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CG News : मोबाइल पेट्रोलिंग टीम की वजह से बारिश में भी लगातार ट्रेनो का हो रहा संचालन..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। मानसून के दौरान भी ट्रेनों का सफर सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जारी रहे, इसके लिए रेलवे ने कई इंतज़ाम किए हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि बरसात में ट्रैक पर पानी न रुके, इसके लिए सभी सेक्शनों में साइड ड्रेन और कैच वाटर ड्रेन की साफ-सफाई कराई जा रही है। इससे बारिश का पानी जल्दी निकल जाए और ट्रैक पर असर न पड़े।

दरअसल, इसके साथ ही पूरे मंडल में पहले से असुरक्षित माने गए 15 जगहों पर स्टेशनरी पेट्रोलिंग और 29 जगहों पर मोबाइल पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। अगर कहीं भी आपात स्थिति बने, तो तुरंत ठीक करने के लिए रेल वैगन पर जरूरी सामान और मटेरियल रिजर्व रखा गया है। 18 रेलवे अंडरपास पर पानी भराव की लगातार निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। साथ ही, जल निकासी के लिए पंपिंग सेट और दूसरी ज़रूरी मशीनें भी तैयार रखी गई हैं, ताकि तुरंत पानी निकाला जा सके।

फिलहाल, तूफान या तेज़ बारिश में पेड़ गिरने से ट्रैक को नुकसान न हो, इसके लिए पेड़ों की छंटाई और सफाई कराई गई है। जिन जगहों पर ट्रैक सर्किट हैं, वहां भी विशेष नालियों का इंतजाम किया गया है और कर्मचारियों को सावधानी से काम करने की हिदायत दी गई है। रेलवे ने मानसून से पहले समपार फाटकों, पुलों, पटरियों, सिग्नल सिस्टम और अन्य ज़रूरी उपकरणों का भी निरीक्षण और रख-रखाव किया है, जिससे बारिश के दौरान भी ट्रेनें सुचारू रूप से चल सकें। रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उनकी पहली प्राथमिकता है, और वे मानसून जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी रेल सेवाओं को समय पर, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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CG News : धन्य हो माता, तुझे दया नहीं आता?..पांच माह के दुधमुहें बच्चे को लावारिस छोड़कर हुई फरार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/तखतपुर। नौ महीने तक कोख में पालने वाली मां क्या इतनी निष्ठुर हो सकती है? यह सवाल तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पाली के लोगों के मन में बार-बार कौंध रहा है, जहां एक मां अपने पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़कर फरार हो गई है.

दरअसल, ग्राम पाली में आज सुबह जब मासूम के रुदन से लोगों की नींद खुली. देखा भूख-प्यास से व्याकुल करीबन पांच महीने का दुधमुहां रो रहा है. लोगों ने आस-पास तलाश किया, कहीं उसकी मां होगी, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आई. सोचा कि अब आ जाएगी, तब आ जाएगी, लेकिन मां तो उस मासूम को छोड़कर जा चुकी थी.

फिलहाल, काफी देर इंतजार करने के बाद जब बच्चे के लिए कोई नहीं आया तो ग्रामीणों को समझ आ गया कि उसकी मां उसे छोड़कर जा चुकी है. इस पर ग्रामीणों ने जूनापारा पुलिस चौकी में सूचना दी. पुलिस वाले मासूम की मां से ज्यादा संवेदनशील निकले. उन्होंने बच्चे को चौकी में दूध पिलाया, और फिर कागजी कार्रवाई पूरी कर एडाप्टेशन सेंटर भेज मासूम के माता-पिता की तलाश में जुट गई.

