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गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा विकास का नया ट्रैक : डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने आज रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत परियोजनाओं में  ₹2,223 करोड़ लागत की गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जो प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार कर रहा है। “डबल इंजन सरकार” के समर्पित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है।  उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि इस परियोजना से सम्पूर्ण मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का रेल नेटवर्क आधुनिकता, गति और जनसुविधा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ को इस दिशा में जो निरंतर सहयोग मिल रहा है, वह राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार का सशक्त आधार बनेगा।

उल्लेखनीय है कि 84 किलोमीटर लंबी परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुजरेगी। इसे पांच वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत 15 प्रमुख पुल, 123 लघु पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा।

आकांक्षी जिला राजनांदगांव में यह परियोजना न केवल यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और निवेश को भी नई दिशा देगी। यह रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती प्रदान करेगा।

परियोजना पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा। इससे रेलवे की आमदनी में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी का लाभ मिलेगा, जो पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह पहल हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई रेल लाइन के माध्यम से रायगढ़ मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी, जिससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक तंत्र दोनों को स्थायित्व मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन का सशक्त आधार प्रदान करेगी।यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने और “विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने राजस्व विभाग की बैठक ले राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 जशपुरनगर, 07 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करें।
       बैठक में कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नम्बर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित नामांतरण, फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख शुद्धता एवं व्यपर्वतन जैसे मामलों की विस्तृत समीक्षा की । कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप और तय समय पर पूरा करें। कलेक्टर श्री व्यास ने भू-अर्जन एवं मुआवजा से जुड़े प्रकरणों की भी जानकारी ली और इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही डिजिटल हस्तांतरित खसरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर श्री व्यास ने मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं प्रधानमंत्री पोर्टल में प्राप्त लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु निर्देशित भी किया। 
     बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने आदि कर्मयोगी अभियान को जिले में प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर प्रभावित परिवारों को सहायता राशि प्रदान करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने जनपद पंचायत, समाज कल्याण और मत्स्य पालन विभाग की ली समीक्षा बैठक

   जशपुरनगर, 07 अक्टूबर  2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जनपद पंचायत, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, समाज कल्याण और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
     बैठक के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वच्छता अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, सेग्रीगेशन शेड की प्रगति, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, फीकल स्लज मैनेजमेंट की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इसके सफल क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों, सखी वन स्टॉप भवनों, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों  को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही समस्त आवासों को जियो टैगिंग करने को कहा। उन्होंने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिन पात्र हितग्राहियों का आधार लिंक नहीं हो पाया है, उनके प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
     राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में कलेक्टर ने अधिकारियों को अधिक से अधिक महिलाओं को बिहान योजना से होने वाले लाभों के प्रति जागरूक कर इससे जोड़ने को कहा। इसके अलावा उन्होंने स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज बढ़ाने को कहा, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सके।  कलेक्टर ने एफपीओ से जुड़ी महिला किसानों को सशक्त बनाकर उनकी उत्पादकता और आमदनी में वृद्धि लाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश दिए। 
 मत्स्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने शासकीय तालाबों के पट्टा आबंटन की स्थिति की जानकारी ली तथा शेष तालाबों में मत्स्य पालन गतिविधि प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय रोजगार के अवसर मिल सकें। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाईन गेटमनी सुविधा प्रारंभ प्रारंभ


 
जशपुर 7 अक्टूबर 25/ जिले के कुनकुरी परिक्षेत्र अन्तर्गत स्थित मयाली नेचर कैम्प सभी ऋतुओं में एक मनोहारी दृश्य के रूप में प्रतीत होता है। यह क्षेत्र साल के लहलहाते वनों से आच्छादित है जिससे छोटी बड़ी नालायें वृहद संख्या में निकलती है जो कि नीचे जाकर मैदानी इलाकों को जीवन्त बनाती है। यह क्षेत्र जशपुर जिले को प्रकृति का अनुपम उपहार है।

मयाली नेचर कैम्प देवबोरा तथा मयाली ग्राम के बीच में स्थित है। यह स्थान पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ, जो साहसिक कार्य पसंद करते हैं उनके लिये लंबी दूरी की पैदल यात्रा के लिये भी उपयुक्त स्थल है। वर्तमान में मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाईन गेटमनी सुविधा प्रारंभ की गई है। आम जनमानस से अपील किया जाता है कि अधिक से अधिक संख्या में ऑन लाईन सुविधा का लाभ उठाएं।

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महिलाओं को मिला रोजगार : जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को मिल रहा लाभ

जशपुर, 07 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत ग्राम कुटमा, में पी.एम. जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है।
 महिलाओं के लिए दोना-पत्तल निर्माण केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र का संचालन मीनू लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती फूलों बाई कर रही हैं।

