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“गांव का पानी गांव में” मिशन पर कलेक्टर रोहित व्यास का जोर, जल संचय जन भागीदारी 2.0 में विभागों को सख्त निर्देश, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से लेकर चेकडैम मरम्मत तक हर स्तर पर एक्शन प्लान तैयार

जशपुरनगर, 20 अप्रैल 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभागार में जल संचय जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध जल संसाधनों एवं वर्तमान जल प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जल संरक्षण और भू-जल प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए लोगों में जागरूकता प्रसार करने सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को भू-जल स्तर की नियमित मॉनिटरिंग करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने हेतु निर्देशित भी किया।
      कलेक्टर ने जल संकट से निपटने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास, विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी नवाचारों के उपयोग तथा जनसहभागिता के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी के अनियंत्रित उपयोग और संरक्षण के पर्याप्त उपाय नहीं होने के कारण जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल, कृषि एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए अभी से सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में ही रहे  इस अवधारणा को सशक्त बनाने हेतु नागरिकों में जागरूकता आवश्यक है। इसके लिए जनभागीदारी के माध्यम से सोखता गड्ढों का निर्माण, छोटे नदी-नालों की सफाई, लो-कॉस्ट इनोवेटिव मॉडल 5 प्रतिशत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य जल संचयन तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए गए।
       कलेक्टर श्री व्यास ने जल संचयन के लिए  शासकीय भवनों, स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नदी-नालों के जीर्णोद्धार, बोरवेल रिचार्ज, ढलान एवं पहाड़ी क्षेत्रों में कंटूर ट्रेंच निर्माण, डबरी निर्माण, बोरी बंधान जैसे कार्यों को प्राथमिकता से करने को कहा। उन्होंने कटाव नियंत्रण और नदी तटबंधों को मजबूत करने के लिए गैबियन संरचनाओं की मरम्मत तथा चेक डैम की रिपेयरिंग कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा तालाबों की नियमित सफाई, खेल मैदानों जहां से पानी निकासी ज्यादा होती है वहां सोखता गड्ढा बनाने तथा कुओं के रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने को कहा ।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि सार्वजनिक रूप से उपयोग किए जा रहे बोरवेल के पास सोखता गड्ढा अनिवार्य रूप से बनाएं।  इसके अलावा जल संचय जन भागीदारी समिति 2.0 के क्रियान्वयन हेतु कार्य योजना और पोर्टल के संचालन की भी जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण हेतु बनाए गए प्रत्येक स्ट्रक्चर का जिओ टैगिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारी, पीएचई, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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पोषण पखवाड़ा की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे उप संचालक, आंगनबाड़ी केन्द्रों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के उप संचालक श्री अवनि बिसवाल ने आज जशपुर परियोजना के तपकरा, कुनकुरी परियोजना के डुगडुगिया, दुलदुला परियोजना के खटंगा आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया और  और पोषण पखवाड़ा की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पोषण पखवाड़ा की 6 थीमों पर हितग्राहियों से चर्चा की और उन्हें अपने बच्चों को रोज आंगनबाड़ी केन्द्रों में भेजने की सलाह दी। उन्होंने रेडी टू ईट फूड का हितग्राही को कैसे उपभोग करना है इसकी भी जानकारी प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी जशपुर योगेश भगत और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव उपस्थित रहे।
                    विदित हो कि आज 20 फरवरी 2026 को पोषण पखवाड़ा की गतिविधियों के अवलोकन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के उप संचालक श्री अवनि बिसवाल का जशपुर जिले में आगमन हुआ है।

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कलेक्टर रोहित व्यास की अगुवाई में एनकार्ड समिति की अहम बैठक—नशा मुक्ति केंद्र, मेडिकल स्टोर्स और ढाबों पर सख्त निगरानी के निर्देश

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से  व्यापक और सख्त कार्ययोजना लागू किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए । कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंद लोग आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

*नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई* -

कलेक्टर एवं एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने, नियमित चेकिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास 100 मीटर के दायरे में गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

*मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की सख्त जांच*-

ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है कि मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


*कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम* -

कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नशे की लत से ग्रसित पाया जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में रहकर उपचार लेना होगा। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह पहल जिले को नशामुक्त बनाने और सुरक्षित, स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

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“सड़क पर लापरवाही पड़ेगी भारी” — हेलमेट-सीट बेल्ट से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक हर नियम पर कड़ी निगरानी, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी स्तरों पर कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह पहल जिले में दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि एम्बुलेंस समय पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र उपचार मिल सके। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


*यातायात नियम उल्लंघन पर कड़ी निगरानी* -

कलेक्टर ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस वाहन न चलाए। साथ ही परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल एवं कॉलेजों में लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं विधिवत लाइसेंस प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उनके कार्यालयों में आने वाले कर्मचारी हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।


*ब्लैक स्पॉट सुधार पर विशेष जोर* -

बैठक में जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट जैसे लोरो बगीचा, बधिमा, केसरा, भीमसीला, हर्राडीपा एवं चराईडांड की समीक्षा करते हुए वहां सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से श्री नदी पर स्थित संकरे पुल के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप लगाने, स्पीड नियंत्रण उपाय लागू करने एवं सोलर लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। कलेक्टर ने सड़कों पर मार्किंग, साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप आदि आवश्यक यातायात संकेतकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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कलेक्टोरेट में सख्ती : बिना हेलमेट-सीट बेल्ट एंट्री बंद, 28 चालानों में 14 हजार की वसूली… अफसर-कर्मचारियों पर भी गिरी गाज, “नियम सबके लिए समान” का कड़ा संदेश


जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आज से कलेक्टोरेट परिसर में हेलमेट और सीट बेल्ट को अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार अब दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाए बिना कलेक्टोरेट परिसर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए है। उक्त निर्देश के अनुपालन में एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्टोरेट परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिसमें कुल 28 प्रकरण दर्ज किए गए। 24 प्रकरण बिना हेलमेट  और 04 बिना सीट बेल्ट के मामलों में कुल 14,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। यह कार्रवाई कलेक्टोरेट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर ही की गई, जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि नियम सभी के लिए समान हैं।


      कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी। उन्होंने कहा कि शासकीय अमला स्वयं यातायात नियमों का पालन कर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करे। यह निर्णय कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जोखिम को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

कलेक्टर एसएसपी के मार्गदर्शन में अभियान

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल जागरूकता से नहीं, बल्कि सख्ती से भी सुनिश्चित होती है, इसलिए नियमों का पालन हर स्थिति में जरूरी है।
 सुरक्षा को लेकर संयुक्त अपील

कलेक्टर एवं एसएसपी ने संयुक्त रूप से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टोरेट में लागू यह सख्त व्यवस्था न केवल अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करेगी, बल्कि जिलेभर में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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पत्थलगांव में 22 अप्रैल को लगेगा बड़ा दिव्यांगजन शिविर, एक ही जगह बनेगा प्रमाण पत्र और यूडीआईडी—मौके पर ही नवीनीकरण की भी सुविधा

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले के दिव्यांगजनों को प्रमाणन एवं यूडीआईडी  सुविधा प्रदान करने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 22 अप्रैल 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पत्थलगांव में प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा। उप संचालक समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शिविर में जनपद पंचायत पत्थलगांव क्षेत्र के समस्त दिव्यांगजनों का नवीन प्रमाणीकरण एवं पूर्व में जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया जाएगा। यह शिविर दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य -

शिविर में आने वाले हितग्राहियों को आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि पूर्व में बना हो), आधार से लिंक मोबाइल नंबर (जिसमें ओटीपी प्राप्त होता हो) तथा दिव्यांगता दर्शाने वाला फोटोग्राफ साथ लाना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने यह भी सलाह दी है कि जिन हितग्राहियों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या अपडेट करने की आवश्यकता है, वे शिविर में आने से पहले ही नजदीकी आधार केंद्र में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा लें, ताकि पंजीयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दिव्यांगजनों को मिलेगा सीधा लाभ -

