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विधायक श्रीमती गोमती साय का मायका पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी स्वर्गीय माता को अर्पित की विनम्र श्रद्धांजलि

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज  विधायक श्रीमती गोमती साय के मायका ग्राम कोकियाखार, विकासखंड पत्थलगांव पहुंचे और उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के निधन के 13वें दिन आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।

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दोकड़ा के भव्य रथयात्रा में मुख्यमंत्री के साथ उमड़ा जनसैलाब.....स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना के साथ विकास के कार्यों पर दिया जा रहा है जोर - मुख्यमंत्री 

नारायणपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम दोकडा में भव्य रथयात्रा में अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शामिल हुए
 
मुख्यमंत्री ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी के पूर्व 1942 में दोकड़ा में सुदर्शन सतपथी एवं सुशीला सतपथी द्वारा रथयात्रा की शुरुआत हुई थी। 1968 में मंदिर का भी निर्माण हुआ था। बचपन में हम इस मंदिर में बगिया से पैदल चलकर रथ यात्रा देखने आया करते थे। समय के साथ यह मंदिर जीर्ण अवस्था में आ गया था, जिसका यहां के भक्तों की सहायता से पुनः निर्माण कर भव्य मंदिर बनाया गया है। मंदिर के पुनः निर्माण के बाद यह पहली बार है जब रथ यात्रा का आयोजन हुआ है। जिसमें शामिल होने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ जिसके लिए मैं आभारी हूँ।

      
उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के पूरी धाम एवं रथ यात्रा की महिमा सभी को बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आज भी यहां के गरियाबंद जिले के देवभोग में उत्पादित चावल से ही पूरी में श्री जगन्नाथ भगवान को महाप्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है।
       उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ की कृपा से शासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये गए वादों को पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत सरकार बनने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवासहीनों को आवास प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिलासपुर से 3 लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया गया था। आवास निर्माण की गति इतनी तीव्र है कि बाजार में घर बनाने वाले मिस्त्रियों एवं सेंट्रिग प्लेट का समय समय पर आभाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि आवास 2.0 प्लस सर्वे के तहत अधिक हितग्राहियों को लाभ देने के लिए पात्रता में छूट प्रदान की जा रही है जिसमें 5 एकड़ असिंचित एवं 2.5 एकड़ सिंचित भूमि धारकों को भी अब आवास हेतु पात्र किया गया है।*
          *शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले लोगों के लिए चरण पादुका योजना पुनः प्रारम्भ की है जिससे ग्रामीण अंचल के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। राज्य में महानदी एवं इंद्रावती नदियों को जोड़कर किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था हेतु परियोजना निर्माण किया जा रहा है। बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान तीव्र कर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया है। राज्य के 14 सौ से अधिक ग्रामों में सभी सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए अटल सुविधा केंद्र का निर्माण किया जा रहा है इस योजना को एक वर्ष में सभी ग्रामों में लागू कर लोगों को डिजिटल भुगतान से लेकर सभी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य में डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी की सहायता से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए उत्तम किस्म के दुधारू पशु वितरण की का कार्य प्रारम्भ किया गया है। रेलवे लाइनों के विस्तार के लिए भी शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। जशपुर के युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए जिले में मेडिकल, फिजियोथैरेपी, नर्सिंग, उद्यानिकी, कृषि महाविद्यालय जिले में खोले जा रहे हैं।*
मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती कौशल्या ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी और सभी को धर्म कर्म से जुड़कर लोगों की भलाई के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अच्छा कर्म का अच्छा फल मिलता है कर्म करते जाएं फल की चिंता न करें उन्होंने दोकड़ा ग्रामवासियों को भव्य रथयात्रा के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कृष्ण कुमार राय, भरत साय ,आकाश गुप्ता, टंकेश्वर यादव ,सुनील गुप्ता, पुरूषोत्तम सिंह ठाकुर, रोहित कुमार साय , सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह आम नागरिक बड़ी संख्या उपस्थित थे।

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नारायणपुर में जय जगन्नाथ के उद्घोष के निकली महाप्रभु की रथयात्रा...भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने निवास से गुंडिचा मंदिर के लिए नौ दिवसीय प्रवास पर निकले.....भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

नारायणपुर :- आज नारायणपुर में रथ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ  जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ में विराजमान करके गांव भ्रमण कराया गया, 

