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स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष पर   ग्राम पंचायत कुनकुरी में स्वच्छता संकल्प कार्यक्रम का किया गया आयोजन 

जशपुर 26 अक्टूबर 2025 /स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष 2025-26 के उपलक्ष्य में जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुनकुरी में आज स्वच्छता संकल्प कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता रैली, स्वच्छता श्रमदान, हाथ धुलाई कार्यक्रम एवं स्वच्छाग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में श्रीमती सरिता ठाकुर, ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती क्रांति सिदार, एसआरएलएम प्रतिनिधि श्री निरन एक्का, मनरेगा तकनीकी सहायक श्री नरेन्द्र नागेश्री, तथा उप सरपंच श्री अन्प्रेस एक्का विशेष रूप से उपस्थित रहे।

स्वच्छता रैली के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्लास्टिक मुक्त ग्राम के लिए प्रेरित किया गया। हाथ धुलाई कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के तरीके समझाए गए। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में स्वच्छाग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सरपंच क्रांति सिदार ने कहा कि 'स्वच्छता केवल सफाई का कार्य नहीं, बल्कि यह स्वस्थ समाज और उज्जवल भविष्य की नींव है। वहीं सरिता ठाकुर ने सभी ग्रामवासियों से अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

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जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच प्रकृति और सुंदर झरनों का आनंद लेने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानीदाह का भ्रमण जरूर करें 

जशपुर 26 अक्टूबर 25/छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं। बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।

रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी, रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं। जब उसके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” कहा जाता है कि झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।

पर्यटकों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत और मनोरम पिकनिक स्थल है।

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कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर किया आत्मसमर्पण,माओवादी विचारधारा का खात्मा, बस्तर में हो रही शांति की स्थापना — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में माओवाद की समाप्ति अब  वास्तविकता बनने की ओर अग्रसर है। “पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी जनोन्मुख पहल ने बस्तर में शांति और विश्वास की नई बयार बहा दी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जो प्रदेश में चल रही “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद की झूठी और भ्रामक विचारधारा से भटके युवा अब समझने लगे हैं कि बंदूक नहीं, विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प है। सरकार इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, पुनर्प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्संस्थापन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़कर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है। यही कारण है कि अब माओवादी संगठन तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं और बड़ी संख्या में हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति को स्वीकार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में अब नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और क्षेत्र तेजी से शांति, विकास और सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलमुक्त बनाना है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से अग्रसर है।

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मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय

प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाली अनोखी पहल ‘गार्बेज कैफे’ को देशभर में मिली पहचान

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा – नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक मुक्त संकल्प से बदली शहर की तस्वीर

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।

श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा

‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल....सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता – सीएम श्री साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा  कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर  उपस्थित थे।

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रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में बस्तर ओलंपिक 2025 का किया शुभारंभ


 
 रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में  शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। 
      इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी। उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। 
    इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे। 
     इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी श्री रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
     उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

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मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल....कहा पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान

रायपुर 25 अक्टूबर 2025/पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने  नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जशपुर जम्बुरी का होगा आयोजन :   लोक संस्कृति लोक नृत्य पारंपरिक त्योहार को भी नजदीक से जानने का मिलेगा अवसर 

जशपुर 25 अक्टूबर 25/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के  निर्देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जशपुर में आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक  ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ का आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें प्रदेश और देशभर से आए पर्यटक जशपुर की प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे जशपुर के जनजाति संस्कृति,रहन सहन,खान पान और उनकी जीवन शैली को जान सकेंगे 

चार दिन का उत्सव में जशपुर के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा इसके साथ ही जनजातीय  संस्कृति,लोक त्यौहार, लोक नृत्य को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।

हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच
इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे।

कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद
फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव
प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।

खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स
रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।

लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल

हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। 

‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी औरआदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।

जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है। 

इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।

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जशपुर एसडीएम ने छठ पूजा की तैयारी के सबंध में छठ समितियों के सदस्यों के साथ बैठक ली

जशपुर 25 अक्टूबर 25/जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के एवं सी.एस.परमा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जशपुर की उपस्थिति में आज शनिवार को एसडीएम कार्यालय में समिति सदस्यों की  बैठक आयोजित किया गया। जिसमें 25 से 28 अक्टूबर तक जशपुर में होने वाले छठ पूजा के संबंध में घाटों की साफ-सफाई, ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई जिसमें भास्कर छठ पूजा समिति के अध्यक्ष श्री विद्या भूषण पाठक एवं श्री जयंत सोनी एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

