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श्रद्वा और ज्ञान का अनोखा संगम शारदाधाम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शारदाधाम पर्यटन स्थलों की सूची में हुआ शामिल

जशपुरनगर /छत्तीसगढ़ और झारखण्ड की अंर्तराज्यी सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थल शारदाधाम को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टुरीज्म बोर्ड ने राज्य के चिन्हकित पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल कर लिया है। पर्यटन बोर्ड ने इसके लिए परिपत्र जारी कर दिया है। बोर्ड के इस निर्णय से इस पर्यटन स्थल को एक नई पहचान मिल सकेगी।  बोर्ड इसके प्रचार-प्रसार के साथ ही पर्यटको के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट उपलब्ध करा सकेगा। 
*श्रद्धा और ज्ञान का संगम है शारदाधाम*
 शारदाधाम में विद्यादायनी माँ सरस्वती की श्रद्वा  और ज्ञान अर्जन का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यहां छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य के जरूरतमंद बच्चों के रहने और पढ़ने के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। शारदाधाम समिति के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि इस विशेष कोचिंग संस्था में बच्चों के रहने,खाने के साथ उनकी कोचिंग की निरूशुल्क व्यवस्था की गई है। बच्चों के रहने और कोचिंग का जो भी खर्चा होता है,उसका व्यय समिति श्रद्वालुओं के सहयोग से पूरा करती है।
 
प्रकृतिक सौंदर्य से भरपूर है *शारदाधाम प्रसिद्व धार्मिक पर्यटन स्थल* शारदाधाम,जिला मुख्यालय जशपुर से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर,दुलदुला ब्लाक में स्थित है। माता सरस्वती का यह प्रसिद्व मंदिर चारो ओर घने जंगल से घिरा हुआ है। नजदीक ही गिरमा नदी की कलकल करती मधुर ध्वनि यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्वालुओं का मन मोह लेते हैं। संचालन समिति के अध्यक्ष ने बताया कि विद्यादायनी मां सरस्वती का यह भव्य मंदिर पूरी तरह से श्रमदान से तैयार किया गया है। दोनों राज्यों के श्रद्वालुओं ने पसीना बहा कर मां के इस मंदिर का निर्माण किया है। मंदिर के भवन का डिजाइन झारखंड के प्रसिद्व लचलागढ़ हनुमान मंदिर के तर्ज पर तैयार किया गया है।
*पर्यटन हब के रूप में विकसीत हो रहा है जशपुर*
उल्लेखनीय है कि वनाँचल क्षेत्र जशपुर में पर्यटन उद्योग विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तेजी से काम कर रहे हैँ। कुनकुरी ब्लाक में स्थित मयाली नेचर कैंप के विकास के लिए दस करोड़ रूपये भारत दर्शन योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैँ। यहीं स्थित मधेश्वर महादेव को हाल ही में गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड ने विश्व का सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता दी है। इसके साथ ही सीएम विष्णुदेव साय ने जिले को पर्यटन नक्शे से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए फरसाबहार ब्लाक में स्थित कोतेबीराधाम में लक्ष्मण झूला के तर्ज पर पुल निर्माण की घोषणा की है। इसके साथ ही जिले में देशदेखा,रानीदाह जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय का लक्ष्य जिले में ग्रीन उद्योग विकसित कर जिलेवासियों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

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राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कलेक्टर और एस एस पी ने स्थल का निरीक्षण कर तैयारी की जानकारी ली....सीएम श्री साय दुलदुला,कुनकुरी, तपकरा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे 

मुख्यमंत्री जशपुर में  

जशपुर /कलेक्टर श्री रोहित व्यास और एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री के जशपुर प्रवास को देखते हुए विकास खंड दुलदुला, कुनकुरी, तपकरा तहसील का निरीक्षण करके व्यस्था की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 जून को रणजीता स्टेडियम में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके साथ ही जशपुर में नालंदा परिसर का भूमि पूजन, दुलदुला विकास खंड में भूमि पूजन, लोकार्पण, कुनकुरी विकास खंड के गिना बहार में स्वास्थ्य विभाग के मातृ और शिशु अस्पताल का भूमि पूजन कुनकुरी विकास खंड के सलियाटोली में नालंदा परिसर के लिए भूमि पूजन और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री कुनकुरी के सदभावना भवन में ठाकुर समाज के सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होंगे तत्पश्चात फरसाबहार विकास खंड के तपकरा के तहसील भवन का शुभारंभ और वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, भरत सिंह, एसडीएम कुनकुरी नन्द जी पांडे और जिला स्तरीय और पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी कार्यक्रम स्थल पर मंच, बेरिकेडिंग, बैठक व्यवस्था, वाटर प्रूफ पंडाल, माइक,  साउंड सिस्टम,पार्किंग, सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण पत्र वितरण करवाने के लिए भी कहा है।

