ताजा खबरें


बड़ी खबर

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायप्र ,देश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 18 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

और भी

“छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर की सुनामी: 37 अफसरों पर एक साथ चला शासन का डंडा, कई जिलों में बदले चेहरे, प्रशासनिक कसावट के नाम पर बड़ा फेरबदल

रायपुर 17 अफ़्रैल 2026 : छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 37 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। आदेश जारी होते ही नगर निकायों में हलचल तेज हो गई है और कई जगहों पर जिम्मेदार पदों पर नए चेहरों की तैनाती तय हो गई है। 

जारी सूची के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) सहित विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें बिल्हा, तमनार, कुनकुरी, प्रेमनगर, बलरामपुर, डोंगरगढ़, बालोद, राजनांदगांव, सूरजपुर, बैकुंठपुर, महासमुंद और छुरा जैसे नगर निकाय शामिल हैं, जहां अब नए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बड़े स्तर पर किए गए बदलाव को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

तबादला सूची में केवल नगर पालिका अधिकारी ही नहीं बल्कि राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक और लेखापाल भी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा गया है, जबकि कई को नई जगहों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे साफ है कि शासन ने केवल एक विभाग नहीं बल्कि विभिन्न स्तरों पर व्यापक बदलाव किया है। 

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारियों को सात दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में जॉइनिंग नहीं करने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोका जा सकता है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इस सख्ती से यह संकेत मिल रहा है कि शासन इस बार तबादलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

इस आदेश की एक खास बात यह भी है कि एक निलंबित अधिकारी को बहाल करते हुए नई पदस्थापना दी गई है, हालांकि उसके खिलाफ विभागीय जांच जारी रखने की बात भी कही गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शासन प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ प्रक्रियाओं का पालन भी कर रहा है। 

तबादला सूची 

https://in.docworkspace.com/d/sbCaefkHuwbQUHxH_4pqj4l6n8l6nk9qrsl?sa=601.1074

और भी

जंगल का कानून’ तोड़ने वालों पर वन विभाग का शिकंजा—वन्यजीव का शिकार कर पकाया मांस, चार आरोपी गिरफ्तार, गांव में मचा हड़कंप,अवैध शिकार का नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026। जिले के ग्राम देलारी में वन्यजीव शिकार और मांस पकाने का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है और वन विभाग ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को वन परिक्षेत्र रायगढ़ अंतर्गत ग्राम देलारी में कुछ लोगों द्वारा वन्यप्राणी का शिकार कर उसका मांस पकाए जाने की गुप्त सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर उप वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर वन अमले ने तत्काल टीम गठित कर संबंधित स्थानों पर दबिश दी और विधिवत तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान अलग-अलग आरोपियों के घरों से पकाया हुआ वन्यप्राणी का मांस बरामद किया गया। आत्माराम पिता धनीराम के घर से लगभग 0.400 किलोग्राम, हरिशंकर साव के घर से 1.400 किलोग्राम तथा तरुण के घर से 0.500 किलोग्राम पका हुआ मांस जब्त किया गया। वहीं चौथे आरोपी मोतीराम राठिया के संबंध में पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि उसने लगभग 1 किलोग्राम मांस पहले ही पकाकर खा लिया था, जिसकी पुष्टि उसके बयान से हुई है।

वन विभाग द्वारा इस पूरे मामले में पीओआर प्रकरण क्रमांक 7541/08 दिनांक 16 अप्रैल 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वन अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकार किस वन्यप्राणी का किया गया और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

और भी

मुख्यमंत्री ने धरोहर पत्रिका द्वितीय संस्करण का किया विमोचन ,समृद्ध सांस्कृतिक विरासत खान पान पर आधारित पत्रिका 

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम में जशपुर के आदिवासी संस्कृति खान पान,रहन सहन,लोक नृत्य और पारंपरिक पकवानों पर आधारित समृद्ध सांस्कृतिक विरासत खान पान धरोहर पत्रिका के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा सरगुजा आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में 774 सड़कों का किया शिलान्यास एवं शुभारभ-2225.44 करोड़ रुपए की लागत से 2426.875 किलोमीटर सड़कों का किया जाएगा निर्माण

