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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं

रायपुर, 13 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर  प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।

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प्रधानमंत्री  की परीक्षा पे चर्चा की शुरूआत, विद्यार्थियों को सीधे संवाद का अवसर,प्रतिभागी अपने प्रश्न को 11 जनवरी तक करें अपलोड

रायपुर, 13 दिसम्बर 2025/परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।

*तनाव को कम करने का प्रयास* 

           प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे।

*सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें* 

          प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है।

*प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक अपलोड कर सकते हैं*

       इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।

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आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित पोषण आहार निर्माण से यूनिट मिला रोजगार  का अवसर*

रायपुर, 13 दिसंबर 2025/   एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों, 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं ।  योजना के अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओ तथा 14 से 18 आयु वर्ग की सभी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 5/- रू. के मान से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं।

     ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा विकासखंड भैयाथान के दर्रीपारा में आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित इस संयंत्र का गत लोकार्पण किया गया था।

*366 आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित की जाएगी आपूर्ति* 

           जिला सूरजपुर की एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा का चयन किया गया था।  इस आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया निर्माण हेतु आधुनिक यूनिट की स्थापना की गई थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से परियोजना भैयाथान के अंतर्गत संचालित 366 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 35 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का निर्माण कर नियमित आपूर्ति की जाएगी।

 *महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार का अवसर* 

         इस संयंत्र के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल बच्चों एवं गर्भवती  महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया

रायपुर 13 दिसम्बर 2025/केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों  की एक टीम यहां आई है। श्री शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। श्री शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष  3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।

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जशपुर में बनेगी 20.53 करोड़ की अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी, युवा तीरंदाजों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ

 रायपुर, 13 दिसंबर 25/ अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

*युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा*

         नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं। 

*वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से* 

            तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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छत्तीसगढ़ विश्वास, स्थिरता और सुशासन के नए अध्याय की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को किया संबोधित

रायपुर 13 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते दो वर्ष शासन के नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनसहभागिता के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा, क्योंकि इस दौरान उन्हें प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। किसानों की मेहनत को सम्मान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए नई भर्तियों, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए हैं। रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। जिन क्षेत्रों में कभी उम्मीदें धुंधली थीं, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर परिवार में आत्मविश्वास का वातावरण बना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि आज शासन जनता के और अधिक निकट आया है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी घटकर सहभागिता में बदल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास, स्थिरता और सुशासन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, परिश्रम और विश्वास से सरकार का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची गारंटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और तेज़ गति से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक युवा को अवसर, किसान को गर्व और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि शासन सदैव उसके साथ खड़ा है।

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डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्वीकृति:डिजिटल कनेक्टिविटी से सशक्त होंगे सुदूर क्षेत्र

रायपुर 13 दिसंबर 2025/डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ और विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवाओं और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस विजन के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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धान बेचना हुआ आसान:: टोकन लेने की अब कोई समय सीमा नहीं",तूहर टोकन ऐप अब 24×7, किसान दिन-रात बुक कर सकेंगे टोकन

रायपुर 13 दिसंबर 2025/ प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे।

अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है l

उल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें।

*"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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गड्ढों का राज, सड़क नदारद: सुतरी–बरटोली प्रधानमंत्री सड़क की हालत बदहाल, आवागमन में भारी परेशानी

जशपुर/नारायणपुर-13 दिसम्बर 2025 : 
बगीचा विकासखंड के अंतर्गत सुतरी मोड़ से बरटोली तक बनी प्रधानमंत्री सड़क की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरी गिट्टियों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग पर सफर करना किसी जोखिम भरे स्टंट से कम नहीं रह गया है। आए दिन राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क गांवों को स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग है,करीब 10 वर्ष पूर्व में बनी यह 4 से 5 किलोमीटर लंबी है अब पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।चारपहिया और भारी वाहनों के गुजरने से सड़क पर धूल का गुबार उड़ता रहता है, वहीं उबड़-खाबड़ सड़क के कारण कई वाहनों का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां निकल चुकी हैं और कहीं-कहीं तो सड़क पूरी तरह गायब नजर आती है।