      नारायणपुर में रथ यात्रा का आयोजन, जो कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है, में आज भारी भीड़ देखी गई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच रथ में विराजित किया गया। भगवान महाप्रभु श्री जगन्नाथ बलभद्र,माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा गणेश मंदिर से शुरू होकर गांव के जयस्तम्भ चौक से अटल चौक तक परिक्रमा कर  शिव मंदिर में संपन्न हुई। इसी मंदिर में महाप्रभु 9 दिनों तक विराजमान रहेंगे।

   इस रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। बच्चे-बूढ़े महिलाएं सभी इस उत्सव में भाग लेते हुए जय जगन्नाथ के उद्घोष के बीच रथ की रस्सी खींचते नजर आए।  यहां गांव में जगह जगह सभी लोगों ने भगवान जगन्नाथ के रथ के अंदर रखी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर उनसे अपने-अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया

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दोकडा में श्री जगन्नाथ महाप्रभु की निकली भव्य रथ यात्रा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निभाई गजपति महाराजा की भूमिका.....

जशपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने ज़िले के ऐतिहासिक व प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथ यात्रा में शामिल हुए रथयात्रा में 
 भव्यता व श्रद्धा के साथ किया गया भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को हजारों श्रद्धालु रस्सी खींचकर दोकड़ा का भ्रमण कराया गया भक्तों ने उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल हुए।

इस वर्ष की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण रहा  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाई उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल थी 
यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया 

1942 से हो रही रथ यात्रा, सतपथी दंपति ने रखी थी परंपरा की नींव

बताया जाता है कि रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में सन् 1942 में हुई थी। इसकी नींव स्व. सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. सुशीला सतपथी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा निर्विघ्न रूप से जारी है और अब यह आयोजन एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है।

ओडिशा के कीर्तन मंडलियों और झांकियों से सजेगा आयोजन

रथ यात्रा के अवसर पर ओडिशा से विशेष रूप से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगी। साथ ही अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल होंगी, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व, होंगे विविध कार्यक्रम

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि पूरा नौ दिन तक चलने वाला महोत्सव होगा। इस दौरान मंदिर परिसर एवं दोकड़ा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल व युवा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा मेला

रथ यात्रा के दौरान दोकड़ा में विशाल मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भाग लेंगे। मेला में मनोरंजन, खानपान, झूले, हस्तशिल्प की दुकानों आदि की भरमार रहेगी।

यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गई है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बनें।

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छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : आने वाले पांच साल तक रेल नेटवर्क हो जाएगा डबल,47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर 


 

32 अमृत भारत स्टेशन में होंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में

रेल सुविधाओं के साथ ही पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार की बढेंगी संभावनाएं

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा। 

केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रूपए राशि आबंटित की गई है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। राज्य को दो नई वंदे भारत ट्रेन रायपुर-विशाखापटनम और रायपुर-नागपुर की सौगात मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार ने मेट्रो ट्रेन के लिए सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जोनल कार्यालय को मंजूरी दी गई थी। 

छत्तीसगढ़ को नई और प्रगतिरत रेल परियोजना के पूर्ण होेने से राज्य में रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही यहां पर्यटन, व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन रेल परियोजनाओं से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।   

*वर्ल्ड क्लास रेल्वे स्टेशन* 

छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित बनाए जा रहे हैं। हाल में ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना के तहत राज्य के 5 पुनर्विकसित अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर एवं डोंगरढ़ स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है। 
अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना में लगभग 1680 करोड़ रूपए की लागत से 32 रेल्वे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें तीन प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर (लागत 435 करोड़), रायपुर (लागत-463 करोड़) एवं दुर्ग स्टेशन (लागत-456 करोड़) का व्यापक पुनर्विकास भी शामिल है। अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिरहसौद, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला, जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, बैकुंठपुर रोड, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।  

*प्रगतिरत रेल परियोजनाएं* 

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत रेल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार है-  राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन लम्बाई 228 किमी, छत्तीसगढ़ में 48 किमी, लागत 3544.25 करोड़, बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, लंबाई-206 किमी, छत्तीसगढ़ में 153 किमी, लागत 2135.34 करोड़, खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन, लंबाई-162.5 किमी, लागत 3438.39 करोड़, गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड परियोजना, लंबाई 156.81 किमी, लागत 4970.11 करोड़, केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन, लंबाई-67.20 किमी, लागत- 544 करोड़, बोरिडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण, लंबाई 80 किमी, लागत-776 करोड़, चिरमिरी-नागपुर न्यू हॉल्ट लाइन, लंबाई-17 किमी, लागत-622.34 करोड़ रूपए शाामिल हैं। 

