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छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह पहला ऐसा बजट, जब प्रदेश के वित्तमंत्री द्वारा अपने हाथों से लिखा 100 पृष्ठों का बजट किया पेश 

रायपुर :- छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह पहला अवसर होगा, जब प्रदेश के वित्तमंत्री द्वारा अपने हाथों से बजट लिखा गया हो और सदन में पेश किया गया हो। वित्तमंत्री ओपी चौधरी अपनी अनूठी कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। इस बार उन्होंने सदन में अपने हाथों से लिखा 100 पृष्ठों का बजट पेश किया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है। अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

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छत्तीसगढ़ बजट : वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज रचेंगे इतिहास,पेश करेंगें लगातार दूसरा बजट... नीतिगत सुधारों, आर्थिक सशक्तिकरण और राज्य के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला होगा यह बजट

रायपुर : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आगामी 3 मार्च 2025 को दोपहर 12:30 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि इस वर्ष का बजट पिछले बजट की निरंतरता में एक और बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के संकल्प की तर्ज पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का भी लक्ष्य ‘2047 तक विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण करना है। इस दिशा में यह बजट नीतिगत सुधारों, आर्थिक सशक्तिकरण और राज्य के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में आर्थिक, औद्योगिक, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस विकास यात्रा को और अधिक गति देने के लिए इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष की तुलना में अधिक व्यापक और प्रभावी होगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जिससे विकास के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। राज्य सरकार की नीतियों का लाभ विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, श्रमिकों, आवासहीन परिवारों और गरीब वर्ग को मिला है, जिससे जनता का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जनता का यह आशीर्वाद ही सरकार की प्रेरणा है और यह बजट प्रदेश के विकास, आर्थिक सुधारों और जनहितकारी योजनाओं के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक साबित होगा।

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सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: सुकमा में दो नक्सली ढेर, 60 दिनों में 67 हार्डकोर नक्सलियों का सफाया,सुरक्षाबलों के साहस को मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हो गए। वहीं, बस्तर रेंज में बीते 60 दिनों के भीतर 67 हार्डकोर नक्सली मारे गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, निष्ठा और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनी है, नक्सलवाद के खात्मे के लिए चलाए जा रहे अभियान को नई गति और दिशा मिली है। यह लड़ाई अब अपने निर्णायक चरण में है। उल्लेखनीय है कि विगत 13 माह में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के तहत 300 से अधिक नक्सली मारे गए, 985 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 1177 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं।

2026 तक नक्सलवाद का होगा संपूर्ण खात्माल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और  केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का संपूर्ण रूप से अंत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षाबलों की संयुक्त रणनीति से नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक नक्सलवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शांति, सुरक्षा और विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है, और यह सफलता इसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हो गए। वहीं, बस्तर रेंज में बीते 60 दिनों के भीतर 67 हार्डकोर नक्सली मारे गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, निष्ठा और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनी है, नक्सलवाद के खात्मे के लिए चलाए जा रहे अभियान को नई गति और दिशा मिली है। यह लड़ाई अब अपने निर्णायक चरण में है। उल्लेखनीय है कि विगत 13 माह में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के तहत 300 से अधिक नक्सली मारे गए, 985 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 1177 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं।

2026 तक नक्सलवाद का होगा संपूर्ण खात्माल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और  केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का संपूर्ण रूप से अंत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षाबलों की संयुक्त रणनीति से नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक नक्सलवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शांति, सुरक्षा और विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है, और यह सफलता इसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

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Attention ! नौकरी का झांसा देकर हिंदू युवतियों के साथ किया जा रहा है शोषण,अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज 

रायपुर : छतीसगढ़ की राजधनी रायपुर में नौकरी का झांसा देकर हिंदू युवतियों के शोषण का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिविल लाइन थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता निश्चय बाजपेयी ने इस मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज करवाई थी। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने भी रायपुर एसएसपी से मुलाकात कर नौकरी जिहाद को लेकर चिंता जताई थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस व्हाट्सएप नंबर के जरिए नौकरी का झांसा दिया जा रहा था वह उत्तर प्रदेश के समस्तीपुर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई अन्य धाराओं में स्नढक्र दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी युवतियां इसका शिकार हुई हैं। रायपुर पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा सीसीपीएल छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन की तैयारी शुरू

