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24 घंटे में बदली दिव्यांग गणेश राम यादव की जिंदगी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छुट्टी के दिन भी दौड़ा प्रशासन, घर पहुंची ट्राइसाइकिल

रायपुर 12 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कार्यसंस्कृति एक बार फिर धरातल पर देखने को मिली। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम कमोसिनडांड निवासी जन्म से दिव्यांग गणेश राम यादव के संघर्षपूर्ण जीवन को लेकर प्रकाशित एक मार्मिक समाचार पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को बिना किसी विलंब के शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने अभूतपूर्व तत्परता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर गणेश राम यादव के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी। यह पूरी प्रक्रिया रविवार के शासकीय अवकाश के दिन भी पूरी की गई, जो राज्य सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। विभागीय अधिकारियों की टीम जनपद पंचायत धरमजयगढ़ पहुंची और वहां से ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासनिक दल गणेश राम यादव के घर भी पहुंचा, जहां उनके परिवार के सदस्यों, उनकी भाभी तथा वार्ड पंच से चर्चा की गई। उस समय गणेश राम यादव घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए उनके बड़े भाई विचित्र यादव को ट्राइसाइकिल सौंपते हुए यह जानकारी दी गई कि गणेश राम के घर लौटते ही उन्हें यह ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी जाए।

उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र से हाल ही में गणेश राम यादव की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे हाथों के सहारे चलकर अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते दिखाई दे रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे वर्षों से ट्राइसाइकिल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में निवास करने के कारण उन्हें आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए और प्रशासन ने भी संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्या का समाधान सुनिश्चित किया।

ट्राइसाइकिल प्राप्त होने के बाद गणेश राम यादव के बड़े भाई विचित्र यादव के चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। भावुक माहौल में उन्होंने प्रशासन और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि अब तक गणेश राम यादव को छोटी-सी दूरी तय करने के लिए भी हाथों के सहारे सड़क और पगडंडियों पर चलना पड़ता था, जिससे उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ट्राइसाइकिल मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आएगा। वे अधिक सहजता से आवागमन कर सकेंगे, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर पाएंगे तथा स्वास्थ्य केंद्र, बैंक, पंचायत और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहले की तुलना में कहीं अधिक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

गणेश राम यादव की भाभी श्रीमती चंद्रवती ने बताया कि उनके पति विचित्र यादव और देवर गणेश राम यादव दोनों जन्म से दिव्यांग हैं तथा वे स्वयं भी दिव्यांग हैं। दोनों भाइयों को प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन प्राप्त होती है। परिवार को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। इसके साथ ही राशन कार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न भी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से गणेश राम के जीवन में बड़ी राहत आएगी और उनका दैनिक जीवन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में राज्य सरकार की संवेदनशील, जनकेंद्रित और जवाबदेह सुशासन व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जिस तत्परता से शासन और प्रशासन ने कार्य किया जा रहा है, वह जरूरतमंदों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का प्रेरणादायी उदाहरण गया है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण बना जनआंदोलन, ‘मोर गांव–मोर पानी’ से गांव-गांव में बदलेगी तस्वीर

रायपुर, 12 जुलाई 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) के अंतर्गत पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है। ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के माध्यम से राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। अभियान के तहत प्रदेशभर में लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण एवं ‘मोर गांव-मोर पानी’ जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल के संग्रहण और भू-जल संवर्धन की व्यवस्था विकसित की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण प्रारंभ किया गया है। जल संरक्षण और हरित विकास का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता तथा पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा VB-G RAM-G के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

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जशपुर में अब सादरी भाषा में होगी नौनिहालों की पढ़ाई, 'नींव' बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम से 202 स्कूलों में बदलेगी सीखने की तस्वीर

*जशपुर, 12 जुलाई 2026* 

जशपुर जिले में प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के उद्देश्य से _'नींव' (NEEV) बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम_ प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के नेतृत्व में, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जशपुर के मार्गदर्शन में तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF), नई दिल्ली द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।

*स्थानीय भाषा में शिक्षा की नींव*
इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुनकुरी और बगीचा विकासखंड के 202 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 एवं कक्षा-2 के बच्चों को उनकी मातृभाषा _सादरी भाषा_ के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बहुभाषी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को घर की भाषा से विद्यालय की भाषा के बीच सेतु स्थापित करना है, ताकि वे अवधारणाओं को सहजता से समझ सकें और आत्मविश्वास के साथ सीखें।

*सांस्कृतिक समावेश के साथ शिक्षण सामग्री का विकास*
कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु DIET के मार्गदर्शन में स्थानीय शिक्षकों द्वारा विशेष रूप से _सादरी भाषा_ में शिक्षण सामग्री तैयार की गई है। इन सामग्रियों में बच्चों की स्थानीय संस्कृति, परिवेश, लोककथाओं एवं जीवन अनुभवों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। 
इसमें बिगबुक, चित्र चार्ट, कविता पोस्टर, अभ्यास पुस्तिकाएँ एवं कविता-कहानी संग्रह सम्मिलित हैं। इन सभी सामग्रियों की अंतिम अकादमिक समीक्षा DIET के अकादमिक सदस्यों द्वारा दिनांक 7 जुलाई 2026 को पूर्ण की जा चुकी है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया उच्च गुणवत्ता युक्त हो सके।

