ताजा खबरें


बड़ी खबर

गौ संरक्षण और वैज्ञानिक चेतना की दिशा में सार्थक पहल, जशपुर में जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा में उमड़ा विद्यार्थियों का उत्साह

जशपुरनगर 08 फरवरी 2026 :  सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर नगर में जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभू नाथ चक्रवर्ती, सामाजिक कार्यकर्ता  गणेश नारायण मिश्र, अधिवक्ता राम प्रकाश पांडे, जिला परियोजना अधिकारी विनय कुमार सिन्हा तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी टूमनु गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए गौ विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

अतिथियों के करकमलों से सभी प्रतिभागी भैया-बहनों को गौ विज्ञान पंचगव्य किट एवं प्रसाद का वितरण किया गया। परीक्षा में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यालय स्तर तथा महाविद्यालय स्तर के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर केंद्र में कुल 88 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।

परीक्षा का संचालन जिला नोडल अधिकारी गौ विज्ञान परीक्षा विनय कुमार सिन्हा, विकासखंड नोडल अधिकारी टूमनु गोसाईं तथा केंद्राध्यक्ष  संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 

आयोजन को सफल बनाने में राजेंद्र कुमार साहू, सचिंद्र छतरिया, देवेंद्र कुमार चक्रेश, राजेश बंदे, तारकेश्वर सिंह सहित विद्यालय परिवार के सभी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

और भी

बस्तर पंडुम समापन समारोह में 9 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि, जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित है बस्तर पण्डुम

रायपुर, 08 फरवरी 2026/ बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। 

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में  निर्धारित है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े शामिल होंगे।

बस्तर पण्डुम में सांसद द्वय श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग, विधायक श्री किरण सिंहदेव, सुश्री लता उसेंडी, श्री विनायक गोयल, श्री नीलकंठ टेकाम, श्री विक्रम उसेंडी, श्री आशाराम नेताम, श्री चैतराम अटामी, श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, श्री लखेश्वर बघेल, श्री विक्रम मंडावी, महापौर श्री संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

और भी

नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंजा श्रीहरि कीर्तन भवन, कृष्ण जन्म की दिव्य झांकी बनी आस्था का केंद्र,करुणा शंकर महाराज की अमृतवाणी से चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग ने बांधा श्रद्धालुओं का मन

*श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भव्य झांकी ने भक्तों को किया भाव-विभोर*

  जशपुरनगर  08 फरवरी 2026 :- शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार शाम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का समापन भगवान श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य कथा और भव्य झांकी के साथ हुआ, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
  चौथे दिन की कथा के जजमान राजकुमार अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी प्रभा अग्रवाल रहे। विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने श्रीमद भागवत कथा को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करते हैं।

  कृष्ण जन्म की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

 कथा के विशेष आकर्षण के रूप में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में कारागार में वासुदेव-देवकी, बालकृष्ण का प्राकट्य, नंदगोकुल का आनंद और ग्वाल-बालों की लीलाओं को सजीव रूप में दर्शाया गया। सुंदर सजावट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दौरान पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।

 भजनों पर झूमे श्रद्धालु

  कथा के दौरान संगीतमय भजनों और कीर्तन पर श्रद्धालु देर तक झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, कृष्ण जन्म के समय श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद प्रकट किया 
    कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, जिसे आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।

  उल्लेखनीय है कि सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीहरि कीर्तन भवन में जारी रहेगी। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील नगरवासियों से की है।

और भी

मनरेगा की जगह विकसित भारत जी-राम-जी योजना पर विशेष फोकस, रोजगार दिवस में ग्रामीणों को बताए गए नए प्रावधान और लाभ

जशपुरनगर 8 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के निर्देशन में जिले के सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार, आजीविका एवं आवास से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाला रोजगार दिवस शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने, सुशासन एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने तथा ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों एवं मनरेगा श्रमिकों को विकसित भारत जी-राम-जी योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत एवं संचालित कार्यों की जानकारी मोबाइल के माध्यम से प्राप्त करने हेतु ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की जानकारी सुलभ होने से कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।

*विकसित भारत जी-राम-जी योजना पर विशेष चर्चा* -
 
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर  नवीन योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अर्थात विकसित भारत जी-राम-जी के उद्देश्य, स्वरूप एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि इस योजना के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत विकास योजना, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, बेरोजगारी भत्ता, जल सुरक्षा एवं जल संबंधी कार्यों को प्राथमिकता तथा मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिससे सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण किया जा सके। प्रधानमंत्री आवास योजना पर फोकस आवास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में अपने आवासों का निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। इस संयुक्त आयोजन में मनरेगा श्रमिक, आवास हितग्राही, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच, पंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आवास मित्र सहित जनपद एवं जिला स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

