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खण्ड और अल्प वर्षा की आशंका के बीच सरकार का बड़ा अलर्ट: धान की रोपा पद्धति छोड़ डीएसआर अपनाएं किसान, पानी बचेगा, लागत घटेगी और फसल भी होगी जल्दी तैयार

रायपुर, 03 जुलाई 2026/खरीफ सीजन 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण मानसून के देर से आने, जल्दी समाप्त होने तथा फसल अवधि के दौरान लंबे अंतराल तक वर्षा नहीं होने (खण्ड वर्षा) एवम् अल्प की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए सामान्य आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। इस कार्ययोजना का उद्देश्य कम वर्षा की स्थिति में भी किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उत्पादन बनाए रखना तथा खेती की लागत कम करना है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है, ताकि वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कम किया जा सके। धान की खेती में रोपा पद्धति के बजाय धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। इस तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है।

राज्य सरकार ने किसानों को वर्षा शुरू होने से पहले खेतों एवं मेड़ों की सफाई, समय पर जुताई तथा खेतों में मेडबंदी कर वर्षा जल संरक्षण सुनिश्चित करने की सलाह दी है, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग किया जा सके। कम वर्षा की संभावना को देखते हुए उच्चहन भूमि में धान के स्थान पर अरहर, मूंग एवं उड़द जैसी दलहनी तथा मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी गई है। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम मानी जाती हैं, जिससे किसानों का जोखिम कम हो सकता है। फसलों की कतार पद्धति से बुवाई पर भी बल दिया गया है। इससे खरपतवार नियंत्रण, नमी संरक्षण तथा पौधों की जड़ों का बेहतर विकास होता है, जिससे सूखे की स्थिति में भी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।

किसानों को बुवाई से पहले बीज उपचार अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी गई है। इसके तहत कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज, थायमेथोक्साम-इमिडाक्लोप्रिड 1.5 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज तथा धान के लिए एजोस्थिरिलम, अन्य फसलों के लिए एजोटोबेक्टर और दलहनी फसलों के लिए राइजोबियम (10 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज) के उपयोग की सलाह दी गई है। यदि 15 जुलाई तक अंकुरण नहीं होता है, तो किसानों को पुनः बुवाई करते समय सामान्य बीज दर की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक बीज उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही जुलाई के अंत तक मूंग एवं उड़द की बुवाई तथा अगस्त में तिल, सूरजमुखी एवं मध्यम अवधि वाली अरहर की बुवाई करने का सुझाव दिया गया है।

कम वर्षा की स्थिति में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है। नत्रजन उर्वरकों का सीमित उपयोग करते हुए 2 प्रतिशत यूरिया घोल का पर्णीय छिड़काव अथवा प्रति एकड़ 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग अधिक लाभकारी रहेगा। वहीं दलहनी एवं तिलहनी फसलों में बुवाई के लगभग एक माह बाद 2 प्रतिशत डीएपी घोल के पर्णीय छिड़काव करने को कहा गया है।

सरकार ने गांवों में नालों पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर अस्थायी बांध बनाने, डबरियों, तालाबों एवं कुओं में वर्षा जल संग्रह करने तथा आवश्यकता पड़ने पर इस संचित जल का जीवन रक्षक सिंचाई के रूप में उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही किसानों से मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्य करने, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने तथा फसल विविधीकरण के माध्यम से खेती के जोखिम को कम करने की अपील की गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि खरीफ 2026 में वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो किसानों के लिए कम अवधि वाली धान की किस्मों के साथ-साथ अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, रामतिल और सोयाबीन जैसी दलहनी एवं तिलहनी फसलें अपेक्षाकृत अधिक लाभकारी विकल्प साबित हो सकती हैं। राज्य सरकार ने किसानों से कृषि संबंधी किसी भी कठिनाई की स्थिति में निकटस्थ कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह लेने की अपील की है।

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वरिष्ठ पत्रकार सुखनंदन बंजारे के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, कहा— पत्रकारिता जगत ने जनसरोकारों की मजबूत आवाज खो दी

रायपुर, 2 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुखनंदन बंजारे के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा कि वरिष्ठ पत्रकार श्री सुखनंदन बंजारे के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, आत्मीयजनों और शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय सुखनंदन बंजारे ने पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दीं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

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आत्मानंद विद्यालय जशपुर में दाखिले का आखिरी मौका, 10 जुलाई तक करें आवेदन; 11 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षा, सीमित सीटों पर मिलेगा प्रवेश


     जशपुर नगर। जिले के  स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट (अंग्रेजी माध्यम) नवीन आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बाद हिंदी माध्यम की रिक्त सीटों पर पुनः प्रवेश की अंतिम प्रक्रिया शुरू की गयी  है। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के निर्देशानुसार विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं की रिक्त सीटों पर विद्यार्थियों का चयन पूर्व में किया गया, उसके पश्चात कुछ सीटों के लिए पात्र विद्यार्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण हिंदी माध्यम की रिक्त सीटों के लिए पुनः प्रवेश की अंतिम प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आवेदन पत्र प्राप्त व जमा करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित है।बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के कारण इस विद्यालय में हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।  प्राप्त जानकारी के अनुसार  विद्यालय स्तर पर ऑफलाइन आवेदन की सुविधा  उपलब्ध कराई गई है, 10 जुलाई तक कार्यालयीन दिवस में सुबह 10:30  से संध्या 4 बजे तक विद्यालय के कार्यालय में यह सुविधा उपलब्ध है ।
विद्यालय के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार कक्षा 9 वी और इससे ऊपर की कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश लिया जाता है , यह प्रवेश परीक्षा पिछले कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्नों  पर आधारित होगी, जिसके मेरिट के अंकों के आधार पर प्रवेश हेतु चयन सूची जारी की जाएगी परंतु प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यकहै l यह प्रवेश परीक्षा 11 जुलाई 2026 को समय प्रातः 9:00 बजे से 11:00 तक विद्यालय में आयोजित की जाएगी। इसके  पश्चात चयनित विद्यार्थियों को 14 जुलाई 2026 तक प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।  हिंदी माध्यम की रिक्त सीट-  कक्षा नवमी - 10, ग्यारहवी ( जीव विज्ञान ) - 05, ग्यारहवी (कला)  -    33 ,निर्धारित है 
                  विद्यालय में सह-शिक्षा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत 50 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए निर्धारित की गई हैं। यदि छात्राओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलती है, तो शेष सीटों को छात्रों से भरा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना राज्य शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी व हिंदी माध्यम शिक्षा को आम विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। जशपुर नगर स्थित यह विद्यालय भी आधुनिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।  विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि प्रवेश में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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वर्षों से मानव सेवा की मिसाल बना सोठी आश्रम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का साकार स्वरूप, कुष्ठ रोगियों को मिल रहा सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया जीवन

