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जनता को दीपावली के पहले शासन से दिया गया तोहफा : प्रधानमंत्री उज्जवला योजनांतर्गत दिए जाएंगे 2.23 लाख से अधिक नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन


रायपुर, 19 अक्टूबर 2025 : 
भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 
*हितग्राहियों को 15 दिनों में दिए जाएंगे नवीन कनेक्शन*
         विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। योजनांतर्गत पात्र परिवारों से नवीन गैस कनेक्शन हेतु आगामी 07 दिनों में आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। जिले की गैस एजेंसियों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
*नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाएगी प्राथमिकता*
        नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत आने वाले बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा जिलों में सर्वप्रथम हितग्राहियों को चिन्हांकित कर इन ग्रामों को विशेष प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत चिन्हांकित हितग्राहियों को उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन दिए जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाये जाने हेतु ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करते हुए सुगम नेटवर्क कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर आयोजित किये जाएंगे। योजनांतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्ति हेतु शेष सभी 34 हजार 425 परिवारों के आवेदन चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर लिए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के ई-केवाईसी के लिये कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर द्वारा उन्हें लाभांवित किया जायेेगा। 


जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
        प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 05 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी गैस एजेंसियों की बैठक कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नवीन गैस कनेक्शन जारी करने हेतु जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, जिला कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल विपणन कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी होंगे। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी एवं दो गैर-आधिकारिक सदस्य भी समिति में सदस्य होंगे। 
योजनांतर्गत नवीन कनेक्शन हेतु जारी किए गए मापदंड निर्धारित
         पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रूपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ग्राम कण्डोरा पहुंचे, हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 19 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान हेलीपैड, ग्राम कण्डोरा पहुंचे। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, श्री कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधियो, अधिकारियों और रौतिया समाज के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। हेलीपैड पर पारंपरिक करमा नर्तक दलों ने उत्साहपूर्वक नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और मनमोहक करमा नृत्य करते हुए उन्हें भव्य स्वागत के साथ कार्यक्रम स्थल तक लेकर गए।

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मुख्यमंत्री ने धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शॉल व पुष्पगुच्छ किया भेंट   


रायपुर, 19 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नवा रायपुर स्थित नवीन शासकीय आवास के गृहप्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय के धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी को उनके जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट किया। 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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प्रदेश के धर्मस्व व पर्यटन मंत्री ने जशपुर में ली पत्रकारवार्ता...आपरेशन सिंदूर को बताया स्वदेशी की सबसे बड़ी सफलता

