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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  में बदला गया ट्रांसफार्मर,बिजली आपूर्ति  हुई बहाल, 

जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम  मरचाई ढ़ोढ़ी में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत सप्लाई पुनः प्रारंभ हो गई है। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रति आभार व्यक्त किया। 
   तहसील  कांसाबेल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत  नाकबार के ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  के वार्ड क्रमांक 19 में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी।  ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर इस समस्या के बारे में बताया और इसके  जल्द समाधान की मांग की। कैंप कार्यालय की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग के द्वारा वहां पर ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है। जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्या का निवारण  तत्परता से किया जा रहा है। विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या आने पर इसके तत्काल निराकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाती है।

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मोर माटी मोर गांव महाअभियान के तहत हर घर जल- रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान का लोदाम से शुभारंभ

जशपुर : कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के दिशा निर्देशन में जिले में मोर माटी मोर गांव महाअभियान के अंतर्गत जल समृद्ध गांव बनाने "हर घर जल - रैन वाटर हार्वेस्टिंग है हल" की थीम पर जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लोदाम में हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान की शुरुआत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रकृति निस्वार्थ भाव से हमें अपने अनमोल धरोहर देती है पर हम सभी अपने अपने स्वार्थ के अनुरूप इसका दोहन कर रहे है पानी इसमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके बिना इस पृथ्वी और मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है,इसलिए यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम जल और प्रकृति की रक्षा करे। जल जागृति जशपुर जागरूकता अभियान के माध्यम से जल संरक्षण हेतु प्रशासन ने पहल की है अब हम सभी को मिलकर इसे आगे ले जाना है और जशपुर में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है।जल बचाने की शुरुवात हमे अपने घर से करना चाहिए। जल आज की बहुत बड़ी आवश्यकता है, आने वाली पीढ़ी के लिए हमें अधिक से अधिक जल बचाना जरूरी है। आज इसी क्रम में यहां हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का काम महाअभियान के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, ये जन भागीदारी का काम है इसमें सबकी सहभागिता जरूरी है। सभी आगे आए और जल संरक्षण की पावन अभियान में अपना सहयोग प्रदान करे।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण के साथ साथ सभी हैंडपंप में सोखता गड्ढा निर्माण, जल संरचनाओं में सफाई, गाद निकासी का कार्य, जल संचयन संरचना यथा कंटूर ट्रेंच, लूज बोल्डर चेक डेम, इंजेक्शन वेल, डबरी निर्माण कार्य के माध्यम से जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। जल जागृति जशपुर जल संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले में पूर्व से जल बचाने जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसे लोगों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर  क्षेत्र जनपद सदस्य, विभिन्न समाज के समाज प्रमुख, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, जिला मिशन प्रबंधक एन आर एल एम, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, सी ई ओ जनपद पंचायत, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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अपर कलेक्टर ने प्रेस वार्ता कर युक्तियुक्तकरण के संबंध में दी जानकारी.....जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने किया जा रहा युक्तियुक्तकरण

अतिशेष शिक्षकों, रिक्त पदों और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना की दी जानकारी

