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साय सरकार के 2 साल सुशासन : जशपुर में आवास, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ी उपलब्धियाँ

जशपुरनगर 12 दिसंबर 25/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास के लिए ऐतिहासिक रहा है।13 दिसंबर को उनके कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं, और इस अवधि में जशपुर जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिन्होंने विकास की परिभाषा को नई ऊँचाई दी है। मुख्यमंत्री के सामने चुनौतियाँ कम नहीं थीं—प्रदेश की जनता से किए वादों को पूरा करना और उनके विश्वास पर खरा उतरना। लेकिन श्री साय ने दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व के साथ इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।

गरीबों को मिला पक्का मकान — मुख्यमंत्री की पहली बड़ी पहल

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही उन्होंने प्रदेश के 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के वादे को पूरा करते हुए स्वीकृति प्रदान की।जशपुर जिले में 52,760 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए, जिससे हजारों परिवारों के “पक्के घर” का सपना साकार हुआ।

महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण — आत्मनिर्भरता की नई राह

श्री साय ने प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपए जमा करने की घोषणा को दृढ़ता से लागू किया।जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अब तक 448 करोड़ 97 लाख रुपए की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बनते हुए परिवार की आर्थिक ढांचा मजबूत कर रही हैं।

किसानों के लिए खुशियों की सौगात — बोनस, खरीद और सम्मान निधि

दो वर्षों में किसानों को ऐसी सौगातें मिलीं जिसने उनके जीवन में दोहरी खुशी ला दी—दो साल का बकाया धान बोनस भुगतान।जिले के 50 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी।पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जिले के 123168 किसानों को 308 करोड़ 30 लाख 76 हजार रुपए का भुगतान।इन प्रयासों ने किसान परिवारों की आर्थिक स्थिरता और खेती की निरंतरता को मजबूत किया।

स्वास्थ्य में क्रांतिकारी सुधार —अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन निर्माण की मिली मंजूरी

जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए नए अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन की स्थापना की स्वीकृति दी गई है।इससे जशपुर के मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने की आवश्यकता कम होगी।प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नए संसाधन, स्टाफ और उपकरण मिले हैं, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल रहा है।स्वास्थ्य सुविधाएं को लेकर गंभीरता से लेते हुए अतरिक्त 108 संजीवनी एक्सप्रेस,शव वाहन की व्यवस्था कराई गई।जिससे जिले वासियों को लाभ मिल रहा है।

सड़कें बनी प्रगति का आधार — कनेक्टिविटी में आई तेज़ी

जिले में सड़कों का जाल बिछाने करोड़ों की राशि स्वीकृत हुई।
सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों से गांव–कस्बों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हुई।पहले दुर्गम माने जाने वाले कई क्षेत्रों तक पक्की सड़कों का विस्तार हुआ है।जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधाएं मिल रही है।

विद्युत व्यवस्था सुचारू — उपकेंद्रों से मिली नई ऊर्जा

जिले में कई नए विद्युत उपकेंद्रों की मंजूरी ने बिजली व्यवस्था को नई मजबूती दी है।इससे लो वोल्टेज की समस्या समाप्त होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।गांवों तक रोशनी पहुंचाने के लिए ट्रांसफार्मर और लाइन सुधार कार्य लगातार जारी हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार — युवाओं के लिए नए अवसर

जशपुर को शिक्षा जगत में भी महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं।
जिले को दो नए महाविद्यालय की मंजूरी मिली है, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।स्कूलों में अधोसंरचना विकास, छात्रावास भवनों के निर्माण और स्मार्ट क्लास सुविधाओं के विस्तार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया है।

पर्यटन विकास को मिली गति — जशपुर की पहचान मजबूत

प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए पर्यटन मद में विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
पर्यटक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पहुँच मार्ग सुधार से जशपुर पर्यटन के नए मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।


सिंचाई परियोजनाओं से खेतों में आई हरियाली

किसानों की मांग को देखते हुए जिले।के कई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है,नलकूप खनन, सिंचाई योजनाएँ, एनीकट और तालाबों के निर्माण से खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसान अधिक लाभ कमा सकेंगे।जिससे किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे।

