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जिले के समस्त  आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण की उपस्थिति में पांच दिवसीय होगा योगाभ्यास

जशपुरनगर : अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर संचालनालय आयुष छ0ग0 रायपुर के आदेश पर जिले में समस्त आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 17 से 21 जून 2025 तक 05 दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। योग शिविर का आयोजन स्थानीय प्रतिष्ठितजनो की उपस्थिति में किया जायेगा।
  
योग शिविर में जनसामान्य को योग के प्रति जागृत करने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। जिससे की प्रतिदिन अधिकाधिक जनसामान्य योग शिविर में शामिल होकर लाभ प्राप्त कर सके। जनसामान्य के लिये योग शिविर में योग चिकित्सक-प्रशिक्षक द्वारा योगाभ्यास की जानकारी, योग का लाभ, योग की प्रक्रिया की विशेष जानकारी दी जा रही है। जिससे व्यक्ति को उनके रोगों के उपचार में लाभ प्राप्त हो सके।
  
स्थानीय अन्य विभागों से भी समन्वय कर शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों, स्कूली छात्र-छात्राओ, ग्राम मितानिन-आशा वर्करों को शिविर का लाभ लेने के लिये प्रात्साहित किया जा रहा है। योग शिविरों में आयुष काढ़ा एवं अंकूरित अनाजों का भी वितरण किया जाएगा और उनके लाभों की जानकारी भी जनसामान्य को प्रदान की जा रही है।
  
05 दिवसीय योग शिविर आयोजन हेतु स्थल का चिन्हांकन किया गया है। जिसमें जनसामान्य उपस्थित होकर योग शिविर का लाभ ले सकते हैं। इन स्थलों में प्रातः 7.00 बजे से 8.00 बजे तक योग शिविर का आयोजन होगा। इनमें आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. जशपुर, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. सरईपानी, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. अंकिरा, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. बन्दरचुवां, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. रनपुर, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. रौनी और आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. सुलेसा शामिल है।

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना : जिले के 6 मेघावी छात्रों को मुख्यमंत्री के हाथों मिली 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि


जशपुरनगर : /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। इसमें जशपुर जिले के 10 वीं और 12 वीं के 6 मेघावी छात्र भी शामिल थेे। जिन्हें मुख्यमंत्री के हाथों को दो-दो लाख रूपए का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ है। इन 02 लाख रूपए में 01 लाख रूपए नगद एवं 01 लाख रू. 2 पहिया वाहन स्कूटी क्रय के लिए दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक के बच्चों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10 वीं 12 वीं की परीक्षा में टॉप 10 में आने पर 2 लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है।

   मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के नमन कुमार खूंटिया, पूर्णिमा पैंकरा, हर्षिता सिंह, पूजा चौहान, रितु कुर्रे और माही डनसेना को 2 लाख के मान से 12 लाख रूपए की राशि का चेक दिया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को भली-भांति समझती है और उनके समग्र कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। आप सभी का स्नेह और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम सब मिलकर एक विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेंगे।

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समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले और नदारद शिक्षकों पर होगी कार्रवाई....बीईओ और बीआरसी को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के दिए गए निर्देश,,,पढ़ाने में रुचि न रखने वाले शिक्षकों की दें रिपोर्ट

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने रविवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। और बच्चों को यूनिफॉर्म, किताब ,पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति, सायकिल सहित शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए कहा है।

 कलेक्टर ने विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य करने के लिए कहा है।इसके लिए एनजीओ का भी सहयोग लेने के लिए कहा ताकि बच्चों के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाया जा सके। 

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी, यूनीसेफ, ओपन लिंक फाउंडेशन, प्रथम एजुकेशन सोसाइटी , अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा जिले के समस्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारीयों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे और स्कूल में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों को उपस्थित समय पर शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं कि नहीं सतत् निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं और नदारद रहते हैं ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी संकुल समन्वयक को शिक्षकों की उपस्थिति का अवलोकन करने के लिए टै्रकिंग करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी स्कूलों में डेली डायरी बनाने के निर्देश दिए हैं और प्रतिदिन की गतिविधियों को दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान डेली डायरी का अनिवार्य रूप से अवलोकन करें और 
5 वीं से 6 वीं में जाने वाले बच्चों का बेस लाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 

