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जिले में शतरंज प्रतियोगिता का प्रशिक्षण आज से विद्यालयों में प्रारंभ, 10 दिसंबर को होगा जिला स्तरीय फाइनल

जशपुर 1 दिसम्बर 2025 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के निर्देश पर जिले में विद्यार्थियों के बीच प्रतिभा संवर्धन और बौद्धिक क्षमता बढ़ाने , खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने और जिले में खेल संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से आज से शतरंज प्रतियोगिता का प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है। शतरंज खेल को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ की गई Checkmate@jashpur कार्यक्रम के अंतर्गत यह प्रतियोगिता आयोजित होनी है। 

जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के के मार्गदर्शन में चल रही इस प्रतियोगिता में सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। रुचि रखने वाले मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाना है। 

पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन जिला स्तरीय आयोजन समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन जिला स्तर पर प्रतियोगिता 10 दिसंबर को पत्थलगांव में आयोजित होगी। 

जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर ने प्रतियोगिता के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया है। 1 से 3 दिसंबर तक विद्यालयों में विद्यार्थियों को खेल कालखंड में लगातार तीन दिनों तक 1 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।  सभी विद्यालयों में शतरंज खेलने वाले विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें आगामी तीन दिनों तक खेल कालखंड में प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण उनके विद्यालय में ही व्यायाम शिक्षकों , खेल प्रशिक्षकों या विद्यालय के शतरंज के जानकार‌ किसी एक शिक्षक के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाना है।

प्रतियोगिता का प्रथम चरण विद्यालय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जो‌ 4 से 5 दिसंबर तक चलेगा। विद्यालय स्तर पर नॉकआउट पद्धति से प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की एसेंबली में प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

इसके पश्चात विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता 6 और 7 दिसंबर को संबंधित विकासखंड मुख्यालय में आयोजित होगी। यह आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में नॉकआउट पद्धति से कराया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक विद्यालय से विद्यालय स्तरीय विजेता और उपविजेता खिलाड़ी शामिल होंगे। विकासखंड स्तर पर क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फाइनल के विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। 

अंतिम चरण के रूप में जिले स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता 10 दिसंबर को पत्थलगांव में आयोजित होगी। इसमें प्रत्येक विकासखंड से कुल आठ खिलाड़ी शामिल होंगे, जो विकासखंड स्तर पर क्वार्टर फाइनल , सेमी फाइनल और फाइनल के होंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी नॉकआउट पद्धति से खेली जाएगी तथा यहाँ अंतिम आठ स्थान प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

विशेष रूप से इस प्रतियोगिता में बालक और बालिका दोनों एक साथ भाग ले सकेंगे तथा इसमें उम्र अथवा कक्षा का कोई बंधन नहीं रखा गया है।

 कलेक्टर रोहित व्यास ने उम्मीद जताई है कि प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में रणनीतिक सोच, धैर्य और निर्णय क्षमता का विकास होगा तथा जिले में शतरंज के प्रति नई रुचि जागृत होगी।

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रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की प्ररधानमंत्री ने की अध्यक्षता,पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया

*प्रधानमंत्री ने पुलिस के बारे में जनता की धारणा बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी और पर्यटन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया*

*प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी, एआई और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड एकीकरण के विस्तारित उपयोग का आह्वान किया; द्वीप सुरक्षा, तटीय पुलिस व्यवस्था और फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार पर जोर दिया*

*सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसमें विजन 2047 पुलिस व्यवस्था रोडमैप, आतंकवाद निरोधक रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों का पता लगाना और फोरेंसिक सुधार शामिल रहे*

*प्रधानमंत्री ने आपदा से निपटने की बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया; चक्रवात, बाढ़ और प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण का आह्वान किया*

*प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया

*प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए; शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को नव स्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कारों से सम्मानित किया*

रायपुर 30 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' है।

प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।

सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।

प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

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प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का एक क्रांतिकारी कदम,26 हजार 400 पीएम आवास निर्माण स्वीकृत,