*जिला स्रोत समूह का प्रशिक्षण संपन्न*
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु चयनित 202 विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए 20 सदस्यों का _जिला स्रोत समूह (DRG)_ गठित किया गया है। इस समूह के लिए DIET, जशपुर में 8 जुलाई 2026 से 11 जुलाई 2026 तक 4-दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला आयोजित की गई। 
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बहुभाषी शिक्षा के सिद्धांतों एवं सादरी भाषा में निर्मित सामग्री के कक्षा में प्रभावी उपयोग के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षण को रोचक एवं गतिविधि आधारित बनाने हेतु व्यावहारिक डेमो एवं समूह कार्य भी कराए गए।

*प्रशिक्षण का समापन*
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस DIET प्राचार्य श्री एम.जेड.यू. सिद्दीकी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि _"यह कार्यक्रम जशपुर के बच्चों के सीखने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा और उन्हें अपनी भाषा में सीखने का आत्मविश्वास प्रदान करेगा।"_ उन्होंने सभी से विद्यालयों में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

इस पहल के माध्यम से जशपुर जिला प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में समावेशन एवं गुणवत्ता की नई मिसाल स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

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जशक्राफ्ट के माध्यम से हस्तशिल्प को मिलेगी नई पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी आजीविका और रोजगार

जशपुर 12 जुलाई 2026/ जशपुर जिले में जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण आजीविका एवं पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशक्राफ्ट ब्रांड को सुदृढ़ करने तथा बांस हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से विकासखंड जशपुर की ग्राम पंचायत झोलांगा में एक माह का आवासीय बांस हस्तशिल्प प्रशिक्षण 29 जून से 29 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत जशपुर तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), जनपद पंचायत जशपुर द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से बांस हस्तशिल्प से जुड़े लगभग 150 परिवारों के आजीविका संवर्धन का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 46 महिलाओं के प्रथम बैच को आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रतिभागियों को आधुनिक मशीनों के उपयोग, नवीन डिजाइनों तथा वर्तमान बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए गुजरात के सूरत जिले से अनुभवी विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान फैंसी ट्रे, गुलदस्ते, माचिया, सजावटी उत्पाद, चटाई, आकर्षक टोकरियां, फर्नीचर, सोफा, पलंग सहित अनेक आधुनिक एवं उपयोगी बांस उत्पादों का निर्माण सिखाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर एवं मनोरा विकासखंड में लगभग 250 परिवार वर्षों से बांस हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। इस कार्य में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन समूहों को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ), बैंक लिंकेज तथा मुद्रा ऋण जैसी वित्तीय सुविधाओं से जोड़कर उनके उद्यमों को मजबूती प्रदान की जा रही है। साथ ही समय-समय पर कौशल उन्नयन एवं उद्यमिता विकास संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को रूरल मार्ट, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों तथा देश के विभिन्न बाजारों से जोड़ने के लिए डिजाइन एवं विपणन विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

जिला प्रशासन का लक्ष्य आगामी वर्ष तक हस्तशिल्प से जुड़े सभी स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को लखपति दीदी की श्रेणी में लाना है। यह पहल न केवल पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार सृजन, जनजातीय परिवारों की आय वृद्धि तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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गजराजों की मौजूदगी से सतर्क हुआ जशपुर, 32 हाथियों के दल पर वन विभाग की पैनी नजर; जंगल जाने और सेल्फी लेने पर सख्त चेतावनी

जशपुर 12 जुलाई 2026/ वनमण्डल अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में वर्तमान में लगभग 32 हाथियों का दल सक्रिय रूप से विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखते हुए हाथी-मानव द्वंद की किसी भी संभावित घटना की रोकथाम हेतु व्यापक सुरक्षा एवं सतर्कता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र दुलदुला अंतर्गत ग्राम धुरीअम्बा, करडेगा, केन्दापानी, धांधअम्बा, बुकना, मधुटोली एवं कोहड़ापहरी, वन परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम खाडामाचा, हरदीझरिया, पीठाआमा, राजाआमा, खमगढ़ा, महेशपुर, काडरो एवं झिमकी, वन परिक्षेत्र कांसाबेल अंतर्गत ग्राम चेटबा, नारायणबहली, मड़ियाझरिया एवं सोनाजोरी, तथा वन परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत ग्राम झिक्की, खंताडांड, टटकेला, परसाडांड, पेटा, कुरडेग, बिमड़ा, सामरबार, दुर्गापारा, सुईकोना, मैनी, बुचीढांड, जुजगु एवं कुरडेग के आसपास हाथियों का दल विचरण कर रहा है।

वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर आर.आर.टी. तथा वन विभाग का मैदानी अमला चौबीसों घंटे सतत निगरानी रखे हुए है। हाथियों की लोकेशन का नियमित रूप से पता लगाकर आसपास के ग्रामों में तत्काल सूचना पहुंचाई जा रही है, जिससे ग्रामीण समय रहते सतर्क रह सकें। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मुनादी कर लोगों को हाथियों की उपस्थिति एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी जा रही है।

वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से विशेष अपील की गई है कि हाथियों के वन क्षेत्र में विचरण के दौरान लकड़ी, चारा अथवा अन्य निस्तार कार्यों के लिए जंगल में प्रवेश न करें। साथ ही किसी भी परिस्थिति में हाथियों के समीप जाने, उन्हें उकसाने, उनका पीछा करने अथवा उनके साथ सेल्फी या वीडियो बनाने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, वन सुरक्षा समितियों तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी निरंतर साझा की जा रही है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग का उद्देश्य हाथियों एवं ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोकना है। वन विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि हाथियों की सूचना मिलने पर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल वन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। यदि किसी क्षेत्र में हाथियों की उपस्थिति दिखाई दे अथवा उनकी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो, तो इसकी सूचना तत्काल निकटस्थ वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अथवा आर.आर.टी. को दें।

वन विभाग ने पुनः सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, रात्रि के समय अनावश्यक रूप से जंगल अथवा हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग से तत्काल संपर्क करें। विभाग ने विश्वास व्यक्त किया है कि ग्रामीणों की सतर्कता, सहयोग एवं समय पर सूचना देने की सक्रिय सहभागिता से हाथी-मानव द्वंद की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।

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महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत, हर महीने की सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता

जशपुर 12 जुलाई 2026/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। अब वे अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग कर रही हैं।

11 जुलाई को योजना की 29वीं किस्त जारी होने के बाद कुनकुरी की महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। महिलाओं ने बताया कि प्रत्येक माह 10 से 12 तारीख के बीच उनके खाते में एक हजार रुपये की राशि जमा हो जाती है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत खर्चों में काफी सहूलियत मिलती है।

ज्योति पांडेय ने बताया कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से वे अपने दैनिक खर्च स्वयं पूरा कर लेती हैं।

रेहाना खातून ने बताया कि पहले वे मजदूरी करती थीं। महतारी वंदन योजना से मिली सहायता से उन्होंने अपना छोटा-सा घरेलू व्यवसाय शुरू किया। आज वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

कविता शर्मा ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए बड़ी सहायता है। इससे वे अपनी आवश्यकताओं का खर्च आसानी से उठा लेती हैं और आर्थिक रूप से अधिक आत्मविश्वासी महसूस करती हैं।

अंजू शर्मा ने बताया कि अब उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।

सभी महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में रथ यात्रा महोत्सव : जब गजपति महाराज की परंपरा निभाएंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय... दोकड़ा की रथ यात्रा में उमड़ेगी जनआस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का विराट संगम

दोकड़ा,जशपुरनगर। ग्राम दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाले रथ यात्रा महोत्सव–2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। रथ सज्जा, पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर समिति युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी हुई है। इस वर्ष महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।मंदिर समिति के अनुसार 14 जुलाई को नेत्र उत्सव एवं नव यौवन दर्शन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। इसके बाद 16 जुलाई (गुरुवार) को भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा पूरे श्रद्धा एवं उल्लास के साथ निकाली जाएगी।
रथ यात्रा के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय होंगे। दोनों पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मंदिर के गजपति महाराज की परम्परा का निर्वहन करेंगे, जो इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
रथ यात्रा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, लिटिल चैंप प्रतियोगिता, फूल-माला प्रतियोगिता तथा प्रतिदिन महाप्रसाद वितरण सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
महोत्सव की आगामी कड़ियों में 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा, 25 जुलाई को सुना वेश, 26 जुलाई को अधर पाना तथा 27 जुलाई को नीलाद्री विजय के साथ आयोजन का विधिवत समापन होगा।

17 से 21 जुलाई तक होगी श्री जगन्नाथ कथा

मंदिर आयोजन समिति ने बताया कि 17 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रतिदिन अपराह्न 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक मौसी बाड़ी समीप मिडिल स्कूल प्रांगण में श्री जगन्नाथ कथा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कीर्तनकार एवं कथा वाचक कामता प्रसाद शरण श्रद्धालुओं को श्री जगन्नाथ महाप्रभु की दिव्य कथा का रसपान कराएंगे।
मंदिर समिति ने क्षेत्र एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा एवं समस्त धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनने तथा पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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भाजपा ग्रामीण मंडल कुनकुरी की मासिक कामकाजी बैठक संपन्न, बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर बना रोडमैप, कार्यकर्ताओं से हर घर तक जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने का आह्वान

 