रायगढ़ : आईपीएल की तर्ज पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा सीसीपीएल छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ कार्यालय में सीसीपीएल की सभी छह टीमों के जिला क्रिकेट संघ के साथ राज्य संघ के सदस्यों की मीटिंग हुई। जिला क्रिकेट संघ रायगढ़ के सचिव रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के वरिष्ठ सदस्य विजय शाह, राजकुमार शर्मा, राजेश दवे, जीएस मूर्ति, सचिव मुकुल तिवारी, गुड़ापल्ली हीरा आदि सदस्यों सहित जिला क्रिकेट संघ रायगढ़ की ओर से अध्यक्ष संतोष पाण्डेय, सचिव रामचन्द्र शर्मा, अन्य पांच टीमों के अध्यक्ष एवं सचिव भी शामिल हुए। मीटिंग में पिछले वर्ष आरंभ हुए सीसीपीएल के संबंध में राय मशविरा किया गया, आने वाले जून माह में सीसीपीएल कराये जाने संबंधि निर्देश दिया गया, उसकी तैयारियों के विषय में विभिन्न प्रकार की जानकारी, मैदान की तैयारी, टीम गठन की तैयारी, दी जाने वाली सुविधाओं की तैयारी, प्रचार-प्रसार संबंधि जानकारी दी गई। वरिष्ठ सदस्य विजय शाह ने सभी जिलों को पिछले वर्ष की सफलता की बधाई देते हुए इस वर्ष भी शानदा तैयारी करने की अपील की।

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बगिया हाईस्कूल के विद्यार्थियों संग मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने खगोलीय दूरबीन से देखा सूर्य,छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का दिया संदेश 

28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का  श्रीमती कौशल्या साय के  मुख्य आतिथ्य में हाईस्कूल बगिया में हुआ आयोजन‌

बगिया :  शासकीय हाई स्कूल बगिया में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। 

इस अवसर पर कौशल्या साय ने सभी को संबोधित करते हुए कहा, "भारत की भूमि प्राचीन काल से ही महान वैज्ञानिकों की जन्मस्थली रही है। हमें विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहिए।" उन्होंने पंच तत्वों के मानव‌ शरीर से संबंध को बताया और तकनीक व‌ विज्ञान में रुचि लेने की सलाह दी। उन्होंने छात्रों को सीखने की आदत विकसित करने के लिए डायरी और पेन साथ लाने की भी बात कही। उन्होंने बच्चों को एंजॉय करते हुए सीखने और एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया।

मां सरस्वती की वंदना और अतिथियों के द्वारा द्वीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरणा देने के लिए विद्यालय में देश के महान वैज्ञानिकों और उनकी उपलब्धियो के बैनर की स्टैंडी भी विद्यालय में लगाई गई थी। जिसका अवलोकन अतिथियों के साथ विद्यार्थियों ने भी किया। 

मुख्यमंत्री निवास में श्रीमती कौशल्या साय ने खगोलीय दूरबीन से सूर्य के ब्लैक स्पॉट भी देखें। सेजेस इंग्लिश मीडियम स्कूल जशपुर से आए हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने उपहार भी दिया। 

कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता, डीएमसी नरेंद्र सिन्हा, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, एबीईओ के.के. कुंभकार, प्राचार्य दिनेश शर्मा, व्याख्याता संजय दास ,शिक्षिकाएं मंजू भारती और अंजलि तिर्की सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति नई जागरूकता और जिज्ञासा जगाई। उम्मीद है कि बगिया के ये छात्र आगे चलकर वैज्ञानिक और इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करेंगे।

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विकासखंड मनोरा के समस्त विद्यालयों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया.

जशपुर  : विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा संजय पटेल के मार्गदर्शन में विकासखंड के सभी विद्यालयों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम मनाया गया। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष विद्यालय के कोऑर्डिनेटर एवं विद्यार्थियों के साथ मिलकर विभा साइंस क्लब के तत्वाधान में विज्ञान गणित से संबंधित एक्टिविटी कराई जानी थी इसी क्रम में माध्यमिक शाला डूमरटोली में विज्ञान विषय पर आधारित प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें विज्ञान से संबंधित 50 प्रश्न तैयार किए गए थे जिसका उत्तर अन्य प्रतियोगी परीक्षा की भांति ओएमआर शीट में भरा गया संजीव यादव किरण राम महारथी मंत्री बाई (शिक्षकों) द्वारा प्रश्न पत्र तैयार करना एवं परीक्षा से संबंधित समस्त गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संपन्न करवाया गया. प्रवीण पाठक प्रधान पाठक ने बताया कि इस तरह की परीक्षा का आयोजन अंतिम आकलन परीक्षा विषय विज्ञान को ध्यान में रखकर किया गया है ताकि बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

