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जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अवैध उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ प्रहार, राजस्व सुरक्षा को मिली नई मजबूती

रायपुर 29 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
              राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। 
              खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।
यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।
         इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।

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वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए सुविचारित, व्यापक एवं रणनीतिक पहल की जा रही है, जो ग्रामीण विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

          केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विशेष रूप से ग्राम चौपालों, ग्राम सभाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल को नवाचारपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचेगी तथा पारदर्शिता एवं मॉनिटरिंग को मजबूती मिलेगी।

         अपने पत्र में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने उल्लेख किया कि वन क्षेत्रों एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जो राज्य के समावेशी एवं सतत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को राज्य में मानव-दिवस सृजन  रुझान को देखते हुए 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के सतत प्रयासों एवं बढ़ती कार्यगत आवश्यकता का सकारात्मक परिणाम बताया।

        केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य प्रशासन इसी प्रतिबद्धता एवं ऊर्जा के साथ योजनाओं के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन को नई गति देगी, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंगरि,फॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

 रायपुर, 29 अप्रैल 2026/  सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।

 आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।

 इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।

 रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।

 यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

 इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।

 यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

 इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने घोषित किए 10वीं-12वीं के परिणाम : रायगढ़ के होनहारों ने प्रदेश में बजाया डंका, 8 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई ऐतिहासिक जगह, 

 रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आज कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। जिले से कक्षा 12 वीं में कुल 83.45 प्रतिशत और कक्षा 10 वीं में 80.06 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। वहीं प्रदेश स्तर पर टॉप-10 की सूची भी जारी की गई, जिसमें रायगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में जिले के दो विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल महलोई (पुसौर) की गिरिजा प्रधान ने 600 में से 590 अंक प्राप्त कर 98.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान हासिल किया, वहीं पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, घरघोड़ा के अहसान अली ने 600 में से 587 अंक प्राप्त कर 97.83 प्रतिशत के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया।
            इसी प्रकार कक्षा 12वीं की टॉप-10 सूची में रायगढ़ जिले के 6 विद्यार्थियों ने स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, छाल के कृष महंत ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर 97.80 प्रतिशत के साथ टॉप-3 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, महापल्ली के लोकनाथ मेहर ने 486 अंक (97.20 प्रतिशत) के साथ टॉप-6 में स्थान प्राप्त किया। महेंद्र सिंह पटेल मेमोरियल आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदेली की शीतल साहू ने 484 अंक (96.80 प्रतिशत) के साथ टॉप-8 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, तरकेला की बबीता पटेल ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, खरसिया की लिसिका वर्मा ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया तथा प्रज्ञा हायर सेकेंडरी स्कूल, सोंडका की अंजली झा ने 482 अंक (96.40 प्रतिशत) के साथ टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। 
            जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कक्षा 12वीं (कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि, ललित कला एवं गृह विज्ञान) के लिए कुल 8,969 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 8,914 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 8,855 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 7,390 परीक्षार्थी सफल रहे। इस प्रकार कक्षा 12वीं का कुल परीक्षा परिणाम 83.45 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी प्रकार हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की परीक्षा में कुल 12,238 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 12,075 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 11,898 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 9,526 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं का कुल परीक्षा परिणाम 80.06 प्रतिशत रहा। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सतत प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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जंगल-जंगल छापा, भट्टियाँ ध्वस्त… रायगढ़ में आबकारी का बड़ा एक्शन: 377 लीटर महुआ शराब और 1705 किलो लाहन जब्त, 2 गिरफ्तार

रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने जिले में कार्रवाई करते हुए अवैध महुआ शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से 377 लीटर से अधिक महुआ शराब एवं 1705 किलोग्राम महुआ लाहन की जप्ती की है। जिसमें 29 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से महुआ शराब जब्त की गई।
             पहले मामले में थाना चक्रधरनगर के मनुवापाली निवासी गोविंद सेठ 50 वर्ष के पास से 18.720 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दूसरे मामले में थाना-घरघोड़ा अंतर्गत चारमार निवासी कांती बाई 46 वर्ष के कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
               आबकारी विभाग ने पिछले तीन दिनों में जिले के विभिन्न ग्रामीण और वन क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी की। ग्राम बड़गांव थाना तमनार, धरमपुरा थाना चक्रधरनगर, बिंजकोट थाना चक्रधरनगर और कर्रानारा थाना खरसिया के आसपास अवैध शराब निर्माण स्थलों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अवैध भट्टियों को नष्ट करते हुए कुल 344 लीटर महुआ शराब और 1705 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। आबकारी विभाग ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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घर के अंदर छिपाकर बना रखा था नशे का गोदाम… 6 कार्टून में 72 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, पुलिस की स ताबड़तोड़ रेड में अरुण यादव गिरफ्तार,NDPS एक्ट के तहत  केस दर्ज

