ताजा खबरें


बड़ी खबर

पंजाब कांग्रेस की कलह पर भाजपा का हमला, संतोष पाण्डेय बोले- छत्तीसगढ़ में सरकार नहीं बचा पाए पूर्व मुख्यमंत्री, अब पंजाब में कांग्रेस की राजनीतिक नैया डुबाने निकले,

रायपुर, 8 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार और संगठन को नहीं संभाल सके, उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी देना कांग्रेस की बड़ी राजनीतिक भूल है।

संतोष पाण्डेय ने कहा कि पंजाब पहुंचने के बाद भूपेश बघेल को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने महत्व नहीं दिया और उनसे मुलाकात भी नहीं की। उन्होंने दावा किया कि इससे कांग्रेस के भीतर बघेल की स्वीकार्यता और संगठनात्मक कमजोरी उजागर हुई है।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल जहां भी जाते हैं, वहां संगठन में असंतोष और गुटबाजी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस तरह कांग्रेस के भीतर खींचतान देखने को मिली थी, वैसी ही स्थिति अब पंजाब में भी बन रही है।

संतोष पाण्डेय ने यह भी कहा कि पंजाब कांग्रेस में बढ़ते विवादों के बीच केंद्रीय नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि भूपेश बघेल प्रभारी के रूप में सफल नहीं रहे। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के बाद अब पंजाब में भी कांग्रेस को उनके नेतृत्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नोट: यह समाचार भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा जारी बयान पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक वक्तव्य हैं।

और भी

मुक्ताकाशी मंच पर उमड़ा कला-साहित्य जगत, पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को दी श्रद्धांजलि; पंडवानी सम्मान, कलाग्राम और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का ऐलान

रायपुर, 08 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली पंडवानी की महान साधिका, पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को बुधवार को रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित भव्य सांगीतिक श्रद्धांजलि समारोह में भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। लोककला, साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में स्व. तीजन बाई के जीवन, साधना और उनके अद्वितीय सांस्कृतिक योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा एवं मंशा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर पंडवानी कला के क्षेत्र में प्रतिवर्ष राज्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनके जन्मस्थल गनियारी ग्राम को कलाग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा तथा उनके प्रिय तंबूरे को रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय तीजन बाई की पुत्रवधु श्रीमती वेणु देशमुख को एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया। इस अवसर पर श्रीमती वेणु देशमुख ने श्रद्धांजलि समारोह के आयोजन के लिए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरी लोककला परंपरा का सम्मान है।
इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वर कभी मौन नहीं होते। वे समय की सीमाओं को लांघकर युगों तक जनमानस की चेतना में गूंजते रहते हैं। पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का स्वर छत्तीसगढ़ की लोकआत्मा का अमर नाद है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और लोकगौरव से सदैव जोड़ता रहेगा। वे केवल एक महान लोकगायिका नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की सजीव पहचान थीं। राज्य को उन पर सदैव गर्व रहेगा और उनकी अमर लोकधुने हमारी    सांस्कृतिक चेतना में अनवरत गूंजती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोककलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा तीजन बाई की स्मृति में की गई घोषणाएं इसी संकल्प का विस्तार हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने स्वर्गीय तीजन बाई के जीवन और कला यात्रा पर आधारित विशेष ब्रोशर का विमोचन किया। सभी अतिथियों ने स्वर्गीय तीजन बाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संस्कृति विभाग द्वारा उनके जीवन पर आधारित वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनों ने भावुक होकर देखा।
सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत लोक कलाकार पुष्पा निषाद के पंडवानी गायन से हुई। इसके बाद स्वर्गीय तीजन बाई की शिष्याएं तरूणा साहू और आराध्या साहू तथा दुर्गा साहू ने कापालिक शैली में प्रभावशाली पंडवानी प्रस्तुति देकर अपनी गुरु को श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री दुष्यंत द्विवेदी ने वेदमती शैली में पंडवानी गायन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने स्वर्गीय तीजन बाई से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व और कला साधना को याद किया। अनेक वक्ताओं ने कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। इस अवसर पर कलाकारों ने स्वर्गीय तीजन बाई को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किए जाने तथा उनके नाम पर पंडवानी एवं सांस्कृतिक विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम राज, यूसीसी सदस्य श्री मोहन पवार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
साहित्य जगत से डॉ. पी.सी. लाल यादव, श्री परदेशीराम वर्मा, डॉ. सुशील त्रिवेदी तथा कला जगत से पद्मश्री ममता चंद्राकर, पद्मश्री भारती बंधु, पद्मश्री उषा बारले, पद्मश्री राधेश्याम बारले, मीर अली मीर, निर्मला ठाकुर, मोक्षदा चंद्राकर, श्री सुनील सोनी, किरण शर्मा, कविता वासनिक, राकेश तिवारी, सरस्वती बारले, वंदना बारले, दुर्गा साहू, इतिहासकार आचार्य रमेन्द्रनाथ मिश्र, अशोक तिवारी, छत्तीसगढ़ी वाद्ययंत्रों के संग्रहकर्ता रिखी क्षत्रीय, चेतन देवांगन, रत्ना पांडे तथा सुधीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में कलाकार और साहित्यकार उपस्थित रहे। मंच का संचालन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा तथा श्री अरुण निर्मलकर ने किया।
समारोह के अंत में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई ने अपने स्वर से केवल पंडवानी को नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच तक पहुंचाया। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी लोककला, उनकी परंपरा और उनके मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। आज यहां उपस्थित प्रत्येक कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी की सहभागिता उनके प्रति सामूहिक सम्मान का प्रतीक है। संस्कृति विभाग और राज्य सरकार इस अमूल्य विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। महान कलाकार भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न रहें, लेकिन उनकी कला, उनकी साधना और उनकी सांस्कृतिक विरासत सदैव समाज की चेतना में जीवित रहती है। स्वर्गीय पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का अमर स्वर भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा और छत्तीसगढ़ की लोकधारा में अनवरत गूंजता रहेगा।