जशपुरनगर, 17 अप्रैल 2026/  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। कुल 2426.875 किलोमीटर लंबाई की इन सड़कों के निर्माण पर 2225.44 करोड़ रुपए की लागत आएगी।  इनमें से जशपुर जिले में कुल 77 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 197.26 किलोमीटर और लागत 196.20 करोड़ रुपए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हाल के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख रुपए देने की घोषणा की।
   मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के अंतर्गत 2,225 करोड़ रुपये की लागत से 774 सड़कों का एक साथ भूमिपूजन किया गया है। लगभग 2,427 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण से 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण जनजीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, उसी वर्ष प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की भी शुरुआत की। वे जमीन से जुड़े नेता थे, जिन्होंने ग्रामीण भारत की जरूरतों को गहराई से समझा और यह योजना उनकी संवेदनशील सोच का परिणाम है। आज यह योजना दूरस्थ गांवों को जोड़ते हुए ग्रामीण जीवन की जीवनरेखा बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण सड़कों के विकास का दूसरा महत्वपूर्ण चरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आया है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुदृढ़ सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है, जिससे अधिकांश बसाहटें अब सड़क संपर्क से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। इससे जशपुर से रायपुर की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
     मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई है। ये समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करते हुए किसानों को खाद, बीज, अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के निकट उपलब्ध कराएंगी, साथ ही धान विक्रय की प्रक्रिया भी सरल होगी। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10,324 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरण होने से किसानों में उत्साह और विश्वास बढ़ा है।मुख्यमंत्री ने नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इससे वास्तविक स्थिति का आकलन संभव होगा और विकास कार्यों की सटीक योजना बनाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के चलते छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिससे अब प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संभव हो पाएंगे।
      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिस  774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, इसका काम कल से शुरू हो जाएगा। इस सड़कों को  500 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में सड़कों के निर्माण में काफी तेजी आई है। इन वर्षों में लगभग 1300 से अधिक सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया किन पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय इलाकों में भी सड़कों के निर्माण द्रुत गति से किया जा रहा है। आने वाले समय में यह इलाका भी तेजी से मुख्यधारा में जुड़ जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून में शामिल कड़े प्रावधानों के माध्यम से निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
       इस अवसर पर प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में माध्यम योजना फेस 04 अंतर्गत 3065 बारहमासी सड़क विहीन बसाहटो का चिन्हांकन किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 04, बैच-2 में 1000 बसाहटो हेतु 2684 किमी. लम्बाई की 975 सड़को का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये गये हैं। शेष 1284 बसाहटो के डीपीआर तैयार किये जा रहे हैं जिसकी स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 04 बैच 3 में भारत सरकार को प्रेषित किया जावेगा। भारत सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) के विकास हेतु प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (PM-JANMAN) के तहत भारत सरकार द्वारा 2902 किमी. लम्बाई की 807 सड़कें एवं 123 वृहद पुल हेतु कुल राशि रु. 2477 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इन सड़कों से 871 PVTG बसाहटें लाभान्वित होगी। अब तक 1735 किमी. लंबाई की 356 सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इन पूर्ण सड़कों से 356 PVTG बसाहटें बारहमासी सड़कों से जुड़ चुकी हैं। इस प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत योजना प्रारंभ से अब तक कुल 47,847 कि.मी. लम्बाई की 10119 सड़को एवं 581 वृहद पुल हेतु कुल राशि रूपये 21122 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसमें से अब तक 42,250 कि.मी. लम्बाई की 8713 सड़कें एवं 444 वृहद पुल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। 
     इस अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के  अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष कुनकुरी श्रीमती सुशीला साय, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह, पीएमजीएसवाई के प्रमुख अभियंता श्री के. के.कटारे, अधीक्षक अभियंता श्री सोहन चंद्रा, कार्यपालन अभियंता श्री सानुज घृतलहरे, जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्यगण, सरपंचगण, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री नरेश नंदे, श्री ओमप्रकाश सिन्हा ,श्री मनीष अग्रवाल, श्री मुकेश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