और भी

बिना शुल्क, बिना भेदभाव—सिर्फ सेवा भाव : बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न, 10 बच्चों सहित 88 मरीजों को फकीरी व आयुर्वेदिक दवाओं का किया गया वितरण

अघोर पीठ गम्हरिया में आस्था की अनोखी मिसाल: बाबा भगवान राम ट्रस्ट के निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर में 10 बच्चों सहित 88 मरीजों को मिली फकीरी और आयुर्वेदिक दवाएं

सुबह 5 बजे आरती से शुरू हुआ सेवा का महायज्ञ: जशपुर में बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर में देशभर से पहुंचे मरीज

झारखंड, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र से लेकर छत्तीसगढ़ तक—अघोर पीठ गम्हरिया में मिर्गी पीड़ितों की उमड़ी भीड़, 88 मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

पान के पत्ते पर सूर्योदय से पूर्व दी गई फकीरी दवा: बाबा भगवान राम ट्रस्ट के मिर्गी चिकित्सा शिविर में आस्था और आयुर्वेद का अनूठा संगम

पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के मार्गदर्शन में वर्षों से जारी सेवा परंपरा: जशपुर में फिर सफल रहा निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर

जशपुर/नारायणपुर - 08 फरवरी 3026 :- 
अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया, जिला जशपुर में रविवार 08 फरवरी 2026 को बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में कुल 88 मिर्गी पीड़ित मरीजों, जिनमें 10 बच्चे शामिल थे, को ट्रस्ट द्वारा निर्मित मिर्गी रोग की फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया।

     शिविर का शुभारंभ प्रातः 05:00 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती के साथ किया गया। मिर्गी रोग की फकीरी दवा का सेवन सूर्योदय से पूर्व पान के पत्ते पर किए जाने का विधान होने के कारण अधिकांश मरीजों को उनके परिजनों एवं सहयोगियों के साथ एक दिन पूर्व ही आश्रम परिसर में बुलाया गया था।

      पूजन उपरांत सभी मरीजों को क्रमवार फकीरी दवा दी गई, साथ ही मिर्गी रोग के उपचार हेतु उपयोगी आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। दवा वितरण कार्य के लिए विशेष रूप से वैद्य रंजीत सिंह एवं उनके सहयोगी धर्मेन्द्र सिंह उपस्थित रहे, जिन्होंने मरीजों को दवा सेवन विधि के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

     इस शिविर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। झारखंड राज्य के रांची, गुमला, सिमडेगा, चतरा, टाटा, डाल्टनगंज, गढ़वा एवं मनोहरपुर, बिहार के भागलपुर, मध्यप्रदेश के सिहोर, ओडिशा के वीरमित्रपुर एवं अंगुल, महाराष्ट्र के नागपुर तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई, सक्ती, कांकेर, शंकरगढ़, बतौली, कुसमी, बेमेतरा, सरगुजा, रायगढ़, चिरमिरी, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर, सूरजपुर, पत्थलगांव, कांसाबेल, मनोरा, कुनकुरी एवं जशपुर क्षेत्रों से मरीज शिविर में उपस्थित रहे।

    दवा वितरण के पश्चात वैद्य रंजीत सिंह द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों को दवा सेवन के दौरान किए जाने वाले परहेज, सावधानियों एवं आवश्यक नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

    ट्रस्ट द्वारा बताया गया कि अगला निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर 10 मई 2026 को पुनः इसी अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आयोजित किया जाएगा। मरीजों को निर्देशित किया गया कि वे दवा प्राप्त करने हेतु 09 मई 2026 को सायंकाल तक आश्रम परिसर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

       उल्लेखनीय है कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में विगत कई वर्षों से इस प्रकार के निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिनसे अब तक बड़ी संख्या में मिर्गी पीड़ित मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।

      शिविर को सफल बनाने में पी.के. श्रीवास्तव, संतोष मिश्र, प्रशांत सिंह, अनंत शाहदेव, ऋषभ सिंह, सत्येन्द्र सिंह (मामा), अखिलेश यादव, शिवम, अक्षय सिंह, शंकर यादव, ओमप्रकाश यादव एवं सुशील चौधरी का विशेष योगदान रहा।