रायपुर, 30 नवम्बर 2025/प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी  के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत*

          प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं। 

*आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना*

          आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना।  सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना।  राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है ।  अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना। 

*योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान*

         प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई ब्यक्ति आवास पास करान,े क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ,नेचर फॉर्मिंग को बढ़ावा देने, खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की प्रशंसा

रायपुर, 30 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’  देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप,  केबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग श्री नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाई गई,अब 15 दिसंबर 2025 तक होगा पंजीयन, किसानों को होगी धान बेचने में आसानी....*


 
जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/ किसान हितों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरीफारवर्ड, डूबान तथा वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु निर्धारित समय सीमा बढ़ा दी गई है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब यह प्रावधान 15 दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध रहेगा। पूर्व में विभाग ने 30 नवम्बर 2025 तक इन प्रावधानों को समिति लॉगिन में उपलब्ध कराया था। किन्तु कैरीफारवर्ड, डूबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन की प्रक्रिया अभी जारी होने के कारण समय विस्तार आवश्यक पाया गया। इसलिए पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाया गया है। पंजीयन तिथि बढ़ने से छुटे हुए किसानों को सहूलियत होगी। साथ ही समितियों में धान बेचने में आसानी होगी।

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नारायणपुर में चक्र पूजा का समापन : गाजे बाजे के साथ निकला प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस,विसर्जन के जुलूस में थिरके श्रद्धालु

नारायणपुर :  पांच दिवसीय विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा का आज समापन हो गया। बीते पांच दिनों से नारायणपुर क्षेत्र में विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा को लेकर भारी चहल-पहल रही वहीं पंडाल में प्रतिदिन होने वाले धार्मिक आयोजनों की धूम मची रही। क्या महिला, क्या पुरूष और क्या बच्चे सभी  भक्ति में लीन होकर कल्याण की कामना करते रहे।

   वर्षों से चली आ रही चक्र पूजा की यह  पंरपरा के नारायणपुर में 5 दिनों तक धूमधाम से चली। जिनका विसर्जन रविवार को गाजे-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाल कर स्थानीय तालाब में किया गया। दो बजे भव्य जुलूस पंडाल से प्रारंभ होकर अटल चौक मुख्य मार्ग होते जय स्तम्भ चौक पहुंचा। यात्रा में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।विसर्जन जुलूस में काफी संख्या में महिलाएं पुरुष,बच्चे शामिल हुए. जुलूस के दौरान महिलाओं का हुजूम भक्ति गीतों पर थिरकता रहा।
अमृत सरोवर के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। 
        पुलिस प्रशासन ने विसर्जन यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को सामूहिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा।

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नवा रायपुर मेडिसिटी: मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत लिख रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर, 29 नवम्बर 2025/ स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।

नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं।

सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी। 

मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।

उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है। 

मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी।

*नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा।  मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा।-वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी*

*नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी  मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

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छत्तीसगढ़ की डिजिटल व्यवस्था ने बनाया मुश्किल काम आसान,भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त

रायपुर, 29 नवम्बर 2025/  डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली श्रीमती सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया।

विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी श्रीमती सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक  गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।

*इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा*

श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं।


*डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — श्रीमती सोनम त्रिपाठी*

श्रीमती सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया।
उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं।

*डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ*

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।

 सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है।

डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है।

*छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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जिले के बीईओ,एबीईओ और समस्त विद्यालयों के प्राचार्यों की जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने ली बैठक,लाफ़रवाही बरतने वाले पण्डरापाठ और  टट्केला के प्राचार्य को शो-काज नोटिस जारी 

जशपुर नगर 29 नवम्बर 25/ यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत् सीईओ अभिषेक कुमार ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सभी बीईओ,एबीईओ और जिले के समस्त शासकीय हाई व हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में परीक्षा परिणाम, पाठ्यक्रम पूर्णता, कक्षा दसवीं और बारहवीं के कम अच्छे बच्चों और मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों , जेईई और नीट की तैयारी, विद्यालय में कराए जा रहे हैं प्रयोगिक कार्यों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और विद्यालयों की मॉनिटरिंग की गहन समीक्षा की।

