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जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को,जशपुर जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी होंगे शामिल

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 07 दिसम्बर 2025 को राज्य के 16 जिलों में किया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। यद्यपि परीक्षा का आयोजन 16 जिलों तक सीमित है, किन्तु इसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। जशपुर जिले के 12 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा संचालन की सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। परीक्षा के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने आवंटित परीक्षा केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) एवं फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र से सत्यापन में कोई बाधा न आए। परीक्षा प्रारंभ होने के तीस मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, अतः अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि परीक्षा प्रातः 12 बजे आरंभ होने के कारण केंद्र का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद हो जाएगा।

     वस्त्र संबंधी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में उपस्थित होना है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी अथवा गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना वर्जित रहेगा। केवल साधारण बिना पॉकेट वाला स्वेटर पहनने की अनुमति होगी, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान उतारकर जांच करवानी होगी। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक धारण करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सामान्य समय से अधिक पहले पहुंचना होगा, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी, जबकि कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना पूर्णतः प्रतिबंधित है। परीक्षा कक्ष में संचार उपकरण, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल-पॉइंट पेन ही साथ लाने की अनुमति होगी।

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छत्तीसगढ़ विधान सभा सत्र 14 से 17 दिसम्बर 2025 तक  विधान सभा से संबंधित प्राप्त पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करने हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ विधान सभा की षष्ठम् विधानसभा का सप्तम सत्र 14 से प्रारंभ होकर 17 दिसम्बर 2025 तक आहूत है। कलेक्टर श्री रोहित व्यासा ने विधान सभा से संबंधित प्राप्त पत्रों पर त्वारित कार्यवाही करने हेतु नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
         इसके साथ ही कलेक्टर श्री व्यास ने उक्त अवधि में प्राप्त होने वाले तारांकित और अतारांकित विधान सभा प्रश्नों, स्थगन, शून्यकाल, आश्वासनो, ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प, याचिका आदि तथा लोक लेखा समिति से संबंधित पत्राचार व जानकारी निर्धारित समयावधि में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसके अनुसार जिले के समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी विधान सभा सत्र के दौरान सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना न ही अवकाश पर रहेंगे और न ही मुख्यालय त्यागेंगे। बिना अवकाश स्वीकृति के अवकाश में प्रस्थान करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित उनके कार्यालय प्रमुख दिम्मेदार रहेंगे।

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कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ किए गए चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के तहत तीन चरणों में आयोजित हो रही है शतरंज प्रतियोगिता

जशपुर 5 दिसंबर 25/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के निर्देश पर विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने, खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले के हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित हुई। 

शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ की गई चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।
जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के  जिले के आयोजन समिति के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में चल रही यह प्रतियोगिता सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता तीन चरणों में विद्यालय स्तर, विकासखंड स्तर और जिला स्तर पर आयोजित होनी है।‌

विद्यालय स्तर पर 4 दिसंबर से प्रारंभ हुई प्रतियोगिता में दो दिनों में 189 विद्यालयों के 3150 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इन नॉकआउट प्रतियोगिताओं का फाइनल मैच सभी विद्यालयों में आज खेला गया। विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को विद्यालय में पुरस्कृत भी किया जाएगा। अगले चरण में विद्यार्थी विकासखंड स्तर पर जमुकाबला करेंगे, जजविकासखंड स्तरीय शतरंज जप्रतियोगिता 6 जदिसंबर से आयोजित होगी। विकासखंड स्तर पर विजेता, उपविजेता और क्वार्टर फाइनल खेलने वाले विद्यार्थी 10 दिसंबर को  जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। 

पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन जिला स्तरीय  प्रतियोगिता पथलगाँव के आयोजन समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन में 10 दिसंबर को पत्थलगांव में भव्य रूप से जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होनी है। इस प्रतियोगिता में विजयी होने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा l

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मुख्यमंत्री  की पर्यटन को प्रमोट करने विशेष पहल,राज्य के 45 युवाओं को मिला पर्यटन प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण

रायपुर, 04 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार—मुख्यमंत्री श्री साय,सुहेला में 195 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