और भी

परंपरा, उत्साह और मनोरंजन का महापर्व: नारायणपुर में तीन दिवसीय पारंपरिक जतरा मेला की तैयारियां चरम पर, पंचायत ने संभाली सफाई और व्यवस्थाओं की पूरी कमान

नारायणपुर में तीन दिवसीय पारंपरिक जतरा मेला को लेकर तैयारियां जोरों पर, पंचायत ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान

नारायणपुर 08 फरवरी 2026 :-
नारायणपुर में प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय जतरा मेला को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और चहल-पहल का माहौल बन गया है। मेला की तैयारियां जोरों पर हैं और अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। ग्राम पंचायत द्वारा मेला को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के उद्देश्य से मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

पंचायत कर्मियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से मेला स्थल की झाड़ियों की कटाई कराई जा रही है, वर्षों से जमे कचरे को हटाया जा रहा है तथा पूरे परिसर को समतल किया जा रहा है। इसके साथ ही मेला स्थल तक आने-जाने वाले प्रवेश और निकास मार्गों को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि मेले के दौरान भीड़-भाड़ में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

मेला परिसर में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी पंचायत द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला वालों एवं ग्रामीणों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है, वहीं साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हैंडपंप एवं अस्थायी जल व्यवस्था की जा रही है।

इस वर्ष जतरा मेला में मनोरंजन को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं। बच्चों और युवाओं के लिए बड़ा झूला, ड्रैगन झूला सहित कई प्रकार के आकर्षक झूले और खेल सामग्री लगाए जाएंगे। झूला संचालकों द्वारा मेला स्थल पर पहुंचकर अपने-अपने उपकरणों को लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए झूलों की मजबूती और सुरक्षा मानकों की जांच भी की जा रही है।

यह पारंपरिक जतरा मेला 10 फरवरी से 12 फरवरी तक नारायणपुर में आयोजित होगा। मेले में नारायणपुर ही नहीं, बल्कि आसपास की दर्जनों पंचायतों से ग्रामीण परिवार सहित बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। तीनों दिन मेला स्थल पर सुबह से देर शाम तक रौनक बनी रहती है और ग्रामीण आपसी मेल-मिलाप के साथ मेले का आनंद लेते हैं।

जतरा मेला ग्रामीण जीवन में विशेष महत्व रखता है। यह मेला न केवल मनोरंजन का अवसर प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और ग्रामीण परंपराओं को सहेजने का भी प्रमुख माध्यम है। मेला के दौरान खान-पान की दुकानों, मिठाइयों, खिलौनों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और स्थानीय उत्पादों की दुकानें सजेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी अच्छा व्यवसाय मिलने की उम्मीद है।

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इस बार मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे मेला के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और आपसी सहयोग से इस पारंपरिक उत्सव को सफल बनाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जतरा मेला में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और सभी लोग पूरे उत्साह और उल्लास के साथ इस पारंपरिक आयोजन का आनंद उठाएंगे।

और भी

मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: दक्षिण बस्तर में 51 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 7 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक और ठोस परिणाम है। बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस विकासात्मक पहल ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विज़न, माननीय अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर आज भय और हिंसा से निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर एक विकसित, शांत और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।

और भी

महिला की संदिग्ध मौत, पति बच्ची को लेकर फरार, पहली पत्नी की हत्या में जेल जा चुका है संदेही पति, सिर में गंभीर चोट के निशान

नारायणपुर 07 फरवरी2026 :   नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोठीपहरी कुरूमढोढा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 6 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतिका के सिर में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद मृतिका का पति अपनी मासूम बच्ची को लेकर फरार हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी जेठू विश्वकर्मा पिता सगनू विश्वकर्मा, उम्र 45 वर्ष, जाति लोहार, निवासी ग्राम बेलसुंगा थाना नारायणपुर जिला जशपुर द्वारा थाना पहुंचकर जबानी मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया गया। प्रार्थी ने बताया कि उसकी बेटी कमला विश्वकर्मा का प्रेम संबंध ग्राम ढोढ़ीबहार निवासी स्वादेश उर्फ सुदेश राम कोरवा से था, जिसके साथ वह चली गई थी। दोनों ने पति-पत्नी के रूप में साथ रहना शुरू कर दिया था और उनके एक करीब दो साल की बच्ची है, जबकि कमला वर्तमान में लगभग छह माह की गर्भवती थी।

बताया गया कि जनवरी माह में कमला और उसका पति कुछ दिनों के लिए मायके आए थे। इस दौरान सुदेश राम रनपुर के जलसू क्षेत्र में ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। करीब एक सप्ताह पूर्व सुदेश राम अपनी पत्नी कमला और बच्ची को लेकर अपने नाना के घर ग्राम ढोठीपहरी कुरूमढोढा गया था।