रायपुर, 3 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपने जांजगीर-चांपा प्रवास के दौरान सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख श्री सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और छह दशकों से अधिक समय से संचालित सेवा कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम के लिए उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा गौशाला में गौमाता की पूजा कर उन्हें हरी घास खिलाई। मुख्यमंत्री ने आश्रमवासियों को उपहार भी भेंट किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत तीर्थ है। यहाँ आकर सेवा को जीवन का सर्वोच्च धर्म मानने की भारतीय परंपरा का साक्षात अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि संस्था के सेवाभावी कार्यकर्ता निःस्वार्थ भाव से पीड़ित और उपेक्षित लोगों के जीवन में आशा का प्रकाश जला रहे हैं और उनका कार्य पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "नर सेवा ही नारायण सेवा" भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है और यह आश्रम इस विचार को व्यवहार में साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग केवल शारीरिक पीड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक उपेक्षा और भेदभाव का भी कारण रहा है। ऐसे लोगों को संस्था ने परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकर प्रसन्नता हुई कि संस्था रोगियों को निःशुल्क उपचार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ, आवास, भोजन, वस्त्र तथा पुनर्वास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। स्वरोजगार एवं कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य वास्तव में अनुकरणीय है। किसी व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि गौशाला संचालन, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से आश्रम सेवा और प्रकृति संरक्षण का संतुलित एवं समग्र मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। वहीं निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और सेवा यात्राओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का कार्य भी अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 में मानव सेवा, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था को प्राप्त राज्य स्तरीय यति यतनलाल सम्मान छह दशकों से अधिक समय से जारी सेवा, समर्पण और करुणा की परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को ऐसी सेवा संस्थाएँ धरातल पर साकार कर रही हैं, जहाँ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक जरूरतमंद की सेवा की जाती है। राज्य सरकार भी अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और विकास का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय कुष्ठ निवारक संघ जैसी संस्थाएँ सरकार और समाज के बीच सेवा का सशक्त सेतु हैं।

*छह दशक से सेवा, सम्मान और पुनर्वास का केंद्र*

गौरतलब है कि भारतीय संस्कृति में "नर सेवा ही नारायण सेवा" को सर्वोच्च धर्म माना गया है। इसी सेवा-दर्शन को साकार करते हुए जांजगीर-चांपा जिले के सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पिछले छह दशकों से कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को उपचार के साथ सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर जीवन का आधार प्रदान कर रहा है। यह संस्थान आज केवल कुष्ठ रोग उपचार केंद्र ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय केंद्र बन चुका है।

5 अप्रैल 1962 को समाजसेवी एवं स्वयं कुष्ठ रोग से प्रभावित स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे द्वारा स्थापित इस संस्था का उद्देश्य रोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। वर्षों के सतत प्रयासों से यह संस्थान देश के प्रमुख कुष्ठ रोग उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।

संस्थान में 20 बिस्तरों के चिकित्सालय के माध्यम से कुष्ठ रोगियों सहित अन्य जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ, ड्रेसिंग, भोजन, वस्त्र, आवास तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। यहाँ आधुनिक पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया जाता है। वर्तमान में संस्थान में 75 महिला एवं पुरुष रोगी निवासरत हैं तथा लगभग 120 कार्यकर्ता सेवा कार्यों में निरंतर जुटे हुए हैं।

संस्था केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को भी समान महत्व देती है। लगभग 60 एकड़ कृषि भूमि में जैविक खेती एवं बागवानी के साथ चॉक निर्माण, कालीन निर्माण, रस्सी निर्माण, सिलाई, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, वेल्डिंग, वाहन संचालन प्रशिक्षण तथा जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोगियों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाता है।

संस्थान रोगियों के परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था भी करता है। साथ ही आसपास के युवाओं को कम्प्यूटर एवं सिलाई प्रशिक्षण देकर रोजगारोन्मुखी कौशल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। शासन-प्रशासन के सहयोग से अब तक 10 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराए जा चुके हैं। संस्था कुष्ठ रोग के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

*मुख्यमंत्री ने संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का किया निरीक्षण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी निरीक्षण किया।

गौरतलब है कि आज आश्रम में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 300 से अधिक लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के संबंध में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग भी की गई। आश्रम के चिकित्सक समय-समय पर आसपास के स्कूलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री किरण सिंह देव, सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, अध्यक्ष खनिज विकास निगम श्री सौरभ सिंह, श्री अंबेश जांगड़े, पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, पूर्व विधायक श्री खिलावन साहू, अध्यक्ष हथकरघा बोर्ड श्री भोजराम देवांगन, श्री चंद्रशेखर देवांगन, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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यदि सरकारी जमीन पर वर्षों का कब्जा वैध मान लिया जाए, तो ईमानदारी से जमीन खरीदने और जीवनभर ईएमआई चुकाने वालों के साथ न्याय कौन करेगा?