जशपुरनगर  : युक्तियुक्तकरण के संबंध में आज अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने कलेक्टोरेट सभागार में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी संकाओं का समाधान किया और बताया कि युक्तियुक्तकरण किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन द्वारा लिया गया निर्णय है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर सहित पत्रकारगण उपस्थित थे। 
         अपर कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। 
          युक्तियुक्तकरण से होने वाले लाभों के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि बार-बार प्रवेश से विद्यार्थियों को मुक्ति मिलेगी, ड्रॉपआउट रेट में कमी आयेगी। एक ही परिसर के विद्यालयों में प्रशासनिक कसावट आयेगी। विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढेगी। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक शिक्षा हेतु विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगें। भविष्य हेतु बेहतर अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। शिक्षा के स्तर में एकरुपता को बढावा मिलेगा।
            युक्तियुक्तकरण के तहत काउसलिंग के तहत उन्होंने स्कूलों में रिक्त पदों, अतिशेष शिक्षकों एवं समायोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 01 थी एवं 17 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 01 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 16 पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को जानकारी प्रेषित कर दी गई है। इसी प्रकार प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 33 थी एवं 60 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 33 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 27 रिक्त पदों की निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। व्याख्याता के कुल अतिशेष पदों की संख्या 191 थी एवं 237 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 151 व्याख्यता की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। 40 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 86 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय की व्याख्यता उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
    03 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 336 थी एवं 72 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 34 शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 302 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 38 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
      इसी तरह 04 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में सहायक शिक्षक प्राथमिक  शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 555 थी एवं 334 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 334 सहायक शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। उक्त पद जिला स्तरीय होने के कारण जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। 
    अपर कलेक्टर श्री साहू ने बताया कि जिले में पहले 18 स्कूल शिक्षकविहिन तथा 258 स्कूल में मात्र एक शिक्षक पदस्थ थे। जिसे युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना नियमानुसार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ई संवर्ग के 28 शालाएँ एवं टी संवर्ग की 271 कुल 299 शालाएँ समायोजित की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 से कम दर्ज संख्या एवं 01 किमी से कम दूरी तथा शहरी क्षेत्र के लिए 30 से कम दर्ज संख्या एवं 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाओं एवं एक ही परिसर में दो या दो अधिक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई, हायर सेकेण्डरी शालाएँ समायोजित की गई है। अतिशेष शिक्षकों युक्तियुक्तकरण शासन के द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूरी पारदर्शित एवं निष्पक्षता के साथ किया गया है। 
    अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विकासखण्ड स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा किया गया है। चिन्हांकन उपरांत जिला स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा परीक्षण उपरांत शिक्षकों की काऊंसलिंग आयोजित की गई। शिक्षकों की ओपन काऊंसलिंग प्रोजेक्टर के माध्यम से एक ही हॉल में शिक्षकों को बैठाकर पूरी पारदर्शिता के साथ की गई जिसकी विडियोग्राफी भी की गई है।  शिक्षकों को उनके मनपसंद जगहों में पदस्थापना दी गई है। रिक्त पदों की पूरी सूची स्कूलवार एवं अतिशेष शिक्षकों की सूची पदवार काऊंसलिंग हॉल के बाहर नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई थी साथ ही यह सूची संबंधित वाट्सअप ग्रुप में भी प्रसारित की गई थी।

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छुटे हुए हितग्राहियों का बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए निर्देश

जशपुरनगर : मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं आयुष्मान कार्ड ओ.आई.सी के द्वारा आज कलेक्टोरेट सभाक्षक में आयुष्मान कार्ड की समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें छुटे हुए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सभी आरएचओ एवं सीएचओ की प्रतिदिन की समीक्षा सेक्टर सुपरवाइजर द्वारा किए जाने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान बताया गया कि जिन हितग्राही की मृत्यु हो गई है या लंबे समय से ग्राम से बाहर है ऐसे हितग्राहियो को सचिव से माध्यम से सत्यापन कर डेटा संकलित किया जाना है। आगामी 30 जून तक शतप्रतिशत कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है। बैठक में नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत, समस्त विकासखंड कार्यक्रम प्रबन्धक एनएचएम एवं सेक्टर सुपरवाइजर स्वास्थ्य उपस्थित थे। 
             
ज्ञात हो कि अब तक जिले में 8 लाख 23 हज़ार 7 सौ हितग्राहियों के कार्ड बनाये जा चुके है और 95 हज़ार 01 सौ कार्ड बनाया जाना शेष है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सामान्य से अपील किया गया है कि जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बनवा लें।