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*संकल्प जशपुर में कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश हेतु 15 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित*


जशपुरनगर :   जिला प्रशासन द्वारा खनिज न्यास निधि मद से संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में कक्षा ग्यारहवीं की रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु पात्र अभ्यर्थियों से 15 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। 
        इस बारे में जानकारी देते हुए संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा ग्यारहवीं की गणित संकाय की कुल रिक्त 9 सीट बालिका 3, बालक 6 सीट के चयन हेतु विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची लगाना अनिवार्य होगा। आवेदक दिनांक 15 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आवेदन जमा कर सकते हैं। कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदनों से कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांको की प्रावीण्य सूची के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। ज्ञात हो संकल्प शिक्षण संस्थान में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के पाठ्यक्रम के अध्यापन के साथ ही बच्चों को  जे ई ई एवं नीट की तैयारी कराई जाती है। विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

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*बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री.....तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत*

रायपुर /छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया।

कार्यक्रम में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुश्री स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

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*खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं पारदर्शिता के लिए छत्तीसगढ़ की सराहनीय पहल को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान*

रायपुर / भारत सरकार के खान मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। आज नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक दिवसीय “नेशनल डीएमएफ वर्कशॉप” के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री पी. दयानंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

खान मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना द्वारा नेशनल डीएमएफ पोर्टल में समस्त राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस का संधारण किया जा रहा है। डीएमएफ के ऑडिट रिपोर्ट का राज्य डीएमएफ पोर्टल एवं नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूर्णतः अपलोड किए जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी डेटा अपलोडिंग, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन के अनुकरण की सलाह दी गई। 

उल्लखेनीय है कि नेशनल डीएमएफ  कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना एवं डीएमएफ की प्रभावशीलता को बढ़ाने और खनन क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सचिव, संचालक एवं खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना एवं आजीविका जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,506 करोड़ रुपये की लागत से 1,01,313 विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 70,318 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं।

राज्य शासन द्वारा डीएमएफ के क्रियान्वयन में पारदर्शी और जनहितकारी दृष्टिकोण को अपनाते हुए, प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों की योजना और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। यह नीति न केवल भौतिक विकास बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण को भी लक्ष्य में रखती है।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की ओर से सचिव, खनिज साधन विभाग श्री पी. दयानंद, संचालक श्री रजत बंसल के साथ बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, कोरबा, रायगढ़ एवं दंतेवाड़ा जिलों के कलेक्टर्स एवं डीएमएफ के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

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CG Big News : लगातार झमाझम बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त..बस स्टैंड बना तालाब..कई घरों में घुसा बदबूदार पानी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बालोद. प्रदेशभर में मानसून की एक्टिविटी तेज हो गई है. लगभग सभी संभागों में जोरदार बारिश हो रही है. कहीं आसमान कहर बरपा रही है, तो कहीं भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बालोद में भी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. पहली ही बारिश में बालोद नगर पालिका और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है. बस स्टैंड, रेलवे कॉलोनी, कुन्दरूपारा और शिकारी पारा जलमग्न हो गए हैं. लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

लोगों के घरों में घुसा बदबूदार पानी 

दरअसल, भारी बारिश के कारण बस स्टैंड परिसर में पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं कुन्दरूपारा ,रेलवे कालोनी और शिकारी पारा भी जलमग्न नजर आए. नगर पालिका ने यहां जल निकासी के लिए उचित व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण नाली का बदबूदार पानी लोगों के घरों में घुस गया.

कहीं धस गई रोड, कहीं डूबा पुल

फिलहाल, कई दिनों से हो रही बारिश के चलते कहीं रोड धस गई, तो कहीं पुल में अधिक पानी भरने से ब्लॉक मुख्यालय से दर्जनों गांवों का सम्पर्क टूट गया है. लोगों का जन जीवन पूरी तरफ से अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं जिले के बांध और खेत पूरी तरह से लबालब हो गए हैं.

