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CG Corona Update : छत्तीसगढ़ में मिले 12 नए कोरोना मरीज..42 संक्रमितों का चल रहा इलाज..जाने पूरी जानकारी

CG Corona Update /रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रही है। प्रदेश में आज 12 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं 15 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। यह जानकारी कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर से प्राप्त हुई है।

दरअसल, प्रदेश के 7 जिलों में कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्टिव केस रायपुर से 6 मरीज मिले हैं, जबकि बिलासपुर में 4 और दुर्ग जिले से 2 नए संक्रमित सामने आए हैं।

फिलहाल, प्रदेश में वर्तमान में कुल 42 सक्रिय कोरोना मरीज हैं। इनमें से 35 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। साथ ही 6 मरीज़ों का इलाज सामान्य वार्ड में किया जा रहा है और 1 मरीज ICU में भर्ती है। वहीं अब तक 45 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

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मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" और "पीपल फॉर पीपुल" जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

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मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से कर्मचारियों को डिजिटल सुविधा: सेवा जानकारी अब मोबाइल एप पर अपडेट,,,सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। "डिजिटल प्रशासन - पारदर्शी समाधान" की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी "कुंडली" को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। 

संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।

अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।

*कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ*

कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।

साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

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Jashpur Big News : ऑपरेशन अंकुश.! फरार चल रहे मोस्ट वांटेड रितेश को किया गया गिरफ्तार..पेशी के दौरान, बस से कूदकर हो गया था फरार..पांच पुलिस कर्मी हो गए सस्पेंड..पढ़ें पूरी खबर

जशपुर नगर । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत मोस्ट वांटेड फरार आरोपी रितेश को पकड़ने में जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

जशपुर। ऑपरेशन अंकुश: मोस्ट वांटेड फरार आरोपी रितेश को पकड़ने में जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 2 जून को मुलजिम पेशी के दौरान कुनकुरी से लौटते वक्त,लोरो घाट में बस से कूदकर फरार हो गया था। मामले में SSP ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया था। फरार आरोपी रितेश को पकड़ने SSP ने बनाई थी पुलिस टीम, सक्रिय मुखबिर तंत्र किए थे। अंततः मुखबिर की सूचना पर, सरबकोम्बो बादल खोल जंगल से पुलिस ने फरार आरोपी रितेश को धर दबौचा। आरोपी को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर टीआई संत लाल आयाम व आरक्षक बसंत कुमार खुटिया को SSP ने नगद ईनाम से पुरस्कृत किया। फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह, , थाना नारायणपुर में दर्ज एक लड़की से मारपीट के मामले में जेल में निरुद्ध था।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि आरोपी रितेश प्रताप सिंह वर्ष 2023 में एक नाबालिक लड़की को शादी का झांसा देकर भगा कर ले जाने के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है, जेल से छूटने के बाद दिनांक 17.05.25 को आरोपी रितेश प्रताप सिंह के द्वारा पुनः उक्त लड़की को शादी करूंगा कहकर, अपने साथ मोटर साइकल में बैठा कर ले गया था, इस दौरान आरोपी रितेश ने लड़की को बादलखोल जंगल में ले जा कर लड़की से गाली गलौच व मारपीट किया था, फिर वह लड़की को अपने घर कुनकुरी ले गया, जहां भी वह लड़की को लगातार प्रताड़ित कर रहा था, वहां दो दिन लड़की को अपने साथ रखने के बाद, वह लड़की सहित थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत अपने एक रिश्तेदार के यहां गया, वहां भी लड़की को प्रताड़ित करते हुए उसके गुप्तांगों को सिगरेट से जला दिया था, व लड़की के शरीर को दांतों से काटा था, लड़की किसी तरह अपनी जान बचाकर भागी थी।

दरअसल, लड़की की रिपोर्ट पर थाना नारायणपुर में आरोपी रितेश प्रताप सिंह के विरुद्ध बी एन एस की धारा को लेकरबी एन एस की धारा 296,115(2),118,64 व 62 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी रितेश को गिरफ्तार कर दिनांक 20.05.25 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