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हिंदी पत्रकारिता के सितारों को सम्मानित किया गया,हिंदी को सशक्त बनाने में हिंदी पत्रकारिता का योगदान अपने आप में अतुलनीय - कवि संगम त्रिपाठी 

जबलपुर -   हिंदी के प्रचार-प्रसार में समाचार जगत का योगदान अमूल्य है और हिंदी को सशक्त बनाने में हिंदी पत्रकारिता का योगदान अपने आप में अतुलनीय है।  कवि संगम त्रिपाठी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हिंदी प्रचार प्रसार में विशिष्ट योगदान हेतु हिंदी पत्रकारिता सम्मान 2025 संतोष पाण्डेय सुल्तानपुर ब्यूरो चीफ न्यू गीतांजलि टाइम्स, अजय पांडेय वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ, सतीश कुमार पांडेय प्रियांशी विचारधारा जबलपुर जोन प्रभारी, शिवशंकर तिवारी 'सोहगौरा' वरिष्ठ पत्रकार प्रतापगढ़, नीरज कुमार तिवारी ब्यूरो चीफ वाइस आॅफ अमेठी, अखिलेश कुमार अखिल संपादक भारत पोस्ट दिल्ली, बलराम तिवारी वरिष्ठ पत्रकार अयोध्या, विनोद निराश देहरादून उत्तराखंड संपादक - वैदिक दर्पण, विजय दुसेजा  संपादक हमर संगवारी बिलासपुर छत्तीसगढ़, अनिल शिवदर्शन मिश्रा प्रधान संपादक छत्तीसगढ़ उजाला रायपुर, शिवेश्वर दत्त पाण्डेय देहरादून संपादक - दि ग्राम टुडे, प्रभात वर्मा पटना संपादक - दस्तक प्रभात, डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार प्रयागराज, राजवीर शर्मा वरिष्ठ पत्रकार मुरैना, राम लखन गुप्त वरिष्ठ पत्रकार चाकघाट, आनंद पांडेय वरिष्ठ पत्रकार अनूपपुर, अनिता के. शाह वडोदरा गुजरात सह संपादक - गुजराती बोल, अजय जैन इंदौर 
संपादक - हिंदी भाषा डाट काम, श्रीराम राय, शिक्षक संपादक - कवि स्पर्श इटखोरी- झारखंड, दिनेश प्रकाश बहुगुणा देहरादून सम्पादक - नया अध्याय, रोहित मिश्रा 'राष्ट्रवादी' संपादक - रोहित संवाद बाराबंकी को प्रदान किया गया।
        सरस्वती हिंदी महाविद्यालय फाउंडेशन ( एस.एच. एम. वी. फाउंडेशन) हैदराबाद तेलंगाना में संचालित है जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं को और भारतीय संस्कृति कलाओं  को प्रचार करना मुख्य उद्देश्य है।  भारत में संस्थापक डाॅ विजय कुमार, संयोजक कवि संगम त्रिपाठी, उपाध्यक्ष श्रीकांत रेड्डी व उनके समस्त सहयोगी हिंदी प्रचार प्रसार में सतत प्रेरणादायक कार्य कर रहे हैं।
         डॉ धर्म प्रकाश वाजपेई, प्रदीप मिश्र अजनबी, डॉ लाल सिंह किरार, सीमा शर्मा 'मंजरी' , राजकुमारी रैकवार राज, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव, डॉ शिवशरण श्रीवास्तव 'अमल' ने पत्रकारिता जगत के सितारों को सम्मानित किए जाने पर बधाई दी है।

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मुख्यमंत्री श्री साय की ऐतिहासिक फल : प्रदेश की जनता बनी महाकुंभ की साक्षी, पच्चास हजार से अधिक श्रद्धालुओं छत्तीसगढ़ पैवेलियन शरण लेकर बनाया सार्थक