हालांकि कुछ वर्ष पूर्व सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कामचलाऊ मरम्मत के चलते सड़क की हालत फिर से पूरी तरह खराब हो चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

   सड़क की हालत जर्जर, ग्रामीणों को भारी परेशानी

इस सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है, जबकि अन्य दिनों में उड़ती धूल लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। सड़क की खराब स्थिति के चलते राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर वे कई बार संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है

बद से बदतर हो रही सड़क, छात्रों को हो रही परेशानी

इस खराब सड़क की वजह से राहगीरों सहित छात्र-छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन जोखिम भरे हालातों से गुजरना पड़ता है।

इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शिकायतों के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।               

सुतरी मोड़ से बरटोली तक की सड़क का मेंटेनेंस पीरियड समाप्त हो चुका है। नवीनीकरण (रिनिवल) के लिए टेंडर पहले ही जारी कर दिया गया है। जनवरी के पहला सप्ताह से काम चालू हो जाएगा।

  राजेश कुमार राठिया

 अनुविभागीय अधिकारी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-पत्थलगांव

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बादलखोल अभ्यारण्य: सड़क मरम्मत में मजदूरों का हक हड़पने का मामला

बरसात में कच्ची सड़क गड्ढों से भर जाती है।

बजट के बावजूद सड़क मरम्मत में स्थानीय मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा।

अभ्यारण्य कर्मचारी अपनी निजी जेसीबी मशीन से काम करवा रहे हैं।

उच्च अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।


नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025:

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत का काम स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिए बिना किया जा रहा है। अभ्यारण्य के कई गांवों तक पहुँचने वाली सड़क बरसात में टूट-फूट से भरी रहती है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।

     सरकारी बजट से सड़क मरम्मत के काम होते हैं, लेकिन अभ्यारण्य के कर्मचारी मजदूरों के बजाय अपनी निजी जेसीबी मशीन का प्रयोग कर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डालकर समतल करवा रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इससे मजदूरों का रोजगार छिन रहा है और उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं। उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।

     जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निगरानी की कमी स्थानीय विकास को रोकती है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च अधिकारी तुरंत जांच कराएं और मजदूरों को उनका हक दिलाया जाए।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:

"हम चाहते हैं कि सरकार गांव-गांव में विकास कार्य करे और स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिले। लेकिन जेसीबी से काम करवाने से हमारा हक छिन रहा है।" 

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत से पेड़ों को खतरा

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत के लिए जेसीबी मशीन से मिट्टी निकालने के कारण कई पेड़ों की जड़ें दिखने लगी है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि बरसात के मौसम में ऐसे पेड़ गिर सकते हैं, जिससे पर्यावरण और अभ्यारण्य को नुकसान हो सकता है।

स्थानीय ग्रामीण सुझाव दे रहे हैं कि जेसीबी की बजाय अधिकतर कार्य स्थानीय मजदूरों द्वारा हाथ से कराया जाए, ताकि पेड़ों और अभ्यारण्य की सुरक्षा बनी रहे।

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शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक - शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से समग्र विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री

रायपुर 12 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने जो सेवा का अवसर दिया, उसे सरकार ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक सशक्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार हुए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि  नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण हेतु श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई भव्यता दी गई है।

उन्होंने कहा कि सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकार का संकल्प है कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रदेश में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे राज्य के प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है—अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया, तथा बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। अटल जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के विजन के अनुरूप सरकार संस्कृति-संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है—लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, कलाकारों की पेंशन बढ़ाई गई है तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में केंद्र के साथ राज्य सरकार की सब्सिडी भी मिल रही है। शहरी मध्यम व निम्न वर्ग को किफायती भूखंड उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम बनाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य हेतु अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है; उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी निष्ठा से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेगी और सभी से प्रदेश की सुख-समृद्धि हेतु एकजुट योगदान का आह्वान किया।

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दीपयज्ञ का संदेश—हम स्वयं दीपक बनें: डॉ. चिन्मय पंड्या, अन्य के जीवन में चेतना जगाने का संकल्प लें: कौशल्या साय......

