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पुलिस की चार पहिया वाहन को हवलदार ने लाफ़रवाही  पूर्वक चलाते हुए घर को टक्कर मारते हुए पलटी. ...वाहन वे मकान हुआ क्षतिग्रस्त एसएसपी ने  हवलदार को किया निलंबित 


 नारायणपुर : बेकाबू चार पहिया वाहन घर के बाहरी हिस्से से टकरा कर पलट गई। दुर्घटना के समय आसपास सुनसान होने से बड़ी घटना टल गई। मामला जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के रानीकोम्बो गांव की है। प्रत्यक्षदर्शी सरपंच छक़कन राम भगत ने बताया की रविवार की सुबह लगभग साढ़े 7 बजे पुलिस विभाग की बोलेरो क्रमांक सीजी 03 ए 0037 रानीकोम्बो आई थी। वाहन को विभाग का हवलदार राजेश पैंकरा चला रहा था। वाहन की ठोकर से ग्रामीण का घर क्षतिग्रस्त हो गया है।  दुर्घटना में वाहन भी क्षतिग्रस्त हुई है। थाना प्रभारी के द्वारा उच्च अधिकारी को तत्काल अवगत कराया गया।एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया की मामले में कार्रवाई करते हुए हवलदार राजेश पैंकरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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प्रधानमंत्री  ने मन की बात में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की उपलब्धियों का किया जिक्र,कहा शिक्षा का क्षेत्र में भी परचम लहरा रहा है

रायपुर : प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र  मोदी  ने  'मन  की  बात' की  122 वीं  कड़ी में आज फिर  दंतेवाड़ा जिले  की  उपलब्धियों  का  जिक्र  किया। 
प्रधानमंत्री  श्री  मोदी  ने  कहा  कि  मन  की  बात  में  हम  बस्तर  ओलंपिक  और  माओवाद प्रभावित  क्षेत्रों  में साइंस  लैब  की  चर्चा  कर  चुके  हैं। यहां के बच्चों में साइंस का पेशन है।   स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी  होते हैं। इन्होंने तमाम चुनौतियों के बीच अपने  जीवन को बेहतर बनाने की  राह  चुनी है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे। करीब 95 प्रतिशत के साथ यह जिला दसवीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं  12वीं की परीक्षा में छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया। सोचिए जिस दंतेवाड़ा जिले में  कभी  माओवाद चरम पर था, वहां आज  शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे  बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं।

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बिलासपुर की प्रकृति कश्यप का छत्तीसगढ़ सब जूनियर नेटबॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन 

बिलासपुर : बिलासपुर की प्रकृति कश्यप का 31वीं सब जूनियर नेटबॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है जो  कि इंदौर ( म.प्र ) में 25/05/2025 से 27/05/2025 तक आयोजित है जिसमें  छत्तीसगढ़ की टीम भी हिस्सा ले रही है और जिले के सौम्या सतवानी को बालक टीम के मैनेजर के लिए नियुक्त किया गया है जिला नेटबॉल संघ बिलासपुर जिसमें वरिष्ठ संरक्षक श्री अनिल मिश्रा जी श्री प्रवीण बिसेन जी श्री धीरेंद्र सिंह जी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह जी उपाध्यक्ष श्री नवनीत पांडेय जी श्री विमल राय जी,श्री अजय यादव जी  श्री अख्तर खाँन जी नवीन नागदौने जी श्री आतिस् पारिख जी सचिव श्री योगेश साहू जी सह सचिव श्री श्रीमती सृष्टि कांस्कर् जी  श्रीमती राजेश्वरी साहू जी श्री रूपेन्द्र ठाकुर जी श्री शेख तौसीफ  जी श्री भूपेंद्र पारचे जी कोषाध्यक्ष श्री उत्तम साहू जी,  श्री प्रमोंद विश्वास जी श्री अमित यादव जी श्री मोहन निषाद जी आदित्य कशयप जी निलेश कांत श्रीवाश जी महेंद्र यादव जी सतेंद्र पूरी जी अमित वैष्णव जी गौरव शुक्ला जी टी प्रतीक जी गौरव तिवारी जी अरुण दुबे जी प्रकृति कस्कार जी प्रियंका सोनवानी सभी पदाधिकारियों ने प्रकृति  और सौम्या को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।

