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कस्तूरा में दो सौ पच्चास साल पुराना प्रभु जगन्नाथ  मन्दिर का कलेक्टर ने किया अवलोकन.....प्रतिवर्ष यंहा रथ यात्रा का होता है भव्य आयोजन......मंदिर के प्राचीन कुआं का जिर्णोद्धार करने के दिए निर्देश 

 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा में प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर का अवलोकन किया और मंदिर के कुछ ही दूरी पर स्थित प्राचीन कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री कर्णपाल सिंह ने बाजार डांड के लिए सीसी रोड बनवाने की मांग की जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे जनपद पंचायत सीईओ कुनकुरी और तहसीलदार राहुल कौशीक उपस्थित थे।
कस्तूरा के प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर के पंडित श्री मुकेश कुमार दास ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरा का मंदिर लगभग 200 से 250 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। राज परिवार जशपुर के द्वारा पूर्वजों से इस मंदिर की पूजा अर्चना के साथ संरक्षित किया जा रहा है।
कस्तूरा प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर की आस्था लोगों से जुड़ी हुई है। लगभग 250 साल से ही कस्तूरा से रथयात्रा प्रति वर्ष निकाली जाती है।
 
मंदिर के पुजारी मुकेश कुमार दास ने बताया कि मंदिर की देखरेख और संरक्षण के लिए श्री बाला जी ट्रस्ट जशपुर बनाया गया है। ट्रस्ट के द्वारा जशपर के 5 मंदिर दुलदुला विकास खंड चराई डांड का एक मंदिर और कस्तूरा का 1 मंदिर  कुल 7 मंदिर का देखरेख और संरक्षण संवर्धन किया जा रहा है। पंडित जी का परिवार पूर्वजों से इस मंदिर की पूजा अर्चना करते हुए आ रही है।

कस्तूरा से रथयात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा में प्रभु श्री जगन्नाथ भगवान ,बलभद्र और सुभद्रा जी का  देव स्नान कराया जाता है। इस दौरान 15 दिनों के लिए मंदिर में दर्शन वर्जित रहता है। क्यों प्रभु जगन्नाथ भगवान बीमार पड़ जाते हैं।
प्रभु जगन्नाथ भगवान को बैंगा के संरक्षण में रखा जाता है। उनकी देखरेख में जड़ी बूटी आयुर्वेद पद्धति से प्रभु को ठीक किया जाता है।

उन्होंने ने बताया कि तत्पश्चात नेत्र उत्सव मनाया जाता है। प्रभु जगन्नाथ भगवान , बलभद्र जी और सुभद्रा जी को स्नान कराया जाता है। तत्पश्चात विधी विधान और मंत्रोच्चार से प्रभु जगन्नाथ भगवान बलभद्र और सुभद्रा जी की रथयात्रा निकाली जाती है। और मौसी बाड़ी में प्रभु जगन्नाथ भगवान को रखा जाता है।

 मौसी बाड़ी में 9 दिन रखा जाता है और 10 दिन बाद प्रभु जगन्नाथ भगवान बलभद्र और सुभद्रा जी का रथ अपने मौसी के यहां से वापस आता है और प्रभु श्री जगन्नाथ भगवान, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को मंदिर में स्थापित किया जाता है।

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पत्थलगांव एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी को बुधवार को दी गई भावभीनी विदाई 


जशपुर / पत्थलगांव एसडीएम सुत्री आकांक्षा त्रिपाठी को बुधवार को शाम को  आयोजित एक गरिमामय समारोह में, कार्यकाल के सफल संचालन पर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर पत्थलगांव विकास खंड के समस्त विभाग प्रमुख ,सभी तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक,पटवारी गण,शिक्षा विभाग के
अधिकारी एवं कर्मचारी  उपस्थित रहे।
एसडीएम सुश्री आकांक्षा त्रिपाठी ने पिछले दो वर्षों से अपने कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण से इस क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके कार्यकाल के दौरान उनके सफल मार्गदर्शन में लोकसभा विधानसभा एवं त्रिस्तरीय चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का सफल संचालन, कानून-व्यवस्था में सुधार, जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सहित जनता की समस्याओं की त्वरित सुनवाई हुई है। उनके गौरवपूर्ण कार्यकाल के सुखद स्मरण के दौरान सभी की आंखें नम थीं।उन्होंने न केवल प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया, बल्कि एक संवेदनशील और सहृदय अधिकारी के रूप में जनता के दिलों में भी अपनी विशेष जगह बनाई।
इस अवसर पर  सभी विभाग प्रमुखों ने एसडीएम के योगदान की सराहना करते हुए कहा, "एसडीएम  ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और लगन से हम सभी के लिए एक मिसाल कायम की है,उनके जाने से हमें एक अभिभावक के खोने का दुख है। उन्होंने हमेशा हमारी सभी समस्याओं का समाधान निकाला और एक परिवार की तरह हम सब ने मिलकर कार्य किया। उनकी कमी हमें हमेशा खलेगी, लेकिन उनके द्वारा स्थापित उच्च मानदंड हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने अपने विदाई भाषण में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "इस क्षेत्र की जनता और मेरी टीम का सहयोग मेरे लिए अविस्मरणीय है। मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया और आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए मैं हृदय से आभारी हूं।"

समारोह के अंत में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रियंका रानी गुप्ता के द्वारा सर्व विभाग की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान व्यक्त किया गया। हम सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि वे जहां भी जाएंगी, इसी लगन और निष्ठा से  सेवा करती रहेंगी और अपनी कार्यप्रणाली से क्षेत्र में विशेष पहचान रखेंगी।

