकर पर्यटक बहुत खुश हुए।
 
संध्या बेला में चांदनी रात में आसमान के   सितारों के नीचे में जशपुर लोक संस्कृति लोक नृत्य और लोक कलाकारों के साथ जमकर झूमें और पर्यटकों ने लोक नृत्य का भरपूर आनंद लिया।
पर्यटकों के लिए जिला प्रशासन ने स्टार ग्रेजिंग सेशन का आयोजन किया गया था।

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जशपुर जम्बुरी 25 : 120 पर्यटक देशदेखा में रॉक क्लाइंबिंग का ले रहे आनंद


जशपुर 7 नवम्बर 25/ जशपुर जम्बुरी में लगभग 120 पर्यटकों ने देशदेखा में रॉक क्लाइंबिंग का आनंद पूरी सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी में कराई गई।

पर्यटक प्रकृति के बीच हरी-भरी वादियां में सुकुन के पल बिता रहे हैं। रॉक क्लाइंबिंग एक प्रकार का एक पर्वतारोहण खेल है। जिसमें प्राकृतिक चट्टानों या कृत्रिम दीवारों पर चढ़ना शामिल हैं।

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गांव केरे में पर्यटक होम स्टे में रहने के साथ ही जशपुर की संस्कृति रहन-सहन खान-पान का भी ले रहे आनंद 

विशेष लेख 

जशपुर 7 नवम्बर 25/ जिला प्रशासन द्वारा जशपुर जम्बुरी का आयोजन 6 से 9 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। जहां पर्यटकों को रूकने के लिए 
"होम स्टे" (Hom Stay) की सुविधा दी गई।
भिलाई से वरिष्ठ नागरिक का परिवार जशपुर जम्बुरी में शामिल हुआ है।
और जशपुर की सुन्दर वादियों संस्कृति खान पान का रहन सहन का भी आनंद उठा रहे हैं। जशपुर विकास खंड के ग्राम केरे में 8 होम स्टे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जहां पर्यटकों को सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराया गया है।
पर्यटकों ने जशपुर जम्बुरी के रहने, नाश्ता भोजन की सुविधा की सराहना की उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का अच्छी पहल है।

होम स्टे पर्यटकों को किसी स्थानीय व्यक्ति या परिवार के घर में ठहरना, जहाँ आप सिर्फ रहने की जगह नहीं पाते, बल्कि वहाँ के लोगों की जीवनशैली, संस्कृति और भोजन का अनुभव भी कर सकते हैं।

यह एक तरह का “लोकल अनुभव वाला ठहराव” (local cultural stay) होता है।

स्थानीय अनुभव: आप स्थानीय परिवार के साथ रहते हैं, जिससे उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराएँ समझ सकते हैं।
घरेलू खाना: होटल के बजाय घर का बना हुआ स्वादिष्ट खाना मिलता है। कम खर्च: आमतौर पर यह होटल से सस्ता होता है।


व्यक्तिगत माहौल: आपको परिवार जैसा माहौल मिलता है, और मेज़बान (host) अक्सर बहुत मददगार होते हैं।

 ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism): भारत में कई होम स्टे गाँवों या पहाड़ी इलाकों में होते हैं जैसे हिमाचल, उत्तराखंड, केरल, सिक्किम, असम आदि।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर व्यवसायियों को बड़ी राहत

क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई से जीएसटी भुगतान की सुविधा छत्तीसगढ़ में लागू

रायपुर 7 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर राज्य जीएसटी विभाग और कोष लेखा (ट्रेज़री) विभाग द्वारा व्यवसायियों के हित में जीएसटी रिटर्न के भुगतान हेतु क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई (UPI) सुविधा पूरे राज्य में लागू कर दी गई है। इस सुविधा की मांग जीएसटी लागू होने के प्रारंभिक काल से ही व्यापारी वर्ग, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा निरंतर की जा रही थी।

उल्लेखनीय है कि व्यापारिक वर्ग का कहना था कि यदि आधुनिक डिजिटल माध्यम जैसे यूपीआई और कार्ड भुगतान को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाए, तो राज्य में कर भुगतान और अधिक सुगम व पारदर्शी हो सकेगा। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए, करदाताओं की सुविधा और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दोनों विभागों को संयुक्त रूप से कार्य कर इसे शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह सुविधा अब प्रभावी हो गई है।