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प्रधानमंत्री के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन,75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 3T मॉडल के साथ 2047 का लक्ष्य

रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ का दूरदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल देने जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा और इसके केंद्र में ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा, बल्कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में भी राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि का अनुमान है। इस रणनीति को ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र योजना निहित है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, आईटी, पर्यटन और कौशल विकास जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु 10 विशिष्ट मिशन प्रारंभ किए गए हैं।

*बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष का नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बन गया है। बस्तर और उसके आसपास के 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को कंप्यूटर, स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब यहां के बच्चे जंगल में लकड़ी चुनने के बजाय लैपटॉप और मशीनें चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब बड़े निवेश आ रहे हैं। नवा रायपुर में स्थापित की जा रही देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर से बस्तर एवं समूचे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। अब बस्तर ‘मेक इन इंडिया’ का उपयुक्त स्थल बन रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि  सरकार द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाएं तैयार की गई हैं। अब बस्तर में आदिवासियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ की सूची में शामिल किया गया है।

*भौगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को 1100 किलोमीटर से बढ़ाकर 2200 किलोमीटर तक ले जाने का कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। रायपुर एयरपोर्ट से अब कार्गो सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है, जिससे राज्य एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा उपलब्ध है। विशेषकर स्टील, कोयला, डोलोमाइट और लिथियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन और बिजली उत्पादन को 2030 तक देश में शीर्ष स्थान तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। यह उपलब्धि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

*प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन*

मुख्यमंत्री श्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक नीतिगत सुधारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जमीन पंजीकरण जैसे कार्य अब केवल 500 रुपये में घर बैठे संभव हो गए हैं। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्ले स्कूल, हॉस्पिटल और कॉलेज खोलने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

*नीति आयोग में छत्तीसगढ़ के 2047 रोडमैप की प्रमुख बातें*

1. *छत्तीसगढ़ - ऊर्जा और उद्योग की रीढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ बिजली, कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे संसाधनों के माध्यम से भारत की औद्योगिक नींव को सुदृढ़ करता है। छत्तीसगढ़ की यह विशिष्टता देश के आर्थिक विकास को मजबूत आधार प्रदान करती है।

2. *खेती और जंगल – ग्रामीण समृद्धि का आधार*

कृषि, मछलीपालन और वनोपज आधारित आजीविका से ग्रामीणों और आदिवासियों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है जो आदिवासी और ग्रामीण जीवन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन को परिलक्षित करता है।

3. *आदिवासी अधिकारों में नई क्रांति*

आदिवासी परिवारों को जमीन का अधिकार पाने की प्रक्रिया सरल होने से आदिवासियों का सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, जो सामाजिक न्याय और अधिकारों की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

4. *HHH मॉडल से पर्यटन को नया विस्तार*:
HHH मॉडल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, हाउसिंग और हैंडीक्राफ्ट के जरिए स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

5. *डिजिटल बदलाव से प्रशासन में पारदर्शिता और गति*

अब सरकारी कामों में तकनीक का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है। छत्तीसगढ़ ने “3T” मॉडल अपनाया  है – टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन। इसका मतलब है कि सरकारी काम अब साफ-सुथरे और जल्दी होंगे। ऑनलाइन फॉर्म, समय पर सेवाएं और आसान प्रक्रिया से जनता का भरोसा बढ़ेगा। यह भ्रष्टाचार को घटाकर जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

6. *नीतिगत नेतृत्व में अग्रणी राज्य*

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ सिर्फ संसाधन बहुल राज्य नहीं, बल्कि नीति और प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विचार को छत्तीसगढ़ पूरी लगन से लागू कर रहा है। अब तक 350 से ज्यादा सरकारी सुधार किए गए हैं।
 
7. *सड़क परिवहन और हवाई सुविधाओं की बढ़ी रफ्तार*: 11 साल में 21,380 करोड़ से नई सड़कें बनीं। अब जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट का सीधा सम्पर्क  देश के विभिन्न क्षेत्रों से बन चुका है।

8. *रेल सुविधाओं  का विस्तार*: राज्य में 161 साल में 1100 किमी रेल लाइन बनी थी। अब 2030 तक ये दोगुनी होकर 2200 किमी होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा   "छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है

