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जे ई ई एवं नीट के लिए जिले के के बच्चों को मिलेगी निःशुल्क तैयारी की सुविधा 

जशपुर : जिला कलेक्टर रोहित व्यास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के निर्देश में तथा यशस्वी जशपुर के समन्वय से जिले में समस्त शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 11वीं 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए जेईई नीट जैसे परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष पहल की जा रही है। ओपन लिंक्स फाउंडेशन प्रोग्राम मैनेजर  राजेंद्र विश्वकर्मा ने जिले के हायर सेकेंडरी विद्यालयों के फिजिक्स विषय के व्याख्याताओं को जानकारी देते हुए बताया  कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान किया जा रहा है। ओपन लिंक फाउंडेशन और अवंती फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान से स्कूल से ही कोचिंग की बेहतर व्यवस्था, उत्तम रीडिंग मैटेरियल प्रदान करना  उसके साथ ही प्रत्येक 15 दिनों में टेस्ट पेपर की सीरीज उपलब्ध करवाई जाएगी।   कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजन पश्चात सॉल्यूशन भी प्रदान किए जाएंगे।  इन सभी प्रक्रियाओं में समस्त हायर सेकेंडरी स्कूल के  कक्षा ग्यारहवीं और 12वीं के विज्ञान संकाय के सभी विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।  रजिस्टर हुए विद्यार्थियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा।  यह कार्यक्रम  जिले में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा , जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित होगा।  इस कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडे,  संजय दास , दीपक ग्वाला एवं ओपन लिंक्स  फाउंडेशन से सोमनाथ साहू , समस्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं जिले के विज्ञान और भौतिकी  संकाय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

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CG Big News : मैनपाट प्रशिक्षण शिविर हो गया संपन्न, पर बयानबाजी का सिलसिला जारी..कांग्रेस विधायक ने बताया मौज-मस्ती का जरिया, तो भाजपा सांसद ने कही संगठन मजबूती की बात..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/दुर्ग। मैनपाट में भारतीय जनता पार्टी ने चिंतन और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था. पार्टी के विधायकों और सांसदों के लिए,आयोजित शिविर के समाप्त होने के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है. कांग्रेस ने भाजपा के इस शिविर को जहां मौज-मस्ती बताया, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इसे संगठन मजबूती का जरिया बताया है.

दरअसल, शिविर को लेकर दुर्ग सांसद और भाजपा नेता विजय बघेल ने कहा कि भाजपा एक सिद्धांतवादी पार्टी है, जो राष्ट्र और जनहित को सर्वोपरि मानती है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर समय-समय पर नए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित किए जाते हैं, ताकि उन्हें पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यशैली और महापुरुषों के सिद्धांतों की गहराई से जानकारी दी जा सके. बघेल ने बताया कि शिविर में महापुरुषों के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करने पर विशेष बल दिया गया.

फिलहाल, दूसरी ओर भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने इस शिविर को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह शिविर असल में सिर्फ मौज-मस्ती और घूमने-फिरने के लिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति और नियत सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित है. यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इस शिविर में चुनावी रणनीति के तहत मतदाता सूची में गड़बड़ी, नाम कटवाने और चुनाव को प्रभावित करने जैसी बातों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसी खूबसूरत जगह को भ्रमण स्थल बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है.

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CG News : सड़क पर कांग्रेस का चक्काजाम.! जिस सड़क पर पहले भाजपा ने धरना दिया, अब वहीं कांग्रेस विधायक ने बैठकर किया विरोध प्रदर्शन..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/खैरागढ़. आठ वर्षों से मौत के गड्ढों में तब्दील हो चुकी डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क पर रविवार को कांग्रेस ने चक्काजाम (Congress Protest) कर प्रदर्शन किया. विरोध का नेतृत्व कर रहीं डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल खुद सड़क पर बैठ गईं. वर्षों से आवाजाही और विकास की राह रोक कर बैठी यह सड़क अब राजनीति का मंच बन चुकी है, जहां पहले भाजपा प्रदर्शन करती थी, अब वहीं कांग्रेस कर रही है.

