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शिवपुराण कथा का पांचवा दिन: मुख्यमंत्री आज शिव महापुराण कथा में हुए शामिल विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा सुनकर लिया आनंद  

हम सबके लिए परम सौभाग्य की बात है की मायाली में पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा का हो रहा वाचन: मुख्यमंत्री श्री साय

7 दिवसीय शिव महापुराण कथा का 27 मार्च को होगा समापन

जशपुर/कुनकुरी :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मयाली में मधेश्वर महादेव के समीप आयोजित  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए और पूरे भक्तिभाव से एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिव कथा का श्रवण किया। उन्होंने कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी को मधेश्वर महादेव की छायाचित्र भेंटकर और माला पहनाकर  उनका अभिनंदन किया और उनसे प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली का आशीर्वाद लिया। कथा स्थल में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित परिवार के सदस्यगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह और भारी संख्या में भक्तगणों  ने कथा स्थल पहुंचकर कथा का श्रवण किया। 

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का 27 मार्च को पुनः शुभारंभ

  मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं से कहा कि यह हम सबका परम सौभाग्य है कि भगवान शिव की कथा कहने के लिए महापंडित प्रदीप मिश्रा जी जशपुर के मधेश्वर महादेव धाम मयाली में पधारे है।  इस दूरस्थ अंचल में पांच दिन से शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। अभी दो दिन और कथा चलने वाली है। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अध्यात्म से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला है। मधेश्वर महादेव धाम का यह स्थान हम सब लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसकी ख्याति विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग की है। उन्होंने कहा कि रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से अभी तक 22 हजार से अधिक लोग अयोध्या जाकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। रमन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना संचालित की जाती थी। इस योजना का पुनः 27 मार्च को शुभारंभ  किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से उनके इच्छानुसार तीर्थ स्थल का दर्शन कराया जाएगा।
  
विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों ने भी कथा स्थल आकर सुनी शिव महापुराण कथा

 विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के लोगों ने भी भक्ति रस की बह रही अविरल धारा में दिव्य स्नान किया। ग्राम पंडरसिली, तहसील मनोरा से आए पहाड़ी कोरवा और बगीचा ब्लॉक के ग्राम बेहेराखार एवं भितघारा से बिरहोर समुदाय के लोग अच्छी खासी संख्या में  यहां पर कथा का श्रवण करने पहुंचे थे। पहाड़ी कोरवा समुदाय से आने वाले संतोष राम, बजरु  राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर समुदाय के गेदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने बताया कि भगवान शिव की कथा सुन कर उनके मन को एक आत्मिक खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में जिस प्रकार से शिव भक्ति के साथ ही सार्थक जीवन जो संदेश दे रहे है वह हम सबके जीवन को एक नई राह दिखा रहा है।

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छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर जिले की मिलन समारोह कांसाबेल में हुआ भव्य आयोजन,पेंशनरो के हितों की रक्षा करना संघ का कर्तव्य- डॉ रक्षित 