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गिनाबहार-टुकुपानी प्राथमिक शाला मार्ग खस्ताहाल, बच्चों की जिंदगी पर मंडरा रहा खतरा,सुशासन शिविर में ग्रामीणों ने सड़क व बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग की

नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025 — कुनकुरी ब्लाक के ग्राम पंचायत गिनाबहार के टुकुपानी में प्राथमिक शाला तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़े हुए रास्ते और बरसात के मौसम में कीचड़ से भरा मार्ग छोटे छोटे बच्चों और शिक्षकों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के द्वारा पंचायत में कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक सड़क की मरम्मत तक नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है।

छोटे बच्चों और शिक्षकों को भारी मशक्कत

टुकुपानी में तालाब से प्राथमिक शाला तक कच्ची सड़क है। इस सड़क से होकर गुजरना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं लगता।स्कूल के बच्चे रोजाना गड्ढों और फिसलन भरी सड़क को जूझकर स्कूल पहुंचते हैं। कई बार बच्चे गिर जाते हैं, कपड़े-काॅपियां गंदी हो जाती हैं।ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में सड़क पर चलना बेहद कठिन हो जाता है और समय पर स्कूल पहुंच पाना बच्चों के लिए चुनौती बन जाता है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि “पिछले कई वर्षों से सड़क का हाल जस का तस है। पंचायत में बार-बार गुहार लगाने पर भी सिर्फ आश्वासन मिला, काम नहीं।”

स्कूल में बाउंड्रीवाल भी नहीं, सुरक्षा पर खतरा

सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल तक नहीं है। इससे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।अभिभावकों का कहना है कि बिना बाउंड्री के छोटे बच्चों के लिए कई तरह के खतरे बने रहते हैं—अवारा पशु, राह चलते वाहन और बाहरी लोगों की आवाजाही से बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।

सुशासन शिविर में उठा मुद्दा

कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर टुकुपानी में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया, ताकि ग्रामीण अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन के सामने रख सकें।शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। ग्रामवासियों ने लिखित आवेदन देकर सीसी रोड निर्माण तथा स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण की जोरदार मांग की।शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और अभिभावकों ने खुलकर अपनी समस्याएँ रखते हुए बताया कि सड़क की खस्ता हालत उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है। 

टुकुपानी प्राथमिक शाला की बदहाल सड़क और बाउंड्री वॉल पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती साय ने जताई गहरी चिंता

सुशासन शिविर के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने टुकुपानी प्राथमिक शाला से संबंधित मूलभूत समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन में उन्होंने स्कूल तक पहुँचने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत तथा विद्यालय में बाउंड्री वॉल के अब तक निर्माण न होने को अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।श्रीमती साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क सुधार कार्य और बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में तत्काल पहल करने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीणों को उम्मीद—क्या इस बार मिलेगी राहत?

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन पर टिकी है। सभी की चिंता यही है कि क्या इस बार उनके आवेदन पर गंभीरता से काम होगा या फिर पहले की तरह आवेदन ठंडे बस्ते में चली जाएँगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

      ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के हित में इस मार्ग को प्राथमिकता में शामिल कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए

मिट्टी मुरम सड़क निर्मित है, बरसात के कारण सड़क खराब हुई है।सड़क 16 वें वित्त की राशि प्राप्त नहीं हुई है प्राप्त होने पर सड़क मरम्मत कराई जाएगी।

                                           श्री प्रमोद सिंह

                                       जनपद सीईओ- कुनकुरी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ,आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है - मुख्यमंत्री 

रायपुर 11 दिसंबर 2025/आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है....आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।
संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सुश्री तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं - यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।

कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक*

बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।

इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था - जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।

संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी,किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