दरअसल, खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक इतनी जर्जर है कि सड़क में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है. बरसात में इन गड्ढों में पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है. मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है.

कांग्रेस विधायक ने अनुविभागीय अधिकारी को लिखा पत्र जिम्मेदारी किसकी? जनता के लिए कोई जवाब नहीं

दरअसल, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है. वहीं, विभागीय पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. सरकारी कागजों में सड़क बनी रहती है, जमीनी हकीकत में गड्ढे और धूल उड़ती रहती है.

गड्डों वाली सड़क बनी फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच

फिलहाल, बीते पांच वर्षों में कांग्रेस की सरकार थी तो भाजपा ने इसी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, आज भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस सवाल उठा रही है. इस बीच सड़क पर नारे बदलते गए, नेता बदलते गए, लेकिन गड्ढे वहीं के वहीं रह गए. यह सड़क अब जनता के लिए आवाजाही का मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बन गई है. जब सत्ता में रहते हैं, तब फाइलें चुप रहती हैं, सड़कें टूटी रहती हैं. विपक्ष में जाते ही सड़कें भी याद आने लगती हैं, और जनता भी. इस सड़क पर गिरते संभलते लोगों के मन में अब सिर्फ एक सवाल है – सड़क कब बनेगी? या यह सड़क हमेशा सत्ता और विपक्ष की राजनीति में पिसती रहेगी, और जनता गड्ढों में गिरकर ही हर बार चुनावी वादे याद करती रहेगी?

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CG Road Accident : भीषण सड़क हादसा.! नहर में कार गिरने से 3 लोगों की मौत..दो की हालत गंभीर..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सूरजपुर। जिले के विश्रामपुर से शादी की सालगिरह समारोह में शामिल होने बिहार गया एक परिवार भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया है। पटना जिले के रानी तालाब इलाके में उनकी कार अनियंत्रित होकर सोन नहर में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार सभी मृतक विश्रामपुर के निवासी थे। घायलों में नंदन सिंह और उनकी बेटी शामिल हैं। जिनका इलाज अभी पटना एम्स में चल रहा है। बताया जा रहा है कि विश्रामपुर निवासी नंदन सिंह अपने परिवार के साथ कार से बिहार के वैशाली नगर जा रहे थे। जहां वे परिवार के शादी के सालगिरह समारोह में शामिल होने जा रहे थे।

फिलहाल, रास्ते में पटना के रानी तालाब थाना क्षेत्र के सरैया गांव के पास अचानक कार बेकाबू हो गई और सोन नहर में जा गिरी। बताया जा रहा है कि गाड़ी चलाते समय नंदन सिंह को नींद आ गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को नहर से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। घटना से विश्रामपुर में भी शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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CG Big News : एक्शन में DEO.! एक साथ स्कूल से 9 शिक्षक,3 प्यून थे अनुपस्थित..कारण बताओ नोटिस जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बस्तर। जिले के एक स्कूल में एक दिन में 9 शिक्षक एक साथ अनुपस्थित पाए गए। साथ ही इसी स्कूल के 3 प्यून भी नदारद रहे। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का अचानक निरीक्षण किया। वहीं अनुपस्थित शिक्षकों और प्यून को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। सभी से 3 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है।

दरअसल, DEO बीआर बघेल ने 12 जुलाई को जिले के बास्तानार और तोकापाल ब्लॉक के कई स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुबह करीब 7:40 को तोकापाल ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मावलीभाटा स्कूल पहुंचे। वहीं निरीक्षण के दौरान स्कूल के 9 टीचर्स सहित 3 प्यून अनुपस्थित मिले।

वहीं DEO ने एक्शन लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। हायर सेकेंडरी स्कूल मावलीभाटा के निरीक्षण में व्याख्याता नियमित नगेश कुमार दास, व्याख्याता एलबी लोकेश कुमार नाग, गेंदकुमारी तिवारी, कुमारी पूजा ठाकुर, अंशुमाला मिंज, नियमित