बैठक में जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के, जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने शिक्षा गुणवत्ता वृद्धि हेतु विभिन्न बिंदुओं पर बात की। 

सीईओ अभिषेक कुमार ने खराब परीक्षा परिणाम , अध्यापन में लापरवाही और अपूर्ण पाठ्यक्रम पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्राचार्यो को कड़ी हिदायत दी । साथ ही लापरवाही बरतने वाले हायर सेकेंडरी पण्डरापाठ और टट्केला विद्यालय के प्राचार्यों को शो-काज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के अध्ययन को लेकर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने लंबी अनुपस्थिति और अवकाश वाले विषय शिक्षकों के संबंध में और अध्ययन को लेकर मासिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए । साथ ही हायर सेकंडरी विद्यालय लवाकेरा के खराब रिजल्ट के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए।

एसडीएम विश्वासराव मस्के ने 1 दिसंबर से जिले के हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों में होने वाली जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता के विषय में आवश्यक तैयारियों की जानकारी के साथ विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ सफल आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर रोहित व्यास जिले में शतरंज के खेल को प्रोफेशनल रूप से विकसित करना चाहते हैं। जिले में खेल संस्कृति विकसित करना भी जिला प्रशासन का उद्देश्य है।

जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर ने परीक्षा परिणाम की गिरावट और विभाग की छवि धूमिल करने वाले किसी भी प्रकार के गंभीर कृत्यो पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी बैठक में दी। 

नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने समीक्षा बैठक में आगामी छमाही, प्री बोर्ड 1 और  बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बोर्ड परीक्षा के ब्लूप्रिंट के आधार पर अध्यापन, अंकों के अनुसार उत्तर लिखने का अभ्यास, सूक्ष्मता से मूल्यांकन और सुधारात्मक टीप सहित प्रत्येक दिवस तीन-तीन विषयों के डेढ़ घंटे के कालखंड के विषय में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा की। 

समीक्षा बैठक में सांख्यिकी अधिकारी किशोर केरकेट्टा, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय सहित समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGP/IGP कॉफ्रेंस का केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने किया उद्घाटन,कहा अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGsP/IGsP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है

हमने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा के घेरे को मजबूत बनाया है, इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या जो 126 थी, वो घटकर 11 रह गई है

पिछले 40 साल से देश के लिए नासूर बनें 3 हॉटस्पॉट नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर की समस्या के निराकरण का मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है, जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे

हमने NIA, UAPA कानूनों को सुदृढ़ बनाने, तीन नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए हैं

तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूर्णतः लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक होगी

हमने PFI पर बैन लगाकर देशभर में उनके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की, जो केंद्र - राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण बनी

Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy इन तीन बिंदुओं पर काम करके हम कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं

हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है कि इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच भी जमीन न मिल पाए

अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस NCB के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले

रायपुर 29 नवंबर 2025/केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर - की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक बन जाएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद पर मोदी सरकार की कार्रवाई का जिक्र कहते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया (PFI) पर बैन लगाने के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की गईं, जो केंद्र - राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy के तीन बिंदुओं पर काम कर कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने दोहराया कि हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है जिससे इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच जमीन भी न मिल पाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले।

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छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक,बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर - मुख्यमंत्री 

रायपुर 28 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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बस्तर में शांति और विकास की नई दिशा : 65 लाख के इनामी 10 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे,बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 28 नवंबर 2025 /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि  “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।

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नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार,जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम

रायपुर, 28 नवम्बर 2025/
 भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं।

बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानी

दुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे।
इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते।

20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा  द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है।

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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किसानों के लिए जरूरी खबर - शासन ने किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में किया प्रावधान : जिनके खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल आईडी में लिंक नहीं, वे समितियों में जाकर करवा सकते हैं अपडेट