रायपुर : “आप सभी को एक बात कहना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुम्भ 2025 का आयोजन हो रहा है। मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु वहां जाएं। आप को वहां जाकर रूकने और खाने की चिंता नहीं करनी है। आपके लिए हमारी सरकार ने प्रयागराज के सेक्टर 6 में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन बनाया है। वहां पर आपके रूकने और खाने की निःशुल्क व्यवस्था की है।“ 
यह कथन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाकुम्भ 2025 शुरू होने के पहले अपने सार्वजनिक संबोधनों में कई जगह कही थी। मुख्यमंत्री श्री साय राज्य की जनता की आवश्यकताओं और इच्छाओं को समझते हैं,  इसीलिए मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से बात की और प्रयागराज स्थित कुंभ मेला क्षेत्र में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन का निर्माण कराया और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने खर्च पर 45 दिनों तक राज्य के श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की। 

इन 45 दिनों में छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने चिंतामुक्त होकर महाकुम्भ 2025 के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। 45 दिनों तक चलने वाला आस्था और परंपरा का विश्व का सबसे बड़ा त्यौहार अब समाप्त हो चुका है, लेकिन जाते हुए भी ये छत्तीसगढ़ की जनता को अविस्मरणीय यादें  दे गया है जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी शामिल हैं। 

ऐसा नहीं है कि प्रयागराज के मेला क्षेत्र के सेक्टर 6 में स्थित छत्तीसगढ़ पैवेलियन सिर्फ छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए ही था, बल्कि ये देश विदेश के सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र था। छत्तीसगढ़ पैवेलियन में लगी प्रदर्शनी को देखने के लिए देश विदेश के पर्यटक और श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहता था। एक तरफ जहां अन्य राज्यों के पैवेलियन रात 8 बजे के बाद बंद हो जाया करते थे, छत्तीसगढ़ पैवेलियन का सांस्कृतिक कार्यक्रम रात 10 बजे तक लोगों का मनोरंजन करता रहता था। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों ने प्रयागराज में महाकुम्भ की धरती पर ऐसा समां बांधा था कि भाषा और संस्कृति के आवरण से दूर देश के हर राज्य के लोग इसे देखने और सुनने को आतुर दिखते थे। 

छत्तीसगढ़ पैवेलियन का प्रवेश द्वार बस्तर की पहचान गौर मुकुट से सुशोभित था। ये दूर से ही लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेता था। भीतर प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा छत्तीसगढ़ की ममतामयी पहचान को परिलक्षित करती थी। इसके साथ ही राज्य की चार ईष्ट देवियों ( मां महामाया, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां चंद्रहासिनी) की तस्वीरों के आगे लोगों के सिर श्रद्धा से झुक जाते थे। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं को जानने के लिए लोग आतुर दिखते थे। प्रदर्शनी में सिरपुर, कुतुबमीनार से ऊंचे जैतखाम, भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफाल, आधुनिक शहर नया रायपुर के बारे मे जानकर लोग स्तब्ध रह जाते थे। 
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी में टेक्नालाजी का भी इस्तेमाल किया गया था। 360 डिग्री का वीडियो दिखाने वाले इमर्सिव डोम में भीतर जाने के लिए पूरे देश के लोग लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते थे और ऐसा ही कुछ हाल वर्चुअल रियेलिटी के जरिए छत्तीसगढ़ को जानने के लिए भी था। इतना ही नहीं प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, कला, आभूषण, रहन-सहन, खान-पान, नृत्य, पशु एवं पक्षियों को भी दर्शाया गया था जो लंबे समय तक प्रादेशिक और राष्ट्रीय मीडिया के लिए आकर्षण का विषय बने हुए थे। 

अब महाकुम्भ का समापन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे एकता का महाकुम्भ कहकर संबोधित किया है। छत्तीसगढ़ पैवेलियन अपने आप में इसका एक बड़ा उदाहरण है जहां बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के लिए निःशुल्क भोजन उपलब्ध था। बिना किसी ऊंच नीच के हर वर्ग, हर जाति और हर धर्म और हर संप्रदाय यहां तक की विदेशी भी आते थे और छत्तीसगढ़ को पास से जानकर आश्चर्य और रोमांच से भर जाते थे। 

*मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को दी महाकुंभ के सफल आयोजन की बधाई*

