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मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया,जिस पर त्वरित अमल, मुसाफिर पंजी में दर्ज होने लगा रिकॉर्ड

रायपुर, 16 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा हाल ही में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के साथ ही 'मुसाफिर पंजी' के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया था कि गांवों में बाहरी राज्यों एवं शहरों से आने वाले व्यक्तियों का पूरा ब्यौरा संधारित किया जाए वे किस उद्देश्य से आए हैं, कहां से आए हैं, कितने समय के लिए रुके हैं, तथा उनका नाम, पता, आधार और मोबाइल नंबर इत्यादि जानकारी कोटवार के पंजी में दर्ज की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के त्वरित अनुपालन में  कोरिया जिले के  तहसील सोनहत में सभी 79 कोटवारों द्वारा मुसाफिर पंजी संधारित किया गया है। पंजी का निरीक्षण संबंधित पटवारी एवं कानूनगो द्वारा किया गया है, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित हुआ है।

इन पंजियों में बाहरी शहरों एवं राज्यों से आने वाले फेरीवाले, बर्तन बेचने वाले, श्रृंगार सामग्री विक्रेता सहित अन्य मुसाफिरों का विवरण नियमित रूप से दर्ज किया जा रहा है। इस पहल से ग्राम स्तर पर आने-जाने वालों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट लगाकर रश्मि के हौसले बुलंद


रायपुर 16 अक्टूबर 2025/ जांजगीर चांपा जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह के बिर्रा गांव की महिला श्रीमती रश्मि कहरा ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर हौसला बुलंद हो और अवसर मिले, तो गांव की मिट्टी से भी सफलता की कहानी लिखी जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित गांव के अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट की आपूर्ति कर आज वह हर महीने 20 हजार रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं। यह सफलता उन्हें बिहान योजना और स्व-सहायता समूह के माध्यम से मिली जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।

       श्रीमती रश्मि कहरा ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च दोनों ही मुश्किल में थे। तब उन्होंने हिम्मत जुटाकर रानी लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह के सहयोग और बिहान के मार्गदर्शन से उन्हें आत्मनिर्भरता की राह मिली। उन्होंने ग्राम संगठन की सहायता से समुदायिक निवेश कोष  से 25 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने 1000 वर्गफीट का सेटरिंग प्लेट तैयार कराया, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों में किराये पर दिया जा रहा है। इसी से आज उनकी नियमित आय 20,000 रुपये मासिक हो गई है। वे कहती हैं पहले जीवन बहुत कठिन था, लेकिन बिहान समूह से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। अब मैं खुद कमा रही हूँ, बच्चों की पढ़ाई कराती हूँ और दूसरों को भी प्रेरित कर रही हूँ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।

        गांव की साथी महिलाओं के अनुसार, रश्मि की सफलता से अब कई अन्य महिलाएं भी समूहों से जुड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आजीविका गतिविधियों में सक्रिय हो रही हैं। बिहान के जिला अधिकारी का कहना है कि रश्मि की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर महिला को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वह न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज की भी आर्थिक रीढ़ बन सकती है। आज बिर्रा गांव में रश्मि का नाम गर्व से लिया जाता है कभी जो परिवार आर्थिक तंगी में था, वही अब दूसरों की प्रेरणा बन चुका है। सच में, यह है  बिहान से निकली उड़ान की मिसाल है जिसने गांव की एक साधारण महिला को आत्मनिर्भरता की पहचान दिलाई।

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गजरथ यात्रा के माध्यम से 9800 छात्रों को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की दी गई जानकारी

जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/ गजरथ यात्रा द्वारा निरंतर स्कूलों  में जाकर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा रही है। जशपुर वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार गजरथ यात्रा के माध्यम से अब तक जिले के 90 स्कूलों में 9800 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा चुकी है। इनमें फरसाबहार, कुनकुरी एवं बगीचा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 75 स्कूलों के लगभग 8205 छात्र-छात्राएं एवं  पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत 15 स्कूलों के 1595 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। 
    वर्तमान में पत्थलगाव विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है। गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर रही है। विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी।  
     उल्लेखनीय है कि गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा 21 जून 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य हाथी मानव द्वद को न्यूनतम करने  लोगों में जागरुकता प्रसार करना था। विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्य सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनायें होने की संभावनायें बनी रहती है।