रायपुर  : नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान एक आत्मीय क्षण सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा। लंच ब्रेक के समय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा कि  "छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है।" इस एक वाक्य में प्रधानमंत्री का स्नेह, विश्वास और राज्य के प्रति विशेष रुचि झलक रही थी। उस क्षण, आसपास उपस्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन भी मुस्कराते हुए इस संवाद के साक्षी बने।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हो रहे सकारात्मक बदलाव, औद्योगिक निवेश, और ‘आत्मनिर्भर बस्तर’ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कैसे बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक बन रहा है – जहाँ कभी बंदूकें चलती थीं, वहाँ अब मशीनें, लैपटॉप और स्टार्टअप की चर्चा हो रही है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना से लेकर लिथियम ब्लॉक की नीलामी तक – छत्तीसगढ़ अब संसाधनों से परिपूर्ण राज्य बनने की ओर अग्रसर है और देश के विकास में छत्तीसगढ़ की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।

यह क्षण किसी औपचारिक संवाद का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सहज स्वीकृति और सराहना का था। नीति आयोग की बैठक में जहां देशभर के राज्यों ने अपने विकास मॉडल प्रस्तुत किए, वहीं छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री की विशेष रुचि और सराहना प्राप्त की। यह स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल एक उभरता हुआ राज्य नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला राज्य बन चुका है।

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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में निवेश की दिशा में अहम कदम .... मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने की मुलाकात 

छत्तीसगढ़ में मेदांता अस्पताल और वरुण बेवरेजेस संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री से निवेशकों ने की मुलाकात

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की दिशा में अहम कदम बढ़ते हुए आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने मुलाकात की।

मेदांता अस्पताल के संस्थापक और प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने रायपुर में एक अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बताया कि वे इस परियोजना में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहते हैं। यह अस्पताल उन्नत चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों, रिसर्च और प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस होगा।

वहीं, वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के चेयरमैन श्री रवि जयपुरिया ने रायपुर में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्रूट जूस आधारित संयंत्र लगाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोज़गार सृजन को गति देगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में ऐसे गुणवत्तापूर्ण निवेश के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाओं पर राज्य शासन विचार कर इसे हर संभव मदद देगी, इस प्रकार की परियोजनाओं से जनता को लाभ और युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी सुलभ होंगे।

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विकास रोडमैप के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय       नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पहुंचे दिल्ली..

विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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बंदूक छोड़ विकास की ओर: 24 हार्डकोर नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 और 'नियद नेल्ला नार योजना' के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के समक्ष कुल 87 लाख 50 हजार रुपये के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इनमें से 20 नक्सलियों पर ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है। यह आत्मसमर्पण उसी निर्णायक यात्रा की एक  कड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब नक्सली भी समझ चुके हैं कि हिंसा का रास्ता अंतहीन विनाश की ओर ले जाता है। अब नक्सली उग्रवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। हम इन आत्मसमर्पित साथियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

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मुख्यमंत्री के सुशासन में सड़कों का हो रहा है विस्तार : चटकपुर से रेंगारबहार, कुनकुरी से मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर, रानीबंध चौक से उपरकछार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक बनेगा पक्का सड़क...मिली 18 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46  लाख 87
 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है। 
          राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
         इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।

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जिले के मनोरा जशपुर ओर कुनकुरी के शिक्षकों को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह प्रदान किया गया

   जशपुर : भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ा एकमात्र एवं देश का सबसे बड़ा स्वप्रेरित शिक्षक समूह के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष नवाचारी शिक्षकों को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह प्रदान किया जाता है वर्ष 2024 25 हेतु भी प्रदेश एवं देश के चयनित शिक्षकों की सूची का प्रकाशन कर दिया गया है इस बात की जानकारी प्रदान करते हुए जशपुर जिला नवाचारी ग्रुप प्रभारी श्रीमती मंजुला झा शिक्षक ने बताया कि यह सम्मान भारत के सभी प्रदेशों के शिक्षकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों विकास खण्डों में अच्छे कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है इस वर्ष जशपुर जिले के वनांचल विकासखंड मनोरा से संजीव यादव शिक्षक जिन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के सहयोग से गणित विषय के उत्कृष्ट नवाचार क्विज प्रश्न मंच के माध्यम से विकासखंड मनोरा के बच्चों में गणित के भय को दूर करने हेतु कार्य किया है इसके अलावा विकासखंड जशपुर की श्रीमती मीना सिन्हा के द्वारा  एफएलएन के साथ अन्य शैक्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने, विकासखंड कुनकुरी से श्रीमती गायत्री देवता को छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतू कृत कार्यों के उत्कृष्ट सम्पादन कार्य हेतु सम्मानित किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई,,,,कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन

रायपुर, : प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री ने कहा जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्वयन का लेने आया हूं जायजा 

नारायणपुर, :ओरछा विकासखण्ड़ के बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का क्षेत्र में क्रियान्वयन का जायजा लेने आप लोंगों के बीच आया हूँ। सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं और मांगों के लिए कार्यक्रम किया जिसमें प्राप्त आवेदनों का विभागों द्वारा निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ एक प्राकृतिक सम्पन्नता वाला क्षेत्र है जहाँ नक्सलवाद के कारण विकास बाधित रहा है। जवानों हौसलों से अब विकास कार्य को गति मिली है, केंद्र सरकार के सहयोग से अब नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा रहे है। नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण उपरांत क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य भरपूर यह क्षेत्र सही मायने में स्वर्ग बन जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वनमंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे। 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से  सिर पर पीला साफा पहनाकर व कलगी लगाकर और हार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। समर कैंप के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई सजावटी सामानों से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वनमंत्री का स्वागत किया। साथ ही अबूझमाड़ हाफ पीस मैराथन में हिस्सा लेने वाले दो स्कूली बच्चों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की। इस दौरान आँगनबाड़ी के बच्चों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर तिलक लगाया जिस पर तीनों अतिथियों ने चारपाई से उठकर उनको चारपाई में खड़ाकर चाकलेट देकर दुलार किया। इसके अलावा मेघावी छात्रों को सम्मानित कर बधाई दी। कार्यक्रम में  महतारी वंदन योजनाओं के लाभार्थियों से चर्चा किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राहियों को आवास की चाबी, स्वीकृति आदेश, प्रथम किस्त की राशि प्रदाय किया। इसके अलावा मनरेगा के तहत आवास हितग्राही को नगद राशि का भुगतान किया।मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना और मिनीमाता महतारी जतन योजना के एक-एक लाभार्थी को बीस हजार का चेक वितरित किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग सिदु को व्हीलचेयर, उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी मिनी किट, मत्स्य पालन विभाग के द्वारा कुरुषनार के मछुवा समिति को सामग्री वितरण किया।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बासिंग कैंप में की घोषणा*
20 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर में पुलिया निर्माण, 10 लाख की लागत से बासिंग हेतु खेल मैदान की स्वीकृति, 10 लाख की लागत से बासिंग में बालक आश्रम एवं माध्यमिक शाला मरम्मत की स्वीकृति, 24 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर और एहनार में नवीन आंगनबाड़ी भवन, 25 लाख की लागत से ग्राम बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक 500मीटर सीसी सड़क की स्वीकृति, ग्राम कुंदला, बासिंग और मुरहापदर में नवीन घोटूल के लिए 15 लाख की स्वीकृति। कुल 01 करोड़ 04 लाख की स्वीकृति दी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा ओरछा में 250 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण एवं वाटर सप्लाई तथा विद्युतीकरण कार्य के लिए 8 करोड़ एक लाख की लागत की विकास कार्य का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ मुख्यमंत्री ने झंडी दिखाकर किया रवाना 

सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ मुख्यमंत्री ने झंडी दिखाकर किया रवाना 

बासिंग  सुरक्षा कैंप में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा ओरछा में 250 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण एवं वाटर सप्लाई तथा विद्युतीकरण कार्य के लिए 8 करोड़ एक लाख की लागत की विकास कार्य का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राहियों को आवास की चाबी, स्वीकृति आदेश, प्रथम किस्त की राशि प्रदाय किया। इसके अलावा मनरेगा के तहत आवास हितग्राही को नगद राशि का भुगतान किया।

मुख्यमंत्री नोनी शशक्तिकरण सहायता योजना और मिनीमाता महतारी जतन योजना के एक-एक बीस हजार का चेक वितरित किया

