*चैनपुर में बेटियों के लिए सुरक्षा कवच” — सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान 30 मार्च से, 3 माह तक चलेगा विशे अभियान*
*चैनपुर में बेटियों के लिए सुरक्षा कवच” — सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान 30 मार्च से, 3 माह तक चलेगा विशे अभियान*
चैनपुर (गुमला)। 30 मार्च 2026
महिलाओं में तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाया है। राज्य सरकार के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में 30 मार्च 2026 से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो लगातार तीन माह तक संचालित होगा।
यह अभियान प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चलेगा, जिसमें लक्षित आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जाएगा।
क्या है एचपीवी टीकाकरण? क्यों है जरूरी?
एचपीवी वायरस महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते टीकाकरण कराने से इस खतरनाक बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। यही वजह है कि केंद्र और राज्य सरकार इस अभियान को मिशन मोड में चला रही है।
इस कार्यक्रम का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 28 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था, जिसके बाद अब इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है।
कौन हैं इस अभियान के लाभार्थी?
इस टीकाकरण अभियान का लाभ केवल निम्न आयु वर्ग की बालिकाओं को मिलेगा:
14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी लेकिन अभी 15 वर्ष से कम उम्र की बालिकाएं
वे बालिकाएं जो अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की हो जाएंगी
किन परिस्थितियों में नहीं लगेगा टीका?
स्वास्थ्य विभाग ने कुछ सावधानियां भी तय की है
1. यदि बालिका किसी मध्यम या गंभीर बीमारी से पीड़ित हो
2. पूर्व में किसी टीके या Yeast से एलर्जी की समस्या रही हो
3. गर्भावस्था के दौरान
4. निर्धारित आयु वर्ग से बाहर होने पर
5. यदि पहले ही एचपीवी टीका लिया जा चुका हो
6. खाली पेट होने की स्थिति में टीका नहीं दिया जाएगा
कहां और कैसे लगेगा टीका?
स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चैनपुर गुमला
समय: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक प्रत्येक कार्य दिवस
अवधि: 30 मार्च 2026 से आगामी 3 माह
पंजीकरण की सुविधा भी आसान
टीकाकरण के लिए अब डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध है—
U-WIN पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण
या फिर सीधे केंद्र पर जाकर ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन
अभिभावकों की भूमिका अहम
यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसके लिए बालिकाओं के माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनाएं और उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करें।