जशपुरनगर।बगीचा में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तृतीय दिवस पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या दीप महायज्ञ में पहुंचे, जहाँ उन्होंने परिजनों को आध्यात्मिक आशीर्वचन प्रदान किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

दीप महायज्ञ के उद्बोधन में डॉ. पंड्या ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभा से परिपूर्ण है। यहाँ का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं दीपक बनकर पूरे राष्ट्र को आलोकित करने की क्षमता रखता है। हमें भगवान से ऐसा सौदा करना चाहिए जिसमें हम दूसरों के जीवन की सोई चेतना को प्रकाश दे सकें।” उन्होंने सभी परिजनों को आह्वान किया कि दीपयज्ञ का वास्तविक संदेश तभी सफल होगा जब हम स्वयं प्रज्वलित होकर समाज में प्रकाश फैलाएँ।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि “सोया सनातन अब जाग रहा है। ‘हम बदलेंगे—युग बदलेगा’ का नारा अब चरितार्थ हो रहा है। परिवर्तन की यात्रा आरंभ हो चुकी है और युग निर्माण का दायित्व मातृशक्ति को सौंपा जा चुका है। इक्कीसवीं सदी वास्तव में नारी सदी है, जैसा परम पूज्य गुरुदेव ने कहा था।”
उन्होंने उपस्थित परिजनों से आग्रह किया कि वे अनुशासन का पुष्प गुरुचरणों में अर्पित कर जीवन को श्रेष्ठता की दिशा में आगे बढ़ाएँ।

108 कुंडीय यह आध्यात्मिक महायज्ञ लगातार भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और युग परिवर्तन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री ,सुकमा में 10 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास से पुनर्जीवन की नई शुरुआत

रायपुर 12 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत दरभा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े 10 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उल्लेखनीय है कि इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि तेजी से साकार होती वास्तविकता बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर है।

मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में अब हिंसा, भय और भटकाव की विचारधारा कमजोर पड़ रही है, जबकि विकास, विश्वास और संवाद की राह मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर न वर्तमान सुरक्षित होता है और न ही भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की ठोस गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर ये लोग अपने परिवारों के साथ एक स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है— छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए अन्य भटके युवाओं से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समन्वित प्रयासों से सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई, विकास योजनाओं का विस्तार और पुनर्वास आधारित मानवीय दृष्टिकोण—तीनों मिलकर बस्तर में परिवर्तन की नई कहानी लिख रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बना कोपरा जलाशय,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

रायपुर, 12 दिसंबर 2025/
बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय अब छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बन गया है। इसकी घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में प्रसन्नता का माहौल है। यह दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो जैवविविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व के लिए वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि कोपरा जलाशय की यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि जलाशय की विशिष्ट पारिस्थितिकी, स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता तथा जल परितंत्र की समृद्धि ने इसे रामसर मान्यता के योग्य बनाया है।

वन मंत्री श्री कश्यप ने राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरणविदों, वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी की संयुक्त मेहनत और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता से यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय के रामसर साइट घोषित होने से प्रदेश में वेटलैंड संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इको-टूरिज्म के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वेटलैंड्स का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मजबूत प्राकृतिक विरासत छोड़ने का संकल्प भी।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों की फसल और आय में सुधार,आधुनिक तकनीक और बेहतर बीज से किसान हुए आत्मनिर्भर

रायपुर 12 दिसंबर 25/प्रधानमंत्री धन.धान्य कृषि योजना ;च्डक्क्ज्ञल्द्ध 2025.26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके

किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी

           खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।

उत्पादकता में हुआ सुधार

         श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।

किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची।

कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को  मिल रहा बढ़ावा

        (PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद

          श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आईआईएसडी–स्वनिति इनिशिएटिव की ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट का किया विमोचन