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मुख्यमंत्री ने नक्सल मुठभेड़ में शहीद मेहुल भाई के पार्थिव शरीर को कंधा देकर दी अंतिम विदाई,कहा - व्यर्थ नहीं जाएगा शहीदों का बलिदान

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।  

मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।

          इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अम्बिकापुर के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया .....अमृत स्टेशनों में दिखेगी विकसित भारत की झलक: मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात

रायपुर, : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े। 

गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए।

*अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन* 

छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।

 अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा।

रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

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सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री ने सरगुजा संभाग के जिलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दी सख्त हिदायत...पेशियों की न दें बार-बार तारीख,शासकीय योजनाओं को बेहतर करने वाले जिले होंगे पुरस्कृत

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं।

जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।

बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। 

स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश

गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।

समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्री प्रबोध मिंज, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी श्री दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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Big News : PM नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 5 अमृत स्टेशनों का किया उद्घाटन..CM साय अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल..पढ़ें पूरी खबर

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पांच अमृत स्टेशन सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया. इन स्टेशनों का उन्नयन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है. इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए. छत्तीसगढ़ के जिन अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ उनमें बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर स्टेशन, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई और भानुप्रतापपुर स्टेशन और नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ स्टेशन शामिल हैं.

वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी बहुल सरगुजा जिले का मुख्यालय अंबिकापुर सहित छत्तीसगढ़ के 05 रेल्वे स्टेशन अब रेल्वे मानचित्र में प्रमुख स्टेशन के रूप में शामिल हो गए हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में अमृत स्टेशनों के सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला और बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, उद्धेश्वरी पेकरा, शंकुतला र्पोते, मुख्य सचिव अमिताभ जैन संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आई.जी. दीपक झा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. 

गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1337 स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें से पूर्ण हुए 103 अमृत स्टेशनों का आज लोकार्पण किया गया हैं. इन स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है. साथ ही स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को भी स्टेशन डिज़ाइन में स्थान दिया गया है. इन अमृत स्टेशनो में उपलब्ध सुविधाओं में भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक साज-सज्जा, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट, दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप, प्लेटफॉर्म शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले आदि शामिल हैं.

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महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर ( बड़ा देउला) के प्राण प्रतिष्ठा के द्वितीय दिवस की पूजा हुई प्रारंभ.... उमड़ रही है भक्तों की भीड़ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल

जशपुरनगर :  दोकड़ा में नव निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रारंभ हो चुकी है,श्रद्धालु बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल में पहुंच रहे है।प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की पूजा अर्चना शुरू हो गई है,इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शामिल हुईं।

उल्लेखनीय है कि दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1942 से निकाली जा रही है। रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा गांव के पंडित स्व सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी श्री सुशीला सतपथी के द्वारा शुरू किया गया था।
मंदिर का निर्माण 1968 में किया गया था। मंदिर के जर्जर होने के कारण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विगत वर्ष में संकल्प लिया गया था कि मंदिर का जिर्णोद्धार करने भगवान जगन्नाथ मंदिर को नव निर्मित भवन बनाएंगे और मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा हुआ उन्होंने ग्रामवासियों को सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया है।

21 मई से प्रतिदिन विशाल मीना बाजार का भी होगा आयोइस दौरान 21 से 27 मई तक अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जहॉ 21 मई में से प्रतिदिन विशाल मीना बाजार का भी आयोजन होगा।
       22 मई को सुबह 7 बजे से सूर्य पूजन, गौ पूजन, मंदिर प्रवेश, पार्श्व विग्रह, नेत्र उनिजन, 23 मई को प्रातः 7 बजे से सूर्य पूजन, मंडल पूजन, शिखर कलश, एवं नीलचक्र स्थापना, पार्श्व विग्रह महास्नान, 24 मई को प्रातः 7 बजे से सूर्य पूजन, मंडल पूजन, यज्ञ हवन, 25 मई को श्री जगन्नाथ स्वामी जी, बलभ्रद्र जी, सुभद्रा जी का मंदिर प्रवेश एवं संध्या भव्य कलश यात्रा अधिवास तथा 27 मई को प्रातः 8 बजे पूर्णाहूति, दधीभंजन एवं नगर भ्रमण जिसमें ओडिशा के कीर्तन मंडली द्वारा ओड़िसा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात् महाप्रसाद वितरण एवं समापन होगा।

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