ताजा खबरें


बड़ी खबर

अब कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं : प्रदेश में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण पूर्ण – 16,165 शिक्षक एवं प्राचार्य हुए समायोजित

रायपुर, 9 सितंबर 2025/
छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है। इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है।

युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है। 

जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है।

इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 


रायपुर - 09 सितम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 

1) मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

2) मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

 नीति की अवधि - नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती।
 उद्योगों को मिलने वाले लाभ - सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। 
 इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

3) मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

4) मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी। 

और भी

बगीचा के जूरूडांड हादसे पर कांग्रेस की राजनीति शर्मनाक, भाजपा का पलटवार– झूठ और शव की राजनीति से बाज आए विपक्ष.....


जशपुरनगर09 सितम्बर 2025 :  प्रदेश सरकार द्वारा जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को दिये गए मुआवजे की तुलना नौ लखा हार से करना शर्मनाक है। नौलखा हार मांगलिक और खुशियों का प्रतीक है। इस संकट और शोक की घड़ी में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लेतफलांग द्वारा इस तरह का बयान कांग्रेस की जनभावना विहिन संस्कृति को प्रदर्शित करती है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने उक्त बातें कही। वे जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित भाजपा के पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी। रायमुनि भगत ने कहा कि जुरूडांड़ में हुई भीषण सड़क दुर्घटना की सूचना पर वे रात को ही मौके पर पहुंच गई थी। उनके साथ पुलिस,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ता घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके स्वजनों को दिलासा देने में लगे हुए थे। विधायक भगत ने आरोप लगाया कि इस संकट की घड़ी के सबसे अहम बारह घंटे तक कांग्रेसी कही नजर नहीं आए। घटना के दूसरे दिन मृतकों के शव पर राजनीति करने कांग्रेसी पहुंचे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लेतफलांग द्वारा दिये गए बयान पर निशाना साधते हुए उन्होनें कहा नियम के अनुसार घटना में पीड़ितों को तात्कालिक सहायता के रूप में 25000 रूपये दिया जाता है। लेकिन कांग्रेसियों को यह भी किश्त की राशि है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी किस मानसिकता के लोग हैं। उन्होनें जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन का मोल धन दौलत से नहीं चुकाया जा सकता। महत्वपूर्ण यह होता है कि पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में किस प्रकार सांत्वना और सहायता दी जा रही है। प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित पत्थलगांव की विधायक गोमती साय ने कहा कि जिस पत्थलगांव घटना में दिए गए 50 लाख की मुआवजा राशि को लेकर कांग्रेसी शोर मचा रहे हैं,वह तात्कालिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खिरी में छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को अपने राजनीतिक स्वार्थपूर्ती के लिए लुटाने और गांजा तस्करी को संरक्षण से उपजे जनाक्रोश का परिणाम था। पत्थलगांव के पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा की मांग पत्थलगांव की जनता की थी। जुरूडांड़ मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पूरी सरकार,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सेवाभावना से पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम किया। जबकि कांग्रेस मृतकों व घायलों के परिवारों की भावनाओं को आहत करते हुए शव की शर्मनाक राजनीति कर रही है। पत्रकारवार्ता में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय,जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष साालिक साय,पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री मुकेश शर्मा,  जिला मंत्री संतोष सिंह, जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान, कार्यालय प्रभारी शरद चौरसिया, कृपा शंकर भगत,  शारदा प्रधान, विजय सहाय, सज्जु खान,  भूषण वैष्णव, राजकिशोर जायसवाल उपस्थित थे।
नहीं हुई किसी महिला की गिरफ्तारी -
  पत्रकारवार्ता में भाजपा की दोनो महिला विधायक रायमुनि भगत और गोमती साय ने कांग्रेस के उस आरोप को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया,जिसमें उन्होनें महिला डीडीसी आशिका कुजूर को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था वह स्वेच्छा से पुलिस बस में सवार हुई थी। सूर्यास्त के बाद महिला को थाना नहीं लाने की नियम की जानकारी दिया गया था। यह पूरा पुलिस के रोजनामचा में दर्ज है। इसके बाद भी कांग्रेस झूठ की राजनीति करने में तुली हुई है। 
पीड़ितों को मरहम ना लगाना कांग्रेस की आदत -
  पत्रकारवार्ता में भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान भी जशपुर के तात्कालिन विधायक विनय भगत दुर्घटना में पीड़ितों केपास नहीं पहुंचते थे। पत्रकार वार्ता में भाजपा ने जरूडांड़ के ही महेश्वर यादव को मिडिया के सामने लेकर आई। महेश्वर ने बताया कि 10 अक्टूबर 2020 को घर के सामने स्थित बिजली के खंबे में करंट प्रवाहित हो जाने से उनके पिता जोधन राम और मां प्रेमी बाई का निधन हो गया था। वे स्वयं भी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होनें फोन करके तात्कालिन विधायक विनय भगत को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विधायक या उनका कोई प्रतिनिधि जुरूडांड़ नहीं पहुंचा। और ना ही उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। महेश्वर यादव ने बताया कि सोमवार को जब उन्होनें इस संबंध में पूर्व विधायक विनय भगत से बात की तो उन्होनें चुप्पी साध ली। 
मृतक विपिन के पिता ने लगाएं गंभीर आरोप -
  भाजपा के प्रेस कांफ्रेंस में जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना में मृत 17 वर्षीय नवयुवक विपिन प्रजापति के पिता देव नारायण भी उपस्थित थे। उन्होनें मिडिया को दिये गए बयान में आरोप लगाया कि घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद वे अपने मृतक बेटे का अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंच गए थे। विपिन के पार्थिव शरीर को चिता में रखा जा चुका था तो कुछ कांग्रेसी मुक्तिधाम पहुंचे और 50 लाख मुआवजा दिलाने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार रोकने को कहा लेकिन उन्होनें कांग्रेसियों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। देवनारायण ने कहा कि जब बेटा से बढ़ कर रूपया नहीं है।

