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मन की बात' के 136वें एपिसोड में युवा शक्ति, नवाचार और राष्ट्रभक्ति का संदेश, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बोले— विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगी नई ताकत

बिलासपुर। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद श्री तोखन साहू ने तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के परसदा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड का श्रवण किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी कहानियों, नवाचारों और जनसहभागिता के उत्कृष्ट उदाहरणों को देश के सामने लाकर नागरिकों में सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति की उपलब्धियों, नवाचार और तकनीकी क्षमता, खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों के अदम्य साहस एवं बलिदान को नमन किया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश भी देशवासियों को दिया।

श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने, जनसेवा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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नीलाद्री विजय के साथ आज गर्भगृह लौटेंगे महाप्रभु, अधर पाना अनुष्ठान में उमड़ा आस्था का सैलाब; गजपति महाराज और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय रहीं शामिल, लिटिल चैंप प्रतियोगिता में नन्हे कलाकारों ने जीता सभी का दिल

दोकड़ा। जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का पारंपरिक अधर पाना अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।

अधर पाना अनुष्ठान में श्री मंदिर के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।

मंदिर परिसर में संध्या बेला में भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने अधर पाना की प्राचीन परंपरा का दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित दर्शन एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।
इसी अवसर पर आयोजित लिटिल चैंप प्रतियोगिता बच्चों के आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

मंदिर समिति ने बताया कि आज सोमवार को नीलाद्री विजय के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा रथ से पुनः श्री मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ द्वारा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की प्राचीन एवं विशेष परंपरा भी निभाई जाएगी।वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रही दोकड़ा की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड के श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

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हर्रापाठ में भाषा शिक्षकों का मंथन: गतिविधि-आधारित शिक्षण, रचनात्मक लेखन और नई हिंदी पाठ्यपुस्तक पर हुआ गहन प्रशिक्षण, चार संकुलों के शिक्षकों ने लिया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प

मनोरा
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4 संकुल के प्राथमिक भाषा शिक्षकों का संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत प्राथमिक शाला छतोरी में शिक्षा विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से जोन स्तरीय अकादमिक संकुल बैठक- भाषा कार्यशाला तरुण पटेल विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा, जगत पाल राम सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं आशुतोष शर्मा विकास खंड स्त्रोत समन्वयक मनोरा के मार्गदर्शन में  मुकेश जी ,लोकनाथ प्रसाद यादव ,प्रेम कुमार यादव ,निर्दोष कुमार, संकुल समन्वयक एवं जोन प्रशिक्षकों द्वारा संकुल हर्रापाठ, तालासिलीअलोरी गुल्लू एवं ओरकेला के प्राथमिक शालाओं में पढ़ाने वाले भाषा शिक्षकों की अकादमिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हिंदी विषय के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं गतिविधि-आधारित बनाना था।
          बैठक में कविता गीत शब्द जाल नवीन हिंदी पाठ्यपुस्तक की समीक्षा अभ्यास पुस्तिका के प्रभावी एवं प्रवाही उपयोग, हिंदी विषय की पेडागॉजी नोट्स पर विस्तृत डेमो एवं चर्चा तथा प्रधान पाठक प्रोजेक्ट में इस वर्ष प्रिंट रिच, पुस्तकालय, रचनात्मक लेखन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रवाही गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही आगामी संकुल बैठकों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
         उक्त अकादमिक कार्यशाला में संकुल अलोरी के अंतर्गत प्राथमिक शाला अलोरी, खरवाटोली, मतलोंगा, संकुल गुल्लू के अंतर्गत प्राथमिक शाला उपर गुल्लू, झरगांव EDU, बरटोली, गुल्लू, झरगांव, वन ग्राम बोरोकोना संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत हर्रापाठ, करदना, कोड़रोटोली, छतोरी, गुतकिया, अम्बाटोली करदाना पाठ संकुल तालासीली के अंतर्गत प्राथमिक शाला तालासिली, सिंदूर घाटी, पंडरसीली, बृंदाटोली,आराकोना अ एवं आराकोना ब संकुल ओरकेला के अंतर्गत प्राथमिक शाला पटिया EDU, रुकरुमा, पटिया आश्रम, कुंबडीबथान , अंगराकोना सहित विभिन्न विद्यालयों के भाषा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को बैठक में कविता गीत, कविता के चित्र और शीर्षक पर बातचीत करने, शब्द पहचान, कविता हाव -भाव के साथ सुनाना, एवं चर्चा, अभिनय एवं गतिविधि, शब्दों की ध्वनियां, अक्षर की समझ, शब्द जाल, कविता पठन तुकांत शब्दों की पहचान, मात्रा पहचान शब्द निर्माण गतिविधि-आधारित शिक्षण एवं रचनात्मक लेखन को अपने विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।