इस केन्द्र में समूह की महिलाएं माहुल पत्तों से मशीनों की सहायता से पर्यावरण अनुकूल दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बनेगी, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

वन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

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मनरेगा का डबरी ने खोले समृद्धि के द्वार, बहेराडीह के दुलार सिंह का सपना हुआ साकार

 रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने साकार रूप दिया है।

       डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए  2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।

        श्री दुलार सिंह बताते हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण से अब मेरी खेती सिंचित हो रही है। इससे धान के साथ-साथ मेढ़ पर सब्ज़ियाँ भी उगा पा रहा हूँ। डबरी में रोहू एवं पंगास मछली 2 कि.ग्रा. मछली के बीज डाले गये है। आगामी माह में मछली 01 किलो होने के बाद इन्होने बाजार में बिक्री करेंगे, जिससे आमदनी प्राप्त होगी। श्री दुलार सिंह अपने निर्मित डबरी के मेंड़ पार पर हल्दी एवं तिल का फसल लगाया हुआ है, जिसे वह हल्दी एवं तिल को अपने घर के लिये उपयोग करेंगे। मत्स्य पालन और पशुपालन से घर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पंचायत सरपंच एवं रोजगार सहायक ने बताया कि इस कार्य से गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीण अब अपनी भूमि पर जल संरक्षण संरचनाएँ बनवाने हेतु आगे आ रहे हैं। इस डबरी निर्माण कार्य ने न केवल श्री दुलार सिंह के जीवन में स्थायी आजीविका का आधार तैयार किया है, बल्कि यह मनरेगा के उद्देश्य रोजगार के साथ स्थायी संपत्ति निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।

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विलंब शुल्क के साथ अब खिलाड़ी कर सकेंगे जशपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट में प्रवेश के लिए पंजीयन

जशपुर नगर ‌ 07 अक्टूबर 2025 : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का आयोजन 11 से 13 अक्टूबर तक कराया जा रहा है। 

आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम विश्वासराव मस्के से प्राप्त जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों के पंजीयन के लिए 6 अक्टूबर अंतिम तिथि थी। अब खिलाड़ी 8 अक्टूबर की रात 12:00 बजे तक ₹250 विलंब शुल्क के पंजीयन कर सकते हैं ‌। यह विलंब शुल्क , प्रवेश शुल्क के साथ खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग जशपुर के खाते में जमा करना अनिवार्य होगा। अभी तक 155 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पंजीयन किया है, जिसमें जशपुर जिले के 99 और अन्य जिलों के 56 खिलाड़ी शामिल हैं।
  
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के द्वारा सर्वप्रथम पंजीयन करने वाले 50 पुरुष और 30 महिला खिलाड़ियों  को डॉरमेट्री आधारित निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को रियायती दरों पर लॉज , होटल तथा‌ टूर्नामेंट स्थल पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले के निवासी इस टूर्नामेंट में प्रवेश ले सकते हैं। जशपुर जिले के स्थायी निवासियों के लिए प्रवेश शुल्क ₹100 और अन्य जिलों के निवासियों के लिए ₹500 के साथ ही अतिरिक्त विलंब शुल्क ₹250 देना होगा। टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए अलग से छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन में वर्ष 2025-26 के लिए लागू शुल्क जमा कर सदस्यता लेनी होगी। जशपुर जिले के निवासियों के लिए 75 रुपए और अन्य जिले के निवासियों के लिए यह पंजीयन शुल्क ₹150 है। जिन खिलाड़ियों ने पहले से सदस्यता ली हुई है उन्हें दुबारा पंजीयन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आयोजन समिति के सदस्य अवनीश पांडेय 7828697878 और प्रदीप चौरसिया 7587460009 से संपर्क किया जा सकता है।

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संघ के स्वयंसेवकों ने शताब्दी वर्ष पर दोकडा में किया भव्य भव्य पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन का आयोजन.....पूर्व सैनिक बने मुख्य अतिथि, फूल बरसा कर नगर वासियों ने किया स्वागत....

नारायणपुर/दोकडा 07 अक्टूबर 2025 :  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मंडल दोकड़ा द्वारा सोमवार 6 अक्टूबर 2025 को पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के 10 ग्रामों के 130 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल भवन से हुआ और पूरा संचलन श्री जगन्नाथ मंदिर होकर मुख्य चौक चौराहे होकर गुजरा,जहां पथ संचलन कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक को फूल बरसा कर स्वागत किया गया।

    संचलन में मुख्य अतिथि के रूप में नैनसुख राम भगत, पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “देश सेवा का सर्वोच्च माध्यम संघ कार्य है, जो व्यक्ति राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करता है वही सच्चा सेवक कहलाता है।”मुख्य वक्ता के रूप में श्री नारायण नामदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि “संघ के कार्यों के माध्यम से समाज में संगठन, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है।” उन्होंने संघ के सेवाकार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ वर्षों से सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य कर रहा है।उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघ जीवनभर सीखने और समाज के लिए कुछ करने की भावना सिखाता है। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता, स्वदेशी अभियान, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर विशेष चर्चा की गई।इस अवसर पर नगर के अनेक स्वयंसेवक, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम,वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में जीते 22 पदक...... मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी  बधाई