रायपुर, 11 दिसंबर 2025/
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं।

जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है।

*कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति*

कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं।

*टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी*

टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।

*अवैध परिवहन पर सख्ती*

प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है।

*फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण*

धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।

*कृषक श्रेणीवार प्रगति*

जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा।

*कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी*

कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

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गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं: मुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर 11 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान श्रीराम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला का दर्शन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

*140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। 

*जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

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पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने वाटरशेड महोत्सव का किया शुभारंभ,

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/* प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जलग्रहण विकास घटक अंतर्गत जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों के प्रति जन जागरूकता एवं योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने हेतु पत्थलगांव  विकासखण्ड के ग्राम ईला में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन विगत दिवस किया गया।
       वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा दीप प्रज्जवलित का किया गया। कार्यक्रम में  जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए वनवासी सेवा मण्डल पूर्व माध्यमिक शाला एवं परियोजना क्षेत्र के अन्य स्कूलो के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों  का प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही  निबंध लेखन, रंगोली, स्लोगन व नारा लेखन आदि प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं ने जल संरक्षण के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम के एक दिवस पूर्व  ग्राम ईला के लांजियानाला में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बोरी-बधान का कार्य  किया गया। 
          विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा जलग्रहण समिति गोढ़ीकला एवं करमीटिकरा में जलग्रहण विकास घटक अंतर्गत निर्मित स्टापडेम निर्माण कार्यों का लाकार्पण एवं जलग्रहण समिति ईला व अन्य जलग्रहण समितियों में स्वीकृत कार्यों का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती साय ने अपने उद्बोधन में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को जल एवं मृदा संरक्षण का महत्व के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने इस योजना के माध्यम से कृषकों के प्रगति एवं अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया। इस दौरान विधायक ने जलग्रहण मार्गदर्शको को शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया, साथ ही  विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में पानी की पाठशाला कार्यक्रम अन्तर्गत हर्षा ट्रस्ट के रिसोर्स पर्सन श्री रवि अरोरा ने जल की उपयोगिता एवं कृषि के परिदृश्य में आवश्यकता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
           कार्यक्रम के अंत में परियोजना अधिकारी श्री राकेश कुमार पैकरा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधि, अतिथियों एवं कृषकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। वाटरशेड महोत्सव कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री हंसलाल सिदार सभापति कृषि स्थायी समिति, जनपद सदस्य श्री वेदराम सिदार, श्रीमती संतोषी भारद्वाज, सरपंच श्रीमति सम्पति नाग, श्री अंकित बंसल, श्री हेमन्त बंजारा, श्रीमती मायावती लकड़ा, श्री प्रयाग राज सिदार, श्रीमती हीरावती पोर्ते एवं अन्य 05 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं परियोजना अधिकारी श्री राकेश कुमार पैंकरा, जिले से तकनीकी विशेषज्ञ श्री नयन रंजन बेहरा, हर्षा ट्रस्ट से उपस्थित प्रशिक्षक, कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, डब्ल्यू.डी.टी. सदस्य एवं जलग्रहण सचिव की उपस्थित में सम्पन्न हुआ।

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जिला प्रशासन का अवैध धान पर कड़ी कार्रवाई जारी,किसानों से अपील : अवैध धान परिवहन रोकने में प्रशासन का करें सहयोग

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जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ जिले में कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में अवैध धान परिवहन और संग्रहण के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान लगातार प्रभावी सिद्ध हो रहा है। सहायक कलेक्टर श्री अशोक अनिकेत ने बताया कि जिला प्रशासन, खाद्य विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा किए जा रहे सतत् प्रयासों के तहत अब तक 1500 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि लोदाम, जशपुर, कुनकुरी, पंडरीपानी, फरसाबहार तथा अन्य क्षेत्रों में की गई कार्यवाहियों में कुल 1508 क्विंटल अवैध धान पकड़ा गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब परिवहन कर रहे वाहनों के पास आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। जब्त धान को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण तैयार किया गया है। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।