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जगा नया आत्मविश्वास और स्वाभिमान,महतारी वंदन योजना से मिली राशि से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

 जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक समानता की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान की नई भावना जागृत की है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण, पूंजी और ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आ रहा है सकारात्मक बदलाव*

    महतारी वंदन योजना महिलाओं के श्रम, योगदान और भागीदारी के लिए सम्मानित करती है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1 000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मार्च 2024 से सितंबर 2025 तक इस योजना के माध्यम से जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 406 करोड़ 77 लाख 62 हजार 800 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कोई महिला इस धनराशि का उपयोग अपनी सिलाई की दुकान चलाने में कर रही है, तो कोई अपने बच्चों की पढ़ाई, फीस, किताबें, कपड़े या त्योहारों की तैयारियों में कर रही है। कई महिलाएं इस राशि को अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं।
    योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाती है। महिलाएं इस धन से अपने घर, मोहल्ले या गांव की दुकानों से किराना, सब्जियां, फल, मनिहारी सामान, मिठाइयां आदि खरीदती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों की आमदनी में भी वृद्धि हुई है। अब महिलाएं ही नहीं, बल्कि व्यापारी भी योजना की राशि के अंतरण का उत्सुकता से इंतजार करते हैं । जैसे ही राशि खातों में आती है, सभी के चेहरे खुशी से खिल उठते हैं। इस प्रकार महतारी वंदन योजना ने न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का भाव जगाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी बन गई है। इस योजना ने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ियों को तोड़ते हुए उन्हें अपने छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने की शक्ति दी है। आज महिलाएं केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्राप्त राशि का निवेश अन्य उत्पादक गतिविधियों और छोटे उद्यमों में कर रही हैं।

*विभिन्न योजनाओं का संचालन कर महिलाओं को बनाया जा रहा है सशक्त*
  
    महतारी वंदन योजना के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी अनेक योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार करना है, ताकि वे अपने और अपने परिवार के विकास की मज़बूत आधारशिला बन सकें। विभाग द्वारा विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए संचालित सक्षम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने हेतु 3 लाख 20 हजार का ऋण प्रदान किया गया है। यह योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी कही जाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों को भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर सशक्त किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 56 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 44 लाख 70 हजार का ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही हैं।
    इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले की 411 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए हैं। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा कुल 2 करोड़ 5 लाख 50 हजार की राशि खर्च की गई है। इसके साथ ही  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना से जिले की 11071 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 4 करोड़ 47 लाख 80 हजार की राशि का व्यय हुआ है।

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मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए टेली-मानस एक मजबूत पहल

जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/ भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए टेली-मानस पहल को निरंतर मजबूत कर रही है। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम देशभर में नागरिकों को निःशुल्क, गोपनीय और 24x7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराता है, जो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1-800-891-4416 के माध्यम से सुलभ है।  राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु प्रारंभ की गई है। टेली-मानस के माध्यम से कॉल करने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिकों एवं मनोचिकित्सकों से जोड़ा जाता है, जिससे उन्हें तात्कालिक सहायता और आवश्यकता अनुसार रेफरल सेवा प्राप्त होती है ।

*टेली-मैनस की प्रमुख विशेषताएँ*
           टेली-मानस 24x7 निःशुल्क हेल्पलाइन-सभी के लिए गोपनीय एवं निशुल्क परामर्श सेवा। कई भारतीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है। विशेषज्ञ सहायता प्रणाली के तहत् मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक उपलब्ध है। संपूर्ण भारत में संचालन किया जा रहा है, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सेवा उपलब्ध।
       इस पहल के संबंध में डॉ. जे. एस. जात्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर, ने कहा कि टेली-मानस सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह लोगों को बिना किसी भय या कलंक के सहायता लेने के लिए प्रेरित करता है। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को दयालु एवं पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध हो ।
        स्वास्थ्य विभाग जिला जशपुर सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं जैसे तनाव, चिंता, अवसाद, नशा या भावनात्मक परेशानी की स्थिति में टेली-मानस का उपयोग करें। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा के बारे में जानकारी दें ताकि एक मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके ।

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सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु संत शिरोमणि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी के निधन पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया गहरा शोक