जशपुर - छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ , जशपुर जिले की मिलन समारोह का आयोजन कांसाबेल के मंगल भवन में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम जिलाध्यक्ष डॉ जे आर यादव द्वारा विधादायनी मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रारंभ में बैठक एवं मिलन समारोह में उपस्थित सभी सदस्यों ने आपस में परिचय प्राप्त कर समस्त उपस्थित सदस्यों को चन्दन टीका एवं बैंच लगाकर स्वागत किया गया। बैठक में प्रथम वक्ता के रूप में अध्यक्ष डॉ यादव ने संघ द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यो की जानकारी दी तथा सदस्यों से परामर्श कर पेंशनर्स के विभिन्न समस्याओ पर संघ के कार्यो की जानकारी दी। आज के मिलन समारोह में जिले के सभी विकासखण्ड से आये हुए पेंशनर्स ने संघ के माध्यम से शासन को भेजने का अनुरोध किया। प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर ने शासन को निम्न समस्याओं को निराकरण का अनुरोध किया, जिसमें मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ का जिला मुख्यालय कांसाबेल होने के कारण यहां पेंशनर भवन निर्माण की स्वीकृति दे, भूमि उपलब्ध है, पेंशनरों के लंबित तीन प्रतिशत डी ए तत्काल प्रदान करें, छत्तीसगढ़ के पेंशनर को वशिष्ठ नागरिक मानते हुए उन्हें रेल्वे और बस कन्सेशन दिया जाएं। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस केंटिन में पेंशनरों को परिचय पत्र बनाकर वस्तुओं में छूट का लाभ दिया जाए। दूसरे वक्ता के रूप में डॉ विजय रक्षित, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर जिले ने अपने संबोधन में कहा कि आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है कि एक साथ आज हम तीन पीढियां एक साथ उपस्थित हुए हैं, कुछ मेरे महाविद्यालय में वरिष्ठ रहे, कुछ मेरे साथ रहे और कुछ को तो मैं पढ़ाया हूं। आज मैं छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला कलेक्टर रोहित व्यास जी को धन्यवाद देता हूं कि इनके प्रयास से जिले के अनेक कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के दिन ही सारे प्राधिकार पत्र एवं सुविधाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में एक माह में इस प्रकार का मिलन समारोह का आयोजन होना चाहिए, जिससे हम एक-दूसरे की समस्यायों से अवगत हो सके तथा एक दूसरे से मिलने से हम सब में 
पुनः एक नई उर्जा का संचार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं जशपुर मुख्यालय में रहता हूं किसी को कोई समस्या हो तो आवे संवेदनशील सरकार और जिला कलेक्टर के सहयोग से सभी  समस्याओं का समाधान होगा। आज के बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी विकास खंड में सदस्यता अभियान को तेज किया जाएं। प्रत्येक माह के एक निश्चित तिथि को संघ का बैठक आयोजित किया जाएं तथा संघ के पास एक निश्चित धन राशि प्रत्येक समय में उपलब्ध रहें, जिससे संघ के किसी सदस्य के असामयिक स्थिति पर सहयोग किया जा सके। संघ के कार्यालय के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाए। संघ के प्रत्येक सदस्यों के बीच आपस में समन्वय स्थापित रहे। इसके लिए प्रत्येक विकासखण्ड के सदस्यों के बीच एक वाट्स अप ग्रुप बनाएं जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान सरलता से किया जाएं। आज के मिलन समारोह में सभी विकासखण्ड के अध्यक्ष, सदस्य तथा जिला के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन श्री बेहरा, पूर्व शिक्षक ने किया। बैठक में प्रत्येक विकासखण्ड से लगभग 300 पेंशनर्स उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकतांत्रिक परंपराओं की एक  मिसाल : मुख्यमंत्री श्री साय


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं।
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।
 डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।
 नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की।
रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे

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नारी सशक्तीकरण और समरसता से बनेगा श्रेष्ठ छत्तीसगढ़,‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ - राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु


 रायपुर:भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।
छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक
 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने 'स्वयमेव निलंबन' जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का  साक्षात प्रतीक बताते हुए  राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।
समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँ
 राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।
वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।
सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’
 गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण - राज्यपाल श्री रमेन डेका
 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने  भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।
 राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।
 उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।
खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा
 राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।

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प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने शिवमहापुराण मयाली में आयोजित कार्यक्रम का डुप्लीकेट VVIP पास बनाने वाला व्यवसायी को पड़ा महंगा,छापा मारकर  दुकान किया सील

जशपुर/कुनकुरी : आज दोपहर में मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कि गुप्ता नीड्स के संचालक रितिक गुप्ता द्वारा शिवमहापुराण कार्यक्रम का VVIP पास का डुप्लीकेट कलर फोटोकाॅपी कर रहा है, इस सूचना पर प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल मौके पर जाकर छानबीन किया गया, दुकान में रितिक गुप्ता उपस्थित मिला, तलाशी लेने पर उसके फोटो काॅपी दुकान से व्हीव्हीआईपी पास का फोटो काॅपी 02 नग बरामद किया गया, साथ ही फोटोकापी कलर प्रिंटर मषीन इत्यादि जप्त कर उसकी दुकान को सील किया गया। 
        उक्त कार्यवाही में तहसीलदार श्री प्रमोद पटेल, श्री ऋतुराज सिंह, थाना कुनकुरी से स.उ.नि. मनोज कुमार साहू एवं थाना स्टाॅफ का योगदान रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था के संबंध में दिए निर्देश, अधिकारी फील्ड में जाकर समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करें

