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छत्तीसगढ़ में सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी, हर ग्राम पंचायत में खुलेंगी समितियां, किसानों को खाद-बीज से लेकर बैंकिंग और रोजगार तक मिलेगी सुविधा

रायपुर, 26 मई 2026 / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।

*अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा*

         मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।

*राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा*

*राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व*

           बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

*मक्का एवं दलहन का उपार्जन*

          समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

*माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड*

          ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।

*शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय*

           मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों  के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।


          इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, स्क्रैप निस्तारण के लिए एमएसटीसी से अनुबंध तीन साल बढ़ा, कर्मचारी चयन मंडल सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन होगा, डामर कीमतों में वृद्धि पर सड़क ठेकेदारों को मिलेगी राहत

रायपुर, 26 मई 2026 । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप एवं अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम Metal Scrap Trade Corporation Limited (एमएसटीसी) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया। यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी है और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था। एमएसटीसी के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर स्क्रैप सामग्री खरीद सकेंगे, जिससे पारदर्शिता के साथ राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि इससे विभागों को अलग-अलग निविदा प्रक्रिया और विज्ञापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में भी सुधार आएगा।

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026” लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में किया जा चुका है तथा उसकी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में शामिल हो चुकी हैं।

मंत्रिपरिषद ने राज्य में सड़क निर्माण कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 के बाद बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। यह राहत केवल बिटुमिन की बढ़ी हुई कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए तय फार्मूले के आधार पर दी जाएगी, जबकि अन्य निर्माण सामग्रियों पर पूर्व से लागू एस्केलेशन नियम यथावत रहेंगे। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण डामरीकरण कार्य प्रभावित होने लगे थे, जिससे सड़क निर्माण और संधारण कार्यों की गति धीमी पड़ने की आशंका थी। ऐसे में यह निर्णय विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और जनता को समय पर बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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जनदर्शन में उमड़ी जनता की उम्मीदें: कलेक्टर रोहित व्यास ने सुनीं 34 समस्याएँ, अफसरों को लगाई फटकार — “समय-सीमा में करें पारदर्शी निराकरण”

जशपुरनगर 26 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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ई-प्रगति परियोजनाओं में ढिलाई पर मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन मोड : जियोटैग फोटो के साथ हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट, लापरवाह एजेंसियों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज

रायपुर, 26 मई 2026 / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं*

        समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)

*साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश*

         मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।

        इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

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“हरी-भरी नाशपाती ने बदली किसानों की तकदीर” : जशपुर के सन्ना क्षेत्र में फलोत्पादन से बढ़ रही समृद्धि, किसानों की आय में हुआ बड़ा इजाफा

जशपुर 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
 
इसी कड़ी में तहसील सन्ना क्षेत्र के आस पास के किसान नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं।

करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के श्री अनिल एक्का ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की योजना और नाबार्ड योजना का लाभ लेकर स्वयं की निजी भूमि लगभग 4 से 5 एकड़ में नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं नाबार्ड ने उन्हें खेत में कुआं मोटर पंप की सुविधा उपलब्ध कराया एवं समय-समय पर कृषि वैज्ञानिक परीक्षण कर और बेहतर उत्पादन के अनेकों उपाय एवं सलाह भी लेते हैं।

जिससे उनके नाशपाती की फसल उत्पादन वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है नाशपाती की फसल की मांग छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों एवं पड़ोसी राज्यों में भी है। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई इसके लिए  मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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नक्सल मुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत : 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला

रायपुर 26 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

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“12 साल सेवा, सुशासन और विकास के नाम” — प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान, कहा- भारत बना वैश्विक ताकत, छत्तीसगढ़ को मिली विकास की नई रफ्तार

रायपुर 26 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

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अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक

नई दिल्ली 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार में कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त एक्शन: सड़क, बांध, बैराज, छात्रावास और आश्रम निर्माण कार्यों की हुई मैराथन समीक्षा, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और तय समय-सीमा में हर परियोजना पूरी करने के दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर, 26 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जशपुर, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल संसाधन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागों द्वारा संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए पूर्ण, अपूर्ण, प्रारंभ एवं अप्रारंभ कार्यों की समीक्षा की तथा सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
    प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जशपुर एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विभाग अंतर्गत संचालित सड़क निर्माण एवं अन्य कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बरसात से पूर्व कार्यों में और भी तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सड़क निर्माण एवं मरम्मत संबंधी आवेदनों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने बांध, बैराज, नहर प्रणाली, एनीकट एवं स्टॉप डैम सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं समय-सीमा की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
     आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने छात्रावास निर्माण, आश्रमों के अनुरक्षण सहित विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी निर्माण ऐप में नियमित रूप से अपलोड करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