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Big News : भारत को मिला नया स्प्रिंट स्टार.! छत्तीसगढ़, जशपुर के अनिमेष ने 100 मीटर रेस में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड..पढ़ें पूरी ख़बर

जशपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव से निकलकर यूरोप के ट्रैक तक का सफर तय करने वाले अनिमेष कुजूर इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 5 जुलाई को ग्रीस के वारी शहर में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में उन्होंने 100 मीटर दौड़ सिर्फ 10.18 सेकंड में पूरी कर भारत का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

हालांकि रेस में अनिमेष तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन यह प्रदर्शन भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इससे पहले यह रिकॉर्ड गुरइंदरबीर सिंह के नाम था। उनके आगे इस दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के बेंजामिन रिचर्डसन (10.01 सेकंड) और ओमान के अली अल बलूशी (10.12 सेकंड) थे।

छत्तीसगढ़ के जशपुर से यूरोप के ट्रैक तक का सफर

अनिमेष जशपुर जिले के आदिवासी गांव घुइतांगर से ताल्लुक रखते हैं। उनके माता-पिता दोनों छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। माता-पिता का कहना है कि उन्हें बेटे पर गर्व है, और यह सिर्फ शुरुआत है।

सेना में भर्ती होना चाहते थे अनिमेष

सैनिक स्कूल अंबिकापुर से बारहवीं तक की पढ़ाई करने वाले अनिमेष ने कभी नहीं सोचा था कि दौड़ उनका करियर बन जाएगी। उनका सपना था सेना में भर्ती होने का। 2020 में 12वीं पास करने के बाद वे फौज की तैयारी में जुटे थे, लेकिन उसी दौरान फुटबॉल खेलते-खेलते उन्हें रेसिंग का रास्ता मिल गया। कोरोना महामारी का दौरान दोस्तों के कहने पर उन्होंने एक ओपन टूर्नामेंट में 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और वहीं से करियर की दिशा बदल गई।

अनिमेष ने बताया कि उन्होंने वहां से अगले टूर्नामेंट में भाग लिया, फिर वहां से और अगले… इस तरह साल भर में ही मे ही उनकी ज़िंदगी में रेस ने जगह बना ली। और उन्हें दौड़ने में मज़ा आने लगा था।”

कोच मार्टिन ओवेंस ने संवारा करियर

ओडिशा के रिलायंस फाउंडेशन एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर में एक प्रतियोगिता के दौरान कोच मार्टिन ओवेंस की नजर जब अनिमेष पर पड़ी, तो उन्होंने उसे ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित किया। मार्टिन कहते हैं कि शुरू में अनिमेष की तकनीक में काफी सुधार की जरूरत थी, लेकिन उसकी गति और जुनून गजब का था। अब उसका नतीजा सामने है।

200 मीटर में भी रचा इतिहास, लेकिन रिकॉर्ड दर्ज नहीं

अनिमेष ने पिछले साल स्पेन में 100 मीटर की दौड़ 10.27 सेकंड में पूरी की थी, जो उस समय उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वहीं इस साल जेनेवा मीट में उन्होंने ने 200 मीटर की रेस 20.27 सेकंड में पूरी की, जो अब तक किसी भारतीय द्वारा दर्ज की गई सबसे तेज़ दौड़ है। हालांकि तकनीकी कारणों से इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि उस समय हवा की गति तय सीमा (2 मीटर/सेकंड) से अधिक थी।

मां की डांट से लेकर गर्व तक का सफर

अनिमेष बताते हैं कि शुरुआत में मां उन्हें पढ़ाई से भटकता देख डांटती थीं। उन्हें लगता था कि खेल में भविष्य नहीं है। लेकिन अब वही मां दिन में कई बार फोन करके हालचाल लेती हैं और गर्व से भर जाती हैं।

अगला पड़ाव – मोनाको की डायमंड लीग

अनिमेष फिलहाल यूरोप दौरे पर हैं और 11 जुलाई को मोनाको में होने वाली डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। कोच मार्टिन का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म अनिमेष जैसे युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तर के एथलीट्स के साथ दौड़ने का बेहतरीन मौका देगा।

“अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है” – अनिमेष कुजूर

अनिमेष कहते हैं, “मुझे इस बार यूरोप में दौड़ने और ट्रेनिंग लेने के बाद यह समझ में आया कि अभी बहुत कुछ सीखना है. मैं अपनी पूरी जान लगाकर दौड़ूंगा.”