पीएम आवास के 1073 हितग्राहियों को नये आवास की चाबी सौंपी

सुहेला में 195 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

सुहेला में खुलेगा शासकीय महाविद्यालय

बलौदाबाजार में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, तिल्दा में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायपुर 4 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये कर दी गई है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस भी प्रदान किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी मिल रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर लाभ उठाएँ।

उन्होंने जिले में प्रशासन की ‘हम होंगे कामयाब’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके बेहतर भविष्य के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनसे अब तक 500 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बड़े-बड़े कार्य सहजता से पूरे हो रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अकेले 100 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों की  स्वीकृति मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान सुहेला में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, तिल्दा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, बलौदाबाजार में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं नवीन व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जिले के 50 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए 10-10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा सुहेला तिगड्डे में तीनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक डिवाइडर निर्माण एवं लाइट लगाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 12.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1073 आवास, तथा लगभग 7.74 करोड़ रुपये की लागत से आमाकोनी, हथबंद, पौसरी, सेम्हराडीह और खपराडीह में निर्मित जल प्रदाय योजनाएँ शामिल हैं।

भूमिपूजन के प्रमुख कार्यों में 49.17 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार–रिसदा–हथबंद मार्ग मजबूतीकरण, 20.98 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग, 15.59 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, 8.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 717 आवास तथा 8.04 करोड़ रुपये की लागत से कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल हैं।

कार्यक्रम में 5 करोड़ रुपये से अधिक की हितग्राहीमूलक सामग्री एवं चेक वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से सायबर फ्रॉड प्रकरण के 27 लाख रुपये की वापसी, श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में 83 लाख रुपये का वितरण, 8333 छात्रों को 4.25 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों एवं ‘सक्षम’ योजना अंतर्गत 16 महिलाओं को 25 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 10 हितग्राहियों को 9.69 लाख रुपये तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6.81 लाख रुपये का भुगतान शामिल है।

इस अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सिमगा दौलत पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत जिले में एक गांव बनेगा मॉडल सोलर विलेज,सबसे अधिक जनसंख्या वाले 10 गांव में से 1 गांव का होगा चयन

जशपुरनगर 04 दिसम्बर 2025/ केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत जिले में एक ग्राम को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व में 
गांव के चयन की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर प्रारंभ हो गई है। भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब नवीन जनगणना के आधार पर ऐसे राजस्व ग्रामों का चयन किया जाना आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण जिला स्तरीय समिति द्वारा जिले के प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा।

     दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी अथवा गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने जिले के 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्राम बटईकेला, सन्ना, कांसाबेल, पण्ड्रापाठ, लुड़ेग, कामारिमा, घोघर, तपकरा, दुलदुला और फरसाबहार  को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और मूल्यांकन के लिए छह माह की अवधि निर्धारित की गई है। चयनित ग्राम के विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। जिला प्रभारी क्रेडा ने बताया कि प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित मानकों के आधार पर जिले के आदर्श सौर ग्राम का चयन समयसीमा में कर लिया जाएगा।

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छठवें दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद हुए शामिल,सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य - पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद

रायपुर, 4 दिसम्बर 2025/अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. दिवाकर नाथ वाजपेयी उपस्थित रहे। समारोह में 64 शोद्यार्थियों को शोध उपाधि, 92 गोल्ड मेडल एवं 36950 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि दी गई।   

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने स्नातक छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है और वर्तमान युवा इसका ऐतिहासिक साक्षी और भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक होना शिक्षा की पूर्णता नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी में सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य है।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ शिक्षा के क्षेत्र में कई बार बेटों से आगे निकल रही हैं और इस विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेताओं में भी बेटियों की संख्या उल्लेखनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, विशेषकर पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का सहयोग और गुरुओं का अमूल्य मार्गदर्शन भी निहित है। यह हर विद्यार्थी के लिए एक सुनहरा यादगार पल है, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि-“कभी यह मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि आप प्रयास करना नहीं छोड़ते, तो आप हमेशा पहले स्थान पर हो सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम करने, भारतीय संस्कृति, मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने और योग व विज्ञान जैसी भारतीय विरासत को अपनाने का आह्वान किया। 