और भी

माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा ऋण वसूली के दौरान सवः सहायता समूह को अनावश्यक रूप से परेशान करने पर होगी शख्त कार्रवाई : कलेक्टर

 जशपुरनगर, 09 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जनपद पंचायत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के आधिकारियों की बैठक लेकर उनके कार्यक्षेत्र में संचालित विकासकार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सभी विकासकार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में  पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार भी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि यदि माइक्रोफाइनेंस कंपनियां ऋण वसूली के दौरान स्व-सहायता समूहों को अनावश्यक रूप से परेशान करती हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    बैठक के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वच्छता कार्यों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, सेग्रीगेशन शेड की प्रगति, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, तरल आअपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता श्रमदान की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिन ग्रामों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रहा है, वहां पर जल्द सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने ग्रामों में एक पलायन पंजी बनाने के निर्देश ताकि, गावों से बाहर अन्य राज्यों में जाकर काम करने वालों की वास्तविक जानकारी उपलब्ध रहे। कलेक्टर ने किसी भी प्रकार की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उस पर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। 
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को लोन रिकवरी रेट को संतुलित रखते हुए अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने ग्रामीण लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के  निर्देश दिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी सहित ढाबों का लगातार निरीक्षण कर मादक पदार्थ पाए जाने पर कठोर कार्यवाही के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 09 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
  बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोटपा एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिना लाइसेंस औषधि विक्रय करने वाले तथा एक्सपायरी दवाइयों के भंडारण और बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
  कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मेडिकल स्टोरों में अब तक सीसीटीवी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने ढाबों का सतत निरीक्षण कर मादक पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

और भी

जशपुर में 1800 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में जादू पिटारा का भव्य प्रदर्शन,यशस्वी जशपुर के नेतृत्व में साकार करता अभिनव अभियान