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CG Big News : 3 साल पहले हुई माना एयरपोर्ट पर शासकीय हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग पर अब हुई कार्रवाई..चीफ पायलट को हटाया..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। माना एयरपोर्ट पर तीन साल पहले हुई शासकीय हेलीकॉप्टर अगस्ता A109E की क्रैश लैंडिंग पर अब तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई हैं. वर्तमान में वे राज्य विमानन विभाग में मुख्य सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

वहीं, माना एयरपोर्ट पर 12 मई 2022 को हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग में कैप्टन एपी श्रीवास्तव और कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा की मौत हो गई थी. लेकिन हादसे के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना तो दूर घटना की जांच के आदेश भी नहीं दिए थे. इसके उलट कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन चीफ पायलट जायसवाल को तीन लाख मासिक वेतन पर मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया था.

दरअसल,ज्ञघटना की जांच के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम यहां पहुंची और रिपोर्ट तैयार की. बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले जारी जांच रिपोर्ट हेलीकॉप्टर क्रैश होने के पीछे की लापरवाही और चूक का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि माना एयरपोर्ट पर सरकारी हेलीकॉप्टर का मेंटेनेंस सिस्टम कमजोर था, यहां तक जरूरी पार्ट्स भी नहीं बदले जा रहे थे.

फिलहाल, डीजीसीए के रिपोर्ट दिए जाने के बाद उसे उजागर नहीं किया जा रहा था. लेकिन समाचार पत्रों के माध्यम से डीजीसीए की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य विमानन विभाग में जिम्मेदारों की भूमिका की जांच शुरू की, और तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई.

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CG Corona News : इलाज के दौरान कोरोना से मरीज की मौत..खुली जिले में तैयारियों की पोल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर। जिले में सोमवार रात इलाज के दौरान कोरोना मरीज की मौत हो गई. साल 2025 में कोरोना से मौत की जिले में यह पहली घटना है.

जानकारी के अनुसार, कोंडागांव जिले के फरसगांव निवासी 48 वर्षीय मरीज को पिछले सप्ताह कांकेर अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. मरीज को लीवर से संबंधित गंभीर बीमारी थी, जिसका इलाज कांकेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था.

फिलहाल, कोविड से संक्रमित मरीज की मौत के बाद इससे बचाव के तैयारियों की भी पोल खुल गई. कोरोना को लेकर देश भर में अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन कांकेर जिले में कोरोना पॉजीटिव मरीजों के लिए वार्ड तक नहीं बनाया गया है.

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CG Breaking : राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल.! रायपुर में ट्रेड यूनियनों ने समर्थन में निकाली मशाल रैली..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. देशभर में आज बैंकिंग, बिमा, पोस्टल, कोयला खनन जैसे क्षेत्रों में कार्यरत 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी आज हड़ताल पर जाएंगे. देशव्यापी हड़ताल की पूर्व संध्या राजधानी रायपुर में ट्रेड यूनियनों ने मशाल रैली निकाली. संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच के आह्वान पर निकली इस रैली में संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लिया. रैली की शुरुआत कर्मचारी भवन, बुढ़ापारा से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई वापस कर्मचारी भवन पहुंचकर आमसभा में तब्दील हो गई.

वहीं, सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने कहा कि सोमवार को होने वाली इस हड़ताल में देशभर से 20 करोड़ से अधिक श्रमिक शामिल होंगे. बैंकिंग, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, रेलवे, स्टील, कोयला, केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी, साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिक बड़ी संख्या में इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे.