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिनमें कभी-कभी हम गिरते भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हर बार स्वयं को संभालकर फिर से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गिरावट से भयभीत न हों और हमेशा उठने का साहस रखें। राज्यपाल ने अनुशासन को जीवन में सफलता की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जीवन एक सुंदर यात्रा है, और इसे उद्देश्यपूर्ण, सकारात्मक और सार्थक ढंग से जीना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज तनाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसलिए योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे जीवन में ऐसा कार्य चुनें जिसमें तनाव कम हो, पारदर्शिता हो और जिससे स्वयं, समाज और राष्ट्र का सकारात्मक परिवर्तन संभव हो। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने की निरंतर इच्छा से तय होती है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और जो युवा अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और मेहनत का मार्ग चुनते हैं, वहीं कल का भारत गढ़ेंगे। जीवन में अवसर हमेशा बाहर नहीं मिलते, कई बार हमें स्वयं अवसर बनाना होता है। अनुशासन, लगन और सकारात्मक दृष्टि ही वह शक्ति है, जो हर साधारण क्षण को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह पीढ़ी छत्तीसगढ़ को और पूरे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संकल्पों और संघर्षों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुविषयक अध्ययन, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और आधुनिक पाठ्यचर्या जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की सराहना की, जिससे छात्र वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवि में डिजिटलईजेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस नई प्रणाली से छात्रों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता नए प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक अकादमिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को सुनिश्चित कर सकेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संरचना, भाषा-साहित्य और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का एक उत्सव प्रदान किया और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।

 उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में बने इस राज्य ने शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, संघर्ष और लगन का सम्मान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है तथा 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने दिया। 

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री श्री अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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जिला पंचायत अध्यक्षों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सालिक साय ने दिखाई विकास के जशपुर माडल की तस्वीर,दो साल के दौरान हुए विकास कार्यो की हुई सराहना भारतीय प्रबंधन संस्थान के विशेषज्ञ दे रहें हैं प्रशिक्षण

जशपुरनगर। प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों व उपाध्यक्षों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण भारतीय प्रबंधन संस्थान द्वारा रायपुर में आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान के प्रोफेसर,डीन व वक्ता जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं को समझने और उनका बेहतर तरीके से प्रबंधन करने का वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दे रहें हैं। प्रशिक्षण के तीसरे दिन जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष सालिक साय ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होनें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दो साल के कार्यकाल के दौरान जशपुर जिले के विकास के लिए किये गए ऐतेहासिक कार्यो का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होनें बताया कि जशपुर जिले की तस्वीर तेजी से बदल रहा है। बीते दो साल के दौरान जशपुर में मेडिकल कालेज,नर्सिंग कालेज,फिजियो थैरेपी कालेज की स्वीकृति सरकार ने दी है। इसके साथ ही जिले में स्वास्थ्य सुविधा की बुनियादी संसाधन को मजबूत करने के लिए सीएम साय ने एंबुलेंस,शव वाहनों के साथ मानव संसाधन बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम उठाया है। जिले में ग्रीन उद्योग विकसीत करने के लिए पर्यटन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जैसे पर्यटन स्थल, चाय की खेती, सेव, नाशपाती, जशपयोर के माध्यम से महिला आज आत्मनिर्भर हो रहे हैं।मयाली,देशदेखा,कोतेबीरा जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देश के पर्यटन नक्शा में शामिल करने के लिए काम हो रहा है। इससे स्थानीय रहवासियों के लिए रोजगार के अवसर मिल सकेगा। सड़क,पानी,बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचल तक विकास हो रहा है। साय ने कहा कि आने वाले दिनों में आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के गिनती छत्तीसगढ़ के विकसीत व साधन संपन्न जिलों में होगा। सालिक साय के इस संबोधन से प्रशिक्षण कार्यक्रम में खूब वाह-वाही मिली।

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ऑपरेशन आघात:- गुजरात से सिलीगुड़ी(W.B.) ले जा रहे गुटखा में प्रयुक्त होने वाला अवैध तम्बाकू को जशपुर पुलिस ने किया जप्त