बैठक का समापन सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार श्री लोकनाथ प्रसाद यादव संकुल समन्वयक हर्रापाठ द्वारा व्यक्त करते हुए किया गया।

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नशे के खिलाफ युवाओं का बुलंद संदेश: ‘माय भारत’ की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में संकल्प शिक्षण संस्थान का शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तर पर दिखाएंगे प्रतिभा का दम

जशपुर 
माय भारत द्वारा आयोजित नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन एन ई एस कॉलेज के सेमिनार हॉल में किया गया था । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडिशनल एस पी राकेश पटनवार और विशिष्ट अतिथि एन ई एस कॉलेज के प्राचार्य अमरेंद्र सिंह और जिला युवा अधिकारी संकेत मित्तल थे।आठ विधाओं में यहां प्रतियोगिताएं  आयोजित की गई थी। वाद विवाद प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, संगीत एवं रैप प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, स्लैम पोयट्री प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, नारा लेखन प्रतियोगिता और रील मेकिंग और लघु फिल्म प्रतियोगिता यह आठ प्रतियोगिताएं मेरा युवा भारत जशपुर द्वारा आयोजित कराई गई थी। जिसके लिए बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना था। इस प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के एवं कॉलेज के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सभी विधाओं में तीन तीन निर्णायक रखे गए थे जिन्होंने निष्पक्ष होकर अपना निर्णय दिया।संकल्प शिक्षण संस्थान के  छात्राओं ने भी चार-पांच प्रतियोगिताओं में भाग लिया था जिसमें से चित्रकला प्रतियोगिता में सिमरन भगत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया और संगीत एवं रैप प्रतियोगिता में संकल्प की छात्राओं ने प्रथम स्थान तथा नृत्य प्रतियोगिता में भी संकल्प की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता जिला स्तरीय प्रतियोगिता थी इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना होगा। संकल्प के छात्राओं के साथ इस कार्यक्रम में उनके शिक्षक दीपक कुमार ग्वाला और सीमा गुप्ता भी उपस्थित थे। संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बच्चों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम आवश्यक है। मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के युवाओं को सभी तरह के नशा से मुक्त होकर अध्ययन का नशा करना होगा तभी वह एक सफल नागरिक बन पाएंगे प्राचार्य अमरेंद्र सिंह ने भी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि नशा करना जरूरी है मगर वह नशा सफलता का होना चाहिए। ।युवा अधिकारी संकेत मित्तल ने इस सफल कार्यक्रम के लिए सभी को बधाई दी और आगे भी इस तरह के कार्यक्रम  माय भारत के द्वारा आयोजित किए जाएंगे इसकी जानकारी भी उनके द्वारा दी गई सभी विजेता बच्चों को ट्राफी, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया गया तथा प्रथम स्थान पर आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहने की बात भी कही गई।

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आज का दिन किस राशि के लिए बनेगा भाग्यशाली, किसे मिलेगी करियर में तरक्की और किसे बरतनी होगी सावधानी? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

मेष (Aries)

आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दिला सकती हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन जल्दबाजी से बचें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक हो सकती है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। छात्रों के लिए दिन अनुकूल है। यात्रा के योग बन रहे हैं। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)

आज भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)

आज मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खान-पान का ध्यान रखें। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

तुला (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपके लिए सफलता की कुंजी बनेगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में लाभ के योग हैं। कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)

आज धैर्य और संयम से काम लेना होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन जोखिम भरे फैसलों से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius)

