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CG Big News : गरीब-किसान पर नहीं पड़ेगा बिजली दर में बढ़ोतरी का प्रभाव : सीएम साय

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दर में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है. बिजली दर में वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. 

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी का किसानों और गरीबों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गरीबों को हॉफ बिजली का लाभ देते हैं. घरेलू बिजली में 10 से 20 पैसा प्रति यूनिट बढ़ा है.

फिलहाल  किसानों के लिए बिजली बिल में 50 पैसे बढ़ाए गए हैं, लेकिन सरकार 3 HP में 3 हजार यूनिट फ्री दे रही है. सरकार वह पैसा बिजली विभाग देती है.

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CG Big News : छोटे व्यापारियों को राहत.! 10 साल पुराना बकाया होगा माफ..40 हजार से अधिक व्यापारियों को मिलेगा लाभ..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे।

बता दें कि बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।

हालांकि, एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।

वहीं, जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।

दरअसल, कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।

फिलहाल, विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।

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जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय की पहल से सारूकछार में लगा नया ट्रांसफार्मर, ....अंधेरे में जूझ रहे ग्रामीणों को मिली रोशनी,

जशपुरनगर। ग्राम पंचायत पुसरा के सारूकछार (बगईटोली) में ट्रांसफार्मर की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब राहत मिली है। ग्रामीणों द्वारा तीन दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को आवेदन देकर नए ट्रांसफार्मर की मांग की गई थी। आवेदन मिलने के तत्काल बाद श्री साय ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में त्वरित कार्रवाई कर विद्युत आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जाए।श्री साय के निर्देशों पर तेजी से कार्य करते हुए विभाग द्वारा गांव में 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। इससे गांववासियों को बिजली की समस्या से निजात मिली है और अब खेती-बाड़ी, घरेलू कामकाज एवं बच्चों की पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।

   ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि श्री साय हमेशा जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हैं और समय पर समाधान कराना उनकी प्राथमिकता रहती है।जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि प्रदेश में विष्णुदेव साय की सरकार में लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है ,ग्रामीणों को सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है।शासन की योजनाओं से लोगों को प्राथमिकता के साथ उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।

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जिले के प्रतिभावान बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा संकल्प ....जया और  नीता  ने संकल्प पहुंचकर जताया आभार 

जशपुर : जशपुर में  संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान  जशपुर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर जनजाति वर्ग के  प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है । 
     कलेक्टर रोहित व्यास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के प्रतिभावान बच्चों  को निः शुल्क गुणवत्तायुक्त शिक्षा देकर जे ई ई और नीट की कोचिंग करा रहा है  इसी की बदौलत यहाँ से अपना अध्यन पूर्ण कर बच्चे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश पाने में सफल हो रहे है । 
इस संस्थान से पास होने वाली पत्थलगांव  के कृषक परिवार की बालिका जया पराह अब डॉक्टर जया पराह बन गई है और इसी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किलकिला में डॉक्टर के रूप में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है । इसने संकल्प से पास होने के बाद  चिकित्सा महाविद्यालय राजनंदगांव में एम बी बी एस में प्रवेश प्राप्त किया था । डिग्री प्राप्त करने के बाद इसे डॉक्टर के  रूप में कार्य करने के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ । नियुक्ति पत्र प्राप्त होने उपरांत  जया संकल्प जशपुर आई और अपनी उपलब्धि की जानकारी प्राचार्य विनोद गुप्ता और स्टाफ को दी  और सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा  कि यदि संकल्प संस्थान नहीं होता तो वह डॉक्टर नहीं बन पाती । उसने कहा कि जिस तरह संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कार्य कर रहा है उसी तरह में भी अपने क्षेत्र में जिले के लोगों के लिए कार्य करूंगी । 
इसी तरह जशपुर  निवासी नीता सिंह  ने भी संकल्प से पास होने के बाद एन आई टी रायपुर में प्रवेश प्राप्त किया और डिग्री प्राप्त  कर देश की प्रतिष्ठित कंपनी एल एण्ड टी  में बतौर इंजीनियर नौकरी प्राप्त की । ये भी संकल्प आई और प्राचार्य एवं स्टाफ को अपनी उपलब्धि की जानकारी दी । नीता ने कहा कि उसने यह नहीं सोचा था कि संकल्प में अपनी पढ़ाई  कर वो इंजीनियर बन कर देश की प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी प्राप्त कर पाएगी । नीता सिंह ने संकल्प में पढ़ाई कर कक्षा दसवीं की बोर्ड  परीक्षा में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया था । 
    ज्ञात हो जया पराह और नीता सिंह दोनों ही एक ही बैच में संकल्प में प्रवेश लिया था और दोनों ही आपस में पक्की सहेली है ।दोनों ने संकल्प जशपुर पहुच कर व्याख्याताओं  के प्रशिक्षण  में उपस्थित होकर सभी शिक्षकों से अपने अनुभव  साझा  करते हुए बताया कि यह सफलता उनके परिश्रम, माता-पिता के सहयोग, संकल्प शिक्षण संस्थान के मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का परिणाम है कि  वो इस मुकाम में पहुचने में सफल हुई ।
इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा , अवनीश पांडे , संकल्प के अश्विनी सिंह , दिलीप सिंह , ज्योति श्रीवास्तव , प्रभात मिश्रा , ममता सिन्हा, दीपक ग्वाला, राजेंद्र प्रेमी , मनीषा भगत , सीमा गुप्ता , शांति कुजूर सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था ।