                                              
जशपुर : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में, नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस ऑपरेशन आघात चला रही है, जिसके तहत जशपुर पुलिस लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में आज दिनांक 04.12.2025 को जशपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि अशोक लिलैंड ट्रक क्र. UP 78 LN 0509 में भारी मात्रा में अवैध रूप से कच्चा तम्बाकू का परिवहन किया जा रहा है, जिस पर लोदाम पुलिस के निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे एवं टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना लोदाम के पास उक्त संदेही अशोक लिलेंड ट्रक को रोका गया, ट्रक चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अवधेश सिंह उम्र 40 साल निवासी निवालुद्दीनपुर थाना सफीपुर जिला उन्नाव (उ.प्र.) का होना बताया एवं ट्रक की बारीकी से तलाशी लेने पर कुल 271 बोरी अवैध कच्चा तम्बाकू मिला एवं उसके द्वारा एक टैक्स इनवाइस रसीद पेश किया गया, जिसमें पी.के. इन्टरप्राईजेश लेख है। रसीद में कच्चा तंबाकु जिसका मात्रा 271 बोरी कीमती रू. 5,18,932 /- (पाॅच लाख अट्ठारह हजार नौ सौ बत्तीस) लेख होना पाया गया। ट्रक चालक को उक्त परिवहन किये जा रहे माल (तम्बाकू) के संबंध में दस्तावेज पेश करने हेतु कहने पर उसके द्वारा वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया, पूछताछ में ट्रक चालक ने उक्त तंबाकू को गुजरात राज्य से परिवहन करते हुए सिलीगुड़ी ले जाना बताया। इस पर लोदाम थाना द्वारा उक्त अवैध तम्बाकू एवं ट्रक को जप्त कर थाना लाया गया एवं मामले में बीएनएसएस की धारा 106 के तहत कार्यवाही की जा रही है।  
                   इसकी प्रकार दिनांक 29.11.25 को भी जशपुर पुलिस द्वारा लोदाम के पास 02 अलग-अलग ट्रक में भारी मात्रा में अवैध रूप से तम्बाकू का परिवहन किये जाने की सूचना पर कार्यवाही करते हुये ट्रक क्रमांक यू.पी. 78 एल.एन. 0511 एवं ट्रक क्र. यू.पी. 78 जी.टी. 7621 से कुल 200 बोरी अवैध तंबाकु कीमती रू. 4,18,320 का जप्त किया गया है। जशपुर पुलिस द्वारा अवैध रूप से परिवहन की संभावना पर बीएनएसएस की धारा 106 के तहत माल को जप्त किया गया है व अग्रिम कार्यवाही की गई है। 
                         उक्त कार्यवाही में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक विनोद भगत, प्रधान आर. प्रदीप लकड़ा, आरक्षक धनसाय राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

                                 ????‍♂️वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया है कि:-”जशपुर पुलिस जिला में नशे के खिलाफ जीरो टालरेंस  की नीति पर कार्य कर रही है। ऑपरेशन आघात के तहत अवैध गुटखा, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त गिरोहों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमारी प्राथमिकता लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और तस्करी की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ना है। आमजन से भी अपील की है कि ऐसे कार्यों की किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचनादाताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।“

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जंगली सूअर को मारने जंगल में खुली बिजली करेंट  की तार बिछाई थी ,चपेट में आने से एक व्यक्ति की हुई मृत्यु , चार आरोपी गिरफ्तार