और भी

उरला फैक्ट्री हादसे पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 3 श्रमिकों की मौत के बाद फैक्ट्री की सभी विनिर्माण गतिविधियां बंद, कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा देने पर जताई सहमति

 रायपुर, 08 जुलाई 2026/कल ग्राम बेन्द्री, उरला औद्योगिक क्षेत्र के पास, थाना उरला, जिला रायपुर स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन कारखाने में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाने के फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने से कार्यरत तीन श्रमिकों श्री अरुण पाण्डेय, श्री लाल सिंह एवं श्री कमल सिंह की दुःखद मृत्यु हो गई।

 दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा तत्काल घटनास्थल पहुँचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान घटनास्थल का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य लिए गए, फोटोग्राफ एवं विडियोग्राफ लिए गए तथा कारखाना प्रबंधन एवं श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जांच प्रारंभ की गई।

 प्रारंभिक जांच के आधार पर एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कारखाना परिसर में संचालित समस्त प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी एवं प्रबंधक को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

 औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि में कारखाने में नियोजित सभी श्रमिकों को नियमानुसार देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए। विभाग के प्रयासो से कारखाना प्रबंधन द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 30 - 30 लाख रूपए की तत्काल आर्थिक सहायता राशि देने की सहमति दी गयी।
 
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

और भी

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 को लेकर मुख्य सचिव की बड़ी बैठक: नगरीय-ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सर्वे, पात्र आवासहीन परिवारों की पहचान और हर जरूरतमंद को पक्का घर दिलाने के लिए कलेक्टरों को व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश

रायपुर, 08 जुलाई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास 2.0 के लिए हितग्राही की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर सत्यापन करना एवं उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए समूचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। 

              मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों मेें वर्तमान और भविष्य की आवासीय आवश्यकता का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने कहा है। जिससे समय पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनांतर्गत हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

और भी

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा नई रफ्तार, सरकार बनाएगी राज्यभर के सभी चार्जिंग स्टेशनों को जोड़ने वाला एकीकृत ईवी चार्जिंग एप, हर जिले में चार्जिंग नेटवर्क विस्तार और एनओसी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

रायपुर, 8 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से बढ़ाने का फैसला लिया है। मंत्रालय में सचिव सह-परिवहन आयुक्त श्री एस प्रकाश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में परिवहन विभाग, सभी आरटीओ/डीटीओ, ऊर्जा विभाग, एचपीसीएल, बीपीसीएल,  एलओसीएल, जिओ -बीपी, ईवी निर्माता और विशेषज्ञ मौजूद रहे।  

          अभी अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग एप हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। सरकार अब राज्य स्तर पर एकीकृत प्लेटफॉर्म/एप बनाएगी। भारत सरकार भी यूनिवर्सल ईवी चार्जिंग एप ला रही है। चिप्स के जरिए ऊर्जा विभाग पहले ही पायलट एप पर काम कर रहा है। केंद्र की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने पर वित्तीय सहायता और छत्तीसगढ़ ईवी नीति-2022 के प्रोत्साहनों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी जिलों के आरटीओ/डीटीओ को अपने क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह चिन्हित करने और एनओसी  की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।

