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छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

जशपुरनगर, 25 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान श्री निषाद ने अधिकारियों से जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और इसके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
     अध्यक्ष श्री निषाद ने कहा कि शासकीय योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि जागरूकता के अभाव में वंचित रह रहे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। तकनीकी कारणों या त्रुटिवश लाभ प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का जाति प्रमाणपत्र किसी कारणवश लंबित है, उनकी समस्या के निराकरण के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
      बैठक में उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की अपनी-अपनी समस्याएं हैं, जिन्हें संज्ञान में लेकर गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, सहायक अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे, सचिव श्री संकल्प साहू, निज सचिव श्री एल. के. मिश्रा, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री संजय सिंह मौजूद थे। 
      महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री निषाद ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ दिलाएं, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसके कोई वंचित न हो। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने और इसके लाभों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने को कहा। मत्स्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन रोजगार का एक बड़ा साधन है, जिससे आमजन की आजीविका मजबूत होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है। उन्होंने अधिकारियों से मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और सामूहिक उत्पादन व विपणन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
     कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के लिए संचालित सभी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक अवश्य पहुँचे। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें योजनाओं एवं कार्यक्रमों के महत्व की जानकारी दें, ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रह सके। श्रम विभाग की समीक्षा में उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी ली और कहा कि इनका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा करने से जिले में पलायन की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में अध्यक्ष श्री निषाद ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को सभी योजनाओं से लाभान्वित करने पर बल दिया। उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की जानकारी ली और इसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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मयाली नेचर कैंप एवं ईब नदी पर बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन

जशपुर, 25 सितम्बर 2025/ भारत शासन गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जशपुर के संयुक्त तत्वाधान में मयाली नेचर कैम्प एवं ईब नदी पर हस्तिनापुर पुल में बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के अभ्यास हेतु एकदिवसीय राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक आभाषी आपदा का संभावित परिदृश्य बनाकर बाढ़, जलभराव आदि के समय प्रभावित लोगों के बचाव के मानक संचालन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 
          कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में इस राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल में विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर सेना, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग डीडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रूप से बचाव प्रक्रिया का अभ्यास एवं प्रदर्शन किया गया। जिसमें बाढ़ के समय जल स्त्रोतों में फसें लोगों, पेड़ पर फंसे लोगों, सड़क में जल भराव, डूबते व्यक्ति के बचाव जैसी परिस्थितियां बनाकर उसमें 09 लोगों के बचाव का कार्य किया गया।
           इसमें बाढ़ के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां, सर्पदंश पर उपचार, विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए उपचार सावधानियां, सीपीआर, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, बाढ़ के उपरांत मौसमी बीमारियों से रक्षा, राहत बचाव कैम्प का संचालन, पीड़ितों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों से बचने हेतु सही जानकारियों के प्रेषण, लोगों को बाढ़ से सावधान करने, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापना आदि का पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें 05 लोगों को बाढ़ के दौरान बाढ़ के पानी से बने टापू में फंसे लोगों को बचाया गया, जिसमें गर्भवती स्त्री, सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति, वृद्ध आदि के बचाव की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 02 व्यक्तियों को बाढ़ के दौरान पानी में डूबने पर बचाव का भी प्रदर्शन किया गया। 
           इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए ग्रीन कॉरिडोर निर्माण, राहत शिविर में व्यवस्था आदि का भी प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, एनएसएस के कैडेट भी शामिल हुए उन्हें आपातकालीन प्रक्रिया के प्रदर्शन के साथ आपातकालीन बचाव प्रक्रिया में प्रयुक्त उपकरणों की भी जानकारी दी गयी। इसके साथ ही स्थानीय वस्तुओं से जुगाड़ द्वारा बाढ़ से बचाव के उपकरण बनाने के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस ड्रिल में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम नंदजी पांडेय, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीएस जात्रा, जिला सेनानी विपिन किशोर लकड़ा, तहसीलदार प्रमोद कुमार पटेल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

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सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से ग्राम शब्दमुंडा में लौटी रोशनी

 जशपुरनगर, 25 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया, अपनी त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के वजह से लोगों के विश्वास और उम्मीदों का केंद्र बन चुका है।

    विकासखंड कांसाबेल के ग्राम शब्दमुंडा के प्रधानटोली सहित अन्य पारा मोहल्ला के ग्रामीणों ने  बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी। कैंप कार्यालय ने तत्काल विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया। विभाग के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर ग्राम में ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी गई। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जनआकांक्षाओं को पूरा कर रहा है सीएम कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर  पहुंच रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं यहां तुरंत सुनी जाती हैं और समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से तीव्र गति से बन रहा कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय भवन