वहीं, पुलिस के द्वारा दिनांक 02.06.25 को आरोपी रितेश प्रताप सिंह को मुलजिम पेशी हेतु, जिला जेल जशपुर से अन्य छह मुलजिमों के साथ शासकीय वाहन से माननीय न्यायालय कुनकुरी ले जाया गया था, पेशी पश्चात वापसी के वक्त शाम करीबन 19.45 बजे, लोरो घाट में आरोपी रितेश प्रताप सिंह, पुलिस को चकमा देकर, चलती बस से कूदकर कर फरार हो गया था। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित भी किया था। साथ ही पुलिस टीम गठित कर फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह की पता साजी हेतु रवाना की गई थी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था, व पुलिस की टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी।

ज्ञात हो कि, पुलिस टीम फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह की पता साजी के दौरान लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, कि इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से सूचना मिला कि फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह,सरबकोम्बो बादल खोल जंगल में है, व कहीं और भागने के लिए अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से रुपए पैसे का जुगाड कर रहा है,।

वहीं, पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के दिशा निर्देश पर, मुखबिर के बताए स्थान पर जाकर, घेराबंदी कर,सरबकोम्बो बादल खोल जंगल से फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह को धर दबौचा गया। आरोपी रितेश प्रताप सिंह को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।

दरअसल, मामले की कार्यवाही व फरार आरोपी की पता साजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक संतलाल आयाम,प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक बसंत खुटिया,आरक्षक विनोद राम, सुरेन्द्र निराला, याकूब एक्का, व आनंद खलखो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

फिलहाल, मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि मुलजिम पेशी के दौरान कुनकुरी से लौटते वक्त लोरो घाट में पुलिस की चलती बस से कूदकर फरार आरोपी रितेश को पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से ढूंढ निकाला है, उसे गिरफ्तार जेल भेजा जा रहा है। आरोपी को ढूंढ निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर निरीक्षक संत लाल आयाम व आरक्षक बसंत कुमार खुटिया को नगद ईनाम से पुरुस्कृत किया जावेगा

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मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ......प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। श्री साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्री वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया।

*मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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नियद नेल्लानार योजना बनी क्रांतिकारी बदलाव की वाहक,,,,रोशनी से जगमगाया मुदवेंडी गांव

रायपुर, :  वर्षों तक माओवाद की पीड़ा में सिसकते रहे बीजापुर जिले का छोटा सा गांव मुदवेंडी अब बदलाव की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब न केवल शुद्ध पेयजल और पक्की सड़क से जुड़ चुका है, बल्कि अब यहां बिजली की रोशनी ने भी दस्तक दे दी है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और नियद नेल्लानार योजना की बदौलत।

इस गांव में केवल 45 परिवार रहते हैं, पर इनके जीवन में हाल के दिनों में जो परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। पहले जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता था और रात में एक कदम चलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब बिजली आने से न केवल घरों में उजाला हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के दिलों में भी उम्मीद की लौ जल उठी है।

*माओवाद से सुशासन तक की यात्रा*

लंबे समय तक माओवादी हिंसा की वजह से विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में अब सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। यह बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

गांव के निवासी श्री हुंरा कुंजाम बताते हैं, हमारे गांव में वर्षों बाद बिजली पहुंची है। पहले जहां अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती थी, अब रात को भी बच्चे आराम से पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के खतरे से भी अब राहत मिली है। हुंरा कुंजाम बताते हैं कि नियद नेल्लानार योजना के तहत वर्षों से बंद पड़ा स्कूल अब पुनः प्रारंभ हो चुका है। एक पीढ़ी के अंतराल के बाद गांव के बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है।

