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राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, खेलों के लिए बुनियादी ढांचा होगा सुदृढ़....धमतरी और कुरूद को मल्टीपर्पज इंडोर स्पोर्ट्स की सौगात


रायपुर, 26 अगस्त 2025/- छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर खेल सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार कई महत्त्वपूर्ण पहल कर रही है। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करती है बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की उपलब्धता, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता और पारंपरिक खेलों के आयोजन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले के धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न इनडोर खेलों की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज, लूडो एवं साँप-सीढ़ी, डार्ट बोर्ड, स्नूकर, तीरंदाजी, योग कक्ष, स्क्वॉश, बास्केटबॉल,  पिकलबॉल प्रमुख हैं। सबसे अहम यह है कि इन खेलों के लिए आवश्यक उपकरण और संरचनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी।
इतना ही नहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में न केवल खेल सुविधाएं बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के आराम और तैयारी के लिए प्लेयर रूम, दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स हॉल वेटिंग एरिया, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए फर्स्ट एड रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय शामिल हैं। इन प्रावधानों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
धमतरी और कुरूद के आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा खेलों में सक्रिय हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण वे अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुँचा पाते। इन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे।

धमतरी और कुरूद के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में धमतरी और कुरूद के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

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सुशासन एक्सप्रेस रथ पहुंच रही घर-घर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण

रायपुर, 26 अगस्त 2025/ रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है। 

ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा

ग्राम पंचायत संकरी के युवा श्री उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई  जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले श्री राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था। 

67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण

सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 

गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप

किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है।

प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया।

प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है। 

नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव
 
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

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कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में शिक्षक सम्मान समारोह 2025 : छत्तीसगढ़ के लब्धवान शिक्षकों का गौरवपूर्ण अलंकरण

टुमनू गोसाई : संघर्ष, सेवा और सफलता की जीवंत कहानी

भारत की संस्कृति में शिक्षक का स्थान सदा से सर्वोच्च रहा है। “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥” – यह दोहा हमारे समाज में शिक्षक की गरिमा और महत्व का जीवंत प्रतीक है।
आज जब शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन बनती जा रही है, तब ऐसे शिक्षक जो नवाचार, संस्कार और समाजोत्थान के लिए समर्पित रहते हैं, वे वास्तव में भविष्य के निर्माता हैं। इन्हीं शिक्षकों को पहचान और सम्मान दिलाने के उद्देश्य से कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर ने वर्ष 2025 में एक ऐतिहासिक राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया।
इस समारोह में राज्यपाल पुरस्कार 2024 से अलंकृत प्रदेशभर के 40 से अधिक शिक्षकों का सम्मान हुआ। इनमें विभिन्न जिलों से आए शिक्षक अपने अनुभव, उपलब्धियाँ और प्रेरणा लेकर इस मंच पर पहुँचे।
सबसे खास बात यह रही कि जशपुर जिले से सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, श्री टूमनु गोसाई की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष आयाम दिया। उन्होंने न केवल अपने जिले का प्रतिनिधित्व किया बल्कि शिक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण और विचारों से सभी को प्रेरित भी किया
बहुत कम समय में यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्रों में शुमार हो चुका है।
यहाँ न केवल डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रम चलाए जाते हैं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक दायित्व को भी प्राथमिकता दी जाती है।
विश्वविद्यालय का विज़न स्पष्ट है – “शिक्षा को केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का साधन बनाना।”
यही कारण है कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षकों को सम्मानित करने का बीड़ा उठाया। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि शिक्षा और समाज को जोड़ने वाला एक पुल था।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ।
इस अवसर पर डॉ. संदीप गांधी (कुलसचिव, कलिंगा विश्वविद्यालय),

आर्यवीर आर्य (गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक एवं महासचिव),

तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया।


दीप प्रज्वलन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का प्रकाश ही समाज को अज्ञान के अंधकार से मुक्त कर सकता है।

