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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले: आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था, साइबर तहसील, डिजिटल भूमि अभिलेख, ऑटो म्यूटेशन और सीमांकन प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, विशेष सचिव श्रीमती इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव श्री अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को बड़ी सौगात, ऐक्सिस बैंक से एमओयू के बाद मिलेगा करोड़ों का बीमा कवर और परिवारों को वित्तीय सुरक्षा

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक श्री आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

         एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी। 

       इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी श्रीमती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की बदली तस्वीर, जीपीएम में 9 हजार से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

रायपुर, 7 जुलाई 2026। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल लगातार प्रभावी परिणाम दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में जिले की बड़ी सफलता है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 10 हजार 124 लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध अब तक 9 हजार 95 महिलाएं लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल कर चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति, बिहान मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला प्रशासन के सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार, समाज और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।

जिले में वर्तमान में 6 हजार 10 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1 लाख 92 हजार रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को नई गति मिली है। इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, बैंकिंग सेवाओं से जुड़ाव तथा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले की बड़ी संख्या में महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

लखपति दीदी अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास किया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

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बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान: मंत्री राजेश अग्रवाल ने शाला प्रवेश उत्सव में बांटी साइकिलें, शिक्षा को बताया सफलता की सबसे मजबूत सीढ़ी

रायपुर, 07 जुलाई 2026।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (अंग्रेजी माध्यम), ब्रम्हरोड अंबिकापुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा को जीवन में सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने और बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं को साइकिल वितरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे बेटियों की विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी तथा वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।

उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन करें, अनुशासन और मेहनत को अपना जीवन मंत्र बनाएं तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और प्रदेश का नाम रोशन करें। आज का परिश्रम ही कल की सफलता का आधार बनेगा।

मंत्री श्री अग्रवाल ने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक नवाचार कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के माध्यम से प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के बल पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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पंडवानी की विश्वविख्यात साधिका स्व. तीजन बाई की स्मृति में सजेगा भव्य श्रद्धांजलि समारोह, गीत-संगीत, पंडवानी और लोककलाओं की प्रस्तुतियों से गूंजेगा मुक्ताकाशी मंच

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ. श्रीमती तीजन बाई को 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित होगा। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ के पद्मश्री एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित लोक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस महान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जिन्होंने पंडवानी जैसी लोकवाचिक परंपरा को गांव के चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित   सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया। गीत, संगीत, पंडवानी, लोकगायन और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक चेतना के उस स्वर्णिम अध्याय को नमन है, जिसे डॉ. श्रीमती तीजन बाई ने अपने संपूर्ण जीवन की साधना से रचा।
पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश और विश्व के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ भारतीय लोककला का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ, जिसने पंडवानी को नई प्रतिष्ठा, नई पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया।
24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया और उसी समय यह संकल्प लिया कि वे पंडवानी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाएंगी। उस दौर में महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेदमती शैली में बैठकर पंडवानी प्रस्तुत करने की परंपरा थी, लेकिन उन्होंने साहस के साथ कपालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। अपनी दमदार आवाज, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली भावाभिव्यक्तियों से उन्होंने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और इसे जन-जन तक पहुंचाया।
प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डॉ. तीजन बाई ने 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर न केवल इस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। वे विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन गईं।
पांच दशक से अधिक समय तक उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में जीवंत किया। उनके मंचन में गायन, अभिनय, संवाद, भावाभिव्यक्ति और लोकभाषा का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने सिद्ध किया कि लोककला किसी क्षेत्र विशेष की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की सांस्कृतिक विरासत है।
उनकी अनुपम कला साधना के लिए उन्हें पद्मश्री (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्मविभूषण (2019) तथा डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इन सम्मानों ने उनके गौरवशाली सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम वास्तव में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण है। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कला साधना, संघर्ष और पंडवानी की गौरवशाली परंपरा को साकार करेंगे।

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ग्रामीण महिलाओं की सफलता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का बनेगा भव्य उत्सव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया जाएगा 'दीदी के गोठ' का प्रथम वार्षिकोत्सव

रायपुर, दिनांक 7 जून,2026/
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान अंतर्गत संचालित “दीदी के गोठ” कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल, प्रेरणादायक एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन 09 जुलाई 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की प्रेरक कहानियों, उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता एवं आजीविका में प्राप्त उपलब्धियों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्मानित करना है। “दीदी के गोठ” ने बीते एक वर्ष में महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री एव पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा की जाएगी।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएँ एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित होकर इस सफल यात्रा के साक्षी बनेंगे।