बता दें कि, सभा को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक का. धर्मराज महापात्र ने कहा कि 9 जुलाई की हड़ताल में 20 करोड़ से अधिक मेहनतकश जनता शामिल होने जा रही है. बैंकिंग, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, रेलवे, स्टील, कोयला, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिक बड़ी संख्या में इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे.

ज्ञात हो कि, हड़ताल का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा थोपे जा रहे श्रम संहिताओं, निजीकरण, ठेकाकरण, आउटसोर्सिंग, ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हमलों, महंगाई, बेरोजगारी, सांप्रदायिकता, किसानों को फसल का उचित मूल्य देने और संविधान विरोधी गतिविधियों का विरोध करना है. इस हड़ताल का आह्वान इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, एक्टू समेत 10 केंद्रीय श्रम संगठनों और 100 से अधिक श्रमिक व जन संगठनों ने किया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है.

वहीं, महापात्र ने जानकारी दी कि रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रमिक अपने-अपने कार्यस्थलों पर हड़ताल करेंगे और इसके बाद एलआईसी के पंडरी स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित संयुक्त सभा में शामिल होंगे. वहीं दोपहर को अंबेडकर चौक में वामपंथी दलों द्वारा एक प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में हड़ताल की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

दरअसल, सभा के दौरान उन्होंने श्रमिकों की प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें सरकारी क्षेत्रों में तत्काल भर्ती शुरू करने, न्यूनतम वेतन 26,000 रूपये प्रतिमाह निर्धारित करने, महंगाई और बेरोजगारी रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, बीमा संशोधन विधेयक को वापस लेने, एफडीआई और निजीकरण पर रोक पर लगाने, धर्म और जाति के नाम पर हिंसा पर नियंत्रण, संविधान की रक्षा, श्रम संहिताएं रद्द करने, 35 घंटे का कार्य सप्ताह लागू करने, महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न को रोकने जैसी मांगें शामिल हैं.

फिलहाल, मशाल रैली में सीटू महासचिव एम के नंदी, सुरेन्द्र शर्मा, राजेश पराते, नवीन गुप्ता, संदीप सोनी, अनुसुइया ठाकुर, ज्योति पाटिल, धार्मिणी सोनवानी, शिरीष नलगुंडवार, जे एस नशकर, अतुल देशमुख, वी एस बघेल, गजेन्द्र पटेल, राजेश अवस्थी, ऋषि मिश्रा, डी सी पटेल, सुभाष साहू, ललित वर्मा, दुलाल मजूमदार, श्रीकांत पेंढारकर, पूनम साहू प्रमुख रूप से शामिल थे. बैंक, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, बीमा पेंशनर्स, सीटू, एस एफ आई राज्य सरकार व केंद्र सरकार से जुड़े श्रम संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया.

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*राष्ट्रीय स्तर की 'लखपति महिला पहल' क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई तक राजधानी रायपुर में महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम*

रायपुर : / भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।

कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री भीम सिंह की उपस्थिति में होगा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने हेतु विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला विविध पहलुओं जैसे— ग्रामीण आजीविका के अवसर, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, बाजार उपलब्धता, वेल्यू चेन निर्माण एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।

यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।

विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव श्री एस. सी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा व्यवसाय संवर्धन के विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। आयोजन में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला केवल विमर्श का अवसर न होकर भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।

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*खुटेरा के प्राथमिक,मिडिल ओर हाई स्कूल तीनो विद्यालयों ने संयुक्त रुप में मनाया शाला प्रवेश उत्सव....पालको से कहा नियमित भेजे बच्चों को स्कूल*