रायपुर। नवा रायपुर के ग्राम नकटी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी है। बुलडोजर चलते समय रोते-बिलखते परिवारों की तस्वीरें किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित कर सकती हैं। वर्षों तक जिस घर में कोई परिवार रहा हो, उसका टूटना निश्चित रूप से पीड़ादायक होता है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिसे समझना आवश्यक है।

जानकारी के अनुसार कार्रवाई अचानक नहीं हुई। लगभग दो वर्षों से संबंधित लोगों को लगातार नोटिस दिए जा रहे थे और भूमि खाली करने का अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने शासकीय भूमि पर कब्जा बनाए रखा। प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार कई लोगों ने छोटे-मोटे नहीं बल्कि अत्यंत बड़े रकबे पर कब्जा किया हुआ था। 

सूची के अनुसार देवकुमार पिता बिसहत रात्रे द्वारा 29,700 वर्गफुट, जानकी पति गणेश साहू द्वारा 29,600 वर्गफुट, मुकेश पिता मनहरण पाल द्वारा 19,800 वर्गफुट, माया राम पिता लैनू यादव द्वारा 18,500 वर्गफुट, दूरपति पति बिसहत रात्रे द्वारा 18,300 वर्गफुट, मनोज पिता अमरीका साहू द्वारा 17,200 वर्गफुट पर अतिक्रमण किया गया था। साथ ही राजू जोशी द्वारा 1,000 वर्गफुट, ईश्वर कुर्रे द्वारा 2,250 वर्गफुट, स्कुलू राम साहू द्वारा 15,600 वर्गफुट, परस साहू द्वारा 1,200 वर्गफुट, शत्रुघन साहू द्वारा 1,200 वर्गफुट, छन्नू पिता रामनारायण देवांगन द्वारा 2,800 वर्गफुट, लक्ष्मण साहू द्वारा 5,850 वर्गफुट, बसंत साहू द्वारा 1,200 वर्गफुट, घासी साहू द्वारा 10,000 वर्गफुट, राजलाल पिता भजन ढीढी द्वारा 14,400 वर्गफुट, पंचू साहू द्वारा 10,400 वर्गफुट, नेमीचंद पिता चैतू भारद्वाज द्वारा 800 वर्गफुट, अशोक पिता बुधुराम बंजारे द्वारा 3,800 वर्गफुट, भैयाराम पिता महेश रात्रे द्वारा 6,920 वर्गफुट, घसिया पिता इतवारी बघेल द्वारा 14,700 वर्गफुट, मुन्नी बाई जांगड़े द्वारा 800 वर्गफुट, कला बाई पति दाउलाल पाल द्वारा 12,500 वर्गफुट, सोने लाल पिता पईत लाल रात्रे द्वारा 11,200 वर्गफुट, भूरी पाल पति शंकर पाल द्वारा 14,600 वर्गफुट, देवाधीन पिता अभिनाथ द्वारा 750 वर्गफुट, सुकुल पिता गजराज साहू द्वारा 6,200 वर्गफुट, नंद कुमार पिता रामेश्वर कुर्रे द्वारा 11,400 वर्गफुट, बुगाला पति स्व. अजय डहरिया द्वारा 2,600 वर्गफुट, फेकन पति भैयाराम यादव द्वारा 7,600 वर्गफुट, प्रेमलाल पिता बोधीराम साहू द्वारा 800 वर्गफुट, भगवत पिता गजराज साहू द्वारा 6,400 वर्गफुट, पुनउ पिता बनवाली साहू एवं सीताराम पिता जगदीश साहू द्वारा 10,000-10,000 वर्गफुट तथा पुनउ पिता खेलावन साहू द्वारा 11,200 वर्गफुट, विष्णु पिता रामानुज साहू द्वारा 5,200 वर्गफुट, रमेश्वर पिता मिलउ साहू द्वारा 4,000 वर्गफुट, रामशीला पिता खेदउ द्वारा 8,100 वर्गफुट, सोनी यादव पति शिवकुमार यादव द्वारा 5,300 वर्गफुट, पुनउ पिता खिलावन द्वारा 5,200 वर्गफुट, तोषण यादव पिता चैतराम यादव द्वारा 2,000 वर्गफुट, चुरण पिता चैतराम यादव द्वारा 2,000 वर्गफुट, घनश्याम पिता सुखराम द्वारा 12,300 वर्गफुट, सेवाराम साहू द्वारा 11,400 वर्गफुट, शिवप्रसाद पिता कार्तिक साहू द्वारा 2,400 वर्गफुट, प्रमोद पिता संतराम साहू द्वारा 1,000 वर्गफुट, ओमप्रकाश पिता लखन यादव द्वारा 1,200 वर्गफुट, हुमेन्द्र पिता शिवकुमार यादव द्वारा 1,000 वर्गफुट, किसुन पिता ज्वाला यादव द्वारा 10,600 वर्गफुट, लीलाराम पिता रिखीराम साहू द्वारा 3,800 वर्गफुट, बिसाहू पिता डेरहा साहू द्वारा 4,200 वर्गफुट, लक्ष्मण पाल पिता बाहरू पाल द्वारा 1,800 वर्गफुट, फेरही पति महारू साहू द्वारा 8,500 वर्गफुट, चम्पालाल पिता तुलसीराम साहू द्वारा 2,200 वर्गफुट, सुधारू यादव द्वारा 3,400 वर्गफुट, गुलेची पति खेमू साहू द्वारा 2,000 वर्गफुट, मनवा पिता पन्ना लाल यादव द्वारा 2,800 वर्गफुट, धन्नू पिता पन्ना लाल यादव द्वारा 3,600 वर्गफुट, शत्रुहन यादव द्वारा 4,200 वर्गफुट तथा सुनीता पति अशोक बंजारे द्वारा 3,100 वर्गफुट शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया था।
इनमें से कुछ लोग जमीन जमीन निजी होने की बात कहते रहे परंतु शासन के वर्षों के रिकॉर्ड खंगालने के बाद उनके पूर्वजों का नाम उल्लेखित नहीं मिला।