*खुशी का माहौल, उम्मीदों की नई सुबह*

गांव के ही श्री लखमा कुंजाम का कहना है, बिजली आने से गांव में उत्सव का माहौल है। अब रात्रि में भी घर के काम आसानी से हो जाते हैं, बच्चे पढ़ते हैं और गांव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करता है। 

*नियद नेल्लानार योजना: उम्मीद की किरण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना वास्तव में अब एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बन चुकी है। इस योजना के तहत न केवल विकास के कार्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी मिल रही है। मुदवेंडी गांव की यह कहानी बताती है कि जब शासन की नीयत साफ हो और योजनाएं ज़मीन पर उतरें, तो दूरस्थ अंचलों में भी बदलाव की किरण पहुंच सकती है। अब अंधेरे की जगह उजाले की पहचान है मुदवेंडी। यह है सुशासन का सच और नई छत्तीसगढ़ की दिशा।

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युक्तियुक्तकरण से बटुराकछार स्कूल में 97 बच्चों को मिले 4 शिक्षक,,,,,पालकों में खुशी की लहर

रायपुर, : रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के दूरस्थ गांव बटुराकछार के बच्चों को अब बेहतर पढ़ाई का अवसर मिलने जा रहा है। यहां के प्राथमिक स्कूल में पहले सिर्फ एक शिक्षक ही थे, वह भी किसी दूसरे स्कूल से व्यवस्था के तहत पढ़ाने आते थे। लेकिन अब राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस स्कूल में 4 शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं। 

इस स्कूल में 97 बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। गांव के पालक इतवार दास महंत ने बताया कि उनका बेटा टिकेश्वर दूसरी कक्षा में पढ़ता है, लेकिन एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के साल बहुत जरूरी होते हैं और शिक्षक न होने से यह समय बर्बाद हो रहा था। अब शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई सुधरेगी। गांव के ही शाखाराम राठिया ने भी शिक्षक मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तुलेश तीसरी कक्षा में है और शिक्षक की अनुपस्थिति से पढ़ाई पर असर पड़ता था। पहले एक शिक्षक के छुट्टी पर जाने से पूरा स्कूल बंद करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या नहीं रहेगी।

जिले के शिक्षा विभाग ने 3 और 4 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे जिले के 21 ऐसे स्कूलों में शिक्षक भेजे गए हैं, जहां पहले कोई शिक्षक नहीं था। अधिकतर स्कूल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में हैं। अब यहां नियमित कक्षाएं लग सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हो रही इस पहल से पालकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद मिली है। शिक्षा विभाग की यह कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है।

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अब शिक्षक विहीन नहीं रहा राज्य का कोई भी प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी स्कूल....447 शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की हुई पदस्थापना

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बेहद सार्थक परिणाम सामने आए हैं। राज्य की कुल 453 शिक्षक विहीन शालाओं में से 447 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। राज्य में 16 जून से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में घंटी बजेगी, क्लास लगेगी और बच्चों के पढ़ाई के स्वर गुंजेंगे। शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना से एक नई उम्मीद जगी है। गांवों में शिक्षक के आने की खबर से पालक और बच्चे बेहद खुश हैं। शासन-प्रशासन का आभार जताने के साथ ही पालकगण बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद फिर से संजोने लगे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शिक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के कई स्कूल शिक्षक विहीन स्थिति में थे विशेष रूप से सुदूर अंचलों के। इसलिए हमनें युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि जहां-जहां जरूरत हो वहां शिक्षकों की तैनाती हो। राज्य के शत-प्रतिशत शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना इस प्रक्रिया की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया सफल प्रयास है।  

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत शिक्षक विहीन 357 प्राथमिक शालाओं, 30 माध्यमिक शालाओं में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। राज्य के शिक्षक विहीन 66 हाई स्कूलों में से सुकमा जिले के 4 हाई स्कूल तथा नारायणपुर जिले के 2 हाई स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना के लिए अभी काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है, जबकि 60 शिक्षक विहीन हाईस्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है। 