दिनांक 06 फरवरी 2026 को सुदेश राम के नाना मसरी राम द्वारा प्रार्थी जेठू विश्वकर्मा को सूचना दी गई कि उसकी बेटी की मृत्यु हो गई है। सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि कमला का शव घर के अंदर जमीन पर बिस्तर में चीत अवस्था में पड़ा हुआ था। मृतिका के सिर में गंभीर चोट का स्पष्ट निशान था। घटना के समय घर में सुदेश राम और बच्ची मौजूद नहीं थे।

परिजनों ने संदेह जताया है कि सुदेश राम कोरवा ने किसी ठोस वस्तु से कमला के सिर पर वार कर उसकी हत्या की है। परिजनों ने यह भी बताया कि संदेही सुदेश राम पहले भी अपनी पहली पत्नी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है, जिससे इस घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और देहाती मर्ग इंटीमेशन कायम कर जांच प्रारंभ की गई। तहसीलदार बगीचा एवं फॉरेंसिक अधिकारी जशपुर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा विधिवत शव पंचनामा की कार्रवाई की गई। मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी भेजा गया है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक पीएम नहीं हो सका था।

पुलिस द्वारा बताया गया कि संदेही सुदेश राम कोरवा अपनी दो वर्षीय बच्ची को लेकर फरार है। संदेही के घर एवं संभावित आने-जाने वाले स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है। परिजनों के अनुसार संदेही मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में कठिनाई आ रही है। पुलिस टीम संदेही एवं बच्ची की लगातार पतासाजी कर रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

और भी

तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 7 फरवरी 2026/केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे।  स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पांडेय, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री राजेश मूणत, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह) श्री मनोज पिंगुआ तथा रायपुर  पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला उपस्थित थे।

और भी

भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 7 फरवरी 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।

और भी

जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन

रायपुर 7 फरवरी 2026/बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की।

बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं।

प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया।

एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया।

जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों 
द्वारा प्रदर्शित किए गए।

बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया।
लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।

और भी

नवसंकल्प की मेहनत रंग लाई: जशपुर के 12 युवाओं ने अर्धसैनिक बलों में पाई ऐतिहासिक सफलता, जिले का नाम किया रोशन

जशपुरनगर 07 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कांस्टेबल जनरल ड्यूटी (एसएससी जीडी) परीक्षा के माध्यम से संस्थान के कुल 12 छात्र-छात्राओं का चयन विभिन्न अर्धसैनिक बलों में हुआ है।
संस्थान की प्राचार्य सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने बताया कि एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा फरवरी–मार्च 2025 में आयोजित की गई थी, जिसमें नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के 36 छात्र सफल हुए थे। इसके पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं मेडिकल परीक्षण नवंबर–दिसंबर 2025 में सम्पन्न हुए। सभी चरणों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद हाल ही में घोषित अंतिम परिणाम में संस्थान के कुल एक दर्जन विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की। चयनित विद्यार्थियों में 5 का चयन केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), 3 का केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), 2 का सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), 1 का भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा 1 का सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हुआ है। चयनित विद्यार्थियों में बालेश्वर नाग, नोवेल टोप्पो, सोंकेश्वर प्रधान, नेहरू लाल एवं अरुण कुमार पैंकरा का चयन सीआईएसएफ में हुआ है। ब्रिन्देश्वर एवं सृष्टि तिर्की बीएसएफ में चयनित हुए हैं। वहीं रोहित केरकेट्टा, अरविंद केरकेट्टा एवं सुरेन्द्र राम का चयन सीआरपीएफ में हुआ है। देव प्रसाद नाग का चयन एसएसबी तथा चन्दन कालो का चयन आईटीबीपी में हुआ है।

      उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में भी नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों का चयन देश के विभिन्न सुरक्षा बलों में हुआ है। वर्ष 2025 में ही संस्थान के 125 विद्यार्थियों का चयन होमगार्ड्स, जिला पुलिस बल एवं केन्द्रीय पुलिस बलों में हुआ है। पहले जशपुर जैसे सुदूर जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब नवसंकल्प शिक्षण संस्थान जिले के युवाओं के लिए शासकीय सेवाओं में जाने का एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। सभी चयनित विद्यार्थियों को नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के समस्त स्टाफ द्वारा शुभकामनाएं दी गईं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