*चार बैरियर पर कड़ी निगरानी – सीसीटीवी से 24×7 मॉनिटरिंग*-

सहायक कलेक्टर श्री अशोक अनिकेत ने बताया कि अवैध धान परिवहन की गतिविधियों को रोकने जिला प्रशासन ने साइटांगरटोली, पीड़ी, सकरडेगा और बालमंडा चार प्रमुख बैरियरों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। वाहनों की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे झारखंड और ओडिशा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध धान प्रवेश न कर सके। किसी भी वाहन में अवैध परिवहन पाए जाने पर तत्काल जप्ती की कार्रवाई की जा रही है तथा वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।

*टोकन का भौतिक सत्यापन—अनियमितता पर तुरंत निरस्तीकरण* -

खरीदी केंद्रों में जारी टोकन का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। सत्यापन में निर्धारित मात्रा से कम या अनियमित धान पाए जाने पर संबंधित टोकन निरस्त किए जा रहे हैं, ताकि केवल वास्तविक किसान को ही खरीदी का लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि सही किसान का धान ही सहकारी समिति तक पहुँचे, यही शासन की मंशा है। जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि बिचौलियों तथा अवैध कारोबारी तत्वों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। सभी किसानों से अपील की गई है कि वे जागरूक रहें, प्रशासन का सहयोग करें तथा कहीं भी अवैध भंडारण या परिवहन की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें, ताकि पंजीकृत किसान सुचारू रूप से अपना धान समितियों में बेच सकें।

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पत्थलगांव में सड़क और अवसंरचना कार्यों की व्यापक समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास  ने विगत दिवस जनपद पंचायत कार्यालय पत्थलगांव में विभिन्न विभागीय निर्माण एवं विकास कार्यों के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में पत्थलगांव क्षेत्र में चल रहे प्रगतिरत, अप्रारम्भ तथा स्वीकृत कार्यों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। विधायक एवं कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाना आवश्यक है। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, विश्राम गृह भवन, भवन निर्माण सहित सभी अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को गंभीरता पूर्वक प्राथमिकता में लेते हुए शीघ्रता से पूरा करें। जनसुविधाओं को प्रभावित करने वाले किसी भी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। शहरी विकास विभाग द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार तथा अन्य नगर विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभागों के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबे समय से लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और बाधाओं का त्वरित निराकरण किया जाए। इस दौरान बैठक में एसडीएम श्री ऋतुराज बिसेन सहित संबंधित निर्माण एवं विकास विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

     बैठक में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत नगर पालिका पत्थलगांव में प्रस्तावित सभागार, इंडोर स्टेडियम, गौरव पथ सहित अन्य विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अप्रारम्भ कार्यों को तुरंत प्रारम्भ करने तथा लंबित कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृतियां, निविदा प्रक्रिया और मैदान स्तर की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। शासन स्तर पर लंबित मामलों को उच्च विभागों से समन्वय कर शीघ्र निपटाने पर भी बल दिया गया। आदिवासी विकास विभाग द्वारा छात्रावासों से संबंधित निर्माण व सुधार कार्यों की अद्यतन जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। विधायक श्रीमती गोमती साय ने निर्देशित किया कि छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं का उन्नयन प्राथमिकता में रखा जाए और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं विधायक श्रीमती गोमती साय ने पुनः स्पष्ट किया कि पत्थलगांव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी विभाग सक्रियता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक परियोजना का नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण एवं प्रगति मूल्यांकन अनिवार्य रूप से किया जाए।

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पंडरीपानी के सुखबासुपारा में नल जल योजना संचालित करने नवीन स्त्रोत विकसित करने का किया जा रहा है सार्थक प्रयास