कलेक्टर ने प्राथमिक स्तर के कमजोर बच्चों को विशेष ध्यान देकर उनका शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए हैं। कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षा लगाकर उनका शैक्षणिक स्तर बेहतर करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसे शिक्षक जो एक्टिव नहीं और बच्चों को पढ़ाने में ध्यान नहीं देते उनकी बीईओ और बीआरसी को प्रत्येक सप्ताह रिपोर्ट देने के दिए निर्देश।
स्कूल में बच्चों को जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारियों और शिक्षकों के सहयोग से शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जाति प्रमाण बनाने के जरूरी दस्तावेजों का चेक लिस्ट बनाकर जरूरी कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा है 
इसके लिए बच्चों के पालकों का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए है ताकि महत्वपूर्ण और जरूरी दस्तावेज जमा किया जा सके।

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बस्तर अंचल को मिला बड़ा तोहफा : डबल इंजन सरकार में तेजी से हो रहा है विकास: 307.96 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा 11.38 किमी लंबा 4-लेन केशकाल बाईपास

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी  द्वारा 307.96 करोड़ रुपए की लागत से पेव्ड शोल्डर मानक के साथ 4 लेन में केशकाल बाईपास निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रदेशवासियों विशेषकर बस्तर अंचल की जनता की ओर से हार्दिक आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह बाईपास केशकाल घाट खंड में यातायात बाधाओं को दूर कर सुगम, सुरक्षित व निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में तेजी से बस्तर अंचल का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति केंद्र और राज्य  सरकार की समन्वित विकास नीति का परिणाम है, जो बस्तर जैसे जनजातीय अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इस ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी की दूरदृष्टि और पहल के लिए आभार जताते हुए इसे बस्तर के विकास के लिए निर्णायक कदम बताया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (नया NH-30) पर केशकाल घाट खंड को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए 307.96 करोड़ रुपए की लागत से 11.380 किलोमीटर लंबा 4-लेन बाईपास निर्माण अपग्रेड की स्वीकृति दी गई है। यह बाईपास पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप होगा और इसके बनने से बस्तर अंचल में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना विशेष रूप से केशकाल घाट के कठिन भौगोलिक खंड को पार करने में सहूलियत प्रदान करेगी। 

बाईपास के निर्माण से न केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि वाहन चालकों को तेज, सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। 
बाईपास निर्माण से शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और दुर्घटना की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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प्रदेश के स्कूल अब शिक्षक विहीन नही: 10,372 स्कूलों का एकीकरण, शिक्षकों का व्यापक युक्तियुक्तकरण.....छात्रों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा

रायपुर : राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और सार्थक पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में यह दूरगामी सुधार, वास्तव में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक विसंगतियों के समाधान का कारगर प्रयास है।

युक्तियुक्तकरण से पहले, छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल की शालाओं में शिक्षकों की कमी, नगरीय इलाकों और उसके समीप की शालाओं में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की पदस्थपना के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही थी और इसका असर बच्चों के परीक्षा परिणाम पर भी पड़ रहा था। 

राज्य के लगभग 212 प्राथमिक शालाएं और 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन थीं, जबकि 6,872 प्राथमिक शालाएं और 255 पूर्व माध्यमिक शालाएं केवल एक शिक्षक के साथ संचालित हो रही थीं। इसके अतिरिक्त 211 शालाएं ऐसी थीं जहाँ छात्र संख्या शून्य थी, लेकिन शिक्षक पदस्थ थे। इसके अलावा, 166 शालाओं को समायोजित किया गया, इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 133 शालाएं शामिल थीं, जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम थी और दूरी 1 किमी से कम थी, तथा शहरी क्षेत्रों की 33 शालाएं थीं, जिनकी दर्ज संख्या 30 से कम थी और दूरी 500 मीटर से कम थी।