          एचपीसीएल, बीपीसीएल,  एलओसीएल, जिओ -बीपी के निर्माताओं ने राज्य में लगे और प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी दी और आगे विस्तार की योजना बताया। सचिव सह-परिवहन आयुक्त ने कहा कि ईवी चार्जिंग का मजबूत नेटवर्क बनाना और लोगों को समय पर जानकारी देना जरूरी है। इससे हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्यभर में आसान और सुलभ चार्जिंग सुविधा देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क और 'बस्तर अंजोर' का किया शुभारंभ, विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 8 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की उपस्थिति में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 तथा मेटाडेटा हैंडबुक का भी विमोचन किया गया। साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और मापनीय विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल 'बस्तर अंजोर' की भी शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है। एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय तथा योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए एक सशक्त आधार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल 'विकसित छत्तीसगढ़ @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। एस.डी.जी. 2.0 के माध्यम से विकास की प्रगति को अधिक पारदर्शी, मापनीय और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

नए एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क के अंतर्गत राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विकास कार्यों की अधिक व्यापक, सटीक और वैज्ञानिक निगरानी संभव होगी। मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना पद्धति एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे पूरे राज्य में डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने 'बस्तर अंजोर' की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण (कन्वर्जेंस) आधारित विकास मॉडल है, जिसे बस्तर संभाग को देश का सर्वाधिक विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाने के संकल्प को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि 'बस्तर अंजोर' के 3+4 मॉडल के अंतर्गत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल - नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर - का अभिसरण चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क - एस.डी.जी. 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से किया गया है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त संसाधनों के बिना बेहतर समन्वय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त करना है।

 'बस्तर अंजोर' अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित एक दूरदर्शी पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत एवं परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बड़ी बैठक में लिए गए 11 ऐतिहासिक फैसले, बिजली से बिजनेस, शिक्षा, उद्योग, किरायेदारी और नवा रायपुर तक बदलेंगे कई नियम

08 जुलाई 2026*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी तथा आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है। 

3. मंत्रिपरिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसाओं के अनुरूप निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और समकालीन बनाया गया है। 

इसके तहत निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू करने से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इसमें आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 

4. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के साथ ही उससे संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। 

जीएसटी लागू होने के बाद वैट संबंधी द्वितीय अपीलों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस संशोधन के बाद अधिकरण में लंबित प्रकरणों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा, जिससे अपीलों के निराकरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी हो सकेगी।

5. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे  कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

6. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को तैयार करने में अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनाना है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। 

इसके अंतर्गत डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) तथा दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाएं कम होंगी, कारोबार करने में सुगमता बढ़ेगी तथा राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। 

8. मंत्रिपरिषद् ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी है। 

इस योजना से पात्र आबंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी, जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है, वे समय पर आबंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। 

9. मंत्रिपरिषद् ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

भारत सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन का उद्देश्य पर्यावरणीय कानूनों के अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड का प्रावधान तथा दंड निर्धारण एवं अपील की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। इस निर्णय से राज्य में पर्यावरणीय नियमन को सरल बनाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

10. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देना और किरायेदारी से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस संशोधन में भवन स्वामी और किरायेदार के अधिकार व दायित्व स्पष्ट किए गए है, साथ ही संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति, अधिकरण के अध्यक्ष की पदावधि और न्यायालय शुल्क से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए है। यह संशोधन भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है।

11. मंत्रिपरिषद् द्वारा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 


---000---

और भी

छत्तीसगढ़ में तेज होगी विकास की रफ्तार! रेलवे ओवरब्रिज-अंडरब्रिज परियोजनाओं की समीक्षा के बाद सचिव का बड़ा निर्देश, समन्वय बढ़ाकर जल्द पूरे होंगे सभी कार्य

रायपुर. 8 जुलाई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने विभाग के सेतु परिक्षेत्र और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश में रेलवे ओवर-ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर-ब्रिज (RUB) के निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आज हुई बैठक में रेलवे ओवर-ब्रिज और रेलवे अंडर-ब्रिज के कार्यों में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों को बेहतर समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यस्थलों की बाधाओं को तत्परता से दूर कर अप्रारंभ कार्यों को जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान मुख्य अभियंता श्री अवनीश कुमार पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
 
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में विभागीय और रेलवे के अधिकारियों को आपसी समन्वय को और मजबूत करते हुए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि लोगों को जाम और रेलवे फाटकों पर होने वाली असुविधा से राहत मिल सके। इससे माल परिवहन भी अधिक सुगम और तेज होगा। 