जशपुर :  इन्द्रनाथ यादव उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम छेरा घोघरा, बैगा टोली, चौकी दोकड़ा, जिला जशपुर ( छ ग) ने चौकी दोकड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके पिता मृतक दशरथ यादव उम्र 55 वर्ष , दिनांक 02.12.25 को  गांव के पास ही स्थित बढ़नी झरिया जंगल में, जहां की उनका भैंसों के लिए अस्थाई गोठान है, में भैंसों की देखरेख, व चारा देने के लिए गए थे, व रात्रि में वहीं रुके थे, वह प्रतिदिन गोठान से सुबह 04.00 बजे से 05.00 बजे तक वापस आ जाते थे, परंतु दिनांक 03.12.25 को जब उसके पिताजी वापस नहीं लौटे तो, प्रार्थी अपने छोटे भाई के साथ, अपने पिता को ढूंढने, बढ़नी झरिया जंगल में गोठान की ओर जा रहे थे तो देखे कि जंगल में उसके पिता मृत अवस्था में जमीन पर गिरे पड़े हैं , उनके पैर में खुला पतला बाईंडिंग तार चिपका हुआ था, जिसमें की करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसके चपेट में आने पर, प्रार्थी के पिता की झुलस कर मृत्यु हो गई। गांव के ही आरोपियों क्रमशः .नेहरू राम ,अशोक पैंकरा, ,सदानंद चौहान 
,जगदीश कुजूर व एक अन्य आरोपी के द्वारा, गांव में कुछ दिनों पूर्व बताया गया था कि उनके द्वारा बढ़नी झरिया जंगल में  दूसरी ओर जंगली सूअर को मारने के लिए करेंट बिछाया जाएगा, परंतु उनके द्वारा जंगल के गोठान के रास्ते में,11 हजार के व्ही के बिजली तार के खंभे, से खुली वाइंडिंग तार को जोड़कर, जंगली सूअर को मारने के लिए  जमीन में बिछा दिया गया था, जिससे जंगल के गोठान जाते वक्त  हाई वॉल्टेज करेंट की चपेट में आने से उसके पिता मृतक दशरथ यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई। 
        प्रार्थी की रिपोर्ट पर चौकी दोकड़ा पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए बी एन एस की धारा 105 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, तत्काल घटना स्थल रवाना हुआ गया। घटना स्थल के निरीक्षण व शव के पंचनामा के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतक दशरथ यादव के पैर में खुली पतली तार चिपकी हुई है,  जो कि हाई वॉल्टेज बिजली की खंभे से जुड़ी हुई थी, पुलिस के द्वारा, घटना में प्रयुक्त  128 मीटर खुली पतली तार को भी मौके से जप्त कर लिया गया है, व शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्टम भी कराया गया है।
        पुलिस के द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए मामले से जुड़े चार आरोपियों क्रमशः 1.नेहरू राम उम्र 35 वर्ष निवासी छेरा घोघरा चौकी दोकड़ा ।
2. अशोक पैंकरा, उम्र 34 वर्ष निवासी बढ़नी झरिया , चौकी दोकड़ा
3. सदानंद चौहान उम्र 34 वर्ष,बढ़नी झरिया  चौकी दोकड़ा
4. जगदीश कुजूर उम्र 38 वर्ष, निवासी चुन दरहा, चौकी दोकड़ा जिला जशपुर (छ. ग) को हिरासत में लिया गया, पुलिस की पूछताछ पर आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। मामले में एक आरोपी फरार है, जिसे भी पुलिस ने चिन्हित कर लिया है, पता साजी जारी है, शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
        मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक अशोक कुमार यादव, प्रधान आरक्षक संजय नागवंशी, कृपा सिंधु तिग्गा, आरक्षक सुरेन्द्र यादव, जयप्रताप एक्का व राजकुमार मनहर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी दोकड़ा क्षेत्र में जंगली सूअर मारने के लिए लगाए गए खुले बिजली करेंट तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, पुलिस ने मामले से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, एक आरोपी फरार है, पता साजी की जा रही है, उसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

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जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी,2628 किसानों से खरीदी गई  167246 क्विंटल  धान


   जशपुरनगर, 04 दिसम्बर 2025/ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। 3 दिसंबर तक कुल 2,628 किसानों से 1,67,246 क्विंटल धान उपार्जित किया जा चुका है, जिसकी राशि 39.62 करोड़ रुपये से अधिक है। किसानों के बैंक खाते में राशि का हस्तांतरण सतत् रूप से भी की जा रही है। धान खरीदी का कार्य जिले के 46 उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थित रूप से संपादित किया जा रहा है।
  किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, नमी मापक उपकरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
किसान निर्धारित तिथि के अनुसार धान बेचने उपार्जन केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा केंद्रों में किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही धान खरीदी के लिए केन्द्रों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है, जिससे खरीदी कार्य निर्बाध रूप से जारी है।

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जशपुर में अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस का हुआ आयोजन,विधायक श्रीमती भगत दिव्यांगों के प्रतिभा को देख कर हुए आत्मविभोर