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में 'सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली' लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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जो भी भक्त शिव महापुराण की कथा मन से सुनता है भोले बाबा अपने भक्तों का कल्याण अवश्य करते हैं---- पंडित श्री प्रदीप मिश्रा 

कथा के चौथे दिन प्रभु श्री राम और पांडवों के वनवास काल के समय शिव भक्ति का वर्णन किया 

जशपुरवासी सौभाग्यशाली है कि साक्षात भोले शंकर प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के रूप में है विराजमान 

कुनकुरी/नारायणपुर : कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को कहा कि जो भी भगत महाशिवपुराण की कथा सुनने जाता है भोले बाबा उनकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। और उनकी झोली में खुशियां भर देते हैं। जो भी व्यक्ति मन से और श्रद्धा भाव से शिव की भक्ति करते हैं। उनके दुखों को दूर करने की जिम्मेदारी भोले बाबा की होती है। सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी  देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने शिव भक्तों को कथा सुनाते हुए कहा कि  प्रभु श्री राम भगवान 14 वर्ष के वनवास के लिए जा रहे थे तो उनके पिता  श्री दशरथ  जी ने उन्हें शिव की भक्ति करने के लिए कहा। पांडव पांचों भाई और उनकी पत्नी द्रोपदी के साथ वनवास गए तो उन्हें भी शिव की भक्ति करके अपने कष्टों को दूर करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जशपुर वासियों के लिए बड़ा सौभाग्य की बात है। साक्षात शिव जी मधेश्वर पहाड़ के रूप में जशपुर में विराजमान हैं और शिव भक्तों को अपनी कृपा बरसा रहे हैं। छत्तीसगढ़ी वासियों बहुत धन्य है प्रभु श्री राम ने वनवास काल का अधिकतम समय छत्तीसगढ़ में बिताया है। पंडित मिश्रा जी ने कहा किसी को फालो मत करना लेकिन शिव जी की फालो जरूर करना भोले बाबा ने..…. हमें चलना सिखाया सब भक्तो को मिलना सिखाया 
बहुत दे दिया है ... तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के चौथे दिन प्रभु श्री राम और पांडव की कथा सुनाया गया।

     कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
     जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

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शिवमहापुराण का तीसरा दिन : देव हो या मानव जिसने भी इस लोक में जन्म लिया उन्हें सुख के साथ दुख भी झेलना पड़ेगाः पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

 

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं ने सुनी शिव महापुराण कथा

जशपुरनगर, : शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने मानव जीवन में होने वाले सुख और दुख के क्षण में महाशिव पुराण किस तरह से शक्ति प्रदान करती है उसके महत्व को उजागर किया। 
  मयाली में मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा में कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जिसका भी जन्म मृत्युलोक में होता है उन्हें सुख के साथ दुख भी भोगना पड़ता है। भगवान राम हो या कृष्ण जिन्होंने जगत कल्याण के लिए इस लोक में जन्म लिया उन्हें भी कष्ट भोगना पड़ा। जिस तरह से छाता बारिश से बचाव करती है। उसी तरह शिव महापुराण बल देती है कष्ट को सहने की। उन्होंने कहा कि जिन्हें ज्यादा अपमानित किया जाता है, अवहेलना किया जाता है वहीं व्यक्ति आगे चलकर संसार में नाम कमाता है। 
    भारत की भूमि आज भगवा रंग में रंग गया है तो यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ही देन है। दया ही सबसे बड़ा धर्म है। जगत कल्याण के लिए जिन्होंने कष्ट सहा, फिर भी धर्म से नहीं भटके सही मायने में वह दिव्य पुरुष है। समुद्र मंथन में निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण कर समस्त लोक की रक्षा की है। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सभी देवी देवता रूप बदलते हैं। भगवान शिव को रूप बदलने को जरूरत नहीं पड़ती है। उनका एक ही रूप है। जिस तरह से भक्तगणों को मंदिर जाने की लालसा रहती है। उसी तरह भगवान शिव को भी भक्तों की श्रद्धा की ललक रहती है। सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और उनके परिवार के अन्य सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तगणों ने कथा स्थल आकर शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।