फिलहाल, शिक्षक उग्रेश कुमार सोरी, शिक्षक एलबी राधाकृष्ण ध्रुव, दुतिका कश्यप एवं अनिता ठाकुर को नोटिस थमाया गया है। इनके अलावा प्यून बुधमनी बघेल, दीपिका सेठिया और चंद्रकला बघेल को भी जारी किया गया है।

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CG Big News : इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता प्रेम राजन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात..विष्णुदेव साय ने दी बधाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक विजेता पावरलिफ्टर प्रेम राजन रौतिया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

दरअसल, प्रेम राजन रौतिया महासमुंद जिले के पिथौरा के निवासी हैं। उन्होंने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 तक नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स में अंडर-30 कैटेगरी में भाग लेते हुए 735 किलोग्राम भार उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दिलाई है।

फिलहाल, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिन्होंने रौतिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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CG Big News : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025.! छत्तीसगढ़ के 7 नगरीय निकायों को राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी पुरस्कृत..CM साय और डिप्टी सीएम साव ने दी बधाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है. नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी. इस अवसर पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे.

वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी. स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों की श्रेणी में और बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड प्रदान किया जाएगा.

वहीं, स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है. इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं और वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं. इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत और बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है.

दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन और विकास विभाग और स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है. उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं.

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है. यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है. बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा. मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा.”

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बगीचा के रोकड़ा में लगाया गया सुशासन शिविर : समाधान शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को मिला समस्याओं का समाधान...मुख्य अतिथि रही जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत

बगीचा/नारायणपुर :-राज्य सरकार द्वारा सुशासन शिविर के तहत ग्रामीण अंचलों तक शासन-प्रशासन की पहुँच सुनिश्चित करने का कार्य लगातार जारी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रोकड़ा में शनिवार 12 जुलाई को जिला स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। पाठ क्षेत्र में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं की जानकारी देना था।शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां 05 ग्राम पंचायतों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत किए।

   शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों में गति लाने तथा जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत रोकड़ा कलस्टर में  07 से 12 जुलाई तक देवडाड़, गायबुढा, सोनगेरसा, सारूढाब, रोकड़ा महादेवजाबला कुल 06 शिविर का आयोजन किया गया ।

इसी कड़ी में विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत रोकड़ा में आज सुशासन शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत रही, जो अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को राशन कार्ड सहित अन्य योजना की सामग्री वितरित किए।शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए “गोद भराई” कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विधायक ने भाग लेकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत स्कूल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

   विधायक श्रीमती भगत ने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुशासन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान उनके द्वार पर पहुंचकर किया जा सके, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो और आमजन को राहत मिले।”


जिला स्तरीय सुशासन शिविर रोकड़ा क्लस्टर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मत्स्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, केडा विभाग, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, पशुधान विकास विभाग, रेशम विभाग, जल संसाधन विभाग एवं खाद्यय विभाग के जिला एवं विकास खण्ड स्तरीय अधिकारीयों द्वारा अपनी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दिया गया। विषेश रूप से सहायक आयुक्त महोदय द्वारा धरती आबा के अन्तर्गत 17 मंत्रालय एवं इससे संबंद्ध 25 गतिविधियों के बारे मे समझाया गया। तथा ग्रामीणों को प्रधान मंत्री आवास के बारे में विस्तृत जानकारी दिया जा कर समय सीमा में पूर्ण किया जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर समाज कल्याण द्वारा सामाजिक सहायता कार्यक्रम अन्तर्गत 13 हितग्राहियों को पेंशन आदेश का वितरण किया गया। जनपद पंचायत द्वारा 14 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण, कृषि विभाग द्वारा 20 किसानों को रागी बीज का वितरण किया गया, उद्ययान विभाग के द्वारा सबजी बीज एवं पौध खाद दवाई वितरण तथा मत्स्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाक्स का वितरण मुख्य अतिथी के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंदबिहारी जी, अधयक्ष जनपद पंचायत श्रीमती गायत्री नागेश, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री अरविन्द गुप्ता, सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) श्री प्रदिप राठिया, जनपद सी ई ओ श्री श्रीवास, विभिन क्षेत्रों के जनपद सदस्य श्रीमती रूपावती बाई, श्रीमती दिनेश्वरी, श्रीमती सविता नागेश, सरपंच, उपसरपंच, पंच, और भाजपा जिला उपाधयक्ष श्री शंकर गुप्ता जी, भाजपा जिला महामंत्री  मुकेश शर्मा जी. सुरेश जैन इसके अलावा विभिन्न विभागो के अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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*‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री साय ने रखा दूरदर्शी विकास का रोडमैप....हर क्षेत्र में विकास को दी जा रही है तीव्र गति : मुख्यमंत्री*

