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प्रदेश में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ,,गरीबों को पक्का आशियाना देकर प्रधानमंत्री के संकल्प को कर रहे हैं पूरा: मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबियाँ हितग्राहियों को सौंपी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अभियान वैज्ञानिक सहयोग और अनुसंधान को खेतों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान में केंद्र सरकार के वैज्ञानिक राज्य के वैज्ञानिकों के साथ दल बनाकर कार्य करेंगे तथा आने वाले दिनों में राज्य के 13 लाख से अधिक किसानों से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रयोगशाला से निकलकर खेतों तक जाकर किसानों को उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी देंगे और किसानों से सुझाव भी लेंगे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के हर गरीब के पास पक्का मकान होना चाहिए। इसी दिशा में राज्य सरकार ने अब तक 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की है, जिनमें से अधिकांश का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष निर्माणाधीन हैं। "आवास प्लस प्लस" योजना में भी पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की 70 लाख से अधिक बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹1000 अंतरित किए जा रहे हैं। जिनके नाम अब तक नहीं जुड़े हैं, उन्हें भी शीघ्र जोड़ा जाएगा।

*हितग्राहियों से लिया फीडबैक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में उपस्थित हितग्राहियों से योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। हितग्राही श्री चमार सिंह पटेल ने जल स्तर में गिरावट को देखते हुए धान के स्थान पर उद्यानिकी और कम जल-आवश्यकता वाली फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जैविक खेती को भी प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। श्रीमती चंदन ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं में करती हैं।

*मुख्यमंत्री की घोषणाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए लगभग ₹3.5 करोड़ के विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इनमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु ₹75 लाख, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए ₹75.23 लाख, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु ₹55 लाख, हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए ₹50 लाख, अहाता एवं शेड निर्माण के लिए ₹20 लाख, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु ₹42 लाख और हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए ₹24 लाख की स्वीकृति दी गई। उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की। इस अवसर पर कृषि पत्रिका का विमोचन भी किया गया। 

शिविर में हितग्राहियों को कृषि उपकरण हेतु अनुदान चेक, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और किसान क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किसानों को कृषि संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि रिसर्च सिर्फ प्रयोगशालाओं में न रहे, बल्कि गाँव-गाँव तक पहुँचे। केंद्र सरकार के 100 वैज्ञानिक इस अभियान में भाग लेंगे, जो स्थानीय वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिदिन दो-दो कैंप लगाएंगे और किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत के किसान जितने सशक्त होंगे, देश उतना ही मजबूत होगा।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की माँग रखी।

समाधान शिविर में रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने बताया कि जिले में प्रथम चरण में कुल 2,98,635 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,89,968 आवेदन माँग संबंधित थे और 8641 शिकायतें थीं। इनमें से सभी का समाधान कर लिया गया है, केवल 26 शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि शिविरों में 5000 से अधिक लर्निंग लाइसेंस भी बनाए गए हैं।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, किसान कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शाहला निगार, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी हुआ आयोजित...

रायपुर. :. पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था। 

विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी। 

संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ सरकार का युक्तियुक्तकरण अभियान बना संतुलन की कुंजी

रायपुर, :छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा को प्रभावशाली और समावेशी बनाने के लिए छत्तीसगढ़़ सरकार ने कई सार्थक पहलें की हैं। इन्हीं पहलों में एक है शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, जिसका मूल उद्देश्य है शासकीय शालाओं में दर्ज छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की पदस्थापना। इस पहल से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ऐसे स्कूलों में भी पढ़ाई की रफ्तार बढ़ेगी, जहां वर्षों से शिक्षक संकट की स्थिति बनी हुई है।