रायपुर, 28 नवंबर 2025
धान खरीदी के संबंध में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान शासन द्वारा एग्री स्टेक पोर्टल में किया गया है। जिसके तहत एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत एक से अधिक खसरे वाले ऐसे किसान जिनके सभी खसरों में से कुछ खसरे पोर्टल में उनके एग्रीस्टेक आईडी में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं या लिंक होना शेष रह गए हैं, ऐसे खसरों की पहचान कर समितिवार सूची बनाई गई है, तथा उसे समितियों के बाहर चस्पा किया गया है। किसानों से आग्रह किया जाता है कि वे समितियों में जाकर अपने छूटे हुए खसरों का मिलान कर उसे पोर्टल में लिंक करवा सकते हैं। इसके लिए किसान समितियों के किसान सहायता केंद्र में सुबह 09 से 05 तक समितियों में जाकर वहां के ऑपरेटर अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। 
खाद्य अधिकारी  कबीरधाम ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी हेतु भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान को प्राप्त फार्मर आईडी के साथ उनके फॉर्म आई डी (खसरे) को लिंक किया जाना है। वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कृषक के ऐसे खसरे जो यूनीफाइड फार्मर पोर्टल में पंजीकृत थे वो कैरी फारवर्ड हो गए है परंतु वो समस्त खसरे एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ लिंक नही है, उनमें से कुछ खसरे लिंक होने रह गए हैं। इन समस्त छुटे हुए खसरों को एग्रीस्टेक पोर्टल में माध्यम से जोड़ा जाना है ताकि समिति स्तर पर ये सभी खसरे खरीदी हेतु उपलब्ध हो सके। कबीरधाम जिले पंजीकृत किसानों के ऐसे 34 हजार 566 खसरे हैं जो किसानों के एग्री स्टेक आईडी में लिंक होने शेष हैं। इन्हें लिंक कराने की प्रक्रिया किसान स्वयं समिति में जाकर करवा सकते हैं। इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित है।

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मुख्यमंत्री की पहल से जल संसाधन विभाग द्वारा मैनी नदी में बगिया बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79.38 करोड़ रूपए स्वीकृत


 
 
 
 रायपुर, 28 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड कांसाबेल की मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 79 करोड़ 38 लाख 78 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना से करीब 4831 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना का कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसान महतारी सम्मेलन स्थल से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जशपुरनगर 28 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने विगत दिवस ग्राम नारायणपुर में आयोजित किसान महतारी सम्मेलन के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत तैयार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम स्थल से रवाना किए गए इस रथ के माध्यम से 100 दिनों तक जिले में जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के मार्ग में गंभीर बाधा है। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर समाज को प्रेरित करेगा और बाल विवाह उन्मूलन के लिए आवश्यक जनभागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने अभियान की सफलता के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। यह अभियान जिला प्रशासन के साथ समर्पित संस्था के जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिले में चलाया जा रहा है। इस दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, वरिष्ठ नागरिक श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्णा राय, जनप्रतिनिधियों सहित, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अजय शर्मा एवं समर्पित संस्था के डॉ संदीप शर्मा, अंजलि ताम्रकार, मनीष छाबड़ा, बबीता ताम्रकार, रानी नायक मौजूद रहे।

*100 दिनों तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता* - 
यह अभियान जिला प्रशासन तथा समर्पित संस्था (गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर छ.ग.), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। समर्पित संस्था के प्रतिनिधि और स्वयंसेवक जिलेभर में जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। रथ पर बाल विवाह मुक्त भारत  से संबंधित संदेश, नारे और जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई है। ‘आओ मिलकर बढ़ाएँ कदम, बाल विवाह मिलकर करें ख़त्म’ जैसे प्रेरक संदेश इसका मुख्य आकर्षण हैं। रथ अगले 100 दिनों में सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और समुदायों में पहुँचकर जनसंवाद, नाटक, परामर्श सत्र एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाएगा।