विभागीय सचिव ने नए आरओबी और आरयूबी के कार्यों को जल्द शुरू करने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर बाधाओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यस्थलों से अतिक्रमण हटाने, भूमि व्यपवर्तन, नामांतरण तथा भू-अर्जन जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश में आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम, सुव्यवस्थित और तेज बनाना राज्य शासन की प्राथमिकता में है। 

श्री बंसल ने कार्यस्थलों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित परियोजनाओं के प्राक्कलन तथा ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए जहां भी लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण की जरूरत हो, वहां तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने को कहा।

उन्होंने रेलवे ओवर-ब्रिज और रेलवे अंडर-ब्रिज परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करने नियमित और कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों को हर तीन महीने में बैठक कर कार्यों की प्रगति का आकलन करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. माहेश्वरी, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय के मुख्य अभियंता श्री मनोज कुमार सिंह, सीपीएम-बिलासपुर श्री राजीव कुमार और सीपीएम-रायपुर श्री तत्वदर्शी साहू भी बैठक में मौजूद थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से डीएमएफ निधि से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास व ग्रामीण पेयजल सुविधाओं के विस्तार का रास्ता हुआ साफ

रायपुर, 8 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) द्वारा 4 करोड़ 13 लाख 82 हजार 400 रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा के निर्माण एवं उन्नयन कार्य के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पांच पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। ग्राम गोरपार एवं नंदगांव में 25 केएल सम्पवेल आधारित पेयजल व्यवस्था के लिए 6 लाख 47 हजार 700 रुपये-रुपये, ग्राम शहपुर में नलकूप खनन, रॉ-वॉटर पंप एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 9 लाख 94 हजार रुपये, ग्राम नवापारा के लिए 5 लाख 32 हजार रुपये तथा ग्राम पुसल्दा के लिए 8 लाख 45 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से संबंधित गांवों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे संस्थान की अधोसंरचना मजबूत होगी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत साम्हारसिंघा में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य संबंधी कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी), पेयजल योजनाएं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आईटीआई भवन का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड तथा प्राथमिक शाला भवन का निर्माण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा।

डीएमएफ से स्वीकृत इन विकास कार्यों के पूरा होने से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं का दायरा और मजबूत होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध होने के साथ जिले के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।

और भी

अब जमीन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर! छत्तीसगढ़ में शुरू हुई ऐसी डिजिटल व्यवस्था जिसने बदल दी पूरी राजस्व प्रणाली

आलेख

         विष्णु प्रसाद वर्मा
        सहायक संचालक

​रायपुर, 08 जुलाई 2026/सुशासन के नए डिजिटल युग में राजस्व प्रशासन अब फाइलों और लंबित प्रकरणों के पारंपरिक चक्रव्यूह से बाहर निकल चुका है। राज्य शासन के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने तकनीक को माध्यम बनाकर जमीन से जुड़ी सेवाओं का पूरी तरह कायाकल्प कर दिया है। 'ऑटो म्यूटेशन' (स्वतः नामांतरण) और 'ऑटो डायवर्सन' (स्वतः व्यवर्तन) जैसी जन-हितैषी व्यवस्थाओं ने विभाग को तेज, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाया है। इससे आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर, लंबे इंतजार और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से स्थायी मुक्ति मिली है।

     ​पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और भौतिक सत्यापन की थकाऊ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति से अब यह स्वतः संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही, भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) के लिए आवेदन, प्रीमियम निर्धारण और शुल्क गणना को भी आधुनिक तकनीक से त्रुटिहीन बनाया गया है। छत्तीसगढ़ का यह डिजिटल गवर्नेंस मॉडल आज देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।

*​आंकड़ों की जुबानी: सफलता की एक नई गाथा*

       ​राजस्व विभाग द्वारा जारी प्रामाणिक आंकड़े इस ऐतिहासिक परिवर्तन की गवाही देते हैं। राज्य में अब तक कुल 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से रिकॉर्ड 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का सफलतापूर्वक ऑटो म्यूटेशन किया जा चुका है। संपूर्ण प्रदेश में केवल 71 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं, जिससे विभाग ने 99.95 प्रतिशत की अभूतपूर्व सफलता दर हासिल की है।

      ​वहीं दूसरी ओर, 'ऑटो डायवर्सन' व्यवस्था के तहत कुल 5 हजार 661 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 4 हज़ार 739 मामलों का त्वरित निराकरण किया गया। इस प्रकार 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण कर यह साबित कर दिया गया कि जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं को भी डिजिटल माध्यम से सुगम और पारदर्शी बनाया जा सकता है। राजस्व सेवाएँ सीधे नागरिक के जीवन, संपत्ति और निवेश से जुड़ी होती हैं; अतः इनमें गति आने से राज्य की आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिली है।