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड जशपुर के कार्यपालन अभियंता  से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंडरीपानी के सुखबासुपारा में नल जल योजना ठप, पानी टंकी बनी सो पीस के संबंध में लेख कर बताया गया है कि योजना एक सफल स्त्रोत से संचालित थी। परन्तु रोड़ चौड़ीकरण पश्चात् बोर पम्प फट जाने के कारण स्थापित पम्प बोर में फंस गया है। जिसे निकालने का प्रयास विभाग द्वारा किया गया परन्तु नहीं निकल पाया है। नवीन स्त्रोत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
           दो साल बाद भी नहीं लगी बोरिंग, तमता बस्ति पारा में पेयजल संकट गहराया के संबंध में  विभाग द्वारा बताया गया कि यह नलकूप जिला पंचायत निधि द्वारा डेढ़ वर्ष पूर्व खनन किया गया है। जल आवक क्षमता कम होने के कारण हैंडपम्प स्थापित नहीं किया गया था। वर्तमान में सिपेज वाटर संग्रहित है। जिसमें पंचायत द्वारा हैंडपम्प लगाने हेतु अवगत कराया गया है।

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गिनाबहार के टुकुपानी में हुआ सुशासन शिविर का आयोजन,शासन की योजनाओं का लाभ लेने हितग्राहियों को किया गया प्रेरित...अधिकारी अगर बात नही सुनते है तो जनता जनप्रतिनिधियों को बताएं-श्रीमती सुशीला साय

कुनकुरी/नारायणपुर 11 दिसम्बर 2025 

छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास के दिशा निर्देश पर जनपद पंचायत कुनकुरी के ग्राम पंचायत गिनाबहार के टुकुपानी में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम गिनाबहार सहित अन्य गांव के ग्रामीणों की शिकायतों एवं मांगों से संबंधित आवेदनों को लिया गया।

     शिविर में उपस्थित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों का वाचन  किया गया।शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। सभी विभागों द्वारा लगाए गए सूचनात्मक स्टॉलों का जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अवलोकन किया, जहाँ अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। सुशासन शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों को संकलित किया गया है, जिनका शीघ्र निराकरण करने की प्रक्रिया जारी है। कृषि विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को सरसों का बीज वितरण किया गया

  सुशासन शिविर के तहत गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उनका लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने कहा कि गिनाबहार में आयोजित यह शिविर जनता की समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए गंभीरता से प्रयासरत हैं।

     जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुदूर क्षेत्रों में लगे इस शिविर से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि गैस कनेक्शन, महतारी योजना, सहित सभी योजनाओं का लाभ अवश्य लें। उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे फलदार पौधे लगाने की भी अपील की।उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाएँ प्रदान कर रही है, लेकिन लाभ लेने वालों की संख्या कम है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय रूप से योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। सुशीला साय ने ग्राम सभा में उपस्थित रहने, समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने तथा मतदाता सूची में नाम जोड़वाने की बात भी कही।उन्होंने कहा कि बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखने की अपील की। सुशीला साय ने जानकारी दी कि 1 दिसंबर से बिजली बिल हाफ योजना दोबारा शुरू होने जा रही है, 

टुकुपानी में लगा सुशासन शिविर में मिले 150 आवेदन

सुशासन शिविर में जनपद पंचायत के सीईओ ने संबोधित करते हुए बताया कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर में अब तक कुल 150 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें उज्ज्वला गैस कनेक्शन, पौती, तथा अन्य राजस्व एवं जनकल्याण से संबंधित आवेदन शामिल हैं। सभी आवेदनों का नियम अनुसार परीक्षण कर त्वरित समाधान किया जाएगा।

“शिविर केवल आवेदन लेने का माध्यम नहीं”—सीईओ

सीईओ ने कहा कि लोगों में यह गलत धारणा बनी रहती है कि ऐसे शिविरों में केवल आवेदन लिए जाते हैं और कार्यवाही नहीं होती। यह पूरी तरह गलत है। सभी आवेदनों का नियमानुसार अवलोकन कर कार्रवाई की जाती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, सभी कार्य नियमों से होना है, इसलिए किसी भी प्रकार का नियम-विरुद्ध कार्य संभव नहीं है।अंत में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे प्रशासन पर विश्वास बनाए रखें और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।

      शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मलिता बाई, अनिता सिंह, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, जनपद सदस्य अभिनन्द खलखो, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, महामंत्री शंकर यादव, असलम आजाद, तथा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सनीता पैंकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बंदकोना की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती अब मुख्यधारा से जुड़ी: प्रधानमंत्री जनमन योजना ने खोला विकास का मार्ग