जिला शिक्षा अधिकारी नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 3 शिक्षक विहीन हाई स्कूलों में से सुलेगा धौड़ाई हाई स्कूल में 3 शिक्षकों की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पूरी कर ली गई है। हाईस्कूल कन्हारगांव एवं सोनपुर हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती के लिए 12 जून को काउंसलिंग की जाएगी। इसी तरह सुकमा जिले के चिंतलनार, गुम्मा, गंजेनार एवं कांजीपानी हाई स्कूल जिला स्तर पर पूरी हो चुकी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद भी  शिक्षक विहीन हैं। इन हाई स्कूलों में राज्य स्तर पर होने वाली काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना की उम्मीद जिला प्रशासन को है। जिला शिक्षा अधिकारी सुकमा ने बताया कि उक्त चारों हाई स्कूलों के कैम्पस में संचालित पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं अतिथि शिक्षकों के माध्यम से यहां अध्ययन-अध्यापन का प्रबंध पूर्व से ही होता रहा है। अब तक की स्थिति में सुकमा जिले के 4 और बीजापुर जिले के मात्र 2 हाई स्कूलों को फिलहाल छोड़ भी दें, (जबकि इन 6 हाई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती अभी प्रक्रियाधीन है) तो राज्य में प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकण्डरी स्कूल तक अब ऐसा कोई भी स्कूल है, जो शिक्षक विहीन हो। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य का कोई भी हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं था। मात्र 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल एकल शिक्षकीय थे, जिनमें युक्तियुक्तकरण के तहत एक से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति गई है। युक्तियुक्तकरण के तहत हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में विषयवार व्याख्याताओं की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की गई है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन-अध्यापन का बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके। 

राज्य में 5672 प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षकीय थे, इनमें से युक्तियुक्तकरण के बाद 4465 स्कूलों में दो अथवा दो से अधिक शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है। राज्य में मात्र 1207 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इसी तरह 211 एकल शिक्षकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं में से 204 शालाओं दो अथवा दो अधिक शिक्षकों की तैनाती की गई है, अब मात्र 7 माध्यमिक शालाएं ही राज्य में एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इन शालाओं में भी और अधिक शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग व्यवस्था बनाने में जुटा है। इसी तरह राज्य के 49 एकल शिक्षकीय हाई स्कूलों में से 48 हाई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना पूरी कर ली गई है। आज की स्थिति में राज्य में मात्र एक हाई स्कूल एकल शिक्षकीय बचा है।

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प्रदेश में युक्तियुक्तकरण में अनियमितता के कारण  अधिकारियों  पर लगातार हो रही है कार्यवाही......एक और  विकासखंड शिक्षा अधिकारी को संभागायुक्त ने किया निलंबित 

रायपुर, : शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरतने के मामले को लेकर संभागायुक्त दुर्ग ने बालोद जिले के डौण्डी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जयसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति, बालोद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा गंभीर अनियमितताएं बरतने का मामला पकड़ में आया है। 

प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा कई शिक्षकों को गलत तरीके से अतिशेष की श्रेणी में डाला गया है, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए था। श्रीमती रीता गरेवाल, जो अभी परिवीक्षा अवधि में हैं, उन्हें गलत तरीके से अतिशेष माना गया। इसी तरह श्री नूतन कुमार साहू को भी ऐसे ही हालात में अतिशेष गिना गया, जबकि स्कूल में गणित विषय का एक ही शिक्षक पदस्थ है। पूर्व माध्यमिक शाला साल्हे, धुरवाटोला और पूत्तरवाही में भी विषय और शिक्षक चयन में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। इन सभी मामलों में श्री भारद्वाज की ओर से गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता बरती गई। जिसके फलस्वरूप संभागीय आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बालोद निर्धारित किया गया है।

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पुरी की परंपरा दोकडा में :भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा का पुरी की तर्ज पर हुआ अमृत स्नान....... त्रिदेवों के भव्य शाही स्नान को देखने पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालू 