आज का दिन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार में खुशियां आएंगी। धार्मिक यात्रा या पूजा-पाठ में मन लगेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)

आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। निवेश के लिए दिन अनुकूल है। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)

आज नए अवसर आपके सामने आएंगे। नौकरी में सफलता और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। किसी पुराने कार्य के पूरे होने से राहत मिलेगी। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)

आज भगवान शिव की कृपा से कई रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 7

सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जप तथा जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति, कार्यों में सफलता और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।

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मन की बात में फिर गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, पीएम मोदी ने कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की देशभर में की सराहना; मुख्यमंत्री साय बोले— हर बार बढ़ रहा प्रदेश का गौरव

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

*छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

*कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना*

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

*कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

*स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

*मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

*युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

 इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अभिनव पहल,30 जुलाई को प्रदेश में पहली बार आयोजित होगा ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान

रायपुर, 26 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रदेश में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य मातृशक्ति को पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बालोद जिला प्रशासन ने इस अभियान की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। वन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 45 हजार महिलाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं तथा अन्य इच्छुक महिलाओं को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पौधे उपलब्ध करा रही हैं, ताकि प्रत्येक महिला 30 जुलाई को अपने घर, आंगनबाड़ी अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधरोपण कर सके। महिलाओं ने भी इस महाअभियान को लेकर उत्साहपूर्वक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
अभियान के अंतर्गत पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद हितग्राही निर्धारित सेल्फी लिंक पर पौधे के साथ अपनी तस्वीर अपलोड कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ मातृशक्ति, प्रकृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।

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जल संरक्षण से बदली किसानों की तस्वीर, राजपुर का सामुदायिक चेक डेम बना ग्रामीण समृद्धि का मॉडल

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज जल संरक्षण, रोजगार सृजन और कृषि समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इस परियोजना ने न केवल वर्षा जल को संरक्षित किया है, बल्कि किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।

         ग्राम पंचायत राजपुर में भागवत के खेत के समीप निर्मित इस सामुदायिक चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख रुपए व्यय किए गए, जिसमें 2.79 लाख रुपए मजदूरी एवं 12.55 लाख रुपए सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से कुल 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई और अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

*10 हजार घनमीटर से अधिक जल संरक्षण क्षमता*
         12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पहले जहां वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, वहीं अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे भू-जल भंडार को समृद्ध कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर बनी रहती है।

*खेती हुई आत्मनिर्भर, किसानों की बढ़ी आय*
         इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह तथा श्री केवल पचरू सहित अनेक किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ-साथ रबी और सब्जी फसलों की भी सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से उत्पादन में वृद्धि हुई है, खेती की लागत कम हुई है और किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

           तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है तथा इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यह संरचना जल संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत प्रदान करने तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

*जल संरक्षण से गांव को मिला स्थायी समाधान*
         ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक के अनुसार चेक डेम बनने के बाद वर्षा जल गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और किसानों को समय पर सिंचाई उपलब्ध हो जाती है। किसानों का कहना है कि अब फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है तथा खेती अधिक लाभकारी बन गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का एक सफल एवं प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। यह परियोजना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि यदि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा एवं नई दिशा दी जा सकती है।

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संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन सरकार में दिव्यांगों को मिल रहा सम्मान और संबल,आवेदन के तुरंत बाद घर पहुंची व्हीलचेयर

रायपुर, 26 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सुगम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन की इसी जनहितैषी सोच का एक प्रेरणादायी उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देखने को मिला, जहां चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग महिला को आवेदन के तुरंत बाद घर पहुंचकर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई।

ग्राम बिजरवार, दौंजरा जनपद पंचायत गौरेला निवासी दिव्यांग मैकिन बाई लंबे समय से चलने-फिरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। उन्होंने गत दिवस समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कार्यालय में तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के बावजूद विभाग ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उन्हें अस्थायी रूप से वॉकर उपलब्ध कराया, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियां बाधित न हों।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की भावना के अनुरूप समाज कल्याण विभाग ने सहायक संचालक श्री नितिन कुमार के निर्देशन में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शीघ्र व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित की। विभाग की टीम स्वयं दिव्यांग हितग्राही के घर पहुंची और उन्हें व्हीलचेयर सौंपकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