साथ ही यहां जमीन का स्थानीय बाजार मूल्य लगभग ₹5,000 प्रति वर्गफुट बताया जाता है। तो इस एक ही 29,700 वर्गफुट कब्जेधारी  भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹14.85 करोड़ बैठता है। अर्थात कई मामलों में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि वर्षों तक निजी उपयोग में रही।

मेरे पड़ताल के अनुसार यह भूमि सामान्य आवासीय कॉलोनी की नहीं बल्कि शासकीय भाटा/चरागाह (गौचर) भूमि बताई जा रही है, जहां नियमानुसार स्कूल, अस्पताल, गौशाला जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण ही किए जा सकते हैं। भविष्य में उस भूमि का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा, यह सरकार का नीतिगत विषय है। यदि वहां विधायकों के आवास बनाए जाने का प्रस्ताव है तो उस पर अलग राजनीतिक बहस हो सकती है, लेकिन इससे शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण की वैधता सिद्ध नहीं हो जाती।

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि प्रशासन के अनुसार हटाए गए परिवारों को सेक्टर-30, नवा रायपुर में आवास उपलब्ध कराए गए हैं। जिन फ्लैटों को सामान्य परिस्थितियों में हाउसिंग बोर्ड लगभग ₹8 लाख में बेचता है। वही फ्लैट प्रभावित परिवारों को मालिकाना अधिकार के साथ दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों के प्रधानमंत्री आवास बने थे और कार्रवाई में प्रभावित हुए, उनके लिए ऐसी ही व्यवस्था है। परंतु यहां पर प्रशासन को उनके रोजगार, बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता भी करनी होगी। साथ ही उनके पशुधन के लिए व्यवस्था बनानी होगी।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न न्याय का भी है।
एक मध्यमवर्गीय परिवार रायपुर में 800 या 1000 वर्गफुट का छोटा-सा प्लॉट खरीदने के लिए जीवनभर की कमाई लगा देता है। 25 से 35 वर्ष तक बैंक की ईएमआई भरता है। टैक्स भी देता है, बिजली-पानी के बिल भी चुकाता है और हर नियम का पालन करता है। दूसरी ओर यदि कोई व्यक्ति हजारों या दसियों हजार वर्गफुट शासकीय भूमि पर वर्षों तक कब्जा कर ले, तो क्या केवल भावनात्मक आधार पर उस कब्जे को सही ठहराया जा सकता है?

इस मामले में यह भी चर्चाओं में रहा कि कुछ कब्जाधारियों ने उसी भूमि पर लाखों रुपये के मकान बना लिए। यहां तक कि यह भी बात सामने आई कि किसी ने जमीन बेचकर लगभग 50 लाख रुपये का मकान बनाया तथा कुछ लोगों के पास पर्याप्त पशुधन और आर्थिक संसाधन भी थे। यदि ऐसे दावे सत्य हैं, तो यह प्रश्न और गंभीर हो जाता है कि क्या सभी कब्जाधारियों को केवल गरीब मान लेना उचित होगा? निश्चित रूप से वहां दिहाड़ी मजदूर और वास्तविक जरूरतमंद परिवार भी थे, लेकिन उनके साथ आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी शामिल थे। इसलिए पूरे मामले को केवल "गरीब बनाम सरकार" के रूप में देखना शायद पूरी तस्वीर नहीं है।

हालांकि इस कार्रवाई के साथ एक और महत्वपूर्ण सवाल भी उठता है। समाज में लंबे समय से यह धारणा रही है कि गरीबों के अतिक्रमण पर बुलडोजर जल्दी चलता है, जबकि प्रभावशाली और संपन्न लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण वर्षों तक बने रहते हैं। यदि सरकार वास्तव में कानून के राज की स्थापना करना चाहती है तो उसे इस धारणा को भी समाप्त करना होगा। कार्रवाई गरीब और अमीर देखकर नहीं बल्कि अवैध कब्जे की प्रकृति देखकर होनी चाहिए। जहां भी करोड़ों की सरकारी जमीन पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा है, वहां भी समान कठोरता दिखाई जानी चाहिए। इस बात का जवाब मै ये समझ आया कि सामूहिक अतिक्रमण अधिक दिखाई देता है, जबकि बड़े लोगों के कब्जे अक्सर व्यक्तिगत होते हैं और सुर्खियों में कम आते हैं। लेकिन कानून की नजर में दोनों समान ही होता है। अमीर हो या गरीब, नेता हो या व्यापारी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा यदि गलत है तो कार्रवाई भी सब पर समान रूप से होनी चाहिए।

नकटी की घटना हमें केवल एक गांव की कहानी नहीं बताती, बल्कि यह सवाल भी पूछती है कि सार्वजनिक संपत्ति पर अधिकार किसका है? यदि सरकारी जमीन पर कब्जा सही मान लिया जाए, तो फिर वह व्यक्ति जो ईमानदारी से जमीन खरीदता है, टैक्स देता है और पूरी जिंदगी कर्ज चुकाता है, उसके साथ न्याय कैसे होगा?

संवेदना आवश्यक है। विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी शासन की है। लेकिन कानून का पालन भी उतना ही आवश्यक है। गलत को केवल इसलिए सही नहीं कहा जा सकता क्योंकि वह वर्षों से चलता आ रहा था।

राजनीति इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्क देती रहेगी, लेकिन समाज को भी निष्पक्ष होकर सोचना होगा। सरकारी भूमि चाहे किसी गरीब ने घेरी हो या किसी अमीर ने यदि वह अवैध कब्जा है, तो उसे अवैध ही कहा जाना चाहिए। और यदि कार्रवाई हो, तो उसका पैमाना भी सबके लिए समान होना चाहिए।
यही न्याय का मूल सिद्धांत है।

(देवेंद्र किशोर गुप्ता, पत्रकार)

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जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध, हर वैध शिकायत का होगा नियमानुसार समाधान : डॉ. आशा लकड़ा