नारायणपुर। भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल कुनकुरी की मासिक कामकाजी बैठक रविवार को ग्राम कुडूकेला में ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव की अध्यक्षता तथा ग्रामीण मंडल प्रभारी श्रीनायक मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में संगठन की मजबूती को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के सातों मोर्चों के गठन एवं उनके संगठनात्मक विस्तार, प्रत्येक बूथ पर मजबूत बूथ समिति का गठन, बूथ समिति के सदस्यों की नियुक्ति तथा बूथों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने बूथ स्तर पर नियमित संपर्क, जनसंपर्क अभियान तथा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर ग्रामीण मंडल प्रभारी श्रीनायक मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करे, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार और अनुशासित कार्यशैली को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने भी संगठन को गांव-गांव और बूथ-बूथ तक मजबूत बनाने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा विभिन्न मोर्चों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन हित को सर्वोपरि रखते हुए पूरी निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्य करने तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया।

बैठक के अंत में "संगठन सर्वोपरि" के संकल्प के साथ "भारत माता की जय" एवं "वंदे मातरम्" के उद्घोष से कार्यक्रम का समापन किया गया।

बैठक में प्रमुख रूप से ग्रामीण मंडल प्रभारी श्रीनायक मिश्रा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष अनुप नारायण बड़ाइक, गौतम राय, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, जिला पंचायत सदस्य मलिता बाई, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मंडल महामंत्री शंकर यादव, शिवशंकर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष तुलाधर यादव, संतान राम, जिला पिछड़ा वर्ग मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी देवलाल यादव, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष भारती भगत, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष लक्ष्मी बाई, सुखनी बाई, शक्ति केंद्र संयोजक टिकेश्वर यादव, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राम, किसान मोर्चा मंडल मंत्री अभिषेक पुरी, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सुरजीत सिंह, भाजयुमो महामंत्री अरुण मोहंती, भाजयुमो मंडल उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता, भाजयुमो मंडल मंत्री वीरेंद्र सिंह, वेदप्रकाश अंगिरा, अजय यादव, गणेश चौहान, भोला यादव, जगदीश सिंह, दिनेश चौहान, राम सिंह, संतोष देहरी, मंगल कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह, पारखीतो राम यादव, अर्बन सिंह, बांदू नायक, रवीनाथ सिंह, नरेश यादव, सतकुमार यादव सहित ग्रामीण मंडल कुनकुरी के समस्त पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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खरसिया के कोड़तराई में साइकिल वितरण समारोह, छात्राओं के चेहरों पर खिली मुस्कान; गोपाल अग्रवाल बोले— सरकार की यह योजना ग्रामीण बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव

रायगढ़/खरसिया। ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, कोड़तराई में निःशुल्क साइकिल वितरण समारोह का आयोजन किया गया। शासन की महत्वाकांक्षी साइकिल वितरण योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं, जिससे वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंच सकें और उनकी शिक्षा बाधित न हो।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता दुर्गा शंकर चौधरी ने की, जबकि उमा शंकर साहू (सदस्य) एवं अतुल शर्मा (मंडल अध्यक्ष) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

अपने संबोधन में गोपाल अग्रवाल ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की साइकिल वितरण योजना ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले स्कूल की दूरी और परिवहन की असुविधा के कारण कई छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी, लेकिन अब साइकिल मिलने से उनकी शिक्षा का मार्ग आसान होगा। इससे न केवल उनका आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि समय की भी बचत होगी, जिसे वे अपनी पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास में लगा सकेंगी।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों को केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के दौरान नई साइकिलें प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। अंत में विद्यालय के प्राचार्य एवं शाला विकास समिति ने मुख्य अतिथि, सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

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खेत पर कब्जे की कोशिश या कानून को चुनौती? गंगोटी में तलवार लहराकर जुताई रोकने का आरोप, वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में; आरोपी की तलाश तेज

सूरजपुर । सूरजुपर जिले के ग्राम गंगोटी में दो पक्षों के बीच चल रहे जमीन विवाद ने उस समय खतरनाक मोड़ ले लिया, जब एक पक्ष खेत पर अपना दावा जताते हुए तलवार लेकर पहुंच गया। 
     उसने तलवार दिखाकर खेत की जुताई व बोआई करने पहुंची महिला व उसके बेटे-बेटी को मारने दौड़ाया। इस दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 
     वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बसदेई चौकी पुलिस ने आम्र्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
      सूरजुपर जिले के बसदेई चौकी अंतर्गत ग्राम गंगोटी कुम्हारपारा निवासी बॉबी देवांगन ने आरोप लगाया है कि उसके चाचा ससुर लक्ष्मण देवांगन ने 9 जुलाई को खेत में पहुंचकर हाथ में तलवार लहराते हुए न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
     शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने जमीन को अपनी बताते हुए किसी को भी खेत में प्रवेश करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। जिस भूमि को लेकर विवाद है, उसका सीमांकन 15 जून को राजस्व और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कराया जा चुका था।
     शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बावजूद आरोपी जमीन पर अपना दावा जताते हुए खेती करने पर अड़ा है और विरोध करने पर डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है।