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CG Corona Breaking : प्रदेश में कोविड के अबतक 30 एक्टिव मरीज..पिछले 24 घंटे में 9 मरिजों की पुष्टि..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh Corona breaking/रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोविड के 9 नए मरीज मिले है। गुरुवार को राजधानी रायपुर में 5 और बिलासपुर में 4 पेशेंट में कोविड की पुष्टि हुई हैं। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। अब तक ओवरऑल प्रदेश में 30 कोविड मरीज एक्टिव हैं। जिनमें 2 रिकवर हो गए वहीं 28 केस एक्टिव हैं।

दरअसल, इनमें से 27 होम आइसोलेशन में हैं, और 1 मरीज का इलाज निजी हॉस्पिटल में चल रहा है। सबसे ज्यादा 18 एक्टिव केस राजधानी रायपुर, इसके बाद बिलासपुर में 6, दुर्ग में 3 और बस्तर में 1 है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग कोविड JN.1 को लेकर लाइट अलर्ट है।

फिलहाल, मेकाहारा के डॉ. आर के पांडा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटाइन में ही ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उन मरीजों को ज्यादा खतरा है, जिन्हें पहले से दूसरी या एक से ज्यादा बीमारियां हैं। खासकर डायबिटीज पेशेंट और चेन स्मोकर्स नए वैरिएंट के चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

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CG Big News : अटल प्रतिमा पर असामाजिक तत्वों का उत्पात..जूतों की पहनाया माला..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/खैरागढ़। जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत अवेली से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां अटल चौक में लगी पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर असामाजिक तत्वों ने जूतों की माला पहना दी। ग्रामीणों ने जब सुबह उठ कर प्रतिमा पर जूतों की माला देखी तो तत्काल प्रतिमा के पास एकत्रित हुए और जालबांधा पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्राम कोतवाल के माध्यम से जूतों के हार को उतारा गया और मामले की जांच में जुट गई है।

दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि अटल चौक के पास स्थित मैदान में दो दिवसीय कबड्डी मैच का आयोजन किया गया था जिसका कल समापन था। देर रात लगभग 2 बजे तक मैच चला उसके बाद सभी ग्रामीण अपने अपने घर चले गए। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि, यह घटना रात 2 से सुबह 6 बजे की बीच की है क्योंकि 4 बजे के आस पास अटल चौक के आस पास के क्षेत्र की लाइट बंद हुई थी।

फिलहाल, उसी समय यह घटना हुई होगी। विद्युत विभाग का भी कहना है कि, हमारे द्वारा लाइट बंद नहीं की गई तो आशंका है कि असामाजिक तत्वों के द्वारा ही लाइट बंद करके इस घटना को अंजाम दिया गया। ग्राम पंचायत अवेली के पूर्व सरपंच व भाजपा नेता डोरेलाल साहू ने बताया कि, घटना की सूचना मैने वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि, अगर अपराधी को जल्द ही नहीं पकड़ा जाएगा तो हम सभी ग्रामीण सहित भाजपा नेता उग्र आंदोलन करेंगे।

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जशपुर में शिक्षा की नई उड़ान, नवसंकल्प के छात्रों ने SET पास कर बढ़ाया जिले का मान10 छात्रों ने किया क्वालीफाई 