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साप्ताहिक बाजार का हाल बेहाल : नारायणपुर बाजार का टिन शेड हुआ जर्जर...मरम्मत पर किसी का ध्यान नही

नारायणपुर : नारायणपुर में मंगलवार को लगने  वाला साप्ताहिक बाजार शेड की हालत जर्जर हो चुकी है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। टिन शेड बहुत पुराने और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं,भरी बरसात में दुकानदारों को खुले में सामान बेचना पड़ रहा है, और ग्राहकों को भी खरीददारी करने में असुविधा हो रही है दरअसल बाजार को देख रेख करने वाला सही प्रबंधन नहीं है, जिससे यह और भी बदतर हो गया है।प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक में बाजार की नीलामी होती है इसके बावजूद शेडों की मरम्मत नहीं की जा रही है, जिससे सवाल उठना लाजमी है कि बाजार नीलामी का पैसा आखिर जाता कहां है


नारायणपुर के साप्ताहिक बाजार का हाल बेहाल है। बाजार स्थल में बने शेड जर्जर तो हैं ही कचड़ों से भी भरे पड़े हैं। हाट में कोई सामान कहा बेचा जाय इसके लिए न तो कोई प्रबंधन है न कोई बाजार का हाल देखने वाला है।टिन शेड टूटने के कारण बारिश का पानी टपकता है। व्यापारी टूटे हुए टिन के शेड में तिरपाल लगाकर दुकान लगाने के लिए विवश हैं। पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नारायणपुर में लगने वाले साप्ताहिक हाट के हाल और व्यवस्था में सुधार होगा। परन्तु आज पर्यन्त तक बाजार ठेकेदार और न ही किसी  जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान देना मुनासिब समझा ।

     ज्ञात है कि ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले साप्ताहिक हाटों का वहा के जनजीवन पर बड़ा महत्व है। गाव के किसानों से लेकर साहूकारों तक के लिए खरीद-बिक्री का यह बेहतर जगह होता है। इन साप्ताहिक हाटों में गाव के लोगों के हर जरूरत की चीजें मिल जाया करती हैं। ग्रामीण जीवन का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बाद भी साप्ताहिक हाट बदहाली में हैं। प्रत्येक वर्ष  इन हाटों की नीलामी भी होती रही है। शासन की ओर से किसानों के लिए शेड भी बनाए गए हैं। लेकिन शेड अब जर्जर हो गए हैं।  पंचायत प्रतिनिधि लाखों रुपये विकास कार्यों में खर्च कर दे रहे हैं, लेकिन साप्ताहिक हाटों को दुर्दशा से उबारने के लिए कोई पहल नहीं किया जा रहा है। आखिर हर साल लाखों रुपए में बाजार की नीलामी होती है वह पैसा बाजार में उपयोग न होकर कहां होता है यह बड़ा सवाल है।

       बाजार जाने मार्ग में कीचड़ ही कीचड़

नारायणपुर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में थाना और वन विभाग के वाऊंड्रीवाल की तरफ से जाने वाला मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। कीचड़ युक्त मार्ग होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। व्यापारी भी परेशान हैं। ज्यादातर महिलाओं को कीचड़ में फिसलकर गिरने का डर हमेशा बना रहता  हैं क्षेत्र के ग्रामीणों, व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क व शेड को दुरुस्त कराने की मांग की है।