अब तक करदाताओं के लिए केवल नेट बैंकिंग और ओटीसी (Over the Counter) भुगतान के विकल्प ही उपलब्ध थे। इससे कई बार छोटे व्यापारियों और नए करदाताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बैंकों के जीएसटी पोर्टल से जुड़े न होने के कारण भुगतान करना संभव नहीं होता था, जबकि तकनीकी कारणों से भुगतान असफल होना, बैंक सर्वर का डाउन रहना या अंतिम तिथि पर पेमेंट फेल होना जैसी समस्याएँ भी आम थीं। ऐसे में अनेक करदाताओं को भुगतान के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की हानि होती थी।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि “राज्य सरकार करदाताओं को अधिकतम सुविधा देने के लिए निरंतर काम कर रही है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से जीएसटी भुगतान की यह नई सुविधा करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे भुगतान प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और पारदर्शी बनेगी, साथ ही छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल राज्य सरकार की इज  ऑफ डूइंग बिज़नेस और डिजिटल गवर्नेंस को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

यह सुविधा अब जीएसटी पोर्टल (www.gst.gov.in) पर उपलब्ध है। करदाता पोर्टल में लॉगिन कर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई ऐप से सीधे टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और जीएसटी भुगतान को और अधिक सहज तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाएगी।

इस नई पहल को राज्य में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और पारदर्शी कर प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और कर संग्रह दोनों में दक्षता बढ़ेगी तथा छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी डिजिटल टैक्स प्रशासन वाले राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

*“छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक और व्यापारी के लिए शासन की प्रक्रियाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाना है। करदाताओं के हित में जीएसटी भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई जैसी डिजिटल सुविधाओं का राज्यभर में विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल माध्यम से भुगतान की यह व्यवस्था व्यापारियों को न केवल सुविधा और गति प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को भी सुदृढ़ करेगी। हम चाहते हैं कि करदाताओं को किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कठिनाई का सामना न करना पड़े, और वे बिना किसी बाधा के अपने कर दायित्वों का पालन कर सकें। यह पहल छत्तीसगढ़ को डिजिटल भारत और ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस के मानकों पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल से सन्ना क्षेत्र के लोगों को मिलेगा घर के पास ही प्रत्येक बुधवार को एसडीएम लिंक कोर्ट,राजस्व कार्यों के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर

जशपुरनगर 6 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार अब अनुविभाग बगीचा अंतर्गत तहसील सन्ना में प्रत्येक बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बगीचा द्वारा लिंक कोर्ट का आयोजन किया जाएगा। इस व्यवस्था से सन्ना क्षेत्र के लोगों को अब अपने राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु बगीचा या अन्य स्थानों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस लिंक कोर्ट में तहसील सन्ना के 18 पटवारी हल्कों से संबंधित राजस्व प्रकरणों — अपील मामलों, धारा 145 के प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण एवं अन्य राजस्व विषयों की सुनवाई की जाएगी। न्यायिक एवं प्रशासनिक सुविधा को जनता तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीणों को अब स्थानीय स्तर पर ही त्वरित न्याय मिल सकेगा। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा है कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से सन्ना जैसे दूरस्थ क्षेत्र में यह पहल शुरू की जा रही है, ताकि लोगों को समय, धन और श्रम की बचत हो सके।

      लिंक कोर्ट की शुरुआत से न केवल ग्रामीणों की परेशानियां कम होंगी बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। इस व्यवस्था के तहत हर बुधवार को निर्धारित समय पर अधिकारी सन्ना में बैठकर विभिन्न प्रकार के राजस्व मामलों की सुनवाई करेंगे और मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे। यह पहल वास्तव में जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम है। इससे वर्षों से लंबित प्रकरणों का समाधान शीघ्र होगा और लोगों को अपने क्षेत्र में ही न्याय सुलभ होगा। यह कदम शासन के गांव के द्वार प्रशासन की भावना को साकार करता है, जिससे राजस्व व्यवस्था और अधिक सुगम और संवेदनशील बनेगी।

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बगीचा में जनसुविधा, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना के विकास कार्यों का कलेक्टर ने लिया जायजा