कलिंगा विश्वविद्यालय की विकास यात्रा – प्रेरणादायी प्रस्तुति

मुख्य अतिथि के करकमलों से कलिंगा विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा का वीडियो-प्रदर्शन हुआ।

इसमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ, सामाजिक योगदान और खेलों में बढ़ता योगदान विस्तार से दिखाया गया।

गाँव गोद लेने की परंपरा, छात्रवृत्ति योजनाएँ और खेल मैदानों का विकास – यह सब देखकर उपस्थित शिक्षक बहुत प्रभावित हुए।

राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान – एक स्वर्णिम क्षण

इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहा राज्यपाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित शिक्षकों का अलंकरण।

40 से अधिक शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, शॉल, डायरी, पेन और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का नहीं बल्कि पूरे जिले, समाज और शिक्षा परिवार का सम्मान था।


किन-किन शिक्षकों का हुआ सम्मान?

बालोद, गरियाबंद, बेमेतरा, धमतरी, बीजापुर, बस्तर, पेंड्रा मरवाही, दंतेवाड़ा, रायगढ़, कोरिया, नारायणपुर, कोरबा, खैरागढ़, मोहला-मानपुर, सुकमा, राजनांदगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, सूरजपुर, जशपुर आदि जिलों के शिक्षकों को मंच पर सम्मान मिला।

इनमें –

धर्मेंद्र कुमार श्रवण (बालोद)

हिम कल्याणी सिन्हा (बेमेतरा)

रीता गिरी (दंतेवाड़ा)

मनीषा त्रिपाठी (रायगढ़)

अयोध किशोर गुप्ता (जशपुर)

टूमनु गोसाई (जशपुर)
जैसे शिक्षक शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा की नई मिसालें कायम की हैं।

जशपुर से प्रतिनिधित्व : श्री टूमनु गोसाई का दृष्टिकोण

जशपुर जिला, छत्तीसगढ़ का शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान रखता है।

यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ कठिन हैं – पहाड़ी अंचल, दूरस्थ गाँव, सीमित संसाधन।

फिर भी यहाँ के शिक्षक शिक्षा को “समाज परिवर्तन का हथियार” मानकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।


श्री टूमनु गोसाई, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जशपुर –

लंबे समय से शिक्षा प्रशासन और शिक्षण-प्रक्रिया में नवाचार लाने के लिए जाने जाते हैं।
उनका यह विश्वास है कि “शिक्षा केवल प्रमाण पत्र देने का साधन नहीं बल्कि जीवन को संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है।
कलिंगा विश्वविद्यालय जैसे बड़े मंच पर पहुँचकर उन्होंने जशपुर जिले की शिक्षा की तस्वीर और शिक्षक-समर्पण को सबके सामने रखा।
उनका कहना था –
> “इस सम्मान से हमें और अधिक जिम्मेदारी मिलती है कि हम बच्चों के जीवन को उज्ज्वल बनाएं, शिक्षा में नवाचार लाएं और समाज को प्रगति की ओर ले जाएं।”
मुख्य अतिथि आर्यवीर आर्य जी – शिक्षा और संवेदना का संगम
गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव आर्यवीर आर्य ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि सम्मान का असली अर्थ सेवा है।
उन्होंने एक दिव्यांग शिक्षिका को नया व्हीलचेयर दिया।
एक दिव्यांग बच्ची की शिक्षा का संपूर्ण खर्च उठाने की घोषणा की।
साथ ही, गोल्फ जैसे खेल को “अमीरों का खेल” की छवि से निकालकर जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
उनकी संवेदनशीलता और उदारता ने सभी को गहराई तक प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित शिक्षकों ने साझा किया कि –
कलिंगा विश्वविद्यालय का वातावरण अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है।
यहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं बल्कि खेल, संस्कृति और समाज सेवा से भी जुड़ी हुई है।
यह आयोजन केवल सम्मान नहीं बल्कि नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संचार था।
टूमनु गोसाई का संदेश : शिक्षा ही समाज की असली क्रांति
कार्यक्रम के अंत में श्री टूमनु गोसाई ने कहा –
“शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज का सम्मान है।
आज जब शिक्षा चुनौतियों से जूझ रही है, तब हमें मिलकर इसे एक आंदोलन बनाना होगा।
मेरा सपना है कि जशपुर का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए और जीवन में आत्मनिर्भर बने।
उनके इस संदेश ने जशपुर से आए शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणा का काम किया।