स्वदेशी से खुलेगी खुशहाली और आत्मनिर्भरता का मार्ग: राजेश अग्रवाल

जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2025 : प्रदेश के धर्मस्व व पर्यटन मंत्री अग्रवाल शनिवार को सर्किट हाउस में स्वदेशी के विषय में सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता ली। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि भारत 2 सौ सालों तक अंग्रेजों की गुलामी रहा। स्वतंत्रता के बाद 60 साल तक देश में राज करने वाली कांग्रेस ने देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालने के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्ववाली केंद्र सरकार ने स्वदेशी के मंत्र से आत्म निर्भर भारत का बिगुल फूंका है। इसका असर महानगरों से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचल तक दिखाई दे रहा है। उन्होनें कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले का बदला लेने के लिए भारत ने आपरेशन सिंदूर के तहत भारत में बैठे-बैठे ही आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इतना ही नहीं,जब पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने की कोशिश की तो स्वदेशी तकनीक से विकसी सुदर्शन और ब्रम्होस मिसाइल ने पाक के मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारत के स्वदेशी रक्षा उपकरणों के शौर्य को पूरे विश्व देखा। इसका असर यह हुआ है कि भारत का रक्षा निर्या 1 हजार 941 करोड़ रूपये से बढ़ कर 2024-25 में 23 हजार 622 करोड़ पहुंच गया। रक्षा के क्षेत्र में 17 लाख से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। मंत्री अग्रवाल ने अपील करते हुए कि त्यौहार के इस सीजन में हम स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करके अपने देश के छोटे व मझोले उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। इससे देश की अर्थ व्यवस्था भी मजबूत होगी। पत्रकारवार्ता में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिन्हा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश नंदे, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत,पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव,शंकर गुप्ता, श्रीमती रजनी प्रधान,गोविंद राम, राजेश गुप्ता,देवधन नायक,फैजान सरवर खान,मुकेश सोनी, सतीश गोस्वामी, दीपक गुप्ता, सज्जु खान, राहुल गुप्ता, आशु राय, नीतू गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, विनोद निकुंज,प्रतिमा भगत सहित भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रायपुर में विकसीत होगा स्वदेशी बाजार -
   मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के मंत्र पर चलते हुए रायपुर में स्वदेशी उत्पादों के लिए एक विशेष बाजार विकसीत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होनें बताया कि इस बाजार में प्रदेश में उत्पादित होने वाले स्वदेशी वस्तुओं की मार्केटिंग और क्रेताओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ताकि उत्पादकों को बाजार उपलब्ध हो सके और उन्हें उत्पादांे का सही मूल्य मिल सके। 
जशपुर और बस्तर में पर्यटन की अपार संभावना -
   पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होनें कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग में पर्यटन के विकास की अपार संभावना मौजूद है। इसे विकसीत करने के लिए प्रदेश सरकार सर्वे करा रही है। जशपुर जिले में पर्यटन स्थलों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश में बिजली बिल को लेकर आ रही शिकायतों के संबंध में उन्होनें कहा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लक्ष्य बिजली उपभोक्ताओं का बिल शून्य करना है। उन्होनें कहा कि  बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है उसे सुधारने का काम किया जा रहा है। धर्मातंरण पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि धर्मातंरण रोकने के लिए दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। इसमें धर्मातंरण रोकने के लिए कड़े प्रावधान किये गए हैं। 

स्वदेशी को अपनाएं - प्रबल प्रताप सिंह जूदेव
   पत्रकारवार्ता में मौजूद भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत का मंत्र हम सबको आत्मसम्मान के साथ विश्वमंच में खड़े होने का अवसर देता है। उन्होनें कहा कि इससे भारत के गांव के अंतिम छोर में रहने वाले किसान व मजदूरों की आर्थिक उन्नति का रास्ता खुलता है। उन्होनें त्यौहार के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करने की अपील की।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश.....

जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2025 : दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।

     श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।

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एकादशी पर्व पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हुआ भव्य दीप प्रज्वलन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं महाआरती में शामिल....


नारायणपुर 18 अक्टूबर 2025 : एकादशी पर्व की इस विशेष तिथि के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शुक्रवार की संध्या एक भव्य द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पवित्र अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल छा गया। मंदिर परिसर में सैकड़ों दीपों की लौ से जब पूरा वातावरण आलोकित हुआ, तो दृश्य अत्यंत मनमोहक प्रतीत हो रहा था।।             इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मंदिर परिसर में विधि-विधान से दीप प्रज्वलन कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आराधना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।दीप प्रज्वलन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा। श्रद्धालु महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर दीप थाली लिए मंदिर पहुंचीं। बच्चों और युवाओं ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

          इस कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने कहा–“दीप प्रज्वलन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ और जशपुर क्षेत्र में सुख, शांति और विकास का प्रकाश सदैव बना रहे।मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा पिछले रथ यात्रा से प्रत्येक एकादशी तिथि पर आयोजित की जाती है।दीपों की जगमगाहट से पूरा दोकड़ा गांव आस्था और भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को एकादशी की शुभकामनाएं दीं।
       कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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आत्मनिर्भर भारत विधानसभा स्तरीय सम्मेलन जशपुर में हुआ सम्पन्न......हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी का लिया संकल्प....आत्मनिर्भर भारत, आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है"- रायमुनी भगत