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सुशासन तिहार 2026 का बड़ा जनसमस्या समाधान अभियान: सरबकोम्बो और अमडीहा में 27 मई को लगेंगे विशेष शिविर, 28 गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा मौके पर राहत और त्वरित निराकरण का लाभ

जशपुरनगर 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 मई 2026 को बगीचा जनपद के ग्राम सरबकोम्बो और फरसाबहार जनपद के अमडीहा में शिविर लगाए जाएंगे। दोनों शिविरों में कुल 28 गांवों के ग्रामीण शामिल होंगे। सरबकोम्बो शिविर में 12 गांवों सरबकोम्बो, बुटंगा, गायलुंगा, कलिया, बच्छरांव, रमसमा, साहीडांड, करमा, कुदमुरा, रनपुर, तम्बाकछार एवं पंडरीपानी के ग्रामीण अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसी प्रकार अमडीहा के शिविर में 16 गांवों अमडीहा, बाम्हनमारा, जबला, जामबहार, घुमरा, बांसाझाल, पुराईनबंध, समडमा, केरसई, कोहपानी, लठबोरा, साजबहार, सिंगीबहार, सुण्डरु, तपकरा एवं उपरकछार के ग्रामीण अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
      सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके।  
       कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

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“सुशासन तिहार” में दिखी सुशासन की नई तस्वीर: गांव-गांव पहुंचकर प्रशासन ने सुनी जनता की समस्याएं, नारायणपुर शिविर में आवास, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, श्रम कार्ड, डबरी, फलदार पौधों और आजीविका योजनाओं की सौगात से ग्रामीणों के चेहरे खिले

रायगढ़, 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नारायणपुर स्थित हाई स्कूल प्रांगण में सोमवार को शाम 4 बजे से 7 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के कुल 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर में शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया।
     शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत किए। विभागीय अधिकारियों द्वारा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिलना उनके लिए बेहद सुविधाजनक रहा। 
    शिविर में पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक शिविर नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है। उपाध्यक्ष श्री सिदार ने कहा कि पहले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनें तथा समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा बच्चों की शिक्षा, महिला स्वावलंबन और आजीविका से जुड़ी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की। 
              इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती सौभागी गुप्ता, श्रीमती शशिकला यादव, सरपंच नारायणपुर श्रीमती निराली खेस सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें एनआरएलएम अंतर्गत 2 “लखपति दीदी” का सम्मान किया गया तथा 1 बैंक लिंकेज चेक वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को नए आवास की प्रतिकात्मक चॉबी सौंपी गई। इसके अलावा 5 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 5 हितग्राहियों को आजीविका डबरी, उद्यानिकी विभाग द्वारा 11 फलदार पौधों का वितरण, श्रम विभाग द्वारा 2 श्रम कार्ड, 3 वृद्धजनों को छड़ी, आदिम जाति सेवा समिति मर्यादित लिबरा के माध्यम से 2 हितग्राहियों को केसीसी लोन तथा मत्स्य विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किया गया।

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जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर जशपुर में उठी बड़ी आवाज, विहार मार्गों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल, पुलिस समन्वय और विशेष संरक्षण व्यवस्था की मांग तेज

जशपुरनगर। श्री खण्डेलवाल दिगम्बर जैन समाज, जशपुरनगर ने मध्यप्रदेश के रीवा जिले में जैन साध्वी संघ के साथ हुई दुखद दुर्घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई हैं। समाज ने इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

समाज की ओर से जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई 2026 को रीवा कलेक्ट्रेट भवन के सामने राष्ट्र संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिष्याओं आर्यिका श्री 105 श्रद्धामति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी के साथ हुई दुर्घटना ने पूरे जैन समाज को आहत किया है। समाज ने कहा कि यह केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं मानी जा सकती, बल्कि उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।

ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निःशस्त्र एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार की सुरक्षा या आधुनिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनके साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।जैन समाज ने प्रमुख रूप से घटना की SIT अथवा न्यायिक जांच, संबंधित CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई तथा यदि किसी षड्यंत्र के तथ्य सामने आएं तो कठोर धाराएं लगाने की मांग की है।

इसके साथ ही “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग करते हुए समाज ने विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।समाज ने केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाए जाने की भी मांग की है, जिसमें पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षा SOP तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष प्रावधान शामिल हों।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संत आत्मरक्षा के साधनों का उपयोग नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं, इसलिए उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर “Sant Security Coordination Cell” तथा आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है।

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सड़क हादसों पर सख्त हुए मुख्य सचिव विकासशील : बोले— एक भी जान नहीं जानी चाहिए, ब्लैक स्पॉट से लेकर कैशलेस इलाज तक हर मोर्चे पर तेज़ कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 25 मई 2026/  मुख्य सचिव श्री विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।  

*ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष जोर*

               मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए ताकि हादसों की आशंका खत्म हो सके।
 
 *सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की योजनाओं की समीक्षा*

              बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राईव योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।  मुख्य सचिव ने सर्वाेच्च न्यायालय की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

*ईव्ही चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के निर्देश*

             मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्धारित स्थलों पर तत्काल ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी भी दी जाती है। 

*घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज*

             मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मिलना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने इस योजना के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने को कहा।  

              बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खेती-किसानी के लिए मिलेगा पर्याप्त डीजल

रायपुर 25 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को  डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा विजन : महानगरों की तर्ज पर नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में विकसित होगी आधुनिक अधोसंरचना, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से तय होंगे विकास कार्य,

रायपुर, 25 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगमों के लिए प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना को मजबूत करने, जन सुविधाओं का विस्तार करने तथा विकास कार्यों को गति देने का माध्यम बनेगी। योजना के जरिए छोटे और मध्यम शहरों में भी सुव्यवस्थित शहरी विकास की नई आधारशिला रखी जाएगी।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज योजना के प्रथम चरण के लिए प्रदेशभर के 32 नगरीय निकायों का चयन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कार्यों के चयन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता निर्धारण के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय (संभागीय) कार्यालयों के संयुक्त संचालकों की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियों का गठन भी किया गया है। समितियों को आगामी 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन, स्थल निरीक्षण कर प्राथमिकता के क्रम में सूची तैयार करते हुए अनुमानित राशि की जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय के लिए पांचों राजस्व संभागों में कार्यों के चयन एवं मॉनिटरिंग हेतु संचालनालय के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

*पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को मिला अवसर*

आदर्श शहर समृद्धि योजना के पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के छह-छह, बिलासपुर संभाग के नौ तथा दुर्ग संभाग के पांच निकाय शामिल हैं।

बस्तर संभाग के अंतर्गत सुकमा नगर पालिका के साथ भोपालपटनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर नगर पंचायत को शामिल किया गया है। दुर्ग संभाग में पंडरिया और खैरागढ़ नगर पालिका के साथ गुरूर, घुमका और छुईखदान नगर पंचायतों का चयन किया गया है।

रायपुर संभाग के अंतर्गत कुरूद, महासमुंद, आरंग और बलौदाबाजार नगर पालिका तथा पिथौरा एवं चंदखुरी नगर पंचायत को योजना में शामिल किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग में सूरजपुर, पत्थलगांव और मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के साथ लखनपुर, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायतों को शामिल किया गया है।

बिलासपुर संभाग के अंतर्गत तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, जांजगीर-नैला और सक्ती नगर पालिका के साथ बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया नगर पंचायत को योजना के प्रथम चरण में शामिल किया गया है।

*सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज से स्मार्ट सुविधाओं तक होगा समग्र विकास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप आदर्श शहर समृद्धि योजना केवल आधारभूत निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में समग्र विकास मॉडल के रूप में कार्य करेगी। योजना के अंतर्गत सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सुझाव, शिकायत निवारण तथा रिपोर्टिंग प्रणाली जैसे कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे।

*स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से होंगे कार्यों का चयन*

योजना के तहत शहरों की स्थानीय आवश्यकताओं और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। नगर पालिका अथवा नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को समिति का सदस्य-सह-सचिव बनाया गया है।