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मुख्यमंत्री का जापान दौरा :ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित

रायपुर, 26 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 25 अगस्त 2025/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।”

उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया में ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ समाधान  56 आवेदन प्राप्त, अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश....

जशपुरनगर 26 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया अब आमजन के लिए उम्मीद और सहारा का केंद्र बन गया है।ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए यह कार्यालय वरदान साबित हो रहा है।सोमवार को मुख्यमंत्री निवास बगिया स्थित कैंप कार्यालय में कुल 56 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएँ और मांगें रखीं। ग्राम पंचायतों से आए लोगों ने मुख्य रूप से सामुदायिक भवन, रंगमंच निर्माण,राजस्व मामले,स्वास्थ्य सुविधाओं में सहयोग तथा अन्य बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़े मामले को लेकर पहुंचे थे।

      ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन तक पहुँचाने में कठिनाई नहीं होती, क्योंकि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय इसके लिए एक सुगम और सशक्त मंच बन गया है।सीएम कैंप कार्यालय की ओर से प्राप्त सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार किया गया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी मामले को लंबित न रखा जाए और आवेदकों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए।गौरतलब है कि अब केवल जशपुर जिले के ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से भी ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुँच रहे हैं। यहाँ उनकी बातें न सिर्फ सुनी जाती हैं, बल्कि वास्तविक समाधान भी खोजा जाता है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि बगिया कैंप कार्यालय अब उनकी आशाओं का केंद्र बन चुका है, जहाँ हर समस्या का गंभीरता और प्राथमिकता से समाधान किया जाता है।

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छत्तीसगढ़ ने जीता निवेशकों का भरोसा : छत्तीसगढ़ का निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम: जापानी कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि

रायपुर, 25 अगस्त 2025/

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर श्री नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”

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संकल्प विद्यालय, कुनकुरी के बच्चों ने हासिल की गौरवपूर्ण उपलब्धि... ..अनिशा,श्लेष और निरंजू ने जेईई एडवांस के लिए की पात्रता 

जशपुर 25 अगस्त 2025 :  सत्र 2020-2021 में समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं मेडिकल कॉलेज एवं प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश हेतु निशुल्क कोचिंग प्रदान करने के लिए कलेक्टर जशपुर के मार्गदर्शन में कक्षा नवमी से प्रारम्भ हुए संकल्प शिक्षण संस्थान कुनकुरी में क्रमशः एक एक कक्षा की वृद्धि प्रति वर्ष होने के साथ सत्र 2023-2024 में कक्षा बारहवीं का प्रथम बैच पास होकर निकला। इस बैच से कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में दो बच्चों अनिशा और विभा ने राज्य प्रवीण्य सूची में स्थान बनाया था। पिछले वर्ष इस बैच के तीन बच्चों अनिशा,श्लेष और निरंजू ने जे ई ई एडवांस के लिए पात्रता प्राप्त की। इन तीनों बच्चों ने एक साल का ड्राप लेकर पुनः तैयारी करने का निर्णय लिया। इसी बैच से वृंदा और प्रतिमा ने गत वर्ष सी यू ई टी के माध्यम से गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में क्रमशः बी. एस-सी एवं बी ए में प्रवेश पाया। इस वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के 20 बच्चों ने नीट एवं 20 बच्चों ने जे ई ई मैंस की परीक्षा दी। इनमें से एक छात्रा आशिस्ता एक्का ने शासकीय लखीराम अग्रवाल स्मृति मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में प्रवेश पाकर इतिहास रच दिया। पाँच बच्चों ने जे ई ई एडवांस के लिए पात्रता प्राप्त की। इन पाँच बच्चों में से एक छात्रा अनिशा एक्का ने इस वर्ष एन आई टी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश प्राप्त किया जबकि एक छात्र रोशनदीप को आई आई आई टी तिरुचिरापल्ली में प्रवेश की पात्रता प्राप्त हुई।दो छात्रों नितेश एवं श्लेष ने सी जी पी ई टी के माध्यम से शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर के मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में प्रवेश पाया।
      संकल्प कुनकुरी के इन बच्चों की स्वर्णिम सफलता में संकल्प कुनकुरी के सभी विषय शिक्षकों एवं कोचिंग शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास,जिला पंचायत सी ई ओ अभिषेक कुमार,जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर,संकल्प जशपुर के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने संकल्प कुनकुरी के प्राचार्य वाई आर कैवर्त,सभी शिक्षकों एवं सफल विद्यार्थियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैँ।