*बस्तर अंचल में नई स्वीकृत रेल परियोजनाएं*

भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन की मंजूरी से बस्तर अंचल में यात्रा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। यह रेल परियोजना नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बस्तर में केके रेल लाईन (कोत्तवलसा से किंरदुल) दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 446 किलोमीटर लम्बाई के रेल लाईन का 170 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ में इस रेल लाईन का 148 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।

*सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर भी रेल नेटवर्क में*

कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है। इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

*नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में* 

छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर-बरवाडीह 200 किलोमीटर लागत 9718 करोड़, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन 278 किलोमीटर लागत 7854 करोड़, रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किलोमीटर लागत 3513 करोड़, सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन 37.24 किलोमीटर लागत 1282 करोड़ रूपए और धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 301 किलोमीटर लागत 16,834 करोड़ रूपए रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में। 

*छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन की परियोजना* 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस रेल लाईन के बनने से नागपुर-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली माल-गाड़ियों का लोड कम होगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

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जिले में पहली बार एग्री -हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन.....कई राज्यों की कंपनियां होंगी शामिल.... मुख्यमंत्री बगिया से वर्चुअल के माध्यम से होंगे शामिल

जशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 28 जून को एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन में बगिया से ऑनलाइन वर्चुअल के माध्यम से शामिल होंगे। 
       जिले में किसानों के विकास, कृषि- उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने "कृषि क्रांति" अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत जिला जशपुर में पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जावेगी, तथा द्वितीय दिवस 29 जून.2025 को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई राज्यों की उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधी के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है, तथा जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है जिसके साथ ही जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद के वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी, किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जावेगा ।
        यह सम्मेलन किसानों को सशक्त बनाने और बाजार से जोड़ने की पहल है। एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन के तहत जिला पंचायत में सुबह 9 बजे से किसान प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जहां जिस किसान के दशहरी, आम्रपाली आम और नाशपाती के 6 फल का औसत सबसे ज्यादा वजन होगा उसे ईनाम दिया जाएगा। इसमें प्रथम पुरस्कार 5 हजार, द्वितीय पुरस्कार 3 हजार और तृतीय पुरस्कार 2 हजार रुपए दिया जाएगा।

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*शाला प्रवेश उत्सव बना बच्चों के लिए खास:- स्कूल में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक,गणवेश, छाता सहित टाई-बेल्ट*

नारायणपुर : जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला डीपाटोली में प्रवेश उत्सव बहुत खास तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षा समिति एवं पालकों ने भी लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा। शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाला समिति अध्यक्ष, पालक समिति अध्यक्ष, पालक एवं पंच गण उपस्थित थे।

नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं  मिठाई खिलाकर किया गया प्रवेश
 सर्वप्रथम मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। बच्चों ने‌ अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर एवं स्वागत गीत प्रस्तुत करके किया। समस्त अतिथियों और ग्रामीण जनों ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। नव प्रवेशी बच्चों को पुस्तक एवं साथ में गणवेश प्रदान किया।

शिक्षा समिति अध्यक्ष ने कहा नयी शिक्षा नीति से बच्चों का भविष्य होगा और बेहतर

 मुख्य अतिथि समलेश्वर सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि, हमें शिक्षकों का सम्मान करते हुए अध्ययन करना चाहिए। जीवन में कुछ पाने के लिए कठोर परिश्रम करनी पड़ती है। शासन के द्वारा बच्चों को प्रधान मंत्री पोषण आहार, पुस्तक, गणवेश दिया जा रहा है, उसका सम्मान और सदुपयोग करना चाहिए। विद्यालय में सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं होती, बल्कि संस्कार भी दिया जाता है। नयी शिक्षा नीति 2020 का विजन है भारत को एक न्यायसंगत, ज्ञान-आधारित, और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने का है। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, बहुआयामी, और छात्रों को 21वीं सदी के लिए तैयार करना है। इसी पर आधारित नवीन पाठ्य-पुस्तकें भी आ गई है। पढ़ाने का तरीका भी बदल गया है बच्चों में बहुआयामी गतिविधियों के साथ शिक्षा देना है। उन्होंने पालकों से निवेदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों को नियमित शाला भेजें तथा उनकी स्वच्छता पर ध्यान दें। विद्यालय से लौटने के पश्चात घर में भी पढ़ने हेतु प्रेरित करें।

