ताजा खबरें


बड़ी खबर

जल संरक्षण को लेकर प्रियवंदा सिंह जूदेव ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की अहम मुलाकात, बांकी नदी के संरक्षण और शहर के जल स्रोतों को बचाने पर बनी मजबूत रणनीति, शासन से हरसंभव सहयोग का मिला भरोसा


जशपुरनगरः आने वाली पीढ़ी को भीषण जल संकट से बचाने के लिए जल संरक्षण आवश्यक है। इसके लिए शहर के नदी-नालों सहित पारंपरिक जल स्त्रोतों का संरक्षित करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने उप मुख्यमंत्री अरूण साव से मुलाकात के दौरान कही। जूदेव,उप मुख्यमंत्री साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात करने पहुंची थी। उन्होनें उप मुख्यमंत्री को बताया कि हाल में जल संरक्षण के लिए उन्होनें शहर के बुद्विजीवियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया था,इसमें सभी ने शहर में बढ़ते जल संकट पर चिंता जताते हुए,एकजुट हो कर काम करने की इच्छा जताई है। प्रियंवदा ने बताया कि इस बैठक में शहरवासियों ने नगर की जीवन रेखा कहलाने वाली बांकी नदी के सिमटते हुए अस्तित्व पर चिंता जाहिर करते हुए,इसे संरक्षित करने पर जोर दिया हेै। इस पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने शासन स्तर पर हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए,प्रियवंदा सिंह जूदेव के पहल की सराहना की।

और भी

बरनवापारा की धरती पर कभी विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरण आज 200 की संख्या पार कर बने छत्तीसगढ़ की शान, ‘मन की बात’ में गूंजा संरक्षण का यह ऐतिहासिक अभियान

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में 
काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

और भी

संघर्ष से सफलता तक: पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी ने रचा इतिहास, पढ़ाई के साथ नौकरी पाकर बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/
छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।

 *शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा' में वार्ड आया के पद पर पदस्थ शाम कुमारी*

   सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. (B.Sc.) अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें 'शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा' में वार्ड आया (Ward Aya) के पद पर पदस्थ किया गया है।

*पढ़ाई का खर्च अब खुद उठा सकेंगी शाम कुमारी*

        अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।

*विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रति संवेदनशील है प्रशासन*

       गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (PVTG) के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं।

        शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

और भी

“प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर के संग बनेगा भारत वैश्विक खेल महाशक्ति, मजबूत खेल तंत्र से ही ओलंपिक में लहराएगा तिरंगा : अरुण साव

रायपुर. 26 अप्रैल 2026/ केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। श्री साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 

श्री साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।

आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

और भी

जिला अस्पताल जशपुर में अब हर मंगलवार लगेगा दिव्यांग प्रमाणन शिविर, यूडीआईडी कार्ड नवीनीकरण की भी मिलेगी सुविधा

*जशपुरनगर 26 अप्रैल 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी नवीनीकरण जिला अस्तपताल जशपुर में प्रत्येक मंगलवार को  प्रातः 10.00 बजे से 4.00 बजे तक किया जावेगा। 
                 समाज कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि ऐसे दिव्यांगजन जिनका यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है और जिनका पहले से बना हुआ पुराना दिव्यांग प्रमाण पत्र है नवीनीकरण करने हेतु जिला जिला अस्तपताल  के रूम नम्बर  11 में कु. रेहाना खातुन मोबाईल नम्बर 7869882397 से सम्पर्क कर दिव्यांग प्रमाण पत्र कार्ड बना सकते है।
                  जिला के समस्त दिव्यांगजनो का प्रमाणीकरण तथा पूर्व में जारी प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जावेगा। उक्त शिविर में आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार नम्बर में रजिस्टर्ड मोबाईल जिसमें ओटीपी आता हो, फोटोग्राफ जिसमें दिव्यांगता प्रदर्शित हो)जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करे। यदि आधार से लिंक मोबाईल नंबर अपडेट करने की आवश्यकता है तो पूर्व से ही आधार केन्द्र में मोबाईल नंबर अपडेट करवा लेवें।

और भी

धुएँ से राहत, जिंदगी में आई रौशनी — उज्ज्वला योजना से जशपुर की 1.54 लाख से ज्यादा महिलाओं के रसोईघर में आई बदलाव की बयार

जशपुर 26 अप्रैल 2026/ प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आए। इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। 
जशपुर जिले में 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया है।

इस योजना से महिलाओं को रसोई में धुएँ से मुक्ति मिल रही है तथा उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन रहा है।

जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। विकासखंड बगीचा निवासी श्रीमती क्रांति यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों गैस सिलेंडर प्राप्त कर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पारंपरिक चूल्हे के धुएँ से छुटकारा मिलेगा। पहले रसोई में धुएँ के कारण आँखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती थी, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से वे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में आसानी से भोजन बना सकेंगी।

इसी प्रकार ग्राम मड़िया निवासी श्रीमती फूलमती नगेसिया ने बताया कि वे अब तक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। धुएँ के कारण घर का वातावरण खराब हो जाता था और उन्हें काफी असुविधा होती थी। निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से अब खाना जल्दी और साफ-सुथरे तरीके से बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए बहुत राहत लेकर आई है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

और भी

“यूरिया का विकल्प बनी हरी खाद: जशपुर में 600 हेक्टेयर में होगा प्रदर्शन, किसानों से अपनाने की अपील


 
जशपुरनगर 26 अप्रैल 2026/ जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए सभी विकास खण्ड में इस वर्ष 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
         
विभाग द्वारा किसान भाईयों से कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद का उपयोग कर धरती माता को चिरस्थाई, दीर्घायु बनाने हेतु अपील किया गया है।

*हरी खाद* 
विशिष्ट फसलों को खेत में जोतकर मिट्टी में दबाकर लगाया जाता है। तब उससे हरी खाद बनता है। हरि खाद वाली फसलें मे ढेंचा, सनई मुंग, उड़द, बरसीम
शामिल हैं। इस खाद का उपयोग बुआई से पहले रात भर बीज को भीगो देना होता है। मार्च अप्रैल में बुआई कर, बुआई के 40-50 दिन बाद, ट्रेक्टर हल से जुताई करके में मिलाना होता है। 2-3 हफ्ते बाद मुख्य फसल बोना होता है। 
 
*हरी खाद के फायद* 
 मिट्टी में नाइट्रोजन पोटाष और कई पोषक तत्व की मात्रा बढ़ाती है। जैविक पदार्थ बढ़ता है। मिट्टी की जल धारण क्षमता सुधारती है। मिट्टी को भूरभूरी और उपजाऊ बनाती है। जैविक पदार्थ बढ़ता है। रासायनिक खाद की जरूरत कम करती है। इसके लिए बहुत ज्यादा पकी (कठोर) फसल को न जोतना होता है। खेत में नमीं होना जरूरी है। जुताई के बाद 15-20 दिन तक सड़ने देना है।  एक एकड़ में 10-12 किलो पर्याप्त है। खराब जमीन पर 20 कि.ग्रा. तक डाल सकते है।

और भी

मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, श्री अजय जामवाल, श्री अखिलेश सोनी, श्री रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

मौत का मोड़” फिर बना हादसे का मैदान — सारंगडाँड़ में देर रात ट्रेलर पलटा, चीख-पुकार के बीच ड्राइवर की सांसें अटकीं, हर महीने 2 से 4 हादसे… जिम्मेदार अब भी गहरी नींद में 

नारायणपुर : 26 अफ़्रैल 2026 - चराईडाँड़–बतौली स्टेट हाईवे का बनकोम्बो-सारंगडाँड़ हिस्सा अब “मौत का मोड़” बन चुका है, जहां हर गुजरने वाला पहिया खतरे के साये में चलता है। बीती रात करीब साढ़े 9 बजे एक बार फिर इस खतरनाक “अंधा मोड़” ने बड़ा हादसा निगलने की कोशिश की, जब बोकारो से सरिया लोड कर अनूपपुर जा रहा ट्रेलर (JH 09 BN 2366) अचानक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया।

हादसे की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के घरों में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह दब चुका था और चालक उसी में फंसा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। ग्रामीणों ने बिना देर किए जान जोखिम में डालकर राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। तुरंत नारायणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है… यही सबसे बड़ा सवाल है!

स्थानीय लोगों के मुताबिक सारंगडाँड़ का यह “अंधा मोड़” हर महीने 2 से 4 हादसों का गवाह बन रहा है। कई परिवार इस मोड़ की वजह से अपनों को खो चुके हैं, लेकिन सिस्टम अब भी खामोश है। यहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड है, न ही स्पीड कंट्रोल की कोई व्यवस्था — यानी सड़क पर चलता हर वाहन खुद अपनी किस्मत के भरोसे है।

मोड़ की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके एक छोर में घने और ऊंचे पेड़ खड़े हैं, जो पूरी तरह दृश्यता को खत्म कर देते हैं। सामने से आ रही गाड़ी आखिरी पल में नजर आती है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। चालक के पास न संभलने का मौका होता है, न बचने का रास्ता — और बस एक झटके में सब कुछ खत्म!

