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स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


 
रायपुर 6 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु 7 फरवरी को ‘बस्तर पंडुम-2026‘ का करेंगी शुभारंभ - राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य, सांसद भी होंगे शामिल

रायपुर, 06 फरवरी 2026/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ ‘बस्तर पण्डुम-2026‘ का 7 फरवरी 2026 को शुभारंभ करेंगी। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 9 फरवरी तक आयोजित होगा। जनजातीय समाज के इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ जनजातीय जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत सहेजने और प्रदर्शित करने का पर्व है। बस्तर पण्डुम लोककला और संस्कृति तथा स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह उत्सव बस्तर जनजातीय बस्तर पण्डुम जानजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और उनकी समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।  

 छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से शामिल होंगे।  

बस्तर अंचल में पण्डुम पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव में जनजातीय समाज की जीवनशैली के दर्शन होते है। इस बार पण्डुम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों के माध्यम से बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा व आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य एवं बस्तर वन औषधि पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। 

कार्यक्रम में सांसद द्वय श्री भोजराज नाग और श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंहदेव, सुश्री लता उसेण्डी, श्री विक्रम उसेण्डी, श्री नीलकण्ठ टेकाम, श्री आशाराम नेताम, श्री चैतराम अटामी, श्री विनायक गोयल, श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, श्री लखेश्वर बघेल, श्री विक्रम मंडावी तथा महापौर श्री संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।

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संगीतमय भजनों, कीर्तन और भक्त प्रह्लाद की दिव्य कथा के साथ श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :- शहर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन भी श्रीहरि कीर्तन भवन में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने अपने मधुर वाणी और संगीतमय शैली में भक्त प्रह्लाद की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
       कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल कथा नहीं बल्कि जीवन जीने की कला हैं, जो मनुष्य को अहंकार, लोभ और मोह से दूर करती हैं।

  भजनों पर झूमे श्रद्धालु

  कथा के दौरान संगीतमय भजनों और कीर्तन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा।  आचार्य के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिनकी भक्ति और आस्था देखते ही बन रही थी।
 कथा के बाद हुआ प्रसाद वितरण।

     दूसरे दिन की कथा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया।आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
      उल्लेखनीय है कि यह सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा 11 फरवरी तक प्रतिदिन श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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बिजली बचाओ–भविष्य संवारो का संदेश लेकर NES कॉलेज में भव्य आयोजन, CSPC की अंतर-महाविद्यालयीन प्रतियोगिता में दिखा युवाओं का जोश

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 : । युवाओं में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी (CSPC) द्वारा शासकीय राम भजन राय NES कॉलेज में अंतर-महाविद्यालयीन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत एवं उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर CSPC के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लेकर छात्रों का मार्गदर्शन किया। उपस्थित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता सत्य प्रकाश कुमार, कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार पंडित, सहायक अभियंता लुकमान खान तथा कनिष्ठ अभियंता दिनेश त्रिपाठी, अविनाश एक्का और एलविन टोप्पो शामिल रहे।

प्रतियोगिताओं के जरिए दिया ऊर्जा बचत का संदेश-

आयोजन के दौरान छात्र-छात्राओं ने ऊर्जा संरक्षण और अक्षय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। बौद्धिक प्रतियोगिताओं में निबंध लेखन, भाषण और क्विज का आयोजन हुआ, वहीं रचनात्मक गतिविधियों के अंतर्गत पोस्टर/चित्रकला एवं नारा-लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुति के रूप में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बिजली की बर्बादी रोकने का प्रभावी संदेश दिया गया।

ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग समय की जरूरत -

मुख्य अतिथि अरविंद भगत और यश प्रताप सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि विद्युत ऊर्जा आधुनिक जीवन की आधारशिला है और इसका जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। CSPC अधिकारियों ने ऊर्जा संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अक्षय ऊर्जा को भविष्य के लिए आवश्यक बताया।