 समाजसेवी ने बच्चों का अध्ययन निर्बाध गति से चले इसलिए भेंट किया छाता
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, उन सभी बच्चों को वर्षा से बचने एवं विद्यालय में निरंतरता बनी रहे इसलिए प्रधान पाठक ने समाजसेवी लोगों से संपर्क किया। जिसका परिणाम सुखद था उन्हें बच्चों के लिए छतरी मिले। मिले छतरी का वितरण भी प्रवेश उत्सव के दिन किया।
*प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का किया वितरण*
प्रवेश उत्सव के उपलक्ष्य में प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का वितरण किया। टाई एवं बेल्ट मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे। 
पालकों ने दिया प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को धन्यवाद
पालकों ने कहा कि प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता के विद्यालय में पदस्थापना ने विद्यालय को एक नई दिशा दी है। इनके द्वारा किए गए प्रयास से शाला परिसर सुंदर एवं सुसज्जित हो गया है, चाहे पुष्प वाटिका हो या फिर बागवानी। इनके आने से तथा सहायक शिक्षक महेश तिर्की के संयुक्त प्रयास से विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। इसके साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा दिया जा रहा है तथा बच्चों को खेल एवं योग की शिक्षा दी जा रही है।प्रधान पाठक ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के विजन को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता

इस अवसर पर प्रधान पाठक ने कहा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु विभिन्न प्रकार की गतिविधि की जाती है। बच्चों को विषयवस्तु का बेहतर समझ बन सके इस हेतु उनकी मातृभाषा का प्रयोग किया जाता है। शिक्षण कार्य में नवाचारी गतिविधियों को शामिल किया जाता है। अभिव्यक्ति कौशल विकास हेतु प्रत्येक शनिवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जैसे भाषण, वाद-विवाद इत्यादि। बच्चों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास हेतु विशेष अवसरों पर नृत्य, संगीत, पारंपरिक खेल का आयोजन किया जाता है।आगे उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है विद्यालय में समृद्ध वातावरण का निर्माण करना ताकि बच्चे सहजता से बेझिझक प्रश्नों को पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत कर सकें। अंत में उन्होंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उपस्थित शिक्षा समिति अध्यक्ष, पालकों एवं नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के  ग्राम दोकड़ा आएंगे.....महाप्रभु के रथयात्रा में शामिल हो कर प्रथम सेवक(गजपति) की भूमिका निभाएंगे

दोकडा में भगवान जगन्नाथ,बलभद्र,माता सुभद्रा जी का रथ सज कर तैयार

निरंजन मोहंती

नारायणपुर:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा में हो रहे श्री जगर्ननाथ महाप्रभु के रथ यात्रा में शामिल होने या रहे। 
  प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि के दिन ओडिशा के पुरी सहित पूरे भारत में यह भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है,भगवान श्री महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा 27 जून दिन शुक्रवार से शुरू हो रही है. इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथों पर सवार होकर नगर के भ्रमण पर निकलते हैं

   रथ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है जो ओडिशा और पूरे भारत में मनाया जाता है, इस वर्ष दोकडा की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण यह रहेगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाएंगे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल रहेंगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।
   ज्ञात है कि रथ यात्रा में गजपति राजा का यह कार्य धार्मिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है,गजपति राजा भगवान जगन्नाथ के प्रथम सेवक माने जाते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य रथयात्रा के दौरान "छेरा पहरा" नामक अनुष्ठान करना होता है। "छेरा पहरा" में, गजपति राजा  झाड़ू से रथों को साफ करते हैं।छेरा पहरा भगवान के प्रति भक्ति और विनम्रता का प्रतीक है,और यह दर्शाता है कि भगवान के सामने सभी एक समान है यंहा न कोई बड़ा न कोई छोटा होता है।
 दोकड़ा में रथ यात्रा पर्व पर विशाल मेला लग रहा है इस रथ यात्रा में स्थानीय सहित दूर-दराज से श्रद्धालुओं की पहुचने की उम्मीद है। यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है,बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन गई है।