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत्  विशेष शिविर लगा कर आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा के तहत् बच्चों द्वारा किए गए विभिन्न गतिविधियॉ

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष होने के उपलक्ष्य में जिले में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में विगत दिवस 24 अगस्त को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना पंजीयन शिविर आयोजित कर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के द्वारा शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न गतिविधि का एक त्योहार एवं उत्सव की तरह मनाया गया। 
       इस गतिविधि में बच्चों ने खेल-खेल में एक दूसरे का स्वागत किया एवं कई प्रकार के शारीरिक, सामाजिक एवं बौद्धिक गतिविधि का आयोजन कर इसे एक त्यौहार के रूप में मनाया। जिसमें बच्चों को बहुत सारी आवश्यक कलाएं खेल खेल में समझाया गया। साथ ही सामंजस्य के द्वारा जीवनयापन और एक समुदाय के रूप में जिम्मेदारियों की भी जानकारी दी गयी। बच्चों को इन गतिविधियों में बहुत आनंद आया सभी ने बढ़चढ़ कर सभी गतिविधियों में हिस्सा लिया। 
          इसी प्रकार परियोजना स्तर पर जशपुर एकीकृत बाल विकास परियोजना में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदन पंजीयन अभियान शिविर का आयोजन कर समस्त पात्र गर्भवती माताओं को विशेष अभियान चलाया जाकर शत् प्रतिशत गर्भवती माताओं का पीएमएमवीवाय पोर्टल पर पंजीयन हेतु जानकारी दी गयी। इस अवसर पर उन्हें योजना का लाभ शत प्रतिशत दिलाये जाने हेतु पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुझाव एवं योजना की पूर्ण जानकारी भी दी गयी। इस कार्यक्रम में उपस्थित पात्र गर्भवती महिलाओं का आवेदन पत्र भरा गया। इस कार्यक्रम में 85 महिलाएं सम्मिलित हुए।

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रजत जयंती : घोलेंग, गिरांग, झरगांव एवं भुड़केला में कार्यक्रम आयोजित कर दी गई बाल संरक्षण से संबंधित जानकारी