जशपुर /दोकड़ा। धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह से सराबोर दोकड़ा गांव में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को देव स्नान महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और विधिपूर्वक संपन्न हुआ। श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

पूरी धाम के तर्ज पर हुआ देव स्नान

पवित्र परंपराओं के अनुसार, भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं का 108 कलशों के गंगा जल एवं अन्य तीर्थ जल से विधिवत स्नान कराया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और हरि नाम संकीर्तन से गूंज उठा। महोत्सव की भव्यता ने लोगों को पुरी श्रीमंदिर के देव स्नान की अनुभूति कराई।

महाप्रभु का गजानन वेश एवं महाप्रभु को लगाया गया 56 भोग 

स्नान के उपरांत भगवान जगन्नाथ को पारंपरिक गजानन वेश में सजाया गया। इस विशेष रूप में महाप्रभु के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने इसे अत्यंत शुभ और दिव्य अवसर माना तथा भगवान के इस स्वरूप को श्रद्धा से निहारा।साथ ही महाप्रभु को 56 भोग लगाया गया।

कीर्तन मंडली ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में स्थानीय एवं अतिथि कीर्तन मंडलियों ने भजन, कीर्तन और ओडिशा की पारंपरिक भक्ति संगीत प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास की लहर दौड़ गई। ताल, मृदंग और घंटा की गूंज ने उपस्थित भक्तों को भक्ति में सराबोर कर दिया।

विशाल रथ का हो रहा निर्माण

देव स्नान के साथ ही रथ यात्रा की तैयारियों का शुभारंभ भी हो गया। मंदिर समिति द्वारा बताया गया कि इस वर्ष रथ यात्रा के लिए एक विशाल और भव् रथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसे लेकर गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।


महाआरती के बाद महाप्रसाद का हुआ वितरण

देव स्नान के कार्यक्रम पश्चात महाप्रभु जी का गजानन वेश कराया गया,इसके पश्चात महाआरती कर महाप्रसाद वितरण किया गया।

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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का मकान बनाने का सपना हो रहा है पूरा,,,,70 वर्षीय संतु चक्रेस  अपना पक्का मकान पाकर खुश,मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

जशपुर : प्रधानमंत्री आवास आवास योजना लोगों के सपनों को साकार करने के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मकान बनाने की चिंता को भी दूर कर रहा है ।
 
जशपुर जिले के कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा के 70 साल के संतु चक्रेस अपना खुद का पक्का मकान पाकर खुश है और उनकी खुशी दुगनी हो गई जब विगत दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर प्रवास पर थे और उनके हाथों से घर का
 चाबी मिला  ।
 
हितग्राही संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में पक्का मकान मिलने की बहुत खुशी महसूस हो रही है और परिवार के लिए घर बनाने की चिंता से भी मुक्ति मिल गई है।
 
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ था जो अब बनकर तैयार हो चुका है।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन जीवन जीने  लिए यह सिर्फ मकान नहीं,बल्कि उनके सपनों का आशियाना भी है।

बरसात में छत टपकती थी और हमेशा जहरीले जीवों का डर सताता था। लेकिन जब से यह पक्का आवास बना है तब से परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं पहली बार है कि खुद का मजबूत और सुरक्षित घर है।”

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पूरी धाम की परंपराओं संग आज दोकडा के ऐतिहासिक महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर  में होगा देव स्नान महोत्सव, होगी भव्य पूजा.......