खुलेआम दी धमकी

    बताया गया कि घटना के समय जमीन मालिक महिला अपने बेटे और बेटी के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत में जुताई- बोआई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी तलवार लेकर मौके पर पहुंचा और विवाद बढ़ गया। 
    महिला ने आरोप लगाया कि तलवार लहराते हुए खुलेआम धमकियां दी गईं, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया।

घटना के बाद सामने आया कथित वीडियो

      पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। चौकी बसदेई पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 296(बी), 351(3) तथा आम्र्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

चौकी प्रभारी ने ये कहा

     बसदेई चौकी प्रभारी योगेंद्र जायसवाल ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
      पुलिस का कहना है कि आरोपी का जल्द पता लगाकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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कहीं धन लाभ तो कहीं रिश्तों में आएगी नई मिठास... लेकिन कुछ राशियों के लिए छिपी है बड़ी चेतावनी, पढ़ें आज का संपूर्ण राशिफल

मेष (Aries)

आज का दिन आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, वहीं व्यापारियों को नए सौदों से लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न होगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)

आज धैर्य और समझदारी से लिया गया हर निर्णय आपके पक्ष में रहेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में सामान्य प्रगति होगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के योग हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखें और सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर में सुखद वातावरण रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)

आज समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। आत्मविश्वास के बल पर कठिन कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)

आज योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर सफलता मिलेगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत बढ़ेगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। खान-पान में संतुलन बनाए रखें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दें। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra)

आज सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में साझेदारी से लाभ मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)

आज जल्दबाजी और क्रोध से बचें। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और पर्याप्त आराम करें। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में उन्नति के योग हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)

आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय में वृद्धि के योग हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)

आज नए अवसर आपके द्वार पर दस्तक दे सकते हैं। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं। आर्थिक लाभ होने की संभावना है। शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)

आज का दिन आध्यात्मिक और पारिवारिक दृष्टि से शुभ रहेगा। किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

रविवार को प्रातः स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्यदेव को जल अर्पित करें। जल में लाल फूल या रोली मिलाकर अर्घ्य देने तथा गुड़ या गेहूं का दान करने से आत्मबल, ऊर्जा और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

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खड़गवां से शुरू हुआ 'मोर गांव मोर पानी' अभियान, 2000 पौधों के सामूहिक रोपण के साथ जल संरक्षण का लिया गया संकल्प; मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा— पेड़ बचेंगे तो भविष्य सुरक्षित रहेगा

चिरमिरी । जनपद पंचायत खड़गवां द्वारा ग्राम बरदर स्थित बासापारा  में 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के शुभारंभ एवं विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत जन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 2000 पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
     स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 'मोर गांव मोर पानी' अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार तैयार करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जहां अधिक वृक्ष होंगे, वहां भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों का विकास भी आसान होगा। वृक्ष जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के साथ-साथ शुद्ध हवा और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।   उन्होंने कहा कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए पेड़ों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।
     मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर तीन फसल लेने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना पक्के मकान का सपना साकार कर रही है और सरकार की विभिन्न योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
     कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचते ही हुई हल्की बारिश का उल्लेख करते हुए मंत्री ने हास्यपूर्ण अंदाज में कहा कि यह मेघदेव का आशीर्वाद है, जिससे कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
     जन सम्मेलन में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 02 जुलाई से शुरू हुई रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है तथा निर्धारित दैनिक मजदूरी 300 रुपये है। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए फ्लैक्स एवं सूचना सामग्री के माध्यम से ग्रामीणों को जल संचय, जनभागीदारी और आजीविका मिशन की योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
     इस अवसर पर पशुपालन विभाग एवं मत्स्य विभाग के हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से तिलहन किट वितरित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जनमन योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी सौंपी गई। वहीं पशुपालन विभाग की ओर से पांच हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के स्वीकृति चेक भी प्रदान किए गए।
     कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प दिलाया।
     इस अवसर पर जनपद पंचायत खड़गवां के अध्यक्ष, जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, एमसीबी कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, युवा भाजपा नेता अरुणोदय पांडे, धनंजय पांडे, पूर्व मंडल अध्यक्ष खड़गवां, मंडल अध्यक्ष खड़गवां तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी- कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे क्रांति, 51 हजार करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का नया रेल एवं लॉजिस्टिक्स हब

रायपुर 11 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास अब केवल नई रेल लाइनों के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय संतुलित विकास का सबसे सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पिछले ढाई वर्षों में रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। रिकॉर्ड बजटीय निवेश, नई रेल लाइनों का निर्माण, मल्टी-ट्रैकिंग, दोहरीकरण, आधुनिक स्टेशन, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण तथा दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक रेल संपर्क के विस्तार ने छत्तीसगढ़ को देश के रेलवे मानचित्र पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। वर्तमान में प्रदेश में ₹51 हजार करोड़ से अधिक लागत की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा रेलवे निवेश है और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला बन रहा है।