*धरसीवां विकासखण्ड में सामने आई विसंगति*

रायपुर जिले के धरसीवां विकासखण्ड में की गई हालिया समीक्षा में कई ऐसी शालाएं सामने आईं हैं, जहां छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन वहां शिक्षक आवश्यकता से कहीं अधिक संख्या में पदस्थ हैं। जैसे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कन्या सरस्वती नयापारा में केवल 33 छात्राएं हैं, जबकि 7 शिक्षक तैनात हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कन्या रविग्राम में 82 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और 8 शिक्षक कार्यरत हैं। शासकीय प्राथमिक शाला मानाकैम्प में 104 विद्यार्थी हैं और वहां 11 शिक्षक पदस्थ हैं। शासकीय प्राथमिक शाला तेलीबांधा रायपुर में 109 विद्यार्थी हैं, जबकि 9 शिक्षक हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पी.एल.वाई., बैरनबाजार में 98 विद्यार्थी हैं और 10 शिक्षक कार्यरत हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कुछ विद्यालयों में शिक्षक जरूरत से ज्यादा हैं, जबकि राज्य के अनेक अन्य क्षेत्रों विशेषकर सुदूर और वनांचल में, जहां छात्रों की संख्या अधिक है, वहाँ शिक्षकों की बहुत कमी है। यह असमानता बच्चों के शिक्षा के अधिकार और गुणवत्ता आधारित शिक्षा के रास्ते में बड़ी बाधा बन रही है।

*युक्तियुक्तकरण है संतुलन और सुधार की रणनीति*

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस असंतुलन को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया है। इस नीति के तहत विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात का गहन अध्ययन कर यह निर्धारित किया जा रहा है कि कहां कितने शिक्षक की वास्तव में जरूरत है और कहां उनकी अधिकता है। अधिशेष शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा, ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह प्रक्रिया वास्तव में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार की प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्ता आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है, चाहे वे राजधानी में पढ़ते हों या बस्तर के किसी सुदूर गांव में। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि किसी भी विद्यालय में शिक्षक की कमी न रहे और हर बच्चा समान अवसर पाए। श्री साय का कहना है, शिक्षक हमारे शिक्षा तंत्र की रीढ़ हैं, लेकिन जब वे आवश्यकता से अधिक संख्या में एक ही स्थान पर केंद्रित हो जाते हैं, तो इससे अन्य क्षेत्रों में शैक्षणिक असंतुलन पैदा होता है। युक्तियुक्तकरण से हम इस असंतुलन को दूर करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में यह सुधार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह समानता, न्याय और गुणवत्ता की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री ने भैंसा पहुंचकर  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पानी टंकी, हायर सेकेंडरी स्कूल भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी ₹3.5 करोड़ की सौगात

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रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत 10 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की।

शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपी, और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। हमारी सरकार इस संकल्प को साकार करने हेतु छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचे हुए पात्र परिवारों को ‘आवास प्लस प्लस’ योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भैंसा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इसमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु 55 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, अहाता एवं शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु 42 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 24 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर के दौरान विभिन्न हितग्राहियों से योजनाओं के फीडबैक भी लिए। श्रीमती चंदन ने 'महतारी वंदन योजना' के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे इस योजना की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों में करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है जब उसकी गूंज गांव-गांव और  घर-घर तक सुनाई दे। आज प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सिर्फ मकान की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की चाबियाँ हैं।

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मुख्यमंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नागरिक अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम सभागार में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के तहत आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है। हमारे देश में विश्व में सबसे ज्यादा युवा हैं। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। यह बहुत खुशी की बात है की छत्तीसगढ़ की धरती पर यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक आयोजित हो रही है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के सभी शीर्षस्थ संस्थान स्थापित हैं। आज हमारे प्रदेश में युवा आईआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति लागू है। नई शिक्षा नीति के तहत हम युवाओं को रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रयास जैसी संस्था स्कूली बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रही है। प्रयास में पढ़े बच्चे बड़ी संख्या में प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे युवा जो सिविल सेवा आदि परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए नई दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल स्थापित है। हमने इस ट्राईबल यूथ हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाकर 200 सीट कर दिया है। प्रदेश भर में हम नालंदा परिसर बना रहे हैं जहां बच्चे एक शांत वातावरण में पढ़ाई कर सकें। हमने यहां पहल की है कि मेडिकल की पढ़ाई भी छात्र हिंदी भाषा में कर पाएं। प्रदेश में प्राथमिक स्तर के बच्चों को उनकी मातृभाषा गोंडी, हल्बी आदि में शिक्षा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत हम न सिर्फ राज्य में निवेश ला रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और एआई डाटा सेंटर का कार्य प्रारंभ हुआ है। इन क्षेत्रों में भी युवाओं के रोजगार की बड़ी संभावना सृजित होगी। हमारी सरकार ने पीएससी में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई को सौंपी है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान डेढ़ साल में सरकार द्वारा किये कार्यों का फीडबैक हम जनता से ले रहे हैं। सुशासन तिहार का अभी तीसरा चरण चल रहा है,  जिसके तहत हम पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम चरण में जो आवेदन प्राप्त हुए उनका द्वितीय चरण में हमारे अधिकारियों के द्वारा निराकरण किया गया। अब तृतीय चरण में हम जनता के पास जा रहे हैं। डेढ़ साल में हमने प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटी को पूरा किया है। लोगों से प्रधानमंत्री आवास देने का जो वादा हमने किया था उसे निभाया है। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन की राशि मिल रही है। सुशासन तिहार के दौरान नारायणपुर में एक महिला ने मुझे यह बहुत खुशी से बताया कि महतारी वंदन की राशि से उसने एक सिलाई मशीन खरीदी है। जिसके माध्यम से वह 4 से 5 हजार की कमाई कर रही है। इसी तरह एक बहन ने बताया कि वह इस राशि से किराना दुकान चला रही है और दो से तीन हजार रुपए की आय अर्जित कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग प्रारंभ किया गया है। सरकार के सारे काम पारदर्शिता से हो रहे हैं। हम अब डिजिटाइजेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। ई-फाइल के माद्यम से फाइलें अब ऑनलाइन हैं। भ्रष्टाचार के सारे रास्ते हम बंद कर रहे हैं। 

