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कुनकुरी में मुख्यमंत्री ने विसर्जन तालाब का किया औचक निरीक्षण,व्यवस्थित और सुविधापूर्ण रूप से विकसित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित विसर्जन तालाब का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छठ महापर्व के अवसर पर तालाब में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा तालाब क्षेत्र का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब को सुसज्जित, व्यवस्थित, आकर्षक और सुविधापूर्ण रूप से विकसित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छठ पर्व जन आस्था का प्रतीक और लोक संस्कृति के संवर्धन का उत्सव है, अतः इससे जुड़े स्थलों का विकास श्रद्धा, स्वच्छता और सौंदर्य के साथ किया जाना चाहिए। योजना के तहत तालाब के चारों ओर सौंदर्यीकरण के तहत विभिन्न सुविधाएं विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हों, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को स्थायी सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने तालाब परिसर की स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह स्थान न केवल धार्मिक श्रद्धा का केन्द्र है, बल्कि कुनकुरी की लोक संस्कृति और पर्यटन दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर इसे स्वच्छ, हरित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित नागरिकगण एवं अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दर्शन कर 51 हजार तुलसी अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

जशपुरनगर 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अल सुबह कुनकुरी स्थित  भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलराम जी के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगल कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में श्री जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी द्वारा आज से 5 नवम्बर तक चलने वाले तुलसी अर्चन कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान जगन्नाथ को 51 हजार तुलसी दल अर्पित कर विशेष पूजन किया। साथ ही वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच प्रदेश की प्रगति, समरसता और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और आयोजन में शामिल श्री जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी के सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान में ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकता और भक्ति के सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने समिति को इस पावन आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों, पुजारीगण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंज उठा।

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मुख्यमंत्री श्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने कुनकुरी छठ घाट में उगते सूर्य को दिए अर्घ्य

जशपुरनगर 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व त्यौहार के अवसर पर जशपुर के कुनकुरी छठ घाट में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
        मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला।
        मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि कुनकुरी छठ घाट के लिए  लगभग 5 करोड़ 17 लाख की राशि से छठ का घाट का  सौन्दर्यकरण किया जाएगा इस वर्ष के छठ महापर्व में व्रती महिलाएं छठ घाट में पूरे श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना भी कर रही है।
        
इस अवसर पर  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित छठ पूजा करने वाली व्रती महिलाएं और जनप्रतिनिधीगण  
 और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। 
        
छठ पर्व का धार्मिक महत्व सूर्य उपासना:
सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा, और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है। छठ पूजा में सूर्य की आराधना करके श्रद्धालु उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। छठ महापर्व में व्रती (उपासक) पूरी तरह शुद्धता, और आस्था के साथ चार दिनों तक उपवास, स्नान, और पूजा करती है।छठ पूजा में समाज के सभी लोग मिलकर घाट  सजाते हैं, प्रसाद बनाते हैं और एक साथ पूजा करते हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय मथुरा साव को दी श्रद्धांजलि

   जशपुरनगर, 27 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज शाम दुलदुला पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री जगदीश गुप्ता के पिताश्री स्वर्गीय मथुरा साव के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
     मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और  शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रही।

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संस्कृति, इतिहास और अध्यात्म का संगम है सिरपुर जहां इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है  


 
 रायपुर, 27 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) केवल एक पुरातात्त्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

    सिरपुर का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। यहाँ भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष मिले हैं। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का उल्लेख अपनी यात्राओं में किया है, जिससे इसकी अंर्तराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है। यह नगर धार्मिक सहिष्णुता और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के अवशेष प्राप्त हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनी रहे। डिजिटल टूर, क्यूआर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग हो रहा है।

    सिरपुर बौद्ध, जैन और हिन्दू स्थापत्य कला का त्रिवेणी संगम है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर है जो वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। आनंदप्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र है, जहाँ चीन से आए भिक्षु रह चुके हैं। गंधेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है, जिसमें अनेक मूर्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। 1872 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा सिरपुर के अवशेषों की खोज की गई थी। इसके बाद यहाँ अनेक उत्खनन कार्य हुए, जिनमें बुद्ध, विष्णु, शिव और जैन परंपराओं के असंख्य साक्ष्य मिले। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विद्वान भी सिरपुर को एशिया की बौद्ध धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं।