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नई बिजली दरें संतुलित, ग्रामीण-आदिवासी, सभी के लिए हितकारी तथा विकासपरक....औसतन घरेलू दर में मात्र 10 से 20 पैसे तक वृद्धि

रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार प्रेषण केन्द्र के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु विद्युत दरों का अनुमोदन किया गया। वितरण कंपनी के एमडी श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि समेकित रूप से विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो नगण्य है। कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों में दर वृद्धि की गई है जिसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है, अतः इससे कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अस्थायी कनेक्शनों, आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों, प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायतें बढ़ाई गई है या यथावत् रखी गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7 रू. 2 पैसे पड़ती है जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 4 रू. 10 पैसे की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। नई विद्युत दरों की कुछ विशेषताओं को उल्लेखित किया गया है। निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स में प्रयुक्त होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है।

राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।

कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कृषि पंपों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, अतः यह भार राज्य शासन स्वयं वहन करेगा। गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है एवं इसी श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है। गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वॉट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है।

पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए निम्न दाब इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग इकाईयों हेतु इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् रू.7.02 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् रू. 6.32 प्रति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि नियामक आयोग द्वारा महिला सशक्तिकरण हेतु पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग संबंधी गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है। आफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है जो कि पहले की अपेक्षा कम है।

इस तरह सम्यक रूप से यह नई दरें कृषि-ग्रामीण आदिवासी सहित सभी श्रेणी के प्राथमिकता श्रेणी वाले उपभोक्ताओं के लिए हितकारी तथा विकासपरक हैं। इन्हें काफी संतुलित एवं संतोषजनक कहा जा सकता है।

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CG Breaking : मानसून सत्र को लेकर बनेगी रणनीति..13 जुलाई को होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक 13 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह बैठक कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शाम 4 बजे नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में होगी।

फिलहाल, बैठक में 14 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस विधायकों द्वारा रणनीति तैयार की जाएगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधानसभा सत्र के दौरान खाद की कमी, युक्तियुक्तकरण, बिजली बिल में बढ़ोतरी, पेड़ों की कटाई सहित कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा, जिसमें विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

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CG Big News ; सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता..जंगल में छिपाकर रखे नक्सलियों के सामान समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/गरियाबंद/सुकमा. भारी बारिश के बीच सुरक्षा बलों का नक्सल ऑपरेशन जारी है. सर्चिंग में निकली जवानों की टीम को सफलता मिली है. मैनपुर व जुगाड़ क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर टीम रवाना हुई थी. इस दौरान जंगल में 3 जगहों पर गाड़कर रखे नक्सलियों का सामान बरामद किया. जुगाड़ इंदागांव क्षेत्र में जवानों की सर्चिंग जारी है. सुकमा में भी जवानों ने नक्सलियों की विस्फोटक सामग्री बरामद की है.

वहीं, डीआरजी व सीआरपीएफ की टीम ने कोंटा के पीलावाया के जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाई गई विस्फोटक सामग्री बरामद की है. मौके से कोडेक्स वायर, डेटोनेटर समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है. इसकी पुष्टि एसपी किरण चव्हाण ने की.

दरअसल, जिला गरियाबंद के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. इंदागांव एरिया के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर गुरुवार को गरियाबंद पुलिस, कोबरा 207 वाहिनी एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम थाना मैनपुर व थाना जुगाड़ एरिया में सर्चिंग गस्त के लिए रवाना हुई थी. सुरक्षाबलों के जवानों ने एरिया सर्चिंग के दौरान जंगल में नक्सलियों द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर डंप किया हुआ दैनिक उपयोगी के समान एवं राशन सामग्री बरामद किया.

पुलिस ने की आत्मसमर्पण करने की अपील

फिलहाल, गरियाबंद पुलिस ने माओवादियों से अपील की है कि शासन के आत्मसमर्पण नीति के तहत समाज के मुख्यधारा से जुड़ें. नजदीकी थाना, चौकी, कैम्प एवं दूरभाषा नम्बर 94792-27805 पर संपर्क कर आत्मसमर्पण कर सकते हैं. आत्मसमर्पण के बाद सुविधा – सुख, शांति, बिना डर, स्वतंत्रता के साथ जीवन बिता सकेंगे. स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण की सुविधा, निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, आवास की सुविधा, शासकीय नौकरी का लाभ दिया जाएगा.

