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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव :जशपुर, मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी निर्वाचन क्षेत्र की तैयारी का जिला पंचायत सीईओ ने लिया जायजा,अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश 


जशपुर, : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत दूसरे चरण में 20 फरवरी को जशपुर, मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी जनपद पंचायत क्षेत्र में चुनाव संपन्न होना है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने आज चार निर्वाचन क्षेत्र का निरीक्षण करके तैयारी का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विश्वास राव मस्के और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि  चारों जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 403 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

      कुनकुरी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत 129 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा में 108, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला में 72 एवं जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर में 94 मतदान केंद्र बनाए गए है।

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 : दूसरे चरण में चार जनपद पंचायत क्षेत्र के बीडीसी के लिए253 उम्मीदवार, सरपंच पद हेतू 800 एवं पंच पद में 3089 प्रत्याशी लड़ेंगे चुनाव,998 पंच पदों पर हुआ निर्विरोध निर्वाचन 

जशपुरनगर : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत तीन चरणों में पंचायत चुनाव संचालित किए जा रहे हैं। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास के निर्देशन में अधिकारी-कर्मचारी राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए काम में जुटे हुए हैं। पहले चरण में 17 फरवरी को बगीचा में हुए सफलतापूर्वक निर्वाचन के बाद दूसरे चरण में 20 फरवरी को जशपुर, मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी जनपद पंचायत क्षेत्र में चुनाव संपन्न होना है। इन चारों जनपद पंचायत क्षेत्रों के 169 सरपंच पदों के लिए 800 अभ्यर्थी, पंच के 1305 पदों हेतु 3089 प्रत्याशी चुनाव में भाग लेंगें, 998 पंच पदों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसके साथ ही जनपद पंचायत सदस्य के 52 पदों के लिए 253 अभ्यर्थी चुनाव लड़ेगें। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य हेतु जशपुर में 01, मनोरा में 01, कुनकुरी में 02 और दुलदुला में 01 पदों के लिए निर्वाचन होना हैं।
      जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर में 44 सरपंच पद हेतु 242 अभ्यर्थी चुनाव लड़ेगें। इसी तरह पंच पद के 607 पदों के लिए 230 स्थानों पर निर्विरोध निर्वाचन हुए हैं, वहीं शेष 377 पदों हेतु 928 अभ्यर्थी  और जनपद पंचायत सदस्य के 14 पदों के लिए 81 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमाएंगे। जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा में 44 सरपंच पद हेतु 223 अभ्यर्थी चुनाव लड़ेगे।  555 पंच पदों के लिए 202 निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं शेष 353 पदों के लिए 861 अभ्यर्थी और जनपद पंचायत सदस्य के 12 पदों के लिए 64 अभ्यर्थी चुनाव लड़ेगें।
 ‌     जनपद पंचायत कुनकुरी क्षेत्र में 51 सरपंच पदों के लिए 217 अभ्यर्थी चुनाव में भाग लेंगे। पंच पद हेतु 340 स्थानों पर अभ्यर्थियों का निर्वाचन निर्विरोध किया गया हैं, वहीं 361 पदों के लिए 829 अभ्यर्थी और जनपद पंचायत सदस्य के 16 पदों के लिए 64 अभ्यर्थी निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेंगे। दुलदुला जनपद पंचायत क्षेत्र में सरपंच के 30 पदों हेतु 118 अभ्यर्थी चुनाव में भाग लेंगे। वहीं पंच के 440 पदों में से 226 में निर्विरोध निर्वाचन किए गए हैं। शेष 214 पदों हेतु 471 अभ्यर्थी चुनाव में भाग लेंगे। साथ ही जनपद पंचायत सदस्य के 10 पदों हेतु 44 अभ्यर्थी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगें।

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चक्षु अभियान के अंतर्गत बाबा भगवान राम ट्रस्ट एंव श्री सर्वेश्वरी समूह द्वारा सिमडेगा में लगाया गया चिकित्सा शिविर,518 मरीजों का किया गया उपचार