 

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में दूरदराज़, आदिवासी अथवा पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, बुनियादी अधोसंरचना का विकास करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उदेदश्य से उन जिलों और क्षेत्रों को चिन्हांकन कर जहाँ सड़क, संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् लोगों के लिए बुनियादी सुविधाए उपलब्ध कराई जा रही है।
विशेष रूप से उन ग्रामीण और आदिवासी पिछड़े इलाकों में जहाँ विकास और संपर्क की कमी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत राज्य शासन और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों में कार्य किया जा रहा है।  
          इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित बंदकोना में मुख्य मार्ग से बस्ती के मध्य 1.7 किमी सड़क बनाई गई है जिसकी लागत 1.23 करोड़ है। गाँव की जनसंख्या 115 है। इस सड़क से बस्ती अब समाज की मुख्य धारा से जुड़ गई है। बाजार, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी, सोसाइटी, ग्राम पंचायत आदि सुविधाएँ अब आसान से पहुँच पा रहे है। एम्बुलेंस व मालवाहक वाहन अब बस्ती तक पहुँच रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ अब हितग्राहियों तक शीघ्र पहुँच रही हैं। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं गाँव में पहुंच रही हैं। योजना के तहत् बुनियादी सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिए है।
            
विदित हो कि प्रधानमंत्री जन‑मन योजना के तहत सड़क और अन्य आधारभूत ढांचा, निर्माण का प्रावधान है। विशेष रूप से उन ग्रामीण ,आदिवासी  पिछड़े इलाकों में जहाँ विकास व संपर्क की कमी है। इस योजना में उन जिलों व क्षेत्रों को चुना जाता है जहाँ सड़क, संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। योजना के तहत शामिल किया गया है, और उन इलाकों में पक्के घर, पानी, सड़क आदि सुविधाओं के निर्माण का प्रावधान हुआ है। इन सड़कों का उद्देश्य उन दूरदराज़, आदिवासी अथवा पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है। ताकि लोग आसानी से बाज़ार, स्कूल, अस्पताल, प्रशासन आदि तक पहुँच सकें। योजना का लक्ष्य बुनियादी अधोसंरचना सड़क, पुल, संपर्क सुधार कर सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

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10 वर्षीय शिवा चौहान के परिवार को मुख्यमंत्री बगिया कैंप कार्यालय के माध्यम से मुआवजा मिला,मुख्यमंत्री को जताया आभार

जशपुरनगर  जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील अंतर्गत पोंगरो निवासी पीताम्बर चौहान के परिवार पर 4 वर्ष पहले दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उनका 10 वर्षीय मासूम पुत्र शिवा चौहान आंगनबाड़ी केंद्र के पास खेलते समय विद्युत तार की चपेट में आ गया था। करंट लगने से हुई इस दर्दनाक घटना में छोटी सी उम्र में शिवा की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।घटना के बाद से परिवार लगातार मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर काटते रहा, लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। निराश और परेशान परिजनों ने आखिरकार सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और संवेदनशीलता का परिणाम यह हुआ कि विद्युत विभाग ने प्रकरण की विस्तृत जांच कर मुआवजा स्वीकृत किया।आज मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। चेक प्राप्त करते समय परिवार के चेहरे पर वर्षों बाद राहत के भाव दिखाई दिए।परिजनों ने भावुक होते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि—“चार साल से हम दर–दर भटकते रहे, लेकिन बगिया कैंप कार्यालय ने हमारी पुकार सुनी और हमें न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री जी का हम जीवनभर आभार मानेंगे।”
यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता की समस्याओं का सबसे तेज़ और भरोसेमंद समाधान केंद्र बन चुका है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिल रही समयबद्ध सहायता ने कई पीड़ित परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है, और शिवा चौहान के परिवार को मिली यह राहत उसी श्रृंखला का एक सशक्त उदाहरण ।