*जशपुर में 196.20 करोड़ लागत के 77 सड़कों का होगा निर्माण*

जशपुर जिले में 197.26 किलोमीटर लंबाई के कुल 77 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। जिसकी लागत 196.20 करोड़ रुपए है। इनमें जशपुर विकासखंड में 5 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।जिसकी कुल लंबाई 18.93 किमी और लागत 17.41 करोड़ रुपए है। इसी तरह मनोरा विकासखंड में 7 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 17.60 और लागत 20.00 करोड़ है। दुलदुला विकासखंड में 9 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 29.19 और लागत 30.96 करोड़ रुपए है।। कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 29.91 किमी और लागत 33.78 करोड़ रूपए है। फरसाबहार में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 27.58 किमी और लागत 29.20 करोड़ रुपए है। बगीचा विकासखंड में 7 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 17.64 किमी और लागत 15.86 करोड़ रुपए है। कांसाबेल में कुल 6 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 16.83 किमी और लागत 14.15 करोड़ रुपए है और पत्थलगांव में 20 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 39.58 किमी और लागत 34.80 करोड़ रुपए है।

और भी

“जनमन योजना से बदली ज़िंदगी” — मुख्यमंत्री ने सौंपे सपनों के आशियाने की चाबियाँ, हितग्राहियों के चेहरों पर दिखी खुशियों की चमक

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम में पीएम जनमन योजना के तहत 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबी सौंपा गया।

इनमें दुलदुला विकास खंड के ग्राम लोरो श्रीमती सरस्वती बाई, ग्राम बंगुरकेला के श्री राजेश सिंह, जशपुर विकास खंड के ग्राम सारूडीह श्री जागेश्वर मनोरा विकास खंड के ग्राम करदना श्री समकुमार राम , और श्री सुरेश राम को चाबी सौंपा गया।

इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शोर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत,  नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

“मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” से बदलेगा छत्तीसगढ़ का जल भविष्य — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 500 नए तरिया का शिलान्यास कर जल क्रांति का किया आगाज़

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित भारी से संख्या में आमजन मौजूद रहे।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके।

       इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है।

और भी

जशपुर में बुजुर्गों के सम्मान का नया केन्द्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सियान गुड़ी’ का किया शुभारंभ, कैरम खेलकर बढ़ाया हौसला और दिया अपनापन का संदेश

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित किए गए ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर हौंसला बढ़ाया। साथ ही उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुजुर्गों के साथ शतरंज खेलकर बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन काफी खुश नजर आए। साथ ही राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए विकसित किए गए सियान गुड़ी के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक किताब एवं शॉल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज में बुजुर्गों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रिय जीवन का नया केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे।

बुजुर्गों के सर्वांगीण विकास केंद्र के रूप में विकसित सियान गुड़ी

जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित निर्मित यह सियान गुड़ी केंद्र बुजुर्गों के लिए डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है। सियान गुड़ी का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 से समन्वय स्थापित कर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से सियान गुड़ी को अत्याधुनिक रूप दिया गया है। यहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर, टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा, कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सियान गुड़ी के माध्यम से राज्य सरकार ने बुजुर्गों के जीवन को सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

और भी

ड्रोन दीदी योजना से जशपुर की महिलाओं को मिली ताकत—मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सौंपे ड्रोन, आत्मनिर्भरता और आधुनिक खेती की दिशा में ऐतिहासिक कदम

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर में  जिला प्रशासन के द्वारा लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया  और “लखपति दीदी" पहल के अंतर्गत ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन प्रदान की गई।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  उल्लेखनीय है कि ग्रामीण महिलाओं के आय संवर्धन के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से सशक्त बनाना है।