जशपुरनगर 6 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज नगर पंचायत बगीचा में नागरिक सुविधाओं, खेल अवसंरचना एवं स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्थल पर अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने इंडोर स्टेडियम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मंगल भवन के चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे सभी निर्माण कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। अटल परिसर में सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने पेड़ों में वॉर्म लाइट लगाने, बाउंड्रीवाल में रंग-रोगन पूर्ण करने और परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परिसर नगर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, अतः इसका सौंदर्यीकरण नागरिकों को एक बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। इस दौरान  नगर पंचायत अध्यक्ष बगीचा श्री प्रभात सिड्डाम, एसडीएम श्री प्रदीप राठिया, जनपद सीईओ श्री विनोद सिंह, निर्माण एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित निर्माण एजेंसी के कर्मीगण मौजूद रहे।

*इनडोर स्टेडियम बनेगा खेल प्रतिभाओं का नया केंद्र* -  

कलेक्टर श्री व्यास ने बगीचा शहर में निर्माणाधीन इनडोर स्टेडियम का भी अवलोकन किया। यहां दो बैडमिंटन वुडन कोर्ट तैयार किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने ड्राइंग डिजाइन देखकर चेंजिंग रूम, पार्किंग और टॉयलेट की व्यवस्था का जायजा लिया तथा पर्याप्त पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित करने कहा, जिससे भविष्य में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहूलियत हो। उन्होंने स्टेडियम की भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह स्टेडियम जिले के खेल प्रतिभाओं के लिए अभ्यास और प्रशिक्षण का सशक्त केंद्र बनेगा तथा युवाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु प्रेरित करेगा।

*बगीचा में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को मिल रही मजबूती* - 
कलेक्टर श्री व्यास ने बगीचा में 30 बिस्तर वाले निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा की और अस्पताल के पंजीयन काउंटर, ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, एक्स-रे कक्ष, माइनर ओटी, पार्किंग आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि यह अस्पताल बगीचा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे उन्हें उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने छत की वॉटरप्रूफिंग, पाइपलाइन व्यवस्था, टंकी की फिटिंग तथा वर्षा जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि भवन टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बन सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण की जाए जिससे क्षेत्र के लोगों को बगीचा में ही बेहतर और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं मिले।

*दो मंगल भवनों से सामाजिक कार्यक्रमों को मिलेगा नया आयाम* - 

कलेक्टर श्री व्यास ने इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन दो मंगल भवनों का भी निरीक्षण किया। इनमें से एक भवन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरा भवन मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 99 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। जिसकी नींव खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्टर ने श्रमबल बढ़ाकर शेष कार्य में गति लाते हुए तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मंगल भवनों के निर्माण से आम नागरिकों को विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा, जिससे सामाजिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को शीघ्र सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उद्यानिकी क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति, किसानों की आय में हुई बढ़ोतरी

विगत 22 माह में 1550 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की हुई वृद्धि, 2600 से ज्यादा कृषक हुए लाभान्वित

संरक्षित खेती को भी मिल रहा है बढ़ावा

जशपुरनगर, 05 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि विविधीकरण और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उद्यानिकी क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। पिछले 22 माह के दौरान जशपुर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से फल, सब्जी, मसाला तथा संरक्षित खेती के क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। जिले में कुल 1559 हेक्टेयर क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे 2628 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इन प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि जशपुर ने आत्मनिर्भर कृषि मॉडल की दिशा में एक ठोस और प्रेरणादायक कदम बढ़ाया है।
 *फल क्षेत्र विस्तार-* राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत विगत 22 माह में फल उत्पादन हेतु 550 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। जिसमें आम 350 हेक्टयर में, नाशपाती 100 हेक्टयर में और लीची 100 हेक्टयर में उत्पादित किया जा रहा है। इससे 957 किसान लाभान्वित हुए हैं। फल क्षेत्र के विस्तार से जिले के किसानों को दीर्घकालिक आय का स्थायी स्रोत प्राप्त।हुआ है।
   *सब्जी क्षेत्र विस्तार-* राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत विगत 22 माह में सब्जी उत्पादन हेतु 938 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार हुआ है। इसमें टमाटर 130 हेक्टयर में,  भिंडी 500 हेक्टयर में, लौकी 125 हेक्टयर में, करेला 50 हेक्टयर में और आलू 83 हेक्टयर में उत्पादित किया का रहा है।। जिसका लाभ 1432 किसानों को मिला है। इससे जिले में सब्जी उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ी हैं।
   *मसाला क्षेत्र विस्तार*-राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत विगत 22 माह में मसाला उत्पादन के क्षेत्र में भी जिले में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले में मसाला उत्पादन हेतु 71 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। जिसमें धनिया 40 हेक्टयर में, अदरक 16 हेक्टयर  में और हल्दी 15 हेक्टयर क्षेत्र में उत्पादित किया जा रहा है।  इससे 164 किसान लाभान्वित हुए हैं। मसाला फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह किसानों के लिए आय का नया मार्ग बना है।
     *संरक्षित खेती*-राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत जिले में संरक्षित खेती को भी प्रोत्साहन मिला है। शेडनेट हाउस में 10 हजार वर्गमीटर और प्लास्टिक मल्चिंग के माध्यम से कुल 70 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्नत खेती की जा रही है, जिससे 75 किसानों को लाभ हुआ है।  आधुनिक तकनीक से किसानों को वर्षभर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त हो रही है।