रायपुर,/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने हमें ऐतिहासिक समर्थन दिया और हमने सरकार बनते ही काम की शुरुआत कर दी। पहले ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का अवसर मिल रहा है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए हमारी सरकार ने किसानों को दो वर्षों की बकाया राशि सहित ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी शुरू की है। महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण के तहत चरण पादुका वितरण से लेकर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस तथा तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पंचायतों में बैंकिंग सुविधा पहुंचाने का वादा किया था, जिसके तहत 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्रों की स्थापना हो चुकी है, और इसका जल्द ही विस्तार प्रदेश की सभी पंचायतों तक किया जाएगा। रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नक्सल मुक्त भारत अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने की समयसीमा तय की गई है, और हम नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत गांवों में तेज़ी से विकास कार्य कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से यह परिवर्तन संभव हो पा रहा है।

‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा पर केंद्रित अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए। कॉन्क्लेव ने शासन, सशक्तिकरण और नवाचार पर संवाद का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के विजन को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।

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*स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार.....17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत*

रायपुर, / स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा।

स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।

 "छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।"
– मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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*स्वामी आत्मानंद नवीन आदर्श उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में “नो प्लास्टिक अभियान” का आयोजन*

जशपुर : स्वामी आत्मानंद नवीन आदर्श उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में शनिवार को “नो प्लास्टिक अभियान” बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य श्री विनोद गुप्ता के प्रेरक संदेश से हुई। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज हमारे पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें तथा कपड़े, कागज और जूट के थैलों जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि “अगर आज कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।”

अभियान के अंतर्गत विद्यालय प्रांगण से एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो जैन मंदिर मार्ग होते हुए जशपुर बस स्टैंड तक गई और फिर विद्यालय लौट आई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारे लगाए और जनता को प्लास्टिक के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यालय को समाज से जोड़ना और जनसामान्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसी कड़ी में विद्यार्थियों द्वारा नारे लेखन, पोस्टर निर्माण, भाषण तथा नुक्कड़ नाटक जैसे विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्लास्टिक के दुष्प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

शिक्षकों में श्री बी. भौमिक, श्रीमती रोहिणी सिन्हा, श्री समीर, श्री सुरेश टण्डी, श्री विकास पांडे, श्री निरंजन कुजूर, श्रीमती सावित्री भगत, श्रीमती सविता बाई, श्रीमती सादिया जबी, श्रीमती संगीता यादव, कु. अंजू वंदना तिर्की एवं कु. पुष्पलता सिदार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों को अपने घरों, मोहल्लों और समाज में “नो प्लास्टिक अभियान” को आगे बढ़ाने की शपथ दिलाई।

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मुख्यमंत्री जिस विद्यालय में कर चुके हैं अध्ययन,वँहा पहुंची श्रीमती कौशल्या साय .... बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए  राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य