जशपुर : बाबा भगवान राम ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव रामजी द्वारा आरंभ किये गये चक्षु अभियान के अंतर्गत झारखण्ड राज्य के सिमडेगा जिला अन्तर्गत कोलेबिरा प्रखण्ड के अंतगर्त ग्राम जुरकेला भण्डारटोली में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन 16 फरवरी रविवार को किया गया।
इस शिविर में 518 मरीजो का परीक्षण किया गया जिसमें 306 नेत्र रोगियों को परीक्षणोपरांत 290 मरीजो को पावर वाले चश्मे वितरित किये गये,वहीं अन्य रोगो के 212 मरीजो को परीक्षणोपरांत निःशुल्क दवा दी गयी। शिविर में 62 मोतियाबिंद के मरीज पाये गये जिन्हे सदर अस्पताल सिमडेगा जाकर आपरेशन कराने की सलाह दी गयी।
यह शिविर बाबा भगवान राम ट्रस्ट,सोगड़ा जिला-जशपुर एवं श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा सिमडेगा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। शिविर का प्रारंभ  प्रातः परमपूज्य बाबा अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्य पाद गुरूपद संभव राम जी  के तैल चित्र पर विधिवत् पूजन उपरांत नारियल फोड़कर प्रांरभ किया गया।  जो कि सांय तक चलता रहा। ट्रस्ट एंव समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव रामजी द्वारा स्वयं  शिविर में पधारकर शिविर का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किया गया। पूज्यपाद स्वंय शिविर समाप्त होने तक शिविर स्थल पर उपस्थित रहें।
आंखों की जांच हेतु टी.पी.कुशवाहा एवं श्रीमति सविता नन्दे जशपुर तथा  अन्य रोगो हेतु डॉ रंजन नारायण, हृदय रोग विशेषज्ञ, गुरूनानक अस्पताल रांची ,डॉ.अर्पण सिंह, डायबिटोलाजिस्ट अम्बिकापुर व डॉ. अविनाश, दंत रोग विशेषज्ञ गुमला उपस्थित थे।
शिविर को सफल बनाने में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा सिमडेगा, शाखा गुमला एवं शाखा रांची ,गम्हरिया आश्रम जशपुर के स्वयं सेवकों के  साथ ग्राम जुरकेला के उपेन्द्र नाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, चम्पू नाथ शाहदेव, गंगानाथ शाहदेव एवं अन्य ग्रामीण बन्धुओं का विशेष योगदान रहा।
ट्रस्ट के इस अभियान का अगला शिविर श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा गुमला के साथ संयुक्त रूप से आंजन ग्राम गुमला में आगामी 23 फरवरी 2025,रविवार को लगाया जायेगा।

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दुर्गडोंगरी मंदिर एक प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की दृष्टि से अद्भूत स्थान ,एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी  बेहतरीन पर्यटन स्थल 

छत्तीसगढ़ का बालोद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में एक अद्भुत स्थान है दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर, जो प्रकृति प्रेमियों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए बेहद खास है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने सुरम्य वातावरण और रोमांचकारी सफर के कारण भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम कोटागांव के समीप स्थित यह स्थल हरे-भरे वनों के बीच ऊँचाई पर बसा हुआ है। यहाँ की प्राकृतिक छटा बहुत मनमोहक है। खासकर सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय का नज़ारा अत्यंत मनोहारी होता है, जो मन को शांति और ऊर्जा से भर देता है। आसपास फैले घने जंगल, बोईरडीह जलाशय का अद्भुत  दृश्य और दूर तक फैली दल्लीराजहरा एवं महामाया की पहाड़ियाँ इस जगह की सुंदरता को और भी बढ़ा देती हैं। बारिश के मौसम में यहाँ की हरियाली अद्वितीय होती है, जिससे यह स्थान और अधिक आकर्षक हो जाता है।

दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर तक पहुँचने का सफर अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। दल्लीराजहरा से महामाया रोड होते हुए लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद इस स्थल का प्रवेश द्वार मिलता है। यहाँ तक वाहनों के लिए सीसी सड़क बनी हुई है, जो ऊँचाई तक जाती है। इसके बाद एक वाहन पार्किंग क्षेत्र है, जहाँ से पैदल यात्रा प्रारंभ होती है। मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियों और कच्चे पगडंडी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। यह सफर थकावट भरा जरूर होता है, लेकिन जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं, प्रकृति के अनुपम दृश्य हर थकान को दूर कर देती है। मंदिर तक पहुँचने के बाद ऊँचाई से दिखने वाला मनोरम नज़ारा इस यात्रा को अविस्मरणीय बना देता है। इस स्थान को दुर्गडोंगरी कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ पर्वत पर स्थित किला होता है। माना जाता है कि यहाँ कभी एक किला था, जिसके अब केवल अवशेष ही बचे हैं। किले के अवशेषों के साथ ही यहाँ स्थित किल्लेवाली माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर मौसम में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ किल्लेवाली के दर्शन करने आते हैं।

दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों की ऊँचाई, जलाशय का मनमोहक दृश्य और रोमांचक चढ़ाई इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं। प्रकृति की गोद में बसा यह स्थल निश्चित रूप से यहां आने वाले लोगों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।

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सड़क किनारे कटहल पेड़ से टकरायी बाइक, चालक की मौत, एक युवक घायल

नारायणपुर :-नारायणपुर थाना क्षेत्र के बेहराखर निवासी मोटर सायकिल चालक नागेश्वर राम और उसका साथी कोयला कछार निवासी बादल राम दोनों किसी काम से कुनकुरी गए थे वापसी अपने काम निपटा कर मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर जा रहे थे कि कलीबा मेन चौक के पास कटहल पेड़ से अचानक  बाइक जा टकराई। इस घटना के बाद बेहराखर निवासी नागेश्वर को गंभीर चोट आई,ओर मौके पर उसकी मौत हो गई। दूसरा साथी गम्भीर रूप से घायल हुआ जिसका इलाज कुनकुरी में जारी है।

पुलिस ने बताया कि नागेश्वर  16 फरवरी को अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस घर की ओर जा रहे थे कि अचानक आधे रास्ते कलीबा के चौक के पास कटहल पेड़ में जाकर मोटरसाइकिल अनियन्त्रित होकर टकराई। इस घटना में नागेश्वर की मौके पर मौत हो गई दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसपास के लोगों ने निजी वाहन की मदद से कुनकुरी भेजा गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। लोगों से सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची,थाना प्रभारी सतीश सोनवाली ने बताया कि बाइक के अनियंत्रित होने की वजह से हादसा हुआ है।

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प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर छत्तीसगढ़ : अनमोल खजाना,एशिया का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म उद्यान,गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को वन विभाग ने  राज्य का पहला पार्क किया घोषित 

293 मिलियन साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का राज़ खोलता गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर छत्तीसगढ़ में घूमने-फिरने के लिए कई शानदार जगहें हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर राज्य के एक अनमोल खजाने गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को जाने। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित यह पार्क एशिया का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म उद्यान है, जो पृथ्वी के 293 मिलियन साल पुराने इतिहास की झलक दिखाता है। यह वह दौर था जब आज का यह भूभाग एक ठंडे समुद्र के नीचे डूबा हुआ था। यह जीवाश्म पार्क केवल अतीत की कहानी नहीं बताता, बल्कि भारत की भूगर्भीय विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ सरकार इस अनमोल धरोहर को दुनिया के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यह स्थान वैज्ञानिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

इस पार्क की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एस.के. घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। इसकी खासियत न सिर्फ इसका विशाल क्षेत्रफल है, बल्कि यह भारत का एकमात्र ऐसा समुद्री जीवाश्म पार्क है जिसे राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा प्राप्त है। यहां से द्विपटली (बायवेल्व) जीव, गैस्ट्रोपॉड, ब्रैकियोपॉड, क्रिनॉइड और ब्रायोज़ोआ जैसे समुद्री जीवों के जीवाश्म मिले हैं। ये जीवाश्म तालचिर संरचना से संबंधित हैं, जो पर्मियन युग के शुरुआती दौर को दर्शाते हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह क्षेत्र समुद्री जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण समुद्र में डूब गया था। ग्लेशियरों के पिघलने से समुद्र का जलस्तर बढ़ा और इस क्षेत्र में समुद्री जीवन का जमाव हुआ। बाद में जब जलस्तर घटा, तो ये समुद्री जीव चट्टानों में दब गए और लाखों वर्षों में जीवाश्म के रूप में बदल गए।

गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क केवल छत्तीसगढ़ या भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक स्थल है। ऐसे ही जीवाश्म ब्राजील के पराना बेसिन, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स, अंटार्कटिका के अलेक्जेंडर आइलैंड और दक्षिण अफ्रीका के कारू बेसिन में भी पाए गए हैं। यह पार्क गोंडवाना महाद्वीप के भूगर्भीय इतिहास को समझने में अहम भूमिका निभाता है।