इस अवसर पर कॄषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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CG News : शिक्षकों की कमी से प्रभावित हुआ परीक्षा परिणाम..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। शिक्षकों की कमी के कारण हायर सेकेण्डरी के परीक्षा परिणाम का प्रभावित हुआ है, जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों में कई शासकीय विद्यालय संचालित हैं जहां विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने से एक ओर जहां विद्यार्थियों का अध्यापन सुचारू रूप से नहीं हो पाता, वहीं विद्यालय का परीक्षा परिणाम शिक्षकों के कमी के कारण प्रभावित होता है।

वहीं जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा 2024-25 में शासकीय हाईस्कूल घूमाडांड विकासखंड प्रतापपुर में एकल शिक्षक होने के कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ। यहां के कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 39.47 प्रतिशत रहा।

दरअसल इस विद्यालय में कक्षा दसवीं में कुल 39 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या थी। इस परीक्षा में 38 विद्यार्थी में सम्मिलित हुए, जिसमें से 15 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शासकीय हाईस्कूल घूमाडांड में शिक्षक के अभाव के कारण ही परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराना है।

फिलहाल जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने के कारण वर्ष 2024-25 का हायर सेकेण्डरी का परीक्षा परिणाम 40.68 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत परीक्षा परिणाम से काफी कम है, यही कारण है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के कुंवारपुर प्रवास के दौरान ग्रामीणों द्वारा शिक्षक उपलब्ध कराने हेतु निवेदन किया गया।

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CG Crime : पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी.! कारोबारी का 27 लाख कैश चुराने वाला को किया गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh Crime/रायपुर। जिले की माना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने राजधानी में हुए चोरी के एक बड़े वारदात को सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस ने चोरी किये गए रकम को भी बरामद कर लिया है। संभवतः आज इस पूरे प्रकरण का खुलासा पुलिस की तरफ से किया जा सकता है।

दरअसल पिछले दिनों माना पुलिस को शिकायत मिली थी कि, कारोबारी गुरमुख आहूजा की डुमरतराई स्थित दुकान से कारोबारी के पुराने ड्राइवर ने 27 लाख रुपये नकदी पर हाथ साफ़ कर दिया है। पुलिस ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को दी और मार्गदर्शन प्राप्त कर आरोपी की पता तलाशी शुरू की।

वही जांच-पड़ताल और छापेमारी के दौरान हसौद पुलिस की मदद से आरोपी ड्राइवर विजय कश्यप को सक्ति जिले के मलदा गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर रकम की भी बरामदगी कर ली गई। आरोपी ने चोरी किये गए रकम को घर पर ईंटों के बीच छिपाकर रखा था। शातिर चोर विजय कश्यप को लेकर देर रत पुलिस रायपुर पहुंची है। जानकारी के मुताबिक माना पुलिस आज शाम प्रेसवार्ता कर मीडिया के सामने खुलासा कर सकती है।