दोकड़ा। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में आज देव स्नान महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन पूरी धाम, ओडिशा की पारंपरिक विधियों के अनुसार संपन्न किया जाएगा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।

इस पावन अवसर पर मंदिर प्रांगण में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। कीर्तन मंडलियों की सुमधुर भजनों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। मंदिर समिति ने कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं और सुरक्षा व सुविधा व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

दोपहर 1:00 बजे – मंगल आरती एवं कीर्तन मंडली का शुभारंभ

1:30 बजे – पहुंडी (भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विशेष शोभायात्रा)

2:30 बजे – देव स्नान (भगवानों का पवित्र जल से अभिषेक)

3:30 बजे – महाप्रभु श्रृंगार एवं गजानन वेश दर्शन

4:00 बजे – आरती एवं पुष्पांजलि अर्पण

4:30 बजे – महाप्रसाद वितरण


रथयात्रा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्री जगन्नाथ रथयात्रा का प्रारंभ दोकड़ा में वर्ष 1942 में हुआ था। इसकी नींव स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी ने रखी थी। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई जा रही है।

इस वर्ष भी विशाल रथ का निर्माण ओडिशा के प्रसिद्ध संबलपुर से आए कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। रथ की कारीगरी और अलंकरण दर्शनीय है, जो स्थानीय संस्कृति और ओडिशा की परंपरा का समावेश प्रस्तुत करता है।

स्थानीय जनमानस में उत्साह

ग्रामवासी, श्रद्धालु एवं भक्तजन इस उत्सव को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। विशेष तौर पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह दिन एक आध्यात्मिक पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने भी महोत्सव को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है।

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साझा मंच ने सभी 33 जिलों में भ्रष्ट अधिकारियों की दस्तावेज सहित खोली पोल...संचालक मंडल की दहाड़... अन्याय बर्दास्त नहीं ... दोषी अधिकारियों पर दर्ज हों एफआईआर भेजे जेंल... 

रायपुर /  युक्त युक्तिकरण में हुए व्यापक धांधली, अनियमितता, भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद और प्रशासनिक दादागिरी के खिलाफ आज प्रदेशभर के शिक्षकों का गुस्सा सड़क पर दिखा।
           प्रदेश संचालक जाकेश साहू ने बताया कि शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ ने आज राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम सभी जिला कलेक्टरो को ज्ञापन सौंप कर युक्त युक्तिकरण में हुए व्यापक भ्रष्टाचार, अनियमितता, भाई भतीजाबाद एवं धांधली के आरोपी सभी डीईओ एवं सभी बीईओ को बर्खास्त कर उन पर धोखाधड़ी एवं शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोपो में एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है।
       शिक्षक साझा मंच के सभी 23 प्रदेश संचालकों ने आज बलरामपुर से लेकर सुकमा तथा राजनांदगांव से लेकर महासमुंद तक सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की पूरे प्रमाणित दस्तावेजी साक्ष्य सहित पोल खोल कर रखा। तथा सभी जिलों में रैली निकालते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं सभी भ्रष्ट्र विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
          बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले में बस्तर टाइगर प्रदेश संचालक केदार जैन ने भ्रष्ट अधिकारीयो के खिलाफ सिंह गर्जना करते हुए विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण को तत्काल रद्द करने की मांग की। यहां सभी जिला संचालको के साथ शिक्षक नेता केदार जैन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर युक्तिकरण को तत्काल रद्द कर 2008 का सेटअप लागू करने की मांग की। 
         इसी प्रकार बिलासपुर में प्रदेश संचालक मनीष मिश्रा, संजय शर्मा और भूपेंद्र बनाफर ने मांगों के संदर्भ में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की इसी जिला कड़ी में राजधानी रायपुर जिला मुख्यालय में प्रदेश संचालक वीरेंद्र दुबे एवं राजनारायण द्विवेदी ने अपने साथी शिक्षकों के साथ कलेक्टर परिसर में नारेबाजी करते हुए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
        दुर्ग जिले में साझा मंच के प्रदेश संचालक विकास राजपूत, जाकेश साहू, धर्मदास बंजारे एवं विष्णु प्रसाद साहू की अगुवाई जिले के शिक्षकों ने स्थानीय राजेंद्र पार्क में एकत्रित होकर  सबसे पहले संबंधित सभी पीड़ित शिक्षकों से उनकी समस्याएं सुनी, सभी से आवेदन लिया गया, फिर मुख्यमंत्री के नाम स्थानीय कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। 
            इसी प्रकार कोरबा में गिरीश केशकर, कवर्धा में कमलदास मूरचले, सारंगढ़ में लैलूंन कुमार भरद्वाज, प्रदीप कुमार लहरे, मोहला में शंकर साहू, बलौदाबाजार में विक्रम राय, चेतन बघेल, इसी प्रकार प्रदेश संचालक प्रदीप पांडे, भूपेंद्र गिलहरे, अनिल टोप्पो आदि ने अलग अलग जिलों में रैली का नेतृत्व करते हुए ज्ञापन सौंपा।