जशपुर 09 सितम्बर 2025 : 
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर के मार्गदर्शन तथा यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता के कुशल नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में जशपुर जिला हमेशा से नवाचारों के लिए जाना जाता रहा है। यहाँ की शैक्षिक पहल न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। इसी कड़ी में हाल ही में 1800 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में एक साथ जादू पिटारा का भव्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आयोजन यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत हुआ ।
यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षा के नए रूप से जोड़ती है, बल्कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के उस विजन को भी साकार करती है, जिसमें खेल-आधारित, अनुभवात्मक और आनंदमय शिक्षा पर जोर दिया गया है। जादू पिटारा, NCERT और शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया एक अभिनव शैक्षिक संसाधन है, जिसमें - कहानियाँ, चित्र पुस्तकें, खेल और गतिविधियाँ, शिक्षण सामग्री, मल्टीमीडिया संसाधन शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा को रटने से मुक्त कर बच्चों को सीखने का वास्तविक अनुभव देना है। 1800 से अधिक एक साथ जादू पिटारा का प्रदर्शन प्राथमिक विद्यालयों में किया गया । सभी प्राथमिक विद्यालयों को शामिल करने वाला यह छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना शिक्षण में खेल और गतिविधि आधारित दृष्टिकोण को मजबूती मिली ।
“यशस्वी जशपुर” जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार करना और शिक्षण को आनंदमय व रोचक बनाना है।
नई शिक्षा नीति 2020 कहती है कि- शिक्षा रटने पर आधारित न हो बल्कि अनुभवात्मक हो। प्राथमिक स्तर पर खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिले।
Foundational Literacy and Numeracy (FLN) पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखनाः पढ़ाई बोझ न लगकर आनंददायक लगे । इस कार्यक्रम उपरांत शिक्षकों का कहना है कि बच्चों की एकाग्रता और रुचि बढ़ी है। अभिभावक खुश हैं कि उनके बच्चे अब खुशी-खुशी स्कूल जाना चाहते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं। जशपुर ने यह साबित किया है कि - यदि जिले स्तर पर सामूहिक प्रयास किया जाए तो राष्ट्रीय नीतियों को जमीन पर उतारा जा सकता है। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता कहते हैं कि जशपुर जिले का यह प्रयास केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि नई शिक्षा नीति 2020 के सपनों को हकीकत में बदलने की दिशा में बड़ा कदम था। 1800 से अधिक विद्यालयों में जादू पिटारा का सामूहिक प्रदर्शन अपने आप में एक अनोखा कीर्तिमान है। यह साबित करता है कि - “जब शिक्षक, प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा के स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है ।’’
 इस कार्यक्रम आयोजन में शिक्षक मुकेश कुमार, देवकी प्रधान, मीना सिन्हा, अर्चना यादव एवं मनोज अम्बस्ट की भूमिका प्रमुख रही ।

और भी

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण कार्यशाला हुई संपन्न ।

जशपुर 09 सितम्बर 2025 : 

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। स्वामी आत्मानंद जशपुर के बाद सेजेस पतराटोली में कार्यशाला आयोजित होनी है।

शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला का लाभ कुल 8 विद्यालयों के 1000 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा। 


प्राचार्य विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर नगर में आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 180 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह कार्यक्रम 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 8 सितंबर तक चला। 

नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षक ऋतुजा पाटिल और शिवानी गोरखिया ने विद्यार्थियों को एआई की मूल अवधारणा और कार्यप्रणाली समझाई। सत्र में प्री टेस्ट और पोस्ट टेस्ट भी सम्मिलित किए गए हैं। छात्रों को एआई से संबंधित व्यावहारिक उदाहरणों के साथ एआई की अवधारणाएँ समझाईं गई।विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि वे एआई के प्रयोग से नई-नई चीज़ों की खोज और अन्वेषण कर सकते हैं। साथ ही, Canva AI के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई कि किस प्रकार इसका इस्तेमाल डिज़ाइन और क्रिएटिव कार्यों के लिए किया जा सकता है। प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है और यह तकनीक स्वास्थ्य, बैंकिंग तथा शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से उपयोगी हो रही है।  

कार्यक्रम का समन्वय नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर सुश्री नीलम चौधरी द्वारा किया गया। कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय और सेजेस की कंप्यूटर शिक्षिका सचिना मिंज भी उपस्थित रहीं।

और भी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक आयोजित...नक्सल विरोधी सहित विकास कार्यों की प्रगति पर हुई चर्चा 

रायपुर, 09 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान तथा विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, भारतीय वायुसेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन.....निकाली गई पोषण जागरूकता रैली