रायपुर 15 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, संत शिरोमणि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी का जीवन सेवा, करुणा और मानवता के आदर्शों से ओतप्रोत था। गरीब, असहाय, दिव्यांग एवं पशुधन की सेवा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने उपदेशों और जीवन-मूल्यों के माध्यम से समाज को प्रेम, करुणा, और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका स्नेहिल व्यक्तित्व और सेवा का भाव हमेशा समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःखद घड़ी में उनकी संवेदनाएँ संत श्री चाँडूराम साहिब जी के परिवारजनों, अनुयायियों और श्रद्धालुओं के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति दें।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल...राज्योत्सव के साथ नई विधानसभा भवन का होगा लोकार्पण...अपर मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा 

रायपुर, 15 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे। 

अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

 राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों की सुरक्षा हेतु पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ व्यवस्था

रायपुर 15 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की विस्तृत नीति घोषित की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने जानकारी दी कि धान की खरीदी 3100 प्रति क्विंटल की दर पर की जाएगी। धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष भी प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। 

धान खरीदी का सम्पूर्ण कार्य छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (MARKFED) के माध्यम से किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड होगी।धान खरीदी केवल उन्हीं प्राथमिक कृषि साख समितियों और लेम्पस के माध्यम से होगी जो मार्कफेड के कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी होंगी।

प्रदेश के सभी जिलों में विगत वर्ष संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों और नए स्वीकृत केन्द्रों के माध्यम से खरीदी होगी। इसके साथ ही 55 मंडियों और 78 उपमंडियों का उपयोग धान उपार्जन केन्द्र के रूप में किया जाएगा।

धान खरीदी के लिए आवश्यक साख-सीमा की व्यवस्था मार्कफेड द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान में कोई विलंब न हो।

प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत एवं पारदर्शी होगी। किसान अपने निकटस्थ समितियों में पंजीकरण कर एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से धान विक्रय कर सकेंगे। पोर्टल पर ऋण पुस्तिका आधारित फार्म आईडी से खरीदी की अनुमति दी जाएगी। 

भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टैक पंजीयन आईडी के आधार पर एकीकृत किसान पंजीयन पोर्टल में कराए पंजीयन फार्मर आईडी से होगा किसान लिंकिंग खरीदी एवं समिति में एग्रीस्टैक पंजीयन होने से समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी।

धान खरीदी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को जारी रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और वास्तविक किसान की पहचान सुनिश्चित की जा सके। केवल किसान स्वयं, या उनके माता-पिता, पति/पत्नी, या पुत्र/पुत्री ही धान विक्रय कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में एसडीएम द्वारा प्रमाणित “विश्वसनीय व्यक्ति” को अधिकृत किया जा सकेगा।

धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी कर नियंत्रित और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सीमांत व लघु किसानों को दो टोकन और दीर्घ किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। अंतिम दिन नई पर्ची जारी नहीं होगी और शाम 5 बजे तक पहुँचे धान की खरीदी उसी दिन की जाएगी।

धान की खरीदी 50:50 अनुपात में नये और पुराने जूट बोरे (Gunny Bags) में की जाएगी। नये जूट बोरे मार्कफेड द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता से क्रय किए जाएंगे। पुराने बारदानों को उपयोग योग्य बनाकर नीले रंग में “Used Bag allowed for KMS 2025-26” का स्टेंसिल लगाया जाएगा।

सभी उपार्जन केन्द्रों में कांटे-बांट का विधिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया का भरोसा दिलाने के लिए सत्यापन प्रमाणपत्र खरीदी केन्द्रों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। धान की नमी 17% से अधिक नहीं होनी चाहिए। हर केन्द्र पर आर्द्रतामापी यंत्र उपलब्ध रहेंगे।

धान के संग्रहण हेतु ऐसे केन्द्र चुने जाएंगे जो ऊँचे एवं जलभराव-रहित हों। सभी केन्द्रों में पॉलिथीन कवर, सीमेंट ब्लॉक, और ड्रेनेज सुविधा अनिवार्य रूप से होगी ताकि बारिश में धान सुरक्षित रहे।

किसानों के खाते में भुगतान पीएफएमएस सिस्टम के माध्यम से सीधे किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि राशि केवल किसान के खाते में ही अंतरण हो; किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भुगतान नहीं किया जाएगा।