इस शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। यूडीआईडी कार्ड बनने से उनकी पहचान और प्रमाणन प्रक्रिया सरल होगी, जिससे विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता और त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। समाज कल्याण विभाग ने क्षेत्र के सभी पात्र दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर इस सुविधा का लाभ उठाएं। यह पहल दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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पहाड़ी से उठते धुएं ने मचाई सनसनी” — नारायणपुर के बादलखोल में एयर एम्बुलेंस क्रैश की उड़ती खबर निकली कोरी अफवाह, जंगल की आग को समझ बैठे बड़ा हादसा,प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन के बाद किया खुलासा

जशपुरनगर/नारायणपुर। सोमवार को नारायणपुर क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बादलखोल अभयारण्य के सेऊरखण्ड पहाड़ी इलाके में एयर एम्बुलेंस क्रैश होने की खबर तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते यह सूचना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई और ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों में भी दहशत का माहौल बन गया।

दरअसल, पहाड़ी इलाके से उठते धुएं को लोगों ने किसी बड़े हादसे से जोड़ लिया और यह कयास लगाया जाने लगा कि कोई एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। सूचना इतनी तेजी से फैली कि पुलिस और प्रशासन को तत्काल सक्रिय होना पड़ा। स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में घटनास्थल की ओर बढ़ने लगे।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और घने जंगलों के कारण टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद पूरे इलाके की बारीकी से जांच की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संयुक्त टीम के साथ पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया और ड्रोन कैमरों की मदद से भी निगरानी कराई गई।

जांच के दौरान सामने आया कि जिस धुएं को विमान हादसे का संकेत समझा जा रहा था, वह दरअसल बादलखोल अभयारण्य के जंगल में लगी आग का धुआं था। वन विभाग की टीम पहले से ही आग बुझाने में लगी हुई थी, लेकिन इस दृश्य को गलत तरीके से समझकर एयर एम्बुलेंस क्रैश की अफवाह फैला दी गई।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी प्रकार के विमान या एयर एम्बुलेंस क्रैश के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी किसी विस्फोट या दुर्घटना जैसी आवाज सुनने से इनकार किया है, जिससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह खबर निराधार थी।

अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और एहतियात के तौर पर रात में भी ड्रोन से सर्वे किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें, ताकि अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति न बने।

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जशपुर में अक्षय तृतीया पर पुण्य स्मृति में प्याऊ शुरू, राहगीरों को शीतल जल के साथ मीठा गन्ने का रस, समाज को प्रेरित करती संवेदनशील पहल

जशपुरनगर। भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत पहुंचाने की संवेदनशील पहल के तहत जशपुर में एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गुलाबचंद जैन परिवार द्वारा महावीर वार्ड क्रमांक 08 स्थित कॉलेज रोड (एन.ई.एस. कॉलेज के समीप) में ‘अमृत धारा’ नामक प्याऊ का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्याऊ स्वर्गीय गुलाबचंद जैन एवं स्वर्गीय प्रभाकिरण की स्मृति में स्थापित किया गया है।

तेज गर्मी को देखते हुए यहां राहगीरों के लिए शुद्ध एवं शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। प्याऊ में आधुनिक वाटर फिल्टर के साथ-साथ ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए फ्रीजर की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, जिससे राह चलते लोगों को तत्काल राहत मिल रही है।

इस अवसर को और विशेष बनाते हुए जैन परिवार द्वारा राहगीरों को निःशुल्क गन्ने का रस भी वितरित किया गया। गर्मी में ठंडे और ताजे रस का लाभ पाकर लोगों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। बड़ी संख्या में नागरिकों ने ‘अमृत धारा’ का लाभ उठाते हुए परिवार की सेवा भावना को सराहा।

कार्यक्रम में उपस्थित नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी कार्य न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने अन्य सक्षम नागरिकों से भी ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की।

गौरतलब है कि गुलाबचंद जैन परिवार पूर्व में भी नगर के महाराजा चौक में एक प्याऊ का निर्माण कर चुका है। परिवार लगातार समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।