*​ऑटो म्यूटेशन ने बदली नामांतरण की तस्वीर*

     ​किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद भू-अभिलेखों में नाम दर्ज होना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। पुराने दौर में पटवारियों और तहसील कार्यालयों के चक्कर काटना, दस्तावेजों की जांच में महीनों गंवाना और अनिश्चितता का सामना करना आम बात थी, जिसने भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया।

      ​आज छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल चुकी है। 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का स्वतः नामांतरण होना यह दर्शाता है कि अब नागरिक को अपने हक के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से समय और धन की भारी बचत हो रही है और रिकॉर्ड रीयल-टाइम अपडेट होने से जमीनी धोखाधड़ी पर लगाम लगी है।

     ​इस सफलता को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा एक सख्त तकनीकी लॉक सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत, यदि किसी संपत्ति का एक भी पुराना ऑटो म्यूटेशन लंबित है, तो संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उस संपत्ति की अगली रजिस्ट्री तब तक नहीं हो पाएगी जब तक पिछला म्यूटेशन क्लियर न हो जाए। यह कदम निचले स्तर के प्रशासनिक अमले को जवाबदेह बनाता है।

*​ऑटो डायवर्सन से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया हुई तेज*

     ​कृषि भूमि को आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग में बदलना (डायवर्सन) शहरीकरण, निवेश और रोजगार सृजन की रीढ़ है। पहले आवेदकों को शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों और समय सीमा की स्पष्ट जानकारी नहीं होती थी।

      ​फरवरी से जून 2026 के बीच 5 हजार 661 आवेदनों में से 4 हजार 739 का त्वरित निस्तारण यह दिखाता है कि विभाग ने गाइडलाइन दरों के आधार पर प्रीमियम निर्धारण जैसी पेचीदा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर दिया है। वर्तमान में जो 922 लंबित मामले हैं, उनके पीछे अपूर्ण दस्तावेज, चालान राशि में तकनीकी अंतर या नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) के मास्टर प्लान से भिन्न प्रयोजन होना जैसे व्यावहारिक कारण हैं। इन चुनौतियों को सार्वजनिक करना विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

*​जिला-वार प्रदर्शन ने दिखाई नई प्रशासनिक संस्कृति*

     ​ऑटो डायवर्सन के क्रियान्वयन में जिलों के बीच एक स्वस्थ और परिणाम-उन्मुख प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जो यह प्रमाणित करती है कि सुधार जमीनी स्तर पर लागू हो चुके हैं। कोरिया जिला कुल 59 प्रकरणों में से सभी 59 का शत-प्रतिशत निराकरण कर 100 प्रतिशत सफलता दर के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा।कोरबा जिला 98.46 प्रतिशत की सफलता दर के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसी तरह ​मुंगेली जिला 94.16 प्रतिशत मामलों का निपटारा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।​बालोद जिला 93.72 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ शीर्ष जिलों में शामिल रहा।​धमतरी जिला कुल 165 प्रकरणों में से 153 का वैधानिक निराकरण कर 92.73 प्रतिशत सफलता दर के साथ राज्य में पाँचवाँ (शीर्ष-5) स्थान प्राप्त किया। धमतरी का यह प्रदर्शन नियमित समीक्षा और जवाबदेह कार्यशैली का परिणाम है।

*​तकनीकी सुधार और नए डिजिटल मॉड्यूल्स*

      ​विभाग अपनी वर्तमान उपलब्धियों से आगे बढ़कर एक एकीकृत 'डिजिटल इकोसिस्टम' के निर्माण में जुटा है। ​NGDRS API Integration इसके माध्यम से सरकारी गाइडलाइन दरें सीधे पोर्टल से प्राप्त हो रही हैं, जिससे प्रीमियम का निर्धारण मानवीय हस्तक्षेप के बिना पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी हो गया है।

*​'Diverted to Diverted' मॉड्यूल:*

      यदि पहले से डायवर्टेड भूमि का आंतरिक उपयोग बदलना हो (जैसे आवासीय से वाणिज्यिक), तो इस मॉड्यूल के तहत निस्तारण के लिए 15 दिवस की समय सीमा तय की गई है।

*​'मल्टीपल खसरा' मॉड्यूल* 

      एक से अधिक खसरों वाली भूमि के लिए अब एक ही आवेदन में अनेक खसरों का चयन, स्वतः शुल्क गणना और ई-चालान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए समय सीमा जुलाई 2026 रखा गया है।