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा के नेतृत्व में रजत जयंती पर जिले में बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिले में बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) के विभिन्न विषयों की जानकारी स्कूल कॉलेज एवं पंचायत प्रतिनिधियों के बीच किया जा रहा है। ताकि बच्चों को बाल संरक्षण संबंधित मुद्दों, विषयों पर जागरूक हो सकें। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर मा. कन्या विद्यालय घोलेंग, गिरांग, झरगांव एवं भुड़केला में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
           जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव द्वारा बताया गया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा वर्ष 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ बनाए जाने हेतु जिले में  किये जाने हेतु निर्धारित रणनीति तैयार की गई है। इसी के तहत् छ.ग. शासन  द्वारा प्रत्येक बाल विकास परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर व प्रत्येक ग्राम पंचायत के पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। बाल विवाह रोकथाम समाज की प्रमुख जिम्मेदारी है तथा बालिकाओं की सुरक्षा एवं बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी हैं। समाज की जिम्मेदारी है कि बालिका सुरक्षित रहे इसके लिए हमें वातावरण ऐसा बनाना है जिससे बालिका एवं महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। बालिकाओं को भी जागरूक रहने की जरूरत है। यदि कोई हमें गलत तरीके से छुने का प्रयास करता है तो हमें उसका विरोध करना आना चाहिए। 
           कार्यक्रम के दौरान गुड टच, बैड टच, बाल विवाह के कुप्रथा को समाप्त करने, बालिकाओं को उनके शारीरिक परिवर्तन के संबंध में तथा महावारी के समय अपनी सुरक्षा व स्वच्छता, एक युद्ध नशे के विरूद्ध, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान, बाल विवाह मुक्त जशपुर व सड़क जैसे परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे, अपशिष्ट संग्राहक, बाल भिक्षावृत्ति से लिप्त बच्चे, बाल श्रम में लिप्त बच्चों का चिन्हांकन हेतु सघन अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों को गलत तरीके से घूरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, गलत तरीके से छूना, अपराध है किशोर न्याय अधिनियम में बच्चों को नशे से बचाने के लिए प्रावधान दिया गया है, यदि कोई बच्चों को नशा कराता है या नशे का समान बेचता है उसे 1 लाख रूपये जुर्माना व 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है। चाईल्ड हेल्पलाईन 1098, महिला हेल्पलाईन 181 के संबंध में जागरूक किया जा रहा है अभियान के दौरान साईबर क्राईम और एक युद्ध नशे के विरूद्ध के तहत बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को बाल विवाह मुक्त जशपुर बनाने के लिए शपथ भी दिलाया जा रहा है। लैंगिक अपराध के खिलाफ दण्ड का प्रावधान, बच्चों के विरूद्ध लैंगिक अपराध को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है तथा दण्ड के प्रावधान के संबंध में और शासन द्वारा संचालित टोल फ्री नम्बर 1098, 112, 181 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

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जशपुर से हिमालय तक:  जनजातीय युवाओं की ऐतिहासिक चढ़ाई की तैयारी