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*सरकार की प्राथमिकता कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे: श्रीमती कौशल्या साय.....विद्यालय में पौधरोपण कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल: शौर्य प्रताप सिंह जूदेव*


 
जशपुरनगर, /शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में आज  विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव मौजूद रहे। अतिथियों  ने नवप्रवेशी बच्चों को पारंपरिक रूप से तिलक  लगाकर एवं मुँह मीठा कराकर स्वागत किया और सभी का उत्साहवर्धन करने के साथ शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश  प्रदान की और  सरस्वती साईकल योजना के तहत छात्राओं को साईकिल का वितरण भी किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। भी किया गया ।
    इस अवसर पर श्रीमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने जीवन में सफलता की ऊँचाइयों को छू सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। श्रीमती साय ने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरस्वती साइकिल जैसी योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं।
      श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में  शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उपयोग कर स्मार्ट क्लास बनाएं जा रहे है, ताकि बच्चों को कठिन विषय सहजता से समझ आ सके। उन्होंने विद्यालय में पौधरोपण जैसे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, बल्कि बच्चों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाता है।
     कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष  श्री राजकुमार सिंह, उपाध्यक्ष श्री रविंद्र गुप्ता, सभी जनपद सदस्य, जनप्रतिनिधिगण अभिभावक ,तहसीलदार श्री राहुल कौशिक, नायब तहसीलदार श्री राजेश यादव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी ,सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जनपद सीईओ, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थी व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सबसे बड़ी कार्यवाही : भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दिया संदेश.....22आबकारी अधिकारियों को किया तत्काल निलंबित

रायपुर, / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रूपए के बहुचर्चित शराब घोटाले में साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई को किसी भी राज्य द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इन अधिकारियों पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार कर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से चल-अचल संपत्तियां भी बनाने का आरोप है। 

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिये संचालित हो रहा था, जिसमें आरोपी आबकारी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। 
इसका खुलासा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने बिना देर के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविन्द कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक आयुक्त आबकारी प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजुश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष कोसम, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलख राम कसेर, सोनल नेताम और जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं। 

गौरतलब है कि पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं और एक-एक कर सभी दोषी जेल भेजे जा रहे हैं। केवल शराब घोटाला ही नहीं, राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला और तेंदूपत्ता घोटाले जैसे मामलों की भी गहराई से जांच करवा रही है, जिनमें किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। बीते दो वर्षों में ACB ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण है। 

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत जेम पोर्टल से खरीददारी को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई है, 350 से अधिक सुधारों के जरिये निवेश की राह भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आसान बनाई गई है, इसी क्रम में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से एनओसी की प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आबकारी विभाग में FL-10 नीति को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और देशी-विदेशी मदिरा की बोतलों पर अब नासिक मुद्रणालय से छपने वाले होलोग्राम अनिवार्य किए गए हैं ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसी तरह खनिज ट्रांजिट पास की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, लकड़ियों की ई-नीलामी प्रणाली लागू की गई है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार ने PSC-2021 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी है, जिसमें आयोग के तत्कालीन चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, भारतमाला योजना और सीजीएमएससी घोटालों की जांच भी EOW को सौंपी गई है, जिनमें दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस पारदर्शी कार्रवाई में आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के विभिन्न स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि यह घोटाला पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था, घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार का उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना है।

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Chhattisgarh Cabinet: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक हुई खत्म, इन अहम फैसलों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

1- मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 

2- मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई।

इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा। 

छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा।

कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा।

पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा। 

पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है।

3- मंत्रिपरिषद द्वारा पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

4- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। 

जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा।

यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं। शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा।

5- छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

6- मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं।

इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना। इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी।

7- छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया। 

8- मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा।

2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है। इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।

9- छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा।

10- मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। 

11- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी। भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा। औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी।

12- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

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शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय, बच्चों को चन्दन तिलक लगा मुंह मीठा करा कर किया स्वागत…

जशपुर : विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय जी एवं अध्यक्षता श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जी की गरिमामय  उपस्थिति में संपन्न हुआ।