जशपुरनगर 04 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में विगत  दिवस 03 दिसम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस का आयोजन शासकीय स्वामी आत्मानन्द हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में किया गया। 
          इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत कार्यक्रम में शामिल हुई। अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस में शासकीय दृष्टि बाधितार्थ बालक व बालिका विशेष विद्यालय एवं समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन विभिन्न स्कूलों के कुल 250 दिव्यांग बच्चे एवं सहायक उपकरण वितरण हेतु 60 हितग्राही सहित कुल 310 दिव्यांगजन सम्मिलित हुए।
          दिव्यांग बच्चों द्वारा स्वागत गीत से शुरुवात कर एकल गायन, अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के संबंध में कविता, भाषण एवं सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया। दिव्यांग बच्चों को कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, मटका फोड़, व्हीलचेयर दौड, लम्बी कुद मिश्रित मौतीयों को अलग करना इत्यादि खेल कुद कराया गया। खेल आयोजन में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर समावोशी समाज का संदेश दिया गया। समस्त दिव्यांगजनों को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
              एलिम्को जबलपुर द्वारा जुलाई 2025 में चिन्हांकित दिव्यांगजनों को विधायक श्रीमती भगत एव नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत के द्वारा 16 मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल, 10 बैसाखी, 10 ट्राईसाईकिल, 8 व्हीलचेयर, 1 एम.आर किट, 09 व्हाईट केन एवं 06 श्रवण यंत्र वितरित किया गया। 
              विधायक ने उपकरण पाने वाले दिव्यांगजनो से पूर्व में हो रही परेशानियों के संबंध में चर्चा किया गया एवं स्वयं द्वारा व्हाईट केन चलाकर देखा गया। विधायक श्रीमती भगत ने अपने उ‌द्बोधन में कहा गया कि दिव्यांगों के प्रतिभा को देख कर आत्मविभोर एवं अभिभूत हो गई हूँ। इस दौरान करमा गीत एवं ठेठ नागपुरी बोली व भाषा में गीत गा कर सुनाया गया। जिसमें दृष्टि बाधित दिव्यांगजन द्वारा ढोलक बजाकर संगीत दिया गया।
           नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में दिव्यांगजनों से समाज के सभी लोगों को आत्मीय व्यवहार करने पर जोर दिया एवं हर सम्भव मदद करने के लिए महेशा तैयार रहने का संदेश दिया गया। समाज कल्याण के उप संचालक श्री धर्मेन्द्र कुमार साहू ने विभाग के अधिनियम, नियम, योजना, कार्यक्रम एवं संस्थागत सुविधाओं के संबंध में बताया गया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और कार्यक्रम समाप्ति की गई।

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एनएमआईएमएस के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात,एडुसिटी नया रायपुर में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के कैंपस खोलने का मिला प्रस्ताव

रायपुर, 04 दिसंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) के प्रतिनिधि श्री जगदीश वी पारिख ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों तथा नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

श्री पारिख ने मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा नया रायपुर के एडुसिटी में अपना कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया। उन्होंने एनएमआईएमएस द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। साथ ही श्री पारिख ने उन्हें आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ पी चौधरी से हुए मुलाकात के बारे में बताया और उनके माध्यम से हर संभव विभागीय सहयोग मिलने की बात कही।
                  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ नया रायपुर में एडुसिटी का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि एडुसिटी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट संस्थाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के आने से राज्य के युवाओं को मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। एडुसिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के संचालन से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।
          उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नया रायपुर को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए एडुसिटी का निर्माण कर रही है। इसमें मल्टी-डिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं नवाचार केंद्र तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।
नया रायपुर में पहले से ही आईआईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। एडुसिटी के विकसित होने से यहां शिक्षा का एक सशक्त और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
          इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ: अधिसूचना प्रकाशन की प्रक्रिया अब होगी पूरी तरह डिजिटल और त्वरित

रायपुर 4 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित  थीं। 

ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा।

ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।

छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।

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मुख्यमंत्री अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव समारोह में हुए शामिल,अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुविभाग बनाने तथा ऑडिटोरियम निर्माण करने की घोषणा

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है। 

 छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम में विधायक श्री भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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कन्या हाई स्कूल की बाउंड्रीवाल न होने से छात्राओं की सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़,चारदीवारी नहीं रहने के कारण बच्चों को कई समस्याओं का करना पड़ रहा सामना,खेलने का भी नही है सुरक्षित जगह.....