 जशपुरनगर 25 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता क्रम में हमेशा शीर्ष पर रखा है। उनके नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में जशपुर जिले में न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेगी, बल्कि यहाँ स्वास्थ्य शिक्षा का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टरेट के समीप एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से 35.53 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय का नवीन भवन तेज़ी से आकार ले रहा है। 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल

छह मंजिला बनने वाला जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय 100 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। यहाँ 15 ओपीडी, आईसीयू, 4 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी सेंटर, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, एमआरआई, डायलिसिस यूनिट, एक्स-रे, ईसीजी और इमरजेंसी वार्ड जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप का भी निर्माण किया जाएगा।

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल ही में कुनकुरी ब्लॉक अंतर्गत गिनाबहार में 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत के 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का भी निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आधा दर्जन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है और 11 अतिरिक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो सड़कों के निर्माण के लिए दी बड़ी सौगात, 4 करोड़ 53 की लागत से जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य, क्षेत्र वासियों ने जताया आभार.....


जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के सड़क विकास को नई दिशा देते हुए दो महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। ग्रामीण अंचल के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुंजारा बोराटोंगरी से ढोंगाअंबा पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।वहीं NH-43 मुख्य मार्ग से बोड़ाटोंगरी पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु 1 करोड़ 78 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। अब तक इन इलाकों के लोगों को बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल से जूझना पड़ता था, वहीं किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना आसान होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सौगात क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करेगा और आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदलेगा।

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डबल इंजन सरकार का संकल्प – 2026 तक नक्सलवाद को करेंगे खत्म......छँट रहा है नक्सलवाद का अंधियारा - मुख्यमंत्री

रायपुर, 24 सितम्बर 2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि  राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

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एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ : प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई का प्रशिक्षण

रायपुर, 24 सितंबर 2025/  नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में आज डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसे राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई के नवीनतम तकनीकों और अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करने, प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने की। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदार प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel और Google Sheets के उन्नत फीचर्स के साथ AI के उपयोग और डेटा मॉडलिंग की ट्रेनिंग दी गई।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि कौशल उन्नयन सतत प्रक्रिया है, इससे व्यक्तित्व और कार्यसंस्कृति दोनों ही निखरते हैं, उन्होंने एआई-आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर बताया और प्रतिभागियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने नागरिक केंद्रित शासन में तकनीक की अहम भूमिका पर अपने विचार रखते हुए सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने में एआई टूल्स की भूमिका पर जोर दिया। श्री भगत ने ई-ऑफिस प्रणाली  का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग शासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकता है।

ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने कार्यशाला में अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि एआई के स्मार्ट उपयोग के लिए हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। एआई के व्यवहारिक अनुप्रयोग से शुरुआत कर उसके बारे में निरंतर सीखने की आदत हमें एआई से और अधिक फ्रैंडली बनाएगी। हमें डेटा को सुरक्षित रखते हुए एआई का उपयोग करना होगा, जिसके लिए हमें एआई को संवेदनशील जानकारी देने से बचना होगा ताकि पब्लिक डोमेन में जाकर इनका दुरुपयोग न हो सके। 

वहीं, प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा। इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जो कि 24 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।

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जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने "के मार्ट" पहुंचे मुख्यमंत्री.....ग्राहक बन कर घरेलू सामान की खरीद कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ.....

रायपुर, 24 सितम्बर 2025/ राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं।

दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है।

इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।”

जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है

मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।”

स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो

राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।”

चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान

मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।”

देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी

शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।”

बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका

श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।”

उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

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जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई : सितार गुटखा घोटाले का भंडाफोड़.......कारोबारी गिरफ्तार

रायपुर, 24 सितम्बर 2025/ राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सितार ब्रांड के गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया है। विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले चार वर्षों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का कर अपवंचन कर रहा था।

जीएसटी विभाग द्वारा 25 और 27 जून 2025 को दुर्ग और राजनांदगांव में की गई जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से लगातार सितार गुटखा का उत्पादन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसके बाद विभाग द्वारा जुमनानी को समन जारी किया गया, लेकिन वह दो माह तक उपस्थित नहीं हुआ।