पूर्व में किसानों को मिट्टी की सही स्थिति की जानकारी के अभाव में उर्वरकों का अनुमानित उपयोग करना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ती थी, उत्पादन प्रभावित होता था तथा भूमि की उर्वरता भी धीरे-धीरे कम होती थी। सॉयल टेस्टिंग मशीन के माध्यम से अब कम समय में मिट्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण पैरामीटर्स की सटीक जांच संभव हो रही है, जिससे  संतुलित उर्वरक उपयोग,भूमि गुणवत्ता में सुधार एवं फसल उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।

और भी

पशु सखियों को मिला सशक्तिकरण का नया हथियार: मुख्यमंत्री ने बकरी और मुर्गी पालन की वैज्ञानिक मार्गदर्शिका का किया विमोचन, जशपुर से ग्रामीण आजीविका को मिलेगी नई रफ्तार

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज जशपुर रणजीता स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिला जशपुर में पशु सखियों के सशक्तीकरण के लिए बकरी एवं मुर्गी पालन प्रशिक्षण मार्गदर्शिका का विमोचन किया ।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव,नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में पशु सखियों के पास मानकीकृत प्रशिक्षण सामग्री का अभाव था, जिससे बकरी एवं मुर्गी पालन में वैज्ञानिक जानकारी का सही उपयोग नहीं हो पाता था। पशुओं के पोषण, टीकाकरण एवं बीमारियों की पहचान में कठिनाई होती थी, जिसके कारण उत्पादन कम होता था तथा पशुओं की मृत्यु दर बढ़ने से आय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता था।

अब इस प्रशिक्षण मार्गदर्शिका के माध्यम से पशु सखियों को सरल एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर ढंग से पशुपालकों का मार्गदर्शन कर सकेंगी। समय पर रोग पहचान एवं उपचार, संतुलित आहार प्रबंधन तथा उन्नत पालन तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि होगी और पशुपालकों की आय में सुधार आएगा। साथ ही ग्राम स्तर पर ही त्वरित सेवाएं उपलब्ध होने से पशुपालन कार्य अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगा।

और भी

जब जशपुर के बच्चों ने मुख्यमंत्री को पढ़ाया अंतरिक्ष विज्ञान: आत्मविश्वास और ज्ञान से गूंज उठा ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम,इसरो की चलित प्रदर्शनी से 10 हजार छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा भर दी है। रणजीता स्टेडियम जशपुर में आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की इस विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस का आगमन हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरिक्ष गाड़ी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह एवं अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े विभिन्न मॉडलों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान
शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में अध्ययनरत कक्षा 12 वीं की छात्राएं कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे एवं सारिका साहनी ने स्वयं आगे बढ़कर चंद्रयान, मंगलयान सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक समझ की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार की पहलें दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में विज्ञान और तकनीक ही विकास की आधारशिला है। ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ जैसे कार्यक्रम हमारे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। इससे बच्चों में जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की भावना विकसित होगी और वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से विभिन्न स्कूलों में जानकारी देने के लिए 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। साथ ही बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी से संबंधित "द मैजिक ऑफ नाइट स्काई" पुस्तिका वितरित किया। इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित स्कूली बच्चे मौजूद रहे।


*जिले के 10 हजार से अधिक बच्चे होंगे लाभांवित* -

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल एवं विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों में संचालित होगा। यह विशेष कार्यक्रम 07 अप्रैल से प्रारंभ होकर 14 दिनों तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत पत्थलगांव से हुई और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न स्कूलों में उपलब्ध रहती है। इस अभियान से जिले के 10,000 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।


*क्या है स्पेस ऑन व्हील्स* -

“स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, जिसे विशेष रूप से एक बस के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान को प्रयोगशालाओं और बड़े संस्थानों से निकालकर सीधे छात्रों और आम जनता तक पहुंचाना है, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में। इस प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सैटेलाइट जैसे महत्वपूर्ण मॉडलों को प्रदर्शित किया गया है। ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले, इंटरएक्टिव पैनल और लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष तकनीक को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।