जशपुर 17 अक्टूबर 2025 : आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत विधानसभा स्तरीय सम्मेल का आयोजन जशपुर विधानसभा के सन्ना मंडल स्थित कल्याण आश्रम प्रांगण में किया गया।
         कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा तथा जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत उपस्थित रहीं।सम्मेलन में *हर घर स्वदेशी – घर-घर स्वदेशी** का संकल्प लिया गया।


 "स्वावलंबन ही राष्ट्र की शक्ति है"- कृष्ण कुमार राय

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।
श्री राय ने कहा  “जब तक हर नागरिक स्थानीय उत्पादों को अपनाएगा, तब तक देश आर्थिक रूप से मज़बूत नहीं हो सकता। हमें ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना ही सच्चा स्वदेशी आंदोलन है।”

 महिलाएँ आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं"- उद्धेश्वरी पैंकरा

अपने उद्बोधन में सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है “यदि हमारे गाँव की महिलाएँ स्वरोजगार अपनाएँगी, तो परिवार ही नहीं, पूरा समाज आत्मनिर्भर बनेगा। हमें छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।”

 "आत्मनिर्भर भारत, आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है"- रायमुनी भगत

विधानसभा की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपने कौशल और संसाधनों का सही उपयोग करेगा।उन्होंने कहा  “आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, यह मानसिक और सामाजिक स्वतंत्रता का भी प्रतीक है। हमें अपने पारंपरिक हुनर, कृषि और स्थानीय उत्पादों पर गर्व करना चाहिए।”

कार्यक्रम के प्रारंभ में आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के जिला संयोजक उपेन्द्र यादव ने सम्मेलन की विषयवस्तु रखते हुए बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया,समापन अवसर पर आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के सहसंयोजक शंकर गुप्ता ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएगा।”

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी दी कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।मुख्य रूप से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत, जशपुर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गायत्री नागेश, राजकपूर भगत, डीडीसी गेंदबिहारी सिंह, शरद चौरसिया, रीना बरला, शंकर गुप्ता, केशव यादव, कृपा शंकर भगत, संजीत ओझा, मुकेश सोनी, नेहरू सिंह, आनंद यादव, देवलाल भगत, हरीश आरिक, प्रभाकर यादव, हरिशंकर यादव, नसरुल्लाह सिद्दीकी, बलवंत गुप्ता, आशुतोष राय, विनोद निकुंज, राजा सोनी, राहुल गुप्ता, नागेंद्र भगत, काजल राय, सविता नागेश, इलियास अंसारी, रामनारायण यादव, सुषमा सिंह, सुरेन्द्र भगत, रागिनी भगत, नीतू गुप्ता, सावित्री निकुंज, प्रतिमा भगत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में संकल्प लिया –“हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी – यही है आत्मनिर्भर भारत की दिशा और देश की शक्ति।

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नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” — बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों तक हिंसा और भय की छाया में जी रहे 210 माओवादी कैडरों ने आज “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदूक छोड़कर संविधान को अपनाने का निर्णय लिया है। यह छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास के नए युग का शुभारंभ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री  साय ने कहा कि जो युवा कभी माओवाद की झूठी विचारधारा के जाल में उलझे हुए थे, वे आज लोकतंत्र की शक्ति, संविधान के आदर्शों और राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों पर विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कुल 210 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 22 डिविजनल कमेटी सदस्य, 61 एरिया कमेटी सदस्य और 98 पार्टी सदस्य शामिल हैं। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

समारोह में 210 माओवादी कैडरों ने कुल 153 हथियार समर्पित किए, जिनमें 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन, 11 BGL लॉन्चर, 41 शॉटगन और एक पिस्तौल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को अपने जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बंदूकें नीचे रखकर संविधान को थामा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य में शांति और एकता के बीज बोए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है, भय और हिंसा से नहीं।

राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहल आज न केवल बस्तर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में बदलाव की ठोस आधारशिला सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं ने बंदूक और बारूद की जगह संवाद, संवेदना और विकास को स्थापित किया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभूतपूर्व आत्मसमर्पण केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज — सभी ने मिलकर जिस समन्वित और निरंतर प्रयास से यह परिवर्तन संभव किया, वह बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह दृश्य न केवल बस्तर बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है — कि यदि नीयत साफ हो और नीतियाँ जनसंबंधी हों, तो हिंसा का अंत और शांति की शुरुआत संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण हिंसा की जड़ को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। “अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जहाँ कभी भय का शासन था, वहाँ आज विश्वास का शासन है। जो कल जंगलों में छिपे थे, आज वे समाज के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं,”।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार की यह दृढ़ प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा — “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। बस्तर का यह परिवर्तन उसी संकल्प का प्रमाण है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” के उस मूल भाव का विस्तार है, जो यह संदेश देता है कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा नहीं, बल्कि विश्वास है। यह कार्यक्रम अब पूरे बस्तर क्षेत्र में पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुधार की दिशा में नई ऊर्जा लेकर आएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना यह सिद्ध करती है कि जब सरकार की नीतियाँ संवेदनशील और जनकेंद्रित होती हैं, तब सबसे कठिन समस्याएँ भी सुलझाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण है — जहाँ हर घर में विश्वास और हर मन में विकास का उजाला हो।”

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सुरक्षा बलों और नागरिक समाज को इस परिवर्तन के सहयोगी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और समृद्धि की यह यात्रा तभी स्थायी होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस परिवर्तन की भावना को आत्मसात करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को नए उद्योग, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के माध्यम से आत्मनिर्भर क्षेत्र में परिवर्तित करेगी। जंगलों की हरियाली के साथ यहाँ के युवाओं के जीवन में भी उजाला फैलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह वह क्षण है, जब “बंदूक की गूंज” की जगह “विकास की गूंज” सुनाई दे रही है। यह उस बस्तर का पुनर्जन्म है, जहाँ अब भय नहीं, विश्वास और बंधुत्व का शासन होगा।

अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा — “यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि आत्मजागरण की यात्रा है। यह छत्तीसगढ़ की नई पहचान है — शांति, विश्वास और विकास की। आने वाले समय में बस्तर न केवल नक्सल मुक्त होगा, बल्कि देश के लिए शांति और परिवर्तन का मॉडल बनेगा।
 
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, एडीजी सीआरपीएफ श्री अमित कुमार, एडीजी बीएसएफ श्री नामग्याल, एडीजी (एएनओ) श्री विवेकानंद झा, बस्तर रेंज के आईजी श्री सुंदरराज पी, बस्तर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं....मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बन रहे अत्याधुनिक स्टेडियम और खेल अकादमियां

*जशपुरनगर, 17 अक्टूबर 2025/ जशपुर जिला खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में शुरूआत से ही जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति और यहां के खेलप्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में खेल अधोसंरचना के विकास के तहत आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां विभिन्न महत्वपूर्ण खेल आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। 

*तेजी से हो रहा है स्टेडियम का निर्माण, उभरेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के  निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए स्टेडियमों और खेल मैदानों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। इस पारंपरिक कौशल को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सन्ना में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जाएगा।  इस अकादमी में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन एवं गार्ड रूम जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उपकरण, परिवहन के लिए बस, हाईमास्ट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
       इसी तरह कुनकुरी में 63 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी मिल चुकी है। यह कॉम्प्लेक्स आधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसमें एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो मैदान, स्विमिंग पूल, ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड, जंपिंग गेम और खेल उपकरण शामिल होंगे। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही मयाली‌ में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान के पास 3.50 करोड़ लागत के बास्केट बाल कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाए जाने की घोषणा की गई है।
    नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्टेडियमों और खेल मैदानों के जीर्णोद्धार व निर्माण की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माण देशी फाउंडेशन द्वारा जिले में 20 आधुनिक खेल ग्राउंड विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। इसके लिए बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं, अनुभवी कोचिंग स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।


*खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

 खेल प्रेमियों और आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

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संकल्प शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को जिला सीईओ ने किया मोटिवेट— जेईई और नीट की पुस्तकों का किया वितरण

जशपुर /17 अक्टूबर 2025

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने गुरुवार को संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर पहुँचकर कक्षा 11वीं और 12वीं पढ़ने वाले विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें इंजीनियरिंग तथा चिकित्सा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मोटिवेट किया। इस अवसर पर उनके साथ डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा भी उपस्थित रहे।‌ उन्होंने भी विद्यार्थियों से फिजिक्स और केमिस्ट्री के कई बेसिक कॉन्सेप्ट्स पर बात की।

सीईओ अभिषेक कुमार ने जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ प्रोफेशनल कोर्सेस के दृष्टिकोण से भी अध्ययन किया जाना आवश्यक होता है। 12वीं के बाद इनका महत्व बढ़ जाता है, इसलिए उसी के अनुरूप तैयारी की जानी चाहिए।

सीईओ अभिषेक कुमार और श्री कुशवाहा ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा प्रवेश परीक्षा  हेतु भौतिकी , रसायन, जीव विज्ञान और गणित विषय के विभिन्न खंडो और टापिक्स की उपयोगी पुस्तकें भी प्रदान की। एच. सी. वर्मा, एस.के. गोयल, अमित एम अग्रवाल, डी सी. पांडेय एवं एलन करियर इंस्टिट्यूट जैसे लेखकों और पब्लिकेशन्स की कई किताबें इसमें शामिल रही। 

इन पुस्तकों के वितरण से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्राप्त होगी।
संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता और विद्यार्थियों ने इस प्रेरणादायक पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

मोटिवेशनल सेशन के दौरान संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता सहित समस्त स्टाफ  उपस्थित रहे।

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बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जो युवा कभी माओवाद के झूठे विचारधारा के जाल में फंसे थे, उन्होंने आज संविधान, लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। जिन युवाओं ने वर्षों तक अंधेरी राहों पर भटककर हिंसा का मार्ग चुना, उन्होंने आज अपने कंधों से बंदूक उतारकर संविधान को थामा है। यह न केवल आत्मसमर्पण का क्षण है, बल्कि विश्वास, परिवर्तन और नये जीवन की शुरुआत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में बंदूकें छोड़कर सुशासन पर विश्वास जताने वाले इन युवाओं से मेरी मुलाकात मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोष देने वाले पलों में से एक रही। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी योजनाएँ विश्वास और परिवर्तन का आह्वान हैं। इन्हीं नीतियों के प्रभाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में बंदूक छोड़कर लोग शासन की विश्वास और विकास की प्रतिज्ञा को स्वीकार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है। यह छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण भविष्य का शिलान्यास है। हमारी सरकार आत्मसमर्पितों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह प्रतिज्ञा पूर्ण हो रही है। छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।

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बिहान की दीदियों ने तैयार किए संगिनी ब्रांड के आकर्षक गिफ्ट हैम्पर आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कदम, सक्ती प्रशासन का सतत सहयोग

रायपुर, 17 अक्टूबर 2025 / दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कार्यरत जिला सक्ती की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। ग्राम पलाड़ीखुर्द की राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्याएं अपने “संगिनी” ब्रांड के अंतर्गत आकर्षक गिफ्ट हैम्पर तैयार कर रही हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं डिज़ाइनर मोम उत्पाद शामिल हैं।

*महिलाओं की सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*

         यह अभिनव पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला प्रशासन सक्ती द्वारा दीदियों को उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के लिए निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।  समूह की सदस्य श्रीमती पुष्पा दीदी ने बताया कि समूह द्वारा त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राखी, रंगोली, आचार, गुलाल, तथा मोम उत्पाद जैसे विविध वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से हमें न केवल आर्थिक लाभ मिला है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