*समुदाय सहभागिता से होगा बाल विवाह का उन्मूलन* - 
रथ ग्रामीणों, अभिभावकों और किशोर-किशोरियों को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और सुरक्षित भविष्य के महत्व की जानकारी देगा। स्थानीय पंचायतों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और युवाओं की सहभागिता से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया

जशपुरनगर 28 नवम्बर 2025/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र कुमार साहू के उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर में न्यायाधीशों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संविधान की आत्मा अर्थात संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया।
             कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों, नैतिक मूल्यों, समानता, न्याय, स्वतंत्रता, बंधुत्व एवं अवैधानिक मूल्यों को सुदृढ करना तथा सभी को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा। उक्त कार्यक्रम में श्री शैलेष अच्युत पटवर्धन, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर, श्री जनार्दन खरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) जशपुर, श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर के अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, श्री क्रांति कुमार सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी जशपुर, कु श्वेता बघेल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, कु चैताली खाण्डेकर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के प्रथम अति न्यायाधीश जशपुर, कु पूनम नाशिने प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के द्वितीय अति. न्यायाधीश जशपुर, कु नेहा तिर्की, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के तृतीय अति. न्यायाधीश जशपुर एवं जिला न्यायालय जशपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
             श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में शास उच्यतर माध्यमिक विद्यालय गम्हरिया जिला पंचायत तथा बालकगृह जशपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त जागरूक्ता कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, कु. चैताली खाण्डेकर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के प्रथम अति न्यायाधीश जशपुर, कु. पूनम नाशिने प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के द्वितीय अति. न्यायाधीश जशपुर, कु. नेहा तिर्की, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी के तृतीय अति. न्यायाधीश जशपुर तथा अधिकार मित्र श्री निरंतर कुजूर उपस्थित रहें। 
          उक्त जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्य, शिक्षा का अधिकार तथा अन्य कानूनी अधिकारों से लोगों को जागरूक करना रहा। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में नशीली दवाओं के दुरूपयोग एवं अवैध तस्करी के संबंध में कानूनी जानकारी, नशा मुक्ति, बालश्रम निषेध, मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम, नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012, समझौते के माध्यम से प्रकरण निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत, निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में विद्युत अधोसंरचनाओं का तीव्र गति से हो रहा विकास,ग्राम सोनक्यारी एवं महेशपुर में 33/11 केवी उपकेंद्र  का हुआ लोकार्पण

जशपुरनगर, 28 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नारायणपुर में आयोजित किसान एवं महतारी सम्मेलन में जिस सोनक्यारी एवं महेशपुर में 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया, इसका लाभ लगभग 27 ग्रामों के 12 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा। इन उपकेंद्रों से उच्च गुणवत्तायुक्त विद्युत की आपूर्ति हो सकेगी। 
    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विकासखंड मनोरा अंतर्गत ग्राम सोनक्यारी में निर्मित 3.87 करोड़ की लागत से  33/11 केवी, 3.15 एमवीऐ क्षमता का उप केंद्र, 22 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 9.4 किलोमीटर 11 केवी की लाइन एवं 4 नंबर 11 केवी फीडर का निर्माण से क्षेत्र के लगभग 17 ग्रामों के 5500 उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
    इसी तरह पत्थलगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम महेशपुर में निर्मित 3.38 करोड़ रूपए की लागत से 33/11 केवी, 3.15 एमवीऐ क्षमता का उपकेंद्र, 20 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 8 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 4  नंबर 11 केवी फीडर का निर्माण से लगभग 10 ग्रामों के 6500 उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।

*विद्युत तारों के विस्तार और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विस्तार*

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के समग्र विकास के लिए एक व्यापक विजन पर कार्य हो रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। जिले के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक संपर्क मार्गों, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने हेतु अधोसंरचना निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। 
     हर घर बिजली की पहुंच हो,इसके तहत नए विद्युत सब स्टेशन की स्थापना, खंभों का निर्माण, विद्युत तारों के विस्तार और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। साथ ही जहां भी लो वोल्टेज की समस्या है उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है, इससे हर रोशन तो होंगे ही औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

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