विदित हो कि “दीदी के गोठ” के प्रथम एपिसोड का प्रसारण अगस्त 2025 में हुआ था, जो “लखपति दीदी” विषय पर केंद्रित था। इसके उपरांत प्रत्येक माह के द्वितीय गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों की समूह की महिलाओं द्वारा ड्रोन दीदी, एफपीसी, जेंडर, सरस मेला, वित्तीय जागरूकता, साइबर सुरक्षा, सरस मेला तथा “छत्तीसकला” ब्रांड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सफलता की प्रेरक कहानियाँ प्रस्तुत की गईं। “दीदी के गोठ” की एकवर्षीय सफल यात्रा का विशेष प्रसारण 09 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

“दीदी के गोठ” ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। यह मंच न केवल संवाद का माध्यम बना है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व एवं आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में वर्षभर की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण, “दीदी के गोठ” में प्रतिभागिता करने वाली महिलाओं का सम्मान तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन- बिहान द्वारा सभी नागरिकों ,संबंधित हितधारकों, स्व सहायता समूहों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया से आग्रह किया गया है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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जंगलों की सुरक्षा में तकनीक का कमाल: 5 मिनट में मिलता है आग का अलर्ट, छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम बना वन संरक्षण का नया प्रहरी

                धनंजय राठौर 
              संयुक्त संचालक, 
          अशोक कुमार चंद्रवंशी 
         सहायक जनसंपर्क अधिकारी 

      ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो जंगलों में आग लगने की घटनाओं का तुरंत पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करती है। भारत में, भारतीय वन सर्वेक्षण और विभिन्न राज्य वन विभाग फोरेस्ट फायर अलर्ट एंड मानिटरिंग सिस्टम सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। जंगल की आग को ध्यान में रखते हुए श्फोरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम संस्करण 2.0श् लाया गया है और पूरी प्रक्रिया को स्वचालित बना दिया गया है।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। इसी दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है।

         वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह तकनीक वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी बना रही है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

*अब कुछ ही मिनटों में मिलती है आग लगने की सूचना*

        पहले वनाग्नि की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। इस दौरान आग कई बार बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। अब नई स्वचालित प्रणाली के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है। इससे समय रहते आग पर नियंत्रण संभव हो रहा है।

*उपग्रह तकनीक से होती है सटीक निगरानी*

        यह प्रणाली अत्याधुनिक उपग्रह तकनीक पर आधारित है। उपग्रह जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करता है। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर संबंधित वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को तत्काल एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेज दिया जाता है।

*रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता*

         वन विभाग ने इस प्रणाली को जीआईएस आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। इसके माध्यम से अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी सहायता मिलती है।

*जनजागरूकता और पूर्व तैयारी पर विशेष जोर*

         वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग केवल तकनीक पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण तथा मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं, ताकि आग की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।

*सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षित वन*

        वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप का कहना है कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका मानना है कि यह प्रणाली वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल साबित होगी।

*वन संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल*

        छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना प्रणाली और प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे वनाग्नि पर समय रहते नियंत्रण संभव हो रहा है और राज्य की अमूल्य वन संपदा, वन्यजीवों तथा पर्यावरण की सुरक्षा को नई मजबूती मिल रही है। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली आदिवासी परिवार की तकदीर, कच्ची झोपड़ी से ‘पूर्ण घर’ तक पहुंचीं सोमारी बाई, अब बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य का संवर रहा सपना

रायपुर, 7 जुलाई 2026 / अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के घर में सम्मान के साथ रह रहा है।

*हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च थी बड़ी परेशानी*
          अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यीय परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी की मार के साथ हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी थी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अपना पक्का मकान तैयार किया।

*जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना अवसम स्वच्छ भारत मिशन का भी मिला लाभ*
         सोमारी बाई के घर को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से ‘पूर्ण घर’ के रूप में विकसित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया। वहीं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से मकान निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया, जिससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला।

*बचत से हो रही बच्चों की पढ़ाई*
         नए पक्के घर ने सोमारी बाई के परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब उन्हें हर वर्ष मकान की मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और बीमारियों से भी राहत मिली है, साथ ही सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।अपनी खुशी साझा करते हुए सोमारी बाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा— यह 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव का सम्मान