जशपुर/नारायणपुर : स्टेट हाईवे के पास बाउंड्रीवाल न होने से कई स्कूलों के बच्चों के लिए गंभीर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है, जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होने की संभवाना बनी रहती हैं। नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल, स्टेट हाईवे 17 के ठीक बगल में हैं, जहां हमेशा सैकड़ो भारी वाहनों आवागमन होता है।  इस विद्यालय में बाउंड्रीवाल की कमी के कारण बच्चे खेलते समय या स्कूल आते-जाते समय सीधे सड़क पर आ सकते हैं, जिससे उनके साथ बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है

          ज्ञात हो कि नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल में वर्षों से  वाउंड्रीवाल की मांग की जा रही है परन्तु अब तक यंहा वाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया है। स्टेट हाइवे चराईडाँड़ -बतौली मुख्य सड़क से सटा होने के कारण यह स्थिति छोटे बच्चों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा करती है। छात्राएं सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों से हमेशा भयभीत रहते हैं।
यह कन्या हाई स्कूल बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से खतरे में है। स्कूल स्टेट हाईवे के बिलकुल किनारे स्थित है। रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और भारी ट्रक इस सड़क से गुजरते हैं। स्कूली बच्चे इसी हाईवे से होते हुए स्कूल पहुंचते हैं। वहीं, स्कूल का खेल मैदान भी सड़क से सटा हुआ है। बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण बच्चे खेलते-खेलते अक्सर सड़क तक आ जाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्कूल के सौ मीटर आगे जंहा अंधा मोड़ से जाना जाता है  जंहा हमेशा  छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होते आ रही हैं। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

       स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय के सामने से गुजरने वाली सड़क पर बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही तेज गति से होती है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में आवारा पशुओं के प्रवेश से छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है।

       पालकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल परिसर में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें और स्कूल परिसर में ही सीमित रहें। ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 

       ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कन्या हाई स्कूल की चाहरदीवारी का निर्माण  कराया जाए ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित और शांत वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।

 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल भी बाउंड्रीवाल विहीन

नारायणपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बाउंड्रीवाल विहीन हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।यह विद्यालय ग्राम के मुख्य सड़क किनारे संचालित हो रहा जिससे भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा बाउंड्रीवाल के नाम राषि स्वीकृत कराने का केवल आश्वासन ही आज तक शिक्षा विभाग व यंहा के ग्रामीणजनों को मिलता रहा है।

   सुरक्षा मानकों के तहत विद्यालय में बाउंड्रीवाल होना जरूरी है।गौर करने वाली बात है कि इस विकास खण्ड के अधिकांश स्कूल बाउंड्रीवाल विहिन रहकर सड़क के किनारे स्थित हैं ऐसे में बच्चों के स्कूल आते-जाते हर वक्त भय बना रहता है। शिक्षक और अभिभावक दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे रहते हैं, जबकि विभाग इससे बेखबर चुप्पी साधे बैठा है। बताते हैं कि बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर कई बार सर्वे कराया गया था। वाउंड्रीवाल निर्माण के लिए इस स्कूल की सूची शासन को भेजी गई थी, लेकिन अब तक बाउंड्रीवाल बनाने के लिए स्वीकृति नहीं मिली। 

विद्यालय परिसर में घूमते हैं मवेशी,साथ ही चोरी होने का डर

बाउंड्रीवाल विहीन विद्यालय पशुओं का चारागाह बने हुए हैं। इनके परिसर में पूरे दिन पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं छुट्टी के दिनों में शरारती तत्व जमे रहते हैं। चोर-उचक्कों का भय भी बराबर बना हुआ है। पूर्व में इस स्कूल से 8 से 10 कम्प्यूटर की चोरी हो चुकी है,उसके बाद भी विभाग यंहा वाउंड्रीवाल बनवाने में रुचि नही ले रहा है।