हर उपार्जन केन्द्र में कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, और नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। डाटा-एंट्री ऑपरेटरों का नियोजन 6 माह के लिए ₹18,420 प्रतिमाह के मानदेय पर किया जाएगा। सभी खरीदी केन्द्रों के डाटा का अपलोडिंग 72 घंटे के भीतर अनिवार्य किया गया है।

धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व सभी केन्द्रों का निरीक्षण, उपकरणों की जांच और सॉफ्टवेयर ट्रायल रन 31 अक्तूबर तक पूरा किया जाएगा। एनआईसी और मार्कफेड की टीम द्वारा यह तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: धान खरीदी की उन्नत व्यवस्था—ट्रायल रन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता व पर्यवेक्षण के सख्त प्रोटोकॉल लागू

राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया को और पारदर्शी, तकनीकी एवं जवाबदेह बनाने हेतु नए चरण की विस्तृत व्यवस्थाएँ लागू की हैं। मार्कफेड के नेतृत्व में प्रशिक्षण, ट्रायल-रन, गुणवत्ता-निगरानी, भंडारण-परिवहन, नियंत्रण कक्ष और बीमा से जुड़ी स्पष्ट समयसीमाएँ तय की गई हैं।

मार्कफेड द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार धान उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को कम्प्यूटरीकरण का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण में खरीदी सॉफ्टवेयर, भुगतान प्रविष्टि, गुणवत्ता/नमी एंट्री, टोकनिंग व PFMS प्रक्रियाएँ शामिल रहेंगी।

जिले के प्रत्येक धान उपार्जन और संग्रहण केन्द्र में 3 से 6 नवंबर 2025 तक ट्रायल-रन होगा। सभी स्वीकृत केन्द्रों में 31 अक्तूबर 2025 तक कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण कर ट्रायल-रन में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

भारत सरकार के निर्देशानुसार PCSAP (Procurement Centers Self-Assessment Portal) पर खरीदी केन्द्रों की ग्रेडिंग हेतु जारी SOP का पालन अनिवार्य रहेगा, जिससे केन्द्र-वार प्रदर्शन की नियमित स्वयं-मूल्यांकन और निगरानी संभव होगी।

भारत सरकार की FAQ विनिर्दिष्टियों और कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर FCI/NIC के साथ संभाग-स्तरीय प्रशिक्षण कराए जाएंगे। इसके बाद उपखंड-स्तर पर समितियों के अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, प्रबंधक, मार्कफेड/राजस्व अमला (निरीक्षक/पटवारी) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुविभाग-स्तरीय प्रशिक्षण 25 अक्तूबर 2025 तक पूर्ण होगा।

गुणवत्ता नियंत्रण की दो-स्तरीय समितियाँ संग्रहण केंद्र स्तर पर और समिति स्तर पर कार्य करेंगी। संग्रहण केन्द्र-स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित दल निगरानी करेगा और आवश्यकता पर ही धान को रिजेक्ट घोषित करेगा—प्रभारी अपने स्तर पर अमान्य नहीं कर सकेंगे।

समिति-स्तर पर अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, सरपंच, कलेक्टर नामित प्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदित 02 जनप्रतिनिधियों (राइस मिलर नहीं) की समिति केवल पंजीकृत किसानों से FAQ अनुरूप धान खरीदी सुनिश्चित करेगी।

किसानों को भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में होगा। मार्कफेड खरीदी अवधि में समर्थन मूल्य, प्रासंगिक व्यय और भंडारण/सुरक्षा व्यय की अग्रिम राशि समितियों को उपलब्ध कराएगा; प्रथम प्राथमिकता किसानों के भुगतान को ही रहेगी और मद-वार व्यय की कम्प्यूटर एंट्री अनिवार्य होगी।

भंडारण केन्द्रों पर कैप-कवर, ड्रेनेज सामग्री, नमी-मापी (कैलिब्रेशन सहित) और जहाँ संभव हो धर्मकांटा की व्यवस्था रहेगी। खरीदी केन्द्रों में संचित समस्त धान का 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य उठाव कराया जाएगा। सुरक्षित भंडारण हेतु विभाग का SOP लागू रहेगा।