*​'रिकवरी' मॉड्यूल*
 
    पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए पूर्व भुगतानों की प्रविष्टि, शेष प्रीमियम की गणना, भू-राजस्व/उपकर की मांग और एक उच्च स्तरीय रिकवरी डैशबोर्ड की व्यवस्था की जाएगी।इसके लिए समय सीमा अगस्त 2026 निर्धारित किया गया है।

*​सुशासन का नया मॉडल बनता छत्तीसगढ़*

     ​यह ऐतिहासिक बदलाव सिर्फ तकनीकी आंकड़ों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ नागरिकों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने का माध्यम है। किसान, गृहस्वामी, व्यापारी और औद्योगिक निवेशक सभी को अब घर बैठे अपने मोबाइल पर पारदर्शी सेवाएँ मिल रही हैं।

     ​दिसंबर 2026 तक के लिए तय किए गए रोडमैप के अनुसार, राज्य के सभी क्षेत्रों की सैटेलाइट/ड्रोन मैपिंग, टीएनसीपी  से एनओसी लिंकिंग और मुख्य भू-अभिलेख पोर्टल का वृहद् अपग्रेडेशन किया जाना है। ये कदम छत्तीसगढ़ को डिजिटल राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। तकनीक, संवेदनशीलता और जवाबदेही के इस बेजोड़ संगम से छत्तीसगढ़ ने जन-केंद्रित शासन की एक नई मिसाल पेश की है।

और भी

जन्मदिन को बनाया सेवा और संवेदना का उत्सव, दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचा न्योता भोजन, खेल सामग्री, कॉपी-पेन और उपहारों ने बिखेरी मुस्कान

जशपुरनगर 8 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना न्योता भोजन के तहत 6 जुलाई  2026 को समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर में जिला जनसंपर्क अधिकारी नूतन सिदार ने अपने बेटे प्रखर कुमार के जन्म दिवस के अवसर पर दिव्यांग स्कूल जशपुर में न्योता भोजन का आयोजन किया गया और बच्चों को खेल सामग्री, कापी, कंपास बाक्स   बच्चों को भेंट किया गया। बच्चों ने उत्साह से न्योता भोजन का आनंद लिया।

इस अवसर पर  समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री धर्मेन्द्र कुमार साहू श्री वरिष्ठ प्रबंधक श्रवण कुमार भगत समाज कल्याण विभाग के सहायक अधीक्षक श्री वेद प्रकाश कुलदीप और शिक्षक शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्योहारों या अवसरों जन्मदिन, वर्षगांठ और राष्ट्रीय पर्व पर स्कूलों आश्रम छात्रावास के बच्चों के लिए न्योता भोजन करवाया जा सकता है।

और भी

राज्य सरकार ने जारी किए बड़े प्रशासनिक आदेश, धमतरी, बस्तर, कोरबा, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा सहित कई जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना संबंधी आदेश जारी कर प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जारी आदेश के अनुसार कई जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) का स्थानांतरण किया गया है, वहीं नगर प्रशासन और राजस्व विभाग में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के अनुसार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास रिमिजियुस एक्का को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं धमतरी जिला पंचायत के सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर को आगामी आदेश तक राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।

इसी क्रम में बस्तर जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन को कोरबा जिला पंचायत का नया सीईओ बनाया गया है। राजनांदगांव जिला पंचायत की सीईओ सुश्री सुरुचि सिंह को भिलाई नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया है। दंतेवाड़ा जिला पंचायत के सीईओ जयंत नाहटा को धमतरी जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।

इसके अलावा डोंगरगढ़ के एसडीएम एम. भार्गव को दंतेवाड़ा जिला पंचायत का सीईओ, कटघोरा के एसडीएम तन्मय खन्ना को बस्तर जिला पंचायत का सीईओ तथा घरघोड़ा (रायगढ़) के एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी को राजनांदगांव जिला पंचायत का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी नियुक्तियां आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

देखें सूची - पीडीएफ

और भी

सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, जिला पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक हुआ व्यापक फेरबदल… जानिए किन अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 19 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले - जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त और अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

रायपुर, 8 जुलाई। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का प्रशासनिक आधार पर तबादला करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार कई जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), नगर निगम आयुक्त, अपर कलेक्टर तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी आदेश के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला पंचायत सीईओ इन्द्रजीत बर्मन को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में अपर संचालक बनाया गया है, जबकि भिलाई नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में अपर संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत सीईओ भारती चन्द्राकर को मार्कफेड में अतिरिक्त प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। वहीं कोरबा जिला पंचायत के सीईओ दिनेश कुमार नाग को छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन का महाप्रबंधक बनाया गया है।