महाकुम्भ के समापन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को महाकुम्भ के सफल आयोजन और छत्तीसगढ़ को साढ़े चार एकड़ जगह उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल और समर्पित प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ 2025 का हिस्सा बने। इन श्रद्धालुओं की भागीदारी ने राज्य की तीन करोड़ जनता को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस महान आध्यात्मिक आयोजन से जोड़ा।

छत्तीसगढ़ के संत, विद्वान और श्रद्धालु महाकुंभ के पवित्र संगम में स्नान और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हुआ। इसके माध्यम से राज्य ने अखिल भारतीय आध्यात्मिक चेतना में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने छत्तीसगढ़ को महाकुंभ के वैश्विक मंच पर एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया, जिससे राज्य की तीन करोड़ जनता को सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव की अनुभूति हुई। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र यात्रा बना, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ है।

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नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात,श्री साय ने कहा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता को दिलाने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां उनके निज निवास बगिया में जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार और कांसाबेल के नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की।  
    मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित बीडीसी को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें जनसेवा के कार्य पूरी निष्ठा से करने और जनता के अपेक्षाओं पर खरा उतरने  का संदेश भी दिया।  
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए शासन की बहुत सी योजनाएं संचालित की जा रही है। इन  योजनाओं की मदद से क्षेत्र का विकास करने के साथ ही  आम जनता को इसका लाभ दिलाने में आप सब की भूमिका महत्वपूर्ण है।

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ममेरे भाई की शादी में पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री साय  ने भाई ओर बहू को नवजीवन की शुरुआत पर दिया आशीर्वाद

 जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अपने ममेरे भाई धीरेन्द्र की शादी समारोह में शामिल होने कुनकुरी पहुंचे l मुख्यमंत्री के साथ आए उनकी माता श्रीमती जसमनी देवी, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने धीरेन्द्र साय एवं बहु अहिल्या को आशीर्वाद दिया और उनके मंगलमय जीवन की कामना की।
    इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे और विवाह के दौरान किए जाने वाले रस्मों को भी निभाया।

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छत्तीसगढ़ के आगामी बजट में एलबी संवर्ग शिक्षकों की पेंशन हेतु पूर्व सेवा गणना व क्रमोन्नति को लेकर बजट में रहेगी अपेक्षा- संजय शर्मा

जशपुर :- छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के आगामी बजट में एल बी संवर्ग के शिक्षकों को पेंशन हेतु पूर्व सेवा की गणना करने व माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के डबल बैंच के निर्णय अनुसार क्रमोन्नति की अपेक्षा रहेगी।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बजट में सरकार से मोदी जी के गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने, समस्त एल बी संवर्ग को क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान प्रदान करने, शिक्षक समतुल्य वेतनमान (पुनरीक्षित वेतनमान ) में सही वेतन का निर्धारण कर 1.86 के गुणांक पर वेतन निर्धारण करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के पुरानी पेंशन को निर्धारित करने एवं भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को जारी आदेश के समान 33 वर्ष में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किये जाने सहित माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षको के लिए क्रमोन्नति/समयमान का विभागीय आदेश जारी किए जाने की अपेक्षा रहेगी।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक व कर्मचारियों को केंद्र के समान 01 जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने तथा जुलाई 2019 से देय तिथि पर महंगाई भत्ते के एरियर राशि का समायोजन जीपीएफ/सीजीपीएफ खाता में किये जाने की उम्मीद है।

ज्ञात हो शिक्षक मोर्चा द्वारा इसके लिए विगत अक्टूबर व नवम्बर मे 2 माह तक का चरणबद्ध आंदोलन "पूर्व सेवा गणना मिशन" अभियान में तय किया गया था।

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जागरूकता और जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता -बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी-जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में महाशिवरात्रि पूजन एवं अघोरेश्वर महाविभूति स्थल का वार्षिकोत्सव सोल्लास संपन्न