प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र सिंह ने सफल आयोजन के लिए CSPC एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन ऊर्जा संरक्षण की शपथ के साथ हुआ, जिससे छात्रों में जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला।

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बाल विवाह के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराएगा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान, बाल विवाह पर नहीं होगी कोई ढील : प्रियंवदा सिंह जूदेव

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :। बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है, जो बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। यह बात राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अपने कार्यालय में बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान से जुड़े समर्पित संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के दौरान कही।

संस्था की प्रतिनिधि अंजली ताम्रकार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बगिया स्थित कैंप कार्यालय से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के सभी आठों विकासखंडों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक करेगा और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य जशपुर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना है।

प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बालिका एवं महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं को कई प्रकार की शारीरिक कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही शिक्षा बाधित होने से उनका भविष्य प्रभावित होता है, जिसका असर पूरे समाज पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता भी जरूरी है। जब लोगों को इसके नुकसान की सही जानकारी होगी, तो वे स्वयं इस कुप्रथा से दूर रहेंगे,यही अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

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जशपुर की सड़कों पर उमड़ा युवाओं का सैलाब, भाजयुमो के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव का ढोल-नगाड़ों, बाइक रैली और रक्त तिलक से हुआ ऐतिहासिक स्वागत

जशपुरनगरः 06 फरवरी 2026 :  भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव शहर में समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। युवाओं ने ढोल-नगाड़े के साथ बाइक रैली निकाल कर अपने युवा नेता की गर्मजोशी से स्वागत किया। रायपुर से जशपुर पहुंचने पर विजय आदित्य सिंह जूदेव ने सबसे पहले स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे महाराजा चैक पहुंचे, जहां राजा विजय भूषण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

  *युवाओं ने किया रक्त तिलक*

महाराजा चैक पर स्वागत उस समय ऐतिहासिक और भावुक क्षण में बदल गया, जब एक युवा कार्यकर्ता ने परंपरागत ढंग से अपने रक्त से तिलक कर जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। यह दृश्य देखते ही पूरे चैक में नारों की गूंज तेज हो गई। रक्त-तिलक को संगठन के प्रति समर्पण, निष्ठा और त्याग का प्रतीक माना गया। मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे युवा शक्ति की प्रतिबद्धता का संदेश बताया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि युवा ही संगठन और राष्ट्र की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, वह उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जवाबदेही भी है। उन्होंने रक्त-तिलक जैसे समर्पण भाव से अभिभूत होते हुए कहा कि यही जज्बा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन में ऊर्जा, एकजुटता और संगठन की ताकत साफ तौर पर दिखाई

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कुनकुरी में भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव एवं महामंत्री विकास राजा सोनी का प्रथम आगमन पर ग्रामीण मंडल ने किया भव्य स्वागत

कुनकुरी/नारायणपुर :- 06 फरवरी 2026 : 
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव जी एवं महामंत्री श्री विकास राजा सोनी जी के प्रथम आगमन के अवसर पर कुनकुरी ग्रामीण मंडल द्वारा भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कुनकुरी आगमन पर ग्रामीण मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों युवा नेताओं का फूलमालाएं पहनाकर, आतिशबाजी कर तथा मिठाइयां वितरित कर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। स्वागत स्थल पर भाजपा और युवा मोर्चा के झंडों से सजा वातावरण कार्यकर्ताओं के जोश और संगठनात्मक एकता को दर्शा रहा था।