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अमरदास बंजारे बने छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष 

 छुरिया :   छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ जिला इकाई राजनांदगांव के जिला प्रभारी बीरेंद्र साहू के अनुशंसा एवं प्रदेश कार्यकारिणी की सहमति पर छुरिया ब्लाक निवासी अमरदास बंजारे को छुरिया ब्लाक इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
          ब्लाक अध्यक्ष बनने पर अमर दास बंजारे ने कहा है कि विकासखंड के शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उनके द्वारा ब्लाक स्तरीय समस्याओं को लेकर शीघ्र ही अपनी टीम के साथ विकासखंड शिक्षाधिकारी से मिला जाएगा।
           उक्त नियुक्ति पर संगठन के पदाधिकारीयों राजेंद्र लाड़ेकर, नरेंद्र तिवारी, गायत्री मंडलोई, प्रमोद कुंभकार, संतोष जैन, नारद सहारे, शंभू राम साहू सहित ब्लाक के अनेक शिक्षकों ने बधाई दी है।

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सीएम श्री साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई : कहा सांस्कृतिक एकता और सौहार्द का सशक्त प्रतीक

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का सशक्त प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ मिलकर सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति-भाव के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं। यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है, जो हमें एकता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे को दी श्रद्धांजलि*

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रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के निवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, धमतरी नगर निगम के महापौर श्री रामू रोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर जिलों को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी....कोठागुडेम–किरंदुल रेललाइन सर्वे को मिली रफ्तार:लिडार तकनीक से हो रहा सर्वे*

रायपुर : देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक – बस्तर अंचल – में विकास की गाड़ी अब तेजी पकड़ रही है। कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल (छत्तीसगढ़) तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है।इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

रेलवे द्वारा अत्याधुनिक लिडार तकनीक के माध्यम से सर्वे कार्य किया जा रहा है। यह रेललाइन परियोजना गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से मॉनिटर की जा रही है, और इसे आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय रेल विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया है, जिनके निर्देशों और समन्वय से यह सर्वे कार्य पुनः गति पकड़ सका। यह रेलमार्ग भविष्य में बस्तर अंचल के लिए सुरक्षा, समावेशन और समृद्धि का प्रतीक बनने जा रहा है।

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*मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा हेतु शेष मात्रा के जमा करने की अवधि अब 5 जुलाई 2025 तक

रायपुर /खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल  एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा उपस्थित थे। 

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर 149.25 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो राज्य गठन के पश्चात अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।उपार्जित धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से त्वरित निराकरण किया जा रहा है। भारत सरकार एवं नागरिक आपूर्ति निगम से प्राप्त चावल उपार्जन लक्ष्य के अतिरिक्त लगभग 35.00 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान के निराकरण हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा ई-नीलामी (ई-ऑक्शन) के माध्यम से विक्रय का निर्णय लिया गया है। इस हेतु एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर नीलामी की प्रक्रिया संपादित की गई। प्रथम चरण की निविदा में प्राप्त दरों को मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा 29 अप्रैल 2025 को अनुमोदित किया गया था। उक्त दरों पर लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। शेष स्टेकों के निराकरण हेतु उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकारों (H-1) एवं अन्य निविदाकारों को अनुमोदित दर पर प्राइस मेचिंग का अवसर प्रदान किया गया है, जिससे शासन द्वारा पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए अतिशेष धान का निराकरण अविलंब हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 78 संग्रहण केन्द्रों में कुल 31.48 लाख मीट्रिक टन धान का भंडारण किया गया है, जिसमें से लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन का निराकरण प्राइस मेचिंग एवं ऑक्शन के माध्यम से किया जा चुका है। वर्तमान में लगभग 12.57 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण शेष है। त्वरित उठाव सुनिश्चित करने हेतु सभी जिला विपणन अधिकारियों एवं संग्रहण केन्द्र प्रभारियों को आवश्यक निर्देश प्रसारित किए गए हैं। संग्रहण केन्द्रों में वाहनों की आवाजाही सुगम करने एवं हमालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे धान का उठाव तेजी से हो और  क्रेताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि निविदाकारों को एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर पंजीयन उपरांत अमानत राशि जमा करने पर प्राइस मेचिंग करने का विकल्प उपलब्ध है। प्राइस मेचिंग करने की तिथि से 7 दिवस के भीतर निविदाकारों को सुरक्षा निधि के रूप में क्रय किए गए धान के कुल मूल्य की 3 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है। तत्पश्चात निर्धारित अवधि के भीतर क्रेता को स्टेक का वास्तविक मूल्य ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म में जमा करना होता है। राशि विपणन संघ को प्राप्त होते ही क्रेता को लिफ्ट ऑर्डर जारी किया जा रहा है। उक्त अनुक्रम में आज आयोजित  मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे निविदाकार जिनके द्वारा ईआक्शन प्लेटफॉर्म में प्राइस मेचिंग के दौरान निर्धारित समय-सीमा में सुरक्षा निधि जमा नहीं किया जा सका है, अथवा धान का क्रय मूल्य (MVP) समय सीमा में जमा नहीं किया गया है अथवा विलंब से जमा किया गया है, उन्हें अब 15 जुलाई 2025 तक की अंतिम समय-सीमा प्रदान की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा हेतु शेष मात्रा के जमा करने हेतु अवधि को बढ़ाकर 5 जुलाई 2025 कर दिया गया है। प्रदेश के राइस मिलरों में शासन द्वारा लिए गए इन निर्णयों के प्रति उत्साह देखा गया है। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल को धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा है।
 