नारायणपुर :- गुरुवार, 27 फरवरी को, जनसेवा अभेद आश्रम में महाशिवरात्रि पूजन और अघोरेश्वर महाप्रभु के महाविभूति स्थल पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन, पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम हमारे जीवन में जागरूकता और सुधार लाने के लिए होते हैं। उन्होंने बताया कि हम जिस उद्देश्य से यहाँ आते हैं, वह शक्ति को प्राप्त करना है और हमारे कार्य, विचार और विश्वास में सच्चाई और सद्गुण होना चाहिए।
बाबा जी ने आगे कहा कि हम जो भी अच्छे कार्य करते हैं, उनका प्रभाव हमारे मानसिकता पर पड़ता है और हमारी मानसिकता को शुद्ध करने से हम ईश्वरत्व को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम स्वयं अपने कर्मों के फल भुगतते हैं और हमारी मानसिकता के अनुसार हमारे जीवन में बदलाव आता है। उन्होंने शिष्यों से कहा कि वे एकजुट होकर, अच्छे कार्यों को बढ़ावा दें और विश्वास और श्रद्धा के साथ ईश्वर की पूजा करें।
इसके अलावा, बाबा जी ने  बताया कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और दया का महत्व है और हमें अपने आचार-व्यवहार को समय और परिस्थितियों के अनुसार संतुलित करना चाहिए। अंत में, उन्होंने अपने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस पर ध्यान दें और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
गोष्ठी के अन्य वक्ताओं में समूह शाखा बगीचा के उपाध्यक्ष श्री शंकर गुप्ता जी, श्री अर्जुन यादव जी, श्री विपिन सीना,वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रबल प्रताप सिंह जी, समूह शाखा जमशेदपुर के श्री इन्द्रजीत सिंह उपस्थित रहे। गोष्ठी में धान्यवाद ज्ञापन श्री गणेश यादव जी ने तथा गोष्ठी का सञ्चालन श्री मानवेन्द्र प्रताप सिंह जी ने किया।
गोष्ठी का शुभारम्भ शिवम नायक, पल्लव, अदिति, जयचंदऔर साकेत द्वारा प्रस्तुत गुरु पदुकापंचकम के पथ से हुआ। इससे पूर्व अखंड संकीर्तन का समापन पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी द्वारा परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु की समाधि स्थल में आरती पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात कर्नल रामचन्द्र नाथ शाहदेव जी द्वारा गुरु समर्पित पद का गायन किया गया उसके उपरांत श्री उदय नारायण पाण्डेय जी द्वारा सफल्योनी का पाठ किया गया।
       

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त्रिस्तरीय पंचायतों का  4 मार्च से 12 मार्च के मध्य उपसरपंच, जनपद एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का होगा चुनाव

रायपुर : ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों तथा जिला पंचायत के सामान्य निर्वाचन पूर्ण होने के उपरान्त ग्राम पंचायत के उपसरपंच और जनपद तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों का निर्वाचन किया जाना हैं। पंचायत संचालनालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों के कलेक्टरों को इस संर्दभ में पत्र लिखकर 4 मार्च से 12 मार्च के मध्य ग्राम पंचायत के उपसरपंच और जनपद तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों का निर्वाचन तथा प्रथम सम्मेलन आयोजित कराने को कहा गया है। 

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पोषण ट्रेकर ऐप ने कार्यकर्ताओं के वेतन पर डाला डाका,तकनीकी समस्याओं को जानने के बावजूद विभागीय अधिकारी कर रहे कार्यकताओं के मानदेय में कटौती,ज्ञापन सौंप संघ ने निराकरण का किया मांग