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा सरगुजा संभाग के लिए गठित पांच सदस्यीय समितियों में दो-दो कार्यपालन अभियंता और एक सहायक अभियंता सदस्य होंगे, जबकि बस्तर संभाग की चार सदस्यीय समिति में एक कार्यपालन अभियंता तथा एक सहायक अभियंता सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। निकाय अध्यक्षों, पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से शहरों की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता तय कर कार्यों का चयन किया जाएगा।

*"हमारी सुशासन सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आदर्श शहर समृद्धि योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना, जन सुविधाओं और रोजगार के नए अवसरों को सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार छोटे शहरों को भी बड़े शहरों की तरह सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा यह योजना प्रदेश के शहरी विकास को नई गति और नई दिशा देने का काम करेगी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*"आदर्श शहर समृद्धि योजना राज्य के छोटे और मध्यम शहरों के व्यवस्थित विकास की महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज, स्मार्ट सुविधाओं, हरित क्षेत्र और नागरिक सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यों के चयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन कर प्रक्रिया को पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया गया है तथा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के हर नगर में नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है - उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव*

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दिल्ली दरबार में छत्तीसगढ़ की गूंज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की अहम मुलाकात में विकास, सुशासन और राज्यों के तालमेल पर मंथन

नई दिल्ली, 25 मई 2026।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा  गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

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राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा एक्शन — “हर आवेदन का तय समय में शत-प्रतिशत निराकरण करें”, स्वामित्व योजना और किसान पंजीयन में लापरवाही पर सख्त चेतावनी

जशपुरनगर, 25 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित एसडीएम एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
   कलेक्टर श्री व्यास ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीणों को उनके मकान एवं भूमि का वैधानिक अधिकार प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्य को गंभीरता, सतर्कता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने एग्रीस्टेक योजना के तहत सभी भूमिधारक किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के पंजीयन से उन्हें कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। 
      बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गैर-विवादित राजस्व प्रकरणों, जैसे फौती नामांतरण एवं आपसी सहमति से बंटवारा आदि का निराकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण सचिवालय के आयोजन के दौरान संबंधित सचिव एवं पटवारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कर प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण करें। बैठक में कलेक्टर ने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। उन्होंने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी मौजूद रहे।

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सड़क हादसों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन — बिना हेलमेट, ओवरस्पीड और बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट सुधार और स्कूल बस सुरक्षा पर प्रशासन हुआ अलर्ट

जशपुरनगर 25 मई 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने बैठक में कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी स्तरों पर कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह पहल जिले में दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि एम्बुलेंस समय पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र उपचार मिल सके। साथ एनएच के अंतर्गत रहने वाले एम्बुलेंस को भी सक्रिय रखने कहा, जिससे हाईवे क्षेत्र में दुर्घटना होने पर टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल करने से तुरंत एंबुलेंस सुविधा पहुंचाई जा सके। कलेक्टर ने स्कूल खुलने से पहले सभी स्कूल बसों की फिटनेस टेस्ट, ड्राइवरों का सत्यापन आदि कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में नाबालिक छात्र दोपहिया वाहनों का उपयोग न करे, इसके लिए स्कूल प्रबंधन को सजग कर निगरानी करने के निर्देश दिए। 
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


*यातायात नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई* -

कलेक्टर श्री व्यास ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस वाहन न चलाए। साथ ही परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल एवं कॉलेजों में लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं विधिवत लाइसेंस प्राप्त कर सकें। साथ सुशासन तिहार के शिविरों में भी लर्निंग लाइसेंस बनाई जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उनके कार्यालयों में आने वाले कर्मचारी हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।


*ब्लैक स्पॉट सुधार पर फोकस* -

बैठक में जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट जैसे लोरो बगीचा, बधिमा, केसरा, भीमसीला, हर्राडीपा एवं चराईडांड की समीक्षा करते हुए वहां सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़कों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए जाने और मरम्मत नहीं किए जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि पर एनएच के अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई। साथ ही एनएच के सड़कों पर दुर्घटना रोकने सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने विशेष रूप से श्री नदी पर स्थित संकरे पुल के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप लगाने, स्पीड नियंत्रण उपाय लागू करने एवं सोलर लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। कलेक्टर ने सड़कों पर मार्किंग, साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप आदि आवश्यक यातायात संकेतकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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