 
जशपुरनगर 25 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला जो अब तक अपनी हरियाली, झरनों और शांत वनों के लिए प्रसिद्ध रहा है, देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर की स्थापना के बाद अब एक और नई पहचान बनाने जा रहा है। भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय युवा हिमालय की चोटियों पर अल्पाइन तरीके की रॉक क्लाइम्बिंग चढ़ाई के लिए निकलने की तैयारी कर रहे हैं। मियार वैली ट्राइबल अल्पाइन एक्सपेडिशन 2025 केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व और उम्मीद की कहानी बन रहा है।
         इस अभियान के लिए अंतिम चरण में पाँच युवाओं का चयन किया गया है, जिनकी अपनी-अपनी कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। रुसनाथ भगत जो एम.ए. हिस्ट्री के छात्र और एनसीसी कैडेट हैं, शहर में अपने लोकप्रिय नेपोलियन चाउमिन सेंटर चलाते हैं और कंटेंट क्रिएशन में भी सक्रिय हैं। 
           तेजल भगत एम.एससी. बॉटनी की छात्रा, अपने गाँव बस्ता में एकता क्लब के ज़रिए शिक्षा और बाल अधिकारों के लिए काम करती हैं। सचिन कुजूर, एम.ए. हिस्ट्री के छात्र, जय हो एनजीओ से जुड़े रह चुके हैं और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मंडार, एक पारंपरिक जनजातीय वाद्य, बजाने में माहिर हैं। प्रतीक, बी.कॉम स्नातक और एनएसएस वॉलंटियर, खेती करना पसंद करते हैं और परिवार का सहारा बनने के लिए बर्तन की दुकान में काम भी कर चुके हैं। 
          वहीं रवि सिंह, बाइक मैकेनिक और साइकिलिंग के शौकीन, ने हाल ही में जशपुर का पहला देशदेखा क्लाइम्बिंग को. नामक एडवेंचर गाइडिंग कार्य बाकी प्रशिक्षित युवाओं के साथ शुरू किया है। टीम को जशपुर के जंगलों और आसपास की चट्टानों में कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ उन्हें कैंपिंग, ट्रैड क्लाइम्बिंग, रूट ओपनिंग, वाइल्डरनेस फर्स्ट एड और माउंटेन एथिक्स जैसी अहम तकनीकें सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण की कमान स्वप्निल शिरीष रचेलवार, अमेरिका से डेव गेट्स, रनर्सग्च से सागर दुबे, प्रसिद्ध भारतीय कोच प्रतीक निनवाने वर्तमान में यू मुम्बा कबड्डी टीम के प्रमुख फिटनेस कोच और काफी मीडिया से ईशान गुप्ता जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों के हाथों में है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक तैयारी नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी केंद्रित है।
           जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के इस अभियान को स्थानीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर समर्थन मिला है। विश्व की सबसे बड़ी पर्वतारोहण उपकरण निर्माता कंपनी पेटज़ल ने भारत में अपने साझेदार अलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट के साथ मिलकर आधिकारिक उपकरण प्रायोजक की भूमिका निभाई है। अद्वेनोम एडवेंचर और जय जंगल ने पौष्टिक और ऑर्गेनिक भारतीय शैली के एडवेंचर फ़ूड उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। रनर्सग्च्, एक प्रतिष्ठित एथलीट कोचिंग ब्रांड, टीम की शारीरिक और मानसिक मजबूती पर काम कर रहा है। इसके साथ स्पेन की प्रसिद्ध बार्सिलोना क्लाइम्ब्स और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल्स ने गाइडिंग और बेसकैंप गतिविधियों में सहयोग दिया है।
        इस अभियान का संचालन पहाड़ी बकरा एडवेंचर कर रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक समूह हिरा ग्रुप इस पहल से प्रेरित होकर आधिकारिक प्रायोजक बना है। रेकी ऑउटडोर्स ने टीम को आधिकारिक पर्वतीय परिधान मुहैया कराए हैं, जबकि रेडपांडा ऑउटडोर्स और गोल्डन बोल्डर्स ने उपकरण सपोर्ट दिया है। आदि कैलाश वेलनेस पार्टनर के रूप में टीम के स्वास्थ्य और रिकवरी में सहयोग कर रहा है। मुख्य प्रायोजकों के अलावा कुल मिलाकर 15 कंपनियों ने अपना सहयोग प्रदान कर इसे शुरुआत से ही एक सफल अभियान बना दिया है।
            जशपुर से निकले ये पाँच युवा अब हिमालय की मियार वैली की ऊँचाइयों को छूने के सपने के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ज्ञात रहे कि यह टीम 31 अगस्त को जशपुर से हिमाचल प्रदेश की ओर गंतव्य के लिए निकलेगी। एक महीने के इस अभियान पर जनजातीय युवक देश-विदेश के प्रसिद्ध माउंटेन क्लाइम्बर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लीडर के तौर पर प्रतिभाग करेंगे। यह पहल केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित कर रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जंगलों और गाँवों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान आने वाले समय में भारतीय हिमालयी पर्वतारोहण की दिशा बदल सकता है और अगली पीढ़ी के अल्पाइन क्लाइम्बर्स इन्हीं अप्रत्याशित इलाकों से निकल सकते हैं। यह केवल एक चढ़ाई नहीं, बल्कि बदलाव की चढ़ाई है।