जशपुर : पोषण ट्रैकर एप आंगनबाड़ी कार्यकताओं और सहायिकाओं के लिए सरदर्द बनते जा रहा है,इसमें तकनीकी कमी के कारण बिना कारण कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वेतन कटौती विभागीय अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है जबकि खुद अधिकारी कर्मचारी तकनीकी खराबी के सम्बन्ध में विस्तार से जान रहे है बावजूद कार्यकताओं को प्रताड़ित करने अनोखा षड्यंत्र उनके द्वारा रचा जा रहा है जिस संबन्ध में कलेक्टर जशपुर को ज्ञापन सौंप समस्या का निराकरण करने मांग किया गया है।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी. 409 की जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के नेतृत्व में कलेक्टर जशपुर को ज्ञापन सौंपा गया है।जिसमें पोषण ट्रैकर एप में आ रही समस्याओं के संबंध में विस्तार से बताया गया है। आवेदन में उल्लेख है कि टी.एच.आर.वितरण के विभागीय वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नया वर्जन के अनुसार किया जाना है.हितग्राही का आधार लेना है मोबाईल से ओटीपी लेना है ओटीपी लोड करने के बाद ही टीएचआर प्रदान किया जाना है इसमे कई ब्यवहारिक समस्या आ रही है जिसमें प्रमुख रूप से हर माह एक ही आदमी टीएचआर लेने आ सकता है। घर का दुसरा सदस्य कोई सदस्य नही आ सकता है।कई हितग्राही ओटीपी बताने से मना करते है.इससे हित ग्राही कम होंगे।कुछ ऐसे भी हितग्राही है जिनके पास या तो मोबाईल नही होता या फिर उनके घर मे एक ही मोबाईल होता है जिसे उनके पति या बच्चे ले जाते है.ऐसी स्थिति मे टीएचआर वितरण प्रभावित हो रहा है।कई स्थानो मे सर्वर/नेट समस्या रहती है मोबाईल ठीक से नही चलता जिसके कारण भी टीएचआर वितरण प्रभावित हो रहा है।कार्यकर्ताओ को जो मोबाईल प्रदान किया गया है उसमे यह कार्य संभव नही हो पा रहा है इसके लिये कम से 5 जीबी की  मोबाइल की आवश्यकता होगी। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अभी भी मोबाईल प्राप्त नही हुआ है।आदिवासी वनांचल कुछ क्षेत्र मे विशेष जन जाति पहाड़ी कोरवाओ के पास मोबाईल ही उपलब्ध नही है जिससे मोबाईल योजना से विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधा प्रभावित हो रही है। पोषण ट्रेकर पर एफआरएस फोटो कैपचर से पोषाहार वितरण मे भी कई परेशानी आ रही है मैदानी क्षेत्र मे यह संभव नही है इस दिय इसका वितरण कार्य पूर्व की भांति आफ लाईन कराई जावे।मोबाईल रिचार्ज प्रति माह 500/- स्वीकृत किया जावे।इसी तरह से कई ब्यवहारिक समस्यायें फिल्ड मे आरही है.इन समस्याओ के कारण यदि टीएचआर /पोषणट्रेकर का वितरण सही समय और सही मात्रा मे नही हो पाने के कारण आन लाईन मानदेय कटोती की बात संघ के संज्ञान मे आ रही है।
जिलाध्यक्ष कविता यादव ने आगे बताया कि हम अल्प मानसेवी है और उसु से घर परिवार चलाते है उसमे भी आये दीन छोटी छोटी बात मे मानदेय काटा जाना न्याय संगत नही हैं.इस संबध मे संघ का यह सुझाव है कि टीएचआर वितरण का कार्य किसी अन्य संस्था/एजेसी अथवा जहां से सामान उठाया जाता है उसके माध्यम से हमारी सहयोग से किया जाना उचित प्रतित होता है।
जिलाध्यक्ष कविता यादव के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने शासन प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि उक्त ब्यवहारिक समस्या का शीघ्र निराकरण शासन प्रशासन से कराने की कृपा करेगे.ताकि हम बिना मानदेय कटौती और अन्य किसी कार्यवाही के भय से मुक्त होकर विभागीय कार्यो का सम्पादन और अच्छे से कर सके।टीएचआर वितरण कार्य मे मैदानी स्तर मे आ रही ब्यवहारिक समस्या से विभागीय उच्चाधिकारियो को अवगत कराते हुये समस्या का निराकरण कराने मे सहयोग प्रदान करने की कृपा करेगें.साथ समस्या का निराकरण होने तक किसी भी कार्यकर्ता सहायिका के ऊपर कोई दण्डात्मक /मानदेय कटौती की कार्यवाही ना किया जावे।

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प्रयागराज महाकुम्भ में उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी को नही जाने को लेकर RPI के राष्टीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने बताया हिंदुओं का अपमान

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाकुंभ में उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी के न पहुंचने को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी को कुंभ में स्नान करने जाना चाहिए था। उन्होंने वहां न जाकर हिंदुओं का अपमान किया है।

आठवले ने कहा कि महाकुंभ में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यह अवसर 144 साल बाद आया था। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे को स्नान करने जाना चाहिए था। इन नेताओं को हिंदू वोटरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था, खासकर जब वे खुद हिंदू हैं। उनका मानना है कि उद्धव ठाकरे, जो हमेशा हिंदुत्व की बात करते रहे हैं, का इस अवसर पर नहीं जाना गलत है और यह हिंदुओं का अपमान है।