आदेश में जांजगीर-चांपा के सीईओ गोकुल राम रावटे को मुंगेली जिला पंचायत का सीईओ, कोरिया के सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी को बलरामपुर-रामानुजगंज जिला पंचायत का सीईओ तथा बलौदाबाजार-भाटापारा के अपर कलेक्टर अभिषेक कुमार गुप्ता को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को खेल एवं युवा कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, भू-अभिलेख, नगर प्रशासन और अन्य विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

दूसरे पृष्ठ पर जारी सूची में उत्तर बस्तर कांकेर के अपर कलेक्टर अरुण कुमार वर्मा को धमतरी नगर निगम आयुक्त, बस्तर के अपर कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत का सीईओ तथा कबीरधाम के अपर कलेक्टर विनय कुमार पोयाम को जांजगीर-चांपा जिला पंचायत का सीईओ नियुक्त किया गया है। इसी तरह राजनांदगांव और चिरमिरी नगर निगम सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना शासन को उपलब्ध कराएं।

देखें पूरी सूची:- Touch For पीडीएफ

और भी

आखिर पंचायत में ऐसा क्या हुआ कि पूरा गांव एक साथ आया, चौपाल में लिया ऐसा संकल्प जो बदल देगा गांव की तस्वीर

मनेंद्रगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत बरबसपुर ने स्वच्छ और स्वस्थ गांव बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम पंचायत भवन में "स्वच्छता चौपाल" का आयोजन किया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अंतर्गत आयोजित इस चौपाल में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, शासकीय कर्मचारियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा गांव को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

चौपाल के दौरान विशेषज्ञों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को बताया कि स्वच्छ गांव की शुरुआत प्रत्येक घर से होती है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करेगा तो गांव में गंदगी कम होगी, बीमारियों पर नियंत्रण मिलेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के उद्देश्य, उसके लाभ और प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में चार प्रकार के कचरे—गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा तथा स्वच्छता संबंधी अपशिष्ट—को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को समझाया गया कि रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे से खाद तैयार की जा सकती है, जबकि प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसे सूखे कचरे का पुनर्चक्रण किया जा सकता है। वहीं घरेलू हानिकारक कचरे और स्वच्छता संबंधी अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण करना आवश्यक है, ताकि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने से न केवल गांव की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि मच्छर, मक्खी और अन्य संक्रमण फैलाने वाले जीवों की संख्या भी बढ़ती है, जिससे कई प्रकार की बीमारियां जन्म लेती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने घर और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाए।

चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों से अपील की गई कि वे घर-घर कचरा पृथक्करण की आदत विकसित करें, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं, प्लास्टिक के उपयोग को कम करें तथा स्वच्छता अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन का रूप दें। वक्ताओं ने कहा कि जब पूरा गांव एकजुट होकर स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी बरबसपुर वास्तव में आदर्श एवं स्वच्छ ग्राम पंचायत बन सकेगा।

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे तथा स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग देंगे।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सोनमती, उपसरपंच शुभांशु शर्मा, पंचगण, शिक्षकगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों का उत्साह इस बात का संकेत था कि बरबसपुर अब स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि अपनी सामूहिक जिम्मेदारी और पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

और भी

भारत की बदलती विदेश नीति पर शोध कर  डॉ. नीलम मिश्रा ने हासिल की पीएचडी की उपाधि, क्षेत्र में खुशी का माहौल,बढ़ाया जिले का सम्मान

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के ग्राम खैरी पटना की रहने वाली डॉ. नीलम मिश्रा ने "बदलते परिदृश्य में भारत की विदेश नीति का अध्ययन" विषय पर शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।

डॉ. नीलम मिश्रा ने अपना शोध कार्य संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा अंबिकापुर से पूरा किया। उनका शोध केंद्र शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर रहा। शोध कार्य राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं अध्ययन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

डॉ. नीलम मिश्रा पिछले करीब 10 वर्षों से अतिथि व्याख्याता के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। वे शासकीय हाई स्कूल झरनापारा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडेली और शासकीय हाई स्कूल सावांरावां में अध्यापन कर चुकी हैं। वर्तमान में वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेंगनी में पदस्थ हैं।

उन्होंने वर्ष 2019 में प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की, 2021-22 में कोर्स वर्क पूरा किया और वर्ष 2023 में शोध विषय का पंजीयन कराया। लगभग सात वर्षों की लंबी शोध यात्रा के बाद वर्ष 2026 में अंतिम मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। अंतिम वायवा में बाह्य परीक्षक के रूप में डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर की राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनुपम शर्मा शामिल रहीं, जिन्होंने शोध को अत्यंत उपयोगी और समकालीन विषय पर आधारित बताया।