इस अवसर पर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मोर्चा संगठन भाजपा की रीढ़ है और आने वाले समय में युवाओं को संगठन से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण, सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य किया जाएगा। वहीं महामंत्री श्री विकास राजा सोनी जी ने कहा कि संगठनात्मक मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है और युवा मोर्चा हर स्तर पर जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इस स्वागत कार्यक्रम में ग्रामीण मंडल से जिला मंत्री श्री संतोष सहाय जी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह जी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्री उमेश यादव जी, उपाध्यक्ष श्री तुलाधार यादव जी एवं श्री संतन राम जी, महामंत्री श्री शिवशंकर सिंह जी एवं श्री शंकर यादव जी, खडसा सरपंच श्री उमेश सिंह जी, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती संतोषी बंदे जी, अनीता बाई जी, श्री हेमंत यादव जी, श्री गौरव यादव जी, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री विकास नागजी, श्री अरुण मोहंती जी, श्री उत्तम विश्वकर्मा जी, श्री मयंक सहाय जी, श्री यशवंत यादव जी, श्री देव लाल यादव जी, श्री प्रमोद यादव जी सहित ग्रामीण मंडल के समस्त कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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अनुभव की ताकत से मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था—शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मुख्यमंत्री से मांग : राजेश चटर्जी

रायपुर 06 फरवरी 2026 : 
          छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी  ने छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से किया है।
    फेडरेशन ने मुख्य रूप से अनुभवी शिक्षकों की कमी को पूरा करने,शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और यूजीसी (UGC) के नियमों के अनुरूप समानता लाने यह माँग किया है। फेडरेशन का कहना है कि यदि यह निर्णय लिया जाता है तो इससे अनुभवी शिक्षकों के ज्ञान का लाभ एलिमेंटरी एडुकेशन, माध्यमिक शिक्षा सहित हाई/हायर सेकंडरी शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक मिलेगा।
  उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने से अनुभवी विषय शिक्षकों की कमी को पूरा करने सहायक होगा। राज्य के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों की कमी को अनुभवी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति अवधि बढ़ाकर दूर किया जा सकता है। साथ ही,वरिष्ठ शिक्षकों के दशकों के अनुभव और रचनात्मकता का लाभ विद्यार्थियों को लंबे समय तक मिलेगा।
    उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और यूजीसी (UGC) के द्वारा कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित किया गया है। जिसे स्कूल शिक्षा विभाग में भी लागू करने की आवश्यकता है। इससे बुनियादी शिक्षा मजबूत होगा।
   उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2018 से संविलियन तिथि से समस्त सेवालाभ के लिए गणना करने के आदेश से कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के समय न्यूनतम पेंशन की पात्रता से भी वंचित हो रहे हैं।लेकिन सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने से वे इस लाभ के पात्र हो सकते हैं।

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अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला रहे जशपुर जिले में प्रवास,होम-स्टे, साहसिक पर्यटन एवं जश्क्राफ्ट की सराहना

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026/ देश के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री एवं भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला का 04 फरवरी 2026 को जशपुर जिले के अंतर्गत होम-स्टे ग्राम केरे तथा प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा में प्रवास संपन्न हुआ। 
        श्री शुभांशु शुक्ला ने वनमण्डल जशपुर द्वारा प्रायोजित देशदेखा क्लाइम्बिंग कम्पनी के सदस्यों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को साहसिक खेलों एवं पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने, सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
            कार्यक्रम के दौरान वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार भा.व.से. द्वारा श्री शुभांशु शुक्ला को जशपुर जिले की महिलाओं द्वारा बांस एवं छिंद घास से निर्मित जश्क्राफ्ट के पारंपरिक आभूषण भेंट किए गए। श्री शुक्ला ने जश्क्राफ्ट उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, कलात्मकता एवं नवाचार की प्रशंसा की तथा इस पहल को स्थानीय आजीविका सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने जश्क्राफ्ट से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने एवं व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा देशदेखा क्लाइम्बिंग कम्पनी के सदस्य उपस्थित रहे।

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जिला कार्यालय की कार्य व्यवस्था बनाए रखने निषेधाज्ञा लागू,कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रोहित व्यास ने धारा 163 के तहत जारी किए सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश

जशपुरनगर 6 फरवरी 2026/ जिला कार्यालय जशपुर में बिना पूर्व सूचना विभिन्न समूहों के अचानक प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने अथवा भीड़ के रूप में पहुंचने से नियमित शासकीय कार्य प्रभावित होने तथा आम नागरिकों को असुविधा होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रोहित व्यास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता–2023 की धारा 163 (पूर्व में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144) के अंतर्गत जिला कार्यालय जशपुर एवं उसके 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के घातक शस्त्र जैसे बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी अथवा अन्य हथियार एवं विस्फोटक सामग्री लेकर नहीं चलेगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का जुलूस निकालना, आपत्तिजनक नारे लगाना, पोस्टर वितरित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

*धरना, आमसभा और ध्वनि विस्तारक पर रोक* -

निषेधाज्ञा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भीड़ एकत्र करने, धरना देने, नारेबाजी करने, आमसभा या जुलूस आयोजित करने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है, ताकि शासकीय कार्यों में बाधा न पहुंचे।

*ज्ञापन हेतु पूर्व अनुमति अनिवार्य* -

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को ज्ञापन सौंपने अथवा अन्य कारणों से जिला कार्यालय परिसर में प्रवेश करने के लिए न्यूनतम दो दिवस पूर्व अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी जशपुर को विधिवत लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। लिखित अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही संबंधित व्यक्ति अथवा समूह को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कर्तव्य निर्वहन हेतु शस्त्र अथवा लाठी रखना आवश्यक है। साथ ही कानून-व्यवस्था के लिए नियुक्त पुलिस अधिकारियों तथा शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था या दिव्यांगता के कारण लाठी रखने वाले व्यक्तियों को भी इस आदेश से छूट दी गई है।

*उल्लंघन पर दंड का प्रावधान* -

आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता–2023 की धारा 223 (पूर्व में भा.दं.सं. की धारा 188) के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि समयाभाव के कारण आम नागरिकों को सुनना संभव नहीं होने से यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह निषेधाज्ञा आदेश आगामी तीन माह तक जिला कार्यालय जशपुर एवं उसके 100 मीटर क्षेत्र में प्रभावशील रहेगा।

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स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता बगिया सीजन- 2 का भव्य समापन, पगुराबहार ने बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब..


जशपुरनगर। बगिया में आयोजित स्वर्गीय ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता सीजन-2 का भव्य एवं गरिमामय समापन गुरुवार को किया गया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अतिथियों द्वारा स्वर्गीय ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पूरे परिसर में भावनात्मक माहौल देखने को मिला और उपस्थित जनसमूह ने स्वर्गीय साय के सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित रहीं। उन्होंने स्व. ओमप्रकाश साय के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश साय समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्र के विकास और लोगों की भलाई के लिए निरंतर कार्य किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की स्मृति में आयोजित खेल प्रतियोगिता युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ समाज को एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है।श्रीमती कौशल्या साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना सिखाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने गांव, क्षेत्र एवं राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।फाइनल मुकाबला पगुराबहार और बंदरचूआ टीम के बीच खेला गया, जिसमें पगुराबहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पगुराबहार ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी बंदरचूआ की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 86 रन का लक्ष्य खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पगुराबहार की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की।प्रतियोगिता में विजेता टीम पगुराबहार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता टीम बंदरचूआ को 21 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सरपंच राजकुमारी साय, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हीरामति पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, जनपद सदस्य सरोज यादव, रामविलास राम, समिति सदस्य रामनारायण राम, अजीत साय, अवधेश साय, परमेश्वर साय, किशोर साय, राजेंद्र राम, विनोद साय, प्रवीण साय सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला और प्रतियोगिता ने क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है-उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर, 5 फरवरी 2026/

     राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।    
      कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कुलपति,कुलसचिव,महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक स्वयं अध्ययन करें।उन्होंने राज्य स्तर पर संचालित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।भारतीय ज्ञान परंपरा पर विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर उनमें जागरूकता बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। मंत्री श्री वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत एवं बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
      कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, निदेशक आईआईटी भिलाई डॉ. राजीव प्रकाश, शिक्षाविद श्री दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
   इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. राजीव प्रकाश ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी तरह श्री ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।
     कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