पहाड़ी कोरवाओं ने कथा स्थल आकर  शिव महापुराण कथा सुनी

आज शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन बोरोकोना, तहसील मनोरा से आए पहाड़ी कोरवाओं ने भी भक्ति रस की बह रही धारा में दिव्य स्नान किया। दिनेश राम, राजनाथ राम, रंजीत राम ने बताया कि आज  भगवान शिव की कथा सुन कर उनके मन को आत्मिक खुशी मिली। उन्होंने कहा कि पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में जिस प्रकार से शिव भक्ति के साथ ही जीवन जीने का संदेश दे रहे है। उसका पालन करने से जीवन सफल हो जाएगा।

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जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में 26 मार्च को निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन.... अघोर परिषद ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित शिविर में कई राज्यों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के इलाज का ग्रामीण जनता को मिलेगा लाभ

नारायणपुर : अघोर परिषद ट्रस्ट स्थापना दिवस के अवसर पर  जन सेवा अभेद आश्रम नारायणपुर-चिटकवाईन में 26 मार्च को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया जाएगा. इसकी जानकारी अघोर परिषद ट्रस्ट, नारायणपुर के द्वारा  जानकारी दी गई है.

   जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में अघोर परिषद ट्रस्ट, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी के सहयोग से आम जनमानस के कल्याणार्थ हेतू निःशुल्क चिकित्सा शिविर में कई राज्यों के चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ दवा प्रदान की जाएगी,इस चिकित्सा शिविर में यूपी और बिहार से कई जानें माने चिकित्सक मौजूद रहेंगे. मालूम हो कि संस्था द्वारा निशुक्ल स्वास्थ्य शिविर जगह जगह आयोजित होते रहते है

   इस चिकित्सा शिविर में मुख्य रुप से नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नाक कान गला रोग, चर्म रोग, हृदय रोग एवं अन्य रोगों के विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, सर्जन आदि अपनी सेवाएँ प्रदान करेगें इस शिविर में सभी रोगों का निःशुल्क परामर्श एवं असहायों को मुफ्त दवा प्रदान की जाएगी ।

   इस चिकित्सा शिविर में एलोपैथिक चिकित्सक के अलावा होम्योपैथी एवं फिजियोथेरेपी आदि के चिकित्सकगण भी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे,यह चिकित्सा शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।जन सेवा अभेद आश्रम के सदस्य गांव गांव जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दे रहे हैं।

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मयाली में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन :भोले बाबा को बस एक लोटा जल सारी समस्या का हल,पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश

जशपुर/कुनकुरी :  कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को संगीतमय वातावरण में भोले बाबा... ने बहुत दे दिया है ... तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को मांस मंदिरा तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया शिव की  आराधना शिव की भक्ति में मन लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें उसके बाद ही भोजन करें इससे तीन प्रकार की बीमारी ठीक हो जाती है। पहला घुटने का दर्द, दूसरा  रीड की हड्डी का दर्द और तीसरा सर का दर्द दूर हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कैलाश पर्वत पर नन्दी भोले बाबा के प्रिय क्यों है उनकी महत्ता बताई भक्तों को पंडित मिश्रा जी ने बताया कि कोई काम बहुत समय से सफल नहीं हो पा रहा है तो एक काम करो शिव की भक्ति करो। भक्तों को अहंकार से दूर रहने और अपने भीतर के बुरे विकारों को भी दूर करने के लिए कहा। 

     कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
     जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