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Breaking News : कलेक्टर ने पटवारियों को दी चेतावनी काम सुधार में लाए नहीं तो होगी कार्रवाई,पटवारी आलोक खेस्स बैठक में अनुपस्थित कलेक्टर ने निलंबित करने के दिए निर्देश 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बागबहार के ग्राम पंचायत भवन में क्षेत्र के पटवारी और राजस्व निरीक्षकों की समीक्षा बैठक लेकर सीमांकन,बटाकन, डायवर्सन, खाता विभाजन , नक्सा दुरूस्ती करण के कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू , एसडीएम पत्थलगांव सुश्री आकांक्षा त्रिपाठी, जनपद सीईओ पत्थलगांव श्रीमती प्रियंका गुप्ता उपस्थित थे। 
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पटवारियों को कड़ी हिदायत और चेतावनी देते हुए कहा कि अपने काम में सुधार लाए राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। आम नागरिकों को उनके छोटे मोटे काम के लिए अनावश्यक नहीं भटकाए सीमांकन के लंबित प्रकरणों के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि बागबहार के क्षेत्र से सीमांकन के लिए बहुत आवेदन आ रहा है तहसीलदार और पटवारी को इसका गंभीरता से निराकरण करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट पटवारियों को चेतावनी दी है कि जो काम नहीं करेगा उसका वेतन काटा जाएगा लोगों को अपने छोटे मोटे काम के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़े इसका ध्यान रखें।
कलेक्टर ने नक्सा बटाकन, किसानों का आधार प्रविष्टियां, किसान किताब, प्रविष्टियां कार्यों को गंभीरता से करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान ग्राम डूमरबहार के पटवारी बिना जानकारी के अनुपस्थित थे जिसके कारण उस हल्के की समीक्षा नहीं हो पाई कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए डूमरबहार के पटवारी श्री आलोक खेस को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कोतबा पटवारी को भी चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी है।
कलेक्टर ने कोकियाखार और खूटापानी के पटवारी को लंबित नक्सा बटाकन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की है।
कलेक्टर ने पटवारियों को अपने साथ फील्ड बुक रखने के लिए कहा है। और प्रविष्टियां करने के निर्देश दिए हैं 
कलेक्टर ने सभी पटवारियों को आगामी माह में गिरदावरी के कार्यों को भी गंभीरता से और रूचि लेकर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खानापूर्ति वाला गिरदावरी नहीं चलेगी मौके पर जाकर किसानों की उपस्थिति में ही गिरदावरी की जाएगी और किसान के खेत में अगर कुआं है तालाब है। पेड़ है सभी को गिरदावरी में दर्ज करना है ताकि किसानों को मछली पालन और अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

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राजधानी में उमड़ा शिक्षकों का जन सैलाब, ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन कर मंत्रालय घेराव को निकले शिक्षकों को पुलिस ने रोका....31 मई से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान 