  नव प्रवेशी बच्चों का तिलक चंदन लगाकर एवं मुंह मीठा करवा कर स्वागत किया गया व निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश व सरस्वती साइकिल का वितरण किया गया। विद्यालय परिसर में श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय जी व श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जी के द्वारा एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण भी किया गया ।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष सभी जनपद सदस्य, जनप्रतिनिधि, अभिभावक, जनपद सीईओ ,तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी ,सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक गण, विद्यार्थी व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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ब्रेकिंग न्यूज : खेत में ट्रैक्टर पलटने से चालक की दर्दनाक मौत, खेत में फंसे ट्रैक्टर को निकालते वक्त हुआ हादसा

नारायणपुर : बगीचा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बच्छरांव में शुक्रवार को साढ़े 9 बजे खेत मताई करते समय ट्रैक्टर की मुंडी पलटने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार साढ़े 9 बजे बच्छरांव निवासी भीम का खेत में रोपा के लिए खेत मताई का कार्य चल रहा था इसी दौरान चालक विफ़नाथ से ट्रैक्टर खेत में फंस गया जिसे निकालने का बहुत प्रयास कर रहा था इतना में ही गांव का दशरथ पिता लालदेव उम्र 24 वर्ष ने कहा मैं जानता हूं निकाल दुंगा। ट्रेक्टर के केज व्हील में बल्ली फंसा कर दशरथ ट्रेक्टर में बैठ कर  एक्सीलेटर देकर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गई और उसमें दबने से मौत हो गई। ट्रैक्टर भी बच्छरांव की है। समाचार लिखे जाने तक ट्रेक्टर मालिक का नाम और नम्बर पता नही चल पाया है।
इस संबंध में नारायणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि बच्छरांव में खेत में ट्रैक्टर फंस गया था जिसे निकालने के लिए केज व्हील में बल्ली अड़ा कर एक्सीलेटर दिया इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गई। ट्रैक्टर पलटने से उसमें दबकर दशरथ की मौत हो गई। शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम डॉक्टर के द्वारा कर दिया गया है, आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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CG Big News : हर कदम पर खतरा ही खतरा.! चिनार नदी पर अब तक नहीं बना पुल..स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आवाजाही कर रहे ग्रामीण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर. जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में आजादी के 70 दशक बाद भी अब तक गांव वालों को पुल नसीब नहीं हुआ है. बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय, और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं. ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं. इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे. इस दौरान ग्रामीणों के जान काे खतरा बना रहता है.

वहीं, ग्रमीणों ने बताया कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण आजादी के बाद से लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं. लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए. यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं. खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं.

स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं बच्चे

दरअसल, ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं. ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढ़ने छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है. बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं. राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है. आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता. गांव में ही बरसात के दिनों में इलाज करते हैं.

पिछले साल पिलर लांघते नदी में गिरा था स्कूली बच्चा

वहीं, स्टॉप डेम में 16 पिलर है. मतलब एक बार ग्रामीण आ रहे तो आना-जाना कर उन्हें 32 बार पिलरों में कूदना पड़ेगा. अगर ग्रामीण 4 बार भी आना-जाना किए तो 128 बार उन्हें छलांग लगाना पड़ेगा और ये जोखिम भरा भी है. ग्रामीण बताते हैं कि बरसात में यहां हर साल हादसे होते रहते हैं. पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था. ग्रामीण वहां पर मौजूद थे इसलिए उसे बचा पाए. उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए.

दरअसल, इस बार ग्रामीणों ने नहीं बनाया अस्थायी पुल

ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता था. परेशान ग्रामीणों ने जुगाड़ तरकीब निकाली. अनुपयोगी स्टॉपडैम पर बारिश के पहले बांस-बल्ली से कच्चा पुल बनाते हैं. इसी कच्चे पुल से जब तक नदी में पानी रहता है ग्रामीण आना-जाना करते हैं. हालांकि इस साल ग्रामीणों ने कच्चा पुल नहीं बनाया है और इस तरह स्टॉपडैम के पिलरों को छलांग लगाकर ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं.

जल्द पक्का पुल बनाया जाएगा : सीईओ

फिलहाल, इस मामले में जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं. हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है. जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा. हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं. ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा.