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प्रदेश सरकार के आदेश को लेकर पंचयात सचिव हुए नाराज,कुनकुरी में आंदोलनरत सचिवों ने फूंकी आदेश की कापी, किया विरोध प्रदर्शन,जाने क्या है इसके पीछे की  वजह


नारायणपुर :-  कुनकुरी विकासखंड में प्रदेश सचिव संघ आव्हान पर दिनांक 17 मार्च से कुनकुरी जनपद पंचायत सचिव  अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है जिसके कारण  पंचायतों का काम काज पूरी तरह से ठप्प है।  आज 6वें दिन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार शासन द्वारा 24 घण्टे के भीतर हड़ताल समाप्त करते हुए अपने कर्तव्यों पर लौटने हेतु आदेश भेजा गया था जिसकी प्रतियां जला कर कुनकुरी जनपद के सचिवों ने  विरोध प्रदर्शन किया । जिसमें 51 पंचयात के सचिव धरने पर बैठे रहे 

पिछले 30 सालो से सचिवों के द्वारा शासकीय करन करने का मांग किया जा रहा है, विधानसभा चुनाव के पूर्व भा ज पा ने अपने घोषणा पत्र में पंचायत सचिवों का शासकीयकरण की मांग को शामिल किया था जिसको आज पर्यन्त पूरा नही किया गया है।

  आज प्रदेशभर में ग्राम पंचायत सचिवों ने हड़ताल बंद नहीं करने का ऐलान कर दिया। सरकार की चेतावनी के बाद भी सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं । सरकार के आदेश की कॉपी जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सचिवों ने सरकार पर दमनात्मक नीति अपनाने का  आरोप लगाया है। प्रदेश के सभी मुख्यालय में जनपद परिसर में सचिव संघ के सदस्यों ने सरकार के आदेश को जलाकर भारी नाराजगी व्यक्त की है

पंचायत सचिव संघ के सदस्यों ने कहा कि, शासकीयकरण की मांग को लेकर वह 17 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  मांग पुरी नहीं होने से पंचायत सचिव का हड़ताल जारी रहने वाला हैं आने वाले समय में हमारे परिवार के लोग भी हड़ताल पर रहेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी। हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। वहीं आने वाले 1 अप्रैल को पूरे प्रदेश के सचिव संघ मंत्रालय का घेराव करेंगे।

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मयाली में कलश यात्रा के  साथ शुरू हुआ शिव महापुराण कथा,उमड़े श्रद्धालु,कैलाश मानसरोवर यात्रा नहीं कर पाते वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले जीवन सार्थक हो जाएगा-पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

जशपुर/नारायणपुर :  हर हर महादेव से गूंजता पूरा स्थल, शिव भक्ति से डूबे श्रद्धालुगण, यहां का भक्तिमय वातावरण सचमुच चकित करने वाला था। शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से हो रहे भगवान शिव की दिव्य कथा ने भक्ति का ऐसा रस घोला की शिवभक्त झूमते नजर आए। आज शिव महापुराण कथा के पहले दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा। भारत भूमि पर और सनातन धर्म में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। महाराज ने देवराज ब्राह्मण के जीवन से जुड़े कथा को सुनाकर सार्थक कर्म कर जीवन जीने का संदेश भी दिया
     कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
     जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल, भोजन, पेयजल, पार्किंग,  अस्थाई शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा, रूट चार्ट, मेडिकल सहित अन्य व्यवस्था किया गया है। इसके साथ ही जिले के कोने कोने से 40 बसों को श्रदालुओं को लाने ले जाने के लिए स्पेशल परमिट जारी किया गया है।

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आईपीएल में मुंबई इंडियंस का पहले मैच में सूर्यकुमार यादव चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ करेंगे कप्तानी 

भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव 23 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ आईपीएल 2025 के अपने पहले मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करेंगे, नियमित कप्तान हार्दिक पांड्या ने इसकी पुष्टि की है।