*समूह को 2 लाख रुपये तक की आय*

         पुष्पा दीदी ने आगे बताया कि समूह की दीदियों ने पूर्व में आर-सेटी (त्ैम्ज्प्) से डिज़ाइनर कैंडल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद यूट्यूब वीडियो के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर तैयार करने का विचार आया। इस समय जिले की विभिन्न इंडस्ट्रीज और संस्थानों से गिफ्ट हैम्पर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनकी आपूर्ति दीदियों द्वारा समय पर और आकर्षक पैकेजिंग में की जा रही है।  इस पहल से समूह को लगभग 1 लाख 50 हजार  से 2 लाख रुपये तक का व्यवसाय प्राप्त होने की संभावना है। इन्हें अभी तक लगभग 60 हज़ार रुपए के गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर मिल चुके हैं । यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहा है। बिहान मिशन के तहत संचालित यह पहल महिलाओं की सृजनशीलता, परिश्रम और नवाचार की उत्कृष्ट मिसाल है, जो अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’: दण्डकारण्य के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का लिया निर्णय 

रायपुर, 17 अक्टूबर 2025/
राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में यह ऐतिहासिक घटनाक्रम नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव रखी है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सजग नागरिकों के समन्वित प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में परिवर्तित किया जा सका है।

यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियार—जिनमें AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं—समर्पित किए हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है—एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।

मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।

यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहाँ आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि “पूना मारगेम केवल नक्सलवाद से दूरी बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। जो आज लौटे हैं, वे बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पित कैडरों से समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एडीजी (नक्सल ऑपरेशन्स) श्री विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ बस्तर रेंज प्रभारी, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, बस्तर रेंज आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस., बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा सदैव प्रेम, सहअस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है। जो साथी अब लौटे हैं, वे इस परंपरा को नई शक्ति देंगे और समाज में विश्वास की नींव को और मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित कैडरों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे अब हिंसा के बजाय विकास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान देंगे।

‘वंदे मातरम्’ की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह क्षण केवल 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, विकास और शांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।

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सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! दीपावली से पहले सभी के खातों में अग्रिम वेतन भुकतान -मुख्यमंत्री श्री साय का संवेदनशील निर्णय....इस तारीख को मिलेगी अक्टूबर की सैलरी

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य शासन ने अपने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माह अक्टूबर 2025 का वेतन 17 एवं 18 अक्टूबर को अग्रिम रूप से भुगतान करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए शासन केवल तंत्र नहीं, बल्कि उन कर्मठ साथियों का परिवार है जो पूरे मन से जनता की सेवा में लगे हैं। दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का यह निर्णय उसी आत्मीयता का प्रतीक है — कि सरकार अपने हर साथी की खुशियों में सहभागी बने और हर घर में उजियारा तथा प्रसन्नता फैले।

उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व प्रसन्नता, एकता और उत्साह का प्रतीक है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी इस पर्व को परिवार सहित उल्लासपूर्वक मना सके और किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने हेतु राज्य के सभी कोषालय एवं उपकोषालय 18 अक्टूबर (शनिवार, अवकाश दिवस) को भी खुले रहेंगे, ताकि किसी कर्मचारी को भुगतान प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी, मानदेय एवं पारिश्रमिक जैसे अन्य मदों में भी नियमानुसार अग्रिम भुगतान किया जा सकेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान से न केवल शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और राहत प्राप्त होगी, बल्कि इससे जीएसटी बचत उत्सव के दौरान राज्य के बाजारों में रौनक, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और आर्थिक प्रवाह में तीव्रता आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में उत्सव और विश्वास का वातावरण बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का हर निर्णय अपने कर्मठ साथियों की खुशियों और सम्मान से जुड़ा है। दीपावली से पहले अग्रिम वेतन भुगतान उसी आत्मीय भावना का प्रतीक है कि हर घर में उजियारा फैले और हर हृदय में प्रसन्नता एवं विश्वास का दीप जले।

