“पहले जिला बदर, फिर कस्टडी से फरार… फिर भी नहीं सुधरा ‘लक्की’—अब घर में घुसकर लूट और हत्या के प्रयास में पहुंचा सलाखों के पीछे, पुलिस की सख्ती से खुली अपराध की पूरी कहानी
जशपुर, 27 अप्रैल 2026।
कुनकुरी थाना क्षेत्र के डुगडुगिया गांव में घटित सनसनीखेज लूट और हत्या के प्रयास के मामले में जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी रितेश प्रताप सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर आधी रात घर में घुसकर न सिर्फ लाखों की लूट की, बल्कि विरोध करने पर महिला की जान लेने की कोशिश भी की। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
घटना 07 अप्रैल की रात करीब 11 बजे की है। खारीझरिया निवासी 60 वर्षीय किया राम यादव अपने घर में सो रहे थे। तभी अचानक उनकी बहू के कमरे से चीखने की आवाज गूंजी। जब वे दौड़कर कमरे की ओर पहुंचे तो देखा कि गांव का ही कुख्यात युवक लक्की सिंह वहां से भाग रहा है। बाहर पहले से मौजूद उसके दो साथी मोटरसाइकिल स्टार्ट किए खड़े थे। तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पीड़ित परिवार की बहू ने बताया कि लक्की सिंह जबरन कमरे में घुस आया और सीधे अलमारी खोलने लगा। विरोध करने पर उसने तकिए से उसका मुंह दबा दिया और उसे मारने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी अलमारी में रखे 2 लाख 10 हजार रुपये नकद, एक रियलमी मोबाइल और चांदी का पायल लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार सहम गया और तत्काल थाना कुनकुरी में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 79/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। DIG एवं SSP जशपुर के निर्देश पर SDOP कुनकुरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर यूनिट को भी सक्रिय किया गया, जिसने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में अहम भूमिका निभाई।
लगातार दबिश और पतासाजी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रितेश प्रताप सिंह उर्फ लक्की को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपी के कब्जे से लूट की रकम में से 18 हजार रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई HF डिलक्स मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
गौरतलब है कि लक्की सिंह कोई नया अपराधी नहीं है। वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं, एक बार कोर्ट पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से लोरो घाटी में फरार होने का दुस्साहस भी कर चुका है। इसके बावजूद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को 26 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं, इस वारदात में शामिल उसके दो अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