व्हीलचेयर मिलने से मैकिन बाई को अब आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। वे अपने दैनिक कार्य पहले की तुलना में अधिक सहजता और आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगी। इस त्वरित सहायता से न केवल उनकी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि शासन के प्रति उनका विश्वास भी और मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के पहुंचे। समाज कल्याण विभाग की यह त्वरित और संवेदनशील पहल इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है।

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पांच सौ विद्यालयों में पोषण, पर्यावरण और सहभागिता का संगम, बैगलेस डे पर सूरजपुर की अनूठी पहल

रायपुर 26जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में विद्यालयों को शिक्षा के साथ पोषण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने की दिशा में सूरजपुर जिले ने बैगलेस डे पर उल्लेखनीय पहल की। 
जिले के लगभग 500 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ पोषण वाटिका निर्माण, न्योता भोजन, अतिरिक्त पूरक पोषण आहार वितरण तथा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान का आयोजन किया गया। इस अभिनव पहल में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत विद्यालय परिसरों में सेमी, लौकी, बरबट्टी, खीरा, तरोई सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों का रोपण किया गया। इन पोषण वाटिकाओं में तैयार होने वाली ताजी सब्जियों का उपयोग प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने के साथ प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और पोषण के प्रति व्यवहारिक समझ भी विकसित होगी।

बैगलेस डे के अवसर पर अनेक विद्यालयों में "न्योता भोजन" का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने बच्चों के लिए फल, मिठाई एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया। वहीं "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और पौधों की देखभाल का संकल्प लिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती लता बेक ने कहा कि बैगलेस डे केवल पुस्तकों से अलग एक दिन नहीं, बल्कि बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल, सामुदायिक सहयोग, श्रम का सम्मान और प्रकृति से जुड़ाव सिखाने का प्रभावी माध्यम है। सूरजपुर का यह नवाचार शिक्षा, पोषण और जनसहभागिता के समन्वित मॉडल के रूप में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदली नीलिमा की जिंदगी ,सिलाई प्रशिक्षण ने दिया आत्मनिर्भरता का नया रास्ता, घर से शुरू किया सफल स्वरोजगार


रायपुर, 25 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी योजना का लाभ लेकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम मोहला की निवासी श्रीमती नीलिमा देवांगन ने अपने जीवन को नई दिशा दी है। आज वे अपने घर से सिलाई का सफल स्वरोजगार संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

*प्रशिक्षण ने बदला जीवन का नजरिया*
          श्रीमती नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की जानकारी उन्हें अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, मशीन संचालन, परिधानों की कटिंग एवं सिलाई सहित व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

*हुनर बना आजीविका का आधार, घर बैठे मिल रहा रोजगार*
         प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीलिमा ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से सिलाई का कार्य प्रारंभ किया और आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर रही हैं। स्वरोजगार के पहले ही माह से उन्हें लगभग 5 से 6 हजार रुपए प्रतिमाह की नियमित आय होने लगी। यह आय उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

*आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ा आत्मविश्वास*
        नीलिमा देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें केवल एक हुनर ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं और भविष्य में अपने स्वरोजगार का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने की इच्छा रखती हैं।

*मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*
         श्रीमती नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना युवाओं को हुनर के साथ आत्मविश्वास भी दे रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

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किसके जीवन में आएंगी खुशियों की बहार, किसकी मेहनत लाएगी रंग और किन राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पढ़ें पूरा राशिफल

मेष (Aries)

आज का दिन आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। व्यापार में नए सौदे लाभदायक सिद्ध होंगे। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा तथा किसी मांगलिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है या आय के नए स्रोत बन सकते हैं। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से संतुष्ट रहेंगे। व्यापारियों को पुराने ग्राहकों से अच्छा लाभ मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)

आज का दिन नई संभावनाओं से भरा रहेगा। करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और घर में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन समय पर भोजन करें। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)

आज भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। धैर्य और समझदारी से काम करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। कार्यक्षेत्र में थोड़ी व्यस्तता रहेगी, लेकिन मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में किसी सदस्य की सलाह आपके लिए लाभदायक साबित होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करनी होगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)

