तीन तरफ ऊंचे पहाड़, बीच में बसा कुरूमढोढ़ा… आम के पेड़ के नीचे लगी कलेक्टर की चौपाल में छलका ग्रामीणों का दर्द, पटवारी प्रभार बदलने से लेकर पुल-सड़क, राशन और पानी तक पर मौके पर हुए बड़े फैसले
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तीन तरफ ऊंचे पहाड़, बीच में बसा कुरूमढोढ़ा… आम के पेड़ के नीचे लगी कलेक्टर की चौपाल में छलका ग्रामीणों का दर्द, पटवारी प्रभार बदलने से लेकर पुल-सड़क, राशन और पानी तक पर मौके पर हुए बड़े फैसले

जशपुरनगर 15 मई 2026/ बगीचा अनुविभाग अंतर्गत तीन ओर पहाड़ों से घिरे दूरस्थ ग्राम कुरूमढोढ़ा में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को आम के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई। उन्होंने वहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस दौरान छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए गांव की मूलभूत समस्याओं जैसे राशन, आवास, पेयजल, सड़क एवं राजस्व सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि रनपुर से जुड़ने वाली कच्ची सड़क के बीच पुल नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इस पर कलेक्टर ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, जिससे भविष्य में आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

*राजस्व सेवाएं अब गांव के करीब* -

ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कुरूमढोढ़ा ग्राम के लिए रनपुर के पटवारी को प्रभार देने के निर्देश एसडीएम को दिए। पहले ग्रामीणों को राजस्व कार्यों के लिए दूरस्थ गांव ढोढ़ाअम्बा के पटवारी के पास जाना पड़ता था, जबकि कुरूमढोढ़ा रनपुर पंचायत अंतर्गत आता है। इससे ग्रामीणों को कठिनाई होती थी। अब यह सुविधा गांव के नजदीक उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस निर्णय पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए तालियां बजाकर कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और त्वरित समाधान के लिए प्रशंसा की।


*राशन व्यवस्था और पेयजल पर त्वरित निर्णय* -

चौपाल में ग्रामीणों ने राशन दुकान दूर होने की समस्या बताते हुए कहा कि उन्हें राशन लेने रनपुर जाना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुरूमढोढ़ा में ही राशन भंडारण कर स्थानीय स्तर पर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती में नल-जल की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल आवश्यक बोर खनन कराने के निर्देश दिए, जिससे पेयजल संकट दूर हो सके।


*आवास और राजस्व प्रकरणों पर भी दिए निर्देश* -

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए हितग्राहियों को निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने और तेजी से पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें पक्के मकान की सुविधा मिल सके। फौती बंटवारे के लिए तहसील जाने की समस्या पर कलेक्टर ने बताया कि अब ग्रामीण सचिवालय के माध्यम से गांव स्तर पर ही ऐसे प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीण पंचायत में आवेदन देकर अपने मामलों का समाधान करा सकते हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से तहसील नहीं जाना पड़ेगा।

*डिजिटल सेवाएं भी गांव तक* -

कलेक्टर ने बताया कि गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आय, जाति, निवास जैसे प्रमाण पत्र अब स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा सकेंगे। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और खर्च बचेगा। यह जनचौपाल न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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