जांच में पाया गया कि उन्होंने अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव के ग्राम मनकी और खैरागढ़ के ग्राम ठेलकाडीह में, जनवरी 2023 से जून 2023 तक रायपुर के मंदिर हसौद एवं भनपुरी में तथा जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग के बाईरडीह, जोरातराई और गनियारी क्षेत्र में फैक्ट्रियां संचालित कीं। प्रशासनिक छापों से बचने के लिए कारोबारी हर महीने फैक्ट्री का स्थान बदल देते थे तथा माल को विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में बेचते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि जुमनानी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम दुर्ग जिले में संचालित किया। यहां से सुपारी को गुटखे में बदलकर बेचा जाता था, जबकि कागजों में केवल सुपारी बिक्री दर्शायी जाती थी। उल्लेखनीय है कि सुपारी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत तथा 204 प्रतिशत तक का सेस लगाया जाता है। इस हेराफेरी से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

पूर्व में भी विभाग ने मार्च 2024 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी कर 50 लाख रुपये टैक्स जमा कराया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी लगभग 1.5 करोड़ रुपये की सुपारी जब्त की थी।

जांच से यह भी पता चला कि जुमनानी फैक्ट्री में मध्यप्रदेश के युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह काम कराता था। मजदूरों से पूरी रात काम लिया जाता था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था। मजदूरों को रातभर काम करना होता था और उन्हें फैक्ट्री से बाहर निकलने की मनाही थी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का वास्तविक संचालन स्वयं गुरूमुख जुमनानी ही कर रहे थे।

राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को जुमनानी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर विक्रय करता था। पिछले चार वर्षों से जारी इस अवैध कारोबार के आधार पर विभाग द्वारा अपवंचित कर की गणना की जा रही है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सरकार ने दोहराया कि जो भी कारोबारी या संस्था कानून तोड़कर अवैध ढंग से व्यापार करेगी, राजस्व की चोरी करेगी या आम नागरिकों की सेहत को खतरे में डालेगी, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टैक्स वसूला जाएगा बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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उत्कृष्ट कार्य कर रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित.....व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य है सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य – सीएम श्री साय

रायपुर, 24 सितंबर 2025/ व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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प्रदेश में 'महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस' का भव्य कार्यक्रम,,,,,,हजारों महिलाओं ने जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग

रायपुर, 23 सितंबर 2025 /
‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।

राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 
23,000 से अधिक  टीकाकरण 
बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।

यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल हुए मुख्यमंत्री......मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – सीएम श्री साय

रायपुर, 24 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

                 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

निवेश प्रक्रिया की सरलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

नई तकनीक और एआई सेक्टर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

पावर हब की ओर कदम

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

सेवा क्षेत्र की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

        कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी। 

कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।
आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन श्री संजय जैन भी उपस्थित रहे।

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ग्रामीणों लोगों के समस्याओं के निराकरण का सशक्त माध्यम बन चुका है सीएम कैंप कार्यालय बगिया....तीन हजार लोगों के उपचार सहित 6 हजार से अधिक मामले किए जा चुके हैं निराकृत


जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025 : आमजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया लोगों के लिए बड़ा सहारा बन कर उभरा है। लोग यहां पर एक उम्मीद के साथ आते हैं और चेहरे पर एक मुस्कान लेकर जाते हैं। लोगों में एक विश्वास जगा है कि मुख्यमंत्री उनके हमदर्द  और सुख-दुख के साथी है। आज हुए जनदर्शन में भी सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचे थे। रोजाना यहां पर आयोजित जनदर्शन में भारी संख्या में ग्रामीणजन अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचते हैं। लोगों को अब रायपुर की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है। उनकी इन समस्याओं पर पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित गति से निराकृत भी किया जाता है। मुख्यमंत्री जब बगिया आते हैं तो, वे स्वयं भी देर रात तक लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और इसके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी करते हैं।

3,000 से अधिक लोगों को उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाएँ कराई गई है उपलब्ध

 कैंप कार्यालय के माध्यम से लगभग 6630 मामले अब तक निराकृत किए जा चुके हैं। जिनमें इलाज,राजस्व,पेयजल, विद्युत ,सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सड़क निर्माण सहित कई मामले से संबंधित मांगों एवं समस्याओं का निराकरण शामिल है।  स्वास्थ्य संबंधी मामलों में विशेष सतर्कता बरतते हुए त्वरित कार्रवाई की जाती है। अब तक 3,000 से अधिक लोगों को उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

कैंप कार्यालय लोगों के समस्याओं के निराकरण का बन चुका है सशक्त मंच

  ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन तक पहुँचाने में कठिनाई नहीं होती, क्योंकि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय उनके लिए एक सुगम और सशक्त मंच बन गया है। जशपुर जिले के अलावा अन्य जिलों से भी ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुँच रहे हैं। यहाँ उनकी बातें न सिर्फ सुनी जाती हैं, बल्कि वास्तविक समाधान भी खोजा जाता है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि बगिया कैंप कार्यालय अब उनकी आशाओं का केंद्र बन चुका है, जहाँ हर समस्या का गंभीरता और प्राथमिकता से समाधान किया जाता है।