जशपुर :- जिले के नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के 10 छात्रों ने छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET 2024) में शानदार सफलता हासिल की है। यह परीक्षा उच्च शिक्षण संस्थानों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पद के लिए आवश्यक होती है। जिले में संचालित इस संस्थान की सफलता से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी की लहर है।
यह उपलब्धि जिला कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संभव हो पाई है। दोनों अधिकारियों के समर्थन से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आज छात्रों के सपनों को उड़ान दे रहा है।
 *छात्रों को मिला विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन* 
संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सफल छात्र नवसंकल्प में चल रहे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बैचों से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि संस्थान से मिली नियमित क्लास, टेस्ट सीरीज और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से छात्रों को SET पास करने में बड़ी मदद मिली।
गणित विषय में विशेष सफलता देखने को मिली है। यहां के विषय विशेषज्ञ मनीष गुप्ता ने छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देकर कठिन विषय को आसान बना दिया। छात्रों ने बताया कि नवसंकल्प से पढ़ाई करके पेपर-1 काफी सरल हो गया।
 *ये हैं सफल छात्र* 
निर्मला पैंकरा (जीव विज्ञान),रिंपा पैंकरा (हिन्दी),संध्या गुप्ता (हिन्दी),सोनालिका पैंकरा (कंप्यूटर विज्ञान),निलेश देव पैंकरा (बॉटनी),होता साय (गणित),अतुल साय (गणित),दीपक सरजाल (गणित),अभिषेक भगत (गणित),दीपक कुजूर (कॉमर्स) इन सभी ने SET परीक्षा पास कर ली है और अब ये PhD में प्रवेश के साथ ही सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हो गए हैं।
 *शिक्षकों ने दी बधाई* 
छात्रों की इस उपलब्धि पर संस्थान के शिक्षक विनीत तिवारी, विवेक पाठक, शैलेश कोसले, और खुशबू द्विवेदी ने भी बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
 *छात्रों की जुबानी* 'नवसंकल्प ने दिया आत्मविश्वास'
सफल छात्र कहते हैं कि नवसंकल्प संस्थान की पढ़ाई, नोट्स और मॉक टेस्ट ने उन्हें आत्मविश्वासी बनाया। खासकर, जब बाकी कोचिंग संस्थान सिर्फ गाइडलाइन देते हैं, वहां नवसंकल्प में पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक तैयारी भी कराई जाती है।

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मुख्यमंत्री ने ली स्वास्थ्य विभाग की बैठक :आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का दिया निर्देश....

*अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। 

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। श्री जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। 

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं श्री मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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नवा रायपुर में स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम...कलाकारों के सपनों का मंच होगा कलाग्राम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, : नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

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बिलासपुर संभाग आयुक्त की बड़ी कार्रवाई .....बीईओ एम.डी. दीवान निलंबित....शिक्षकों की वरीयता सूची तैयार करने में लापरवाही का मामला

रायपुर, : स्कूल शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण संबंधी निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा एम.डी. दीवान को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की यह कार्रवाई आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर द्वारा की गई है। 

शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखण्ड में पदस्थ अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन कर वरीयता सूची तैयार की जानी थी। जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा द्वारा कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार की गई वरीयता सूची में अनियमितताएं पाई गईं हैं। सूची की त्रुटियों को काउंसलिंग के पूर्व ठीक कर प्रक्रिया तो पूर्ण कर ली गई, लेकिन वरीयता सूची तैयार करने में बरती गई लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर, जांजगीर-चांपा द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया था। इसी के आधार पर बिलासपुर संभागायुक्त ने बीईओ दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा विभाग, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर नियत किया गया है।

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युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम....नवा रायपुर में बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी,खेल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

 हमारे युवाओं के पास अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, : छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 4 जून को महानदी भवन, नया रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह अकादमी देश की श्रेष्ठ खेल संस्थाओं में से एक होगी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। 

राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नया रायपुर के सेक्टर-03, ग्राम परसदा स्थित 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। भूमि के प्रीमियम, भू-भाटक एवं जीएसटी सहित 39.22 करोड़ रूपए की प्रतिपूर्ति राज्य शासन, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को करेगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक भवन या संस्थान की शुरुआत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर देने की। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी जैसे संस्थान प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। यह अकादमी न केवल खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाएगी, बल्कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी देश का गौरव भी बढ़ाएंगे।

इस तीरंदाजी अकादमी की स्थापना एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से की जाएगी। प्रस्तावित अकादमी में आउटडोर तीरंदाजी रेंज, एसी युक्त इनडोर रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, निदेशकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल होंगी। भूमि आवंटन आदेश के तीन माह के भीतर लीज अनुबंध निष्पादित कर उसका पंजीयन कराना होगा तथा अनुबंध की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर तीन वर्षों में पूर्ण करना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी के निर्माण की जिम्मेदारी क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की होगी। इसलिए आवश्यक बजटीय प्रावधान राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में यह पहली बार होगा जब तीरंदाजी जैसे पारंपरिक और तकनीकी खेल के लिए इतनी बड़ी संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को भी एक मंच मिलेगा और प्रदेश खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान की ओर अग्रसर होगा।