जशपुर : शासन की योजना अनुसार शाला प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला तथा हाई स्कूल खुटेरा में संयुक्त रूप से मनाया गया । शाला प्रवेश उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत खुटेरा की सरपंच श्रीमती तुला पैंकरा उपस्थित रहीं। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप  प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । तत्पश्चात नव प्रवेशी कक्षा पहली के 4,  छठवीं के 15 तथा नवमी के 14 नव प्रवेशी विद्यार्थियों का  चंदन लगाकर तथा माला पहनकर स्वागत किया गया । उसके पश्चात उन्हें पाठ्य पुस्तक प्रदान करते हुए लड्डू खिलाकर विद्यालय के नवीन सदस्य के रूप में स्वागत किया गया  । कक्षा नवी के 6 बालिकाओं को निशुल्क सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत साइकिल भी प्रदान किया गया । प्रभारी प्राचार्य कमल चंदेल ने विद्यार्थियों तथा पालकों को आश्वस्त किया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ अनुशासन,  जीवन मूल्य , ईमानदारी तथा संस्कार भी इस पाठशाला से सीखेंगे । मुख्य अतिथि सरपंच महोदया ने सभी पालकों से आग्रह किया कि सभी अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें ।

   प्राथमिक शाला खुटेरा के प्रधान पाठक अनुरंजन खेस के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में न्योता भोज का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें समस्त अतिथि गण, पालक तथा विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया । अंत में सभी के द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती निझर तिर्की द्वारा किया गया । कार्यक्रम को सफल बनाने में आत्माराम चौहान , श्रीमती तुलसी रत्ना भगत श्रीमती साधना भगत, श्रीमती संगीता कुलदीप, श्रीमती कल्पना खेस, श्रीमती अलका पुष्पिका तिर्की,रामवृक्ष साय, भगेश्वर भगत, राम किशोर राम, श्रीमती आशा रानी भगत,  भूपेंद्र खुंटिया, श्रीमती विजया ज्योति वारे तथा समस्त कर्मचारियों का योगदान रहा।

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मनोरा के मुटू में संकुल स्तरीय समीक्षा बैठक सह कार्यशाला आयोजित 

जशपुर : मनोरा विकासखंड के संकुल केन्द्र मुटू और कलारू के प्रधान पाठकों का संकुल स्तरीय समीक्षा बैठक सह कार्यशाला का आयोजन संकुल प्राचार्य प्रद्युम्न कुमार सन्यासी  की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं वंदना और राज्यगीत के साथ हुआ।प्रथम सत्र में संकुल प्राचार्य ने कम्फर्ट जोन,सेफ जोन, लर्निंग जोन और ग्रोथ जोन के बारे में विस्तृत चर्चा की । सभी शिक्षकों को इसको अपने विद्यालय के साथ ही अपने जीवन में भी लागू करने कहा गया। मध्याह्न अवकाश के पश्चात् विभिन्न विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा  हुई । जिसमें विकासखंड द्वारा निर्धारित 28 एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा  की गई । सभी प्रधान पाठकों को अपने शाला हेतु इस सत्र  की कार्ययोजना बनाकर संकुल में जमा करने कहा गया है।मध्याह्न भोजन और विनोबा एप्प में इंट्री प्रतिदिन करने कहा गया।बच्चों का स्तर जाँच कर रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर  संकुल में जमा करने कहा गया। इस अवसर पर संकुल  संकुल समन्वयक  सुरेश कुमार राम एवं सभी संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।

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CG Big News : ये स्कूल दे रही खतरे को दावत.! हो चुकी है जर्जर..प्रशासन की नहीं ध्यान..पढ़ते हैं 400 बच्चे..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलरामपुर। जिले के शंकरगढ़ में संचालित हायर सेकेंडरी स्कूल की हालत बेहद खराब हो गई है। भवन इतनी जर्जर हो गई है कि अपने आप गिरने लगी है और लगातार हादसे हो रहे हैं। लगभग 400 बच्चे इस स्कूल में अध्ययनरत हैं और प्रतिदिन बारिश के मौसम में परेशानी का सामना कर रहे हैं। पिछले साल छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल भी हो गए थे उसके बाद भी भवन की मरम्मत नहीं हुई।