वैज्ञानिक सोच और करियर के लिए प्रेरणा

इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
विज्ञान भारती के विशेषज्ञों, भौतिकी के व्याख्याताओं और स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन विद्यार्थियों को भी अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी मिल रही है, जो बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नई पीढ़ी को नवाचार की दिशा में प्रेरित करने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। “स्पेस ऑन व्हील्स” का जशपुर आगमन न केवल एक प्रदर्शनी, बल्कि युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला अभियान बन गया है, जो आने वाले समय में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

और भी

आमजन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले की जोरदार मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री का गरिमामय अभिनंदन, पारंपरिक संस्कृति की रंगीन झलकियों ने बांधा समां

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर आमजनों सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी पहुंचे। हेलीपैड पर जनजाति सदस्यों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री सहित अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगणों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर भव्य स्वागत किया।

और भी

जशपुर का इकलौता अभ्यारण्य आग में सुलग रहा, जिम्मेदार बेखबर — बादलखोल में हर दिन कंन्ही न कंन्ही भड़क रही लपटें, वन्यजीवों पर मंडरा रहा मौत का साया!

जशपुर/नारायणपुर 17 अफ़्रैल 2026 ।
प्राकृतिक वैभव और जैव विविधता के लिए मशहूर बादलखोल अभ्यारण्य इन दिनों आग की लपटों में सिसक रहा है। जंगल के भीतर कई स्थानों पर लगातार आग सुलग रही है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि मानो इसे बुझाने वाला कोई जिम्मेदार बचा ही नहीं है।

जानकारी के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व महुआ बीनने, शहद निकालने और शिकार के इरादे से जानबूझकर जंगल में आग लगा रहे हैं। यह आग धीरे-धीरे फैलकर विकराल रूप ले रही है और अपने रास्ते में आने वाले छोटे-छोटे पौधों, घास, औषधीय वनस्पतियों और मासूम वन्यजीवों को लीलती जा रही है। कई जीव-जंतु आग की चपेट में आकर तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी चीखें सुनने वाला कोई नहीं।

ताजा मामला बुटूंगा- साहीडाँड़ मार्ग पर कुटमा नाला और तालाब के बीच  दिनदहाड़े आग भड़क उठी है । स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग के कर्मचारी समय पर मौके पर पहुंचते तो आग को तुरंत काबू में किया जा सकता था, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आग फैलती चली जा रही है और आग बड़े इलाके को अपनी चपेट में लेते जा रही है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन कर्मचारियों के जिम्मे इस अभ्यारण्य की सुरक्षा है, वही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं। संबंधित सर्किल के नाकेदार, दरोगा और फायर वॉचर की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। आरोप है कि ये न तो दिन में जंगल में गश्त कर रहे हैं और न ही आग लगने की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि दिन में लगने वाली आग को भी समय रहते बुझाया नहीं जा पा रहा, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रात के समय जंगल की सुरक्षा किस भरोसे हो रही होगी।

वन विभाग के अधिकारियों, खासकर रेंजर स्तर तक, इस पूरे मामले में उदासीनता साफ नजर आ रही है। लगातार आग की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन न तो निगरानी बढ़ाई जा रही है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है। इससे साफ है कि लापरवाही अब सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

इस आग से सिर्फ पेड़-पौधे ही नहीं जल रहे, बल्कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। छोटे जीव-जंतु, पक्षियों के घोंसले, दुर्लभ वनस्पतियां सब कुछ राख में तब्दील हो रहा है। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में इसका असर पूरे क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन पर गंभीर रूप से पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल में नियमित गश्त शुरू की जाए, आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और लापरवाह कर्मचारियों को तुरंत हटाया जाए।