जशपुर 9 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके तहत जामजोर सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र बड़ाईकपारा में पोषण माह का आयोजन किया गया। पोषण माह अभियान के अंतर्गत जागरुकता रैली निकाल कर लोगों को पोषण के प्रति जागरूक किया गया। इस रैली में केन्द्र के बच्चे, शिशुवती गर्भवती माताएं. किशोरी बालिकाएं एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे। रैली में संतुलित पोषण, कुपोषण मुक्ति, पोषण आहार के प्रति लोगों को जागरुक किया गया।
         इसी तरह फरसाबहार परियोजना में भी पोषण माह का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के तहत कानूनी सहायता लेने हेतु जानकारी दी गयी। इसके साथ ही महिला हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 181 के बारे बताया गया । 
        पत्थलगांव के जरहापारा सेक्टर के सुखरापारा आंगनबाडी केन्द्र में पोषण माह में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत माताओं को सुनहरे 1000 दिन, मातृमृत्यु, शिशुमृत्यु, कुपोषण, स्वच्छता, एनिमिया, डायरिया आदि के संबंध में जानकारी दी गयी। इसके  अतिरिक्त  घरेलू हिंसा, महिलाओं की प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना आदि के बारे में जानकारी देते हुए इनसे बचाव के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी।

और भी

ऐतिहासिक विसर्जन झांकी में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय : विविध पौराणिक प्रसंगों एवं आधुनिक घटनाओं पर आधारित सुसज्जित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर 9 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 8 सितंबर की देर रात राजधानी रायपुर के हृदयस्थल जयस्तंभ चौक स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित स्वागत मंच पर पहुंचे और ऐतिहासिक गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल होकर झांकियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी अत्यंत ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने विघ्नहर्ता श्री गणेश से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि विगत दिवस राजधानी रायपुर में शाम 8 बजे से ही गणेश झांकी यात्रा प्रारंभ हो गई थी। इस बार भी निर्धारित रूट पर शारदा चौक से झांकियों को टोकन प्रदान किया गया। झांकियां तेलघानी नाका, राठौर चौक और तात्यापारा से होकर शारदा चौक में एकत्रित हुईं, तत्पश्चात एक-एक कर आगे बढ़ीं। ये सभी झांकियां जयस्तंभ चौक से होते हुए मालवीय रोड, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर, सुंदर नगर और रायपुरा मार्ग से होकर महादेव घाट तक पहुंचीं। इस वर्ष भी झांकियों को विभिन्न विषयों पर आकर्षक रूप से सजाया गया। इनमें विविध पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमान की झलक भी देखने को मिली। रायपुर की सड़कों पर झांकी के रूप में राफेल विमान का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एक झांकी में बप्पा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विराजमान दिखाई दिए। इन झांकियों को देखने के लिए न केवल रायपुर शहरवासी बल्कि आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे

और भी

क्षेत्र वासियों को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पमशाला से सराईटोला मार्ग निर्माण की मिली मंजूरी, 23 करोड़ 96 लाख की लागत से होगा सड़क का निर्माण......*


जशपुरनगर 09 सितम्बर 2025 । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है।इसी कड़ी में जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के एक और महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है।जिले के फरसाबहार–तपकरा मार्ग पमशाला से सराईटोला पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य को राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।यह मार्ग लगभग 11.50 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें पुल-पुलिया निर्माण का कार्य भी शामिल है। इस परियोजना के लिए राज्य शासन ने 23 करोड़ 96 लाख की राशि स्वीकृत की है।इस सड़क निर्माण की स्वीकृति से न केवल ग्रामीण अंचल को मजबूत और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को यातायात और संपर्क साधनों में बड़ी सहूलियत मिलेगी। सड़क निर्माण से किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास और अधिक गति पकड़ेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जशपुर जिले के विकास कार्यों की यह नई कड़ी मुख्यमंत्री की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें हर गांव और हर इलाके तक बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने का संकल्प है।

और भी

जिले में 484 आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मिली स्वीकृति , मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बच्चों और माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम


जशपुरनगर 09 सितम्बर 2025 :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्राथमिकता हमेशा से प्रदेश के बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को लेकर रही है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जशपुर जिले में 56 करोड़ से भी अधिक की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन पर 11 लाख 69 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार करोड़ों रुपए की राशि सीधे तौर पर जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर लगाई जाएगी। इससे न केवल बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक स्थायी और सुसज्जित कार्यस्थल प्राप्त होगा।