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परीक्षा के डर को तोड़ने फिर विद्यार्थियों के बीच आएंगे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, 6 फरवरी को देशभर में होगा ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का सीधा संवाद

अंबिकापुर 05 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और समग्र कल्याण की भावना तथा परीक्षा को लेकर भय के वातावरण को दूर करने के उद्देश्य से  06 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों से परीक्षा पे चर्चा किया जाएगा।
      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) 2026 कार्यक्रम 06 फरवरी 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से जिले के प्रत्येक शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों, विकासखण्ड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया (यूट्यूब, फेसबुक लाइव), दूरदर्शन, PM eVidya TV, रेडिया चैनलों और विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्म आदि पर किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास केवल मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नींव हैं – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 5 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है।

आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है। 

इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं।

*"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। - उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

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जहां हर श्लोक बना जीवन का संदेश—भक्ति, श्रद्धा और संकीर्तन की गूंज के बीच जशपुर के कीर्तन भवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, भक्त प्रह्लाद और ध्रुव चरित्र के प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु.....

जशपुरनगर 05 फरवरी 2026  :- शहर के कीर्तन भवन में बुधवार की शाम सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन की कथा का वाचन आचार्य करुणा शंकर जी महाराज द्वारा किया गया। कथा प्रारंभ से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना एवं भागवत महापुराण की आरती की गई।


          पहले दिन आचार्य करुणा शंकर जी ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। उन्होंने भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र और भक्ति के मूल सिद्धांतों का संक्षिप्त वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश दिया।
         कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संपूर्ण वातावरण भक्ति-मय हो गया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से कीर्तन भवन गूंज उठा। आयोजन समिति ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा के साथ झांकी प्रदर्शन प्रतिदिन शाम  6:30 से 9:30 तक आयोजित की जाएगी.

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पहाड़ों और जंगलों के बीच बनेगी विकास की मजबूत सड़क: रजत जयंती पर 500 करोड़ की लागत से प्रदेशभर में बनेंगी 28 महत्वपूर्ण सड़कें - जशपुर जिले को भी मिली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की सौगात, आवागमन होगा आसान

रायपुर : रजत जयंती महोत्सव : 500 करोड़़ रूपए की लागत से होंगे 28 महत्वपूर्ण सड़कों के कार्य