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Cabinet Meeting Breaking : साय सरकार ने छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के प्रारूप का किया अनुमोदन..पढ़ें पूरी ख़बर

Cabinet Meeting Breaking/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में अहम अनुशंसाएं की गई, जिनका दूरगामी असर होगा. इसमें से एक छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक है, जिससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और प्रभावी होंगे, वहीं छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक से अवैध प्लाटिंग पर लगाम कसी जाएगी.

विधानसभा के मानसून सत्र से पहले साय सरकार की मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण रही. इसमें मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई.

इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा.

कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा. प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा.

पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा.

पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है.

इसके अलावा मंत्रिपरिषद द्वारा पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

इसके साथ मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया. जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा. यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा.

यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं. शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा.

बैठक में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है. जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं.

इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना. इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी.

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा. यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा.

2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है. इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा.

इसके अलावा छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा.

इसके साथ मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है.

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे. नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी. भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी. भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा. औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी.

इसके अलावा मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

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CG Crime : लग्जरी कार में नशीली इंजेक्शन की कर रहे थे तस्करी..एक गिरफ्तार, एक हुआ फरार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh Crime News/सरगुजा। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है. सरगुजा में विभागीय उड़नदस्ता टीम ने एक लग्जरी कार से नशीली दवाओं की तस्करी का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में 4 लाख 35 हजार रुपए मूल्य की नशीली दवाओं के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया.

मिली जानकारी के अनुसार, आबकारी उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना मणिपुर क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपुर वेयरहाउस के पास सफेद रंग की हुंडई वरना कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन लेकर ग्राहकों को सप्लाई कर रहे हैं. इनमें से एक की पहचान मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह और दूसरे की गंगाराम मुंडा के रूप में हुई.

दरअसल, सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी. टीम को देखकर मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया, लेकिन उसका साथी गंगाराम मुंडा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. गाड़ी की तलाशी लेने पर 2,413 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग 4 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है.

फिलहाल आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है.

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CG Accident Breaking : MP से CG आ रही बोर खनन वाहन गहरी खाई में गिरी..4 लोगों की मौत..8 लोग अभी भी दबे..रेस्क्यू जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

CG Accident Breaking / कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही बोर वाहन दुर्घटना का शिकार हो गई. वाहन गहरे खाई में जा गिरी. भयावह हादसे के बाद चार मृतकों के शव बरामद किए गए हैं. 8 लोगों वाहन के नीचे दबे हुए हैं. मौके पर रेस्क्यू जारी है.

फिलहाल, बोर वाहन मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी. इसी दौरान कुकदूर थाना क्षेत्र के अगरपानी चाटा में वाहन अनियंत्रित होकर गहरे खाई में गिर गई. सूचना पर पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गया है. घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं. वहीं 8 लोग वाहन के नीचे दबे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने की कोशिश जारी है.

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*नदी नाले पर पुल नही होने से गावों को टापू बनते सुना होगा....यदि सड़क की वजह से टापू बनते नही सुना है तो अब जान लीजिए....बादलखोल अभ्यारण्य में बसे यह तीन पंचयात.....पढ़ें पूरी खबर विस्तार से:-*

नारायणपुर : नदी पर पुल नहीं होने के कारण गांवों को टापू बनते सुना होगा। लेकिन क्या कभी यह सुना है कि सड़क के कारण गांव बरसात में टापू बन जाता है। यदि नहीं सुना है तो जान लिजिए कि बगीचा ब्लाक में स्थित बुटूंगा,कलिया,गायलुंगा ग्राम पंचयात को। इन तीनो पंचयात की बड़ी समस्या सड़क का जर्जर होना है। स्टेट हाइवे पर स्थित साहीडाँड़ से अगर इन तीनो पंचयात में जाना है तो दोनों सड़कें पर नाला है, पर पुल नही है। आवागमन भी होता है। लेकिन नदी को पार करने के पहले और बाद कीचड़ भरी सड़क को पार करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इस सड़क पर  बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।  कच्ची सड़क होने के कारण यह पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। आने-जाने वाले बाइक या आटो कीचड़ में फंस कर कई बार पलट चुके हैं। इस रास्ते से गुजरना खतरा मोल लेने के बराबर है।  बरसात में यदि गांव में कोई बीमार पड़ता है तो यंहा निवासरत ग्रामीणों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात में साइकिल से भी चलना मुश्किल भरा होता है। इस गांव के लोगों को कच्ची सड़क होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।  बादलखोल अभ्यारण्य के बीच बसे यह तीनों पंचायत  चारो ओर जंगल और पहाड़ घिरा हुआ है।जिला मुख्यालय जाने के लिए दो ही रास्ता है वह भी जर्जर है। ऐसे में लोगों का जीवन टापू जैसा हो जाता है। ऐसा भी नहीं है कि ग्रामीणों ने सड़क के लिए गिड़गिड़ाए नहीं हो। लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं।

ग्रामीणों की पीड़ा ऐसा क्या गुनाह हुआ जो .....