जशपुरनगर,03 जुलाई। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में डॉ. लकड़ा ने जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें विस्तार से सुनीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण कराया जाएगा।बैठक में विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय और छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का प्रमुख उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों को न्याय दिलाना, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से आयोग छत्तीसगढ़ प्रवास पर है, जिसके तहत जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जा रही है।
     उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ बैठक कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा भी करता है। जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता है। डॉ. लकड़ा ने अपने संबोधन में आदिवासी जननायकों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का उल्लेख करते किया। विशेष रूप से हूल क्रांति के अमर सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक विद्रोह के बाद अंग्रेजी शासन को झुकना पड़ा और संथाल परगना टेनेंसी एक्ट (एसपीटी एक्ट) लागू करना पड़ा, जिसने जनजातीय भूमि की सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। डॉ. लकड़ा ने कहा कि यदि किसी गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, विद्यालय, शिक्षक, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है अथवा किसी व्यक्ति के साथ अन्याय, शोषण, जातिसूचक टिप्पणी या अनुसूचित जनजाति अत्याचार से जुड़े मामले सामने आते हैं, तो आयोग ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय अधिकारों, विकास योजनाओं और सेवा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए आयोग पूरी गंभीरता से कार्य करता है।
       डॉ. लकड़ा ने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के लोग निवास करते हैं तथा 725 से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 338(क) के तहत गठित एक संवैधानिक निकाय है, जिसे अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी तथा उनसे संबंधित शिकायतों की जांच का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने बताया कि आयोग अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करता है तथा सरकार को आवश्यक सुझाव भी देता है। प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल से जल योजना, धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान, जनमन योजना तथा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (VB-G RAM G) जैसी योजनाओं का लाभ जनजातीय क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे, इसके लिए आयोग लगातार कार्य कर रहा है। डॉ. लकड़ा ने कहा कि संविधान के तहत किसी मामले की जांच के दौरान आयोग को दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। 
     उन्होंने बताया कि आयोग किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को समन जारी कर उपस्थित होने के निर्देश दे सकता है, सार्वजनिक दस्तावेज तलब कर सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को भी आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए निर्देशित कर सकता है। उन्होंने बताया कि आयोग की अनुशंसाएं संबंधित विभागों की कार्रवाई रिपोर्ट के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं। इसलिए जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत एवं सुझाव का विधिवत दस्तावेजीकरण कर उस पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई की जाती है।
 
*ऑनलाइन ncstgrams.gov.in के माध्यम भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत*

डॉ. आशा  लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी समस्याएं एवं शिकायतें लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग की वेबसाइट ncstgrams.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर आयोग प्रकरण की सुनवाई करता है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर और पिनकोड सही एवं पूर्ण रूप से दर्ज करना आवश्यक है। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट श्री एच.आर. मीणा एवं श्री जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए" : दुलदुला पहुंचकर कलेक्टर रोहित व्यास ने छात्रावास और स्कूल का किया औचक निरीक्षण, अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों को खुद किया फोन

जशपुरनगर 3 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज दुलदुला विकासखंड का दौरा कर प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तथा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल दुलदुला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों एवं विद्यालय की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय सिंह, एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

*छात्रावास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा* -

कलेक्टर ने छात्रावासों में बच्चों के रहने के कमरों, स्टोर रूम, स्टाफ की उपस्थिति, हाजिरी रजिस्टर एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पेयजल की समस्या सामने आने पर उसे शीघ्र दूर करने तथा बाथरूम एवं बच्चों के कमरों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

*अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों से स्वयं की दूरभाष पर चर्चा*-

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश लेने के बाद भी छात्रावास में आना शुरू नहीं किया था, उनके पालकों से कलेक्टर ने स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से छात्रावास भेजने का आग्रह किया। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि शासन द्वारा बच्चों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसलिए वे बच्चों की पढ़ाई बाधित न होने दें और उन्हें नियमित रूप से छात्रावास भेजें।

*शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का भी किया निरीक्षण* -

छात्रावास निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल दुलदुला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा 9वीं, 10वीं एवं 12वीं में संचालित कक्षाओं का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से विषयवार अध्ययन, शिक्षण व्यवस्था एवं नियमित उपस्थिति के बारे में पूछताछ की।

*स्मार्ट टीवी बोर्ड का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश* -

विद्यालय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं में स्थापित स्मार्ट टीवी बोर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि डिजिटल संसाधनों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रुचिकर शिक्षा प्रदान करें, ताकि बच्चों की सीखने की क्षमता और बेहतर हो सके।

*प्रवेश लेने आए पालकों और विद्यार्थियों से भी की चर्चा* -

कलेक्टर ने विद्यालय में प्रवेश लेने आए पालकों एवं विद्यार्थियों से भी बातचीत की और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ विद्यार्थियों ने प्रवेश तो ले लिया है, लेकिन विद्यालय आना शुरू नहीं किया है। इस पर कलेक्टर ने ऐसे विद्यार्थियों के पालकों से स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना अभिभावकों और विद्यालय दोनों की साझा जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास एवं विद्यालय से जुड़ी सभी कमियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

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भाषा बचेगी तो संस्कृति बचेगी —राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा के समक्ष मुंडा समाज ने उठाई मुंडारी भाषा संरक्षण की मांग, मुंडारी बहुल गांवों में शिक्षकों की नियुक्ति और जाति प्रमाण पत्र की त्रुटियां दूर करने का किया आग्रह

जशपुरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार जशपुर में गुरुवार को डॉ. आशा लकड़ा, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली की अध्यक्षता में समाज प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न जनजातीय समाजों के प्रतिनिधियों से बारी-बारी से चर्चा कर उनकी प्रमुख समस्याओं, मांगों एवं समाधान के संबंध में सुझाव लिए गए। आयोग की सदस्य ने समाज प्रमुखों की बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया।