जशपुर, 29 अप्रैल 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करते हुए जशपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पत्थलगांव क्षेत्र में एक युवक द्वारा घर में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर बेचने का मामला सामने आया, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 28 अप्रैल को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कांसाबेल थाना क्षेत्र के ग्राम पोंगरो कोडाबहरी निवासी 27 वर्षीय अरुण यादव, पत्थलगांव के ग्राम चंदागढ़ स्थित अपने किराए के कमरे में अवैध रूप से नशीली कफ सिरप का भंडारण कर बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर भेजा।

पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राम चंदागढ़ पहुंचकर संदिग्ध कमरे की घेराबंदी की और गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे के अंदर लकड़ी के तख्त के नीचे छिपाकर रखे गए छह कार्टून बरामद किए गए। इन कार्टूनों में 100-100 मिलीलीटर की कुल 720 बोतलें ‘ONEREX’ नामक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप मिली, जिसकी कुल मात्रा 72 लीटर और अनुमानित कीमत ₹1,44,720 बताई गई है।

पूछताछ में पहले आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अवैध कारोबार की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लेकर नशीली सिरप को जब्त किया। साथ ही उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

इस मामले में आरोपी अरुण यादव के खिलाफ थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21(ग) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 28 अप्रैल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत पांडेय, सहायक उप निरीक्षक लखेश साहू, प्रधान आरक्षक कमलेश्वर वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अपने आसपास हो रही किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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डिजिटल क्रांति का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया ‘सेवा सेतु’, अब 441 सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर, घर बैठे मिलेगा प्रमाण-पत्र से लेकर भुगतान तक हर सुविधा,ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।

 ‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 

‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। 

वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है। 

‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।

नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमनक़ सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026: बेटियों ने फिर मारी बाज़ी, 10वीं में 77.15% और 12वीं में 83.04% छात्र सफल, पिछले साल से बेहतर रहा रिजल्ट, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म

रायपुर, 29 अफ़्रैल 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आज जारी हुए हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकण्डरी (12वीं) परीक्षा वर्ष 2026 के परिणामों ने इस बार भी बेटियों की शानदार सफलता की कहानी दोहराई है। दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का परिणाम प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सामने आई है।

हाईस्कूल परीक्षा 2026 में कुल 3,21,677 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 3,16,730 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों के अनुसार 3,14,953 परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया, जिनमें से 2,43,016 विद्यार्थी सफल घोषित हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 77.15 रहा। इसमें बालिकाओं का पास प्रतिशत 81.03 और बालकों का 72.27 प्रतिशत दर्ज किया गया। परिणामों के विश्लेषण में सामने आया कि 1,40,108 छात्र प्रथम श्रेणी में, 96,721 द्वितीय श्रेणी में और 6,187 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 19,347 छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहे।

कुछ परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिनमें 15 छात्र नकल प्रकरण में, 143 जांच प्रक्रिया में और 1616 छात्रों के आवेदन पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 3 परीक्षार्थियों के परिणाम बाद में जारी किए जाएंगे।

यदि पिछले वर्ष से तुलना करें तो वर्ष 2025 में हाईस्कूल का परिणाम 76.53 प्रतिशत था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 77.15 प्रतिशत हो गया है, यानी लगभग 0.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वहीं हायर सेकण्डरी परीक्षा 2026 में कुल 2,46,166 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें से 2,44,453 परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों में 2,43,898 विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी हुआ, जिनमें से 2,02,549 परीक्षार्थी सफल हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 83.04 रहा। यहां भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.04 प्रतिशत सफलता हासिल की, जबकि छात्रों का प्रतिशत 78.86 रहा।