     भास्कर छठ पूजा समिति द्वारा अवगत कराया गया कि लाईट एवं सी.सी.टी.वी. तथा छठ घाट में पूजा पंडाल समीप हेल्प डेस्क हेतु पंडाल की व्यवस्था समिति द्वारा किया जावेगा। ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा किया जावेगा। नगर सेना का दल गोताखोर एवं नांव सहित लगातार गस्त करते रहेंगे। एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टीम छठ घाटों में उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं देंगे। पूजा के दौरान समिति के स्वयं सेवक सतर्कता रखते हुए कार्य में सहयोग करेंगे। विद्युत विभाग को भी निर्देशित किया गया कि छठ घाटों में अनवरक एवं निर्वात विद्युत व्यवस्था बनाये रखें। दिनांक 27.10.2025 को दोपहर 02:00 से रात्रि 07:00 तक एवं 28.10.2025 को प्रातः 03:00 से 09:00 तक कदमटोली मार्ग पर वाहनों का आवागमन निषेधित रहेगा।

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महतारी वंदन और आवास योजना बनीं ग्रामीण महिला की ताकत,पीएम आवास से साकार हुआ पक्के घर का सपना

जशपुर 25 अक्टूबर 25/ जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सन्ना गांव की रहने वाली श्रीमती महंती बेक का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की राह पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में जीवन बिताने वाली महंती बेक अब अपने नए पक्के घर की दीवारें खड़ी होते देख खुश हैं।

महंती बेक बताती हैं कि “हमारा जीवन कठिनाइयों से भरा रहा। मैं और मेरे पति रोज़ मजदूरी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं। दो छोटे बच्चों की परवरिश के साथ पक्का घर बनाना हमारे लिए एक सपना ही था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना पूरा कर दिया।”

वे बताती हैं कि इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता मिली, जिससे घर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ा। सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की भावना दी है।

महंती बेक आगे कहती हैं कि “महतारी वंदन योजना के माध्यम से मुझे ₹1000 प्रतिमाह की सहायता मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब खाना पकाने में आसानी होती है।”

महंती बेक कहती हैं — “पहले बरसात में छत टपकती थी, सर्दी में हवा अंदर आती थी, गर्मी में मिट्टी की दीवारें झुलसाती थीं। अब जल्द ही हम अपने नए पक्के घर में रहेंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने हम गरीबों के लिए घर का सपना साकार किया।”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल....छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती का मार्ग हुआ प्रशस्त

रायपुर 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। 

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।" - वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

"शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।" -

                    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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सड़क दुर्घटना में घायलों को मिली एलएस एंबुलेंस की सहायता, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपलब्ध कराई है यह सुविधा, सड़क दुर्घटना में घायलों का बना जीवन रक्षक......

जशपुरनगर 24 अक्टूबर 2025 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कुनकुरीवासियों को उपलब्ध कराया गया एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एंबुलेंस में गंभीर रूप से घायल हुए मरीजों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचने में सहायता मिल रही है। गुरूवार की शाम लगभग पौने 7 बजे कुनकुरी के सलियाटोली के पास दो बाइक के मध्य हुई सीधी भिड़ंत में दोनों बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही संजीवनी एंबुलेंस के जिला प्रबंधक दीपक साहू स्वयं एएलएस और एक संजीवनी एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए राजेश गुप्ता को एएलएस एंबुलेंस मे लाईफ स्पोर्ट सिस्टम की सहायता से अस्पताल तक पहुंचाया गया। वहीं समान्य रूप से घायल बाइक चालक को संजीवनी एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया। घायलों  के परीक्षण व प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल राजेश गुप्ता को बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर कर दिया है। वहीं दूसरे घायल का उपचार हालीक्रास अस्पताल में जारी है। 
ट्रामा वैन से एडवांस है एएलएस एंबुलेंस -
   संजीवनी एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक दीपक साहू ने बताया कि एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस एक तरह से चलता हुआ आईसीयू है। उन्होनें बताया कि इस एंबुलेंस में कार्डियक मानिटर लगा होता है। इसमें मरीज के हार्ट बीट और प्लस रेट की निगरानी की जाती है। इसके साथ ही डी फबुलेटर की सुविधा भी इसमें दी गई है। इस मेडिकल इक्यूपमेंट का उपयोग गंभीर मरीज की जान बचाने झटका देने के लिए किया जाता है। आईसीयू की तरह इन्फ्यूजन पंप की सुविधा भी है। इसका उपयोग घायल मरीज को अस्पताल पहुंचने तक विशिष्ट रूप से दवा देने के लिए किया जाता है। जिले में अगस्त 2024 से दो एएलएस एंबुलेंस घायलों की जान बचाने के लिए सेवा दे रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एक एएलएस एंबुलेंस कुनकुरी और एक जशपुर के जिला चिकित्सालय में तैनात किया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर,जशपुर सहित 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।