इन चुनौतियों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का छात्र-अध्यापक अनुपात (पीटीआर) राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय रूप से बेहतर था, प्राथमिक शालाओं के लिए पीटीआर-20 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 है और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए पीटीआर-18 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 38 है। हालांकि, वितरण असमान था। राज्य में लगभग 17,000 प्राथमिक शालाएं और लगभग 4,479 पूर्व माध्यमिक शालाएं थीं, जिनका पीटीआर-20 से कम था। अकेले शहरी क्षेत्रों में 527 ऐसे विद्यालय थे, जिनका पीटीआर-10 से कम था, जिनमें 15 या उससे अधिक शिक्षकों वाली 08 प्राथमिक शालाएं, 10-15 शिक्षकों वाली 61 शालाएं और 6-9 शिक्षकों वाली 749 प्राथमिक शालाएं थीं, ये आंकड़े बेहतर संसाधन आवंटन की जरूरत को दर्शाते हैं।

इस पहल का मुख्य बिंदु एक ही परिसर में संचालित लगभग 10 हजार 372 शालाओं का एकीकरण था, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस विलय से कई लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें शाला त्यागी छात्रों की संख्या में कमी और छात्रों को बार-बार स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता का समाप्त होना शामिल है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, छोटी कक्षाओं के छात्रों को बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सहयोग प्राप्त होने, और कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल-कूद तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षणिक समझ और अभिरुचि में वृद्धि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा। इस दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

विद्यालयों के समायोजन के साथ-साथ, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया भी की गई। इस प्रक्रिया के तहत जिला स्तर पर लगभग 13 हजार 793 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया। संभाग स्तर पर 863 का और राज्य स्तर पर 105 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया।

युक्तियुक्तकरण अभियान के प्रारंभिक परिणाम अत्यधिक आशाजनक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा विभाग का कहना है कि कोई भी विद्यालय बंद नहीं किया जा रहा है और कोई भी शिक्षक पद समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बजाय ध्यान बेहतर अधोसंरचना वाले विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करने पर है। 
युक्तियुक्तकरण के पश्चात राज्य में शिक्षक विहीन विद्यालयों की संख्या शून्य हो गई है। एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में प्रभावशाली 80 प्रतिशत की कमी आई है अब लगभग 1,200 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। एक ही परिसर में स्थित 10,372 विद्यलायों का एकीकरण और 166 ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों का समायोजन पूरा हो चुका है। इससे लगभग 89 प्रतिशत विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। छात्रों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यालय की समय सारिणी एवं अन्य गतिविधियों में अधिक एकरूपता रहेगी। इस पहल का उद्देश्य उपचारात्मक शिक्षण द्वारा छात्रों की समझ को बेहतर बनाना भी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करके, छत्तीसगढ़ न केवल वर्तमान कमियों को दूर कर रहा है, बल्कि एक ऐसे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है। जहाँ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे समग्र विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। युक्तियुक्तकरण का यह कदम एक अधिक कुशल, न्यायसंगत और प्रभावी शैक्षिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री के हाथों 31 मेधावी श्रमिक बच्चों को मिली 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि,,,,,