आज भाग्य आपका भरपूर साथ देगा। नौकरी में पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा और नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा किसी समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा। परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी। शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)

आज का दिन मेहनत और सफलता का रहेगा। लंबे समय से रुका कार्य पूरा होने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में किसी शुभ समाचार से उत्साह का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करना आवश्यक होगा। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगा। व्यापार में नए अनुबंध मिलने की संभावना है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 8

वृश्चिक (Scorpio)

आज धैर्य और संयम आपके सबसे बड़े साथी रहेंगे। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। व्यापार में लाभ मिलेगा और नौकरी में कार्यों की सराहना होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। यात्रा के योग बन सकते हैं, जो लाभदायक सिद्ध होंगे। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और तनाव से दूर रहें। शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 3

धनु (Sagittarius)

आज का दिन भाग्य और परिश्रम दोनों का साथ लेकर आएगा। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को अच्छा लाभ होगा। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ किसी यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 5

मकर (Capricorn)

आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप अपनी बुद्धिमत्ता से सभी कार्य समय पर पूरे कर लेंगे। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार में किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान पर ध्यान दें। शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। मित्रों और सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)

आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में उन्नति के संकेत हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक संतुलन बना रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

आज प्रातः स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को जल अर्पित करें। "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का 11 या 21 बार जप करने से आत्मबल, मान-सम्मान और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है। रविवार के दिन गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है। धैर्य, सकारात्मक सोच और संयम के साथ किया गया प्रत्येक कार्य सफलता की ओर ले जाएगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन को मिल रही नई मजबूती ,  हेल्पलाइन बनी आम नागरिकों का भरोसेमंद मंच, ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायतों का हुआ समयबद्ध समाधान

रायपुर, 25 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की अवधारणा निरंतर सशक्त हो रही है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण हो। इसी उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आज नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बनकर उभरी है। इसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण कर उन्हें बिना अनावश्यक परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के साथ निराकृत करने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान प्राप्त हो।

इसी क्रम में रायगढ़ जिले के श्री रुद्रा बेहरा, श्री विश्वनाथन मोहन राव तथा श्री इलियास लोमगा ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जिला परिवहन विभाग ने प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की। विभाग द्वारा सभी औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए तीनों शिकायतों का निर्धारित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया।

समस्या का समाधान होने पर तीनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई हुई और बिना किसी अनावश्यक विलंब के समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सहज, पारदर्शी और प्रभावी रूप से उपलब्ध हो रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन तथा परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास दिलाना है कि शासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इसी जनहितैषी सोच का सशक्त माध्यम बनकर प्रदेश में सुशासन की नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रही है। समयबद्ध कार्रवाई, पारदर्शी प्रक्रिया और नागरिक संतुष्टि पर आधारित यह व्यवस्था शासन और जनता के बीच विश्वास को निरंतर मजबूत कर रही है तथा जनकेंद्रित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई उड़ान

रायपुर, 25 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य शासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ ही न मिले, बल्कि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हुए समाज में नई पहचान भी स्थापित करें। इसी सोच को साकार करने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले के ग्राम कुरमापाली की श्रीमती पुष्पा साव की सफलता की कहानी इसी परिवर्तनकारी अभियान का प्रेरक उदाहरण है।

कुछ वर्ष पहले तक श्रीमती पुष्पा साव का परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। दिनभर की कठिन मेहनत के बावजूद इतनी आय नहीं हो पाती थी कि परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से हो सके। बच्चों की पढ़ाई, परिवार का भरण-पोषण और भविष्य की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। सीमित संसाधनों के बीच बेहतर जीवन का सपना साकार होता दिखाई नहीं देता था।

इसी दौरान ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जानकारी मिली। उन्होंने संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़कर नियमित बचत की शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। यही सहयोग उनके जीवन में बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की नीति का लाभ उठाते हुए श्रीमती पुष्पा साव ने सीआईएफ से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता राशि से अपने घर पर मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। उनके उत्पाद की स्थानीय बाजार में तेजी से मांग बढ़ी, जिससे उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया।