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मुख्यमंत्री की विशेष पहल ,नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगर पंचायत कुनकुरी में नालंदा परिसर निर्माण कार्य हेतु दर की दी गई सहमति,

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के शैक्षणिक विकास के  लिए नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है।  इसी कड़ी में महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा  नगर पंचायत कुनकुरी में नालंदा परिसर में निर्माण कार्य हेतु दर की सहमति संबंधी पत्र जारी किया गया है।
     इसके अनुसार छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1956 के अंतर्गत (मेयर इन कौंसिल/प्रेसिडेंट इन कौर्सिल कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियाँ एवं कर्तव्य) नियम 1998 के नियम 5 के उप नियम (2) के अंतर्गत नगर नगर पंचायत कुनकुरी में नालंदा परिसर निर्माण कार्य हेतु संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास के निविदा समिति की बैठक दिनांक 16.05.2025 में की गई।
    इसके अनुशंसा अनुसार निविदा में मेसर्स श्रद्धा कंस्ट्रक्शन बिलासपुर से प्राप्त नेगोशिएटेड दर 7.92 प्रतिशत अधिक एस.ओ. आर. एवं उस पर होने वाले व्यय राशि रू. 4,71,75,069.00 (रूपये चार करोड़ एकहत्तर लाख पचहत्तर हजार उनहत्तर मात्र) की निविदा से संबंधित समस्त प्रासंगिक नियमों के पालन करने की शर्त पर सहमति दी जाती है।

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CG News : नक्सलियों को करता था हथियार और विस्फोटक सामान सप्लाई..नक्सली मददगार गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/नारायणपुर। कुतुल मार्ग से पुलिस ने माओवादियों को हथियार और विस्फोटक सप्लायर को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार बखरूपारा निवासी प्रकाश सोनी पिता स्व. गौतम सोनी ( 27 वर्ष) के पास से एक कत्था रंग के स्कूटी में रखे तीन मीटर कॉर्डेक्स वायर, बिजली तार, स्कैनर (वाकी–टाकी), 20 नग राउंड, तीन डेटोनेटर बरामद किया गया है।

दरअसल, पूछताछ में आरोपित प्रकाश ने बताया कि वह विगत चार–पांच वर्षों से माओवादियों को बंदूक की गोली, विस्फोटक सामग्री व अन्य सामग्री अवैध रूप से खरीदकर सप्लाई कर रहा था। उसने कई माओवादियों के साथ अन्य शहरी नेटवर्क के नाम का राजफाश किया है।

फिलहाल, पुलिस का दावा है कि इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) बनाने में प्रयुक्त होने वाला यह सामान उसने माओवादियों को सप्लाई करने रखा था। प्रकाश से मिली सूचना पर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए आगे की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार उसके तार कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं।

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कमिश्नर सरगुजा संभाग की बड़ी कार्रवाई : शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में गंभीर अनियमितताओं के कारण बीईओ निलंबित

रायपुर, : सरगुजा संभाग के आयुक्त ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी मनेन्द्रगढ़ सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य शासन के निर्देशानुसार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के दौरान बरती गई अनियमितताओं के चलते की गई है। जारी आदेश के अनुसार, श्री जायसवाल पर शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में हेरफेर करने, विषयों की गलत जानकारी देने और चक्रिय नियमों का पालन न करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