रायपुर  : हम श्रमिक परिवारों के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। आपका स्नेह और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम सब मिलकर एक विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेंगे।" मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत राज्य के 38 हजार 200 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। 
          मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को भली-भांति समझती है और उनके समग्र कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज श्रमिक परिवार का बच्चा विदेश जाकर पढ़ना चाहे तो उसके लिए भी 50 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान श्रम विभाग द्वारा किया गया है। श्री साय ने कहा कि हम नवाचार के साथ कदमताल करते हुए ऐसी नीतियां बना रहे हैं, जिनसे प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले। प्रदेश की आकर्षक उद्योग नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हो चुके हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
श्री साय ने श्रम मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि श्रमिकों से मेरा विशेष लगाव है और श्रमिकों के हित में कार्य करना हमेशा संतुष्टि देता है। 
         मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में दो वर्षों तक श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी और उनके नेतृत्व में श्रम राज्यमंत्री के रूप में श्रमिकों के पेंशन सुधार की दिशा में हमने कई ऐतिहासिक कदम उठाए और न्यूनतम पेंशन की राशि सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्रमिकों को लेकर संवेदनशील है और उनके निर्देश पर ही श्रमिकों के प्रोविडेंट फंड (PF) में वर्षों से पड़ी लगभग 27 हजार करोड़ रुपए की अन्क्लेम्ड राशि का उपयोग उनके हित में करने का बड़ा निर्णय भी इस दौरान हमने लिया था। राज्यमंत्री के रूप में यूनिवर्सल पीएफ नंबर की शुरुआत हमारी सरकार ने की, जिससे श्रमिकों द्वारा बार-बार पीएफ राशि क्लेम करने की समस्या दूर हुई। 
          मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी से आग्रह करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अन्य ज़रूरतमंदों तक अवश्य पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने श्रमिकों के लिए गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
          उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुखी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन डेढ़ वर्षों में "मोदी की गारंटी" के तहत सभी वादों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 38 हजार 2 सौ श्रमिकों को 19.71 करोड़ रुपये एवं प्रवीण्य सूची में चयनित 31 विद्यार्थियों को 62 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। श्री देवांगन ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत 17 जिलों के 46 केन्द्रों में श्रमिकों को 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और भविष्य में इसे सभी उद्योग प्रधान जिलों में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा प्रारंभ करने की जानकारी भी दी। 
श्रम मंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत उद्योगों की स्थापना के लिए नियमों को सरल बनाया गया है , जिससे निवेश बढ़ा है एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
        छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मण्डल के माध्यम से प्रदेश में 31 जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें नोनी सशक्तिकरण, महतारी जतन, श्रमिक सियान सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मण्डल प्रदेश के 29.47 लाख पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। श्रमिक अपना पंजीकरण श्रमेव जयते ऐप, लोक सेवा केन्द्र या श्रम कार्यालय में करवा सकते हैं।

*नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना ने बदली मजदूर परिवार के बच्चों की ज़िंदगी*

      कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से लाभान्वित बच्चों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए आभार व्यक्त किया। सभी बच्चों ने कहा कि वे मजदूर और गरीब परिवारों से हैं, लेकिन इस योजना ने उन्हें पढ़ाई का अवसर दिया। यह योजना श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।

सूरजपुर जिले के भैयाथान के हीरा सिंह ने बताया कि आईआईआईटी से बी टेक की पढ़ाई पूरी कर अब जूनियर डेटा साइंस डेवलपर बन चुके हैं। इस योजना से उन्हें 4.10 लाख रुपए की सहायता मिली, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो पाई थी।
इसी तरह बी.टेक अंतिम वर्ष के छात्र अमलेंद्र पैंकरा ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है और इस योजना की मदद से कॉलेज की फीस भर पा रहे हैं। 
एक अन्य छात्र दीपक पैंकरा ने सूरजपुर के छोटे से गांव से आईआईआईटी, रायपुर में एडमिशन तक के अपने संघर्ष भरे सफर को साझा किया। दीपक ने बताया कि योजना के माध्यम से अपने बीटेक की पढ़ाई की फीस भर रहे हैं और योजना से उन्हें लगभग 4 लाख रुपए की सहायता प्राप्त हो चुकी है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी श्रमवीरों के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 
 

*योजनाओं और उनके लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण इस प्रकार है* 

मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना अंतर्गत 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना अंतर्गत 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना अंतर्गत 12 श्रमिकों को 94 हजार 800 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 4,825 श्रमिकों को 96.17 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 155 श्रमिक परिवार को 37.63 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना अंतर्गत 2 श्रमिकों को 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना अंतर्गत 4,939 श्रमिकों को 74.08 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 1 श्रमिक को 50 हजार रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 7 श्रमिकों को 7 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत 264 श्रमिकों को 2.64 करोड रूपए़, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना अंतर्गत 15,066 श्रमिकों को 2.00 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना अंतर्गत 25 श्रमिकों को 25 लाख रूपए प्रदाय किए गए। यह पहल राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
        इस अवसर पर श्रम विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम,  प्रभारी श्रम आयुक्त श्री एस एल जांगड़े सहित श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी और श्रमिक परिवारजन मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर : /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री राजीव शुक्ला का कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के विस्तार एवं खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर दिलाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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महाकुल यादव सेवा समिति जिला जशपुर के अशोक यादव बने नए जिलाध्यक्ष, नंदलाल यादव को उपाध्यक्ष पद की मिली जिम्मेदारी,

जशपुर। महाकुल यादव सेवा समिति, जिला जशपुर की आमसभा रविवार को कुनकुरी के महुआटोली में संपन्न हुई। इस मौके पर मुख्य अतिथि पद्म श्री जागेश्वर यादव ,प्रांत अध्यक्ष परमेश्वर यादव ,पूर्व जिला अध्यक्ष गणेश यादव सहित प्रदेश कमेटी, जिलेभर से समिति के सदस्य, पदाधिकारी एवं गणमान्य यादव समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभा का उद्देश्य संगठन को मजबूती देना, सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना एवं आगामी कार्ययोजनाओं पर मंथन करना रहा।

सभा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रही जिला अध्यक्ष पद का चयन, जिसके लिए दो नामांकन प्रस्तुत किए गए थे। पहला नाम अशोक यादव (निवासी - रनई, तहसील फरसाबहार) और दूसरा नंदलाल यादव (निवासी - कछार, तहसील पत्थलगांव) की ओर से किया गया। चुनाव समिति की बैठक एवं दोनों उम्मीदवारों के आपसी संवाद के बाद सर्वसम्मति से अशोक यादव को जिला अध्यक्ष पद के लिए तथा नंदलाल यादव को जिला उपाध्यक्ष पद के लिए मनोनीत किया गया।

इस निर्णय का सभा में उपस्थित समस्त सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा –समाज की सेवा ही मेरा लक्ष्य है। महाकुल यादव समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों एवं संगठनात्मक विकास के लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा।वहीं उपाध्यक्ष नंदलाल यादव ने कहा मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं उसे निष्ठा से निभाऊंगा।

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Sports News : भारत का घरेलू सीजन 28 अगस्त से होगा शुरू..BCCI ने दलीप, रणजी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में किए बदलाव

Sports News : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने शनिवार (14 जून) को शीर्ष परिषद की बैठक के बाद 2025-26 घरेलू क्रिकेट के सीजन की शुरुआत 28 अगस्त से होने का ऐलान किया। उसने रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़े बदलाव किए। बोर्ड ने बैठक में फैसला किया कि 2025-26 रणजी ट्रॉफी 15 अक्टूबर से 28 फरवरी तक दो चरणों में एक संशोधित प्रारूप के साथ आयोजित की जाएगी, जिसमें मौजूदा दो टीमों के बजाय प्लेट समूह से एक टीम को रेलीगेट और एक को प्रमोट किया जायेगा।  

बीसीसीआई ने 2018-19 में रणजी ट्रॉफी में नौ टीमों को शामिल किया था। इसमें उत्तर पूर्व की टीम भी शामिल है। इससे इस प्रतियोगिता में क्रिकेट की गुणवत्ता प्रभावित हुई। मेघालय रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में एलीट डिवीजन में खेला, लेकिन उसे सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा।

पीटीआई के अनुसार बीसीसीआई के एक दस्तावेज में कहा गया, ‘‘सभी बहु-दिवसीय पुरुष टूर्नामेंट (सीनियर और जूनियर) में 2026-27 सत्र से एक टीम को प्रमोट किया जाएगा और एक टीम को रेलीगेट किया जाएगा।’’ लाल गेंद क्रिकेट में प्रारूप में बदलाव सभी आयु समूहों के बीसीसीआई टूर्नामेंटों पर लागू होगा।