परिवहन दरें राज्य-स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार होंगी; चावल का परिवहन-दर भी धान के परिवहन-दर पर आधारित रहेगा। केन्द्र-वार बफर-लिमिट संयुक्त दल के भौतिक परीक्षण से कलेक्टर द्वारा निर्धारण कराई जाएगी। त्वरित निराकरण हेतु अधिक क्षमता वाले जिलों/मिलर्स से पूर्व-संलग्नीकरण किया जाएगा और जहाँ संभव हो सीधा मिलर्स को उठाव बढ़ाया जाएगा।

पड़ोसी राज्यों से धान की अनधिकृत आमद रोकने सीमाई चेकिंग दल तैनात होंगे। 30 अप्रैल 2026 तक अन्य राज्यों से धान का आयात संचालक (खाद्य) की अनुमति से ही होगा।

पंजीकृत मिलों द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया से होगी। विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत PDS हेतु चावल का उपार्जन छ.ग. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन करेगा; सरप्लस चावल एफसीआई को प्रदाय किया जाएगा।

धान उपार्जन के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले में प्रभारी सचिव को जिम्मेदारी दी जाएगी। राज्य व जिला-स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित होंगे। शिकायतों के लिए कॉल सेंटर: 1800-233-3663 प्रदर्शित रहेगा, शिकायत का निवारण 3 दिवस में कराया जाएगा। प्रत्येक केन्द्र/समूह-केन्द्र के लिए नोडल अधिकारी तैनात होंगे। संवेदनशील केन्द्र कलेक्टर के प्रस्ताव पर अधिसूचित कर वहाँ वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। अभिलेख-प्रपत्रों का एकरूप मुद्रण मार्कफेड कराएगा।

धान खरीदी की एंड-टू-एंड निगरानी और रिसाइक्लिंग रोकथाम हेतु मार्कफेड मुख्यालय में इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा (व्यय राज्य शासन वहन करेगा)। बैंक-राशि परिवहन के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। धान और उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत समस्त व्यक्तियों का बीमा मार्कफेड कराएगा (आवश्यक विवरण 31 अक्तूबर 2025 तक उपलब्ध कराना होगा)। समितियाँ/बैंक/मार्कफेड द्वारा खरीदी केन्द्रों का मिलान 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा।

पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य मिले,  यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य शासन ने इस बार भी यह सुनिश्चित किया है कि खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, बायोमेट्रिक-आधारित और तकनीकी रूप से मजबूत हो। किसानों को समय पर भुगतान, गुणवत्तायुक्त प्रक्रिया और निष्पक्ष अवसर मिलना इस नीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य समय पर मिले—यही हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।

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विश्व हाथ धुलाई दिवस पर मॉडल हॉयर सेकेंडरी डोडकचोरा में कार्यक्रम हुआ संपन्न

जशपुर 15 अक्टूबर 2025 : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत "स्वच्छ संकल्प अभियान" के तहत विश्व हाथधुलाई दिवस का जिला स्तरीय आयोजन मॉडल हॉयर सेकेंडरी डोडकचोरा ( जशपुर) में संपन्न हुआ ।

 आज दिनांक 15 अक्टूबर  2025 को स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु   विद्यार्थियों को हाथ धोने के महत्व के बारे में बताया गया तथा सही तरीके से हाथ धोने के चरणों का डेमोंस्ट्रेशन भी दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री शास्त्री कुमार , विद्यालय के प्राचार्य, एवं संस्थान के शिक्षकगण उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को स्वच्छ आदतों को अपनाने, विशेषकर खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

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जागरूक शिक्षक संघ की चेतावनी : बस्तर जेडी जल्द नहीं हटाए गए तो जगदलपुर में करेंगे अनिश्चितकालीन चक्काजाम ....

जगदलपुर 15 अक्टूबर 2025 : 
 बस्तर जेडी राकेश पांडे द्वारा शिक्षकों से दुर्व्यवहार की बातें सोशल मीडिया में लगातार छाई हुई है। विगत दिनों जेडी राकेश पांडे द्वारा एक शिक्षक के पहनावे को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए उसे कार्यालय से भगा दिया गया था।
         जिससे प्रदेश का शिक्षक समाज काफी नाराज है। इस मामले में बस्तर के शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान विधायक नीलकंठ को ज्ञापन सौंपा है।
        छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने दो टूक कहा है कि ऐसे अधिकारी जो शिक्षकों को प्रताड़ित एवं शोषण करें वह कतई बर्दाश्त नहीं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने राज्य सरकार को तीन दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि बस्तर जेडी को आगामी तीन दिवस के भीतर नहीं हटाया गया तो पूरे बस्तर संभाग के हजारों शिक्षकों द्वारा जगदलपुर हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
        साथ ही बस्तर के सारे स्कूलों में अनिश्चितकालीन तालेबंदी कर दी जाएगी इसके जिम्मेदार बस्तर जेड राकेश पांडे होंगे। 
          संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, सहित संघ के सभी सदस्यों ने बस्तर जेडी राकेश पांडे को तत्काल हटाने की मांग राज्य सरकार से की है।