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नक्सल उन्मूलन अभियान ऐतिहासिक सफलता की ओर : उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री

रायपुर 16 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।”

उल्लेखनीय है कि  देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी  कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

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शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव विकासशील से मिला...शासकीय सेवक कल्याण के मुद्दों पर हुआ है चर्चा-राजेश चटर्जी

जशपुर 16 अक्टूबर 2025 :
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी (सचिव छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन) के नेतृत्व में मुख्य सचिव श्री विकासशील को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दिया है।साथ ही शासकीय सेवक हितार्थ मुद्दों पर ज्ञापन दिया है।
     फेडरेशन के  जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता महामंत्री संजीव शर्मा , कोषाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने बताया कि मुख्यसचिव महोदय को प्रदेश के कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का प्रस्ताव प्रस्तुत कर गहन चर्चा किया है। प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए चार स्तरीय समयमान वेतनमान का प्रारूप प्रस्तुत किया गया है।
      उन्होंने बताया कि NPS पेंशन योजना के स्थान पर अप्रैल 22 से लागू किये गये OPS योजना को LB संवर्ग तथा अन्य शासकीय सेवक एवं परिवार के बेहतर भविष्य के दृष्टिगत नवंबर 2012 से प्रभावशील करने का निवेदन किया है।सहायक शिक्षक संवर्ग को भी समस्त शासकीय सेवक के समान त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति हेतु तथ्यात्मक ज्ञापन दिया है।सभी शिक्षक संवर्ग को समयबद्ध पदोन्नति,समयमान वेतनमान एवं सेजस स्कूलों में प्रतिनियुक्ति वाले शिक्षक संवर्ग तथा अन्य कर्मचारियों को कोषालय से मासिक वेतन भुगतान, सेवाकालीन सुविधा तथा स्वत्वों के अंतिम भुगतान के सरलीकरण जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुआ है।
        प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, उप-प्रांताध्यक्ष पवन सिंह,बालोद जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू (प्रदेश अध्यक्ष ओ बी सी महासभा),रायपुर जिला अध्यक्ष देवमणि साहू,जिला सचिव नीलम सोनी एवं मनसुख दास साहू शामिल हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्यसचिव महोदय ने प्रस्तुत मुद्दों का समीक्षा कर राज्य शासन की मंशा अनुसार शासकीय सेवक हित में सकारात्मक निर्णय लेने आश्वस्त किया है।

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सुशासन शिविर के माध्यम से राशन कार्ड, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, फसल बीज एवं मछली जाल का किया गया वितरण....ग्रामीणों के आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण

जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/ लोगों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने एवं ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने के उद्देश्य से जिले में सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी  में आज पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुलडेगा में जिला स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय स्टाल लगाए गए, जिनके माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में भारी संख्या में बुलडेगा सहित आसपास गांव के लोग शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिनका विभागों द्वारा यथासंभव निराकरण भी किया गया। शिविर में सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र विधायक श्रीमती गोमती साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। साथ ही कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं प्रशासनिक अधिकारियो ने लोगों को विभागीय योजनाओं एवं उनके लाभ के बारे में जानकारी दी। विधायक श्रीमती साय ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाल का निरीक्षण कर लोगों को लाभान्वित किये जा रहे गतिविधियों की जानकारी ली। शिविर में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं जैसे राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, फसल बीज, मछली जाल आदि से लोगों को लाभान्वित किया गया। साथ ही मौके पर आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया।इस दौरान विधायक श्रीमती साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बच्चों के अन्नप्रासन्न एवं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा की। इस दौरान शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धनियारो परहा, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।