बदलते मौसम और मानवीय गतिविधियों के कारण इस जीवाश्म उद्यान को नुकसान पहुंचने का खतरा है। इसे संरक्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। अगस्त 2021 में बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज के वैज्ञानिकों, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड और वन विभाग के अधिकारियों ने इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। मार्च 2022 में छत्तीसगढ़ वन विभाग ने इसे राज्य का पहला मरीन फॉसिल पार्क घोषित किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस जीवाश्म पार्क के विकास के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 41.99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। पार्क के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और इसे पर्यटन व अनुसंधान के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं।

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वाहन चालक ध्यान दें : टोल प्लाजा पर अब गाड़ियों की नही लगेगी लम्बी लाइन,फास्टैग का नया नियम कल से होगा लागू,लो बैलेंस, भुगतान में देरी या फास्टैग ब्लैकलिस्ट,उन पर लगेगा अतिरिक्त जुर्माना 

दिल्ली: फास्टैग का नया नियम सोमवार से लागू होने जा रहा है। इसके तहत जिन भी यूजर्स के फास्टैग में लो बैलेंस, भुगतान में देरी या फिर फास्टैग ब्लैकलिस्ट होगा, उन पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य फास्टैग में होने वाली परेशानी के कारण टोल पर लगने वाली गाडिय़ों की लंबी कतारों को कम करना है और यात्रा को सुविधाजनक बनाना है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग इकोसिस्टम में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव जारी किए हैं, जिसका लक्ष्य टोल भुगतान को सुव्यवस्थित करना, विवादों को कम करना और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाना है। नया फास्टैग का नियम 17 फरवरी से लागू होगा। नए नियमों के तहत, अगर गाड़ी के टोल पार करने से पहले फास्टैग 60 मिनट से अधिक समय तक निष्क्रिय रहता है और टोल पार करने के 10 मिनट बाद तक निष्क्रिय रहता है, तो लेनदेन अस्वीकार कर दिया जाएगा। सिस्टम में इस तरह के पेमेंट को 'एरर कोड 176? लिखकर रिजेक्ट कर देगा।

इसके अतिरिक्त, टोल भुगतान को सरल बनाने और विवादों को कम करने के लिए चार्जबैक प्रक्रिया और कूलिंग अवधि के साथ-साथ लेनदेन अस्वीकार नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर वाहन के टोल रीडर से गुजरने के बाद टोल लेन-देन 15 मिनट से अधिक समय में किया जाता है, तो फास्टैग यूजर्स को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। अपडेटेड राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) गाइडलाइंस के अनुसार, यदि किसी लेनदेन में देरी होती है और यूजर्स के फास्टैग खाते में लो बैलेंस है, तो टोल ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

इससे पहले यूजर्स टोलबूथ पर ही फास्टैग रिचार्ज करके आगे जा सकते थे। नए नियम के बाद अब यूजर्स को फास्टैग को पहले रिचार्ज करना होगा।

एनपीसीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में फास्टैग लेनदेन की संख्या 6 प्रतिशत बढ़कर 38.2 करोड़ हो गई है, जो कि नवंबर में 35.9 करोड़ थी। साथ ही फास्टैग लेनदेन की वैल्यू 9 प्रतिशत बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये हो गई है, जो कि नवंबर में 6,070 करोड़ रुपये थी।

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गम्हरिया में बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न,92 मरीजों को दवाई वितरण कर किया गया इलाज