रायपुर :  विसंगति पूर्ण युक्त युक्तिकरण का विरोध, सोना साहू के तर्ज पर एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान की मांग, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन लागू करना एवं व्याख्याता व प्राचार्य पदोन्नति में बीएड की अनिवार्यता खत्म करना सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर 28 मई को प्रदेश भर के हजारों हजार शिक्षक राजधानी रायपुर के धरना स्थल तूता मैदान पर उमड़ पड़े।
         प्रदेश संचालक मनीष मिश्रा, केदार जैन एवं जाकेश साहू ने बताया कि राजधानी के धरना स्थल मैदान  तूता पर शिक्षकों का जन सैलाब चारों ओर से आने लगा। काफी दिनों बाद शिक्षकों की ऐतिहासिक भीड़ एक बार फिर देखने को मिली। बहुत दिनों बाद ऐसा विराट आंदोलन का नजारा राजधानी में दिखाई दिया।
         यह बात उल्लेखनीय की राज्य सरकार द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए शिक्षक संगठनों से बगैर किसी मंत्रणा के विसंगति पूर्ण युक्तिकरण लागू किया जा रहा है। जिसके तहत प्रदेश के हजारों स्कूलों को बंद किया जा रहा है। अनेकों स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।शिक्षक के 50,000 से अधिक पदों को समाप्त किया जा रहा है। जिसके कारण प्रदेशभर के शिक्षक सरकार से बौखलाए हुए।
         शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालकों संजय शर्मा, वीरेन्द्र दुबे, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप लहरें, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू एवं अनिल कुमार टोप्पो ने संयुक्त बयान जारी करते हुए बताया कि सरकार प्रदेश की ढाई करोड़ आम जनता को गुमराह कर व झूठ बोलकर सरकारी स्कूलों को निजीकरण करने का एक दूरगामी षड्यंत्र रच रहा है जिसे कभी भी सफल नहीं होने दिया जाएगा। 
           हजारों स्कूलों को बंद करना, स्कूलों को मर्ज करना, प्रधान पाठक व शिक्षकों के पदों को समाप्त करना यह सब प्रदेश के लाखों आम जनता, पालकों, शिक्षकों व स्कूली बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ व बड़ा षड्यंत्र है।
         अपनी मांगों को लेकर मंत्रालय घेराव के लिए निकले हजारों हजार शिक्षकों की जनसैलाब को रोकने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। शिक्षकों ने पुलिस द्वारा लगाए गए पहले बेरीकेट्स को तोड़कर तेजी से आगे बढ़े जिसे आगे रेलवे ओवरब्रिज के पास दूसरा बड़ा टीन का बेरीकेट्स लगाकर शिक्षकों को रोका गया।
         शिक्षकों का उग्र रूप देखकर राज्य सरकार ने शिक्षक साझा मंच को डेलिगेशन के लिए बुलाया लेकिन सरकार से वार्ता बेनतीजा रहा। और शिक्षकों ने अपनी मांगों के लिए सरकार को फिर से दो दिनों का अल्टीमेटम देते हुए 31 मई से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया।
          अब 31 मई से प्रदेश के हजारों शिक्षक राजधानी के तूता मैदान में संभागवार क्रमिक हड़ताल करेंगे। गांव गांव तक सरकार के उक्त जनविरोधी फैसले को पहुंचाया जाएगा। 16 जून से प्रदेशभर के स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव का बहिष्कार करते हुए व्यापक स्तर पर हड़ताल किया जाएगा तथा इसे जनांदोलन बनाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने बालोद, नारायणपुर एवं कांकेर जिले के अधिकारियों की बैठक ली,सभी अधिकारी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता से करें कार्य: मुख्यमंत्री

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत संयुक्त जिला कार्यालय, बालोद के सभाकक्ष में बालोद, नारायणपुर एवं कांकेर जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सतत निरीक्षण एवं अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आम जनता से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक इस बात का प्रमाण है कि बीते डेढ़ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वच्छता के प्रति विशेष रूचि लेकर कार्य करें एवं सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त स्वच्छता संबंधी आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत मिशन का सकारात्मक प्रभाव प्रदेशभर में परिलक्षित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से दौरा कर निर्माण एवं विकास कार्यो का मौका मुआयना करने के साथ ही जनसमस्याओं का त्वरित निदान का काम करें। मुख्यमंत्री ने फसल चक्र को अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बालोद जिले में गन्ना तथा कांकेर एवं नारायणपुर जिलों में दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण पर जोर देते हुए कहा कि अनावश्यक विलंब से जनता में असंतोष उत्पन्न होता है। उन्होंने जिला एवं तहसील स्तर पर नियमित रूप से राजस्व न्यायालय की तिथि सुनिश्चित करने तथा सभी लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारियों को बरसात से पहले सीमांकन कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने, ड्रोन दीदी कार्यक्रम पर विशेष ध्यान केंद्रित करने एवं अधोसंरचना विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के संबंध में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निदान करने तथा विशेषकर विद्यार्थियों को आवश्यक प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बालोद जिले के परीक्षा परिणामों पर असंतोष व्यक्त किया तथा सुधारात्मक उपाय तत्काल अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, हर घर जल, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालोद जिले के देवरी एवं डौंडीलोहारा में 500 करोड़ रूपए की लागत से 400/220/132 केवी उच्चदाब उपकेन्द्र तथा 11.47 करोड़ रूपए की लागत से जुनवानी से चिखली सड़क मार्ग निर्माण की जानकारी भी साझा की।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह, बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, कांकेर कलेक्टर श्री नीलेश क्षीरसागर, नारायणपुर कलेक्टर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगई, संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुधार की नई पहल: युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ठोस कदम ....बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री 