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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर मत्स्य विभाग के हितग्राहियों को सामग्री का किया वितरण

जशपुरनगर, 06 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर जिला मुख्यालय जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मत्स्य पालन विभाग के स्टॉल का निरीक्षण किया और विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री वितरित की। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मंत्री श्री जायसवाल को मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित आजीविकामूलक गतिविधियों और उनके माध्यम से लाभान्वित हो रहे ग्रामीणों की जानकारी दी।
       मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर  ग्राम झरगांव, जशपुर निवासी श्री दिनेश राम, ग्राम बालाछापर, जशपुर निवासी श्री सायसागर राम भगत एवं ग्राम चापाटोली, दुलदुला निवासी श्री सुनील राम को एक-एक नग जाल प्रदान किया गया। इसके साथ ही खूटीटोली, कुनकुरी निवासी श्री मकसूद खान को 01 नग जाल और 01 नग आईस बॉक्स दिया गया। इसके अलावा ग्राम कमतरा, कुनकुरी के युवा मछुआ सहकारी समिति कमतरा के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार एवं ग्राम आस्ता, मनोरा निवासी किसान कल्याण मछुआ सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री विपिन टोप्पो को 2-2 नग जाल और आईस बॉक्स प्रदान किया गया है। 
     इसी प्रकार गुलबहार स्व सहायता समूह घोलेंग के अध्यक्ष श्री दोमनिक बड़ा, लक्ष्मी स्व सहायता समूह बालाछापर श्री अध्यक्ष श्रीमती ललिता भगत, युवा मछुआ सहकारी समिति कमतरा के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार, किसान कल्याण मछुआ सहकारी समिति आस्ता के अध्यक्ष श्री विपिन टोप्पो और मकसूद खॉन को 10 वर्ष के लिए ग्रामीण तालाब, जलाशय का पट्टा आदेश दिया गया। हितग्राहियों ने इसके लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जायसवाल का आभार व्यक्त किया। 
   इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, श्री कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, रायगढ़ जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीएफओ श्री शशि कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्रीमती शारदा प्रधान सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती पर उद्यानिकी विभाग द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडेबल ऑइल पाम का किया गया विशेष प्रदर्शन

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर जिले रणजीता स्टेडियम जशपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे।
           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उद्यानिकी विभाग के प्रदर्शनी स्टाल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक उद्यान श्री करण सोनकर द्वारा जिले की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों की उद्यानिकी फसलों के अनुकूलता तथा जिले में उपलब्ध उद्यानिकी विकास की संभावनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
      स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने स्टाल में प्रदर्शित विभिन्न फल, सब्ज़ियाँ एवं उत्पादों का अवलोकन किया तथा ऑइल पाम के फल में विशेष रुचि व्यक्त की। उन्होंने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नेशनल मिशन ऑन एडेबल ऑइल-ऑइल पामश् के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की जानकारी भी ली और इसकी संभावनाओं की सराहना की।         
             इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग के स्टाल में  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत जिले के प्रगतिशील कृषकों  श्री अशोक राम, श्री दिलीप, श्री रामलाल सहित कुल 10 कृषकों को ग्राफ्टेड टमाटर एवं बैंगन पौधे तथा धनिया बीज का वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा लगाई गई यह प्रदर्शनी जिले में हो रही आधुनिक उद्यानिकी गतिविधियों, नवीन तकनीकों और फसलों की विविधता का सजीव परिचय प्रस्तुत की। जिसने आगंतुकों एवं कृषकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