उन्होंने कहा कि हिंदू वोटरों को इन नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए और चुनावों में इन्हें सबक सिखाना चाहिए। मुस्लिम वोटरों को लुभाने के कारण वे महाकुंभ में नहीं गए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम वोट बीजेपी को भी मिलते हैं, इसलिए उन्हें यह कदम उठाने की जरूरत नहीं थी।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का नेतृत्व देश को आगे बढ़ा रहा है और ये दोनों नेता मोदी के खिलाफ जो नाराजगी दिखा रहे हैं, उसका उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी द्वारा बीजेपी पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं और उनकी जगह महात्मा गांधी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लगाईं। इस पर रामदास आठवले ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने कभी आंबेडकर की तस्वीर नहीं हटाई, और शायद यह काम आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही आंबेडकर की तस्वीर फिर से लगाई जाएगी।

तेलंगाना सरकार द्वारा तेलुगु को स्कूलों में अनिवार्य विषय बनाने के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि हिंदी का विरोध करना ठीक नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेलंगाना में तेलुगु को महत्व दिया जा रहा है तो यह भी ठीक है, जैसे महाराष्ट्र में मराठी भाषा को महत्व दिया जाता है।

आठवले ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छे कार्य कर रहे हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे को फिक्सर कहना गलत है। उन्होंने कहा कि शिंदे एक अच्छे कार्यकर्ता रहे हैं और बालासाहेब ठाकरे ने उन्हें बड़ा सम्मान दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ आते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन बीजेपी को उनकी जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके पास बहुमत है।स्रोत एजेंसी

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जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर-चिटकवाईन में अघोरेश्वर महाविभूति स्थापना दिवस समारोह का आयोजन,महाविभूति स्थल के स्थापना दिवस पर उमड़े श्रद्वालु,आश्रम में गूंज रहा अघोर महामन्त्र

नारायणपुर :- श्री सर्वेश्वरी समूह द्वारा स्थापित जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में महाशिवरात्री पर्व एवं महाविभूति स्थल स्थापना दिवस पर देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है नारायणपुर चिटकवाईन महोत्सव का शुभारंभ बुधवार सुबह पूज्य बाबा जी के द्वारा सर्वप्रथम महाशिवरात्री पूजन पश्चात अघोरेश्वर भगवान राम के चरण पादुका पूजा के साथ शुरू हुआ,जिले भर से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
    जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में महाशिवरात्रि पूजन एवं अघोरेश्वर महाविभूति स्थल का वार्षिकोत्सव
फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तदनुसार बुधवार, दिनांक 26 फरवरी, 2025 को जनसेवा अभेद आश्रम चिट्कवाइन, नारायणपुर, जशपुर (छ०ग०) में महाशिवरात्रि पूजन तथा परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के महाविभूति स्थल पर चरणपादुका, शिवलिंग एवं प्रतिमा स्थापना दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारम्भ पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी (अध्यक्ष : बाबा भगवान राम ट्रस्ट, श्री सर्वेश्वरी समूह व अघोर परिषद् ट्रस्ट) द्वारा किया गया। पूज्य बाबाजी ने सर्वप्रथम प्रातः 7:30 बजे विशाल बट वृक्ष के पास अघोरेश्वर महाप्रभु द्वारा स्थापित पंचमुखी शिवलिंग का विधिवत पूजन-आरती किया। इसके पश्चात् पूज्य बाबा जी ने अघोरेश्वर महाप्रभु की चरणपादुका-शिवलिंग व प्रतिमा पर भी माल्यार्पण, आरती-पूजन के उपरांत “अघोरान्ना परो मन्त्रः नास्ति तत्वं गुरोः परम” के अष्टयाम संकीर्तन का अघोरेश्वर समाधि की पञ्च परिक्रमा के साथ शुभारम्भ किया। संकीर्तन का समापन गुरुवार, 27 फरवरी, 2025 को होगा।बुधवार को जनसेवा अभेद आश्रम में सुबह से ही उत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धलुओं का तांता लगा रहा।  

   उल्लेखनीय है कि अघोर पंरपरा में समाधी का विशेष महत्व होता है। जिसके प्रति श्रद्धालुओं की यहां अटूट आस्था देखने को मिलती है।श्रद्धालुओं के लिए यंहा 24 घंटे भंडारा का आयोजन किया गया है।

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