रेलवे क्षेत्र में हुआ रिकॉर्ड निवेश इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्ष 2014 से पहले छत्तीसगढ़ को रेल परियोजनाओं के लिए औसतन लगभग ₹300 करोड़ का वार्षिक बजट प्राप्त होता था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर ₹7,470 करोड़ तक पहुंच गया है। अर्थात एक दशक में रेलवे बजट में लगभग 24 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। यह केवल बजट में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं और राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को अभूतपूर्व गति दी है। पिछले वर्षों में जिस तेजी से नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है और उन पर कार्य प्रारंभ हुआ है, उसने प्रदेश के विकास की दिशा ही बदल दी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य और मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। दूरस्थ वनांचलों तक रेल पहुंचने से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना है। बस्तर, सरगुजा, जशपुर और अन्य दूरस्थ अंचलों में रेलवे पहुंचने से  विकास का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे अब केवल यात्रियों और माल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन बन चुकी है। विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी रेल एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इस विज़न को साकार करने की दिशा में प्रदेश में अनेक महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रेल नेटवर्क के विस्तार में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 1853 से 2014 तक लगभग 161 वर्षों में जहां राज्य में करीब 1,100 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क विकसित हुआ था, वहीं अब छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क 2,200 रूट किलोमीटर से अधिक करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक, शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण, अत्याधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था तथा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं ने रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और ऊर्जा दक्ष बनाया है।

बस्तर अंचल में रावघाट रेल परियोजना विकास की नई धुरी बनकर उभरी है। दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक 77 किलोमीटर रेलखंड पर यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से हजारों ग्रामीण पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। परियोजना के अगले चरण में तुमापाल (ताहोकी) से कोसरोण्डा तक पुल-पुलियों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है तथा रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। कोसरोण्डा से रावघाट तक रेलवे अधोसंरचना का निर्माण भी अंतिम चरण में है। परियोजना पूर्ण होने पर रावघाट की लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ जाएंगी, जिससे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिलेगी। वहीं कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण से बस्तर क्षेत्र में माल एवं यात्री परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल कॉरिडोर को ₹8,741 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। 278 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा। इससे प्रदेश की लॉजिस्टिक्स लागत में प्रतिवर्ष लगभग ₹2,520 करोड़ की कमी आने का अनुमान है, अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता विकसित होगी तथा उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन, कोरबा-अंबिकापुर, गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली, रावघाट-जगदलपुर, अंबिकापुर-बरवाडीह, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा, गेवरा-पेंड्रा, खरसिया-धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन जैसी परियोजनाएं प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रही हैं। विशेष रूप से धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर जिले को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का लगभग ₹1,680 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। आधुनिक स्टेशन, वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, मेमू सेवाओं का विस्तार तथा रायपुर में विकसित की जा रही आधुनिक रेल परिचालन सुविधाएं प्रदेश की रेलवे व्यवस्था को नई पहचान दे रही हैं।

ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को भी 755 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इससे एसईसीएल और एमसीएल की खदानों से कोयले के परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश के ताप विद्युत संयंत्रों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा।

रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को हाल ही में स्वीकृति प्रदान की गई है।इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि रेलवे के क्षेत्र में हो रहा अभूतपूर्व निवेश आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, व्यापार और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा। बस्तर से सरगुजा तक सुदृढ़ होती रेल कनेक्टिविटी विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

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"मां के नाम लगा एक पौधा, भविष्य को मिला हरियाली का तोहफा: जशपुर वनमंडल में जनभागीदारी के साथ चला व्यापक पौधरोपण अभियान"

नारायणपुर, 11 जुलाई। जशपुर वनमंडल में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, महिला समूहों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में सभी ने अपनी मां के सम्मान में एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प भी लिया।

मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के परिक्षेत्र कार्यालय एवं वन परिसर बगीचा सहित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर, परिक्षेत्र कार्यालय कुनकुरी, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में वन सुरक्षा समितियों, स्वच्छता समूहों तथा स्थानीय नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री के आह्वान पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण तैयार करें।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और जैव विविधता के संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। पेड़ न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि भूमि संरक्षण, जल संरक्षण, वन्यजीवों के संरक्षण तथा प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। अधिकारियों ने कहा कि पौधा लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उसकी नियमित देखभाल करना है।

वनमंडलाधिकारी ने बताया कि जशपुर वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों, ग्राम पंचायतों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवा संगठनों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से लगातार पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे पौधों को केवल रोपित ही न करें, बल्कि उन्हें बच्चों की तरह संरक्षित कर बड़ा भी बनाएं। वन विभाग ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से चल रहा यह अभियान भविष्य में हरित जशपुर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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ऑपरेशन शंखनाद का असर: गौ तस्करी मामले में फरार वाहन मालिक गिरफ्तार, जशपुर पुलिस ने भेजा जेल

जशपुर। गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना लोदाम क्षेत्र में गौ तस्करी के मामले में घटना के बाद से फरार चल रहे बोलेरो पिकअप वाहन के मालिक मो. इम्तियाज (40 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भलमंडा स्थित नेशनल हाईवे से बोलेरो पिकअप (क्रमांक JH-01-FP-3193) में गौवंशों को अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना पर लोदाम पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन पुलिस को देखकर तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए। मौके से 9 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया था।