प्राइस मेचिंग के दौरान मिलरों एवं क्रेताओं को आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण एवं आवश्यक मार्गदर्शन हेतु महाप्रबंधक (विपणन) की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन भी किया गया है, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।

बैठक में बताया गया कि इसी अनुक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा केंद्रीय खाद्य मंत्री से भेंट कर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान में से केंद्रीय पूल में चावल जमा करने का लक्ष्य 70 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। इस पर भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के हित में सकारात्मक विचार करने का आश्वासन प्रदान किया गया है।

बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, संचालक खाद्य, प्रबंध संचालक मार्कफेड तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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सोशल मिडिया में विनयशील के विवादित पोस्ट ने पकड़ा तुल......जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मलिता बाई ने कहा जाति की ओछी राजनीति कर रहे हैं नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील.......कांग्रेस सरकार के दौरान कुनकुरी की याद क्यों नहीं आई 



जशपुर :  नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील को अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग का सम्मान करना सिखना चाहिए। अपनी छवि चमकाने के लिए किसी पर अनर्गल आरोप लगाना सही नहीं है। जिला पंचायत जशपुर की डीडीसी मलीता बाई ने उक्त बातें कहीं। डीडीसी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थी। इस पोस्ट में विनयशील ने स्वयं को झूठे केस में फंसाने के लिए नगर पंचायत कुनकुरी में एससी-एसटी वर्ग के सीएमओ राजेंद्र कुमार पात्रे की पोस्टिंग करने की आशंका जताई है।

     डीडीसी मलिता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिल कर कुनकुरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की नई ईबारत गढ़ रहे हैं। लेकिन विनयशील और इनके साथ कांग्रेसी जात-पात के नाम पर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होनें विनयशील पर निशाना साधते हुए कहा कि 2018 से 2023 तक पांच साल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खास होने का दावा करने वाले विनयशील को इन पांच सालों में ना तो कुनकुरी की याद आई और ना ही कुनकुरीवासियों की। रायपुर में बैठ कर सत्ता का सुख भोग रहे थे।

         उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुनकुरी के विकास के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। डेढ साल के छोटे से कार्यकाल में कुनकुरी को मेडिकल कालेज,स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स,नालंदा परिसर,मातृ शिशु चिकित्सालय,ब्लाक हेल्थ कम्युनिटी यूनिट जैसा विकास का उपहार देकर कुनकुरी को एक नई पहचान दे रहे हैं। जनहित के इन कार्यो में सहयोग देने की जगह विनयशील ओछी राजनीति करने में लगे हुए है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। डीडीसी ने नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। अगर विनयशील माफी नहीं मांगते हैं तो भाजपा सड़क में उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी।

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आपातकाल स्मृति दिवस पर सम्मानित हुए लोकतंत्र सेनानी.....लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर / लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके स्वर्गीय बड़े पिताजी श्री नरहरि प्रसाद साय भी उस दौर में 19 महीने तक जेल में बंद रहे थे। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।

इस अवसर पर श्री पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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शाला प्रवेश उत्सव: संकल्प कुनकुरी में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक

 जशपुर/कुनकुरी :  संकल्प शिक्षण संस्थान कुनकुरी के सभागार में परंपरानुसार शासन के निर्देशों का पालन करते हुए शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बेमताटोली की सरपंच श्रीमती कुँवारी भगत उपस्थित रहीं।उनके अलावा अन्य अतिथियों में उपसरपंच आलोक लकड़ा,पंच सुजीत बड़ा तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी सी आर भगत उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारम्भ में कक्षा नवमी के नवप्रवेशी बच्चों को सभागार में आमंत्रित किया गया।अतिथियों के आगमन के पश्चात  सरस्वती माता,भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पूजन अर्चन किया गया।इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।संस्था की छात्राओं ने अपने सुमधुर स्वर में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात कक्षा नवमी के नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया गया तथा पाठ्यपुस्तकें दी गईं।विद्यालय के पुराने विद्यार्थियों ने नये बच्चों हेतु स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य अरविन्द मिश्रा ने अतिथियों एवं नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी कार्य की अच्छी शुरुआत उसके सकुशल पूर्ण होने का आधार होती है।सत्र की शुरुआत एक उत्सवपूर्ण वातावरण में करने का यही उद्देश्य है कि बच्चे और शिक्षक पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ पठन पाठन में जुट जाएँ जिससे कि विद्यालय एक श्रेष्ठ परिणाम की ओर अग्रसर हो सके।

   मुख्य अतिथि श्रीमती भगत ने कहा कि बच्चे पूर्ण मनोयोग से अध्ययन कर गाँव,विद्यालय और परिवार का नाम ऊंचा करें। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सी आर भगत ने कहा कि संकल्प प्रारम्भ से ही अपने श्रेष्ठ परिणाम के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है।उसी परिपाटी को बनाये रखते हुए सभी विद्यार्थी श्रेष्ठतम परिणाम का संकल्प लेकर आगे बढ़ें।कार्यक्रम में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपना परिचय दिया। विद्यालय में नवपदस्थ जीव विज्ञान शिक्षिका सुश्री इंदु का भी स्वागत किया गया।कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता नवनीत नारंग  ने किया।आभार प्रदर्शन व्याख्याता डॉक्टर प्रभा चौहान ने किया।

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*श्री जगन्नाथ महाप्रभु की निकलेगी भव्य रथ यात्रा,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निभायेंगे गजपति महाराजा की भूमिका, श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में 27 जून को होगा भव्य आयोजन, ओडिशा की परंपरा में रंगेगा वातावरण....*

दोकड़ा। जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक व प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथ यात्रा का आयोजन पूरे भव्यता व श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। 27 जून को भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को हजारों श्रद्धालु रस्सी खींचकर खीचेंगे।

इस वर्ष की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण यह रहेगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाएंगे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल रहेंगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।

1942 से हो रही रथ यात्रा, सतपथी दंपति ने रखी थी परंपरा की नींव

बताया जाता है कि रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में सन् 1942 में हुई थी। इसकी नींव स्व. सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. सुशीला सतपथी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा निर्विघ्न रूप से जारी है और अब यह आयोजन एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है।

ओडिशा के कीर्तन मंडलियों और झांकियों से सजेगा आयोजन

रथ यात्रा के अवसर पर ओडिशा से विशेष रूप से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगी। साथ ही अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल होंगी, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व, होंगे विविध कार्यक्रम

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि पूरा नौ दिन तक चलने वाला महोत्सव होगा। इस दौरान मंदिर परिसर एवं दोकड़ा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल व युवा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा मेला

रथ यात्रा के दौरान दोकड़ा में विशाल मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भाग लेंगे। मेला में मनोरंजन, खानपान, झूले, हस्तशिल्प की दुकानों आदि की भरमार रहेगी।

यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गई है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बनें।

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त्वरित कार्यवाही : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम जोकारी में तत्काल लगाया गया नया ट्रांसफार्म....ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार

जशपुरनगर, /  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की  पहल पर ग्राम जोकारी में विद्युत आपूर्ति पुनः शुरू हो गई है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति बहाल होने पर ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
   उल्लेखनीय है कि  कुनकुरी तहसील के ग्राम जोकारी के वार्ड क्रमांक 8 में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण ग्रामीणों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर तत्काल समाधान की मांग की थी। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

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