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कांकेर में बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव के समापन में मुख्यमंत्री हुए शामिल,,,सामाजिक भवन के लिए 25-25 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर हाई स्कूल कराठी में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह महोत्सव क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का महत्वपूर्ण आयोजन है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आदिवासी समाज के आराध्य देव बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव हमारे पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत उन्होंने सभी लोगों से अपनी माता के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर और दुर्गुकोंदल में गोंडवाना समाज के भवन निर्माण के लिए 25-25 लाख रुपये, गोंडवाना समाज के 12 परगना में शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये, 5 सर्कल में शेड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये, ग्राम पंचायत संबलपुर के भवन निर्माण की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 3 लाख लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा गृह प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना, तेंदूपत्ता बोनस योजना, सुशासन तिहार, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना तथा होम स्टे योजना जैसे अनेक नवाचारों को लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) खोले जा चुके हैं। आगामी समय में हर पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नीति आयोग द्वारा आकांक्षी विकासखंडों को प्रोत्साहन स्वरूप 75 लाख रुपये की राशि का चेक कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को सौंपा। इस माके पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया और मावा मोदोल मंथन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से युवाओं की रुचि के अनुसार उन्हें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिले के पांच टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम को कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने इस आयोजन को आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया। महोत्सव में गोंडवाना समाज समन्वय समिति भानुप्रतापपुर के अध्यक्ष श्री हरीश चंद्र कावड़े की अध्यक्षता में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, पूर्व विधायक श्री देवलाल दुग्गा एवं श्रीमती सुमित्रा मारकोले, वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधिगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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जिला प्रशासन और यूनिसेफ के सहयोग से फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिकल सेल रोगियों का निशुल्क उपचार शिविर का हुआ आयोजन

फरसाबहार :जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज एवं यूनिसेफ के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में सिकल संगवारी टीम द्वारा सिकल सेल रोगियों के लिए विशेष परामर्श एवं उपचार शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में 33 सिकल सेल रोगियों ने उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। इस अवसर पर डीसी देवेश सिंह, एडीसी बिक्रम प्रमाणिक, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन भगत, डॉ. साक्षी, लैब तकनीशियन कौशल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

चिकित्सा केंद्र में इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसमें रोगियों की पुष्टि जांच की जा रही है और रजिस्टर संधारित किया जा रहा है।

शिविर के दौरान सहकर्मी सहायता बैठक का आयोजन भी किया गया, जिसमें सिकल रोगियों को नियमित रक्त जांच, समय पर परामर्श, और सही जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. साक्षी एवं कौशल ने मरीजों से बातचीत कर यात्रा की कठिनाइयों, कम प्रेरणा, और आर्थिक-सामाजिक चुनौतियों को समझा और समाधान के सुझाव साझा किए।

बैठक में यूनिसेफ-एग्रीकॉन परियोजना के ब्लॉक समन्वयक गुरुदेव प्रसाद (जशपुर) और 'जय हो' स्वयंसेवक दल (फरसाबहार) ने भी सहभागिता की। इन्होंने मरीजों और व्यवस्था संबंधी व्यवहारिक समस्याओं पर चर्चा की।

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प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं  में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा परिणाम घोषित

नाम एवं रोल नम्बर मिलाने में त्रुटि होने की दशा में 10 जून तक कर सकते हैं दावा आपत्ति*