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क्लाईंट की हत्या की घटना को अंजाम देने वाले वकील व उसकी पत्नि सहित कुल 04 गिरफ्तार, थाना डी.डी.नगर क्षेत्रांतर्गत इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित किराये के मकान में दिये थे हत्या की घटना को अंजाम।

विवरण - दिनांक 23.06.205 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना डी.डी.नगर क्षेत्रांतर्गत इन्द्रप्रस्थ कालोनी रायपुरा स्थित वण्डरलैण्ड वाटर पार्क के पीछे डिपरापारा नाला के पास रोड किनारे एक लावारिश हालात में एक टिन का पेटी पडा हुआ है जिससे बदबू आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर देखने पर पाया गया कि एक टिन की पेटी के अंदर रखें लाल रंग के सूटकेश के अंदर एक अज्ञात पुरूष का शव रखा है तथा शव के उपर सीमेंट डाला गया था साथ ही मृतक का दोनो पैर बंधा हुआ था। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतक की हत्या कर उसके उपर सीमेंट छिडकर ट्राली बैग में टिन की पेटी में डालकर शव को उक्त सूनसान स्थान पर फेंक दिया गया था, कि थाना डी.डी.नगर में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।  

   अंधे कत्ल की घटना को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम श्री दौलत राम पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती श्री राजेश देवांगन, प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी डी.डी.नगर निरीक्षक एस.एन.सिंह को मृतक अज्ञात पुरूष की पहचान करने के साथ ही अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। 

 जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की 05 अलग - अलग टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया तथा सभी पहलुओं का बारिकी से निरीक्षण व जांच प्रारंभ करते हुये फॉरंेसिक टीम एवं डॉग स्क्वाड की मदद लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ करना प्रारंभ किया गया। घटना स्थल व उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों को खंगालने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर लगाया गया। 

 इसी दौरान अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों को मुखबीर से जानकारी प्राप्त हुई कि डी.डी.नगर स्थित इन्द्रप्रस्थ कालोनी के डी ब्लॉक से एक अल्टो वाहन में 03 पुरूष एवं 01 महिला अपने अल्टो कार में एक बड़ा पेटी को रखकर ले गये है। जिसकी तस्दीक हेतु कालोनी में लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों को देखने पर उक्त तथ्य की पुष्टि की गई। इसके साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होने पर वाहन स्वामी की पहचान किया गया। वाहन स्वामी से पूछताछ करने पर उसके द्वारा वाहन को 01 माह पूर्व अंकित उपाध्याय निवासी सत्यम विहार रायपुरा डी.डी.नगर रायपुर नामक व्यक्ति के पास बिक्री करना बताया। दूसरी टीम द्वारा घटना स्थल पर मिले टिन की पेटी के संबंध में जानकारी एकत्र करने पर उक्त पेटी थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत पेटी लाईन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री के प्रोपराईटर हब्बू भाई से आरोपियों द्वारा क्रय करना पाया गया। पूछताछ में हब्बू भाई ने दिनांक 22.06.25 को 01 पुरूष व 01 महिला द्वारा पेटी को क्रय करना बताने के साथ ही पैसे का भुगतान ऑन लाईन करना बताया गया। जिस पर सायबर सेल के माध्यम से टीम के सदस्यों द्वारा ऑन लाईन भुगतान किये गये खाते का संपूर्ण विवरण प्राप्त किया गया जिस पर से खाता धारक शिवानी शर्मा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई। इसके साथ ही टिन की पेटी को जिस आटो चालक द्वारा बताये स्थान पर छोड़ा गया था उस आटो चालक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त टिन की पेटी को इन्द्रप्रस्थ कालोनी डी.डी.नगर के रूम नंबर डी/321 में छोड़ना बताया गया। 

 टीम के सदस्यों द्वारा रूम नंबर डी/321 के संबंध में मकान मालिक छोटे खान निवासी करबलापारा आजाद चौक रायपुर से पूछताछ करने पर उक्त रूम को एक सप्ताह पूर्व ही अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा को किराये में देना बताया गया। संपूर्ण पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण पर आरोपियों की पुष्टि होने पर आरोपी अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा के संबंध में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि रिश्ते में दोनों पति-पत्नि है तथा घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की गिरफ्त से बचने हेतु दिल्ली फरार हो गये है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों के भागने के साधन के रायपुर एयरपोर्ट से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि दोनों दिनांक 23.06.25 को रात्रि लगभग 09ः40 बजे की दिल्ली की फ्लाईट क्रमांक 6सी5347 से दिल्ली फरार हो गये है, कि पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा तत्काल इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली के प्रभारी अधिकारी सहित मुख्य सुरक्षा अधिकारी आई.जी.आई. एयरपोर्ट नई दिल्ली को प्रकरण व आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुये आरोपियों को अभिरक्षा में लेने कहा गया। हवाई जहाज के दिल्ली एयरपोर्ट में लैण्ड करते ही एयरपोर्ट में लगे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों को अपने अभिरक्षा में लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रायपुर क्राईम ब्रांच की एक टीम को तत्काल दिल्ली हेतु रवाना किया गया।

  टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली पहुंचकर आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी अंकित उपाध्याय ने बताया कि वह पेशे से वकील होने के साथ ही जमीन, मकान खरीदी-बिक्री का काम करता है। साथ ही बताया कि मृतक किशोर पैकरा पिता स्व. नारायण पैकरा उम्र 58 साल निवासी हाण्डीपारा एच एम टी चौक पास आजाद चौक रायपुर इसका पक्षकार था। मृतक किशोर पैकरा आजाद चौक स्थित अपने मकान को चंद्रप्रकाश कुर्रे निवासी बेलटुकरी खरोरा जिला रायपुर को वर्ष 2015-16 में 50 लाख रूपये में बिक्री कर दिया था, किंतु किशोर पैकरा द्वारा क्रेता को उक्त मकान का कब्जा न देकर न्यायालय में क्रेता के विरूद्ध आवेदन पत्र दिया था। इस बात की जानकारी मृतक किशोर पैकरा द्वारा आरोपी अंकित उपाध्याय को देने पर आरोपी अंकित उपाध्याय द्वारा किशोर पैकरा को कहा गया कि वह हाईकोर्ट से उसके उक्त मकान को वापस दिला देगा और इसके एवज में आरोपी अंकित उपाध्याय अलग - अलग किश्तों में अलग - अलग कार्य के नाम से पैसा लेता था एवं मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रूपये में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था। उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था। जिस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार - बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था। अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक द्वारा प्रतिदिन अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग - अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था। जिससे आरोपी अंकित उपाध्याय परेशान होकर उक्त सभी बातों को अपनी पत्नि शिवानी शर्मा को बताया गया और दोनों किशोर पैकरा की हत्या करने की योजना बनाये। योजना के तहत् आरोपी अंकित उपाध्याय ने स्वयं डिजाईन कर अपना फर्जी आधार कार्ड बनाया जिसमें अपना पता कोरबा होना लेख किया। इसी फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसने धमतरी के बलियारा ग्राम निवासी एक व्यक्ति से पुरानी अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744 को 60,000/- रूपये में खरीदा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये एक किराये का मकान इन्द्रप्रस्थ कालोनी में दिनांक 19.06.25 को लिया। दिनांक 21.06.25 को सुबह अंकित उपाध्याय अपने घर सत्यम विहार रायपुरा से अल्टो कार से किशोर पैकरा के घर हाण्डीपारा आजाद चौक गया तथा किशोर पैकरा को झूठ बोलकर कि तुम्हारे घर की सफाई कराना है तब तक तुम मेरे किराये के मकान में इन्द्रप्रस्थ कालोनी में रहना कहकर अपने साथ कार मंे बैठाकर इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित रूम नंबर डी/321 किराये के मकान में ले गया थोड़ी देर बाद उसकी पत्नि शिवानी शर्मा भी वहां दोपहिया वाहन से आयी। योजना के अनुसार प्रातः करीबन 10ः00 बजे आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नि शिवानी शर्मा द्वारा किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये अंकित उपाध्याय उसकी छाती में बैठकर उसका गला दबाया तथा उसकी पत्नि मृतक के पैर को पकड़ी थी इसी दौरान अंकित उपाध्याय अपने पास रखें चाकू से भी मृतक के गले में वार कर उसकी हत्या कर दिये तथा शव को रूम में छोडकर दोनों अपने घर सत्यम विहार कालोनी चले गये। शाम को दोनों पुनः इन्द्रप्रस्थ कालोनी के उसी रूम में गये तथा किशोर पैकरा के शव से निकले खून को टॉवेल से पोंछ दिये और उसके शव को रूम में पहले से रखें एक लाल रंग के ट्राली बैग में डालकर उस पर परफ्यूम स्प्रे किये और रूम बंद कर दिये और घर चले गये। रात्रि दोनों गोलबाजार पेटी लाईन जाकर एक दुकान से एक टिन की पेटी आर्डर किये। अगले दिन दिनांक 22.06.2025 को प्रातः करीबन 09ः30 बजे दोनों रूम में जाकर हत्या में प्रयोग किये गये चाकू एवं खून लगे टॉवेल को प्लास्टिक बोरी में भरकर भाठागांव के पास नाला में फंेक दिये फिर दोनों दोपहर में आर्डर किये गये पेटी को लेने हेतु गोलबाजार पेटी लाईन गये तथा दुकान से टिन की पेटी खरीदकर ऑन लाईन पेमेंट किये और पेटी को आटो में रखवाकर इन्द्रप्रस्थ के रूम में ले गये। शव से लगातार बदबू आने से दोनों एक हार्डवेयर दुकान से सीमेंट खरीदकर रूम आये और सीमेंट को शव के उपर डालकर ट्राली बैग को बंद कर शव से भरी बैग को पेटी में डालकर पेटी को बंद कर दिये, उसके बाद दोनों अपने घर आ गये। दिनांक 23.06.25 को सुबह करीबन 08ः00 बजे दोनों पति-पत्नि इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में गये फिर शव से भरे पेटी को उठाने की कोशिश करने पर वजन अधिक होने से नहीं उठा पाये तब वापस दोनों अपने घर सत्यम विहार गये और मदद करने हेतु अपने परिचित सूर्यकांत यदु और विनय यदु को बुलाया और उक्त घटना की जानकारी दोनों को देने पर दोनों शव को ठिकाने लगाने में मदद करने हेतु तैयार हो गये। जिस पर चारों 02 अलग - अलग दोपहिया वाहन में इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में प्रातः 09ः35 बजे गये तथा सभी अपना पहचान छिपाने हेतु अपने चेहरे को स्कार्फ से ढ़के थे। आरोपी अंकित उपाध्याय, सूर्यकांत यदु एवं विनय यदु तीनों मिलकर शव रखें पेटी को लिफ्ट के माध्यम से नीचे लाये तथा शिवानी शर्मा सीढ़ी से नीचे आयी फिर चारों मिलकर पेटी जिसमें शव रखा था को अल्टो कार की डिक्की में रखें और शव को ठिकाने लगाने हेतु घटना स्थल पर ले जाकर पेटी को नीचे उतारकर छोड़कर चले गये। उसके बाद अंकित उपाध्याय और विनय यदु अल्टो कार को कुशालपुर पुरानी बस्ती के एक गैरेज में डेन्टिंग-पेन्टिंग हेतु छोड़ दिये, शिवानी शर्मा ईथर वाहन और सूर्यकांत यदु ज्वॉय इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर घर सत्यम विहार चले गये। आरोपी दोनों पति-पत्नि घटना को अंजाम देने के बाद रात की फ्लाईट से रायपुर से दिल्ली फरार हो गये थे। 

 चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744, दोपहिया ईथर वाहन क्रमांक सी जी 04 एन वाय 0639 तथा इलेक्ट्रिक ज्वॉय दोपहिया वाहन तथा 05 नग मोबाईल फोन को जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी.नगर में अपराध क्रमांक 255/25 धारा 103(1), 238क, 61(2), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।   
     
*गिरफ्तार आरोपी*

*01. अंकित उपाध्याय पिता रमानिकेत उपाध्याय उम्र 31 साल निवासी मनजीत ग्रीन सिटी के पास सत्यम विहार कालोनी मकान नंबर 383 गली नंबर 04 रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।* 

*02. शिवानी शर्मा पति अंकित उपाध्याय उम्र 24 साल निवासी मनजीत ग्रीन सिटी के पास सत्यम विहार कालोनी मकान नंबर 383 गली नंबर 04 रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*
 
*03. विनय यदु पिता संतराम यदु उम्र 23 साल निवासी जनजागृति चौक शिव शक्ति किराना स्टोर के पास यादवपारा रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*  

*04. सूर्यकांत यदु पिता प्रेमनाथ यदु उम्र 21 साल निवासी कन्या छात्रावास के सामने विसर्जन  कुण्ड के पास महादेव घाट रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*  

 *घटना स्थल में फारेंसिक टीम से डॉ. भास्कर बनर्जी, अंगेश कुमार मौर्य, अनंत राम सिदार एवं भरत कुमार छापटे तथा फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय साहू द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन किया गया।* 

 *कार्यवाही में निरीक्षक एस.एन.सिंह थाना प्रभारी डी.डी.नगर, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक मुकेश सोरी, राजेन्द्र सिंह कंवर, सउनि. प्र्रेमराज बारिक, अतुलेश राय, फूलचंद भगत, शंकर लाल ध्रुव, प्र.आर. गुरूदयाल सिंह, उपेन्द्र यादव, अनुप मिश्रा, संतोष दुबे, कृपासिंधु पटेल, सुरेश देशमुख, घनश्याम प्रसाद साहू, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. प्रमोद बेहरा, पुरूषोत्तम सिन्हा, प्रशांत शुक्ला, हरजीत ंिसंह, किसलय मिश्रा, अजय चौधरी, महिपाल सिंह, भूपेन्द्र मिश्रा, अविनाश देवांगन, अभिषेक तोमर, अमित वर्मा, नितेश सिंह राजपूत, अविनाश टण्डन तथा थाना डी.डी.नगर से सउनि. अनंत बारिक, प्र.आर. अरूण तिवारी एवं म.आर. सरस्वती वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिंका रहीं।

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*मीसाबंदियों द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किया गया  संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए है प्रेरणा: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत*


 
जशपुरनगर, / आपातकाल के 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज जिला मुख्यालय के वशिष्ठ कम्युनिटी हाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मीसाबंदी श्री रामलाल सोनी, श्री महावीर जैन, श्री प्रदीप जैन,  श्रीमती शोभा देवी, श्री  लक्ष्मी  प्रसाद गुप्ता और श्री विश्वनाथ सिंह को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्हें किस तरह की कठिन परिस्थितियों से उन्हें गुजरना पड़ा था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया। इस अवसर पर मीसाबंदियों जनप्रतिनिधियों ने हाथों में मशाल लेकर रैली निकाली।
    इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं और उस दौर के सामाजिक, राजनीतिक एवं मानवाधिकार संबंधी प्रभावों को  प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम को रेखांकित किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि मीसाबंदियों ने आपातकाल के कठिन समय में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
   मीसाबन्दी श्री रामलाल सोनी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आपातकाल के समय सभी संस्थाओं को बंद कर दिया गया था। हमारी स्वतंत्रता के साथ मूल अधिकार छिन लिए गए थे। उन्होंने अपनी रायगढ़ जेल यात्रा के दौरान कठोर यातना के अनुभव का भी वर्णन किया। मीसाबन्दी श्री विश्वनाथ सिंह ने जयप्रकाश नारायण एवं अन्य जन नायकों को याद करते हुए कहा कि  आपातकाल में विद्यार्थी, किसान से लेकर सभी वर्गों को परेशानियों का सामान करना पड़ा था। मीडिया की स्वतंत्रता भी बाधित कर दी गई थी।
   इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्याय श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री संविधान हत्या दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड मेरे जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह मेरे लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। ऐसे अनेक परिवारों को मैंने स्वयं देखा है। उन्होंने कहा कि निरंकुश सत्ता ने उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया था, नागरिक अधिकार छीन लिए गए थे। वास्तव में, वह लोकतंत्र का काला दिन था, जिसका दंश हमारे परिवार ने झेला है और जिसे मैंने स्वयं जिया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। इन परिवारों को प्रतिमाह 10 हजार से 25 हजार रुपए तक की सम्मान राशि दी जा रही है—यह उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें, पढ़ें और समझें कि किस प्रकार उस कालखंड में संविधान को कुचला गया था। लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर आपातकाल एक ऐसा कलंक है, जिसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया गया है। आपातकाल थोपकर न केवल संविधान को निष्क्रिय कर दिया गया, बल्कि मौलिक अधिकारों को समाप्त कर लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।
उन्होंने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया, और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।
डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल के विषय में शोध करें, पढ़ें और समझें कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भविष्य में लोकतंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें सदैव जागरूक और सजग रहना होगा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का सबसे शर्मनाक और काला दिन था। इस दिन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को जिस तरह से कुचला गया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में नहीं मिलता। संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन किए गए, जिससे देश की आत्मचेतना और नागरिक अधिकारों का दमन हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित जनजागरूकता रैली में भी भाग लिया।

*मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र के हनन को चित्रों एवं दस्तावेजों के माध्यम से दर्शाया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व को समझाने में सहायक सिद्ध होगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस  अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, श्री मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा तथा संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लोकतंत्र सेनानी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने दुलदुला के जनप्रतिनिधियों, सरपंच आम नागरिकों के साथ संयुक्त बैठक लेकर उनकी मांगों और समस्याओं की ली जानकारी  

जशपुर /कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड शासकीय माध्यमिक स्कूल में जनप्रतिनिधियों आम नागरिकों सरपंच पंच सचिव की बैठक लेकर विकास कार्यों ,मांगों और समस्याओं की जानकारी ली।  कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों के साथ बस स्टैंड और नव निर्मित पुलिया का भी निरीक्षण किया और अवगत कराया कि दुलदुला विकास खंड के नया बस स्टैंड बनाने के लिए 99 लाख 99 हजार की स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही काम चालू किया जाएगा।

बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय भी बनाया जाएगा इसके साथ ही दुकान के लिए काम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा दुकान का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा लाटरी पद्धति से दुकानों का आबंटन किया जाना है ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित दुकानों से किराया भी लिया जाएगा और उन पैसों का उपयोग विकास कार्यों और मेंटेनेंस के लिए किया जाएगा।

कलेक्टर ने दुलदुला विकास खंड के नव निर्मित पुलिया के सामने बने खम्भे को भी शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को आवागमन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए 
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक कुनकुरी एसडीएम नन्द जी पांडे जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार राहुल कौशीक नायब तहसीलदार राजेश यादव उपस्थित थे।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्तूरा का कलेक्टर ने किया निरीक्षण....स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव अप्रैल से जून माह  एक भी नहीं हुआ वँहा के  एएनएम को नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश और निलंबन की अनुशंसा करने के दिए निर्देश

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के सीएचवो, आरएचवो और एएनएम की समीक्षा बैठक ली 
उन्होंने संस्थागत प्रसव प्रगति, टीबी मुक्त अभियान,आर सी एच पोर्टल में एंट्री, केन्द्र और राज्य की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की ।

कलेक्टर ने कहा कि लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना शासन की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव के दिए गए लक्ष्य को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कस्तूरा, बनगांव,टांगरटोली, धारेन,बंगुरकेला, चांपा टोली, में गर्भवती माताओं का पंजीयन और आर सी एच पोर्टल एंट्री में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अमला को कड़ी हिदायत देते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव नहीं हो रहा है। उन केन्द्र के सी एच वो आर एच वो और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। और काम नहीं करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों का निलंबन और विभागीय जांच के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम कुनकुरी नंद जी पांडे, जनपद सीईओ पुष्कर पाटले मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा और तहसीलदार राहुल कौशीक, राजेश यादव उपस्थित थे।

कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली निरीक्षण के दौरान पंजीयन एवं दवा वितरण केन्द्र, ओपीडी, आर्युवेदिक ओपीडी, शौचालय की स्थिति, औषधि भंडार कक्ष, सामान्य वार्ड,पी एन सी वार्ड का निरीक्षण किया 

कलेक्टर ने अस्पताल के दरवाजे, बेसिन, बिजली और नल को ठीक करने के दिए निर्देश

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छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव श्री पी. दयानंद....... सामरिक एवं रणनीतिक खनिजों के तकनीकी सहित विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों में राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

*वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल*

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।

समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

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प्रेम संबंध और चरित्र शंका से किया गया ट्रिपल हत्याकांड का जशपुर पुलिस-ने किया पर्दाफाश......बेल्ट से गला घोंट कर तीनो की थी हत्या......आरोपी साउथ इंडिया फरार होने का प्लान कर रहा था,रांची से धर दबोचा गया,