    हर वर्ष आयोजित होने वाला सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं। यहाँ ईको-ट्रेल, हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और स्थानीय भोजनालयों की योजनाएँ चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय समुदाय को रोजगार मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले। विद्यार्थियों के लिए सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है।
    साय सरकार ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विजन 2047 के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचा, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। सिरपुर की पुरातात्त्विक संरचनाओं को संरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। यहाँ के मंदिर, विहार, मूर्तियाँ और जीवंत परंपराएँ हमें यह सिखाती हैं कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता, कला और ज्ञान का संगम है। सिरपुर सचमुच वह स्थान है जहाँ इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

रायपुर, 27 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोरबा के अग्रसेन भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल की पगड़ी रस्म कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय अग्रवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा अग्रवाल एवं उनके परिवार के लोगों से भेंट कर उन्हें ढाढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।

श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल का जीवन जनसेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने सदैव कोरबा जिले के विकास और जनता की भलाई के लिए कार्य किया। उनकी सादगी, विनम्रता और सामाजिक संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने स्वर्गीय अग्रवाल के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल,  विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, श्री महावीर अग्रवाल, श्री बजरंग लाल अग्रवाल, बिहारी लाल अग्रवाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण आदि मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को दिए अर्घ्य,प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना,,, छठ घाट के सौन्दर्यकरण की गई घोषणा

जशपुरनगर 27 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व त्यौहार के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
        मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला।
       मुख्यमंत्री ने दुलदुला क्षेत्र वासियों की मांग पर छठ घाट के सौन्दर्य करण की घोषणा की उन्होंने कहा कि अगले छठ पूजा तक दुलदुला छठ घाट का सौन्दर्य करण कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र लोगों के आशीर्वाद से ही विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना हूं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को अच्छी तरह से समझता हूं और समाधान भी करते जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी छठ घाट के लिए  लगभग 5 करोड़ 17  लाख की राशि से छठ का घाट का  सौन्दर्यकरण किया गया। इस वर्ष के छठ महापर्व में व्रती महिलाएं छठ घाट में पूरे श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना भी कर रही है।
        
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित छठ पूजा करने वाली व्रती महिलाएं और जनप्रतिनिधीगण  
 और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। 

छठ पर्व का महत्व
        
छठ पर्व हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और लोक आस्था से जुड़ा पर्व है, मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल सहित सभी राज्यों में आस्था श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है।
छठ पर्व का धार्मिक महत्व सूर्य उपासना:
सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा, और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है। छठ पूजा में सूर्य की आराधना करके श्रद्धालु उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

छठी मैया की पूजा को संतान की रक्षा करने वाली और सुख-समृद्धि देने वाली देवी माना जाता है। महिलाएँ अपनी संतान की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं।

पवित्रता और संयम
यह व्रत अत्यंत कठोर होता है — इसमें व्रती (उपासक) पूरी तरह शुद्धता, आत्मसंयम और आस्था के साथ चार दिनों तक उपवास, स्नान, और पूजा करता है।

छठ पर्व का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
सामूहिकता और एकता का प्रतीक छठ पूजा में समाज के सभी लोग मिलकर घाट  सजाते हैं, प्रसाद बनाते हैं और एक साथ पूजा करते हैं।

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छठ पूजा का आज तीसरा दिन है, व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-शांति की कामना की


जशपुर/नारायणपुर 27 अक्टूबर 25 : सनातन धर्म में छठ पूजा का बहुत महत्व है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की पूजा और आराधना का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को श्रद्धा और शुद्धता के साथ करते हैं, तो उन पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है।

सूर्योपासना का महान पर्व छठ का आज तीसरा दिन है। आज शाम नारायणपुर के कपरी नदी में व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और सुख-शांति की कामना की। छठ पूजा के चौथे दिन यानी कल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा संपन्न हो जाएगी।