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  राज्य सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता से लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे शिक्षा विभाग की वह समीक्षा रिपोर्ट है, जिसमें राज्यभर के सरकारी स्कूलों में संसाधनों के असमान वितरण की गंभीर स्थिति सामने आई है। 

रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 211 शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी छात्र दर्ज नहीं है, फिर भी वहां नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। इससे न केवल शैक्षणिक संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि आवश्यकता वाले विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उदाहरण के लिए, सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की प्राथमिक शाला साजाभवना में कोई छात्र नहीं है, जबकि एक सहायक शिक्षक वहां कार्यरत हैं। इसी तरह हर्राटिकरा स्कूल में भी छात्र संख्या शून्य है, लेकिन वहां एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक पदस्थ हैं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यालयों की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है, और अब वहां से शिक्षकों को तत्काल उन स्कूलों में नियोजित किया जाएगा जहां उनकी आवश्यकता है।

दूसरी ओर राज्य के अनेक दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षक संकट की स्थिति बनी हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर में विषयवार शिक्षक न होने के कारण वर्ष 2024-25 में कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम महज 40.68 प्रतिशत रहा, जो राज्य औसत से बहुत कम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जब कुंवारपुर प्रवास पर थे, तब ग्रामीणों ने उनके समक्ष शिक्षक नियुक्तियों की मांग पुरज़ोर ढंग से रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के लिए वर्षों से शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जहां शिक्षक अनुपयोगी रूप से पदस्थ हैं, वहां से उन्हें शीघ्रता से जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक वहीं तैनात हों जहां छात्र हैं – यही सुशासन की प्राथमिक शर्त है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम उस व्यवस्था की नींव रख रहे हैं, जहाँ शिक्षक और छात्र दोनों अपनी सही जगह पर हों।  युक्तियुक्तकरण इस परिवर्तन की वह कुंजी है, जो वर्षों की उलझनों को सुलझाएगी और शिक्षा को नई ऊँचाई देगी।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय समय की माँग है। यदि इसे निष्पक्षता और डेटा-आधारित पद्धति से लागू किया जाए, तो छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली देश में एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने तुरंत युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को सक्रिय किया है, जिसमें पारदर्शिता, मानवीय दृष्टिकोण और स्कूलों की जरूरत को प्राथमिक आधार बनाया गया है। इस कदम से एक ओर शिक्षकविहीन स्कूलों को शिक्षक मिल सकेंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना को  रोका जा सकेगा। यह पुनर्संरचना शिक्षा प्रणाली को संतुलित, कुशल और परिणामोन्मुखी बनाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का युक्तियुक्तकरण का निर्णय महज़ व्यवस्थागत सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा को सार्थक और समावेशी बनाने की ऐतिहासिक पहल है। यह उस सोच का प्रतिबिंब है जो कहती है – शिक्षा वहां शुरू होती है, जहां शिक्षक और छात्र दोनों उपस्थित हों – एक उत्तम उद्देश्य के साथ स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होते हुए,  इस प्रेरणा के साथ कि हर पाठशाला देश की अगली पीढ़ी का निर्माण स्थल है।

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दूरस्थ स्कूलों में शिक्षकों की कमी से गिरा परीक्षा परिणाम. ..प्रदेश में शून्य दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं,शिक्षकों की तैनाती के बावजूद छात्र नही

रायपुर :छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत युक्तियुक्तकरण रिपोर्ट  के अनुसार, प्रदेश में कुल 211 शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी विद्यार्थी नहीं है, जबकि इन विद्यालयों में शिक्षक तैनात हैं।

शून्य छात्र संख्या, फिर भी शिक्षक पदस्थ

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला साजाभवना और हर्राटिकरा इसका  उदाहरण हैं। साजाभवना स्कूल में एक भी छात्र नहीं है, फिर भी एक सहायक शिक्षक यहां कार्यरत हैं। वहीं हर्राटिकरा स्कूल में शून्य दर्ज संख्या के बावजूद एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि ऐसे विद्यालयों की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है और यहां पदस्थ शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की भारी कमी

वहीं दूसरी ओर राज्य के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में शिक्षकों की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर पड़ रहा है। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर में विषयवार शिक्षक नहीं होने से वर्ष 2024-25 में हायर सेकंडरी परीक्षा का परिणाम महज 40.68 प्रतिशत रहा। यह आंकड़ा राज्य के औसत परीक्षा परिणाम से काफी कम है।

मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने उठाई आवाज

कुंवारपुर प्रवास के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष ग्रामीणों ने शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विज्ञान, गणित एवं अंग्रेज़ी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं मिल पा रही।

शिक्षा विभाग ने शुरू की पुनर्संरचना प्रक्रिया

इन हालातों को देखते हुए शिक्षा विभाग अब युक्तियुक्तकरण के तहत ऐसे विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पुनः पदस्थापन कर रहा है, जहां उनकी वास्तव में आवश्यकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जल्द ही शिक्षक युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय से आवश्यक था। जहां एक ओर शिक्षकविहीन विद्यालय जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिना छात्रों वाले स्कूलों में शिक्षकों का उपयोग  नही हो पा रहा था। यदि युक्तियुक्तकरण पारदर्शी तरीके से किया जाए, तो इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

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स्कूल शिक्षा सचिव से साझा मंच के शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता रही विफल....  31 मई से संभाग स्तरीय क्रमिक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा



रायपुर :  राजधानी में आज शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के द्वारा प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय हड़ताल एवं मंत्रालय घेराव किया गया। तत्पश्चात राज्य सरकार के द्वारा शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया था। जिसके तहत स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी द्वारा सरकार की ओर से शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई परंतु वार्ता पूरी तरह विफल रही।
        वार्ता विफल होने पर शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से बयान जारी कर बताया गया कि सरकार से वार्ता पूरी तरह विफल रही। इसके बाद साझा मंच के सभी प्रदेश संयोजकों ने मिलकर संयुक्त रूप से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि सरकार को विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण रद्द करने सहित चार सूत्रीय मांगों पर निर्णय लेने के लिए दो दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। 
        यदि सरकार द्वारा मांगों के संबंध में दो दिनों में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ द्वारा आगामी 31 मई दिन शनिवार से राजधानी रायपुर के धरना स्थल तूता में संभाग स्तरीय क्रमिक अनिश्चितकालीन आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन चालू होगा। जिसके तहत सबसे पहले 31 मई को रायपुर संभाग, फिर क्रमशः दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर एवं सरगुजा संभाग के सभी शिक्षक साथी बारी बारी से राजधानी रायपुर हड़ताल में आएंगे। 
          स्कूल शिक्षा सचिव से वार्ता में प्रदेश संचालक मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप लहरे, विक्रम राय एवं अनिल कुमार टोप्पो सहित 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल सम्मिलित थे।

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सुशासन तिहार : मांदरी गांव के आँगनबाड़ी केंद्र मुख्यमंत्री,बच्चों से आत्मीयता से मिले, आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

रायपुर, : सुशासन तिहार के तहत् मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हेलीकॉप्टर से आज अचानक कांकेर जिले के मांदरी गांव पहुंचे। हेलीपेड से गांव के रास्ते पर आँगनबाड़ी भवन देखकर मुख्यमंत्री केंद्र के बच्चों से मिलने और वहां की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्थानीय फूलों से तैयार किया गया गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता के साथ बच्चों से घुल-मिल कर बातचीत की और उनसे आंगनबाड़ी और उनके अक्षर ज्ञान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के पूछने पर बच्चों ने धारा-प्रवाह कविता सुनाई। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से बच्चों को चाकलेट वितरित कर उन्हें दुलार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजु एस, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री निलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री आई के एलेसेला, सहित  क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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नोवेल के जन्मजान होंठ व तालू का चिरायु योजना के थी एक निजी अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन सहित मिली अन्य मेडिकल सुविधा....परिजनों ने सीए का जताया आभार

 

जशपुरनगर, :जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी तुलसीकांत भगत के घर जब नोवेल का जन्म हुआ तो माता-पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मानो उनकी दुनिया जैसे रोशन सी हो गई थी। पहली बार माता-पिता बनने की खुशी तो थी ही लेकिन एक चिंता भी थी। जन्म के साथ ही नोवेल की होंठ और तालू में विकृति थी। मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए इलाज करा पाना काफी मुश्किल था। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें चिरायु योजना की जानकारी देने के साथ ही बच्चों को इससे मिलने वाली निःशुल्क इलाज के संबध में जानकारी दी। यह जानकारी परिवार के लिए किसी आशा की किरण से कम नहीं थी।      
   नोवेल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थित ओम हॉस्पिटल में शासकीय व्यय पर भेजा गया। जहां डॉक्टरों के द्वारा नोवेल का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ है। आज 11 माह के हो चुके नोवेल का मुस्कराता चेहरा उसके माता-पिता की आँखों में नई चमक भर देता है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों में भेजकर निःशुल्क इलाज करा रही है। 
    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कर चिरायु की टीम के द्वारा  बच्चों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। चिरायु की टीम के द्वारा कटे-फटे होंठ, जन्म जात मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर, श्रवण बाधा सहित 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति पर कार्य किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को अच्छे हॉस्पिटल  रेफर भी कराया जाता है।