रायपुर 7 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर सशक्त होती उसकी भूमिका का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी कूटनीति ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है तथा मित्र देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व समुदाय में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना के साथ वैश्विक शांति, सहयोग और साझा समृद्धि के लिए निरंतर योगदान देता रहेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अहम मुलाकात, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जशपुर क्षेत्र का झारखंड से वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है, जिसने दोनों राज्यों के लोगों के बीच विश्वास और निकटता को निरंतर मजबूत किया है।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण, 221 करोड़ की परियोजना से व्यापार और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा रायपुर के डूमरतराई में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण समारोह अब 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का लोकार्पण एवं नामकरण कर इसे प्रदेशवासियों और व्यापारियों को समर्पित करेंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था, किन्तु अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह समारोह 8 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह अत्याधुनिक थोक बाजार व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुगम यातायात व्यवस्था, सुव्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।

डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे व्यापारियों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित व्यावसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं समग्र थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिलेगी।

यह नवीन थोक बाजार प्रदेश के व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसरों का सृजन करते हुए रायपुर को एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली यह परियोजना उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

लोकार्पण एवं नामकरण समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, गणमान्य नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।

डूमरतराई का नवीन थोक बाजार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं ,आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जशपुरनगर 07 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 35 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अनुविभागवार की समीक्षा, साइबर अपराध, गौ-तस्करी, नशा कारोबार और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती के दिए निर्देश

जशपुर, 7 जुलाई। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय जशपुर के सभाकक्ष में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपराध समीक्षा बैठक लेकर जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक, साइबर सेल सहित विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी ने अनुविभागवार लंबित अपराध, चालान, शिकायत, मर्ग एवं विवेचना की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी प्रभारियों को तय समय-सीमा में लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विवेचना में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना एवं चौकी प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वाले विवेचकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विवेचक के कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए तथा विवेचना की गुणवत्ता और दोषसिद्धि बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मजबूत अभियोजन के लिए वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक विवेचना आवश्यक है।

बैठक में जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर विशेष जोर दिया गया। डीआईजी एवं एसएसपी ने अवैध शराब, गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी, गौ-तस्करी, जुआ, सट्टा, अवैध कारोबार तथा आर्म्स एक्ट सहित अन्य मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में पुलिस की किसी प्रकार की संलिप्तता पाई गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने, निगरानी बदमाशों एवं गुंडा तत्वों की नियमित निगरानी करने तथा उनके निवास स्थानों की लगातार जांच करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही शाम के समय पैदल मार्च, कॉम्बिंग गश्त और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने पर बल दिया गया ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो सके।

बैठक में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साइबर सेल को थाना एवं चौकी स्तर पर तत्काल तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों, ऑनलाइन ठगी के मामलों तथा वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

डीआईजी एवं एसएसपी ने "पुलिस मितान" योजना को सामुदायिक पुलिसिंग का मजबूत आधार बताते हुए प्रत्येक थाना एवं चौकी प्रभारी को अपने क्षेत्र के पुलिस मितानों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने, कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस मितान पुलिस और समाज के बीच विश्वास का मजबूत सेतु हैं, जिनकी सक्रिय भागीदारी से अपराध नियंत्रण और जनसहयोग दोनों मजबूत होंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम की जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा प्रभारी अधिकारी एवं कर्मचारी को सौंपने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि थाना आने वाला कोई भी शिकायतकर्ता निराश होकर वापस नहीं लौटना चाहिए तथा सभी शिकायतों पर निष्पक्ष, संवेदनशील एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बैरिकेड लगाकर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और यातायात नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल, एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, उप पुलिस अधीक्षक भावेश कुमार समरथ, जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, रीडर मुकेश झा तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

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सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में अब नहीं चलेगी लापरवाही, कलेक्टर रोहित व्यास ने समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, कहा— हर आवेदन का हो गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण

जशपुरनगर 07 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं समय-सीमा अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव दिए तथा सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए बनेगी कार्ययोजना

बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने राजस्व विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि आम नागरिकों की अधिकतर समस्याएं राजस्व मामलों से जुड़ी होती हैं। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और जनजागरूकता के निर्देश

बारिश के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं जलप्रपात क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को फिसलन भरी चट्टानों एवं जोखिम वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने तथा पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

वज्रपात से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलेगा

जशपुर वनांचल क्षेत्र होने के कारण वर्षा ऋतु में वज्रपात की घटनाओं की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों, आश्रम-छात्रावासों एवं अन्य शासकीय भवनों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।

एचपीवी टीकाकरण अभियान में लाई जाए और तेजी

बैठक में कलेक्टर ने किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाकर अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व से अवगत कराने तथा कन्या छात्रावासों एवं विद्यालयों में विशेष अभियान संचालित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।