जर्जर भवन एवं अस्थाई से स्थायी भवन की ओर


अब तक अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हालत में या  किराए के मकानों में संचालित होते थे।ऐसे स्थानों में न तो बच्चों को बैठने की समुचित सुविधा मिलती थी और न ही साफ-सफाई का पर्याप्त वातावरण। लेकिन नए भवन बनने के बाद बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध होगा, जिससे उनकी शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियाँ व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी।


बच्चों और माताओं के लिए एक संपूर्ण केंद्र

नए आंगनबाड़ी भवन सिर्फ पढ़ाई या आहार वितरण का स्थान नहीं होंगे, बल्कि ये ग्रामीण समाज में पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता का केंद्र बनेंगे।
इन भवनों में बच्चों को पौष्टिक आहार ,खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था,नियमित स्वास्थ्य जांच,माताओं के लिए पोषण व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे जिले में कुपोषण को कम करने और शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में बड़ी भूमिका निभाई जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का संकल्प अब कोई भी बच्चा शिक्षा की कमी से नहीं होगा वंचित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा का संकल्प है कि जशपुर का कोई भी बच्चा अब कुपोषण और शिक्षा की कमी से वंचित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे और हर माता को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नए आंगनबाड़ी भवन आने वाली पीढ़ी के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे और प्रदेश में पोषण क्रांति की नींव मजबूत करेंगे।

ग्रामीणों की खुशी और सीएम साय के प्रति आभार

ग्रामीण अंचलों के लोगों ने इस नए आंगनबाड़ी भवन की  स्वीकृति का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाली साबित होगी। अब बच्चे अस्थायी कमरों में नहीं, बल्कि सुसज्जित भवनों में शिक्षा और पोषण प्राप्त करेंगे।

और भी

मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट....राज्य सरकार के कार्यों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर, 08 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया।

मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

सुश्री हेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख श्री विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

और भी

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट : क्षेत्रीय विकास को नई गति देने11 सितंबर को बस्तर में खुलेगा उद्योग और रोज़गार का नया द्वार

रायपुर 08 सितंबर 2025/क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग आगामी 11 सितंबर 2025 को बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रमुख निवेश संवर्धन पहल इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टोक्यो, ओसाका और सियोल में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। इन आयोजनों के माध्यम से नवंबर 2024 से अब तक ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार अब छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के माध्यम से निवेश संभावनाओं को बस्तर तक ले जा रही है, जो प्रदेश के सबसे गतिशील और संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है।

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत संतुलित क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी हो।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली अथवा 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इस नीति में औषधि निर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, आईटी एवं डिजिटल तकनीक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस व डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसके तहत बस्तर में होटल, इको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं जैसी परियोजनाओं पर 45 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 श्रेणी में आते हैं, जिससे निवेशकों को अधिकतम नीति लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत एससी/एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, वहीं नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। यह सरकार की सामाजिक पुनर्वास और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक अभिनव पहल के रूप में, नई औद्योगिक इकाइयों में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक उनके वेतन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम ₹5 लाख प्रतिवर्ष) उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, बस्तर में स्टील सेक्टर की इकाइयों को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक भरोसा मिलेगा और औद्योगिक विकास को स्थिरता प्राप्त होगी।

सरकार को उम्मीद है कि बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रमुख निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज और स्थानीय उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन सहयोग और विकास का एक उच्च-स्तरीय मंच साबित होगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है, जो बस्तर की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर के युवाओं को वह कौशल और अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके वे अधिकारी हैं और जिनसे वे छत्तीसगढ़ की विकास गाथा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे। औद्योगिक नीति की प्रत्येक पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और समृद्धि को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोच-समझकर तैयार की गई है।

बस्तर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन बस्तर के समग्र विकास को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह बस्तर को सतत् और समावेशी विकास का प्रतीक बनाएगा, जिसकी जड़ें क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना में गहराई से जुड़ी हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि अवसरों और लाभों का प्रवाह सीधे स्थानीय जनता तक पहुँचे।

और भी

ग्राम पंचायतों में पलायन पंजी का करें संधारण- कलेक्टर....रोजगार को बढ़ावा देने  योजनाओं से  लाभान्वित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