ग्रामीणों का गुस्सा अब साफ दिखने लगा है। सरपंच सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सम्बंधित विभाग के कर्मचारियों को शिकायत करने के बावजूद विभाग ने न तो पेड़ों की छंटाई कराई और न ही चेतावनी संकेतक लगाए। हर हादसे के बाद सिर्फ अफसोस जताया जाता है, लेकिन जमीनी कार्रवाई शून्य है।

लोगों का कहना है — बनकोम्बो से नारायणपुर कपरीनाला तक 3 से 4  खतरनाक ओर अंधा मोड़ है विभाग की लाफ़रवाही इतनी चरम पर है कि कंन्ही भी चेतावनी के सांकेतिक बोर्ड नही लगाया गया है। सारंगडाँड़ में अगर समय रहते इस “अंधा मोड़” पर पेड़ों की छंटाई कर दी जाए, दोनों ओर बड़े-बड़े चेतावनी के संकेतक बोर्ड लगा दिए जाएं तो 95% हादसे रोके जा सकते हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिर विभाग कब जागेगा? 

फिलहाल, सारंगडाँड़ का यह मोड़ हर दिन एक नए हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है… और हर गुजरती गाड़ी के साथ दहशत भी दौड़ रही है। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की नींद कब टूटती है — या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतना आएगी!

सुनिए क्या कहते हैं ग्रामीण :-

और भी

जशपुर नगर के गम्हरिया विद्यालय में भावनाओं से भरा ऐतिहासिक विदाई समारोह—तीन अनुभवी कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पूरे परिसर में छाया गौरव और अपनापन का माहौल 

जशपुर नगर 26 अफ़्रैल 2026  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गम्हरिया में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर शिक्षा जगत को समृद्ध करने वाले तीन कर्मयोगी—प्राचार्य राम कुमार पाठक, खेल शिक्षिका श्रीमती शोभावन्ती राठिया एवं कार्यालय सहायक रामेश्वरम राम—अपने सेवाकाल की पूर्णता पर सेवानिवृत्त हुए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा एक भव्य एवं गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जो सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता से ओतप्रोत रहा।

समारोह के दौरान सहकर्मियों ने इन सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके लंबे और समर्पित सेवाकाल को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि इनका योगदान केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन्होंने विद्यालय के वातावरण को अनुशासन, ईमानदारी और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति से सुसज्जित किया। इनके अनुभव और मार्गदर्शन ने न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारा, बल्कि सहकर्मी शिक्षकों को भी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

विदाई के इस भावुक क्षण में स्वयं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को जीवन में संतुलन बनाए रखने, कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उनके शब्दों में वर्षों की साधना और सेवा का अनुभव झलक रहा था, जिसने उपस्थित सभी को भावुक कर दिया।

विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और निरंतर सफलता की कामना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व, कार्यशैली, समयपालन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। समारोह के अंत में स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, जहां हर आंख नम थी, लेकिन दिल गर्व और सम्मान से भरा हुआ था।

और भी

जशपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भाजयुमो का जोरदार प्रदर्शन: महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, राहुल गांधी का पुतला दहन कर जताया विरोध, प्रधानमंत्री मोदी के फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम 

जशपुर : 25 अफ़्रैल 2026 । जशपुर जिले में शनिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) एवं महिला मोर्चा द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के पक्ष में आवाज बुलंद की।

कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकर्ताओं के एकत्रीकरण के साथ हुई, जहां सभी ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इससे देश की आधी आबादी की उम्मीदों को ठेस पहुंचती है।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भूमिका मिलेगी।

इस मौके पर महिला मंडल अध्यक्ष अनीता पैंकरा, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष दीपक मिश्रा, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, जिला मंत्री संतोष सिंह, भाजयुमो जिला महामंत्री राजा सोनी, जिला उपाध्यक्ष नमित सिंह, जिला प्रशिक्षण प्रमुख राहुल गुप्ता, मीडिया सह प्रभारी दीपक सिंह, सह कोषाध्यक्ष संजय सिंह, एसटी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विनोद निकुंज, पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल अध्यक्ष गुन्नू रवानी, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रकाश नायक, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेश भगत, जशपुर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दामोदर साव, सोनक्यारी मंडल अध्यक्ष परिंदा गुप्ता, मनोरा मंडल अध्यक्ष वासुदेव राम भगत, प्रतिमा भगत, पूर्व पार्षद अंजेला खेस एवं मुन्नी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

और भी

फ्लड लाइट की चकाचौंध में सजा कोमड़ो का क्रिकेट मैदान, रोमांचक फाइनल में प्रभाकर जिम इलेवन ने सिंगीबहर को हराकर लहराया जीत का परचम, चौकों-छक्कों की बरसात के बीच खिलाड़ियों पर बरसी इनामों की बारिश, देर रात तक गूंजता रहा जश्न