मामले की विवेचना के दौरान जब्त वाहन के आधार पर उसके मालिक मो. इम्तियाज की पहचान हुई, जो लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच 10 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जशपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जनवरी 2026 से अब तक 852 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। इस अवधि में 71 प्रकरण दर्ज कर 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त 26 वाहनों को जब्त किया गया है।

जुलाई माह में भी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। 1 से 10 जुलाई के बीच चार अलग-अलग मामलों में 57 गौवंशों को मुक्त कराकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बागबहार में गौवंश वध मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी, दोकड़ा क्षेत्र में 10 मवेशियों के साथ तीन तस्करों की गिरफ्तारी, मनोरा के डहुकोना जंगल से 26 गौवंशों की बरामदगी तथा डडगांव में 21 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाने जैसी प्रमुख कार्रवाई शामिल हैं। कुछ मामलों में फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के विरुद्ध पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी, वाहन मालिक या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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बस्तर की जैविक खेती को वैश्विक उड़ान, यूरोप तक पहुंचेगा किसानों का उत्पाद; नक्सल मुक्त गांव बनेंगे नई पहचान

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ बस्तर संभाग के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बड़े बाजारों तक पहुंचाने तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बस्तर के उन गांवों की पहचान कर उनका जैविक प्रमाणन कराने के निर्देश दिए, जहां आज तक किसानों ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे गांव छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी जैविक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाना चाहिए।

*बस्तर प्रवास के अनुभव से बनी नई पहल*

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि हाल ही में नारायणपुर और कांकेर के नक्सल मुक्त हुए ग्रामों के अपने बस्तर प्रवास के दौरान अनेक किसानों ने उन्हें जानकारी दी थी कि उन्होंने अपने खेतों में कभी भी रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) से जोड़ा जाए, ताकि उनके उत्पादों का विधिवत जैविक प्रमाणन कराया जा सके और उन्हें देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ यूरोप सहित अन्य विदेशी बाजारों तक पहुंचाया जा सके।

*जैविक प्रमाणन से किसानों की आय में होगा बड़ा इजाफा*

        श्री शर्मा ने कहा कि जैविक प्रमाणन के बाद बस्तर के किसानों को उनके उत्पादों का वर्तमान मूल्य की तुलना में तीन से चार गुना अधिक मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा बस्तर की विशिष्ट कृषि पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

*यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए बनेगी रणनीति*

        बैठक में बस्तर के जैविक उत्पादों को यूरोप सहित अन्य देशों के बाजारों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी), सहभागी गारंटी प्रणाली (पीजीएस) के अंतर्गत आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता, प्रमाणन और विपणन की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए ताकि बस्तर के उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें। इसके लिए ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों का निर्माण कर उत्पादन का हर किसी को भागीदार बनाया जाएगा।

*बस्तर के जिलों में जाएंगे संयुक्त दल, होगी टेस्टिंग*

        उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक श्री अश्विनी देवांगन के साथ दो संयुक्त दल गठित कर नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये दल एपीडा और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जैविक क्षेत्रों का सर्वेक्षण करेंगे तथा जैविक उत्पादों के लिए आवश्यक परीक्षण और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके द्वारा पूरे ग्राम पंचायतों को जैविक प्रमाणन दिलाकर बस्तर के उत्पादों को बिहान के छत्तीसकला ब्रांड द्वारा एक्सपोर्ट किया जाएगा।

*जैविक प्रमाणन में ली जाएगी छूट*

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एनपीओपी प्रमाणन के लिए आवश्यक तीन सालों की अवधि की आवश्यकता को बस्तर की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए छूट देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वनोत्पादों को प्रमाणन की आवश्यकता ना होने से उसे भी एक्सपोर्ट रेडी करने के लिए तैयारी करने को कहा ताकि बस्तर के लोगों को वनोत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

*प्रमाणन संस्थाओं का भी लिया जाएगा सहयोग*

       उप मुख्यमंत्री ने जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रमाणन संस्थाओं की सेवाएं लेने तथा सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कदम शीघ्र उठाने के निर्देश भी दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक श्री अश्विनी देवांगन, एपीडा के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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पुलिस की क्राइम मीटिंग में एसएसपी का सख्त संदेश, लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण कर पीड़ितों को दिलाएं त्वरित न्याय

रायगढ़, 11 जुलाई। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मासिक क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जिले के सभी अनुविभागों के थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, नकबजनी, महिला अपराध, पॉक्सो, गुम इंसान, मर्ग और अन्य गंभीर प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर शीघ्र चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

बैठक की शुरुआत रायगढ़ अनुविभाग के थानों की समीक्षा से हुई, जिसके बाद खरसिया और धरमजयगढ़ अनुविभाग के प्रत्येक थाना क्षेत्र में दर्ज लंबित अपराध, शिकायतों, गुमशुदगी और मर्ग प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा की गई। एसएसपी ने विवेचकों से लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी ली और अनुसंधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