जशपुर : अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया  में आज बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। शिविर में कुल 92 मरीजों को संस्था द्वारा निर्मित मिर्गी रोग की फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवा का वितरण किया गया। इन मरीजों में 5 बच्चे भी थे।
शिविर का शुभारम्भ प्रातः परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन-आरती उपरान्त प्रारम्भ किया गया। चूंकि मिर्गी की यह फकीरी दवा पान के पते पर सूर्योदय के पूर्व ही देने का विधान है इसलिये अधिकांश मरीजों को उनके सहयोगियों के साथ एक दिन पूर्व ही आश्रम में बुला लिया गया था। प्रातः पूजन उपरान्त उन्हें फकीरी दवा दी गयी और साथ में मिर्गी की आयुर्वेदिक दवा भी वितरित की गयी। दवा वितरित करने हेतु विशेष रुप से वैद्य रंजीत सिंह एवं उनके सहयोगी धर्मेन्द्र सिंह को आमंत्रित किया गया था। शिविर में रांची,गुमला,सिमडेगा देवघर(झारखण्ड) रायपुर, सरगुजा रायगढ़, वाड्रफनगर, कोरबा, भाटापारा, बलौदा बाजार राजनांदगांव, चिरमिरी, बैकुण्ठपुर,पत्थलगांव,कांसाबेल,तपकरा,जशपुर (छत्तीसगढ़),अनुपपुर,शहडोल (मध्यप्रदेष) बिरमित्रापुर (उड़ीसा) आदि क्षेत्रों से मरीज उपस्थित थे। दवा वितरण पश्चात् वैद्य रंजीत सिंह द्वारा औषधि सेवनकाल में किये जाने वाले परहेज एवं सावधानियों को विस्तार से बताया गया। 
       अगला शिविर पुनः तीन माह के बाद 20 मई 2025 को इसी अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आयोजित किया जायेगा। साथ ही मरीजो को यह भी निर्देषित भी किया गया कि अगले  शिविर में दवा लेने हेतु 19 मई2025 को ही सायकाल में आश्रम परिसर में उपस्थित हो जाये। शिविर को सफल बनाने में पी०के० श्रीवास्तव, अनन्त शाहदेव ,प्रशांत  सिंह,सत्येन्द्र सिंह (मामा), अखिलेश यादव, वेद तिवारी, शिवम अक्षय सिंह का विशेष योगदान रहा।
        उल्लेखनीय है कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में विगत कई वर्षों से किये जा रहे ऐसे मिर्गी चिकित्सा शिविरों में अनेकानेक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इस क्रम में आगामी माह मार्च में 02 मार्च 2025 को श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पडाव, वाराणसी में मिर्गी चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस हेतु अधिक जानकारी के लिये मो0नं0- 7275201742, 9311737720, 8299342231 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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गणेश राम भगत लिटिल जूदेव शौर्य प्रताप सिंह जूदेव के साथ जशपुरिया अंदाज मे चुनाव प्रचार जारी,आदिवासी नेता श्री भगत,कहा -कुमार साहब के नाती के साथ मैदान मे उतरना अद्भुत क्षण

लिटिल जूदेव के साथ महासमर मे उतरे दिग्गज आदिवासी नेता गणेश राम भगत

जशपुर/नारायणपुर : भाजपा के दिग्गज नेता और जशपुर राज परिवार के सदस्य कुमार दिलीप सिंह जूदेव के नाती शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनावी मैदान मे उतर आए हैँ। जिले के क्षेत्र क्रमांक 5 दुल्दुला से चुनावी राजनीति की शुरुआत कर रहे लिटिल जूदेव के समर्थन मे दिग्गज आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व वन मंत्री गणेश राम भगत ने मोर्चा सम्हाल लिया है। इन दिनों गणेश राम भगत लिटिल जूदेव शौर्य प्रताप सिंह जूदेव के साथ अपने अलग ही अंदाज मे चुनाव प्रचार कर रहे हैँ। ठेठ जश्नपुरिहा अंदाज मे सम्बोधन मतदाताओं को खूब लुभा रहा है। इतना ही नहीं मतदाता गणेश राम भगत से स्थानीय कुडूख बोली मे लोक गीत सुनाने की फरमाइश भी कर रहे हैँ। मतदाताओं के इस स्नेहिल मांग को गणेश राम पूरी भी कर रहे हैँ। वहीं ताल से ताल मिलाते हुए शौर्य प्रताप सिंह जूदेव भी सादरी बोली मे अपने सम्बोधन से मतदाताओं को लुभा रहा है। शौर्य प्रताप सिंह जूदेव पहली बार चुनावी मैदान मे उतरे हैँ लेकिन जशपुर  सहित प्रदेश की राजनीति मे उनका नाम पहले से गूंज रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप मे विधानसभा और लोक सभा चुनाव मे युवाओं के साथ सफल प्रचार अभियान का कमान सम्हाल चूके हैँ।