गांव में छठ पूजा पूरी आस्था एवं विश्वास के कपरी नदी की तट में किया गया। सोमवार की शाम को बड़ी संख्या में आस्थावान श्रद्धालु नदी पुल के नीचे जुटे।  श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर धूमधाम से पूजा किया। छठ व्रती महिलाएं 36 घंटे व्रत कर माता के व्रत का पालन की, शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य दी l व्रतियों ने बताया कि चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ हुई ,इसके बाद व्रती महिलाओं ने खरना किया ,तत्पश्चात छठी मैया और भगवान सूर्य को छठ पर्व के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दी। अर्घ्य के लिए घरों से नंगे पांव पूजन स्थल तक पहुंची। भगवान सूर्य को नमन कर अर्घ्य देने के लिए बडी संख्या में श्रद्धालु तालाब में कतारबद्ध होकर जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को जल अर्पित कर छठ मइया का पूजन कर व्रतियों ने संतान की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य का वरदान मांगा। उन्होंने छठ मइया की महिमा का गुणगान करते हुए लोक आस्था का महापर्व उल्लास के साथ मनाया। व्रतियों ने घाट पर छठ मइया के मंगलगीत गाई। सुहागिनों ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पति की दीर्घायु की कामना करते हुए सुख संवृद्धि की कामना की l

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रायपुर : भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्यवाही : अवैध उगाही के आरोप में श्रम निरीक्षक निलंबित 


 
रायपुर, 27 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग अंतर्गत  कार्यालय श्रम पदाधिकारी  बलौदाबाजार में कार्यरत श्रम निरीक्षक श्री रामचरन कौशिक को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।  श्रम निरीक्षक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही के आरोप लगाए गए थे।
    श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को एक जांच समिति गठित की गई। समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम निरीक्षक कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली और अनियमितताएँ की गई हैं। इसी के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।
    निलंबन अवधि के दौरान श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना प्रेषित कर अनुपालन कराने निर्देशित किया गया है।
   श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी तथा जांच आगे भी जारी रहेगी।

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रॉक क्लाइम्बिंग के लिए बेहतरीन जगह हैं जशपुर,, देशदेखा ने बढ़ाई रोमांच की ऊँचाइयाँ

रॉक क्लाइम्बिंग एक रोमांचक साहसिक गतिविधि है, जिसमें व्यक्ति को रस्सी की मदद से पहाड़ की चोटी पर पहुंचना होता है। यह गतिविधि जशपुर में लोकप्रिय हो रही है और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के बीच इसका क्रेज बढ़ रहा है। यह एक ऐसी गतिविधि है, जिसे अजमाने के लिए धैर्य, ताकत और बहुत सारी हिम्मत की जरूरत होती है।

जशपुर 27 अक्टूबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।इसी कड़ी में जशपुर अब सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि रोमांचक पर्यटन के लिए भी पहचाना जाने लगा है। जशपुर के “देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर” ने इस दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह स्थान अब उन साहसिक यात्रियों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है जो रॉक क्लाइम्बिंग  के साथ प्रकृति की शांति को भी महसूस करना चाहते हैं।

देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर को इस तरह विकसित किया गया है कि यह शुरुआती पर्वतारोहियों से लेकर अनुभवी क्लाइंबर्स तक, सभी के लिए चुनौतीपूर्ण और रोमांचक अनुभव प्रदान करे। यहाँ प्राकृतिक चट्टानों पर विभिन्न प्रकार की क्लाइम्बिंग रूट्स तैयार किए गए हैं, जिनमें क्रैक क्लाइम्ब, स्लैब, वर्टिकल फेस और ओवरहैंग जैसी विविध चुनौतियाँ शामिल हैं। हर चढ़ाई के साथ पर्यटकों को घने जंगलों और जशपुर की हरी-भरी पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है, जो अनुभव को और भी यादगार बना देता है।

इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षित गाइड्स और प्रमाणित क्लाइम्बिंग इंस्ट्रक्टर्स की देखरेख में चढ़ाई करवाई जाती है। आधुनिक उपकरण, सेफ्टी रोप्स और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल यहां की प्रमुख विशेषताएँ हैं। पर्यटकों को एक ऐसा अनुभव देने की कोशिश की गई है जो रोमांचक होने के साथ-साथ सुरक्षित भी हो।

देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका विकास स्थानीय समुदायों की भागीदारी से किया गया है। यहाँ के ग्रामीण और जनजातीय लोग इस परियोजना का हिस्सा बने हैं, जिससे उन्हें रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिले हैं। यह पहल न केवल एडवेंचर पर्यटन को प्रोत्साहित करती है, बल्कि पर्यावरण और समुदाय-केंद्रित विकास का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