दलीप ट्रॉफी की क्षेत्रीय प्रारूप में वापसी

रणजी ट्रॉफी का पहला चरण 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक खेला जाएगा जबकि दूसरा चरण 22 जनवरी से एक फरवरी तक चलेगा। नॉकआउट छह से 28 फरवरी तक खेले जाएंगे। दलीप ट्रॉफी की क्षेत्रीय प्रारूप में वापसी हो गयी है। और यह सत्र का पहला टूर्नामेंट होगा। इसका आयोजन 28 अगस्त से 15 सितंबर तक होगा। बीसीसीआई ने कहा, ‘‘टीम का चयन क्षेत्रीय चयन समिति द्वारा किया जाएगा।’’  

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में प्लेट डिवीजन की वापसी

ईरानी कप एक से पांच अक्टूबर तक खेला जायेगा। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंट) सहित सभी एक दिवसीय प्रतियोगिताओं में प्लेट डिवीजन को फिर से शामिल किया गया है। पिछले सत्र तक नॉकआउट चरण में टीमें क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेलती थी, लेकिन इस सत्र से शीर्ष टीमों को सुपर लीग में तीन अतिरिक्त मैच मिलेंगे।  

26 नवंबर से 18 दिसंबर तक होगा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी

ग्रुप ए और बी की शीर्ष टीम फाइनल में भिड़ेंगी। पिछले सत्र की सबसे निचली छह टीमें प्लेट ग्रुप का हिस्सा होंगी। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को 26 नवंबर से 18 दिसंबर तक खेला जाएगा। इसके साथ ही सफेद गेंद के सभी टूर्नामेंटों में ग्रुप चरण में बराबरी पर रहने वाली टीमों में से आगे बढ़ने वाली टीम का फैसला नेट रन रेट के मुताबिक होगा।

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CG Corona Update : छत्तीसगढ़ में मिले 6 नए कोरोना के मामले..एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 50..जाने पूरी जानकारी

CG Corona Update : रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा गया है। कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज प्रदेश में 6 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है।

दरअसल, नए संक्रमित मरीज बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जिलों से सामने आए हैं। बिलासपुर में 2, रायपुर में 2 और दुर्ग में भी 2 मरीज पाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 50 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 50 में से 40 मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जबकि 9 मरीज जनरल वार्ड में भर्ती हैं। वहीं 1 मरीज को आईसीयू में रखा गया है।

फिलहाल, अब तक 55 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है और लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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शासन की महिला सशक्तिकरण की योजनाएं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

श्रीमती लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।

आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।

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CG Big News : 'संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र'- सीएम साय

Chhattisgarh News/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है. यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है. मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे.

बता दें कि, पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए. शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की.

वहीं, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं. यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं. ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है.

हालांकि, मुख्यमंत्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है. उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं.

वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है. राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय और निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं.

दरअसल, उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है.

फिलहाल, मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक अमित चिमनानी और शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया. इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष लधाराम, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

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CG Big News : राज्य खेल अलंकरण पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित..इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य खेल अलंकरण पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 निर्धारित की गई है।

वहीं, इन पुरस्कारों में शहीद राजीव पाण्डे, शहीद कौशल यादव, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे, वीर हनुमान सिंह सम्मान के साथ-साथ मुख्यमंत्री ट्रॉफी, प्रोत्साहन स्वरूप नगद राशि, खेलवृत्ति (डाईट मनी) और प्रेरणा निधि शामिल हैं।

हालांकि, पुरस्कारों का उद्देश्य राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को प्रोत्साहित करना है। चयन पात्रता, उपलब्धियों और खेल संघों की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा।