रायपुर, 05 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ गठन के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्री विण्णु देव साय के निर्देशन में और लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री अरूण साव के मार्गदर्शन में आमजन के लिए यातायात और अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों को कराने स्वीकृति प्रदान की गई है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के 28 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पांच सौ करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए है।
 राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यो में जिला धमतरी के भोथली मेंढरका मार्ग निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित लम्बाई 3 किलोमीटर के कार्य के लिए 5 करोड़ 64 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार धमतरी के मेघा से खैरझिटी मार्ग लम्बाई 3.50 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला सूरजपुर के अंतर्गत बिशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (एस.एच-16) के सुदृढ़ीकरण एवं मजबूती कार्य के लिए 32 करोड़ 24 लाख 47 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह से विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर के अंतर्गत जमदेई से पोतका मार्ग पर रेहण्ड नदी तक मार्ग निमार्ण कार्य के लिए 6 करोड़ 15 लाख 40 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। बेमेतरा जिले के अंतर्गत देवकर साजा खम्हरिया मार्ग लम्बाई 31.60 किलोमीटर के लिए 31 करोड़ 11 लाख 43 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। 
इसी प्रकार से बेरला से कोदवा देवरबीजा करमू मार्ग लम्बाई 22 किलोमीटर के लेन मजबूतीकरण कार्य के लिए 15 करोड़ 94 लाख एक हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार बहिंगा तिवरैया सिमगा पहुंच मार्ग लम्बाई 12 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए 11 करोड़ 81 लाख 12 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के कामेश्वर नगर रामचन्द्रपुर-लुरगी मार्ग के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य 48 किलोमीटर के लिए 25 करोड़ 68 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी तरह से सनावल मार्ग के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य 35 किलोमीटर के लिए 9 करोड़ 16 लाख 21 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार परसवार से चलगली उन्नयन मार्ग लम्बाई  18 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 38 करोड़ 80 लाख  48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जशपुर जिले के अंतर्गत विकासखण्ड कांसाबेल के गड़ैरटोली से जामुण्डा-कटंगखार पहुंच मार्ग लम्बाई 4.50 किलोमीटर पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 62 लाख 80 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला मंुगेली के सल्फा मोतिपुर धुमा अमलडीह मार्ग 22.50 किलोमीटर मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य के लिए 45 करोड़ 25 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला कांकेर के चारामा कोरर से गिधाली-रतेडीह-कुर्रूटोला  पहुँच मार्ग पुल-पुलिया सहित लम्बाई 6 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 10 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। अंतागढ़-बेड़मा मार्ग के मजबूतीकरण कार्य के लिए 24 करोड़ 69 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। इसी प्रकार कांकेर के बासनवाही-टंहकापार मार्ग के 3/8 किलोमीटर पर महानदी पर सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 28 करोड़ 6 लाख 90 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला मेनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पाराडोल से मेरो मार्ग पर कौड़ीया नाला पर पुल निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 53 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। पाराडोल से तेन्दुडांड मार्ग पर हसदेव नदी पर पुल निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 18 लाख 8 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार बेलबहरा से लालपुर पहुंच मार्ग पर सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ 11 लाख 86 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला राजनांदगांव विकासखण्ड छुरिया के बैरागीभेंड़ी से भोलापुर पहुंच मार्ग लम्बाई 3 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 13 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला बलौदाबाजार के छछानपैरी से कुम्हारी तक पहुंच मार्ग लम्बाई 3 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ 48 लाख 47 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला सरगुजा के सोनतराई मैनपाट मार्ग लम्बाई 28 किलोमीटर मजबूतीकरण एवं सौन्दर्यकरण कार्य के लिए 26 करोड़ 33 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। सरगुजा के अम्बिकापुर के गांधीचौक से रेलवे स्टेशन तक 4 लेन चौड़ीकरण लम्बाई 5 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 61 करोड़ 34 लाख  7 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार सरगुजा के कोरंधा से पसेना तक लम्बाई 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 92 लाख 90 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के बसंतपुर कारियाम मार्ग लम्बाई 15 किलोमीटर मजबूतीकरण कार्य के लिए 9 करोड़ 26 लाख 47 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। रायपुर जिले के गोढ़ी-तोड़गांव-बड़गांव लम्बाई 4 किलोमीटर मजबूतीकरण, चौड़ीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए 21 करोड़ 55 लाख 97 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला दुर्ग के सेलुद जामगांव रानीतराई मार्ग लम्बाई 40.52किलोमीटर का डामर नवीनीकरण कार्य के लिए 11 करोड़ 71 लाख 63 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला सक्ती के छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली से सेमराडीह तक सड़क लम्बाई 12 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 15 करोड़ 29 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। बिलासपुर के कोनी मोपका बायपास मार्ग लम्बाई 13.40 किलोमीटर फोरलेन निर्माण कार्य के लिए 20 करोड़ 51 लाख 80 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में इन महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों की स्वीकृति मिलने से लोगो का आवागमन और सुविधा जनक हो जाएगा। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगो के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी। 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना,बाल विवाह रोकने करेगा प्रचार प्रसार