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राष्ट्र निर्माण में आदिवासी शहीदों का योगदान अनुपम: मुख्यमंत्री श्री साय. “शहीद वीर नारायण सिंह को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि,कर्रेझर  में 71.93 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण”


                 
 रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।  

 मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं श्री गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है। 

 इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है। 

इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार श्रीमती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं श्री मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।

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मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल,101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर 10 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू: ग्रामीण–शहरी भूमि मूल्य का वैज्ञानिक युक्तिकरण, निवेश को मिलेगी गति

रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए भूमि की नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक के निर्देश पर केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं। वर्ष 2019-20 के बाद छह वर्ष के अंतराल पर किया गया यह पुनरीक्षण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए व्यापक एवं जनहितैषी सुधार लेकर आया है।

नई गाइडलाइन दरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य को परिलक्षित करना तथा वर्षों से चली आ रही दरों की विसंगतियों को दूर करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग पर औसतन 109 प्रतिशत और मुख्य मार्ग से अंदर औसतन 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अचानक बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि विभिन्न ग्रामों के बीच दरों के वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन का परिणाम है।

बलरामपुर जिले में कई ऐसे गांव सामने आए हैं जहाँ पूर्व गाइडलाइन की दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम थीं। उदाहरण स्वरूप वर्ष 2019-20 में ग्राम ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 6,28,677 रुपये प्रति हेक्टेयर था, जबकि समीपस्थ ग्राम आरागाही का दर 34,27,200 रुपये प्रति हेक्टेयर था। दोनों गांव एनएच-343 के समीप स्थित हैं। दरों के युक्तिकरण के बाद ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 51,52,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया, जिससे 719 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, कई अन्य ग्रामों में भी दरों में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि रिकार्ड की गई है।

ग्राम लूरघुट्टा में मुख्य मार्ग पर 711 प्रतिशत एवं अंदर की ओर 413 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। इसी प्रकार ग्राम नावाडीह में मुख्य मार्ग पर 568 प्रतिशत तथा अंदर 326 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दोनों ही गांव एनएच-343 से लगे हुए हैं और तातापानी जैसे पर्यटन एवं व्यवसायिक क्षेत्र के समीप स्थित होने के कारण निवेश की संभावनाओं को देखते हुए दरों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक था।

ग्राम भवानीपुर में भी मुख्य मार्ग पर 554 प्रतिशत तथा अंदर 411 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह गांव निवेश क्षेत्र में आता है तथा वर्ष 2019-20 में इसका बाजार मूल्य समीपस्थ ग्राम नवाडीह खूर्द की तुलना में काफी कम था। दोनों गांवों का रेशनलाइजेशन करने पर यह वृद्धि स्वाभाविक रूप से सामने आई है। इसी तरह, रामचन्द्रपुर, जो विकासखण्ड मुख्यालय है तथा स्टेट हाईवे से होकर गुजरता है, वहां भी मुख्य मार्ग पर बाजार मूल्य में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। यहां सर्वे दर भी प्रति हेक्टेयर 42,45,000 रुपये होने के कारण मूल्य संशोधन आवश्यक था।

शहरी क्षेत्रों में भी इस वर्ष गाइडलाइन दरों का व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। बलरामपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में मुख्य मार्ग तथा अंदरूनी क्षेत्रों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बलरामपुर नगर में अधिकांश वार्ड NH-343 से लगे हुए हैं। वर्ष 2019-20 में कई वार्डों में एक ही मार्ग पर बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पाया गया था, जो स्पष्ट रूप से विसंगतिपूर्ण था। इस विसंगति को दूर करने के लिए नगर पालिका एवं संबंधित हल्का पटवारियों द्वारा नए परिसीमन के आधार पर वार्डवार गाइडलाइन दरों का पुनर्निर्धारण किया गया।

उदाहरणस्वरूप, वार्ड 01 (रविन्द्र प्रताप सिंह वार्ड) में प्रति वर्गमीटर दर 5740 रुपये था, जबकि इसी मुख्य मार्ग पर स्थित वार्ड 03 में यह दर मात्र 1830 रुपये प्रति वर्गमीटर था। नई गाइडलाइन में इन त्रुटियों को पूरी तरह दूर कर दोनों वार्डों की दरों को वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप बनाया गया है।