रायपुर 12 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव के शोधकर्ताओं ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट “मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़” का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोधकर्ताओं के साथ राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा  के प्रसार, ऊर्जा सुरक्षा, और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों की ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी’ पर आधारित एक व्यापक इंडेक्स प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि पारंपरिक कोयला आधारित क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’—अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—कितना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का महत्वपूर्ण संकेतक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव उपस्थित थे।

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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जिले में आवारा कुत्ता प्रबंधन पर ग्राम पंचायत सचिवों से लेकर स्वास्थ्य अमले तक सभी विभागीय कर्मचारियों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण

जशपुरनगर 12 दिसम्बर 2025/माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  पारित निर्देशों के पालन में जशपुर जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा सभी विभागों की भूमिका स्पष्ट करना था। जिला स्तरीय अधिकारी अधिकारियों के समन्वित प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत सचिव, जनपद सीईओ, विकास विस्तार अधिकारी, पशुधन विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले को न्यायालय के आदेश, शासकीय परिसरों के चिन्हांकन, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों, नोटिस बोर्ड लगाने, फेंसिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा हेल्पलाइन 1100 पर कार्यवाही की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में विभागीय अमले को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं उसके क्रियान्वयन से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि शासकीय परिसरों का चिन्हांकन कैसे किया जाए, नोडल अधिकारी की भूमिका क्या होगी, शासकीय परिसरों में नोटिस बोर्ड लगाने की अनिवार्यता क्या है, निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के कर्तव्य क्या हैं तथा चिन्हांकित परिसरों को फेंसिंग, बाउंड्रीवाल एवं गेट से सुरक्षित कैसे किया जाए। हेल्पलाइन नंबर 1100 पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।


*परिसरों का चिन्हांकन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति* - 
आवारा कुत्तों के रोकथाम हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के मिनी स्टेडियम, बस स्टैंड, खेल परिसर आदि का चिन्हांकन कर प्रत्येक स्थल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। सभी परिसरों पर नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम और संपर्क नंबर सहित नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक चिन्हांकित परिसर का निरीक्षणकर्ता अधिकारी तीन माह में एक बार निरीक्षण करेंगे। पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुधन एवं नगरीय प्रशासन विभाग की संयुक्त टीमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित कर दी गई हैं। प्रत्येक पंचायत में त्वरित सूचना आदान-प्रदान हेतु व्हॉट्सऐप समूह भी बनाए गए हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। हाट-बाजार, होटलों और बस स्टैंडों में भोजन अवशेष प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।


*टीकाकरण–नसबंदी एवं रजिस्टर संधारण के निर्देश* -
पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के अनुसार आवारा कुत्तों के टीकाकरण, नसबंदी एवं पुनर्वास प्रक्रिया पर सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। हटाए गए एवं टीकाकृत कुत्तों का तिथिवार रजिस्टर पंचायत स्तर पर संधारित किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों को आवारा कुत्ता नियंत्रण अभियान पूर्ण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ चलाने के निर्देश दिए गए है।

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ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत: बंदरचुंवा से सिंगिबहार होकर जशपुर तक बस सेवा शुरू,नई ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों को जशपुर आने-जाने में मिलेगी बड़ी राहत

जशपुर 12 दिसंबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब जिले को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का लाभ मिलने जा रही है। इस योजना के तहत बंदरचुंवा से सिंगीबहार होते हुए जशपुर तक चलने वाली बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस नई बस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जशपुर जिला मुख्यालय तक आने-जाने में सुगमता मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व दैनिक आवागमन के लिए यह बस सेवा ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
       कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, जनपद सदस्य अटल बिहारी साय,  दोकड़ा रवि यादव, उपेंद्र नाथ साय, बंदरचुंवा के सरपंच विकास कुमार साय, जीवनन्दन साय, कल्याण प्रसाद गुप्ता, पीतांबर साय, बेलसाजर एक्का, प्रेम साय, बालकिशन राम, चंदन साय, महेश राम, ललित साय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।नई बस सेवा के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। यह योजना शासन की ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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