व्यवसाय में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने लगभग 70 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश कर मशरूम उत्पादन का विस्तार किया। आज वे मशरूम उत्पादन के माध्यम से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों की बेहतर शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य के लिए बचत करना भी संभव हो पाया है। परिवार के भोजन में मशरूम शामिल होने से पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।

श्रीमती पुष्पा साव का कहना है कि यदि उन्हें बिहान का मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिला होता तो संभवतः उनका परिवार आज भी मजदूरी पर ही निर्भर रहता। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सही प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ और निरंतर मेहनत किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान आज प्रदेश की लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बन चुका है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। श्रीमती पुष्पा साव की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि शासन की दूरदर्शी नीतियां, बिहान का प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यह प्रेरक कहानी बताती है कि अवसर, प्रशिक्षण और संकल्प का संगम किसी भी परिवार के जीवन में समृद्धि और सम्मान का नया अध्याय लिख सकता है।

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नारायणपुर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी, दिनभर दर्जनों बार हुई बिजली की आंख-मिचौली से आमजन बेहाल, हाथी प्रभावित क्षेत्र और बरसात के बीच अंधेरे ने बढ़ाई लोगों की चिंता

नारायणपुर। नारायणपुर क्षेत्र में शनिवार को दिनभर बिजली की लगातार आंख-मिचौली से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक हर 20 से 25 मिनट के अंतराल में बिजली का आना-जाना जारी रहा। लगातार हो रही इस कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कुछ मिनटों के लिए आती है और फिर अचानक चली जाती है। पूरे दिन में दर्जनों बार ऐसा होने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। सबसे अधिक चिंता इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार बिजली आने-जाने से फ्रिज, कूलर, टीवी, इन्वर्टर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण खराब होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि पूरा क्षेत्र हाथी प्रभावित इलाका है। ऐसे में रात के समय बिजली गुल रहने से जंगली हाथियों की आवाजाही का खतरा और बढ़ जाता है। अंधेरे के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में डर बना रहता है और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

वहीं इन दिनों बरसात का मौसम होने से सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने की संभावना भी अधिक रहती है। बिजली नहीं रहने से अंधेरे में इनसे सामना होने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जब भी विद्युत विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया जाता है तो हर बार यही जवाब मिलता है कि "लाइन में फाल्ट है।" लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में फाल्ट है तो विभाग पूरे दिन में भी उसे ठीक नहीं कर पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।

नागरिकों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि बार-बार हो रही बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, लाइन में आ रहे फाल्ट को तत्काल दूर किया जाए तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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कर्नाटक के सत्य साई ग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, शिक्षा-स्वास्थ्य और पोषण के सेवा मॉडल को बताया विकसित छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी, जनकल्याण के विस्तार पर हुई अहम चर्चा

रायपुर 25 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।

मुख्यमंत्री ने श्री सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।

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'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच दोकडा में बहुड़ा रथयात्रा सम्पन्न: गजपति के रूप में मुख्यमंत्री की पुत्री स्मृति साय और भाई विनोद साय ने निभाई शाही परंपरा, आज श्रद्धालुओं को होगा दिव्य सोना भेष का दर्शन

1942 से चली आ रही दोकड़ा की ऐतिहासिक परंपरा में उमड़ा जनसैलाब: बहुड़ा रथयात्रा के साथ श्री मंदिर लौटे महाप्रभु, आज रात होगा स्वर्णाभूषणों से सजा भव्य सुना वेश

दोकड़ा । जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शुक्रवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पावन बहुड़ा रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुई। नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में भक्तों को दर्शन देने के बाद महाप्रभु भव्य रथ पर सवार होकर पुनः श्री मंदिर की ओर लौटे। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान के रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य माना। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोकड़ा पहुंचे और भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष बहुड़ा रथयात्रा का सबसे विशेष आकर्षण मंदिर के गजपति महाराजा की परंपरा का निर्वहन रहा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पुत्री स्मृति साय तथा उनके भाई विनोद साय ने गजपति के रूप में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। दोनों ने प्रदेशवासियों की खुशहाली, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना करते हुए पूजा संपन्न कर रथयात्रा का शुभारंभ कराया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भी इस ऐतिहासिक परंपरा का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।