जशपुरनगर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत कोमड़ो शुक्रवार की रात क्रिकेट के रोमांच से सराबोर नजर आया, जब फ्लड लाइट की चकाचौंध में खेले गए जिला स्तरीय नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य समापन हुआ। देर रात तक चले इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में प्रभाकर जिम इलेवन ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सिंगीबहर को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान मैदान में उमड़ी भारी भीड़, हर चौके-छक्के पर गूंजती तालियां और जीत के बाद खिलाड़ियों का उत्साह पूरे आयोजन को यादगार बना गया।

फाइनल मुकाबले में सिंगीबहर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 76 रन बनाए। शुरुआती ओवरों में टीम ने संतुलित खेल दिखाया, लेकिन मध्यक्रम के लगातार विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा नहीं हो सका। लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्रभाकर जिम इलेवन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और बल्लेबाजों ने दर्शकों को जमकर रोमांचित किया। टीम ने मात्र 9 ओवर में 77 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और मैदान में जीत का जश्न शुरू हो गया।

समापन समारोह भी उतना ही भव्य रहा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विक्रमादित्य सिंह जूदेव और जया सिंह जूदेव शामिल हुए। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

विजेता टीम प्रभाकर जिम इलेवन को मुख्य अतिथि के हाथों एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन की भी सराहना की गई, जिसमें 37 रन की शानदार पारी खेलने वाले नीतीश को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। वहीं 2 विकेट लेने वाले फैज को बेस्ट बॉलर का पुरस्कार दिया गया। पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले फ्रेंड्स क्लब के विशाल शर्मा को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब देते हुए साइकिल भेंट की गई।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ऐसे टूर्नामेंट नई प्रतिभाओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं और युवा बड़ी संख्या में खेल को अपने करियर के रूप में अपना रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के भव्य आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूती देते हैं और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। देर रात तक चले इस आयोजन ने कोमड़ो को खेल उत्सव में बदल दिया, जिसकी गूंज लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेगी।

और भी

अवैध खनन पर सरकार का बड़ा प्रहार: आधी रात चला केंद्रीय उड़नदस्ता का सर्च ऑपरेशन, हसदेव नदी किनारे रंगे हाथ पकड़ी गई मशीनें, 4 भारी मशीनों की जब्ती से मचा हड़कंप

रायपुर, 25 अप्रैल 2026// छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इससे प्राप्त राजस्व का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि इन संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के तहत हो, ताकि प्रदेश को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
               इसी क्रम में संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के केन्द्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 एवं 25 अप्रैल की रात और सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला सक्ती और जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सक्ती जिले की घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य बंद पाया गया, जिससे नियमों के पालन की पुष्टि हुई। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में मध्य रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान हसदेव नदी के पास हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों का संचालन करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया।
          इसके अतिरिक्त ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है।
इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
              राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि खनिज संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। केन्द्रीय उड़नदस्ता और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
इस कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) श्री भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे

और भी

संवेदनशील नेतृत्व का बड़ा असर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का त्वरित संज्ञान, मिनटों में हरकत में आया प्रशासन, तीन माह से पेंशन और राशन से वंचित वृद्ध हितग्राही तक पहुँची राहत

रायपुर 25 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी श्री भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है।

मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि श्री भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि श्री भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुनः शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि श्री भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई। 

वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर श्री भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है। 

उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।

और भी

अबूझमाड़ की नन्हीं पारूल को मिला नया जीवन — “प्रोजेक्ट धड़कन” ने समय पर पहचानकर कराई सफल हृदय सर्जरी, दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवा का बना सहारा

रायपुर,25 अप्रैल 2026 // नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया।

नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी।

अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी।

जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।

10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई। 
आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह  खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है।

कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
           उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
          “प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।

और भी

छत्तीसगढ़ से हज यात्रा पर जा रहे 815 यात्रियों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने फर्स्ट एड किट वितरित कर की सुखद यात्रा की कामना

रायपुर, 25 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
             मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। 
                 सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
          कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।

और भी

वैश्विक निवेशकों के लिए उभरता केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़ — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापानी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में औद्योगिक विकास, पारदर्शी नीति और रोजगार अवसरों पर विस्तृत मंथन

रायपुर 25 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे।

और भी

पहाड़, जंगल और मुश्किल रास्तों को पार कर आई रोशनी: नारायणपुर के ईरपानार में जले पहली बार बल्ब, खुशी से झूम उठे ग्रामीण

रायपुर,25 अप्रैल 2026 // कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया।

ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।

 *घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान* 

कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है।

*₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक*

ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है।

*अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला*

बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा।

भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

 *ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी* 

जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।

 *अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत* 

 ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

और भी