बैठक के दौरान  शंकर राम बरला, प्रदेश अध्यक्ष, मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई ने मुंडा समाज की ओर से विस्तृत आवेदन प्रस्तुत करते हुए समाज की दो प्रमुख समस्याओं को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुंडा समाज की जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है तथा अधिकांश परिवार अन्य भाषा-भाषी क्षेत्रों में निवास करते हैं। इसके कारण समाज की मातृभाषा मुंडारी धीरे-धीरे विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच रही है।

उन्होंने मांग की कि जिन गांवों में मुंडा समाज की अधिक आबादी है, वहां मुंडारी भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा, संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़ी रहे। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर भी है। यदि समय रहते संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियां अपनी मूल बोली और सांस्कृतिक पहचान से दूर हो सकती हैं।

श्री बरला ने बैठक में एक अन्य गंभीर समस्या की ओर भी आयोग का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि मुंडा जनजाति के कई लोगों के जाति प्रमाण पत्र मिसल बंदोबस्त में हुई त्रुटियों के कारण आज तक नहीं बन पाए हैं। इस संबंध में समाज द्वारा वर्षों से शासन-प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने आयोग से उच्च स्तर पर हस्तक्षेप कर इस समस्या का स्थायी समाधान कराने का आग्रह किया, ताकि पात्र लोगों को अनुसूचित जनजाति वर्ग की सुविधाओं और अधिकारों का लाभ मिल सके।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने मुंडा समाज सहित अन्य समाजों द्वारा रखी गई मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी विषयों पर विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत आवश्यक प्रयास किए जाएंगे तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।

बैठक में मुंडा समाज की ओर से प्रदेश संगठन मंत्री श्री किसुन बारला, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री महेंद्र बरला तथा महिला शाखा की प्रतिनिधि श्रीमती रीना बरला भी उपस्थित रहीं। समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के स्तर पर पहल होने से मुंडारी भाषा के संरक्षण और वर्षों से लंबित जाति प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

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सफलता के लिए संघर्ष के साथ सही रणनीति भी जरूरी, लक्ष्य पर रखें पूरा फोकस: डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा

​जशपुरनगर। 

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में अध्ययनरत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष प्रेरणादायक सत्र का आयोजन हुआ। इस सत्र में डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन का अनुभव साझा किया। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन से लेकर डिप्टी कलेक्टर बनने तक के जीवन संघर्ष को साझा किया । 

सत्र में आगे डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने छात्रों के व्यक्तिगत  और बौद्धिक विकास के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी  बात की। उन्होंने मेहनत के बाद भी अपेक्षित परिणाम न‌ मिलने‌ पर ठहराव के बजाय रणनीति में बदलाव, समय प्रबंधन के साथ सही प्रयास, संतुलित और सक्रिय मस्तिष्क के साथ अपनी पूरी क्षमता का उपयोग और केवल लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने पर बात करते हुए प्लेटो इफेक्ट, पारेटो का सिद्धांत और रैट स्टोरी के माध्यम से समझाया। उन्होंने उभयहस्तता पर भी सेशन में चर्चा की।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने और याददाश्त को अपडेट करने के पहलुओं पर बात की। उन्होंने कहा कि अक्सर विद्यार्थियों को किसी विषयवस्तु में आने वाले वर्ष या महत्वपूर्ण तिथियां याद रखने में कठिनाई होती है। तो इसे आसान बनाने के लिए आप उसे किसी काल्पनिक कहानी से जोड़कर एक ट्रिक बना लें और उसे नोट कर लें, इस तरह से याद की गई चीजें आप जल्दी नहीं भूलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सभी को किशन चहल जी द्वारा लिखित सुप्रसिद्ध पुस्तक "आर्ट ऑफ मेमोरायजिंग" को पढ़ने की सलाह दी।

इस प्रेरणादायक सत्र के संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने आभार व्यक्त किया। सत्र में विद्यार्थियों के साथ संस्थान के शिक्षक दीपक ग्वाला, राजेंद्र प्रेमी और अश्विनी सिंह भी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ में निवेश और कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल पर हुई अहम समीक्षा बैठक

रायपुर, 01 जुलाई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।  बैठक में ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (डीरिग्युलेशन एंड फैसिलिटेशन) बिल, 2026’ के प्रारूप तथा निवेश संवर्धन, डिजिटल सुविधा और व्यवस्थित नियामकीय सुधारों के लिए तैयार किए गए परिचालन ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के उपायों की समीक्षा की गई। परिचालन ढांचे के अंतर्गत ’इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ के माध्यम से  प्रशासनिक व्यवस्था , पांच प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित कार्यप्रणाली, 180 शासकीय सेवाओं का सरलीकरण तथा नौ विभागों को इस व्यवस्था से जोड़ने संबंधी प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा निवेशकों के लिए सुगम, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था से राज्य में निवेश को गति मिलेगी, उद्योगों के लिए कारोबार करना और अधिक सहज होगा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक दी गई भावभीनी विदाई, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सम्मानपूर्ण भविष्य की दी शुभकामनाएं

रायपुर, 01 जुलाई 2026/ राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव श्री कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर श्री राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी श्री चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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कलेक्टर रोहित व्यास की अभिनव पहल: जशपुर के विद्यार्थियों को मिलेगा एआई का आधुनिक ज्ञान, केंद्रीय विद्यालय जशपुर और पीएम श्री सेजेस पत्थलगांव में छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू


जशपुर नगर। 1 जुलाई 2026

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में केंद्रीय विद्यालय जशपुर और पीएम श्री सेजेस पत्थलगांव में  ई- शिक्षा पर आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण प्रशिक्षण आज से शुरू हुआ। दोनों विद्यालयों में यह प्रशिक्षण आगामी 6 दिनों तक चलेगा।  इस कार्यक्रम से कक्षा नवी से 12वीं तक के लगभग 2000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। 

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और अध्ययन में इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के द्वारा पीएमश्री, केंद्रीय, नवोदय , स्वामी आत्मानंद, कस्तूरबा गांधी और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में एआई शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है। 