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25 अप्रैल से रणजीता स्टेडियम में शुरू होगी स्व. शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव अंतर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता, विजेता को मिलेगा ₹3.11 लाख का बड़ा इनाम

   जशपुरनगर :-  जिले में खेल प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर है। स्वर्गीय शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की स्मृति में आयोजित फ्लड लाइट टेनिस बॉल अंतर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 का आयोजन 25 अप्रैल से रणजीता स्टेडियम में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन यंग तिरंगा समिति, जशपुर द्वारा किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में देशभर की टीमें हिस्सा ले सकेंगी। विजेता टीम को 3,11,111 रुपए का प्रथम पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को 1,51,111 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। फ्लड लाइट में होने वाले इस आयोजन से दर्शकों को रात में भी रोमांचक मुकाबलों का आनंद मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 11,500 रुपए प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है, वहीं टीमों के पंजीयन की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2026 तय की गई है।
आयोजन को लेकर जिले में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ बाहरी टीमों की भागीदारी से जशपुर में खेल गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। आयोजकों ने अधिक से अधिक टीमों से प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की है।

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स्कूलों में ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर जागरूकता का विस्तार, सीमित संसाधनों में भी विज्ञान शिक्षा को मिली नई दिशा

जशपुर 19 अप्रैल 2026/ जिले के विभिन्न विद्यालयों में सतत विकास लक्ष्य-3 (SDG-3) के अनुरूप एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया। यह पहल जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को वैश्विक सिटिजन साइंस अभियानों से जोड़ना है।

कार्यशालाओं का संचालन मुंबई स्थित बायोकेमिस्ट, Foldscope International Fellow एवं AMR Ambassador डॉ. अनुपमा हर्षल वाडवलिकर द्वारा किया गया, जिनका विज्ञान शिक्षा एवं जन-जागरूकता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान SK Somaiya कॉलेज, मुंबई की छात्रा अरुषि द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने Foldscope (ओरिगामी आधारित कागज से निर्मित सूक्ष्मदर्शी) के माध्यम से अपने आसपास के सूक्ष्म जीव जगत—मिट्टी के फंगस, जल जीव, पौधों की कोशिकाएं एवं बैक्टीरिया—का अवलोकन किया। प्रत्येक सत्र के अंत में विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे आगामी सत्रों की दिशा निर्धारित की गई।

इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने स्थानीय पर्यावरण के सूक्ष्म जीवन को समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरणीय जागरूकता का विकास हो रहा है।

उक्त बहुदिवसीय कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी , बीआरसी,  एवं विद्यालय प्रमुखों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उल्लेखनीय है कि इन कार्यशालाओं के संचालन हेतु न बिजली, न प्रयोगशाला एवं न ही महंगे उपकरणों की आवश्यकता रही, जिससे सीमित संसाधनों में भी प्रभावी विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सका।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात,  133 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म, लगाए जाएंगे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर...

जशपुरनगर 19 अप्रैल 2026/ जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है।साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।


*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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अप्रैल में ही सूखने लगे  जलस्रोत : 1000 मिमी बारिश के बावजूद जिले के सूखते जलस्रोत, गिरता भू-जल और बढ़ता संकट—प्राकृतिक संपदा पर भारी पड़ रहा मानवीय लालच

सूखते तालाब

निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर

नारायणपुर 18 अफ़्रैल 2026 :- अप्रैल की शुरुआत होते ही जशपुर जिले में जल संकट के हालात साफ नजर आने लगे हैं। जिन नदियों, नालों और तालाबों में कुछ समय पहले तक पानी लबालब भरा रहता था, वे अब तेजी से सूखते जा रहे हैं। जिले के कई हिस्सों में छोटी नदियां पतली धार में सिमट गई हैं, नालों का बहाव लगभग खत्म हो चुका है और तालाबों के तल में दरारें दिखाई देने लगी हैं। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण गांवों में लगे हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि जशपुर जिला प्रदेश के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल है, जहां हर साल औसतन करीब 1000 मिमी बारिश होती है और घने वन क्षेत्र इसकी पहचान रहे हैं। इसके बावजूद हर साल गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत होना इस बात का संकेत है कि जिले में जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में कहीं न कहीं गंभीर चूक हो रही है। जिले के मनोरा, जशपुर और बगीचा जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश तो भरपूर होती है, लेकिन पानी को रोकने और सहेजने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण यह तेजी से नालों और नदियों के जरिए बहकर बाहर निकल जाता है। नतीजतन, न तो भू-जल स्तर रिचार्ज हो पाता है और न ही सालभर जल उपलब्धता बनी रहती है।