पिछले पाँच वर्षों में बढ़ती जनसंख्या, आवासीय भूखंडों की बढ़ती मांग, व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार और शहरीकरण के तेज़ी से बढ़ते असर को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में दरों के पुनरीक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारियों, पटवारियों और गूगल मैप के आधार पर वार्डवार नई कण्डिकाएँ तैयार की गईं।

नगरीय क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषकर बलरामपुर नगर में बढ़ती आबादी, नए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के कारण बाजार मूल्य में स्वाभाविक बढ़ोतरी हुई, जो अब गाइडलाइन दरों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई गाइडलाइन दरें छत्तीसगढ़ के भूमि बाजार को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और निवेश-अनुकूल बनाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय सही मुआवजा मिलेगा, वहीं शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास को गति मिलेगी। भूमि मूल्य का यह वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन राज्य के समग्र आर्थिक विकास को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार,ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। 

सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप संस्कृति को नई उड़ान: टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड का सफल आयोजन, युवाओं को मिला वैश्विक मंच

रायपुर,10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ में युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत आधार देने की दिशा में धमतरी जिले ने ऐतिहासिक पहल की है। विश्वस्तरीय स्टार्टअप एक्सीलरेटर टेकस्टार्स के सहयोग से जिला प्रशासन धमतरी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 28 से 30 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड धमतरी का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन पहली बार प्रदेश के किसी गैर-महानगरीय जिले में आयोजित हुआ, जिसने धमतरी को उभरते स्टार्टअप हब के रूप में नई पहचान दिलाई है।

स्टार्टअप वीकेंड में 100 से अधिक युवा प्रतिभागियों, 50 संभावित स्टार्टअप टीमों, 20 अनुभवी मेंटर्स और 10 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को 54 घंटों तक सतत कार्य करते हुए अपने विचारों को निवेश योग्य मॉडल में बदलने, बिजनेस मॉडल बनाने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, पिच डेक निर्माण और स्केलिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

मेंटर्स ने टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-इनोवेशन, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, पर्यटन, डिजिटलीकरण और एंटरटेनमेंट सेक्टर के स्टार्टअप आइडियाज पर विशेष मार्गदर्शन दिया। कई अभिनव विचार निवेशकों की विशेष रुचि का केंद्र बने।

*जिला प्रशासन की पहल—धमतरी को स्टार्टअप मैप पर स्थापित करने का लक्ष्य*

जिला कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आयोजन को धमतरी के नवाचार तंत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि हमारा  उद्देश्य है कि धमतरी के युवाओं को बड़े शहरों जैसी सभी स्टार्टअप सुविधाएँ और अवसर यहीं मिलें। स्टार्टअप वीकेंड ने सिद्ध किया कि यहां के युवा न केवल रचनात्मक हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। यह आयोजन आगे भी प्रत्येक वर्ष जारी रहेगा, जिससे जिले में उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित होगा 

एआईसी महिंद्रा के सीईओ और कार्यक्रम फैसिलिटेटर श्री इस्माइल अकबानी ने इसे छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित स्टार्टअप वीकेंड बताया।

*ग्लोबल एक्सीलरेटर टेकस्टार्स से स्थानीय प्रतिभाओं को लाभ*

टेकस्टार्स के बारे में जानकारी देते हुए विकासगढ़ के संस्थापक श्री मेराज मीर ने बताया कि 2006 से विश्वभर में स्टार्टअप्स को गति देने वाले इस प्लेटफॉर्म की विशेषज्ञता अब सीधे धमतरी के युवाओं तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें व्यापक नेटवर्किंग और निवेश अवसर मिलेंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि   स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने के लिए धमतरी में आगे भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहेंगे। इससे युवाओं को निरंतर मेंटरशिप, फंडिंग एक्सपोज़र और बिजनेस नेटवर्क प्राप्त होंगे।

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