प्राकृतिक रूप से समृद्ध यह क्षेत्र वन्यजीवों, झरनों और पहाड़ी दृश्यों से घिरा हुआ है। सुबह की धूप में चमकती चट्टानें और शाम के समय सुनहरी घाटियाँ यहाँ आने वाले हर यात्री को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। अक्टूबर से मार्च तक का मौसम रॉक क्लाइम्बिंग के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान हवा ठंडी और साफ होती है, जिससे चढ़ाई का अनुभव और भी सुखद हो जाता है।

जशपुर प्रशासन और स्थानीय पर्यटन संगठनों की यह संयुक्त पहल न केवल राज्य के एडवेंचर पर्यटन मानचित्र पर जशपुर को विशेष स्थान दिला रही है, बल्कि यह दर्शा रही है कि अगर स्थानीय संसाधनों को संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से विकसित किया जाए, तो छोटे-छोटे पहाड़ी इलाकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।

देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर सिर्फ एक एडवेंचर साइट नहीं, बल्कि यह जशपुर के उस आत्मविश्वास का प्रतीक है जो अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देते हुए आधुनिक पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहाँ आकर पर्यटक न सिर्फ चढ़ाई का आनंद लेते हैं, बल्कि “प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व” के उस दर्शन को भी महसूस करते हैं, जो जशपुर की मिट्टी में गहराई से बसा है

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सोशल मीडिया की दीवानगी ने फिर बढ़ाया खतरा! ट्रक के आगे स्टंट करते युवक का वीडियो वायरल सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

जशपुर 27 अक्टूबर 2025 :- कुनकुरी-तपकरा मार्ग पर स्थित श्रीनदी पुल से पहले एक युवक द्वारा खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। युवक अपनी केटीएम ड्यूक बाइक से ट्रक के ठीक आगे व्हीली (पहिया उठाकर स्टंट) करता नजर आ रहा है। इस दौरान पीछे से किसी ने मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

वीडियो में साफ दिखाई देता है कि युवक ट्रक के बेहद करीब खतरनाक तरीके से बाइक चलाते हुए आगे का पहिया उठाकर स्टंट कर रहा है। सड़क पर तेज रफ्तार ट्रक और बाइक के बीच महज कुछ फीट की दूरी थी, जिससे किसी भी पल बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट से न केवल स्टंट करने वाले की बल्कि अन्य वाहन चालकों की जान को भी खतरा होता है। बावजूद इसके पुलिस अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

लोगों का मानना है कि ऐसे खतरनाक करतबों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी चाहिए। विशेषकर स्पोर्ट्स बाइकों पर बेवजह स्टंट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जरूरत है।

पुलिस प्रशासन से अपील की जा रही है कि इस तरह के घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेकर सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

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पशु औषधालय खुद बीमार...यंहा पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक नही,एक चपरासी के भरोसे औषधालय,,,दर्जनों पंचायतों के पशुपालक कहां कराएं पशुओं का इलाज -पढ़ें पूरी खबर....

जशपुर/नारायणपुर 27 अक्टूबर 2025 : नारायणपुर सहित दर्जनों पंचायत के गांवों के पशुपालकों को समय पर मवेशियों का इलाज नहीं होने से काफी परेशानीयों  का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालक 25 से 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी चिकित्सालय ले जाकर इलाज कराने को मजबूर हैं। 

     नारायणपुर स्थित पशु औषधालय में पिछले पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की स्थायी पदस्थापना न होने के कारण पशुपालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पांच साल पहले यहां पदस्थ सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद से अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। परिणामस्वरूप यह दर्जनों पंचायतों का एक मात्र महत्वपूर्ण पशु औषधालय केवल एक  चपरासी के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे पशुपालक परेशान हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते पांच वर्षों से पशुपालकों को अपने मवेशियों के इलाज और टीकाकरण के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं को समय पर टीके नहीं लग पाते हैं और कृत्रिम गर्भाधान जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप्प हैं। इससे न केवल पशुधन के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, बल्कि पशुओं की बीमारियों के कारण मृत्यु के मामले भी बढ़े हैं। यह औषधालय अपने अधीन आने वाले दर्जनों ग्राम पंचायतों के पशुधन के इलाज की जिम्मेदारी निभाता है, लेकिन सहायक पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में पशुपालक विवश हैं।