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शहरी क्षेत्रों में आचार संहिता समाप्त : नगरपालिकाओं के आम निर्वाचन संपन्न के बाद आदर्श आचरण संहिता के प्रभाव को किया गया शून्य 

 रायपुर,  : नगरपालिकाओं के आम/उप निर्वाचन 2025 के महापौर/अध्यक्ष तथा पार्षद पदों हेतु निर्वाचन संपन्न कराये जाने के लिए आयोग द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2025 को समय अनुसूची (कार्यक्रम) जारी किया गया। कार्यक्रम जारी होते ही सभी संबंधित नगरीय क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई थी।  प्रदेश के 173 नगरीय निकायों हेतु दिनांक 11 फरवरी 2025 को मतदान संपन्न हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज 15 फरवरी 2025 को मतगणना संपन्न होने के उपरांत केवल नगरपालिकाओं के निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशून्य घोषित किया गया है।

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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से बढ़ी चिंता,डायबिटीज से पीडित एक मरीज ने कोरोना से तोड़ा दम,फिलहाल प्रदेश में 72 एक्टिव केस

रायपुर : मंगलवार को दुर्ग में डायबिटीज से पीडित एक मरीज ने कोरोना से दम तोड़ दिया, जिससे प्रदेश में पिछले सवा माह में यह तीसरी मौत दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में 23 नए मरीज मिले हैं, जिनमें रायपुर से 10, कांकेर से 6, दुर्ग से 4, बीजापुर से 2 और बेमेतरा से 1 मरीज शामिल है।

इस दौरान 2745 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें संक्रमण दर 1त्न के करीब पहुंच गई है। राहत की बात यह रही कि 5 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

फिलहाल प्रदेश में 72 एक्टिव केस हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस अब भी सक्रिय है और सावधानी बेहद जरूरी है। आंबेडकर अस्पताल के चेस्ट विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा के मुताबिक, मास्क पहनने और भीड़ से बचने जैसी सावधानियों से संक्रमण रोका जा सकता है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

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नगर निकाय चुनाव : जिले के 5 नगर निकाय में 3 पर बीजेपी का कब्जा,और  कुनकुरी,कोतबा पर कांग्रेस का कब्जा

जशपुर :नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 अंतर्गत् जिले के पांचों नगरीय निकायों का मतगणना सम्पन्न हुआ।जशपुर के 5  में बीजेपी ने 3 पर एवं कांग्रेस 2 पर कब्जा जमा लिया है.नगर पालिका जशपुर में भाजपा के अरविंद भगत अपने निकटतम् प्रत्याशी हीरू राम निकुंज हरा कर जीत हासिल की। इसी तरह नगर पंचायत बगीचा में भाजपा के प्रभात कुमार सिडाम ने निकटतम् प्रत्याशी कांती दुर्गेश को, नगर पंचायत पत्थलगांव में भाजपा के संगीता सिंह ने निकटतम् प्रत्याशी उर्वशी सिंह ठाकुर को हराकर जीत हासिल की।

             नगर पंचायत कुनकुरी में कांग्रेस प्रत्याशी विनयशील गुप्ता ने निकटतम् भाजपा प्रत्याशी सुदबल यादव को और नगर पंचायत कोतबा में  कांग्रेस प्रत्याशी हितेंद्र पैंकरा ने भाजपा का प्रत्याशी उमाशंकर भगत को हराकर जीत हासिल की।

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जशपुर के गम्हरिया आश्रम में रविवार को नि:शुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का किया जाएगा आयोजन, आयुर्वेद पद्धति से निर्मित मिलेगी दवा,

जशपुर : बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आगामी 16 फरवरी 2025 दिन रविवार को अघोर पीठ वामदेव नगर  गम्हरिया आश्रम जशपुर में नि:शुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है इस शिविर में आयुर्वेदिक पद्धति से स्व निर्मित औषधीय द्वारा मिर्गी रोग की दवा दी जाएगी दवा का वितरण रविवार को प्रातः 4:00 बजे से सूर्योदय से पूर्व तक ही दी जाएगी  अतः मरीज एक दिन पूर्व दिनांक 15 फरवरी 2025 को उपस्थित हो जाए उनके रात्रि विश्राम एवं  भोजन की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जाएगी मरीज को अपने साथ एक सहयोगी लाना अनिवार्य है।यह दवा गर्भवती महिलाओं के लिये नही है।