"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।" - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" - वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

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विद्यार्थियों के हित में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की विशेष पहल : मानसिक तनाव को दूर करने हेल्पलाइन सेवा हुआ जारी

रायपुर, 24 अक्टूबर 2025 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने हेतु एक विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जा रही है। देश में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए मण्डल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है l इस हेल्पलाइन से विद्यार्थी अपने मानसिक तनाव, घबराहट या अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।
           यह हेल्पलाइन सेवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय, रायपुर में संचालित की जाएगी। विद्यार्थी टोल फ्री नम्बर 1800-233-4363 पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस सेवा का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2025 से किया जा रहा है। इस अवधि में योग्य मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
           छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल का यह प्रयास विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय एवं सकारात्मक पहल है।

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जशपुर जिले को मुख्यमंत्री ने दी और एक बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण व पुलिया निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी,


जशपुरनगर 24 अक्टूबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।

  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।

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आदिवासियों के 14 विद्रोहों और जंगल सत्याग्रह एवं झंडा सत्याग्रह के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन...राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण


रायपुर, 24 अक्टूबर 2025 : 

नवा रायपुर अटल नगर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विद्रोहों पर बन रहे स्मारक सह-संग्रहालय जल्द ही लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के मौके पर देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज निर्माणाधीन संग्रहालय स्थल का निरीक्षण कर लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गौरतलब है कि राज्य सरकार इस वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के रूप में मना रहा हैं। नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण के दौरान मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आगंतुकों एवं पर्यटकों के हिसाब से संग्रहालय में आडियो-विडीयो विजुवल की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि आगंतुक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संबंध में भंलिभांति परिचित हो सके। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक स्मारक सह-संग्रहालय धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए आने वाली नई पीढ़ियों को पुरखों का याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि सभी वर्गों सहित देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणाप्रद बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस जीवंत संग्रहालय के माध्यम से लोगों में बड़ी से बड़ी ताकतों के अन्याय, अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करने का साहस पैदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि सोच का परिणाम है कि आज प्रदेश का पहला संग्रहालय है जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्य गाथा एवं बलिदान को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तावित उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति की जानकारी ली।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को संग्रहालय में निर्माणाधीन 14 गैलरियों सहित झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह, जनजातीय संस्कृतियों पर बने गैलरियों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री महादेव कावरे, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ रवि मित्तल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, टीआरटीआई संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित  अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   
वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है संग्रहालय
गौरतलब है कि यह स्मारक सह- संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारिकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत प्रस्तुति के सामने स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।  
16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय
उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे - हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।

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जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने 35 दीदियों को लखपति दीदी बनने की उपलब्धि पर किया गया सम्मानित