जशपुरनगर, /  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगिया में आज संकुल स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का  शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर  किया। कार्यक्रम में छात्रों ने स्वागत गीत गाकर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अतिथियों  ने नवप्रवेशी बच्चों को पारंपरिक रूप से तिलक  लगाकर एवं मुँह मीठा कराकर स्वागत किया और सभी का उत्साहवर्धन करने के साथ शुभकामनाएं भी दी। अतिथियों द्वारा बच्चों को  गणवेश  प्रदान किया गया साथ ही सरस्वती साईकल योजना के तहत छात्राओं को साईकिल का वितरण भी किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। 
     इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए  राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  उन्होंने लोगों से बच्चों को प्राथमिकता के साथ विद्यालय भेजने, साफ-सफाई का ध्यान रखने, समय का सदुपयोग करने की अपील की साथ ही  शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि वे निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान करें। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी अध्ययन कर चुके हैं।
      शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता  ने भी अपने संबोधन में छात्रों को जीवन में शिक्षा का महत्व के बारे में बताते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में  वन विभाग द्वारा चरण पादुका का वितरण भी किया गया।  इस दौरान श्रीमती हीरामती पैंकरा , जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता,बीडीसी श्री अटल बिहारी,  सरपंच श्रीमती राजकुमारी साय,   एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामजीत साय,  रेंजर श्रीमती  प्रभावती चौहान ,श्री रवि यादव, प्रभारी  प्राचार्य श्री कौशिक, शिक्षकगण, अभिभावक और अन्य लोग मौजूद रहे। आभार प्रदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री गोपाल राम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री धनवंत यादव ने किया।

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*संभागीय संयुक्त संचालक ने सिविल अस्पताल पत्थलगॉव  का किया आकस्मिक निरीक्षण...अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को अवैतनिक अवकाश किये जाने और लपरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी करने दिया निर्देश*

जशपुरनगर / संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सरगुजा संभाग डॉ अनिल कुमार शुक्ला  के द्वारा विगत दिवस आज दिनांक 11 जुलाई को सिविल अस्पताल पत्थलगॉव  का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा अव्यवस्थित पाया गया, साफ -सफाई का अभाव पाया गया। संस्था में दवाईयों का रखरखाव अस्त-व्यस्त पाया गया । स्टोर एवं दवाईयों के डब्बे पर मेनुफेक्चरिंग डेट व एक्सपायरी डेट अंकित नहीं पाया गया। जन मानस के लाभ हेतु प्रदर्शित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के फ्लेक्सी एवं बैनर उक्त संस्था में बहुत कम पाया गया, जिससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का जन मानस को लाभ प्राप्त हो सके एवं
शासन के योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो । 
          संभागीय संयुक्त संचालक डॉ अनिल कुमार शुक्ला ने कहा  कि संस्था में एन.सी.डी. अंधत्व निवारण मलेरिया, टीबी, एएनसी के लक्ष्य के विरूद्ध शत्-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जावे । संस्था में एनबीएसयू हेतु एक ही फोटोथेरेपी मशीन होने के कारण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मशीन उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रम हेतु संधारित रजिस्टर व्यवस्थित नहीं पाया गया जिसे व्यवस्थित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। ब्लड स्टोरेज यूनिट में आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये सामाजिक संगठनों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर शिविर आयोजित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने संस्था में नियमित रूप से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और डायलिसिस यूनिट में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुये इसे दूर किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया।
       सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान नित्यानंद यादव आरएचओ एक दिवस, प्रियांश साहू वार्ड ब्वाय 02 दिवस नीलम तिर्की, नर्सिंग सिस्टर 02 दिवस अनुज साहू एस. टी. एस. 01 दिवस अनुमपा टोप्पो एक दिवस मनीषा तिर्की एक दिवस को अनुपस्थित पाये जाने के कारण इनका उक्त दिवस हेतु अवैतनिक किये जाने हेतु निर्देशित किया। तथा राजेश चौहान के द्वारा एक दिवस का अग्रिम में दैनिक उपस्थिति पंजी में अंकित करने के कारण इन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही बी.ई.टी.ओ श्री एन. पी. चौधरी के द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में रूची नहीं लेने के कारण इन्हें कारण बताओ नोटिस पत्र जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक को  अधीनस्थ समस्त संस्थाओं का नियमित भ्रमण करने हेतु निर्देशित किया गया तथा खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी को भ्रमण कर सभी सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा गया।

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शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए भौतिकी और विज्ञान के शिक्षकों का हुआ उन्मुखीकरण – डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने कराए कई हैंड्स ऑन एक्सपेरिमेंट ‌

जशपुर :कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले में गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 10वीं में  विज्ञान और 12वीं में भौतिकी के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यशाला सेजेस हिंदी माध्यम जशपुर में जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर की उपस्थिति में आयोजित किया गया। 