पांड्या मुंबई इंडियंस के सीजन के पहले मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, क्योंकि उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगा हुआ है। टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ आईपीएल 2024 के अंतिम लीग मैच में धीमा ओवर-रेट दर्ज किया था, जो सीजन का उनका तीसरा अपराध भी था। सूर्यकुमार ने 2023 में एक आईपीएल मैच में मुंबई की कप्तानी की थी। पांड्या ने प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस, जिसमें वे बुधवार को मुख्य कोच माहेला जयवर्धने के साथ शामिल हुए थे, में कहा, सूर्यकुमार यादव भारत की भी कप्तानी करते हैं। वे आईपीएल 2025 के पहले मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करेंगे। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे साथ तीन कप्तान खेल रहे हैं – रोहित, सूर्य और बुमराह। वे हमेशा मेरे कंधे पर हाथ रखते हैं और जब भी मुझे किसी मदद की जरूरत होती है, तो वे हमेशा मौजूद रहते हैं।

मुंबई-चेन्नई मुकाबले के बारे में बात करते हुए जयवर्धने ने कहा, यह दोनों टीमों के लिए एक चुनौती है। मैंने हमेशा इस मुकाबले का लुत्फ उठाया है, और इसके लिए उत्साहित हूं। टीम के लिए थोड़ा और उत्साह भी है। मुंबई अपने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बिना खेल रही है, जो मार्च में सिडनी टेस्ट के दौरान लगी पीठ की चोट से उबर रहे हैं। जयवर्धने ने कहा कि बुमराह अभी भी बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब से गुजर रहे हैं। वह अभी भी एनसीए में है और दिन-प्रतिदिन उसकी निगरानी की जा रही है। वह ठीक हो रहा है और अच्छे मूड में है; उम्मीद है कि वह जल्द ही टीम से जुड़ जाएगा। पिछले साल मुंबई अंक तालिका में सबसे नीचे रहा और पांड्या ने कहा कि टीम आईपीएल 2025 में हर पहलू में अपना प्रदर्शन सही करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। बस अच्छा क्रिकेट खेलें। एक ही समय में एक-दूसरे के साथ रहें। प्रक्रियाओं को सही तरीके से करें। आगे बढ़ें और अमल करें। इस समूह के साथ, प्रतिभा को देखते हुए, हम मैचों का आनंद लेने के लिए आगे बढ़ेंगे।

पांड्या ने कहा, यह साल एक नया साल है। बहुत सी चीजें बदल गई हैं; बहुत सारा प्यार और खुशी जुड़ गई है। हमेशा जुनून और नई चुनौतियां होंगी जो मुझे पसंद हैं। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा टीम की मदद करना है ताकि टीम में मूल्य जोड़ा जा सके। पांड्या और जयवर्धने दोनों ने अंत में कहा कि दीपक चाहर और ट्रेंट बोल्ट को टीम में शामिल करना पांच बार के चैंपियन के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। पांड्या ने कहा, ट्रेंट बोल्ट को शामिल करना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। दीपक चाहर भी। हम एक अनुभवी गेंदबाजी लाइनअप चाहते थे, ताकि जब दबाव आए तो हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हों जो पहले भी दबाव महसूस कर चुके हों। जयवर्धने ने कहा, पिछले सीजन में हमें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन यह एक बड़ी नीलामी रही है, जिसके साथ हमारे पास एक नया कैनवास है। हमारी मुख्य टीम और नए खिलाडिय़ों के समूह के साथ, जिसमें वापसी करने वाले ट्रेंट बोल्ट भी शामिल हैं। हम पहेली को एक साथ रखना चाहते हैं और एक अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं!

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ओडिशा के गंजाम जिला में टोना-टोटका के संदेह में 3 लोगों की हत्या,हमले में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत,पुलिस ने एक दर्जन लोगों को किया गिरप्तार