जशपुरनगर 24 अक्टूबर 2025/ जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली लखपति दीदियों, सरपंच गणों एवं स्वच्छग्रही दीदियों का भव्य सम्मान समारोह और एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत जशपुर के सभाकक्ष में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में सभी आठ विकासखंड से कुल 35 दीदियों को लखपति दीदी बनने की उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। उपस्थित लखपति दीदियों के साथ साथ , उत्कृष्ट कैडर , उत्कृष्ट बीसी सखी एवं अति उत्कृष्ट लखपति दीदियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानी का उद्बोधन किया । लखपति दीदियों में बबीता सिदार बीसी सखी पत्थलगांव, अनीता साहू एफएलसीआरपी कांसाबेल , बेबी गुप्ता बीसी सखी मनोरा एवं सुलेमा तिर्की  पत्थलगांव से किराना  एवं कटहल प्रसंस्करण में किए गए कार्यों की चर्चा की ।
           कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार ने की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि “बिहान मिशन ने जशपुर जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान दी है। आज हमारी लखपति दीदियाँ न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की प्रेरणा बन चुकी हैं।”
             उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के लिए वर्ष 2024 से 2027 तक 30,877 लखपति दीदियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से वर्ष 2024–25 की शुरुआत में ही 18,218 दीदियाँ एक लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आमदनी प्राप्त कर चुकी हैं, जबकि 12,659 दीदियों का लक्ष्य वर्ष 2025–26 के लिए रखा गया है। अब तक 70,079 संभावित लखपति दीदियाँ चिन्हांकित की जा चुकी हैं। इन दीदियों को सीआईएफ, बैंक लोन तथा मुद्रा लोन के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
              विशेष उल्लेखनीय है कि मुद्रा लोन की उपलब्धि में जशपुर जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। वर्ष 2025–26 में 4,330 स्व-सहायता समूहों को लगभग 102 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वर्ष 2024–25 में 5,000 समूहों को लगभग 125 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले में पशुपालन,रेशम धागा उत्पादन, मत्स्य पालन, कृषि, उद्यानिकी ,किराना व्यवसाय, उद्यमिता प्रशिक्षण, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
       खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में “जशप्योर ब्रांड” ने जिले की पहचान पूरे प्रदेश और देश में बनाई है। यह ब्रांड पैकेजिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ पाया गया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है। इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के सक्रिय सरपंचों एवं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वच्छग्रही दीदियों का भी सम्मान किया गया।
इन दीदियों ने ग्राम स्तर पर स्वच्छता, जन-जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
     मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में  कहा कि “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है। जशपुर की स्वच्छग्रही दीदियाँ इस सोच को घर-घर तक पहुँचा रही हैं।”
         कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत  के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की विशेष सराहना की गई। साथ ही बिहान जिला दल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बैंक प्रतिनिधियों को भी इस सामूहिक प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने लखपति दीदियों, सरपंचों और स्वच्छग्रही दीदियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और गर्व से ओतप्रोत रहा।

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जशपुर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, बेमिसाल हस्तशिल्प और आत्मीय आतिथ्य ने जर्मनी के मेहमानों को गहराई से किया प्रभावित 

जशपुर 24 अक्टूबर 25/ जशपुर की जनजातीय संस्कृति ने जर्मन मेहमानों को किया मंत्रमुग्ध,जशपुर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, बेमिसाल हस्तशिल्प और आत्मीय आतिथ्य ने जर्मनी से आए मेहमानों को गहराई से प्रभावित किया। श्री बर्नहार्ड और श्रीमती फ्रांजिस्का ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के तहत यहां के जनजातीय समुदायों के जीवन, कला और संस्कृति को करीब से महसूस किया।
यात्रा की शुरुआत हुई मलार समुदाय से, जो अपने सुंदर आभूषणों और हस्तनिर्मित उपयोगी वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है। बारीकी से बनाए गए ये शिल्प न केवल स्थानीय पहचान का प्रतीक हैं, बल्कि परंपरा और रचनात्मकता की गहराई को भी दर्शाते हैं। इसके बाद उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा जनजाति के जीवन शैली और रहन सहन खान पान को देखा, जहां प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीने की सीख हर पहलू में झलकती है।
         यात्रा का एक विशेष पड़ाव रहा अगरिया समुदाय, जो आज भी पारंपरिक लौह गलाने की प्राचीन तकनीक को जीवित रखे हुए हैं। धधकते भट्टों और हाथ से चलने वाले औजारों के बीच इस शिल्प की झलक ने दोनों मेहमानों को अचंभित कर दिया।

     यात्रा का समापन हुआ जशपुर के स्थानीय जनजातीय हाट बाजार में, जहां रंग-बिरंगे वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक संगीत ने जनजातीय जीवन की विविधता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
       इस अनूठे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सफल बनाने में कल्चर देवी और अनएक्सप्लोर्ड बस्तर की संयुक्त भूमिका रही। उनके सहयोग से न केवल विदेशी मेहमानों ने जशपुर की आत्मा को महसूस किया, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी अपने हुनर और संस्कृति को साझा करने का अवसर मिला।
         यह यात्रा इस बात का सशक्त प्रमाण बनी कि जशपुर की संस्कृति केवल इतिहास नहीं, बल्कि एक जीवित, सांस लेती विरासत है, जो हर आगंतुक को अपने रंगों और आत्मीयता से बाँध लेती है।

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