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विश्व हाथ धुलाई दिवस पर स्वच्छ संकल्प अभियान अंतर्गत बच्चों को स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

जशपुरनगर 15 अक्टूबर 2025/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे “स्वच्छ संकल्प अभियान” के अंतर्गत आज जिले के विभिन्न विद्यालयों में विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को हाथ धोने के महत्व एवं इसके सही तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा हाथ धोने के पांच चरणों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया, जिसमें साबुन और स्वच्छ जल से हाथ धोने की विधि समझाई गई। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर सीखी गई विधि का अभ्यास किया। उपस्थित अतिथियों ने बताया कि नियमित रूप से हाथ धोने से अनेक संक्रामक बीमारियों से बचाव संभव है। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक श्री मदन प्रमी, यूनिसेफ के जिला समन्वयक श्री शास्त्री कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों से जीवनभर स्वच्छता को आदत के रूप में अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है जब स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बने।

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अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा हेतु 30 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाईन आवेदन

जशपुरनगर 15 अक्टूबर 2025/  सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6 वीं और कक्षा 9वीं में बालक एवं बालिकाओं के प्रवेश हेतु राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित पेन एवं पेपर बहुविकल्पीय प्रश्न पेपर पैटर्न   आधारित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा का आयोजन जनवरी 2026 को किया जाएगा। जिसके लिए 30 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

           सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों की चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी। सर्वप्रथम उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में सफल होना होता है। जिसके पश्चात उत्तीर्ण परीक्षार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण होता है। स्वास्थ्य परीक्षण में फिटनेस तथा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रावीण्य सूची बनती है। केवल अंतिम प्रावीण्य सूची में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों का ही सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश होता है।  

           सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के आधिकारिक वेबसाईट    www.nta.ac.in  या   https://exams.nta.ac.in/sainik-school-society   पर 30 अक्टूबर 2025 शाम 05ः00 बजे तक भर सकते है। कक्षा छठवीं की प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मार्च 2026 को 10 से 12 वर्ष के बीच होना चाहिए एवं प्रवेश के समय कक्षा पाचवीं उत्तीर्ण होना चाहिए। कक्षा नौवीं के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मार्च 2026 को 13 से 15 वर्ष के बीच होना चाहिए तथा प्रवेश के समय अभ्यर्थी को कक्षा आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य, रक्षा (सेवारत/सेवानिवृत्त) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (एनसीएल) के लिए 850.00  रुपये व अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति हेतु 700.00 रुपये परीक्षा शुल्क निर्धारित है जिसका भुगतान क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/नेट बैंकिंग/पेटीएम वालेट/यूपीआई के माध्यम से ऑनलाईन करना होगा। ऑनलाइन फार्म के पंजीयन में केवल अभिभावक का ही ईमेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर भरना होगा। ऑनलाइन फार्म भरते समय अभ्यर्थी के पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो, हस्ताक्षर, बाएं अंगूठे का निशान, जन्म प्रमाण पत्र के साथ अभ्यर्थी/अभिभावक के निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रक्षा कर्मियों के सेवा/पेंशन दस्तावेज़ का स्केन कॉपी होना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थी के जाति, वर्ग आदि के बारे में सही जानकारी भरना होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा ना हो।  प्रवेश परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की वेबसाइट www.nta.ac.in   या  https://exams.nta.ac.in/sainik-school-society सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के आधिकारिक वेबसाईट     https://sainikschoolambikapur.org.in/  से प्राप्त कर सकते है ।

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744 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण...चार लाख से अधिक लगी फसल की जानकारी किया गया ऑनलाइन अपलोड