फिलहाल, बादलखोल अभ्यारण्य में उठती आग की लपटें सिर्फ जंगल को नहीं जला रहीं, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की नाकामी को भी बेनकाब कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागता है, या फिर यूं ही जंगल जलता रहेगा और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे रहेंगे।  इस सम्बंध में सर्किल दरोगा से मोबाइल पर  दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उनके द्वारा फोन नही रिसीव किया गया। अधीक्षक ने मीटिंग का हवाला देकर कुछ देरी में बात करने की बात कही गई।

और भी

मिसाल—माड़वी कोसा ने रूरल मेसन ट्रेनिंग से सीखी कारीगरी, अपने ही हाथों से खड़ा किया पक्का आशियाना, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी , सरकारी योजनाओं ने बदली पूरी जिंदगी की तस्वीर

रायपुर 17 अप्रैल 2026/ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही श्री माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया।

इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर श्री कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत श्री कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है।

इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज श्री माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।

और भी

जनता के भरोसे को ताकत देने उतरे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ‘सुशासन तिहार-2026’ को बनाया मिशन मोड—हर शिकायत का तय समय में होगा समाधान ,गांव-गांव जाकर सुनेंगे जनता की आवाज

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया है।

 सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। 

अभियान के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। वे हितग्राहियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे तथा सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त करेंगे।

सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।  मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनाएं, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित एसबीआई के नये भवन का किया शुभारंभ, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से मिलेगा लाभ


रायपुर, 17 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

और भी

सरकारी नौकरियों की सौगात, भ्रष्टाचार पर सख्ती और रोजगार के नए अवसरों का ऐलान—मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिया भरोसा, “मेहनत का मिलेगा पूरा हक, किसी के साथ नहीं होगा अन्याय

रायपुर 17 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।

मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव  डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

शत-प्रतिशत परिणाम के साथ देव पब्लिक स्कूल ने फिर मारी बाजी: सत्यप्रकाश बने स्कूल टॉपर, अर्पित और शौर्य ने भी लहराया परचम,मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र


जशपुरनगर 17 अफ़्रैल2026 यहां के देव पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए CBSE की 10 वीं बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया है। विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है।
इस वर्ष विद्यालय के मेधावी छात्रों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सत्यप्रकाश रहे अव्वल
परीक्षा में सत्यमप्रकाश साहू ने 95.6% अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके बाद अर्पित आदर्श मिश्रा ने 92.2% अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। शौर्य सिन्हा ने 91.8% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
इसी क्रम में अन्य छात्रों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अकाय झारिया मिंज ने 89.4%, राज विश्वकर्मा ने 87%  एवं नमन यादव ने 84.8% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट सफलता दर्ज की। वहीं यथार्थ जैन ने 83.6%, अंकिता तिग्गा ने 81.2%, रुद्र प्रताप सिंह ने 80.8%, रितिका सिंह ने 80.6%, साक्षी यादव ने 80% तथा भावना बघेल ने 79.2% अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
*एमडी ने दी फीस में छूट*
परीक्षा परिणाम से प्रसन्न होकर स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर ओमप्रकाश सिन्हा ने 90%से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की फीस में विशेष छूट देकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत करनी चाहिए, मेहनत ही सफलता की मुख्य कुंजी है। वहीं डायरेक्टर सुनीता सिन्हा ने अपने हाथों से सफल बच्चों को मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
*प्रबंधन ने दी बधाई*
विद्यालय के प्राचार्य आशीष डेगवेकर ने इस अवसर पर सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। एकेडमिक वाइस प्रिंसिपल मालविका देगवेकर ने कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट परिणाम की अपेक्षा करता है।
वाइस प्रिंसिपल एरिक सोरेंग ने भी छात्रों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन इस सफलता के प्रमुख कारण रहे हैं। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी इन सफल छात्रों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
वहीं प्राचार्य जयंती सिन्हा ने सभी सफल छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इस ऐतिहासिक सफलता से देव पब्लिक स्कूल, जशपुर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

और भी