वहीं, शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार में 3 लाख, शहीद कौशल यादव और वीर हनुमान सिंह पुरस्कार – 1.5 लाख, पंकज विक्रम व विनोद चौबे सम्मान 25 हजार, मुख्यमंत्री ट्रॉफी – टीम सदस्य संख्या के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रूपये तक की पुरस्कार प्रदान की जाएगी।

दरअसल, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ी, डाईट मनी के लिए अधिकतम आयु 19 वर्ष के खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए विभाग की वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं। जिला अथवा राज्य खेल कार्यालय से भी आवेदन लिए जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन केवल राज्य खेल संघों की अनुशंसा के साथ स्वीकार होंगे।

फिलहाल, इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन 26 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर अथवा जिला खेल कार्यालय रायपुर में कर सकते है। अभ्यर्थी को आवेदन के साथ सभी प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य है। अधूरे या अस्पष्ट आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। चयन समिति का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।

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मुख्यमंत्री के हाथों मिलेगा श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि

रायपुर, : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में आए पंजीकृत श्रमिकों के कुल 31 मेधावी छात्र छात्राओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 15 जून को न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस मौके पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। 
 
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि मंडल के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में 10वीं कक्षा के 26 और 12वीं कक्षा के 5 बच्चों सहित कुल 31 श्रमिक बच्चों को 2 लाख रूपए प्रति छात्र दिए जाएंगे. इसमें 1 लाख रूपए दोपहिया वाहन के लिए और 1 लाख रूपए नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में शामिल है। इसी तरह में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने राज्य के 38200 निर्माण श्रमिकों के लिए 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी की जायगी।  यह राशि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान की जाएगी। 

*योजनाओं और उनके लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण इस प्रकार है -* 

मिनीमाता महतारी जतन योजना 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना 12 श्रमिकों को 94 हजार 800 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना 4,825 श्रमिकों को 96.17 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 155 श्रमिकों को 37.63 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 2 श्रमिकों को 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना 4,939 श्रमिकों को 74.08 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना 1 श्रमिक को 50 हजार रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना 7 श्रमिकों को 7 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 264 श्रमिकों को 2.64 करोड रूपए़, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना 15,066 श्रमिकों 2.00 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना 25 श्रमिकों को 25 लाख रूपए यह पहल राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल,16 जून से होने वाला शाला प्रवेश उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों से की सहभागिता की अपील

रायपुर, : छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है।

*मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: एक ठोस पहल*

मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारना है। इसके साथ ही, सरकार द्वारा शिक्षकों एवं विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्राथमिकता से पदस्थापना की गई है, जिससे शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंच सके।

*अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूल शिक्षा क्षेत्र की अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विकास को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत सहभागिता करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।

*सामाजिक सहभागिता से संवरता भविष्य*

 मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर परिणाममूलक कार्य करने होंगे। उन्होंने आशा जताई कि सभी जनप्रतिनिधि इस अभियान का नेतृत्व कर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ को एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

*शाला प्रवेश उत्सव को बनाएं जनअभियान*

मुख्यमंत्री के इस पत्र को राज्य में शिक्षा को लेकर एक जनांदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की स्कूल तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सहभागिता को भी एक नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय की अभिनव पहल: डिजीलॉकर के माध्यम से लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय द्वारा डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह पहल राज्य सरकार के डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की  सराहना की । यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन—तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है।

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CG Placement Camp : 16 जून को 200 पदों पर भर्ती के लिए प्लेसमेंट कैम्प..कलेक्टोरेट परिसर में होगा आयोजित..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh Placement Camp/धमतरी। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कम्पोजिट बिल्डिंग, कलेक्टोरेट परिसर में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 16 जून को किया जाएगा। सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस प्लेसमेंट कैम्प में धमतरी और रायपुर के निजी संस्थाओं द्वारा 196 पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