ओडिशा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां टोना-टोटका के संदेह में 3 लोगों की हत्या कर दी गई है। गंजाम जिले के धराकोट ब्लॉक के बडग़ड़ थाना अंतर्गत खालीपल्ली गांव में टोना-टोटका के संदेह में ग्रामीणों के हमले में पिता-पुत्र की मौत हो गई है। वहीं, हमला होने पर पिता-पुत्र ने भी पलटवार किया था, इसमें 1 ग्रामीण की मौत हो गई है और 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 3 लोगों को गंभीर हालत में धराकोट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक तीन साल पहले टोना-टोटका के संदेह में ग्रामीणों ने गांव के 4 परिवारों पर प्रतिबंध लगाते हुए उनका बहिष्कार करते हुए उनकी पिटाई की थी। घटना के संबंध में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। हालांकि, दो परिवार डर के मारे गांव छोड़कर बाहर चले गए थे। घटना के छह माह बाद दोनों परिवार पुलिस की मदद से ग्रामीणों को समझाने-बुझाने के बाद गांव लौटे।इसके बाद से ही ग्रामीणों और उक्त परिवार के बीच झगड़ा लगा रहता था, जिसका नतीजा मंगलवार रात को देखने को मिला। रविवार रात को खदाल बेहरा द्वारा गांव में गाली-गलौज को लेकर बहस शुरू हुई। बहस के दौरान, उनके बेटे रत्नाकर बेहरा ने अचानक ग्रामीणों पर तलवार से हमला कर दिया, जिसमें चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर, ग्रामीणों के हमले में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया है।स्रोत एजेंसी

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की दी हार्दिक शुभकामनाएँ,पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की


 रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं।  पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है।
छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।  प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।
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भारतीय पेंशनर्स महासंघ जिला जशपुर के अध्यक्ष बने   रमेश चंद्र नंदे बने,मोदी की गारंटी के केंद्र से डीए डी आर देने की घोषणा को विष्णु देव साय सरकार झूठा साबित करने का कर रही है काम: प्रांताध्यक्ष श्री नामदेव

जशपुर: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव की अध्यक्षता में पेंशनर संगठन के विस्तार और जशपुर जिले में पेंशनरों की समस्याओं के निदान को लेकर जनपद पंचायत सभागार में पेंशनरों की बैठक संपन्न हुई, बैठक में रमेशचन्द्र नन्दे को जिला अध्यक्ष, मंगरा राम महतो को सचिव पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला जशपुर को सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया.
          बैठक में प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने पेंशनरों के महंगाई राहत रोके जाने पर सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मध्य प्रदेश राज्य पुर्नगठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के नाम पर अन्याय कर रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत केंद्र के देय तिथि से डीए डीआर देने की घोषणा को विष्णु देव साय सरकार झूठा साबित करने का काम कर रही है। इसके अलावा पेंशनरों की सारांशीकरण राशि की कटौती की अवधि कम करने, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन देने, दैनिक वेतनभोगी की संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन गणना में शामिल करने, रेल यात्रा में छूट को पुनः बहाल करने पेंशनरों की मृत्यु पर एग्रेसिया देने,पेन्सनरों को आयकर से मुक्त करने, भारत भ्रमण की सुविधा देने, राज्य में बस यात्रा में छूट के आदेश का परिपालन करने कैशलेश मेडिकल की सुविधा देने आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। 
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का संगठनात्मक दौरा कार्यक्रम की इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के साथ प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश कोषाध्यक्ष बी एस दसमेर, प्रदेश संगठन मंत्री टी पी सिंह, प्रदेश संयोजक,सेवानिवृत दैनिक वेतन भोगी कार्यभारित कर्मचारी (पेंशनर) प्रकोष्ठ के श्री अनिल पाठक भी उपस्थित थे.पेन्सनर्स महासंध की बैठक मे सर्वश्री सुधीर पाठक दिनेश राम प्रदीप मिश्रा,बरनू राम राजकुमार षडंगी,सुखनाथ राम महतो, बिजय बिहारी के आर भगत, संतन प्रसाद बसंत थापा संदीप दास सुरेश प्रसाद सोनी मनहरण त्रिपाठी सुनील सिन्हा अनिल शर्मा के आर भगत गोविन्दप्रसाद मिश्रा पिताम्बर सिंह, सी. के. शाह,सत्यनारायण नन्दे एवं अन्य सेवानिवृत कर्मचारी बडी संख्या मे उपस्थित थे.