जशपुरनगर 15 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के सभी तहसीलों में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके तहत जिले के कुल 744 गांवों के 4 लाख 3 हजार से अधिक खसरों में डीसीएस के माध्यम से तथा शेष खसरों में मैन्युअल गिरदावरी कर फसलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। इसका उद्देश्य भूमि पर लगी फसल एवं उसके क्षेत्रफल का सटीक आंकलन कर पारदर्शिता एवं उत्पादकता का अनुमान सुनिश्चित करना है। डीसीएस एवं मैन्युअल गिरदावरी से प्राप्त डाटा का उपयोग राज्य शासन द्वारा धान खरीदी सहित अन्य कृषि योजनाओं में किया जाएगा। विशेष अभियान के तहत चलाए गए सर्वे कार्य में सर्वेक्षण कर्ताओं द्वारा किसानों के खेतों में पहुंचकर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से  किस रकबे में कौन सी फसल लगाई गई है, इसकी जानकारी ऑनलाइन अपलोड की गई।


*ऑनलाइन देख सकेंगे खेत और फसल का विवरण* - किसान अपने गांव का गिरदावरी डाटा राजस्व विभाग के वेबसाइट में तथा भुइयां पोर्टल के माध्यम से मैन्युअल गिरदावरी का डाटा देख सकते है। यदि किसी किसान को डीसीएस अथवा मैन्युअल गिरदावरी के डाटा में त्रुटि दिखाई देती है, तो वे संबंधित तहसीलदार के समक्ष लिखित आवेदन देकर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

*फसल सर्वेक्षण में डिजिटल तकनीक का उपयोग*-
इसके तहत मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से सीधे खेत से डाटा एकत्र करने हेतु डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली स्थापित की गई। यह प्रणाली प्रत्येक कृषि भूखंड की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराती है, जिससे सटीक उत्पादन अनुमान लगाया जा सकेगा। 

*किसानों के डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित* -
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुरूप एग्रीस्टैक विकसित किया गया है, जो किसानों के डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करता है। किसानों का अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण होता है, जिसे केवल उनकी सहमति से अधिकृत संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है। एग्रीस्टैक के माध्यम से सुरक्षित एपीआई और टोकन आधारित प्रमाणीकरण से डेटा तक नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित की गई है।

*किसानों तक पहुंची डिजिटल सुविधा* - जिन किसानों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं, उनके लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि सखियों एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंजीयन और सेवा प्राप्ति की सुविधा दी गई। जिले में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया गया, ताकि कोई भी किसान एग्रीस्टैक के लाभ से वंचित न रहे। डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में गिरदावरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है तथा किसानों को धान खरीदी, फसल बीमा और अन्य योजनाओं के लिए पात्रता की पुष्टि में सुविधा मिल रही है।

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अपर कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की ली बैठक....मुख्यमंत्री जनदर्शन,मुख्यमंत्री की घोषणा और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश 

जशपुर, 15 अक्टूबर 2025/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू  ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन , मुख्यमंत्री की घोषणा और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के घोषणा के तहत स्वीकृति कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करें इसके साथ ही गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
 
  उन्होंने केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल के बोझ से मुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के लिए इस योजना का लाभ अधिक से अधिक उठाएं योजना के तहत उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

अपर कलेक्टर ने  पीएम जनमन योजनांतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी योजनाओं का लाभ सभी हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। 
          उन्होंने अधिकारियों को सभी विभागीय कार्यों को केवल ई-आफिस में माध्यम से निष्पादित करने हेतु निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी विभागों का जीएसटी रिटर्न फाइल करने एवं सभी कर्मचारियों का ई-केवायसी पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
 इस अवसर पर  सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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सफलता : दीपावली पर्व के अवसर पर कलात्मक दीयों और पूजा सामग्री के बनाकर समूह की महिलाएं हो रही समृद्ध 