समय समय पर विभाग को सड़क किनारे स्कूलों की वाउंड्रीवाल नही होने की जानकारी दिया जाता है। शासन की प्राथमिकता में भी है कि सड़क किनारे स्कूलों का बाउंड्रीवाल कराने का। जैसे ही स्वीकृत होगा वाउंड्रीवाल का भी निर्माण हो जाएगा।

सुदर्शन पैंकरा- विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी -कुनकुरी

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नारायणपुर सहित कुछ और स्कूलों का वाउंड्रीवाल का प्रस्ताव बना कर भेजा गया है जब स्वीकृत हो कर आ जायेगा तो वाउंड्रीवाल बन जायेगा

पी.के.भटनागर

जिला शिक्षा अधिकारी-जशपुर

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी श्री छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में  साफ नजर आ रहा है। 

टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी श्री देवेश प्रसाद साहू, श्री स्वप्निल वर्मा, श्री यशवंत कुमार देवांगन, श्री पोलेश्वर साहू, श्री पारस शर्मा, सुश्री शताक्षी पाण्डेय, श्री अंकुश बैनर्जी, सुश्री सृष्टि गुप्ता, श्री प्रशांत वर्मा और श्री सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना :20 से 23 दिसम्बर तक शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बेश्वर के लिए तीर्थ यात्री कर सकेंगे यात्रा,आवेदन  08 दिसम्बर तक आमंत्रित 

जशपुरनगर 03 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनान्तर्गत जशपुर जिले के लिए माह दिसम्बर 2025 में तीर्थ स्थल की यात्रा निर्धारित की गई है। जिसके अनुसार 20 से 23 दिसम्बर 2025 तक शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बेश्वर के लिए  391 तीर्थ यात्री यात्रा करेंगे
          समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार तीर्थ स्थल की यात्रा हेतु  व्यक्तियों से आवेदन पत्र, दो प्रतियों में फोटोग्राफ (पासपोर्ट साइज), आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति साथ ही पृथक से संलग्न मेडिकल प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
        वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं, छत्तीसगढ़ का निवासी, शासन द्वारा उक्त निर्धारित संख्या में ग्रामीण क्षेत्र  के 75 प्रतिशत व नगरीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत  तीर्थ यात्रियों के लिए बीपीएल के हितग्राही 80 प्रतिशत तथा एपीएल के हितग्राही 20 प्रतिशत होगा। एपीएल के हितग्राही जो आयकर दाता की श्रेणी में न हो। इस योजना का पूर्व में लाभ नहीं लिया हो। वर्तमान या भूतपूर्व शासकीय सेवक न हो गंभीर संक्रामक रोग से ग्रसित न हो। 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति, जिसमें अकेले यात्रा करने हेतु आवेदन किया है, उन्हें अपने साथ एक सहायक को यात्रा में ले जाने की पात्रता होगी, जिसकी आयु 21-50 वर्ष होगी। यदि आवेदक पति व पत्नि में से किसी का नाम चुना जाता है तो उसका जीवन साथी भी यात्रा पर जा सकेगा, आवेदक के जीवन साथी की आयु 60 वर्ष से कम हो तब भी आवेदक के साथ यात्रा की जा सकती है, आवेदन करते समय ही आवेदक को बताना होगा कि उसका जीवन साथी भी उसके साथ यात्रा करने का इच्छुक है, ऐसी स्थिति में उक्त जीवन साथी का आवेदन भी संलग्न करना होगा, यदि सहायक को यात्रा पर साथ ले जाने की पात्रता है, तो उस सहायक का आवेदन भी जमा किया जावेगा। चयनित यात्री के यात्रा पर नहीं जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित व्यक्ति को यात्रा पर भेजा जा सकेगा।
केवल यह व्यक्ति ही जिसका चयन किया गया है, यात्रा पर जा सकेगा, वह अपने साथ अन्य किसी अनाधिकृत व्यक्ति को नहीं ले जा सकेगा एवं चयन उपरांत वह व्यक्ति यात्रा पर न जाने की स्थिति में अपने स्थान पर अन्य किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं भेज सकेगा।
         आवेदक से आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेज सहित 08 दिसम्बर 2025 सायं 050:00 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। विलंब से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जावेगा।

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