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मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा के 4 दिन बाद,केन्द्र सरकार ने आज अहम फैसले के तहत मणिपुर में लगाया राष्ट्रपति शासन 

नई दिल्ली : केन्द्र सरकार ने आज अहम फैसले के तहत मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। यहां पर 9 फरवरी को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपना इस्तीफा गवर्नर को सौंप दिया था। बीरेन सिंह पर राज्य में 21 महीने (3 मई 2023) से जारी जातीय हिंसा के चलते इस्तीफे का काफी दबाव था। इस्तीफे के बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए बीजेपी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया था। मणिपुर प्रभारी संबित पात्रा बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे थे।

हालांकि अब सूबे में राष्ट्रपति शासनलागू कर दिया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री बिरेन सिंह का इस्तीफा ऐसे समय में आया था जब विधानसभा में कांग्रेस की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव आने वाला था। राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दिया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और अर्धसैनिक बल के अधिकारियों ने आज ही राजभवन में बैठक की थी। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तैनाती और परिचालन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।स्रोत एजेंसी

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महाकुम्भ : मुख्यमंत्री श्री साय अपने मंत्रिमंडल के साथ त्रिवेणी संगम पहुंच माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

प्रयागराज :- महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

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महाकुंभ स्नान के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज पहुंचेंगे  प्रयागराज, सचिव पी. दयानंद ने महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण

रायपुर, ; मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सचिव श्री पी. दयानंद ने आज प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) का दौरा किया और छत्तीसगढ़ से कुंभ स्नान हेतु जाने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध  कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल और संचालक श्री अजय अग्रवाल भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी (गुरुवार) को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान राज्य के मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उनके साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचकर छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने रायपुर के रावणभाठा से आए बच्चों, आर्यन और टकेश्वर से मुलाकात की और महाकुंभ में उनके अनुभवों के बारे में जाना। बच्चों ने भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कांकेर से आए श्रद्धालुओं से भी चर्चा की, जिन्होंने सुविधाओं को उत्तम बताते हुए मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की।

छत्तीसगढ़ पवेलियन: श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे धार्मिक यात्रा को आत्मिक शांति और भक्ति भाव के साथ पूरा कर सकें। यहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।

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कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में भौतिकी के शिक्षकों का उन्मुखीकरण का हुआ आयोजन,वैज्ञानिक डॉ. आर. श्रीनिवास ने दिया प्रशिक्षण

जशपुर: कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में भौतिकी के शिक्षकों के लिए एक विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर के मार्गदर्शन में आयोजित इस उन्मुखीकरण में इसरो के  वैज्ञानिक डॉ. आर. श्रीनिवास ने स्पेस टेक्नोलॉजी से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय सहित जिले के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे।
           कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. श्रीनिवास को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने कहा कि जिले के विद्यार्थियों को स्पेस साइंस में प्रोत्साहित करने और जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर यह उन्मुखीकरण आयोजित कराया गया है। वे चाहते हैं कि आने वाले स्पेस मिशन में जशपुर के विद्यार्थियों की भी भूमिका रहे और जशपुर से भी प्रतिभाएं इस क्षेत्र में नाम रोशन करें।
        उन्मुखीकरण में वैज्ञानिक डॉ श्रीनिवास ने शिक्षकों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की कार्यप्रणाली के तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रॉकेट लॉन्चिंग के चरण, न्यूटन का तीसरा नियम, कृत्रिम उपग्रहों के प्रकार, स्पेस सूट तकनीक और विनस ऑर्बिटर मिशन , एक्टिव सेंसर सैटेलाइट, पैसिव सेंटर सैटलाइट, ग्राउंड स्टेशन कवरेज, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर से डेटा रिसीविंग प्रक्रिया, जियोस्टेशनरी संचार उपग्रह, नेविगेशनल उपग्रह, और लॉन्च व्हीकल्स व पेलोड्स की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया।
     इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को स्पेस टेक्नोलॉजी से परिचित कराना और छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि लेने के लिए प्रेरित करना था। शिक्षकों ने इसरो वैज्ञानिक से सीधे संवाद कर अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए।

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श्री विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की - सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और श्री विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले।

मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।

इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष श्री बबरूवाहन महाराज, सचिव श्री खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा,  मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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