गौरेला पेंड्रा मरवाही, 15 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की आत्मनिर्भर भारत की संकल्प को पूरा करने की दिशा में स्वसहायता समूह की महिलाएं अपनी योगदान दे रहीं हैं। दीपावली पर्व के अवसर पर कलात्मक दीयों और पूजा सामग्री का निर्माण करके स्थानीय हाट बाजारों में बिक्री करके समृद्ध हो रहीं हैं। जिला प्रशासन एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से पेंड्रा जनपद की पांच महिला स्वसहायता समूहों की 12 महिलाएं मिलकर अब तक 70 हजार मिट्टी के दीये तैयार कर लिए हैं। इसके साथ ही अगरबत्ती, बाती एवं तोरण तैयार कर स्थानीय बाजारों-कोटमी, नवागांव और कोड़गार हाट बाजार में बेच रही हैं। समूह द्वारा निर्मित दीये रायपुर में आयोजित सरस मेला में भी प्रदर्शित किया गया है और बेचे भी जा रहे हैं। समूह द्वारा अब तक 1 लाख 11 हजार 500 रूपये की दीयों एवं पूजा सामग्री का बिक्री की जा चुकी है।    

 समूह की सदस्य ग्राम झाबर निवासी श्रीमती क्रांति पुरी ने बताया कि इस काम से उन्हें करीब 9 हजार रुपये का मुनाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की दिवाली उनके लिए बहुत खास बन गई है और वे इस आय से काफी खुश हैं। ब्लॉक मिशन प्रबंधक सुश्री मंदाकिनी कोसरिया ने जानकारी दी कि इस कार्य से सीधे तौर पर पांच महिला स्वसहायता समूहों के परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी सक्षम हो रही हैं। यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि परंपरागत दीयों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। मिट्टी के दीयों की बिक्री से जहां महिलाओं की आमदनी बढ़ी है, वहीं पर्यावरण के लिए भी अनुकूल विकल्प है।

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छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर...मिला श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान

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रायपुर 15 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया है। 
  यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया। एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। 
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।

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जनजातीय विद्रोहों पर आधारित संग्रहालय को दिया जा रहा अंतिम स्वरूप....प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर करेंगे उद्घाटन

रायपुर, 14 अक्टूबर 2025/ अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित किए जा रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज निर्माण स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाया जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। संग्रहालय में आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलकें देखने और सुनने को मिलेंगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री शील ने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली सभी वस्तुओं और सामग्री को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ओरिएंटेशन रूम में प्रदर्शित की जाने वाली डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार की जाए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी गैलरियों का भ्रमण किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आज ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। श्री बोरा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से लोकार्पित होने जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री जी के लोकार्पण रूट-प्लान के अनुसार अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संग्रहालय तक आने वाले पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय क्षेत्र में चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा गार्डनिंग और वृक्षारोपण की आवश्यक तैयारियाँ भी समय पर पूरी हों।

उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, तथा झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।

बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं श्री सुरेश ठाकुर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, तथा लोक निर्माण विभाग रायपुर के मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी का हुआ चयन .....एकता, विकास और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देगा छत्तीसगढ़ की झांकी : मुख्यमंत्री

रायपुर 14 अक्टूबर 2025/ राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी का चयन किया गया है। यह जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तराखंड, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, एनडीआरएफ और एनएसजी की झांकियाँ भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के जनसम्पर्क विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह चयन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और एकता के भाव की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। एकता परेड में प्रस्तुत होने वाली यह झांकी हमारे राज्य की ‘एकता में विविधता’ की अद्भुत परंपरा को सजीव रूप में प्रदर्शित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष बस्तर की बदलती पहचान और विकास यात्रा पर केंद्रित होगी। राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की जा रही यह झांकी बस्तर की जनजातीय अस्मिता, पारंपरिक लोकनृत्य, वेशभूषा, ढोकरा धातु कला, आदिवासी चित्रकला और आधुनिक विकास के समन्वय को प्रदर्शित करेगी। झांकी का मुख्य संदेश होगा कि बस्तर अब बदलाव की राह पर है — संघर्ष से विकास की ओर, भय से विश्वास की ओर। इसमें दर्शाया जाएगा कि जिस भूमि ने कभी संघर्ष और असमानता के दौर देखे, आज वही क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे के माध्यम से शांति और समृद्धि की नई पहचान गढ़ रहा है।

राज्य सरकार की पुनर्वास एवं विकासोन्मुख नीतियों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी परिवर्तन की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया है। यह झांकी न केवल बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, एकता और लोकगौरव की झलक भी पेश करेगी।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य परेड में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं उपस्थित रहेंगे और  चयनित राज्यों की झांकियों का अवलोकन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को सशक्त करेगी और देश के सामने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और सामाजिक एकता का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

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