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अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने जनदर्शन में जानी लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिला कार्यालय में सोमवार को अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
       जनदर्शन में  मुख्य रूप से प्रधानमंत्री सम्मान निधि प्राप्ति, राजस्व संबंधी मामले, रोजगार, शिक्षक मांग, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास प्राप्ति, मजदूरी भुगतान, ट्रांसफार्मर बदलने, अतिक्रमण हटाने, मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने, पीडीएस में अनियमितता की शिकायत आदि संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में कुल 25 आवेदन प्राप्त हुए।

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अपर कलेक्टर ने धान उपार्जन हेतु तैयारियों की ली जानकारी.....शेष धान का एक सप्ताह में उठाव हेतु दिए निर्देश

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025/ खरीफ फसल वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन की तैयारियों हेतु कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिला कार्यालय सभाकक्ष में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने धान उपार्जन का समय आने से पूर्व समितियों में उठाव हेतु शेष धान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होने प्रत्येक समिति से एक सप्ताह के भीतर शत प्रतिशत उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान की कमी की शिकायत वाली समितियों में अधिकारियों को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। किसी समिति में गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत समिति संचालक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
         उन्होंने धान उपार्जन से पूर्व एग्रिस्टेक योजना के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वे की स्थिति की जानकारी लेते हुए इसे जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। एग्रिस्टेक योजना के अंतर्गत बी 1 खसरे के अद्यतन ना होने एवं फौती नामांतरण संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए तहसीलदार एवं पटवारियों के माध्यम से जानकारी प्रदान कर सर्वे पूर्ण करवाने को कहा। उन्होंने अबतक जिन किसानों का एग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हुआ है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
          बारदाने की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने नए बारदानों को जल्द से जल्द प्राप्त करने एवं पुराने बारदाने जो मिलर्स के पास हैं उनका खाद्य निरीक्षकों द्वारा सत्यापन कराकर उनका सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी मिलर्स के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों से बैठक आयोजित कर उठाव एवं भंडारण हेतु चर्चा करने के निर्देश दिए गए। खाद्य निरीक्षकों को पीडीएस दुकानों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के भंडारण हेतु सहकारी समितियों को मांग पत्र भेजने एवं मांग अनुरूप भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। इस बैठक में एसडीएम विश्वास राव मस्के सहित खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण मनाने शांति समिति की हुई बैठक......प्रशासन की ओर से मिलेगा जरूरी सहयोग

जशपुरनगर, 25 अगस्त 2025/ 27 अगस्त को भगवान श्री गणेश की स्थापना के साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। इस उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्वक और व्यस्थित तरीके से मनाने के लिए आज कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू और  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शांति समिति के सदस्यगण, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के,  सीएमएचओ डॉ. जी. एस. जात्रा, एसडीओपी श्री चंद्रशेखर परमा, कमांडेंट जिला सेनानी श्री विपिन लकड़ा मौजूद रहे।
       बैठक में अपर कलेक्टर श्री साहू ने गणेश पंडाल आयोजक समितियों से कहा कि प्रशासन के द्वारा  समितियों को हर जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा। विसर्जन के दौरान रेस्क्यू टीम तैनात रहेगी। इसके साथ यातायात व्यवस्था के लिए भी टीमें लगाई जाएगी। उन्होंने आयोजकों को रैली निकालने और विसर्जन करने के समय की सूचना प्रशासन को देने को कहा, ताकि आवश्यक व्यवस्था बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचने  विसर्जन के समय विशेष सावधानी बरते। उन्होंने कहा कि जिनको तैरना आता है वहीं विसर्जन के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों विसर्जन से दूर रखने की सलाह दी। बैठक में अतिरिक पुलिस अधीक्षक श्री सोनी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की मूर्ति स्थापित करने, गणेश पंडाल में बिजली की समुचित व्यवस्था करने, किसी जिम्मेदार व्यक्ति को वॉलंटियर रखने, फायर एक्सटिंग्विशर रखने, जुलूस के समय किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र का उपयोग नहीं करने, तालाब में अनावश्यक कचरा नहीं फैलाने और साउंड  सिस्टम को निर्धारित ध्वनि स्तर पर बजाने की अपील आयोजक समितियों से की। 
      अपर कलेक्टर श्री साहू ने सीएमएचओ को विसर्जन के दिन एम्बुलेंस सहित सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नगर पालिका जशपुर को लाइटिंग की समुचित व्यवस्था और साफ-सफाई बनाए रखने के भी निर्देश दिए। इस दौरान पार्षदगण फैजान सरवर खान, श्रीमती कंचन बैरागी, श्री देवधन नायक और  शबनम खातून सहित गणेश पंडाल आयोजक समितियों के सदस्यगण मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर 9.49 करोड़ की लागत से होगा इन तीन सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य...पढ़ें विस्तार से