दरअसल, इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से चयनित होने वाले जिले के युवाओं को औसतन 12 हजार से 23 हजार रूपये मासिक वेतन वाला रोजगार मिल सकेगा। इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से जिला प्रबंधक, सेल्स ऑफिसर, सिक्यूरिटी गार्ड, सिक्यूरिटी सुपरवाईजर, स्मार्ट मीटर टेक्निशियन, स्मार्ट मीटर ऑपरेटर, एल्यूमीनियम विंडो इंस्टालर और विंडो असेम्बलर जैसे पदों पर भर्तियां की जाएंगी। प्लेसमेंट कैम्प में रोजगार प्राप्त करने के लिए दसवीं, बाहरवीं पास से लेकर आईटीआई, ग्रेजुएशन पास हों, ऐसे प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं। प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को अपने सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता संबंधी दस्तावेज, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साईज फोटो प्रस्तुत करने होंगे।

फिलहाल, जिला रोजगार अधिकारी अधिकारी ने बताया कि एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस धमतरी द्वारा जिला प्रबंधक के 5, सेल्स ऑफिसर के 3, स्टार बाउंसर्स सेक्यूरिटी एजेंसी धमतरी द्वारा सेक्यूरिटी गार्ड के 8, रूद्रा एंटरप्रायजेस रायपुर शंकर नगर द्वारा स्मार्ट मीटर टेक्निशियन और स्मार्ट मीटर ऑपरेटर के 50-50, एल्यूमिनियम विंडो इंस्टालर और एल्यूमिनियम विंडो असेंम्बलर के 10-10 तथा बॉम्बे इंटीग्रेटेड सेक्यूरिटी इंडिया लिमिटेड रायपुर द्वारा सेक्यूरिटी गार्ड के 50 और सेक्यूरिट सुपरवाईजर के 10 पदों पर भर्ती की जाएगी।

वहीं उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रबंधक और सेल्स ऑफिसर की पोस्टिंग धमतरी में, सेक्यूरिटी गार्ड की पोस्टिंग रायपुर-सिलतरा स्टील प्लांट तथा रायपुर, भिलाई और दुर्ग में की जाएगी। इसी की तरह स्मार्ट मीटर टेक्निशियन, स्मार्ट मीटर ऑपरेटर की पोस्टिंग रायपुर, धमतरी, एल्यूमिनियम विंडो इंस्टालर, एल्यूमिनियम विंडो असेंंबलर की रायपुर तथा सेक्यूरिटी सुपरवाईजन की रायपुर, भिलाई और दुर्ग़ में पोस्टिंग की जाएगी।

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CG Big News : सावधान.! जलप्रपातों के आसपास नहाने और सेल्फी लेने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई..2 लड़के गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले में अनेक खूबसूरत जलप्रपात स्थित हैं, जिनमें अमृतधारा, रमदहा तथा कर्म घोंघा जिले की प्रमुख जलप्रपात हैं। इन प्राकृतिक स्थलों पर लगातार पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन लापरवाही भरे व्यवहार से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। विगत दिवस नागपुर तहसीलदार समीर शर्मा के नेतृत्व में अमृतधारा जलप्रपात पर कार्रवाई की गई।

दरअसल, कृष गुप्ता पिता राजेंद्र प्रसाद गुप्ता उम्र 19 वर्ष निवासी बस स्टैंड के पास मनेंद्रगढ़ तथा मोहम्मद अरशद पिता समीम कुरैशी उम्र 20 वर्ष निवासी लोको कॉलोनी मनेंद्रगढ के दोनों युवक अमृतधारा जलप्रपात पर पहुंचे थे। इन्हें जलप्रपात के नीचे पानी के बेहद करीब नहाते हुए देखा गया, जिसके चलते इन्हें तत्काल गिरफ्तार कर थाना नागपुर ले जाया गया।

फिलहाल, थाने में परिजनों के निवेदन पर दोनों युवकों को सख्त समझाइश देकर रिहा किया गया। यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी जिले के विभिन्न जलप्रपातों में इस तरह की लापरवाहियों के कारण कई दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इन्हीं घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति चाहे वह अकेले हो या समूह में जलप्रपात के आसपास नहाते हुए या सेल्फी लेते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी प्रकरण दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित दूरी से लें।

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