सरपंच हीरा लाल प्रधान,उप सरपंच शिव यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रवासीयों ने ऐसा क्या गुनाह कर दिया है कि न तो संबधित विभाग सड़क बनवाने में रुचि रखता है और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते है।बादलखोल अभ्यारण्य अधिकारी और कर्मचारियों की प्रतिवर्ष की लाफ़रवाही के कारण बरसात आने पर हमारी तीनो पंचयात के हजारों ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है। डर लगा रहता है कि गांव में कोई इन्शान बीमार न पड़ जाए। अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो अस्पताल तक पहुचाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ज्ञात है कि यह तीन पंचायत के ग्रामीण बरसों से कच्ची सड़क पर चलने को विवश हैं। खासकर बरसात के मौसम में इस सड़क की बदहाली चरम पर होती है। बरसात के मौसम में गांव से मुख्य सड़क पर आने-जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस बदहाल सड़क की सुध नहीं ली है। सड़क के बदहाल होने के कारण क्षेत्र की बड़ी आबादी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यंहा के ग्रामीणों को तकलीफ जानने की भी उन्हें फुर्सत नहीं मिलती है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंभ भरने को विवश हैं। उन्होंने जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है और साहीडाँड़ से बुटूंगा एवं बच्छरांव से गायलुंगा गांव को जोड़ने वाली बदहाल सड़क की व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि हर दिन कीचड़ भरी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन बादलखोल अभ्यारण्य के अधिकारियों ने अब तक इन सड़को को मरम्मत कराना मुनासिब नही समझा है सड़कें मरम्मत नहीं करने से स्थानीय छात्र छात्राओं को  स्कूल जाने में कठिनाइयां का सामना करना पड़ रहा हैं। और साथ ही लोगों के  दैनिक जीवन और कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सड़क नहीं होने से उनके गांव को पिछड़ा गांव कहकर रिश्तेदार भी यहां आने से कतराते हैं। यहां तक कि बच्चे इस गड्ढे वाली सड़क से ही प्रतिदिन स्कूल जाते हैं। और कई बार गिरकर चोटिल हो चुके है

बादलखोल अभ्यारण्य की यह दोनों सड़के जगह जगह इतने ज्यादा गहरे और चौड़े गड्ढे हो चुके हैं और उनमें बारिश का पानी भरे होने से सड़क तालाब का रूप ले चुकी हैं प्रशासन को क्षेत्र की जनता की समस्या को समझते हुए सड़क मरम्मत का कार्य बादलखोल अभ्यारण्य को निर्देशित करे ताकि लोगो की आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।

सड़क को लेकर ग्रामीणों और गेम रेन्जर में हो चुकी है नोक झोंक

बुटूंगा, कलिया,गायलुंगा पंचयात पहुचने के लिए साहीडाँड़  और बच्छरांव से बादलखोल अभ्यारण्य की  सड़क से होकर गुजरना होता है,यह सड़क पूरी तरह से कच्ची सड़क है, इसे प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने का सभी ने प्रयास किया परन्तु विभाग से कई वर्षों के बाद भी आज पर्यंत तक एनओसी नही दिया गया। इस सड़क की मरम्मत को लेकर तीनो पंचयात के ग्रामीण सुशासन तिहार के लगे साहीडाँड़ समाधान शिविर में गेम रेन्जर नारायणपुर से निवेदन किया गया परन्तु उनके द्वारा सटीक जवाब न देने से ग्रामीणों रेन्जर के बीच जमकर नोक झोंक हुई,जनपद सीईओ के पहल से मामला को शांत कराया गया था, ओर जल्द सड़क में बने बड़े बड़े गड्ढे को मरम्मत करने की सहमति बनी थी परन्तु डेढ़ माह   बीतने के वावजूद भी मरम्मत कार्य नही किया गया।

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