जशपुरनगर 25 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से  जिले में तीन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। 9 करोड़ 49 लाख 23 हजार  की लागत के इन तीन सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य  पूर्ण हो जाने से सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इससे कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 
     मुख्यमंत्री श्री साय कि पहल पर  जिन कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें विकासखंड फरसाबहार में 03 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपए लागत से कोनपारा( दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य,  03 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपए की लागत के विकासखंड बगीचा में सोरो  व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य और  2 करोड़ 55 लाख 88 हजार रुपए की लागत से विकासखंड फरसाबहार की अंकिरा तालाब योजना का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। 
    इन कार्यों के पूर्ण हो जाने पर सिंचाई की सुविधा में बढ़ोतरी होगी। किसानों को वर्षभर फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा जिससे सूखे की स्थिति में भी फसलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इन कार्यों के पूरा हो जाने से न केवल किसानों की आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अंचल की कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन....प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर, 24 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।

उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी

तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।

महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।

ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।

महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं

महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।

कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।

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केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में आ रहा है बड़ा बदलाव......लाभार्थीथियोों का बिजली बिल हुआ शून्य


रायपुर, 24 अगस्त 2025
केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

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डेयरी उद्यमिता विकास योजना से सुखसागर आर्थिक रूप से हुआ मजबूत,16 से 18 लीटर तक हो रहा दूध उत्पादन

जशपुरनगर 24 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप पशुधन विकास विभाग द्वारा  जिले के गौव पालकों को विभागीय योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बगीचा विकासखण्ड के श्री सुखसागर यादव को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार योजना का लाभ दिया गया है। 
               
बगीचा विकासखण्ड के पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राही सुखसागर यादव को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ दिया गया एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार किया गया। राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से 70 हजार के अनुदान का लाभ दिया गया एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अन्तर्गत नस्ल सुधार किया गया। हितग्राही सामान्य किसान है, इनका रोजगार का कार्य खेती था। योजना का लाभ लेने के पूर्व हितग्राही के पास 01 देसी गाय थी। इनकी गाय उस समय लगभग प्रतिदिन 1 लीटर दूध देती थी। जिसका उपयोग घर में ही कर लिया जाता था। 
पशुपालन से कोई अतिरिक्त आय नही होती थी। पशुधन विकास विभाग से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास अन्तर्गत हितग्राही द्वारा शासकीय योजना का लाभ लेकर  01 उन्नत नस्ल की जर्सी गाय और एक साहीवाल क्रास गाय खरीदा गया  

वर्तमान में कुल 16-18 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। जिसके विक्रय से हितग्राही को राशि रूपए 25000-30000 रूपये मासिक आमदनी प्राप्त हो रही है। साथ ही राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम नस्ल सुधार योजना द्वारा कृत्रिम गर्भाधान का लाभ लिया जाता है। जिससे वर्तमान में उन्नत नस्ल की बछिया एवं बाछा उत्पन्न हुई है। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेने के पश्चात् हितग्राही के आर्थिक स्थिति में सुधार हुई है। विभाग द्वारा समस्त गाय का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। कृमिनाशक दवाईयां एवं मिनरल मिक्सचर प्रदान किया जाता है। आवश्यकतानुसार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाता है।

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