केंद्रीय विद्यालय जशपुर में बीईओ श्रीमती कल्पना टोप्पो, एबीईओ टुमनू गोसाईं, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय और केंद्रीय विद्यालय के कंप्यूटर टीचर वसीम फारूक की उपस्थिति में प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। 

जशपुर में ट्रेनर्स सुश्री रेणुका चक्रधारी, सुश्री संजना मरकाम और पत्थलगांव में सुश्री नीतू और सुश्री प्रियंका ठाकुर ट्रेनिंग दे रही है।  पहले दिन विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणा और कार्यप्रणाली के साथ बताया कि एआई क्या है और किस प्रकार कार्य करता है। कार्यशाला में एआई टूल्स के सैद्धांतिक और प्रयोगिक सत्र शामिल रहे । प्रशिक्षकों ने बताया कि एआई भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और यह तकनीक हेल्थकेयर, शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से उपयोगी हो रही है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को यह भी सिखाया गया कि एआई टूल्स के लिए प्रॉम्प्ट कैसे देने है, उदाहरणों के साथ इसे समझाया। प्रशिक्षण की शुरुआत एक मज़ेदार एनर्जाइज़र एक्टिविटी से हुई, इसके बाद प्रशिक्षकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तृत परिचय दिया गया, जिसमें इसके बेसिक्स, महत्व और दैनिक जीवन में इसके रियल-लाइफ एप्लीकेशंस पर चर्चा की गई। साथ ही, AI की हिस्ट्री और इसके इवोल्यूशन को बताया गया। सत्र में आधुनिक एआई टूल्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन रहा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को गूगल लेंस, गूगल ट्रांसलेट, चैट जीपीटी और जैमिनी जैसे टूल्स का लाइव डेमो देकर उनके प्रैक्टिकल उपयोग सिखाए गए। 

पीएम श्री सेजेस पत्थलगांव में बीईओ कमलेश यादव, बीआरसीसी जगन्नाथ पाढ़ी , प्राचार्य श्रीमती तनु ठाकुर की उपस्थिति में प्रशिक्षण शुरू हुआ।   सभी विद्यालयों में लैब में उपलब्ध कंप्यूटर की संख्या के आधार पर विद्यार्थियों को बैच में लगातार तीन दिनों तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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मक्का बाड़ी से लौट रही 28 वर्षीय महिला पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर हुई मौत; प्रशासन ने बरसात के मौसम में सतर्क रहने की अपील की

जशपुर :- धोरापाठ क्षेत्र में बुधवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना में एक 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतका की पहचान चिंतामुनि (28 वर्ष), पति राम, निवासी धोरापाठ के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिंतामुनि बुधवार दोपहर अपने मक्का बाड़ी में कृषि कार्य करने के बाद घर लौट रही थीं। इसी दौरान लगभग दोपहर 1 बजे अचानक मौसम बदल गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तत्काल उन्हें एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान मौसम अचानक खराब हो गया था और तेज गर्जना के बीच वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से यह दुखद हादसा हो गया।

प्रशासन ने घटना के बाद लोगों से बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेतों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन या घर के भीतर ही रहें तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करें। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों से भी मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

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छत्तीसगढ़ में जनपद पंचायत सीईओ का बड़ा फेरबदल, जशपुर के कुनकुरी, मनोरा और फरसाबहार समेत 33 अधिकारियों के तबादले

रायपुर/, 1 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जनपद पंचायतों में पदस्थ 33 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) एवं प्रभारी सीईओ के तबादले के आदेश जारी किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है तथा सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस व्यापक तबादला सूची में जशपुर जिले के कुनकुरी, मनोरा और फरसाबहार जनपद पंचायत भी शामिल हैं। आदेश के अनुसार जनपद पंचायत कुनकुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.के. श्रीवास को स्थानांतरित कर जनपद पंचायत पाली (कोरबा) का प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह जनपद पंचायत तमनार (रायगढ़) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय कुमार चंद्रा को कुनकुरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी प्रकार जनपद पंचायत मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रघुनाथ राम का स्थानांतरण सीतापुर (सरगुजा) कर दिया गया है, जबकि प्रतापपुर (सूरजपुर) में पदस्थ जयगोविंद गुप्ता को मनोरा का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं फरसाबहार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल कुमार तिवारी को प्रतापपुर (सूरजपुर) भेजा गया है।

तबादला आदेश में रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, बस्तर, नारायणपुर, कांकेर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, धमतरी, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी निर्धारित समयावधि में नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराएंगे।

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जशपुर नगर पालिका में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत: दो नवनिर्वाचित और पांच मनोनीत पार्षदों ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, विकास और जनसेवा का लिया संकल्प

  जशपुरनगर, 01 जुलाई 2026/ नगर पालिका परिषद जशपुर के वार्ड क्रमांक 08 एवं 14 में संपन्न उपचुनाव के नवनिर्वाचित पार्षदों तथा शासन द्वारा मनोनीत पांच पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज नगर पालिका परिषद के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री समीर बड़ा ने सभी नवनिर्वाचित एवं मनोनीत पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पूर्व सांसद श्री राजा रणविजय सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, श्री ओमप्रकाश सिन्हा, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ श्री योगेश्वर उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
    इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने नवनिर्वाचित एवं मनोनीत पार्षदों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारी नगर के समग्र विकास और नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पार्षद दृढ़ संकल्प और जनसेवा की भावना के साथ नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पूर्व सांसद श्री राजा रणविजय सिंह जूदेव ने भी सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधियों का समन्वित प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण करना जनप्रतिनिधियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

*दो नवनिर्वाचित एवं पांच मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ*

शपथ ग्रहण समारोह में वार्ड क्रमांक 08 से प्रेमलता साहू (भारतीय जनता पार्टी) तथा वार्ड क्रमांक 14 से प्रिया सिंग (भारतीय जनता पार्टी) ने नवनिर्वाचित पार्षद के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसी प्रकार शासन द्वारा मनोनीत पार्षदों में श्री संतोष सिंह, श्री राधेश्याम राम, श्री रूपेश सोनी, श्री ओमप्रकाश नायक एवं श्रीमती नीतू गुप्ता ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण सामरोह के अंत में आभार प्रदर्शन नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत ने किया।