जशपुर :-जशपुर जिले में बीते दिन एक सनसनीखेज मामला सामने आया था ।तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम साजबाहर में आरोपी प्रमोद गिद्धी 36 वर्ष ने चरित्र शंका को लेकर एक महिला और दो मासूमों की बेल्ट से गला घोंटकर उतियाल नाला के बालू में दफन कर फरार हो गया था इस ट्रिपल मर्डर से पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई थी। वहीं अब पुलिस ने ट्रिपल मर्डर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

     पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तपकरा पुलिस  23 जून को मुखबिर से सूचना मिला कि एक व्यक्ति शराब के नशे में कही बोल रहा था कि वह थाना तपकरा क्षेत्र के साजबहार (उतियाल नदी) में 01 महिला और 02 बच्चों को मारकर नदी के किनारे दफना दिया है, इस सूचना पर स्वयं पुलिस की टीम तत्काल साजबहार (उतियाल नदी) में जाकर तस्दीक करने मौके पर गई एवं 02 घंटे तक मशक्कत कर उभार वाले रेत को बारी-बारी से हटाकर देखने पर 01 लड़का बच्चा (उम्र लगभग 06 साल) एवं 01 बच्ची (उम्र लगभग 14 साल) का शव मिला एवं कुछ दूर आगे जंगल में 01 महिला (उम्र लगभग 36 साल) का शव मिला, जिसका पहचान परिजनों एवं साजबहार के ग्रामवासियों द्वारा की गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी विवेचना प्रारंभ की।
                      विवेचना दौरान ज्ञात हुआ कि मृतका सुभद्रा ठाकुर का गाँव के ही प्रमोद गिद्धी से सम्बंध है, यही व्यक्ति था जो पहले इस तरह की बातें किया था और वह फरार भी है, उसके बाद पुलिस की टीम उसकी खोजबीन में लग गई। प्रमोद गिद्धी के सारे दोस्त एवं रिश्तेदारों के यहां पुलिस की अलग-अलग टीम लगातार दबिश दे रही थी, 

  पुलिस ने रांची से किया आरोपी को गिरप्तार

प्रमोद गिद्धी पहले भी रांची में काम करने गया था, इसी संभावना पर से एक टीम प्रत्याशा में रांची की ओर भेजी गई थी, इसी दौरान टेक्निकल टीम द्वारा सूचना मिला कि वह रांची में मौजूद है इस पर तत्काल दबिश देकर भाग रहे आरोपी प्रमोद गिद्धी को अभिरक्षा में लिया गया, इस दौरान आरोपी को लाते समय रास्ते में इंट्रोगेशन के दौरान पता चला कि उसने आत्महत्या करने के इरादे से लगभग 08 घंटा पूर्व जहर का सेवन कर लिया है, पुलिस द्वारा तत्काल उसे जशपुर अस्पताल में एडमिट कराया गया। आरोपी के इलाज होने के बाद अब हालत स्थिर है, पूछताछ में आरोपी ने प्रेम संबंध और चरित्र शंका पर सुभद्रा ठाकुर की बेल्ट गला घोंटकर हत्या की, उसके बाद दोनों बच्चों को भी बारी-बारी से हत्या किया। आरोपी ने उक्त अपराध को घटित करना स्वीकार कर लिया है।
                              उक्त कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ, निरीक्षक संदीप कौशिक, उप निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी,स.उ.नि. हरिशंकर राम, स.उ.नि. नसरुद्दीन खान, HC मिराज किस्पोट्टा एवं अन्य सम्मिलित रहे। 
                              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा घटना के संबंध में बताया गया है किः- *" तिहरे हत्याकांड के आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी, 05 अलग-अलग पुलिस की टीम बनाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी, अंततः प्रत्याशा में रांची भेजी गई एक टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लाया गया है, गिरफ्तारी में सम्मिलित पुलिस टीम को नगद ईनाम नाम से पुरस्कृत किया गया है।"

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रोहतक पहुंचकर स्वर्गीय परमेश्वरी देवी को मुख्यमंत्री श्री साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरियाणा के रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास सिंधु भवन पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कैप्टन अभिमन्यु की पूज्य माताजी श्रीमती परमेश्वरी देवी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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जशपुर के कल्याण आश्रम में रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम ......रानी दुर्गावती का बलिदान हमारे लिए  प्रेरणादायी है - हेमा शर्मा 

जशपुर : कल्याण आश्रम जिला महिला समिति द्वारा महोबा के प्रसिद्ध चंदेल वंश की वंशज और गढ़ा-कटंगा के गोंड साम्राज्य की रानी, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतिमूर्ति, रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि  देने हेतु नगर के कल्याण आश्रम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा शर्मा सदस्य  बाल कल्याण समिति जशपुर एवं मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल सदस्य किशोर न्याय बोर्ड जशपुर ने रानी दुर्गावती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  