12वीं में प्रथम श्रेणी में 1,27,334, द्वितीय श्रेणी में 72,402 और तृतीय श्रेणी में 2,806 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 7 छात्र पास श्रेणी में सफल हुए। वहीं 23,866 परीक्षार्थी एक या दो विषयों में असफल रहे। 63 छात्रों के परिणाम रोके गए हैं, जिनमें 5 नकल प्रकरण और 56 जांच के मामले शामिल हैं, जबकि 492 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 2 छात्रों के परिणाम बाद में घोषित होंगे।

पिछले वर्ष 2025 में हायर सेकण्डरी का परिणाम 81.87 प्रतिशत था, जो इस वर्ष बढ़कर 83.04 प्रतिशत हो गया है। इस प्रकार 1.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस वर्ष 10वीं के लिए 2,510 और 12वीं के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि 34 समन्वय केंद्रों से पूरी परीक्षा प्रक्रिया संचालित की गई।

छात्र अपने परीक्षा परिणाम मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटों cg.results.nic.in, results.cg.nic.in और cgbse.nic.in के अलावा डिजीलॉकर सहित विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों पर भी देख सकते हैं।

मण्डल की ओर से परीक्षा के सफल संचालन और परिणाम घोषित करने में सहयोग देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, मूल्यांकनकर्ताओं और सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं और असफल विद्यार्थियों को द्वितीय मुख्य (अवसर) परीक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया है।

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देश में पहली पहल: दुर्ग का जेंडर-बैलेंस्ड सिस्टम बना रोल मॉडल, टूटते परिवारों को जोड़ने का संवेदनशील और संतुलित प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण

रायपुर, 29 अप्रैल 2026

तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ा—चाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनाव—अनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।

दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है।

सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।

उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है—पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है।

वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है।

इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है—‘सीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच’ का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।

यहां आने वाली शिकायतें समाज की एक गंभीर तस्वीर सामने रखती हैं—
बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं।

अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।

दुर्ग का ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों—सभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।

संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात,  133 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म, लगाए जाएंगे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर...

जशपुरनगर 29 अप्रैल 2026/ जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।


*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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29 अप्रैल 2026 का आज का महा राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत, किसे मिलेगा धन-लाभ और किसे रहना होगा सावधान—जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का पूरा विस्तार से

29 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से परिवर्तन और संतुलन का संकेत दे रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार आज अधिकांश राशियों पर मिला-जुला प्रभाव देखने को मिलेगा, जहां मेहनत करने वालों को परिणाम मिलने के संकेत हैं, वहीं जल्दबाजी और लापरवाही से नुकसान भी संभव है।

मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, नहीं तो संबंधों में खटास आ सकती है।

वृषभ राशि वालों के लिए आज धैर्य की परीक्षा का दिन है। परिवार से जुड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं और नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मानसिक संतुलन बनाए रखेगा।

मिथुन राशि के लिए दिन मिलाजुला रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है और मित्रों का सहयोग मिलेगा। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं, लेकिन ध्यान भटकने से काम बिगड़ सकता है, इसलिए एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है।

कर्क राशि के जातकों को आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखना होगा। परिवार के साथ समय बिताना जरूरी रहेगा, वहीं कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है, नहीं तो आर्थिक तनाव हो सकता है।

सिंह राशि वालों के लिए दिन सफलता का संकेत लेकर आया है। कार्यक्षेत्र में सम्मान या प्रमोशन की संभावना बन रही है। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक लाभ भी हो सकता है, लेकिन अहंकार से बचना जरूरी रहेगा, नहीं तो रिश्तों में दूरी आ सकती है।

कन्या राशि के लिए दिन व्यवस्थित और सकारात्मक रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्य सफल होंगे और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। बचत करने के लिए समय अनुकूल है, लेकिन ज्यादा सोचने से मानसिक तनाव हो सकता है।

तुला राशि के जातकों को आज संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और परिवार दोनों को समय देना जरूरी रहेगा। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और संबंधों में मजबूती आएगी, लेकिन किसी भी निर्णय में जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है।

वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन परिवर्तन का संकेत दे रहा है। करियर में नया मोड़ आ सकता है और महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं। आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन निजी बातों को गोपनीय रखना जरूरी होगा।

धनु राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और शिक्षा तथा करियर में सफलता मिल सकती है। आय में वृद्धि के संकेत हैं, लेकिन लापरवाही से नुकसान हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