जशपुर, 08 सितंबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में सोमवार को विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों की समीक्षा करते हुए पलायन पर प्रभावी नियंत्रण बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा, जिसके तहत काम के लिए बाहर जाने वालों की पूर्ण जानकारी संकलित कर उनके कल्याण के लिए योजना निर्माण के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्राम पंचायतों में पलायन पंजी नियमित रूप से संधारित करने को कहा, ताकि किसी भी व्यक्ति को बाहर के राज्य में यदि को समस्या हो तो उन्हें त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके और बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थिति से लोगों को बचाया जा सके। पंजी में श्रमिक का नाम, दूरभाष नं., गंतव्य पूर्ण पता, नियोक्ता की जानकारी दर्ज अवश्य करवाने को कहा।
         उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को जिले में वित्तीय समावेशन को तीव्र गति से संचालित करते हुए प्रत्येक ग्राम के शत प्रतिशत लोगों को बैंकिग सेवाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए बैंकों की शाखाओं को खोलने के लिए ऐसे ग्राम जहां आस पास बैंक नहीं है उन्हें चिन्हित करने को कहा। उन्होंने एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए शासन की हितग्राहीमूलक योजना  जैसे मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना आदि का युवाओं को लाभ देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने पशुपालकों एवं मत्स्यपालकों को केसीसी द्वारा अल्पकालीन ऋण प्राप्त करने में आ रही समस्याओं का निराकरण कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
          उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को खदान नियमों के उल्लंघन की नियमित जांच कर उल्लंघन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेत खदानों से अवैध तरीके से रेत निकालने वालों पर कार्रवाई करने एवं अवैध परिवहन रोकने को कहा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटाने, नगरीय निकायों के कृष्ण कुंज, मधुबन वाटिका एवं नर्सरी की सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को पर्यटन के विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषणा किये गए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराने को कहा। कलेक्टर ने जिले के वन धन केंद्रों एवं बहुउद्देश्यीय केंद्रों में आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ वन ग्रामीण में सड़क निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई के साथ मिलकर कार्य करने को कहा।
         उद्योग विभाग के अधिकारियों को जिले में उद्योगों का रजिस्ट्रेशन करने एवं जिले में स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए  कम्पनी स्थापना, उसके लिए आवश्यक अनुज्ञप्तियों, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, कम्पनी रजिस्ट्रेशन आदि की जानकारी युवाओं को कॉलेजों एवं कार्यालय में कार्यशाला आयोजित कर प्रदान करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने को कहा। इसके लिए चार्टर अकॉउंटेन्ट, टैक्स कंसल्टेंट, जीएसटी कंसल्टेंट एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श की व्यवस्थास करने के निर्देश दिए।
        उन्होंने युवाओं को व्यवहारिक विषयों में ट्रेनिग देने के लिए कौशल विकास विभाग को निर्देश दिए। इसमें योग प्रशिक्षक, लैब टेक्नीशियन आदि कोर्स को भी शामिल करने के सुझाव दिए। युवाओं को एआई जैसे नवीन तकनीकों के ज्ञान के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदान करने को कहा। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, एसडीएम विश्वास राव मस्के सहित खनिज विभाग, श्रम विभाग, अंत्यावसायी निगम, वन विभाग, कौशल विभाग, लाइवलीहुड कॉलेज के अधिकारी उपस्थित रहे।

और भी

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आम लोगों की समस्याएं,निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

जशपुरनगर, 08 सितंबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
     कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी समय पर प्राप्त हो। आज जनदर्शन में कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधित मामले, साफ- सफाई, अधोसंरचना निर्माण, रोजगार सहित विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन शामिल थे।

और भी

आयुष्मान भारत योजना से मिला नया जीवन — 46 वर्षीय मजदूर कैंसर से पूरी तरह स्वस्थ

जशपुर 8 सितम्बर 25/  स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की पहल से आज गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रही है।

इसी योजना से जशपुर जिले के पुरानी टोली निवासी श्री वीरेंद्र खाखा (46 वर्ष) को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निजात मिली। वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं और मजदूरी कर घर चलाते हैं। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, ऐसे में महँगे इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था। लेकिन आयुष्मान कार्ड की मदद से उनका पूरा इलाज जिला अस्पताल जशपुर में नि:शुल्क हुआ। आज वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।