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फर्जी e-Challan के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, जशपुर परिवहन विभाग ने जारी की चेतावनी; सिर्फ सरकारी पोर्टल से ही करें चालान का भुगतान

*जशपुरनगर 1 जुलाई 2026/* साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी e-Challan के SMS, WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने की घटनाएं सामने आने पर जिला परिवहन अधिकारी जशपुर ने जन जागरूकता हेतु अपील की गई है।  वर्तमान में साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फर्जी e-Challan के भ्रामक लिंक भेजे जा रहे हैं। इन लिंक के माध्यम से नागरिकों की बैंकिंग एवं अन्य गोपनीय जानकारी प्राप्त कर साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। भारत सरकार के आधिकारिक e-Challan पोर्टल पर भी नागरिकों को ऐसे फर्जी पोर्टलों एवं संदेशों से सावधान रहने की चेतावनी प्रदर्शित की गई है।  

                 आमजन को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने एवं जागरूक करने के उद्देश्य से आधिकारिक e-Challan पोर्टल *https://echallan.parivahan.gov.in* अथवा संबंधित राज्य पुलिस/परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/मोबाइल ऐप के माध्यम से ही भुगतान करने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई है।

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अब सड़क पर नहीं दौड़ेंगे दोहरे लोहे के पिंजरे वाले ट्रैक्टर, कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश—उल्लंघन पर होगी चालानी और वैधानिक कार्रवाई


  जशपुरनगर, 01 जूलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों में उपयोग के लिए लगाए जाने वाले दोहरे लोहे के पिंजरे (आयरन केज व्हील) वाले ट्रैक्टरों का सामान्य सड़कों, सीमेंट सड़कों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालन तत्काल प्रभाव से रोका जाए। कलेक्टर ने कहा कि आयरन केज व्हील केवल कृषि कार्यों के लिए बनाए गए हैं। इनका सार्वजनिक सड़कों पर उपयोग मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर चलने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है तथा सड़कों को भी गंभीर क्षति पहुंचती है। इससे दुघर्टना की भी आशंका रहती है। 
   बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के कुछ क्षेत्रों में रबर टायरों के स्थान पर दोहरे लोहे के पिंजरे लगे ट्रैक्टरों का उपयोग सड़कों पर किया जा रहा है। इससे सड़कों की सतह तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। साथ ही इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत शपथ-पत्र का भी उल्लंघन हो रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खेतों में उपयोग के लिए लगाए गए लोहे के पिंजरे वाले पहियों को सार्वजनिक सड़क पर आने से पहले हटाकर रबर के टायर लगाना अनिवार्य है। बिना रबर टायर के ऐसे ट्रैक्टरों का किसी भी सार्वजनिक सड़क पर संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    कलेक्टर ने संबंधित विभागों को किसानों एवं ट्रैक्टर संचालकों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें मोटर वाहन अधिनियम एवं सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जा सके। साथ ही कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले ट्रैक्टर संचालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने जिला प्रशासन ने  संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर बिना रबर टायर के दोहरे लोहे के पिंजरे (आयरन केज व्हील) वाले ट्रैक्टरों के सार्वजनिक सड़कों पर संचालन पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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राशिफल : किस राशि पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा और किसे रहना होगा हर कदम पर सतर्क? पढ़ें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

 

1 जुलाई 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाओं, रुके हुए कार्यों में गति और आत्मविश्वास में वृद्धि का संकेत दे रहा है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ राशियों को करियर और व्यापार में लाभ मिलेगा, जबकि कुछ को धैर्य और संयम से काम लेने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

♈ मेष राशि

आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेगा। लंबे समय से जिस कार्य में रुकावट आ रही थी, उसमें प्रगति होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापारियों के लिए नए ग्राहकों और नए सौदों से लाभ के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी, हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी तथा प्रेम संबंधों में विश्वास मजबूत होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अत्यधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि

आज धैर्य और विवेक आपके सबसे बड़े साथी होंगे। किसी पुराने विवाद या पारिवारिक मतभेद का समाधान निकल सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें। धन संबंधी मामलों में लाभ के योग हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर का वातावरण सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि

आज का दिन नई योजनाओं की शुरुआत के लिए अनुकूल रहेगा। आपकी वाणी और व्यवहार लोगों को प्रभावित करेंगे। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्साहवर्धक रहेगा। यात्रा लाभदायक सिद्ध हो सकती है।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि

आज भावनाओं में बहकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी, लेकिन सफलता पाने के लिए धैर्य बनाए रखना होगा। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से बचने का प्रयास करें।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि

आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि

आज योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य सफलता दिलाएगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को नए अनुबंध मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में लाभ रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

♎ तुला राशि

आज संतुलित सोच और शांत स्वभाव आपको सफलता दिलाएगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों में प्रगति होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि

आज का दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। व्यापार में लाभ होगा और नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। आर्थिक लाभ के अच्छे संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है। यात्रा शुभ रहेगी।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलने के योग हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नए सौदे लाभदायक रहेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करना जरूरी होगा।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

♒ कुंभ राशि

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में नए अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में लाभ और विस्तार के संकेत हैं। मित्रों और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

♓ मीन राशि

आज मानसिक शांति और आत्मविश्वास बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

1 जुलाई 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा, नए अवसर और आत्मविश्वास लेकर आया है। जो लोग लंबे समय से किसी कार्य के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक मामलों में समझदारी और संयम लाभदायक रहेगा। परिवार और मित्रों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। सकारात्मक सोच, धैर्य और निरंतर प्रयास आपको सफलता की ओर ले जाएंगे।

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