मकर राशि के जातकों को आज मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। आय स्थिर रहेगी, लेकिन अधिक काम के कारण थकान हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कुंभ राशि के लिए आज नए अवसरों का दिन है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक लाभ के संकेत हैं, लेकिन किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा।

मीन राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। आय और खर्च में संतुलन बना रहेगा, लेकिन भावुक होकर लिए गए निर्णय परेशानी का कारण बन सकते हैं।

आज के दिन का समग्र संकेत यही है कि संयम, धैर्य और सोच-समझकर लिया गया निर्णय अधिकांश समस्याओं को हल कर सकता है, जबकि जल्दबाजी और क्रोध से नुकसान होने की संभावना बनी रहेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे 10वीं-12वीं बोर्ड परिणाम की घोषणा, लाखों विद्यार्थियों का इंतजार होगा खत्म, नवा रायपुर मंत्रालय से होगा रिजल्ट जारी

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/
छत्तीसगढ़ राज्य के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम की घोषणा आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में की जाएगी।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जैसे ही मुख्यमंत्री द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा, विद्यार्थी अपना रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से देख सकेंगे।

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10वीं-12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म: कल दोपहर 2:30 बजे जारी होंगे छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे, एक क्लिक में इन वेबसाइट्स पर देखें अपना रिजल्ट

रायपुर,28 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम कल 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 02.30 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक S -2-12 में  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा घोषित किया जाएगा। मण्डल द्वारा परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विभिन्न अधिकृत वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा परिणाम देखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। 

           माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी अपना अनुक्रमांक (Roll Number) दर्ज कर निम्नलिखित वेबसाइटों— https://cg.results.nic.in, https://cgbse.nic.in, https://results.cg.nic.in, https://results.digilocker.gov.in, https://timesofindia.indiatimes.com, www.tv9hindi.com, https://education.indianexpress.com, www.jagranjosh.com एवं www.ndtv.in — पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।

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तालाबों से तरक्की की लहर: मछली पालन से आत्मनिर्भर बने प्रकाश धीवर, सालाना 20 लाख की कमाई के साथ 20 लोगों को दे रहे रोजगार

रायपुर, 28 अप्रैल 2026/राजधानी रायपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर विकासखंड तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत बेलदार सिवनी के निवासी श्री प्रकाश धीवर आज मछली पालन के क्षेत्र में एक सफल और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरे हैं। मछली पालन उनके लिए केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य स्रोत बन चुका है।

बता दें कि सिवनी निवासी श्री प्रकाश धीवर ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में मछली पालन विभाग से संपर्क किया। विभाग से उन्हें यह जानकारी मिली कि ग्राम पंचायत के तालाबों को पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने बिना विलंब किए एक समिति का गठन किया और शासन के नियमानुसार ग्राम पंचायत सिवनी के तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लिया। साथ ही कुछ निजी तालाबों को लीज पर लेकर मछली पालन कार्य प्रारंभ किया।

वर्तमान में उनकी समिति के पास कुल पांच तालाब (8.835 हेक्टेयर) पट्टे पर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 22 से 25 टन मछली का उत्पादन हो रहा है। श्री धीवर “जय महामाया मछुआ सहकारी समिति, बेलदार सिवनी” के अध्यक्ष हैं, जिसमें 21 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्हें 40 प्रतिशत अनुदान पर एक चार पहिया वाहन भी प्राप्त हुआ है। इस वाहन की सहायता से वे रायपुर, खरोरा, तिल्दा और बलौदा बाजार जैसे बड़े मछली बाजारों में जीवित मछली का विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। विभिन्न स्रोतों से उनकी वार्षिक आय लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

मछली पालन के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति हेतु श्री धीवर जिला सहकारी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से न्यूनतम ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का ऋण भी लेते हैं, जिसका उपयोग मछली बीज, चुना और जाल खरीदने में किया जाता है।

शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर श्री प्रकाश धीवर न केवल आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक बने हैं, बल्कि क्षेत्र के लगभग 15 से 20 लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

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सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यों पर सरकार का सख्त फोकस — राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

​रायपुर 28 अप्रैल 2026/

     राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।  बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा की।