इस अवसर पर  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हेमा शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि रानी दुर्गावती गढा राज्य की महारानी थी । इनका जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कलिंजर दुर्ग में  दुर्गा अष्टमी के दिन 
हुआ था इसी कारण इनका नाम दुर्गावती रखा गया । 24 जून 1564 को 39 वर्ष की अल्पायु में इनका निधन हो गया था । रानी दुर्गावती का नाम भारतीय इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज ऐसा नाम है जिन्होंने मुग़ल शासकों को मुंह की खाने पर मजबूर कर दिया था । ये बाल्यकाल से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी , तीरंदाजी युद्ध कलाओं में निपुण थी । इन्हें अपने पति की मृत्यु के उपरांत गढ़मंडला का शासन संभालना पड़ा उस समय इनके पुत्र की आयु मात्र 5  वर्ष थी । इन्होंने गढ़मण्डला में 16  वर्ष तक शासन कर कुशल प्रशासक के रूप में अपनी छवि निर्मित की । रानी दुर्गावती ने अपनी मातृभूमि और आत्म सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया । मातृभूमि की रक्षा हेतु इनका महान बलिदान हमें युगों-युगों तक 'राष्ट्र प्रथम' के भाव से पोषित करता रहेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि रानी दुर्गावती 16 वीं शताब्दी की एक महान गोंडवाना शासक थी । जिन्होंने मुग़ल साम्राज्य के ख़िलाफ़ अपने राज्य की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी । 1564 में मुग़ल शासक अकबर ने रानी दुर्गावती के राज्य पर आक्रमण कर दिया जिसका रानी ने वीरता पूर्वक सामना किया अंततः मुग़ल सेना रानी दुर्गावती की सेना पर भारी पड़ने लगे तो रानी दुर्गावती ने आत्म समर्पण करने की बजाय अपनी तलवार से ख़ुद को मार डाला और वीरगति प्राप्त की । रानी दुर्गावती को अपनी वीरता और साहस के लिए याद किया जाता है । उन्हें आज एक महान योद्धा , एक महान शासक और नारी सशक्तिकरण के रूप में याद किया जाता है । 
कार्यक्रम का संचालन आर्या पाठक ने किया ।इस कार्यक्रम में कल्याण आश्रम जिला महिला समिति की अध्यक्ष जगन्ती भगत , जिला महिला प्रमुख कल्याण आश्रम उर्मिला ,कल्याण आश्रम नगर महिला समिति सचिव अनिता पैंकरा , प्रांत संगठन मंत्री महेश्वर सिंह , जिला संगठन मंत्री रवींद्र शिखर  , विद्यालय की प्राचार्य जयमुनि सिंह ,शिक्षिका सोनम सोनी सहित काफ़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी ।

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*मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक का आयोजन बस्तर में होगी*

रायपुर / मध्य क्षेत्रीय परिषद की वाराणसी में आयोजित 25वीं बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि अगली बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ के बस्तर में किया जाएगा। यह निर्णय देश के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण अंचलों को राष्ट्रीय नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। बस्तर जैसे क्षेत्र में इस स्तर की बैठक का आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के समावेशी विकास और सुशासन की नीति का सशक्त प्रतीक है।

बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि अगली परिषद बैठक तक बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय और निर्णायक प्रगति हो चुकी होगी। इस विश्वास के साथ, परिषद ने बस्तर क्षेत्र को शांति, स्थायित्व और विकास के एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बस्तर में इस तरह की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन न केवल क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, बल्कि इससे वहां के विकास को नई ऊर्जा भी प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर अब संघर्ष का नहीं, संभावनाओं का प्रतीक बनने की ओर अग्रसर है।

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मध्य क्षेत्रीय परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच...मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास की नई दिशा मिली : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर /उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य

मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।

ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।

सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।

विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

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कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को सड़क की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के दिए निर्देश..... किसानों के लिए बनाएं किसान क्रेडिट कार्ड 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन, टीएल के प्रकरणों की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सभी निर्माण एजेंसी को सड़क,पूल पुलिया के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्थिति में गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम है खेती बाड़ी का सीजन चालू हो गया है किसानों के लिए प्राथमिकता से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के निर्देश दिए है ताकि किसानों को खाद बीज लेने में आसानी हो सके।
    इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों से अपने विभाग के निलंबित अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी मांगी है साथ ही उनका मुख्यालय कहां दिया गया है। उनकी नियमित उपस्थिति और वर्तमान में उनके कार्यों की गतिविधियों की जानकारी देने भेजने के लिए कहा हैं। 
कलेक्टर ने केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान की भी समीक्षा की और जिले में चिन्हांकित 417 ग्राम पंचायतों में सभी केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने चिन्हांकित गांव में , आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पानी, की सुविधा और गांव के प्रत्येक व्यक्ति का राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसानों का क्रेडिट कार्ड, ई श्रम कार्ड ,आय ,जाति, निवास, मोबाइल नेटवर्क की सुविधा आदि महत्वपूर्ण योजना का लाभ शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिन गांवों में आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी, सड़क की आवश्यकता है उसका प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।

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शासकीय प्राथमिक विद्यालय दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव: नन्हे-मुन्नों का हुआ भव्य स्वागत, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

जशपुर : छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के प्रति दूरदर्शी सोच और बच्चों के सुनहरे भविष्य की मंशा को साकार करते हुए जशपुर जिले में विद्यालयों में नए सत्र का आरंभ बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भटनागर के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्रीमती कल्पना टोप्पो के विशेष मार्गदर्शन में शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव बड़े धूमधाम और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर ने न केवल बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाया बल्कि अभिभावकों को भी सरकारी विद्यालयों में उत्कृष्ट शिक्षा की ओर आकर्षित किया।

भव्य स्वागत से खिले नन्हे-मुन्नों के चेहरे

विद्यालय परिसर इस अवसर पर उत्सव स्थल में तब्दील हो चुका था। नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत परंपरागत रीति से किया गया। छोटे-छोटे बच्चों के माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया, आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा से उनका अभिनंदन किया गया। उनका पहला विद्यालय आगमन पूरे ग्राम समुदाय के लिए उत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। बच्चों के मासूम चेहरे पर मुस्कान और उनकी आंखों में सपनों की चमक हर किसी का मन मोह रही थी।