अपने शोध में डॉ. नीलम मिश्रा ने वर्ष 2014 के बाद भारत की विदेश नीति में आए बदलाव, वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका, पड़ोसी देशों के साथ संबंध, रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक एवं सुरक्षा नीति तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी का विस्तृत विश्लेषण किया है।

इस उपलब्धि पर डॉ. नीलम मिश्रा ने अपने माता-पिता, सास-ससुर, परिवार, गुरुजनों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शोध निर्देशक, शोध केंद्र, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय परिवार तथा प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि डॉ. नीलम मिश्रा ग्राम खैरी पटना निवासी सेवानिवृत्त व्याख्याता आचार्य रामावतार मिश्र की पुत्रवधू तथा राष्ट्रपति पदक से सम्मानित "ट्रैफिक मैन" के नाम से प्रसिद्ध डॉ. महेश मिश्रा की धर्मपत्नी हैं। उनकी इस सफलता पर क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षकों, सहकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

और भी

सड़क हादसे में मौत के मुहाने पर पहुंचे दो युवकों को अस्पताल की तत्परता ने दी नई जिंदगी, डॉक्टरों की सूझबूझ और लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से बची सांसें

मनेंद्रगढ़। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो युवकों की जान 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ की चिकित्सकीय टीम की त्वरित कार्रवाई से बच गई। दोनों युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार शुरू किया और प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया।

जानकारी के अनुसार, घायल युवकों की पहचान अनिल (21 वर्ष) और सुरेश (22 वर्ष) निवासी ग्राम छिपछिपी के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि दूसरे के चेहरे पर चोट के साथ जांघ (फीमर) की हड्डी टूट गई थी।

अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने बिना देर किए इलाज शुरू किया। एक युवक की सांसें प्रभावित होने पर डॉ. राजीव गुप्ता और उनकी टीम ने तत्काल इंट्यूबेशन कर श्वास मार्ग सुरक्षित किया, जिससे उसकी सांसें सामान्य हो सकीं। इसके अलावा आवश्यक दवाइयां, आईवी फ्लूइड, दर्द निवारक उपचार और अन्य आपातकालीन चिकित्सा भी उपलब्ध कराई गई।

प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के जरिए चिकित्सकीय निगरानी में मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया, ताकि उन्हें उच्च स्तरीय उपचार मिल सके।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सकीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि समय पर इलाज मिलने से दोनों युवकों की जान बच सकी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इसे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तत्परता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

और भी

आज ग्रहों की बदली चाल का आपकी राशि पर क्या होगा असर? कहीं मिलेगा बड़ा धन लाभ तो कहीं रहना होगा सतर्क, पढ़ें 8 जुलाई का संपूर्ण राशिफल

♈ मेष

आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ के संकेत हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान का ध्यान रखें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

♉ वृषभ

आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। नौकरी में कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन मेहनत रंग लाएगी। व्यापारियों को नए ग्राहकों से लाभ मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 6

♊ मिथुन

आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों से मुलाकात आनंददायक रहेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

♋ कर्क

आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। नौकरी में धैर्य बनाए रखें। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 2

♌ सिंह

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति या प्रशंसा मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 1

♍ कन्या

आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें। नौकरी में सहयोगियों का साथ मिलेगा। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

♎ तुला

आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिलाएगा। व्यापार में लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। निवेश के लिए दिन सामान्य है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक

आज मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। व्यापार में नए संपर्क लाभ देंगे। परिवार में किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य में थकान महसूस हो सकती है। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

♐ धनु

आज नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में उन्नति के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3

♑ मकर

आज कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 8

♒ कुंभ

आज नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के योग हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। यात्रा के योग बन सकते हैं। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 4

♓ मीन

आज मानसिक शांति बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय आनंददायक रहेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 7

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड और संस्थाओं में नई नियुक्तियों पर दी बधाई, कहा— नवनियुक्त पदाधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को देंगे नई गति

रायपुर 7 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर श्री गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर श्री देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर श्री रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर श्री वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में श्री सौरभसिंह जागृत, श्री दुर्गा महेश्वर तथा श्री दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर श्री आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर श्री नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर श्री राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर श्रीमती सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर श्री राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में श्री बसंत पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री संतोष पटेल और श्री प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर श्री सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर श्री मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर श्री किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर श्री आनंद कुमार तिवारी (श्री राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर श्री मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

और भी