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नारायणपुर हस्तिनापुर ईब नदी एवं मयाली नेचर कैम्प में बाढ़ आपदा की तैयारियां और जनता को जागरूक करने कल होगा मोक ड्रिल

जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025/ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला जशपुर के संयुक्त तत्वाधान में 25 सितम्बर 2025 दिन गुरूवार, को मयाली नेचर कैंप तहसील कुनकुरी में समय प्रातः 10.00 बजे एवं ईब नदी, हस्तिनापुर पुल, ग्राम हस्तिनापुर, नारायणपुर रोड़ तहसील कुनकुरी में समय दोपहर 11.00 बजे बाढ़ आपदा पर मोक ड्रिल आयोजित किया जायेगा।
           जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी नागरिको को सूचित कर बताया गया है कि यह मोक ड्रिल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा जनता को जागरूक करने के उदेश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशिक्षण प्रकिया है, और घबराने की कोई आवश्यकता नही है।
            जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से अपील किया गया है कि अभ्यास के दौरान शांति बनाए रखेगें तथा किसी भी प्रकार की भी घबराहट, अफवाहों से बचेगें और दूसरों को सही जानकारी प्रदान करेगें। साथ ही इस महत्वपूर्ण मोक ड्रिल में प्रशासन का पूरा सहयोग करने और सफल बानाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए अनुरोध किया गया है।

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हिमालय की ऊँचाइयों पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज कर लौट रही जशपुर की टीम, जगतसुख से की वापसी यात्रा की शुरुआत

जशपुर 24 सितम्बर 25/ हिमालय की ऊँचाइयों पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज करने के बाद जशपुर की युवा पर्वतारोहण टीम अब घर लौटने की राह पर है। दल ने मनाली के समीप जगतसुख से वापसी यात्रा आरंभ की है। वहाँ से टीम दिल्ली और रांची होते हुए अंततः जशपुर पहुँचेगी।

इस अभियान का नेतृत्व स्वप्निल राचलवार (पहाड़ी बकरा) ने किया, जबकि राहुल ओगरा और हर्ष ठाकुर सह-समन्वयक रहे। अभियान दल में रवि सिंह, तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल रहे।

यात्रा के दौरान टीम ने दुहंगन घाटी में आठ नए पर्वतारोहण मार्ग स्थापित किए। इसके साथ ही, जशपुर की आदिवासी टीम ने जगतसुख शिखर पर नया मार्ग खोलते हुए, मात्र 12 घंटे से भी कम समय में आरोहण पूरा कर वापस बेस कैम्प पहुँचा। यह उपलब्धि विशेषज्ञों द्वारा सराहनीय मानी जा रही है।

अभियान को अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों और मार्गदर्शकों का सहयोग भी प्राप्त हुआ। इनमें डेव गेट्स, तोटी वेल्स, एर्नेस्ट वेंतुरिनी, मार्टा पेद्रो और बोए मैरियन जैसे प्रसिद्ध पर्वतारोही शामिल थे।

इस अभियान को संभव बनाने में कई संस्थाओं का योगदान रहा। मुख्य सहयोगी रहे –
हिरा समूह, पेट्ज़ल, एलाइड सेफ़्टी इक्विपमेंट, रेड पांडा आउटडोर्स, रेक्की आउटडोर्स, एड्वेनॉम एडवेंचर वर्क्स तथा जय जंगल फार्मर्स प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड।

दल के सभी सदस्य स्वस्थ और उत्साहित हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रही, जिसने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त किया तथा प्रकृति और पर्यावरण के प्रति गहरी समझ दी।

टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अनुभव का उपयोग जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में सतत एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने में किया जाएगा। पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और प्रकृति-आधारित गतिविधियों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर, आने वाले वर्षों में जशपुर को एक नए साहसिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है।

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आयुष विभाग द्वारा हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 10 वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिव

जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025/ संचालनालय आयुष रायपुर के आदेशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी के मार्गदर्शन में 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुष विभाग जशपुर द्वारा हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें आयुष विभाग जशपुर द्वारा प्रातः कालीन सुबह 7.00 बजे को मैराथन दौड के शुरूवात रणजीता स्टेडियम जशपुर से प्रांरभ होकर महाराजा चौक बस स्टैण्ड से होकर जिला आयुष कार्यालय जशपुर में सपंन्न हुआ।
           आयुर्वेद के लिए दौड़ कार्यक्रम की शुरूवात नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविद भगत के द्वारा हरी झण्डी दिखाकर प्रांरभ किया गया जिसमें लाईवलीहुड माहविद्यालय के छात्राओं का विशेष योगदान रहा। इसी कार्यक्रम के अगले कड़ी में  नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा आयुष विभाग एवं समस्त छात्राओं को संबोधन करते हुए आयुर्वेद के महत्व एवं पोषण संबंधित जानकारी दी एवं साथ ही जीवन मे योग एवं व्यायाम के फायादे को बताते हुये सभी को आयुर्वेद अपनाने की अपील की। इस दौरान पौध रोपण कार्यक्रम भी किया गया साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने एवं आयुर्वेद को अपनाने हेतु सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण भी किया गया।
             इसी कड़ी में 10वां राष्टीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विभाग द्वारा जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला शिविर का आयोजन पतराटोली स्थान बाजार डांड में किया गया। जिमसें कुल 422 लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधि वितरण किया गया। इनमें आयुर्वेद पद्धति से 314, होम्योपैथी पद्धति 108 रोगियों की स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में 32 रोगियों का रक्त परीक्षण एवं 319 लाभार्थियों को काढ़ा वितरण किया गया।  पतराटोली  में शिविर का शुभांरभ जनपद पंचायत  अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत द्वारा  किया गया। इस दौरान उनके द्वारा आयुष विभाग के समस्त चिकित्सको के साथ विभागीय अन्य गति विधियों की जानकारी भी ली साथ ही अपने संबोधन में आयुर्वेद पद्धति का जन जन तक पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य शिविर आयोजन करने हेतु प्रेरित किया।
           शिविर प्रभारी डॉ.एल. आर. आर. भगत ने विभिन योजनाओं के बारे मे जन-समान्य को जानकारी दी। सहायक प्रभारी डॉ. हरिकृष्ण श्रीवास ने जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर में डॉ. ऋतम्भरा प्रज्ञा पैकरा, डा. अक्षय कुमार साहु डा. पूजा भगत, शरद कुमार साहू, लक्ष्मीनाथ नाग, त्रिवेणी सिदार सुशील कुमार भगत एवं मनीष कुमार उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक 13.60 किमी सड़क निर्माण हेतु 18.37 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य....

खूबसूरत पर्यटन स्थल दनगरी घाट तक पहुंच होगी आसान

जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025 : घने जंगलों, कल-कल बहते झरनों, पहाड़ी नदियां, ऊँचे पहाड़ों और पठारों  से घिरा जशपुर प्राकृतिक खूबसूरती का अद्वितीय खजाना है।पर्यटकों के लिए सहज आकर्षित करने वाले इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद जशपुर की इन पर्यटन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान देना है, साथ ही रोजगार के नए अवसर निर्मित करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर हाल ही में बगीचा विकासखंड स्थित दनगरी घाट तक  सुगम पहुंच दिलाने के लिए ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक 13.60 किमी सड़क निर्माण हेतु 18.37 करोड़ रुपए की राशि की मंजूरी मिली है।इस सड़क के निर्माण हेतु आगे की प्रक्रिया जारी है। लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरा होने पर खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि इस पर्यटन क्षेत्र का विकास हो जाने से आसपास के ग्रामों को लाभ मिलेगा। जशपुर मुख्यालय से लगभग 88 किमी दूर घने जंगलों में स्थित यह झरना ऊँची चट्टानों से तीन-चार धाराओं में गिरता है। शांत, मनोहारी और रोमांच से भरपूर यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।


*पर्यटन बन रही है जशपुर की नई पहचान*

मुख्यमंत्री ने 14 सितंबर को  बगिया से सामुदायिक पर्यटन के तहत जशपुर के पांच ग्रामों में होम स्टे की शुरुआत की थी, जिनमें दनगरी भी शामिल  है। यह नीति लागू करने का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर निर्मित करने के साथ ही देश-दुनिया के पर्यटकों को यहां की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन से परिचय करना ही है।मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। जशपुर की पर्यटन स्थलों की जानकारी के लिए पर्यटन वेबसाइट https://www.easemytrip.com में जगह दी गई है। जशपुर इस पर्यटन वेबसाइट में शामिल होने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। इस बेबसाइट के माध्यम से जशपुर की नैसर्गिक खूबसूरती की जानकारी पर्यटकों को आसानी से मिल सकेगी।

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नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया बाजार भ्रमण – जीएसटी 2.0 से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में दिखी उत्साह.......जीएसटी सुधार से आर्थिक तेजी सहित स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री 

 

रायपुर, 24 सितंबर 2025/ नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की।

बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री श्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शारदा चौक स्थित श्री शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी सुश्री ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।

इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर श्री मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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