जशपुरनगर : प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं में शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रवेश हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों में 20 अप्रैल 2025 को प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। राज्य कार्यालय द्वारा प्राक्चयन परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए, जिलेवार सूची विभागीय वेबसाईट WWW.eklavya.cg.nic.in  पर 04 जून 2025 अपलोड की गई है। मेरिट सूची का प्रकाशन पृथक से किया जाएगा।
  आवेदक वेबसाईट पर दर्शित परीक्षा परिणाम में अपना नाम एवं रोल नम्बर का मिलान कर सकते हैं। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर आवेदक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जशपुर में स्वयं उपस्थित होकर दावा 10 जून 2025 दावा आपत्ति आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके पश्चात् दावा आपत्ति मान्य नहीं किया जाएगा। डाक द्वारा दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जावेगा।

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पीएम जनमन योजना के तहत सन्ना ओर पंडरापाठ सड़क निर्माण का अवलोकन किया साथ ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने का दिया गया निर्देश 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को सन्ना तहसील क्षेत्र के ग्राम भादुरोड ढ़कनीपानी तक पीएम जनमन योजना के चिन्हांकित सड़क का अवलोकन किया  जिसकी लम्बाई 2.90 किलोमीटर तक है निर्माण कार्य स्थिति जीएसटी स्तर और निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण किया जाना है। उन्होंने  पंडरापाठ से सेन्दवार तक के निर्माण सड़क का अवलोकन किया जिसकी लम्बाई 6.00 किलोमीटर तक है।

कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण के कार्यों का अवलोकन किया और गुणवत्ता का विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर बगीचा एसडीएम रितुराज बिसेन जनपद सीईओ कमल कांत श्रीवास सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग संजय सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को मूलभूत सुविधाएं पानी, बिजली, सड़क, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा,उनका आधार कार्ड, बैंक खाता, राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, किसान सम्मान निधि सहित केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

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कलेक्टर ने पंडरापाठ में  पीएम जनमन के तहत हितग्राही बुचू राम के भवन का किया अवलोकन  

 
जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बगीचा विकास खंड के ग्राम पंडरापाठ में पीएम जनमन योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही बुचूराम के प्रधानमंत्री आवास योजना के भवन का अवलोकन किया‌ और हितग्राहियों से अन्य योजनाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने बुचूराम के भवन में पानी , बिजली और शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। 
हितग्राही बुचूराम अपना खुद का मकान पाकर बहुत खुश दिखे उन्होंने कहा कि पहले कच्चा मकान में परिवार के साथ रहने में बहुत दिक्कत जाती थी। पानी बरसात, गर्मी में भी समस्या होती थी सांप बिच्छू काटने का भी डर बना रहता था। अब उनका खुद का मकान बन जाने से बहुत खुश हैं और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करने की बात कही। 
इस अवसर पर बगीचा एसडीएम रितुराज बिसेन, जनपद सीईओ कमल कांत श्रीवास सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने किया फलदार पौधों का रोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश.....

जशपुरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं समाजसेविका श्रीमती कौशल्या साय ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने निवास परिसर स्थित बगिया में फलदार पौधों का रोपण किया। उन्होंने फलदार पौधों का चयन किया, जो न केवल पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक फल भी प्रदान करते हैं।

पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, विशेष अभियान " एक पेड़ मां के नाम" के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक पहल किया जा रहा है,साथ ही "विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम अपने आसपास हरियाली बढ़ाएं और एक-एक पौधा लगाएं, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि फलदार पौधे न केवल वायुमंडल को स्वच्छ बनाते हैं, बल्कि लोगों को पोषण भी प्रदान करते हैं। श्रीमती साय ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से अपील की कि वे भी अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद सदस्य अटल बिहारी साय सहित महिलाओं का समूह शामिल हुए। श्रीमती कौशल्या साय ने अंत में सभी नागरिकों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और यह संकल्प लिया कि वह हर वर्ष इस दिन पौधारोपण कर पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान देती रहेंगी।

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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने मुख्यमंत्री श्री साय से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती रहाटकर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंटकर सम्मानित किया। सौजन्य मुलाकात के दौरान महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक श्री विक्रम उसेंडी भी उपस्थित रहे।

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