कार्यशाला में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने 15 से अधिक रोचक व सरल वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से यह समझाया कि किस प्रकार जटिल भौतिकी के सिद्धांतों को विद्यार्थियों को प्रभावशाली ढंग से समझाया जा सकता है।
उन्होंने बल, गति, घर्षण, पृष्ठ तनाव जड़त्व, संवेग ऊर्जा संरक्षण, अपवर्तन, वायुदाब,  घूर्णन गति, अपकेन्द्रीय बल, उष्मा संचरण, ध्वनि, स्थैतिक एवं गतिज घर्षण, और न्यूटन के नियमों आदि से जुड़े प्रयोग शिक्षकों से कराए और कक्षा अध्यापन में  इन्हें शामिल कैसे करें, यह बताया ‌।

प्रयोगों में सामान्य वस्तुओं जैसे – रस्सी, प्लास्टिक की बोतल, मोमबत्ती, पानी, बर्फ, गेंद, पेंडुलम, स्प्रिंग, स्पोक, बैलून, ग्लास, मोबाइल, लेंस, दर्पण, एलईडीबल्ब, पेपर पेन , फनल प्लास्टिक बॉल‌ आदि का उपयोग कर भौतिकी के कई कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट किया गया।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने  मानव मस्तिष्क साइकोलॉजी के जोन मैपिंग को समझाया। कंफर्ट जोन, फियर जोन, लर्निंग जोन और ग्रोथ जोन के विषय में बताते हुए कंफर्ट जोन से निकलकर चुनौतियां लेते हुए अपने जीवन के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को भी बेहतर बनाने पर बात की।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर, रोजगार अधिकारी दुर्गेश्वरी सिंह, नायब तहसीलदार रोहित गुप्ता, यशस्वी जशपुर से संजीव शर्मा एवं अवनीश पाण्डेय सहित‌ विकासखंड शिक्षा अधिकारी , बीआरसीसी और जिले के विज्ञान और भौतिकी के व्याख्याता उपस्थित रहे। इस प्रकार की व्यावहारिक प्रस्तुति से विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे कठिन अवधारणाओं को भी आसानी से समझ सकेंगे।

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शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव के सभी पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को करा दिया गया.....जांच टीम ने पाया कि स्कूल में  वर्ष 24-25 सभी पुस्तकें कर दी गई है वितरण 

जशपुर 12 जुलाई 25/ एसडीएम पत्थलगांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय इंदिरा गांधी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव का प्राप्त शिकायत के संबंध में 
 
जाँच की गई जिसमें श्री प्रांजल मिश्रा तहसीलदार पत्थलगांव एवं बी आर सी की पत्थलगांव उपस्थित में 
 विद्यालय में प्राप्त, वितरित एवं शेष पुस्तकों का मिलान किया गया। प्राप्त पुस्तके के अनुसार वितरित एवं शेष पुस्तकों की संख्या सही पाया गया। 

विद्यालय के प्राचार्य द्वारा दी गई जानकारी अनुसार किताबें शेष नहीं बची पाई गई। 

उन्होंने बताया सत्र 2024.25 की सभी पुस्तकें वितरण कर दी गई कोई पुस्तक नहीं बचा है।

साफ सफाई के दौरान प्रतिदिन कचरा निकलता है उसे ही जलाने का अवशेष पाया गया। यह पंचनामा एसडीएम की टीम और सदस्यों एवं शिक्षकों के मध्य तैयार कर सभी को पढ़‌कर सुनाया गया तथा हस्ताक्षर किया गया।

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*छोटे व्यापारियों को मिलेगा प्रोत्साहन: दस साल से अधिक लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियां होगी खत्म*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।

एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।
जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।

कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।

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*छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम:मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित*

रायपुर, // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।

श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।

रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।

विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।

कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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*नक्सलवाद से लोकतंत्र की ओर लौटता बस्तर: 24 घंटे में 45 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण...बंदूक की गोली नहीं, अब विकास की बोली गूंज रही: मुख्यमंत्री*

रायपुर /छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें  मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।

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