ज्ञात है कि ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की मुख्य आमदनी दूध है। कई पशुपालकों ने एक और कई पशुपालकों ने आधा दर्जन से अधिक गाय पाल रखी हैं। अपने परिवार का खर्चा दूध से निकाल रहे हैं, लेकिन पशु औषधालय में सहायक चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशु बीमार होने पर समय पर उपचार भी नहीं मिल रहा है। विभाग की अनदेखी हजारों पशुपालकों पर भारी पड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई जानवर बीमार होता है, तो उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती, जिसके कारण कई बार पशुओं की जान चली जाती है। बीमार मवेशियों के इलाज के लिए पशुपालकों को निजी चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

औषधालय में AVFO की नियुक्ति जल्द की जाएगी

नारायणपुर के पशु औषधालय में सहायक पशु चिकित्सक का पद रिक्त है। केराडीह के सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, लेकिन अब उन्हें पुनःनिर्देशित किया जाएगा कि वे सप्ताह में कम से कम तीन दिन नारायणपुर में उपस्थित रहकर पशुपालकों को अपनी सेवाएं प्रदान करें। डॉ. बघेल ने यह भी कहा कि नए सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की नियुक्ति शासन स्तर से की जाती है। जैसे ही जिले के लिए नई नियुक्ति होगी, नारायणपुर को प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।

                        डॉ. एम.एस. बघेल

         उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं - जशपुर

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मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के संग बांटी दीपावली की खुशियां,दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री

रायपुर, 27 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः संकल्पित है। उन्होंने कहा कि रायपुर में 5 एकड़ भूमि में दिव्यांगजनों के लिए सर्व-सुविधायुक्त पार्क का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग बच्चों से बड़ी आत्मीयता के साथ भेंट की और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था में अध्ययनरत बच्चों ने मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों के समक्ष साइन लैंग्वेज का सुंदर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के इशारों को दोहराते हुए उनसे साइन लैंग्वेज में गुड मॉर्निंग और गुड आफ्टरनून जैसे शब्द सीखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के विकास के लिए सराहनीय कार्य हो रहा है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक ने रायपुर में दिव्यांग पार्क बनाए जाने की घोषणा की थी, और अब रायपुर में 5 एकड़ भूमि पर यह सर्व-सुविधायुक्त दिव्यांग पार्क विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली मिलन कार्यक्रम के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा जनसेवा के कार्यों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट निर्वहन किया जा रहा है। पूर्व में एसोसिएशन द्वारा मरीजों के लिए एम्बुलेंस भी प्रदान की गई थी, जिसका लाभ अनेक जरूरतमंद लोगों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण का 25वां वर्ष है, जिसे हम रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। इस हेतु राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। सभी के सहयोग से इस लक्ष्य को हम अवश्य प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–विशाखापत्तनम तथा रायपुर–धनबाद मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

महाराष्ट्र और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि मैं सांसद के रूप में दिव्यांगजनों के लिए गठित सोशल जस्टिस स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य रहा हूँ। संसद में दिव्यांग बिल के लिए हमने व्यापक अध्ययन किया था। बिल पारित होने के पश्चात दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं में तीन गुना वृद्धि हुई। राज्यपाल रहते हुए मुझे दिव्यांगजनों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं में जाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की चुनौतियों को सामान्यजन अक्सर समझ नहीं पाते।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस बार जीएसटी दरों में कमी के कारण दीपावली का उत्सव और अधिक भव्य रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, जिसकी हम आज रजत जयंती मना रहे हैं।

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत छत्तीसगढ़ का योजनाबद्ध विकास निरंतर हो रहा है। सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि दिव्यांगजनों के साथ दीपावली मिलन का आयोजन उत्तम सोच का प्रतीक है। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, और यह देखकर प्रसन्नता होती है कि एसोसिएशन जनसेवा में सक्रिय है तथा समाज के अन्य लोगों को भी इससे जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री के समक्ष पैरों से पेंटिंग करने वाले दिव्यांग चित्रकार श्री गोकर्ण पाटिल ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण भी किया।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारीगण, कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था के बच्चे तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में हुए शामिल

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं, जिनसे राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आपके समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में भी आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह निश्चित ही पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने अन्नदाताओं के हित में कृषक उन्नति योजना, पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना, तथा दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