और भी

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव एनईएस पीजी कॉलेज में सीएसपीडीसीएल का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जशपुरनगर, 07 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड  द्वारा शासकीय राम भजन राय एनईएस पीजी कॉलेज, जशपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएसपीडीसीएल की 25 वर्षों की उपलब्धियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मोर बिजली ऐप एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने हेतु नारा लेखन, पेंटिंग, रंगोली एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
      कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत एवं उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में श्री अरविंद भगत ने सीएसपीडीसीएल द्वारा प्रदत्त सेवाओं की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से ऊर्जा संरक्षण अपनाने तथा जिम्मेदार उपभोक्ता बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सीएसपीडीसीएल के श्री यतीन्द्र गुप्ता द्वारा बिजली के सदुपयोग एवं व्यवस्था सुधार पर आधारित प्रेरणादायक गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी के विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन श्री दौलत राम चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता श्री सत्यप्रकाश कुमार, कार्यपालन अभियंता श्री विनोद पंडित, सहायक अभियंता श्री लुकमान खान तथा कनिष्ठ अभियंता श्री दिनेश त्रिपाठी सहित सीएसपीडीसीएल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

और भी

कांसाबेल में नहर को दूषित करने वालों पर कलेक्टर का सख्त निर्देश, घर का गंदा पानी बहाया तो लगेगा जुर्माना, अतिक्रमण पर होगी कानूनी कार्रवाई

जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं जल संरक्षण को प्रभावी बनाने की दिशा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय तथा कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कांसाबेल क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत एनीकट एवं नहर परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांसाबेल में नहर में गंदगी फैलाने, घरेलू अपशिष्ट जल प्रवाहित करने या अवैध अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

*महादेव मुड़ा एनीकट: किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ* - 

निरीक्षण की शुरुआत मैनी नदी की सहायक घुघरी नदी पर निर्माणाधीन महादेव मुड़ा एनीकट से की गई। यह एक लिफ्ट इरीगेशन आधारित सिंचाई परियोजना है, जिसकी लंबाई 55 मीटर एवं ऊंचाई 2.5 मीटर है। इसमें 4 गेट लगेंगे। लगभग 5 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह एनीकट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वर्ष 2023 में स्वीकृत किया गया था। एनीकेट का कार्य तेजी से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि एनीकट में पंप लगाकर किसान अपने खेतों तक सीधे पानी ले जा सकेंगे, जिससे महादेव मुड़ा सहित आसपास के गांवों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। इससे खेती को लाभ होगा, साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*कुदराझरिया एनीकट: ऊंचाई बढ़ी, सिंचाई क्षमता में इजाफा* -

इसके पश्चात साजापानी डैम से आने वाले पानी की बेहतर सिंचाई एवं निस्तारी सुविधा के लिए कुदराझरिया एनीकट का निरीक्षण किया गया। पुराने एनीकट का जीर्णोद्धार कर इसकी ऊंचाई बढ़ाकर कुल 3 मीटर की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने एनीकट के आसपास सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा की और आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कुदराझरिया एनीकट से निकलने वाली लगभग 11 किलोमीटर लंबी पक्की नहर है, जो कांसाबेल होते हुए टेल एरिया टांगरगांव में मैनी नदी तक जाती है।


*नहर में गंदगी फैलाने पर सख्ती, लगेगा जुर्माना* -

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कांसाबेल में नहर लाइनिंग के प्रगतिरत कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों का जायजा लेते हुए गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नहर के पानी को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नहर में घरेलू गंदा पानी प्रवाहित करने, कचरा फेंकने वालों पर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर जुर्माना लगाने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नहर किनारे शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर नहर को दूषित करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को समझाइश देने पर भी बल दिया, ताकि सिंचाई परियोजनाओं का लाभ दीर्घकाल तक मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण में जनभागीदारी अनिवार्य है।

*कांसाबेल में संतोषी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना* -

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कांसाबेल में सड़क किनारे स्थित संतोषी तालाब का भी अवलोकन किया। उन्होंने तालाब की सुदंरता बरकरार रखने किए जा सकने वाले आवश्यक सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तृत चर्चा की। तालाब में नहर के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु साफ-सफाई, चारों ओर पाथवे निर्माण, आकर्षक लाइटिंग, रेलिंग एवं बैठक व्यवस्था जैसी सुविधाओं की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

और भी

बिना बिजली-डीजल के नदी के बहाव से सिंचाई, सरगुजा संभाग की पहली हाइड्रो पावर पम्पिंग योजना बनी मिसाल  100 एकड़ खेतों को मिलेगा जीवनदान, 

जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में नवाचार आधारित सिंचाई व्यवस्था को सशक्त करते हुए पोंगरो एनीकट हाईड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना अब पूर्ण हो चुकी है। सरगुजा संभाग की यह पहली योजना विकासखंड कांसाबेल के ग्राम पंचायत पोंगरो में घुघरी नदी पर निर्मित की गई है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः शून्य कार्बन उत्सर्जन पर आधारित है। योजना में किसी भी प्रकार की पारंपरिक ऊर्जा जैसे बिजली, डीजल, पेट्रोल या सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं किया गया है। केवल नदी के जल प्रवाह से उत्पन्न हाइड्रो पावर के माध्यम से टरबाइन चलाकर पानी का उद्वहन किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विगत दिवस इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण अध्यक्ष जिला पंचायत श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शीघ्र ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा इसका लोकार्पण प्रस्तावित है।

*हाइड्रो पावर से संचालित अभिनव सिंचाई योजना* -

इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के डॉ. पुनीत सिंह द्वारा तकनीकी परामर्श प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रोजेक्ट के कार्य को तेजी से पूर्ण किया गया। यह योजना आधुनिक विज्ञान और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। योजना अंतर्गत पूर्व निर्मित एनीकट से लगभग 100 मीटर डाउनस्ट्रीम में प्लेटफॉर्म बनाकर एक टरबाइन पम्प स्थापित किया गया है। इस पम्प के माध्यम से नदी तल से लगभग 12 मीटर ऊँचाई तक तथा 200 मीटर दूर निर्मित वितरण टंकी में अधिकतम 17 लीटर प्रति सेकंड की दर से पानी भरा जाता है। इससे रबी एवं ग्रीष्म (जायद) फसलों के लिए निरंतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

*किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ* -

इस अभिनव परियोजना से लगभग 100 एकड़ रबी एवं 40 एकड़ ग्रीष्मकालीन जायद फसल क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी, जिससे करीब 50 परिवार लाभान्वित होंगे। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की सिंचाई नहरों एवं नालियों का निर्माण भी किया गया है, जिससे जल का समुचित वितरण सुनिश्चित हो सके। 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह योजना जिला प्रशासन जशपुर द्वारा जिला खनिज न्यास निधि, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) तथा जल संसाधन संभाग जशपुर के तकनीकी अभिसरण से पूर्ण की गई है।

*हरित विकास की दिशा में मील का पत्थर* -

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने इसे किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण के पश्चात यह परियोजना जशपुर जिले में सतत कृषि एवं हरित विकास की नई पहचान बनेगी।

और भी

जहाँ भक्ति, वहाँ भगवान-श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन प्रह्लाद की अटूट भक्ति और हिरण्यकश्यप वध की जीवंत प्रस्तुति से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, नरसिंह अवतार की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

  जशपुरनगर 07 फरवरी 2026 :- शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का तीसरा दिन शुक्रवार शाम श्रद्धा, भक्ति और भव्य झांकियों के बीच संपन्न हुआ। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा पंडाल जय श्रीहरि के जयकारों से गूंज उठा।
   तीसरे दिन की कथा के जजमान ओमप्रकाश गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी हेमंती गुप्ता रहे। विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
   वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने भगवान नरसिंह अवतार, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति तथा हिरण्यकश्यप वध की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति के आगे अहंकार और अत्याचार का अंत निश्चित है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
झांकी ने बांधा समां
कथा के विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन से पधारे कौशल जी महाराज के मार्गदर्शन में भगवान नरसिंह, भक्त प्रह्लाद एवं हिरण्यकश्यप वध की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। आकर्षक सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। झांकी के साथ आचार्य श्री की कथा प्रस्तुति ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
   कौशल जी महाराज ने बताया कि चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी और भी भव्य एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत की जाएगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

  भजनों पर झूमे श्रद्धालु

कथा के दौरान संगीतमय भजनों और कीर्तन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिनकी भक्ति और श्रद्धा ने आयोजन को और भी पावन बना दिया।
कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसे आयोजन समिति के सदस्यों व स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।
   उल्लेखनीय है कि यह सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा 10 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीहरि कीर्तन भवन में जारी रहेगी। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील नगरवासियों से की है।

और भी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत

 रायपुर, 07 फरवरी 2026/ देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का शुभारंभ करने पहुंची हैं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू का राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया। 

 एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और महापौर श्री संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया।

और भी

डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 6 फरवरी 2026/भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और  यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी।

और भी