गौरवमयी उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 के पंच श्री विक्रम भगत और विशिष्ट अतिथि वार्ड क्रमांक 13 की पंच श्रीमती बबीता भगत रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने की। इनके अतिरिक्त शाला की प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम, सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार, विद्यालय के अन्य शिक्षकगण,, नॉन टीचिंग स्टाफ, ग्राम के गणमान्य नागरिक, पालकगण एवं विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने हाथों से बनाए पुष्पगुच्छ देकर सभी अतिथियों एवं उपस्थित पालकों का आत्मीय स्वागत किया। प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षिक वातावरण और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

उत्सव में बिखरी प्रेरणादायी संदेशों की सुगंध

मुख्य अतिथि श्री विक्रम भगत और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने बच्चों को आशीर्वाद स्वरूप तिलक चंदन लगाया, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए। श्री गोसाई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “आज की पीढ़ी को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता विकसित करना आवश्यक है। हमारे शासकीय विद्यालय किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।”

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे सरकारी स्कूलों पर भरोसा करें और अपने बच्चों का नामांकन शासकीय विद्यालयों में कराएं ताकि सभी को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती बबीता भगत ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने-लिखने, सोचने-समझने और विचार अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी मिलकर प्रयास करें।

शिक्षकों का संदेश: शिक्षा ही असली पूंजी

प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, स्वच्छता का ध्यान रखने, बड़ों का आदर करने और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में अंग्रेजी भाषा, हिंदी और गणित जैसे विषयों में दक्षता जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं विद्यालय में अतिरिक्त इंग्लिश स्पोकन क्लास संचालित करेंगे ताकि बच्चों को अंग्रेजी बोलने में आत्मविश्वास मिले और वे भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना कर सकें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आभार और समापन

कार्यक्रम का संचालन भी श्री मुकेश कुमार ने अत्यंत कुशलता और सजीवता से किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने सभी अतिथियों, पालकों और ग्रामवासियों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नॉन टीचिंग स्टाफ और ग्रामवासी बच्चों को उत्तम शिक्षा देने और विद्यालय को नए शिखर पर ले जाने के लिए एकजुट हैं।

सरकारी स्कूल: बच्चों का सुनहरा भविष्य

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली के इस विद्यालय प्रवेश उत्सव ने यह प्रमाणित किया कि सरकारी स्कूलों में न केवल पढ़ाई बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भरपूर अवसर और संसाधन उपलब्ध हैं। यहां योग्य और समर्पित शिक्षकगण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा और बच्चों को प्रोत्साहित करने वाला माहौल है।

आज जब समाज में शिक्षा को लेकर अनेक विकल्प मौजूद हैं, तब यह कार्यक्रम अभिभावकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी विद्यालय वास्तव में उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बन सकते हैं। सरकारी स्कूलों में मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने वाली योजनाएं मौजूद हैं, जिससे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से कहीं बेहतर सुविधाएं और शिक्षा मिल रही है।

पेरेंट्स के लिए संदेश

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली सभी अभिभावकों का आह्वान करता है कि वे अपने बच्चों को इस विद्यालय में नामांकित करें और उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखें। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक शिक्षा दी जाती है ताकि वे एक अच्छे नागरिक बन सकें और समाज तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।

विद्यालय के इस सफल और प्रेरक आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर निरंतर ऊंचाई छू रहा है। विद्यालय प्रवेश उत्सव की यह गौरवमयी गाथा न केवल बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति उत्साह भरती है बल्कि अभिभावकों को सरकारी शिक्षा प्रणाली पर गर्व करने का अवसर भी देती है।

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काशी के कोतवाल' श्री काल भैरव जी के दरबार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर  : देवों के अधिदेव भगवान शंकर की पावन नगरी काशी में स्थित ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी महाराज के दिव्य मंदिर में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण हेतु प्रार्थना की।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा काल भैरव की विधिवत आराधना की और संपूर्ण राष्ट्र के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भैरवनाथ की कृपा समस्त देशवासियों पर निरंतर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने देश के नागरिकों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण के प्रकाश के निरंतर प्रवाह की कामना भी की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की शांति, विकास और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर यात्रा के लिए बाबा काल भैरव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश और देश में सुशासन और समृद्धि का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।

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जिले में पहली बार एग्री -हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन....देश के कई राज्यों की कंपनियां होंगी शामिल.....किसान करेंगे एफ.पी.ओ. के जरिये क्रेता कंपनी से समझौता


जशपुरनगर / जिले में किसानों के विकास, कृषि - उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने "कृषि क्रांति" अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत जिला जशपुर में पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जावेगी, तथा द्वितीय दिवस 29 जून.2025 को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई राज्यों की उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधी के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है, तथा जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है जिसके साथ ही जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद के वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी, किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जावेगा ।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र
खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायताएं उपलब्ध कराने में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में श्रवण दोष से पीड़ित श्रीमती बुंदा लकड़ा को  श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
 ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव की श्रीमती लकड़ा ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की थी। आवेदन में उन्होंने अपनी कठिनाई को साझा करते बताया कि सुनने में असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
   मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और उन्हें उनके गांव  जाकर श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र प्राप्त होने पर श्रीमती बुंदा लकड़ा ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत जैसा है।

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