       शिविर में विधायक श्रीमती साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि समस्त योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले। साथ ही उनके सभी समस्याओं का निराकरण भी हो। इसी उद्देश्य से सुशासन शिविर लगाया जा रहा है। इसके तहत लोगों की समस्याओं का यथा संभव निराकरण भी किया जा रहा है। साथ ही लोगों को उनके आवेदनों के निराकरण की जानकारी भी दी जा रही है। विधायक ने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकारें गांव, गरीब, किसान की प्रगति और खुशहाली के लिए सतत् कार्य कर रही हैं। उन्हें विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास, जल जीवन मिशन के तहत घर पहुंच पानी, बिजली, सड़क, अस्पताल, स्कूल, शौचालय एवं विभिन्न सुविधाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। 

       कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा आम जनता के समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से सुशासन शिविर लगाया जा रहा है। शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा स्टॉल लगाकर अपने-अपने विभाग के योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर श्री व्यास ने आम जनता को यह आश्वस्त किया कि सुशासन शिविर के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा लोगों को आवास की सुविधा से लाभान्वित करने प्रधानमंत्री आवास योजना का सुचारु क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत जिले में 50 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिससे सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलेगी। कलेक्टर ने लोगों से प्रगतिरत आवास के कार्यों को तेजी से पूर्ण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत स्थानीय अधिकारी कर्मचारी पंचायत में मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त कर यथासंभव निराकरण करेंगे।

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आईआईटी बॉम्बे, जिला प्रशासन और  एसएमडीटी संस्था की संयुक्त पहल से जशपुर में पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का शुभारंभ

जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिले में बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उनमें पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का जिला पंचायत सभागार में शुभारंभ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हायर और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के  नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आईआईटी बॉम्बे और एसएमडीटी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में एनीमिया, बौनापन और शरीर में वसा की कमी जैसी पोषण संबंधी समस्याओं का उन्मूलन करना तथा विद्यार्थियों में संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि बच्चों को सही पोषण मिलना उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। आज के बच्चे ही कल के देश के भविष्य हैं। इस अभियान के माध्यम से हम न केवल बच्चों को जागरूक बनाएंगे, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज में भी पोषण का दूत बनने के लिए प्रेरित करेंगे।  
    आईआईटी बॉम्बे द्वारा तैयार किए गए विशेष पोषण वीडियो 01 नवंबर 2025 शनिवार से जिले के विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे और उसके बाद विधार्थियों से चर्चा एंव सवाल-जवाब का 20 मिनट का सेशन आयोजित किया जाएगा। नियुक्त नोडल अधिकारियों के द्वारा 9,10,11,12 कक्षा में इस कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इसमें 10 मिनट का एक वीडियो संचालन के साथ 20 मिनट की चर्चा भी शामिल होगी। नोडल अधिकारी कक्षा में दिखाए गए वीडियो पर बच्चों से 5-10 सवाल जवाब एंव चर्चा करेंगे।
                   
                   पोषण की पाठशाला
 
स्कूल जाने वाले बच्चों के माध्यम से समुदाय में पोषण को बढ़ावा देना। किशोरी लड़कियों में एनीमिया को कम करना। उचित पोषण प्रथाओं के माध्यम से शैक्षिक और खेल संबंधी उपलब्धियाँ प्राप्त करना। जागतिक स्तर के ब्रिलियंट शारीरिक, मानसिक रूप से तंदरुस्त और बुद्धिमान बच्चे तैयार होने के लिए पोषण की पाठशाला का अयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत हर सप्ताह के शनिवार को चयनित पोषण सबंधी 10 मिनट का विडियो संचालन एंव 20 मिनट की चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही विशेषज्ञ मार्गदर्शन, पोषण सबंधी प्रोजेक्ट, पोषण प्रोजेक्ट प्रतियोगिता प्रस्तुति, शनिवार को पोष्टिक आहार दिन का आयोजन होगा। वीडियो में जंक फूड के नुकशान, प्रोटीन मैग्नीशियम कैल्शियम विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी 12 के का महत्त्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर हायर और हायर सेंकेडरी स्कूलों के पोषण कार्यक्रम हेतु नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

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