बहुड़ा यात्रा के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा श्री मंदिर परिसर तो पहुंच गए हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार अभी वे तीन दिनों तक रथ पर ही विराजमान रहेंगे। इस अवधि में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे।

मंदिर समिति के अनुसार शनिवार शाम 8 बजे भगवान का भव्य "सुना वेश" (सोना वेश) आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को स्वर्णाभूषणों से अलंकृत किया जाएगा। स्वर्ण श्रृंगार में भगवान के दिव्य दर्शन के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हर वर्ष की तरह इस बार भी सुना वेश श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

इसके बाद रविवार को अधर पाना की प्राचीन परंपरा निभाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अनुष्ठान में विशेष पात्रों में तैयार किए गए पवित्र पेय का भगवान को अर्पण किया जाता है। वहीं सोमवार को नीलाद्री विजय के साथ भगवान श्री जगन्नाथ पुनः श्री मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होंगे और रथयात्रा महोत्सव का विधिवत समापन होगा।

नीलाद्री विजय की सबसे भावनात्मक और लोकप्रिय परंपरा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर उन्हें मनाने की है। मान्यता है कि भगवान श्री जगन्नाथ बिना बताए अपनी बहन और भाई के साथ रथयात्रा पर निकल जाते हैं, जिससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। भगवान वापस लौटने पर उन्हें रसगुल्ला भेंट कर उनका मान-मनौव्वल करते हैं। यह अनूठी धार्मिक परंपरा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था और आकर्षण का विषय बनी रहती है।

गौरतलब है कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा वर्ष 1942 से लगातार आयोजित की जा रही है। समय के साथ यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय एकता का प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी इस ऐतिहासिक परंपरा को और अधिक भव्य बनाती है। इस बार भी बहुड़ा रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुई तथा अब श्रद्धालुओं की निगाहें शनिवार शाम होने वाले दिव्य सुना वेश पर टिकी हुई हैं।

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देव पब्लिक स्कूल में स्टूडेंट काउंसिल का गठन, हेड बॉय-हेड गर्ल समेत विभिन्न पदों पर विद्यार्थियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास की दिशा में नई पहल

जशपुरनगर। देव पब्लिक स्कूल, जशपुर में शनिवार को विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से स्टूडेंट काउंसिल का गठन किया गया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के लिए छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

स्टूडेंट काउंसिल के तहत हेड बॉय, हेड गर्ल, स्कूल कैप्टन, कल्चरल इंचार्ज, स्पोर्ट्स सेक्रेट्री, हाउस कैप्टन, हाउस वाइस कैप्टन, इको क्लब और लिटरेसी क्लब सहित विभिन्न पदों का गठन किया गया। चयनित विद्यार्थी अब विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, पर्यावरण और साहित्यिक गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए बताया गया कि हेड बॉय और हेड गर्ल विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे, जबकि स्कूल कैप्टन अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने का कार्य करेंगे। वहीं कल्चरल इंचार्ज सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्पोर्ट्स सेक्रेट्री खेल गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। हाउस कैप्टन एवं वाइस कैप्टन अपने-अपने हाउस की गतिविधियों का संचालन करेंगे।

विद्यालय में इको क्लब और लिटरेसी क्लब का भी गठन किया गया। इको क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और पौधारोपण के प्रति जागरूकता विकसित की जाएगी, जबकि लिटरेसी क्लब के जरिए पठन-पाठन, लेखन, भाषण, वाद-विवाद और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अवसर पर विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और सहयोग की भावना के साथ कार्य करना है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।

उप प्राचार्य एरिक सोरेंग ने कहा कि स्टूडेंट काउंसिल विद्यार्थियों में नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और टीमवर्क जैसे गुणों का विकास करती है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

कार्यक्रम के अंत में नवगठित स्टूडेंट काउंसिल के सभी सदस्यों ने विद्यालय के हित में कार्य करने, अनुशासन बनाए रखने और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि इस पहल से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा मिलेगी।

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