जशपुरनगर 5 फरवरी 2026/ बाल विवाह के विरुद्ध जन-जागरूकता को राज्य के अंतिम छोर तक पहुँचाने और छत्तीसगढ़ को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 8 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न गांवों और कस्बों में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बाल विवाह चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल हुए। यह पहल 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत संचालित की जा रही है। जिले में यह अभियान समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च द्वारा, बाल अधिकारों के लिए कार्यरत देशव्यापी नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से चलाया जा रहा है।
रथ को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाल विवाह की प्रवृत्ति में पहले की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है। बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है और सरकार, नागरिक समाज संगठनों तथा स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही बाल विवाह से मुक्त किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, संस्था सदस्य अंजलि ताम्रकार, संस्था के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     संस्था द्वारा बताया गया कि प्रचार प्रसार रथ चारपहिया वाहनों के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर तथा मोटरसाइकिल और साइकिल कारवां के जरिए दूरस्थ और कमजोर संपर्क वाले गांवों तक पहुँचेगा। यात्रा के दौरान पंचायतों, स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। समर्पित संस्था के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि यह रथ समुदाय स्तर पर चेतना विकसित करने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभियान के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा मयाली - मुख्यमंत्री श्री साय - स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की नई सौगात,मुख्यमंत्री श्री साय ने किया मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन

जशपुरनगर 5 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत सरकार के स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा विकास परियोजना का आज मयाली नेचर कैंप में भूमिपूजन किया। इसके अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से मयाली, विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग मधेश्वर पर्वत एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने विभिन्न कार्य किये जाएंगे। मयाली–बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान प्राप्त होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए ऐतिहासिक है।आज यहां पर मयाली के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी गई। मयाली अब  पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है। अब यह वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। मयाली की पहचान मधेश्वर महादेव से रही है। जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। अब विकास परियोजना से मधेश्वर पहाड़ के धार्मिक और पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। इसे ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के पास पर्यटक रिसोर्ट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना से जशपुर जिले में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। मयाली को एक संपूर्ण इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाया जाएगा। इससे यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। जब देश-विदेश से पर्यटक आएंगे तो पर्यटन से होने वाली आमदनी का लाभ सीधे स्थानीय लोगों को मिलेगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ में होम-स्टे नीति भी लागू की गई है। ग्रामीण परिवार अपने घरों को होम-स्टे बनाकर पर्यटन से सीधे जुड़ सकेंगे। इस तरह से होम-स्टे से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
हमारे बेटे-बेटियों के लिए भी यह एक नया अवसर है। परियोजना के तहत बनने वाले स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। मयाली क्षेत्र के विकास से जशपुर के न सिर्फ पर्यटन क्षेत्र को बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक विभिन्नताओं को भी देश विदेश के लोग जानेंगे।

विभिन्न विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर — पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरेगा क्षेत्र

मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन के एक समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। क्षेत्र में पर्यटन एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु अनेक विकास कार्य प्रस्तावित एवं स्वीकृत किए गए हैं, जिनके पूर्ण होने पर मयाली की पहचान एक सुव्यवस्थित, आकर्षक और पर्यटक-अनुकूल स्थल के रूप में स्थापित होगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली में 05 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस हॉल, कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग तथा पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से न केवल पर्यटकों के ठहराव और आयोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिव मंदिर क्षेत्र में भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं। यहां प्रवेश द्वार का निर्माण, स्वच्छ टॉयलेट सुविधा, सौंदर्यीकरण हेतु लैंडस्केपिंग तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्यटन सशक्त होगा। इसी प्रकार बगीचा क्षेत्र के कैलाश गुफा परिसर को भी एक सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रवेश द्वार, टॉयलेट, पिकनिक पिंडी (स्पॉट), रेस्टिंग शेड, घाट का विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों/रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाना प्रस्तावित है। इससे प्राकृतिक सौंदर्य के बीच सुरक्षित एवं सुविधाजनक पर्यटन अनुभव सुनिश्चित होगा।
उक्त सभी कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-स्कीम सीबीडीडी योजना के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के क्रियान्वयन से मयाली और बगीचा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती, रोजगार के अवसरों का सृजन तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। आने वाले समय में यह क्षेत्र जशपुर जिले के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं अध्यक्ष पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष नगर पालिका जशपुर श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सचिव छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग श्री रोहित यादव, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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