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बरसात मौसम में क्षतिग्रस्त हुए सड़कों किया जा रहा मरम्मत, माटीपहाड़-छर्रा और पकईटिकरा पहुंच मार्ग रिपेयर का कार्य प्रगतिरत

जशपुरनगर 06 नवंबर 2025/वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त हुए सड़कों के मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग संभाग पत्थलगांव अंतर्गत  330.00 लाख की निविदा स्वीकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न मार्गों में बी.टी. पैच रिपेयर का कार्य किया जा रहा है। 
        वर्तमान में माटीपहाड़-छर्रा मार्ग लंबाई 3.00 कि.मी. तथा पकईटिकरा पहुंच मार्ग लंबाई 3.00 कि.मी. में बी.टी. पैच रिपेयर का कार्य प्रगतिरत है। दिसम्बर 2025 तक शेष अन्य मार्गों के बी.टी. पैच रिपेयर कार्य पूर्ण करा लिया जावेगा।

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जशपुर जम्बूरी के चार दिवसीय आयोजन में पर्यटकों का चंदन टीका रोली लगाकर किया गया आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 6 नवम्बर 2025/ जशपुर जिले में 6 से 9 नवम्बर तक ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। इस चार दिवसीय आयोजन में जिले के युवाओं के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी शामिल हुए हैं।

पहले दिन जशपुर जम्बुरी में आने वाले मेहमानों का पंजीयन किया गया।
पारंपरिक और आत्मीयता से मेहमानों को चंदन टिका रोली बांधकर स्वागत किया गया।

चार दिवसीय ‘जशपुर जम्बूरी’ में प्रतिभागियों को रोमांच, कला और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। पहले दिन पंजीयन एवं स्वागत सत्र के बाद आइस-ब्रेकर गेम्स और रचनात्मक आर्ट वर्कशॉप आयोजित किया गया दोपहर में रॉक क्लाइम्बिंग, ज़िपलाइन, जुमरिंग और रैपलिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियाँ होंगी, जबकि शाम को कल्चरल एंड फन इवनिंग तथा रात में स्टारगेज़िंग सेशन आयोजित किया जाएगा।

दूसरे और तीसरे दिन प्रतिभागियों को दो समूहों — देशदेखा और मयाली — में विभाजित किया जाएगा। मयाली समूह कायाकिंग, पैरामोटर, एटीवी, पेंटबॉल, हॉट एयर बलून जैसी वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आनंद लेगा, वहीं देशदेखा समूह रानीदाह जलप्रपात, सारुडीह चाय बागान और संग्रहालय भ्रमण करेगा। शाम को सरना एथनिक रिज़ॉर्ट में सांस्कृतिक एवं संगीत संध्या का आयोजन होगा। 
अंतिम दिन 9 नवम्बर को एडवेंचर और आर्ट रोटेशन का फाइनल राउंड तथा क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन होगा। दोपहर में समूह फोटो, फीडबैक सेशन और प्रतिभागियों की विदाई के साथ इस वर्ष का ‘जशपुर जम्बूरी’ संपन्न होगा।

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किसानों से धान खरीदी किया जाएगा 15 नवम्बर से 31 जनवरी 26 तक, अवैध धान के आवक को रोकने हेतु बनाए गए 21 चेक पोस्ट