*​राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर*

*डिजिटल सुधार और एग्रीस्टेक में तेजी लाने के निर्देश*

      ​बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। यदि समय-सीमा में कार्य नहीं होता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर कार्यवाही की जाएगी।  
      इसी तरह ​मंत्री श्री वर्मा ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही, नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेसिंग के कार्यों में हो रहे विलंब को अगले 03 महीनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।  
​    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसी तरह आगामी समय को देखते हुए ​आपदा प्रबंधन की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कमी नही होना चाहिए।आकाशीय बिजली से बचाव और स्कूल तथा अस्पताल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्राप्त राशि का समुचित व्यय सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित जिलों में अतिशीघ्र कार्यवाही के भी निर्देश दिए।  
      बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने ​हितग्राही मूलक योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने हेतु आगामी 03 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार और तहसीलदारों के लिए वाहन क्रय संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि एवं तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल नियमित समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑटो डायवर्सन पोर्टल और विभिन्न राजस्व वसूलियों की समीक्षा करते हुए रायपुर जिले में राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ​बैठक में विभागीय बजट वर्ष 2025-26 एवं आगामी बजट 2026-27 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

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युवा फेस्ट 2026 बना सपनों की उड़ान का मंच: धमतरी के 12वीं छात्र ने AI वर्कशॉप से सीधे बेंगलुरु की आईटी कंपनी तक बनाई पहचान

रायपुर, 28 अप्रैल 2026/  धमतरी   में 24-25 अप्रैल को आयोजित युवा फेस्ट 2026 के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। यह आयोजन युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप से एक प्रेरणादायक सफलता कहानी सामने आई है।
   अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
   कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
 कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
  कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।
  समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।
   यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।
   प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।
  उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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मजदूरी की बेड़ियां तोड़ ‘मल्टी-फार्मिंग’ के नायक बने ललित यादव 6 गायों से शुरू हुआ सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ रच रहे


रायपुर, 28 अप्रैल 2026/ दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई 'श्वेत क्रांति' का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि यह पहल स्थानीय स्तर पर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।
*मजदूरी से 'मल्टी-फार्मिंग' तक का प्रेरणादायक सफर*
दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड के ग्राम गुमड़ा के रहने वाले 36 वर्षीय ललित यादव की कहानी अटूट साहस और संघर्ष की मिसाल है। एक समय था जब ललित अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी करने को विवश थे। वर्ष 2013 में उन्होंने महज 6 गायों के साथ पशुपालन की शुरुआत की। आज उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनके पास 25 गायों का एक विशाल और आधुनिक डेयरी फार्म है।
*तकनीक और आधुनिक नस्लों से आया बड़ा बदलाव*
ललित की सफलता का मुख्य आधार पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश है:
• उन्नत नस्लें: पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने जर्सी और एचएफ (HF) क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाया।
• उत्पादन: वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ₹70 प्रति लीटर की दर से बाजार में बिक रहा है।
• लागत में कमी: चारे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती शुरू की, जिससे पशुओं को साल भर पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और बाहरी खर्चों में भारी कटौती हुई है।
*'मल्टी-फार्मिंग' मॉडल: आय के विविध स्रोत*
ललित ने केवल डेयरी तक सीमित न रहकर 'मल्टी-फार्मिंग' का एक सफल मॉडल तैयार किया है:
• विविधता: डेयरी के साथ-साथ वे कुक्कुट (मुर्गी) पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित नकद आय प्राप्त होती है।
• मूल्य संवर्धन (Value Addition): दूध की अधिकता होने पर वे उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करते हैं, जो 400 प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है।
• जैविक खाद: उनके फार्म के गोबर की इतनी मांग है कि अन्य जिलों के किसान 3000 से 3500 प्रति ट्रैक्टर की दर से जैविक खाद खरीदने उनके घर तक पहुँचते हैं।
*शासन की योजनाओं और पारिवारिक संस्कारों का संगम*
ललित की इस प्रगति में शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग के लिए लिए गए 3 लाख के बैंक ऋण को समय से पूर्व चुकाकर अपनी विश्वसनीयता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय दिया है।
ललित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ के संघर्षों और संस्कारों को देते हैं। उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें शिक्षा दिलाई। आज ललित न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक 'प्रेरक प्रकाश स्तंभ' बनकर उभरे हैं। उनकी कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदारी और मेहनत से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

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