रायपुर, 6 अक्टूबर 2025/ नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।

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पहली बार जशपुर को मिला 61 करोड़ का सीएसआर फंड.....इससे अस्पताल और तीरंदाजी और स्कूल भवनो का होगा निर्माण

जशपुरनगर 6 अक्टूबर 25‌ / लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतेहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।इसी का नतीजा है कि जशपुर जिले को पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्यो के लिए आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा,शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसीत करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। 
    35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल -
जिला मुख्यालय जशपुर में 35 करोड़ से सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। 17 करोड़ से तैयार होने वाला इस अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटी स्कैन,एमआरआई,आईसीयू,आईसीसीयू,डायलिसिस,आपातकालिन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सा,नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर,रांची,झारसुगड़ा,रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी। 
  20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्र -
  सीएसआर फंड से जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासिय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंर्तराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंर्तराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल प्राप्त करना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी। जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल  सकेगा। 
   आठ स्कूल भवन का होगा निर्माण -
  सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी,गारीघाट,कंदईबहार,कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार,कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार,लोधमा,बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं

जशपुरनगर, 06 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
   जनदर्शन के दौरान आज कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका संबंधी और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण....केंद्रीय रक्षा मंत्री से मिलकर प्रदेश में सेना भर्ती रैली का रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे  विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से की सौजन्य भेंट....राज्योत्सव के समापन समारोह में होंगे शामिल 

नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

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खेती में डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम : धान बेचने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य  

रायपुर, 06 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के जीवन में तकनीक के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब राज्य में एग्रीस्टैक पोर्टल को तेजी से लागू किया जा रहा है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक संरचना है, जो खेती से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।

क्या है एग्रीस्टैक पोर्टल
          एग्रीस्टैक एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम है, जिसमें किसान की पहचान, जमीन का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और कृषि संबंधी गतिविधियों का पूरा विवरण एकीकृत रूप से दर्ज किया जाता है। इस डेटा का उपयोग किसान की सहमति से ही साझा किया जाता है, जिससे उसकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
धान विक्रय के लिए अनिवार्य पंजीयन
          इस वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पारदर्शिता लाने और किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते तक पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
किसानों को मिल रहे सीधे लाभ
        एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों को अब योजनाओं, सब्सिडियों और सहायता राशि की जानकारी सीधे मिल रही है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि लाभ वितरण की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शिता आएगी।
पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और निःशुल्क
        किसानों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान है। किसान अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपनी सहकारी सोसायटी में जाकर निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और किसान को तुरंत डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है।
24 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं
        राज्यभर में अब तक 24 लाख से अधिक किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़कर डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ उठाना शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी रबी सत्र तक राज्य के सभी पात्र किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर लाभ उठाना सुनिश्चित करें।
डिजिटल खेती, समृद्ध किसान
       एग्रीस्टैक पोर्टल भविष्य में कृषि योजनाओं की रीढ़ साबित होगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि खेती को वैज्ञानिक, योजनाबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

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2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित....छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी

रायपुर, 6 अक्टूबर 2025
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।
निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज
भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।
प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

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जशपुर में गूंजेगी नागपुरी धुनें – श्री हरि कीर्तन भवन में 10 अक्टूबर को होगी भव्य नागपुरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन.....नागपुरी कला, गीत-संगीत और लोकसंस्कृति की दिखेगी अद्भुत झलक 

जशपुर 06 अक्टूबर 2025 :  दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष चिंटू गुप्ता ने जानकारी दी कि श्री हरि कीर्तन भवन, जशपुर में आगामी 10 अक्टूबर (शुक्रवार) 2025 को एक भव्य नागपुरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रात 8 बजे से शुरू होगा, जिसमें नागपुरी कला, गीत-संगीत और लोकसंस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी।

इस रंगारंग आयोजन में नागपुरी लोकसंगीत जगत के प्रसिद्ध कलाकार पवन, सुहाना देवी, बरखा बहादुर और पंकज अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नगाड़ा, ढोल, मांदर और नृत्य की थिरकन से पूरा वातावरण झूम उठेगा।

श्री हरि कीर्तन भवन समिति ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संस्कृति और परंपरा को संजोना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना है।

भवन प्रबंधन ने सभी नगरवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस धमाकेदार नागपुरी रात को सफल बनाएं और जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करें।

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बादलखोल अभ्यारण्य : अंगद के पैर की तरह वर्षों से जमे कर्मचारी......कोई हिला नहीं सकता