धधकते जंगल और पहाड़

जिले में बढ़ते जल संकट के पीछे सबसे बड़ा कारण अवैध वनों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन माना जा रहा है। लंबे समय से सक्रिय लकड़ी माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहीं जंगलों में आग लगाकर जमीन खाली करने और खनन गतिविधियों ने भी प्राकृतिक संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले यही जंगल वर्षा के पानी को अपने भीतर समेटकर धीरे-धीरे नदियों और नालों में छोड़ते थे, जिससे पूरे साल जलस्रोतों में पानी बना रहता था, लेकिन अब जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण पानी सीधे बहकर खत्म हो जाता है और जमीन के अंदर जाने का अवसर नहीं मिल पाता।

नदी नालों में अतिक्रमण

स्थिति को और गंभीर बनाने में अतिक्रमण की भूमिका भी कम नहीं है। जिले में नालों, नदी किनारों और पुराने तालाबों पर तेजी से कब्जा बढ़ रहा है। कई जगहों पर किसानों द्वारा नदी के हिस्सों को रोककर उसे खेतों में तब्दील कर दिया गया है, तो वहीं शहरी क्षेत्रों में सूखी जमीन समझकर नालों और तालाबों पर मकान बना लिए गए हैं। कांक्रीट के बढ़ते विस्तार ने पानी के प्राकृतिक प्रवाह और जमीन में रिसाव के रास्तों को पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे भू-जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।

जशपुर जिले से निकलने वाली ईब, ढोंढकी और मैनी जैसी प्रमुख नदियां भी इस संकट से अछूती नहीं हैं। यदि जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो इन नदियों का प्रवाह भी प्रभावित होगा, जिसका असर न केवल जिले बल्कि निचले इलाकों के बड़े भूभाग पर पड़ेगा। यह स्थिति आने वाले समय में और भी गंभीर जल संकट का संकेत दे रही है।

एक और चिंताजनक पहलू यह है कि जहां पहले स्थानीय लोग जंगलों और जलस्रोतों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते थे, अब वही लोग निजी लाभ के लिए पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण में शामिल होते नजर आ रहे हैं। पर्यावरण के प्रति घटती संवेदनशीलता और बढ़ता स्वार्थ इस संकट को और गहरा कर रहा है।

तालाबों की स्थिति

लोगों का मानना है कि यदि समय रहते वर्षा जल संचयन के लिए ठोस संरचनाएं नहीं बनाई गईं, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पुराने जलस्रोतों का पुनर्जीवन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में जशपुर गंभीर जल संकट वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से भरपूर जशपुर आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां थोड़ी सी लापरवाही इसे पानी के लिए तरसते जिले में बदल सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में आवश्यक है कि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर ठोस कदम उठाएं। वर्षा जल संचयन के लिए छोटे-बड़े संरचनाओं का निर्माण, पुराने तालाबों और जलस्रोतों का पुनर्जीवन, वनों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई—ये सभी उपाय अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुके हैं। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थायी समाधान तभी संभव है जब जनसहभागिता हो। यदि अभी भी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो “पानीदार जशपुर” की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी। आने वाले वर्षों में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है, जहां पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि संघर्ष का कारण बन जाएगा

अफ़्रैल माह में नदियों की स्थिति

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“मिट्टी के मैदान से उठकर वर्ल्ड कप के मंच पर छा गई छत्तीसगढ़ की बेटी—फाइनल में 16 अंक ठोककर भारत को जिताने वाली संजू देवी को मिला 50 लाख का सम्मान