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मुख्यमंत्री की चौपाल: जिला कांकेर के ग्राम मांदरी में उतरा सीएम का हेलिकॉप्टर,जनता से संवाद कर योजनाओं का लिया फीड बैक 

कांकेर : सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में उतरा। उन्होंनें  पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्यवाही हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत  कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

*संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत*
ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर हितग्राही इतवारीन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है । उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 3.90 करोड़ की घोषणा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मांदरी हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति,मांदरी  आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ  सलाम घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर  हेतु  15 लाख की स्वीकृति ,झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक कांकेर श्री आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव डॉ  बसव राजू एस., कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, डीआईजी अमित कामले, कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री  इंद्र कल्याण एलेसेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही का विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की डेमो चाबी, ट्राई साइकिल आदि वितरित की ।

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वीर सावरकर की जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया नमन कहा उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबलिदान और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीक है

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।  

 मुख्यमंत्री श्री साय ने  कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समर्पित था। वीर सावरकर न केवल आज़ादी की लड़ाई के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि वे एक समाज सुधारक, इतिहासकार, लेखक और दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के विचारों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हुए आगे बढ़ें। वीर सावरकर का जीवन हर भारतीय के लिए आत्मबलिदान, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।

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श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम नगर भ्रमण के साथ हुआ समापन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, रात्रि नागपुरी संगीत से झूमते रहे लोग

जशपुरनगर। दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन मंगलवार को नगर भ्रमण और भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ। यह पावन कार्यक्रम 21 मई से प्रारंभ हुआ था, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का संचार हुआ।

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय रहीं विशेष रूप से उपस्थित*

समापन कार्यक्रम की शोभा उस समय और बढ़ गई जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने मंदिर प्रांगण में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और नगर भ्रमण में भाग लेकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को एक विशेष गरिमा प्रदान की।

*अष्ट प्रहरी महायज्ञ और ओडिशा , छत्तीसगढ़ कीर्तन मंडली की प्रस्तुतियाँ*

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तहत अष्ट प्रहरी का आयोजन किया गया, जिसमें दिन-रात अलग-अलग समय पर मंत्रोच्चारण और विशेष पूजा की गई। इस अवसर पर ओडिशा के संबलपुर से आई कीर्तन मंडली एवं छत्तीसगढ़ की मंडली ने भगवान श्रीजगन्नाथ की महिमा का गुणगान करते हुए भजन और कीर्तन प्रस्तुत किए, जिसने उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।

*नगर भ्रमण में ओडिशा संगीत का रंग और श्रद्धालुओं की उमंग*

समापन के दिन निकाले गए नगर भ्रमण में ओडिशा के संबलपुर कीर्तन मंडली की प्रस्तुति, नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र रही।इस दौरान पारंपरिक ओडिशा संगीत की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु नगर भ्रमण के दौरान आगे गुलाल उड़ाते हुए नाचते-गाते चल रहे थे, जिससे सारा नगर रंगों और आस्था में सराबोर हो गया।

*रात्रि में नागपुरी सांस्कृतिक संध्या: लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम*

रात्रि में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक संध्या में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। झारखंड के प्रसिद्ध लोकगायक पवन राय, कयूम अब्बास, सोनी कुमारी, बरखा बड़ाइक और प्रभात ने मंच से एक से बढ़कर एक नागपुरी गीत प्रस्तुत किए। उनके मधुर स्वर और लोकधुनों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस कार्यक्रम ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि लोकसंस्कृति की जीवंतता को भी दर्शाया।

*समापन पर आयोजन समिति ने जताया आभार*

आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए समस्त श्रद्धालुओं, स्थानीय प्रशासन, कलाकारों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।

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