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महाशिवपुरण कथा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने तैयार किया है ले आउट भोजन, पार्किंग, चिकित्सा सुविधा, शौचालय, खोया पाया केंद्र नक्शा में  दर्शाया गया 

जशपुर : कुनकुरी के मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास महाशिवपुराण कथा का आयोजन 21 से 27 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी के द्वारा महाशिवपुराण कथा सुनाया जाएगा 
कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने ले आउट तैयार किया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए जिसमें भोजन, पार्किंग, शौचालय , पेयजल, खोया पाया केंद्र, लोगों के लिए अस्पताल की सुविधा, सहित महत्वपूर्ण जानकारी ले आउट में दर्शाया गया है।

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कुनकुरी के मयाली में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा कल से : पुलिस ने एडवाइजरी जारी की, ये वस्तुएं रहेगी प्रतिबंधित

जशपुर : कथावाचक सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा आज से जशपुर जिले में हैं। कुनकुरी के मयाली में शिव महापुराण कथा का आयोजन 21 मार्च से 27 मार्च तक होने जा रहा है । जिसको लेकर आयोजन स्थल पर तैयारी भी जोरों से जारी है। यहां गर्मी को देखते हुए भक्तों की सुविधा के लिए खास तौर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। कल से शुरू होने वाले शिव महापुराण को लेकर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है.

श्री शिव महापुराण कथा, मायली , प्रशासन/ पुलिस की अपील
क्या ना करें:-
1. अपने साथ चाकू, छुरी, ब्लेड, सूजा या अन्य नुकीली धारदार औजार/ हथियार रखकर न आवें।
2. अपने साथ केरोसिन, पेट्रोल, डीजल, तेजाब, लाइटर, माचिस या अन्य ज्वलनशील पदार्थ ना रखें। किसी के भ्रामक बातों/ अफवाहो/ भड़कावे में ना में आवें। याद रखें यह असामाजिक तत्वों के द्वारा आपको गुमराह करने के लिए सोची समझी चाल हो सकती है।
3. कथा स्थल पर जरूरत से ज्यादा सामान ना लावे।
4. चोरी, उठाई गिरी, झपटमारी जैसे अपराध से बचने के लिए अपने साथ बहुमूल्य वस्तुएं ना रखें। सोने-चांदी इत्यादि बहुमूल्य धातुओं के आभूषण आवश्यकता से अधिक धारण न करें।
5. अपने वाहनों को रोड में खड़ा ना करें l
6. बच्चों, निशक्तजनों एवं वृद्धो को भीड़ में अकेले ना छोड़े।
7. किसी भी प्रकार की नशीली/ मादक पदार्थ बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, शराब इत्यादि का सेवन कर या साथ में रखकर न आएं।


क्या करें
1. अपना वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करें।
2. किसी भी प्रकार के अवैध गतिविधि/ भ्रामक बातों/ अफवाहों की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना,चौकी, सहायता केंद्र, उपस्थित पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी को दें।
3. प्रशासन, पुलिस व स्वयंसेवी आपके सहायता, सुरक्षा और सहयोग के लिए हैं, इनके निर्देशों का पालन करें।
4. बच्चों, अन्य परिवारजनों/ साथियों के गुम हो जाने पर तत्काल खोया-पाया केंद्र, नजदीकी पुलिस थाना,चौकी, सहायता केंद्र, उपस्थित पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी को दें।
5. स्वच्छता अभियान में सहभागी बने। कचरों को फैलाएं नहीं, डस्टबिन में ही डालें।
6. अपने परिजनों से बिछड़े बच्चों, निशक्तजनों, वृद्धों को खोया/ पाया केंद्र में पहुंचने में मदद करे।


संपर्क नंबर:-
पुलिस कंट्रोल रूम मयाली-9243831542
पुलिस कंट्रोल रूम जशपुर-9479193699, +919926493699
पुलिस अधीक्षक जशपुर
 9826183921
अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक जशपुर 9425546200,
एसडीओपी कुनकुरी 9406072001,
थाना प्रभारी कुनकुरी 7000942596,

प्रशासन 
एसडीएम कुनकुरी 7974009456,
तहसीलदार कुनकुरी 7806036020,

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