रायपुर. 18 अप्रैल 2026. भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।   

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था। 

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह

संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।

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मामूली घरेलू विवाद ने लिया खूनी रूप, गुस्से में बेटे ने अपने ही पिता पर बरसाए लकड़ी से ताबड़तोड़ वार, सिर पर गंभीर चोट से मौके पर ही हुई मौत

जशपुर 18 अफ़्रैल2026। जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हल्दी झरिया के बढ़ई पारा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने ही अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। घरेलू विवाद के चलते हुए इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बना दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4:30 बजे आरोपी विजय कुमार नाग (26 वर्ष) और उसके पिता सदानंद नाग (45 वर्ष) के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि मृतक अपने बेटे को काम नहीं करने को लेकर लगातार उलाहना दे रहा था, जिससे दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। इसी दौरान गुस्से में आकर विजय नाग ने पास में रखी लकड़ी की फाड़ी उठाकर अपने पिता के सिर और माथे पर ताबड़तोड़ वार कर दिया।

हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि सदानंद नाग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के समय घर में मौजूद मृतक की पत्नी, जो आरोपी की सौतेली मां है, ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही बागबहार थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट को मौत का कारण बताया और इसे हत्या का मामला माना।

मृतक की पत्नी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी विजय नाग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता उसे लगातार काम को लेकर ताना दे रहे थे और गुलेल से मारने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वह आवेश में आ गया और यह खौफनाक कदम उठा बैठा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फाड़ी भी बरामद कर ली है।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 18 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, सहायक उप निरीक्षक नारायण साहू, प्रधान आरक्षक मनधनी पैंकरा, आरक्षक पवन पैंकरा एवं अजय खेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि घरेलू विवाद में पिता की हत्या करने वाले आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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“गांव-गांव पहुंचकर हकीकत परख रहीं प्रमुख सचिव : सड़क, अमृत सरोवर, ड्रैगन फ्रूट खेती और पीएम आवास योजनाओं का किया बारीकी से निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुर 18 अप्रैल 2026/ प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने गुरुवार को जशपुर जिले के भ्रमण के दौरान बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम रायकेरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित  सड़क रायकेरा चौक से कठरपारा लंबाई 1.7 किलोमीटर का निरीक्षण कर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

इसके पश्चात ग्राम पंचायत टटकेला  में उद्यान विभाग द्वारा मनरेगा एवं डी एम एफ योजना अभिसरण से 8 किसानों द्वारा ड्रैगन फ्रूट वृक्षारोपण के साथ साथ इंटर क्रॉप फसल लगे किसान से भेट कर उनके द्वारा लगाए गए फसलों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई एवं किसानो से ड्रैगन फ्रूट के भविष्य में उत्पादन संबंधी आय तथा वर्तमान में इंटरक्रॉप फसल से हो रहे आय के सम्बन्ध में विस्तार से पूछा गया।  साथ ही उपस्थित ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव से ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी सहित ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार संख्या और पात्र परिवारों के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति,पूर्ण एवं छूटे हुए पात्र परिवारों के संबंध में जानकारी प्राप्त किया । तत्पश्चात पंचायत में  निर्मित अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया गया  इस दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं से विभिन्न आजीविका गतिविधियां अपनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की बात कही और बीपीएम NRLM को समूह के साथ बैठक कर उनकी इच्छानुसार आजिविका गतिविधि से जोड़ने हेतु कार्य योजना तैयार कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया।
 इस दौरान उनके साथ संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा छत्तीसगढ़ श्री तारन प्रकाश सिन्हा आईएएस, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण छत्तीसगढ़ के एम डी श्री अश्विनी देवांगन आईएएस, एवं सीईओ जिला पंचायत जशपुर अभिषेक कुमार सहित जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर का सख्त एक्शन: अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के कलेक्टोरेट में एंट्री पूरी तरह बंद, 20 अप्रैल से नियम तोड़ने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सीधे चालान की गिरेगी गाज


जशपुर 18 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए है कि वाहन चलाते समय और कलेक्टोरेट कार्यालय आते और वापस घर जाते समय  हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करेंगे।