दरअसल, शंकरगढ़ ब्लॉक का यह एक पुराना स्कूल है। यह जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है। छात्र-छात्राएँ दोनों ही इस स्कूल में पढ़ाई करते हैं और उनकी संख्या लगभग 400 है।

फिलहाल, भवन के सभी कमरों की हालत बेहद खराब हो चुकी है और यह इतनी जर्जर हो गई है कि बरसात के मौसम में इनमें बैठना भी खतरे को दावत देने जैसा है। जब बारिश होती है तो सभी कमरे टपकने लगते हैं और प्लास्टर भी गिरने लगता है। विद्यार्थियों के साथ ही यहाँ के शिक्षक भी बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के समय बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाई कराते हैं ताकि कोई हादसा न हो। वहीं उस समय स्कूल की छुट्टी भी जल्दी कर दी जाती है।

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*नैनो डीएपी किसानों के लिए ठोस डीएपी उर्वरक का स्मार्ट विकल्प*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। खरीफ 2025 के दौरान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी के भंडारण एवं वितरण की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी लक्ष्य से अधिक मात्रा में भंडारण कराया गया है। खेती में ठोस डीएपी उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को उसके विकल्प के अनुरूप कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुरूप नैनो डीएपी अथवा एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट खाद की मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। 

नैनो डीएपी एक आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में कहीं अधिक उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने नैनो डीएपी का समर्थन करते हुए कहा है कि इसके उपयोग से खेती की लागत में कमी आती है। नैनो डीएपी खेत में पोषण की कमी को प्रभावी ढंग से पूरा करता है और उत्पादन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। नैनो डीएपी पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। एक एकड़ धान की फसल के लिए एक बोरी ठोस डीएपी का उपयोग होता है। जिसकी लागत 1350 रूपए होती हैै, जबकि एक एकड़ में 25 किलो ठोस डीएपी और 500 मिली नैनो डीएपी के मिश्रण का उपयोग किया जाए तो इसकी लागत घटकर 1275 रूपए आती है।  

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने एक एकड़ धान की खेती के लिए नैनो डीएपी की उपयोग की विधि की विस्तार से जानकारी दी है। इसके अनुसार नैनो डीएपी की मात्र साढ़े 600 मिली मात्रा एक एकड़ धान की खेती में लगती है। धान की बुआई से पहले एक एकड़ के लिए 30 किलो बीज को 150 मिली नैनो डीएपी को तीन लीटर पानी में घोलकर उसमें बीज उपचारित कर आधा घंटा छाव में सुखाने के बाद बुआई की जाती है। रोपा के समय 50 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को मिलाकर उसमें थरहा की जड़ों को आधा घंटा डूबाकर रखने के बाद रोपाई तथा फसल बोआई के तीस दिन बाद 125 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को घोलकर खड़ी फसल पर इसका छिड़काव करना होता है। इससे फसलों को पोषक तत्व मिल जाते है। 

नैनो डीएपी फसलों को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करने के लिए बेहतर विकल्प है। यह पारंपरिक डीएपी के मुकाबले लागत कम और प्रभाव अधिक है। पारंपरिक डीएपी की एक बोरी की कीमत लगभग 1350 रूपए होती है, वहीं नैनो डीएपी की एक बोतल से कई एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह स्प्रे के माध्यम से सीधे पौधों पर छिड़का जाता है, जिससे पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के अनुरूप राज्य शासन द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी सहित वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण समितियों में किया जा रहा है। किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से नैनो डीएपी तथा एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है

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*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में आराधना संगीत म्यूजिकल ग्रुप की भक्ति संध्या में झूमे श्रद्धालु, आज होगा नीलाद्री बीजे पर्व, महाप्रभु करेंगे श्री मंदिर प्रवेश....*