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सीएम श्री साय ने छठ पर्व की दी हार्दिक शुभकामनाएँ,छठ मइया की उपासना सूर्य आराधना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा आस्था, पवित्रता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है, जो सूर्यदेव और छठ मइया की उपासना के माध्यम से मानव और प्रकृति के मधुर संबंध का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छठ पर्व का प्रत्येक अनुष्ठान – अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से लेकर उदीयमान सूर्य की आराधना तक – जीवन में अनुशासन, संयम और स्वच्छता के महत्व को दर्शाता है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, पवित्रता और पारिवारिक एकता की भावना को सशक्त बनाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस अवसर पर सूर्योपासना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों की स्वच्छता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लें।

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चक्रवाती तूफान : बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम , इन जिलों में होगी भारी बारिश , किसानों की बढ़ी चिंता, पढ़े मौसम विभाग का पूर्वानुमान......

रायपुर 26 अक्टूबर 2025 :  दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर नया चक्रवात सिस्टम सक्रिय हो गया है। इससे गतिविधियों में तेजी आने संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम दो दिनों में गंभीर साइक्लोन तूफान के रूप ले सकता है।27 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में बारिश जताई गई है। मौसम विभाग साइक्लोनि तूफान रूप ले सकता है, जो 28 अक्टूबर रात आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। बंगाल खाड़ी में उठ रहा चक्रवात 72 घंटे में गंभीर रूप लेगा।

90 से 110-किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवाएं

मौसम विज्ञान  रायपुर अनुसार खाड़ी में बना डिप्रेशन पश्चिम उत्तर-पश्चिम और बढ़ते हुए 26 अक्टूबर तक गहरे डिप्रेशन और 27 तारीख सुबह तक साइक्लोनि तूफान में तब्दील हो सकता है। यह 28 अक्टूबर रात नाडा से लिंगपट्टनम बीच तटीय आंध्र प्रदेश पार कर सकता है। इस दौरान 90 से 110 मी प्रति घंटे रफ्तार से हवाएं चलने की आशा है।

प्रदेश का तापमान और वर्षा का हाल

प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री रायपुर में और न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री अम्बिकापुर में दर्ज किया गया।

बना हुआ है सिस्टम

दक्षिण-पूर्वी बंगाल खाड़ी में बना डिप्रेशन उसी क्षेत्र में केंद्रित है।26 अक्टूबर तक इस गहरे डिप्रेशन में बदलने और 27 को साइक्लोनि तूफान बनने संभावना है। यह सिस्टम धीरे धीरे उत्तर पश्चिम दिशा कि और बढ़ेगा और 28 अक्टूबर रात आंध्र प्रदेश तट से टकराएगा।

प्रदेश में 27 से 29 अक्टूबर तक रहेगा असर

मौसम विभाग ने बताया तुफान का सीधा असर छत्तीसगढ़ दक्षिणी हिस्सों बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में दिखाई देगा। इसका असर से 27 अक्टूबर से हल्के से मध्यम बारिश, 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश जबकि 29 अक्टूबर भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी गई है।

बादल छाए, हवा में बढ़ी नमी

रविवार को रायपुर अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमश: 1.7 और 4.1 डिग्री अधिक रहा। सुबह आद्रता 88 प्रतिशत और शाम 67 प्रतिशत दर्ज गई। आसमान में करीब 50 प्रतिशत बादल छाए रहे, जिससे दिन में उमस महसूस गई। 26 अक्टूबर को भी आकाश सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है और तापमान लगभग 32 डिग्री अधिकतम तथा 24 डिग्री न्यूनतम आसपास रह सकता है।
Rns

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हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी!..स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें

 रायपुर 26 अक्टूबर 2025. विमानन कंपनियों का नया शेड्यूल लागू होने के साथ ही स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें मिलेंगी. वहीं, रायपुर को प्रयागराज को जोड़ने वाली फ्लाइट को इंडिगी ने हटा दिया है. रायपुर एयरपोर्ट को प्रयागराज से जोड़ने के लिए इंडिगो ने सबसे पहले 28 जून 2019 को पलाइट शुरू की थी. इस फ्लाइट को कंपनी ने 29 अक्टूबर 2023 को अचानक बंद कर दिया. इसके बाद फिर 16 अगस्त 2024 को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट की शुरुआत की गई. कंपनी ने नए उड़ान शेडयूल में इस फ्लाइट को हटा दिया है.