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के  निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाना है। शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी अवधि तक जिले में अन्य राज्यों से अवैध धान के आवक को रोकने हेतु 21 चेक पोस्ट बानए गए हैं। इन चेक पोस्ट में विपतपुर, मकरीबंधा, कस्तुरा, करडेगा, सपघरा, बगुरकेला, सुण्डरू, स्ुाखरापारा, लवाकेरा, गढवामुण्डा, माटीपहाड़ छर्रा, बनखेता, तालड़ा, पेरवाआरा, नामनी चौक, सागजोर, पीड़ी, साईटांगरटोली, डड़गांव (चौकी मनोरा), भलमण्डा, सकरडेगा शामिल है।
        कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार 21 चेक पोस्ट पर निगरानी हेतु 03 पालियो में अधिकारी-कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। प्रत्येक चेक पोस्ट में 1 आरक्षक एवं 1 नगर सेना की भी  डयूटी लगायी गयी है। चेक पोस्ट से बिना अनुमति के धान लाना पाये जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा नियंत्रण कक्ष  के नम्बर 9244011192 या टोल फ्री नम्बर 18002333663 में इसकी सूचना दी जाएगी। जिसके आधार पर नियमानुसार प्रकरण निर्मित कर कार्यवाही की जावेगी। किसी अधिकारी-कर्मचारी के स्थानांनतरण होने के स्थिति में उनके स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी द्वारा उक्त डयूटी का सम्पादन किया जायेगा।

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वंदेमातरम् 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य में भी आयोजित होगें विभिन्न कार्यक्रम

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर चार चरणो में ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन चरणबद्ध कार्यक्रम के प्रथम चरण  07 से 14 नवंबर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण, 07 से 15 अगस्त, 2026 (हर घर तिरंगा के साथ) एवं चतुर्थचरण 01 से 07 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह) के साथ सम्पन्न होगा। 
         वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ पर आधारित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा होगा। 07 नवंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से समस्त शासकीय कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान में किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन पश्चात वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा, तत्समय संपूर्ण राज्य में एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया जाना होगा। बन्दे मातरम् के बोल और चुन पोर्टल yandemataram150.in में उपलब्ध है। आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जानकारी भी उक्त पोर्टल में अपलोड किया जाना है। उक्त कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार दूरदर्शन, आकाशवाणी, सोशल मीडिया, पत्र-पत्रिकाओं, रेडियो आदि माध्यम से किया जावे, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभागी शामिल हो सकें।

आयोजन हेतु विभिन्न गतिविधियां
            07 नवंबर 2025 को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधियों के आतिथ्य एवं स्थानीय अधिकारियों, प्रमुख हस्तियों और नागरिकों की उपस्थिति में व्यापक जनभागीदारी के साथ सभी जिलों में बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायत स्तर से प्रदेश स्तर तक समस्त शासकीय कार्यालय समस्त्त शैक्षणिक संस्थान एवं अन्य संस्थानों पर वंदे मातरम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया जाये।    
                 क्षेत्र के प्रमुख गायकों द्वारा वंदे मातरम के विभिन्न रूपांतरण प्रस्तुत करने के लिये संगीत समारोह का आयोजन एवं वंदे मातरम पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई जानी है तथा राष्ट्रीय समारोह में स्मारक, डाक टिकट और सिक्के जारी करने की फिल्म प्रदर्शन एवं वंदे मातरम पर आधारित कवि सम्मेलन, चित्रकला, रंगोली एवं प्रदर्शनी लागाए जा सकते है। समस्त कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो वेबसाईट पर भी अपलोड किया जाना होगा। राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुरूप राज्य क्षेत्र के सभी स्कूलों के बैंड द्वारा वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय कार्यक्रम विद्यालय, महाविद्यालयों में एन.सी.सी., एन.एस.एस., स्काउट आदि की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाना है। शैक्षणिक संस्थानो तथा विद्यालयों में वंदे मातरम को समर्पित विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिताए, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद पोस्टर निर्माण आदि गतिविधियां आयोजित किया जाना है। राज्य पुलिस बैंड सार्वजनिक स्थानों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे और इन कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया जाना है।
            राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित कार्यक्रमों में वंदे मातरम प्रसंग को शामिल कर मशाल रैली का आयोजन किया जाना है। वंदे मातरम ऑडियो बूथ सार्वजनिक, निजी भागीदारी के तहत प्रदेश में वंदे मातरम ऑडियो, वीडियो बूध स्थापित कर, वंदे मातरम गायन को रिकार्ड करके पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा है। yandemataram150.in पद पोर्टल में वंदे मातरम् की रिकार्ड की हुई धुन के साथ बोल की सुविधा उपलब्ध की गई है। जिसमें नागरिक अपनी आवाज में वंदेमातरम गाकर अपलोड कर सकेंगे।

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