दोकड़ा : श्री जगन्नाथ महाप्रभु की बाहुड़ा यात्रा के उपरांत अब महाप्रभु के श्री मंदिर लौटने का शुभ अवसर आ गया है। आज नीलाद्री बीजे के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा जी पुनः श्री मंदिर में प्रवेश करेंगे। इस विशेष दिन की पूर्व संध्या पर श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर दोकड़ा में भक्ति संगीत का दिव्य आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में आराधना संगीत म्यूजिकल ग्रुप द्वारा एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी गई। इन भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। संगीतमय वातावरण में पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते और ताली बजाते रहे।कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांसाबेल से आए प्रसिद्ध भजन गायक श्री सुदाम पंडा के साथ-साथ धनवंत यादव, ब्रजकिशोर बारीक, प्रदीप नायक, ध्यानु चौहान, विजय प्रधान, कमिल, अश्विन, सचिन यादव, एवं राजकुमार वर्मा जैसे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा लगातार श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है। नीलाद्री बीजे पर्व के अवसर पर आज भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का श्री मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा, जिसके साथ ही रथ यात्रा महोत्सव का समापन होगा।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है। मंदिर समिति ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं और भक्तों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस दिव्य पल के साक्षी बनें।

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CG Breaking : मैनपाट प्रशिक्षण शिविर में नहीं होंगे शामिल.! अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा हुआ रद्द..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सरगुजा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा आखिरी समय में रद्द कर दिया गया है। शाह को बुधवार को मैनपाट में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना था। शाह के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से लेकर मंच सज्जा तक तैयारियां पूरी कर ली गई थी, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। गृहमंत्री अमित शाह वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

योगाभ्यास से शुरू हुआ प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन

वहीं, तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जारी है। मंगलवार को दूसरे दिन की शुरुआत योग अभ्यास से हुई। इस सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, सभी मंत्री, सांसद और विधायक सक्रिय रूप से शामिल हुए।

दरअसल, योग प्रशिक्षकों ने फेफड़ों को स्वस्थ रखने और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। सभी नेता पूरी तन्मयता से योग मुद्राओं का पालन करते नजर आए।

समापन सत्र में BL संतोष और शिव प्रकाश होंगे शामिल

फिलहाल, अब बुधवार को होने वाले समापन सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश बतौर प्रशिक्षक मौजूद रहेंगे। वे सांसदों-विधायकों को पार्टी के मूल विचार, रणनीति, और पंच प्रण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।

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राजधानी रायपुर में होगा स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह......मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण

रायपुर / राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को प्रदेशभर में गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से मनाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर आवश्यक तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में बीते दिनों राज्य स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष की भांति गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत वातावरण में किया जाए।

राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे तथा जनता के नाम संदेश देंगे। समारोह में संयुक्त परेड द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया जाएगा।

रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह की परेड का दायित्व पुलिस महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के अधीन रहेगा। परेड में बी.एस.एफ., सी.आर.पी.एफ., सी.आई.एस.एफ., आई.टी.बी.पी., एस.एस.बी., छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला एवं पुरुष), नगर सेना, एन.सी.सी. कैडेट्स आदि की टुकड़ियाँ सम्मिलित होंगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा पदक एवं पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इसके लिए विभागों को जूरी गठित कर 29 जुलाई 2025 तक चयनित नामों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भिजवाना होगा। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य समारोह में ‘जनता के नाम संदेश‘ देंगे। यह संदेश दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से पूरे प्रदेश में प्रसारित किया जाएगा। मुख्य समारोह पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति आधारित समूह-नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किए जाएंगे। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जूरी का गठन किया जाएगा तथा कार्यक्रम स्थल पर ही पुरस्कार वितरण होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं नगर निगम आयुक्त रायपुर को स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह व्यवस्था के संबंध में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई है।  

प्रदेश के सभी सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय स्मारकों पर 15 अगस्त की रात प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निजी संस्थानों से भी ध्वजारोहण एवं रोशनी करने की अपील की गयी है। जिला, विकासखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यक्रमों और प्रदर्शनी के आयोजन हेतु कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा।

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