शनिवार को रायपुर से प्रयागराज के लिए आखिरी उड़ान का संचालन किया गया. इंडिगो की यह फ्लाइट रोजाना सुबह 9.05 बजे रायपुर से उड़ान भरकर 10.25 बजे प्रयागराज पहुंचती थी. प्रयागराज से फ्लाइट के सुबह 10.50 बजे उड़ान भरने के बाद रायपुर पहुंचने का समय 12.20 बजे निर्धारित था. रायपुर को प्रयागराज से जोड़ने के लिए यह एकमात्र पलाइट थी. जिसमें कंपनी 72 सीटर एटीआर विमान का संचालन करती थी. सूत्रों का कहना है कि लगभग 80 प्रतिशत बुकिंग के साथ यह फ्लाइट संचालित की जा रही थी.

दूसरी और छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में एयर इंडिया की नई फ्लाइट 26 अक्टूबर से शुरु हो रही है. इस नई उड़ान के साथ ही दिल्ली के लिए एयर इंडिया की तीन फ्लाइट रोजाना उपलब्ध होगी. फिलहाल एयर इंडिया को दो उड़ानें सुबह शाम संचालित की जा रही है. प्रस्तावित शेड्यूल के तहत एयर इंडिया की फ्लाइट 2635 दिल्ली से दोपहर 12.10 बजे उड़ान भरेगी. उसके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने का समय दोपहर 2.05 बजे है. रायपुर से फ्लाइट 2636 दोपहर 2.35 बजे रवाना होकर शाम 4.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी,

दिल्ली-रायपुर सेक्टर में रोजाना 8 उड़ानें 26 अक्टूबर से दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में रोजाना आठ उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा. 26 अक्टूबर से ही इंडिगो की एक नई पलाइट दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में संचालित होगी. फिलहाल इंडिगों की रोजाना 4 उड़ानें संचालित की जाती हैं. उड़ान संख्या 6ई2120 दिल्ली से सुबह 10.15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.15 बजे रायपुर पहुंचेगी. वापसी में उड़ान संख्या 66640 रायपुर से दोपहर 12.45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी. एक नई उड़ान शुरू होने से रायपुर दिल्ली सेक्टर में इंडिगो की कुल पांच उड़ानें हो जाएंगी.RNS

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जिला खनिज न्यास निधि पण्ड का सही उपयोग अंधेरे में प्रकाश की ओर बना किरण, 50 बालिकाएँ बनीं नगर सैनिक, बनीं प्रेरणा की मिसाल

जशपुरनगर 26 अक्टूबर 2025/
डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) का सही उपयोग कैसे अंधेरे में प्रकाश की किरण बन सकता है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण जशपुर जिले ने पुनः प्रस्तुत किया है। 25 अक्टूबर को अंबिकापुर में नगर सेना के प्रशिक्षु सैनिकों की पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। समारोह के दौरान जब प्रशिक्षु नगर सैनिक गर्व से मस्तक ऊँचा किए, सुसज्जित वर्दी में मंच के सामने से गुजरे, तो वातावरण करतल ध्वनि से गूंज उठा। इस परेड में शामिल 50 छात्राएँ जशपुर जिले के सुदूर वनांचलों एवं ग्रामीण अंचलों से आती हैं। इन सभी ने जशपुर जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से संचालित ‘नव संकल्प शिक्षण संस्थान’ में निःशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन छात्राओं ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय से न केवल स्वयं का और अपने परिवार का भविष्य उज्जवल बनाया है, बल्कि जिले की अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल बनी हैं।

      नगर सैनिक हेमवती, खेमा, रूपा और अमीना जैसी छात्राएँ, जिन्होंने कभी विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए नव संकल्प में प्रवेश लिया था, आज आत्मनिर्भर बनकर समाज सेवा के पथ पर अग्रसर हैं। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीएमएफ के माध्यम से संचालित नव संकल्प जैसी पहल  को प्रदेश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय बताया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नव संकल्प संस्थान ने अनेक बालिकाओं के जीवन में आशा और आत्मविश्वास का संचार किया है। हमारा प्रयास है कि जशपुर की हर बालिका को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अवसर मिलते रहें।

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