माई भारत' पोर्टल पर अधिक से अधिक युवाओं का हो पंजीयन

बैठक में 'मेरा युवा भारत (माई भारत)' अभियान के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित की गई। कलेक्टर ने बताया कि 1 जुलाई से 15 अगस्त तक विशेष पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं का माई भारत पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्कूलों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित कर विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने तथा युवा सहभागिता वाले सभी कार्यक्रमों में अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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मुख्य सचिव की हाई लेवल बैठक में बड़ा फैसला: बैकलॉग के सभी रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, विभागीय योजनाओं की प्रगति पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

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मांझीगुडा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय को मिली आधुनिक तकनीक की सुविधा, आईटी शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।

       लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा। 

          इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

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सरकारी व्यवस्था से खत्म हुई खाद के लिए भटकने की परेशानी, कम कीमत पर मिल रही यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक, महिला किसान बोलीं— "विष्णु राज में किसान सच में खुशहाल हैं"

जशपुर 7 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानो को मिल रहा है खाद और बीज ।

 जिले के हर किसान को अच्छे और किफायती दामों में खेती किसानी करने के लिए खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को काफी सहूलियत मिल रही है। जिले समेत अन्य ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों में खाद वितरण का काम सुचारू रूप से की  जा है। 

 प्रतिदिन किसान अपनी स्थानीय सोसायटी से खाद, यूरिया तथा अन्य खेती के लिए लगने वाली सामग्री कम कीमतों में ले जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि पहले हमें सभी सामग्री के लिए हर दुकानों में जाना पड़ता था, जहां हमें महंगे दामों में सामान मिलता था। इस बार काफी सहूलियत मिल रही है। अब किसानी के लिए न ही ब्याज में पैसे लेने पड़ते हैं और न ही किसी भी प्रकार का लोन लेना पड़ता है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है।
छत्तीसगढ़ शासन हमारी सहायता हर प्रकार से कर रही है जिससे किसानों को फायदा हो रहा है।

खाद लेने पहुंची महिला किसान मंजुला भगत ने हमें बताया कि वह पहले यूरिया तथा खाद के लिए दर-दर भटकती थीं। तब भी उन्हें कहीं सस्ते दामों में सारी सामग्री नहीं मिल पाती थी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से हमें किसानी करने में काफी मदद मिल रही है, जिससे घर की स्थिति में भी काफी सुधार आया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले सामान जुटाने के लिए हमें ब्याज में पैसे उठाने पड़ते थे, जिसके कारण हमारे सिर पर हमेशा कर्ज का डर बना रहता था। सरकार की इस योजना ने हमारा काम बहुत आसान कर दिया है। महिला किसान मंजुला भगत ने  मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि "विष्णु राज में किसान सच में खुशहाल हैं।"
दुकानों से कम कीमत में मिल रहा है सामान
किसानों ने बताया कि जो खाद-बीज उन्हें बाहर लेने में महंगे दामों में मिलता था, अब सरकार की इस परियोजना के तहत उन्हें कम दामों में मिल रहा है। शासन द्वारा उन्हें केवल प्रति बोरी यूरिया का मूल्य 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फास्फेट पाउडर 551 रुपये, सुपर फास्फेट दानेदार 591 रुपये, जिंकेटेड सुपर फास्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1300 रुपये, एनपीके 1850 रुपये, एनपीके 1990 रुपये तथा पोटाश 1975 रुपये में मिल रही है।

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दिन की शुरुआत करने से पहले जरूर पढ़ें आज का राशिफल—कहीं आपके लिए भी तो नहीं छिपा है धन लाभ, पदोन्नति, शुभ समाचार या किसी बड़े बदलाव का संकेत

मेष (Aries):
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे और रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से बचें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus):
आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। व्यापार में लाभ के योग हैं, लेकिन किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले जांच अवश्य करें। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। मित्रों से मुलाकात लाभदायक रहेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खान-पान संतुलित रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini):
आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। पुराने मित्रों से संपर्क हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। मानसिक तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer):
आज धैर्य और संयम बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन नींद पूरी लें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo):
आज सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यवसाय में लाभ होगा और नए संपर्क बनेंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo):
आज योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यापार दोनों में उन्नति के संकेत हैं। धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, फिर भी नियमित व्यायाम करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

तुला (Libra):
आज भाग्य आपका साथ देगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio):
आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें, सफलता अवश्य मिलेगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius):
आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। व्यापार में लाभ और नौकरी में सम्मान मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn):
आज मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। आर्थिक मामलों में लाभ होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius):
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार के साथ आनंददायक समय बिताएंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces):
आज का दिन आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। परिवार में खुशियां आएंगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7


आज का दिन सकारात्मक सोच, संयम और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी से बचें। परिवार, स्वास्थ्य और कार्य के बीच संतुलन बनाए रखें। शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल माना जा सकता है।

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