आदेश में तीन प्रमुख अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है जिस में माध्यमिक शाला लेदरी में वरिष्ठता क्रम में आगे होने के बावजूद श्रीमती गुंजन शर्मा को अतिशेष घोषित किया गया। इसी तरह प्राथमिक शाला चिमटीमार में नियुक्ति तिथि के आधार पर श्रीमती अर्णिमा जायसवाल को अतिशेष माना जाना चाहिए था, किंतु इसके विपरीत श्रीमती संध्या सिंह को अतिशेष सूची में रखा गया। माध्यमिक शाला साल्ही में शिक्षक श्री सूर्यकांत जोशी के विषय की गलत जानकारी दी गई और विषय चक्र का पालन नहीं किया गया।

आयुक्त सरगुजा ने इसे कर्तव्य में लापरवाही और स्वैच्छाचारिता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलम्बन की कार्रवाई की है। निलंबन की अवधि में श्री जायसवाल का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर नियत किया गया है।

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21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री रहेंगे शामिल......जिला पंचायत सीईओ ने योग दिवस के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देश 

जशपुर  : जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा, मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों को विस्तार से समीक्षा किए उन्होंने सभी अधिकारियों को आवेदनों का निराकरण समय सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 21 जून को जशपुर में राज्यस्तरीय योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी शामिल होंगे कार्यक्रम रणजीता स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं 

उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर योगा मेट, पानी, माईक  साउंड सिस्टम,बिजली, शौचालय, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। योगाभ्यास सभी विकास खंडों में आयोजित करने के लिए कहा गया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे। उन्होंने रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम के प्रगति की भी समीक्षा किए और जिन शासकीय भवनों में रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है वहां लगवाने के निर्देश दिए हैं।

अपर कलेक्टर ने बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति के संबंध में जानकारी दी जिसके तहत जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री द्वारा और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे, आवेदन 6 जून से 13 जून तक स्वीकार किए जाएंगे
 
न्यूनतम दो वर्ष सेवा अनिवार्य है, गंभीर बीमारी, मानसिक/शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण हेतु एवजीदार अनिवार्य है 
तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग की कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परीविक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। 

पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा।

स्थानांतरण के विरूद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अभ्यावेदन किया जा सकेगा। 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, अत्यंत आवश्यक होने पर समन्वय में अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किया जा सकेगा।

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कभी थे शिक्षक विहीन स्कूल, अब युक्तियुक्तकरण के बाद 15 शिक्षक विहीन स्कूल में 34 शिक्षक हुए पदस्थ

 जशपुरनगर, / जिले में कभी शिक्षक विहीन रहे स्कूल अब शिक्षा की रोशनी से जगमगाने लगेंगे। युक्तियुक्तकरण के पूर्व जिले में 15 शिक्षक विहीन स्कूल थे। इसमें प्राथमिक शाला की संख्या 14 और हाई स्कूल की संख्या 01 थी। युक्तियुक्तकरण के उपरांत इन 14 प्राथमिक शाला में 28 और 01 हाई स्कूल में 06 शिक्षकों को दर्ज संख्या के मान से पदस्थ कर दिया गया है। 
   इसी तरह युक्तियुक्तकरण के पूर्व एकल शिक्षकीय प्राथमिक शाला की संख्या 262 थी। युक्तियुक्तकरण के बाद 262 शिक्षकों को दर्ज संख्या के मान से पदस्थ कर दिया गया है। जिले में अब शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों की संख्या शून्य हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। 
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसको ध्यान में रखकर शालाओं और शिक्षकों का तर्कसंगत समायोजन किया जा रहा है। जहां जरूरत ज्यादा है, वहां शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को, जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीक के अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जा रहा है, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर मिल सके। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी।   
      छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और प्रभावशाली प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता का नया संतुलन कायम होगा।

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