क्राइम मीटिंग में इस बार तीन प्रमुख विषयों पर विशेष फोकस रखा गया। पहला, लंबित अपराधों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण; दूसरा, जिले की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाना; तथा तीसरा, मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना।

बैठक के दौरान वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह माह का तुलनात्मक रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया गया। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए अपराधों के निराकरण की गति बढ़ाने, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तेज करने तथा जुआ, सट्टा, अवैध शराब, बदमाशों की निगरानी और विभिन्न माइनर एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली का अंतिम उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना है और यह तभी संभव है जब विवेचना समय-सीमा में पूरी कर मजबूत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं।

मानसून को देखते हुए एसएसपी ने यातायात व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने सड़क क्षति, जलभराव और वाहनों के खराब होने से उत्पन्न जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात शाखा को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और संबंधित विभागों के समन्वय से रोड इंजीनियरिंग में आवश्यक सुधार कर यातायात को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने पर बल दिया।

क्राइम मीटिंग में जिले के प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को भी शामिल किया गया। एसएसपी ने उनके प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा सीसीटीएनएस सहित पुलिस की सभी तकनीकी प्रणालियों में दक्षता हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद आयोजित विशेष कार्यशाला में डीएसपी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसंधान में छोटी-सी चूक भी आरोपी को न्यायालय में लाभ पहुंचा सकती है, इसलिए प्रत्येक विवेचक को वैज्ञानिक और विधिक दृष्टिकोण अपनाते हुए जांच करनी चाहिए।

बैठक में महानदी से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को कोटवारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखने, अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पहले से कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।

क्राइम मीटिंग में नगर पुलिस अधीक्षक , डीएसपी , एसडीओपी , एसडीओपी , ट्रैफिक डीएसपी , रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

बैठक के अंत में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जनता को समय पर न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रत्येक विवेचना गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और कानून सम्मत हो, यही रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।

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शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने कलेक्टर रोहित व्यास की पहल तेज, 'यशस्वी जशपुर' के तहत जिलेभर के बीईओ, एबीईओ और बीआरसीसी का विशेष उन्मुखीकरण प्रशिक्षण संपन्न


जशपुर नगर।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले के सभी विकासखंडों के‌ बीईओ, एबीईओ और बीआरसीसी का शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन हेतु एकदिवसीय उन्मुखीकरण संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में हुआ।

उन्मुखीकरण की शुरुआत प्रशिक्षण से अपेक्षाओं से प्रारंभ किया गया। यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता ने बताया कि  अपेक्षाओं एवं समस्या का समाधान वही व्यक्ति कर सकता है जो जीवन में आत्म सम्मान चाहता है और जो मानव बनकर नौकरी नहीं बल्कि सेवा करना चाहता हो। विनोद गुप्ता ने बताया कि ऊर्जा ही ईश्वर का स्वरूप है। एक शिशु ईश्वर का स्वरूप होता है क्योंकि उसके जन्म के समय उसमें सकारात्मक ऊर्जा शत प्रतिशत होती है जो कि धीरे-धीरे कम होती चली जाती है। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता से मनुष्य के आचरण में जो बदलाव होता है, उसके अनुसार ही एक मनुष्य देवता, महामानव, मानव और दानव बनता है। एक खराब शिक्षक केवल कुछ बच्चों का भविष्य खराब करता है लेकिन एक खराब बीईओ हजारों बच्चों का भविष्य खराब कर सकता है। अतः प्रत्येक बीईओ को शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु उन्हें कंफर्ट जोन से निकालकर ग्रोथ जोन तक का सफ़र करना होगा तभी उनके सपने पूरे होंगे और उनको खुशी मिलेगी। विनोद गुप्ता ने नौकरी और सेवा में सोलह बिंदु पर अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि नौकरी करने वाले अधिकारी जीविका उपार्जन और वेतन के लिए काम करते हैं जबकि सेवा करने वाले अधिकारी राष्ट्र निर्माण और छात्रों के भविष्य निर्माण के लिये काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी करने वाले चुनौती को समस्या समझते हैं जबकि सेवा करने वाले चुनौती को अवसर मान कर मिशन मोड में काम करते हैं। प्रशिक्षण के अन्त में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई एवं हाइयर सेकेंडरी विद्यालयों के ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रपत्र को विश्लेषित करते हुए अधिकारियों से चर्चा की गई एवं उसमें आमूलचूल परिवर्तन किए गए।

सभी अधिकारियों का पूरे मन और पूरी क्षमता से कार्य करने के स्लोगन के साथ सभी अधिकारियों से लिखित प्रतिवेदन लेकर उन्मुखीकरण कार्यशाला के समापन की घोषणा की गई। इस कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के सहयोगी  संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडेय एवं संजय दास आवश्यक सहयोग हेतु उपस्थित रहे।

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