श्री वीरेंद्र खाखा बताते हैं – “करीब 9–10 महीने पहले मेरे मुँह में घाव हुआ था। पहले तो मैंने सोचा साधारण घाव होगा, लेकिन ठीक नहीं हुआ। तब मैं जिला अस्पताल जशपुर पहुँचा। वहाँ डॉक्टर साहब ने जांच कर रायपुर भेजा। रायपुर मेकाहारा में पता चला कि कैंसर है। शुरुआत में तो बहुत डर लगा कि अब क्या होगा और खर्च कैसे उठाऊँगा। रायपुर में दो कीमोथेरेपी हुई, लेकिन बार-बार जाना मेरे लिए मुश्किल था। फिर डॉक्टर लक्ष्मीकांत आपट ने कहा कि बाकी इलाज यहीं जशपुर में हो सकता है। मैंने यहाँ चार कीमोथेरेपी करवाईं।”

“इलाज में दवा, खून और सारी जांच नि:शुल्क हुई। आज मैं पूरी तरह ठीक हूँ, घाव भर चुका है। अब बच्चों के साथ सामान्य जीवन जी पा रहा हूँ। सच कहूँ तो अगर आयुष्मान कार्ड नहीं होता तो मेरा इलाज अधूरा रह जाता। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और सरकार का धन्यवाद करता हूँ कि गरीबों के लिए इतना बड़ा सहारा दिया।”

डॉ. लक्ष्मीकांत आपट, इंचार्ज डेकेयर कीमोथेरेपी, जिला अस्पताल जशपुर ने बताया –
“जब मरीज हमारे पास आए थे तो उनके मुँह में बड़ा घाव था। प्रारंभिक इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। वहाँ से वापस आने के बाद जशपुर में चार चरण की कीमोथेरेपी पूरी कराई गई। यह सब आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निःशुल्क हुआ। हाल ही में कराए गए सीटी स्कैन में किसी प्रकार की बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।”

और भी

सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की शिक्षा की राह हुई आसान,....शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय खरसोता की 23 बालिकाओं को मिला योजना का लाभ

जशपुर 08 डितम्बर 2025 : मनोरा  विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में प्राचार्य  तिन्तियुस टोप्पो के मार्गदर्शन में छग.शासन के निर्देशानुसार नि:शुल्क सरस्वती सायकल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें दिनेश्वर प्रधान (पूर्व बीबीसी) एवं  संजय भगत (एसएमडीसी सदस्य) की उपस्थिति में 23  छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल का वितरण किया गया।
       छात्रों को संबोधित करते हुए कहा - मेरे प्यारे बच्चों! शिक्षा एक ऐसा साधन है जो आपको हर विषम परिस्थितियों में साथ देगा। सायकल मिलने से अब आप लोगों  को विद्यालय नियमित आने में , पढ़ाई जारी रखने में सहायक होगा। मुझे विश्वास है कि आप सभी अच्छा पढ़ कर विद्यालय और अपने गांवों का गौरव बढ़ाएंगे।
विद्यालय में अध्यनरत कक्षा 9 वीं के छात्रा- कु. संतोषी भगत,अंसवंति बाई, विश्व भारती बाई, दीपिका बाई, राधिका बाई, खुश्बू बाई,सुहाना ईंदवार, साक्षी बाई, मोनिका प्रधान,सपना ओहदार,सुगंती बाई,हिना ओहदार, रंजीता बाई,अस्वंती भगत, प्रतिमा भगत, बुधनी बाई, अनिता बाई, विपाशा बाई,संजनी बाई, नव्या भगत, अनुप्रिया,विक्रांती बाई,रिंकीं बंजारे, हमीदा खातुन,प्रिया बाई, रविना बाई,सविस्ता खातुन,रुपैया खातुन को सायकल दिया गया। सायकल पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे।
           इस अवसर पर व्याख्याता  श्रीमती निर्मला भगत, श्रीमती जगमईत भगत, सरस्वती सायकल योजना के प्रभारी दिनेश कुमार राम, रोपना उरांव, अजित मिश्रा, मीना भगत, बीना कुजूर, अभिभावक एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित थे। सभी  ने छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

और भी