उन्होंने आगामी सोमवार से 20 अप्रैल 2026 से सभी अधिकारीयों और कर्मचारीयों को कार्यालय आने के समय में दो पहिया वाहन चालक हेलमेट और चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट लगाकर ही प्रवेश करेंगे।

उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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दुर्घटना बताकर नहीं आती, अचानक छीन लेती है जिंदगी’— कलेक्टर रोहित व्यास की चेतावनी के साथ जशपुर में निकली मेगा हेलमेट जागरूकता रैली, अधिकारियों से लेकर आम जनता तक ने लिया सुरक्षा का संकल्प

 जशपुर 18 अप्रैल 2026/ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा थीम पर आधारित जनप्रतिनिधि अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के साथ हेलमेट जागरूकता रैली पुलिस लाईन से निकाली गई। जिसमें पूरे शहर का भ्रमण कर रैली पुलिस लाईन में समापन किया गया।
हेलमेट जागरूकता रैली में नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह और अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू भी शामिल होकर लोगों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया गया।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत ने  हेलमेट जागरूकता अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हम सभी को हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाना चाहिए जिससे हम आने वाली दुर्घटना से बच सकते हैं।
हम सबको जिम्मेदारी लेनी होगी तभी दूसरे लोग भी देखकर हेलमेट लगाएंगे।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आम नागरिकों को अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएं।
उन्होंने कहा कि हम लागातार  प्रयास कर रहे है कि सड़क दुघर्टना में कमी आई इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा अधिकारीयों, कर्मचारीयों और आम नागरिकों को कार्यालय आते समय या कही और अन्य जगह जा रहे हैं तो हेलमेट और सिट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों की आदत रहती है कि कुछ दूरी तक तो ही जाना है हेलमेट नहीं लगाएंगे तो चलेगा कुछ नहीं होगा दुर्घटना बता कर नहीं आती है अचानक आती है।

उन्होंने कहा कि हम सामने वाले की मनोदशा को नहीं जानते हैं कि वह किस मन से गाड़ी चला रहा है शराब सेवन करके की किसी टेंशन में तो नहीं है। इसकी जानकारी हमें नहीं रहती है।

हमको हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की आदत को दिनचर्या में शामिल करना होगा जैसे सुबह की हमारी दिनचर्या होती है उसी प्रकार।

उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को गाड़ी न सौंपे बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी न चलाने दे अपने बच्चों को और सभी को यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करने के लिए कहा है।
 
पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और पुलिस के जवानों को भी दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिक भी इससे देखकर सीख लेंगे और वे खुद भी हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने लगेंगे उन्होंने सभी को हेलमेट जागरूकता रैली में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपुअधी. सुरक्षा यातायात श्री के .आर. चौहान ,रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, यातायात प्रभारी उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान

रायपुर 18 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में जानी जाती है। वनवास के 14 वर्षों में से अधिकांश समय भगवान श्रीराम ने यहीं व्यतीत किया, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर मिलते हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति, दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को रेखांकित किया।

उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की यह परंपरा आज भी प्रदेश की आत्मा में समाहित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ आज तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के परिणामस्वरूप प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित था, वहीं अब विकास की मुख्यधारा गांव-गांव तक पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, घने वन, संस्कृति और जनजातीय जीवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बस्तर और छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें क्रिकेट किट भेजी गई—यह सोशल मीडिया की ताकत का प्रमाण है।

प्रदेश में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन, वनाधिकार पट्टा और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर गांवों तक पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

डिजिटल युग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का प्रभाव आज गांव-गांव में दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलकर उभरता नया छत्तीसगढ़ आज देश के सामने एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल संघर्ष और चुनौतियों के संदर्भ में देखा जाता था, वही आज विकास, शांति और संभावनाओं की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्वाग्रहों से परे जाकर छत्तीसगढ़ को समझें और यहां हो रहे वास्तविक परिवर्तन, जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की नई गति को अपने मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल माध्यम केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि धारणा निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, ऐसे में क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सच्चाई और सकारात्मकता पर आधारित कंटेंट प्रस्तुत कर समाज में नई सोच और विश्वास का संचार करें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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