जशपुर/नारायणपुर 07 अक्टूबर 2025 : बादलखोल अभ्यारण्य में कुछ कर्मचारियों ने अंगद की तरह पांव जमा दिया है। कई कर्मचारियों का सालों से तबादला नहीं हुआ है। कुछ अपनी पदस्थी दिनांक से लेकर आज तक एक ही स्थान पर अंगद के पैर की तरह जमे हुए हैं। कई बार प्रमोशन पाकर सेटिंग कर उसी जगह जमे हुए है। कर्मचारियों के पुराने होने की वजह से अधिकारियों से उनके संबंध अच्छे हो गए हैं। इस कारण बादलखोल अभ्यारण्य में इनकी इजाजत के बगैर एक पत्ता भी नहीं हिलता है। अधिकारी इन कर्मचारियों से ही सलाह लेते।
   यही कारण है कि इन कर्मचारियों के कालर हमेशा खड़े रहते हैं। उधर विभाग के नए कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि नए कर्मचारी दिन भर काम में लगे रहते हैं बाकी के पुराने कर्मचारी समय गुजारते दिखते हैं। वहीं उच्च अधिकारियों के दौरे की भनक सबसे पहले इनको लगती है। इस कारण यह पहले से ही वहां मौजूद हो जाते हैं। इसलिए अधिकारियों को लगता है, इनसे ज्यादा कर्मठ कर्मचारी कोई नहीं है।

  जो भी कर्मचारी यहां एक बार जम जाता है, वह यहां से जाने का नाम नहीं लेता है। ऐसे कर्मचारी अधिकारियों के आगे-पीछे उनकी जी हुजूरी करते कभी भी देखे जा सकते हैं। यंहा ऐसे कुछ कर्मचारी आज भी कार्यरत हैं, जो अपने अधिकारी तक पर भारी पड़ जाते हैं। किन्हीं कारणों से यदि कर्मचारी को स्थानांतरित कर भी दिया जाता है तो वह स्थानांतरण रुकवा कर नहले पर दहला जडऩे जैसा कार्य कर सभी को चौका देता है। ऐसे कर्मचारियों के कारण भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। ये कर्मचारी काम कम अपने अधिकारियों की दलाली करने में ज्यादा मशगूल रहते हैं। 

शासकीय नियम

 शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों के एक स्थान पर तीन वर्ष पूर्ण होने पर उनका अन्यंत्र स्थान पर स्थानांतरण किया जाना आवश्यक है, लेकिन बादलखोल अभ्यारण्य में ऐसे कर्मचारी हैं, जो अपनी पदस्थापना से लेकर एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिनके द्वारा शासकीय कार्य को दरकिनार कर अधिकारियों की चापलूसी अथवा दलाली का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। ऐसे कर्मचारियों को अधिकारियों द्वारा भी तबज्जो दी जाती है। कुछ ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्हें अवैध रूप से हो रहे वन कटाई से कोई लेना-देना नहीं है। अगर विभाग में निर्माण कार्य जैसे तालाब,डेम,पुल पुलिया,सड़क निर्माण अगर इनके बिट सर्किल में काम हो तो पूरा समय देते दिखाई जरूर देंगे क्योंकि वँहा से अतिरिक्त फायदा जो मिलता है। निर्माण कार्य मे वाहन लगाना हो तो स्वयं का या अपने चेहतों का लगाना पसंद करते है। ऐसे विभिन्न राजनैतिक दलों तले नेतागीरी कर अपनी राजनैतिक पैठ बनाने की जुगत में भी लगे रहते हैं। ऐसे कर्मचारियों के भरोसे क्या शासकीय कार्यों का निपटारा समय पर होना संभव है? 

भ्रष्टाचार को मिल रहा बढ़ावा

शासकीय तबादला नीति को धता बताते हुए वर्षों से जमे शासकीय कर्मचारियों ने जन सामान्य में अपनी गहरी पैठ बना रखी है। शासकीय कार्यालयों से संबंधित कोई भी कार्य इनकी मर्जी के बिना कराना असंभव है। फिर चाहे वह कार्य वैध हो अथवा अवैध। इन कर्मचारियों के माध्यम से ही अधिकारियों की पौ बारह होती रहती है, जिससे ये कर्मचारी अपने अधिकारियों के भी चहेते बने रहते हैं, साथ ही अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने से कतराते रहते हैं। फिर मामला कितना ही संगीन ही क्यों न हो। 

  उच्च अधिकारियों की जानकारी में हैं ऐसे कर्मचारी

ऐसा भी नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों के बारे में जानकारी न हो। उनके क्रिया कलापों के बारे में समूची जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारी तक इन कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के मामले में विवश नजर आ रहे हैं। ऐसे में भय भूख और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का प्रदेश सरकार का सपना कैसे पूरा होगा

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