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राह-वीर योजना : केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन......रोड एक्सीडेंट के दौरान जान बचाने वाले होंगे अब मालामाल,प्रशंसा पत्र के साथ सरकार देगी मोटी रकम

जशपुरनगर : केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने वाले आम नागरिकों को सम्मानित करने के लिए राह-वीर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर जान बचाने वाले को 25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशंसा-पत्र दिया जाएगा। इसके लिए केन्‍द्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार करें ताकि अधिक लोग आगे आएं और दुर्घटना में घायल लोगों का जीवन बचाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएं।
           आमजनों को नगद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने के लिए दूसरों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राह-वीर योजना अंतर्गत् कोई भी व्यक्ति जो गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित व्यक्ति की तत्काल सहायता करके दुर्घटना के स्वर्णिम समय (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल व ट्रामा केयर सेंटर में पहुंचाकर चिकित्सा उपचार हेतु पहल कर जान बचाई हो, ऐसे नेक व्यक्ति को पुरस्कार प्रदान करने की योजना का अनुमोदन किया गया है। इसी योजना को राहवीर योजना कहा जाता है। इसका  उद्देश्य आम जनता को आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रेरित करना, निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए दूसरों को प्रेरित करना है। 
                           गोल्डल ऑवर:
मोटरयान अधिनियम की धार के अनुसार गोल्डन ऑवर का अर्थ है किसी दर्दनाक चोट के बाद एक घण्टे तक चलने वाली अवधि जिसके दौरान तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करके मृत्यु को रोकने की सबसे अधिक संभावना होती है।
इसके साथ ही प्रत्येक नगद पुरस्कार के साथ प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया जाएगा प्रत्येक मामले में पुरस्कार के अलावा सबसे योग्य राह वीर एक नेक व्यक्ति जिन्हें पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किये गए सभी व्यक्तियों में से चुना जाएगा इनमें 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार होंगे और उन्हें एक लाख रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा

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सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) पद पर समायोजन के लिए काउंसलिंग शुरू

रायपुर / मुख्यमंत्री  श्री  विष्णु देव साय  द्वारा  बीएड  सहायक  शिक्षकों का  सहायक  शिक्षक  (प्रयोगशाला) के  पद  पर समायोजन के  निर्णय  के बाद   सहायक  शिक्षकों  की  काउंसलिंग  17 जून  से  शुरू  हो  गई  है।  यह  प्रक्रिया  26 जून तक  चलेगी। 

छत्तीसगढ़  में  2023 में  सीधी भर्ती के माध्यम से  चयनित एवं बीएड अहर्ता के कारण सेवा से हटाए गए सहायक शिक्षकों का  यह काउंसलिंग रायपुर के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर में चल   रही है। 
  काउंसलिंग प्रतिदिन सवेरे 10:00 बजे से प्रारंभ होगी। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार
17 जून से शुरू हुई है। 17 और 18 जून 2 दिनों को मिलाकर 601 शिक्षकों को  बुलाया  गया था,  जिसमें  595 अभ्यर्थी  शामिल  हुए। काउंसलिंग  एवं रिक्त पदों की जानकारी अभ्यर्थी https://education portal.cg.nic.in पर  देख  सकते  हैं।  जो  अभ्यर्थी नियत तिथि को काउंसलिंग में उपस्थित नहीं हो पाए हैं  वे काउंसलिंग के अन्य दिवसों  में  उपस्थित  हो  सकते  हैं।

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पुलिस की कार्रवाई: खेतों में लगे सिचाई पम्प की करते थे चोरी 2 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा, 45 हजार के 3 पंप जब्त

पुलिस की गिरफ्त में पंप चोरी करने वाले दोनों आरोपी

जशपुर : सन्ना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले किसानों के खेतों से तीन मोटर पंप चोरी हुए थे, जिनकी कीमत लगभग 45,000 रुपए थी,खेत में लगे पंप की चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन नग पंप भी जब्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार सन्ना थाना क्षेत्र के निवासी कमलेश्वर नाग,राजेश्वर यादव,चिंतामणी नाग ने थाने में पंप चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

 किसानों ने रिपोर्ट में दर्ज कराया कि उनके द्वारा ग्राम कवई में मिर्च व टमाटर की खेती की गई है, जिसकी सिंचाई के लिए खेत में मोटर पंप लगाया गया था, कि दिनांक 14 जून की रात्रि को प्रार्थी कमलेश्वर नाग के, एक 2 एच पी के इलेक्ट्रोनिक पंप, जिसकी कीमत 15,500 रु है, व दिनांक 12 जून की रात्रि को प्रार्थी राजेश्वर यादव के 20, 000रु कीमत की 2 एच पी के होंडा कंपनी के पंप तथा दिनांक 1 जून को प्रार्थी चिंता मणि नाग के 10,000 रु कीमत के 1.5 एच पी, मोनोसेट कंपनी के इलेक्ट्रिक पंप को किसी व्यक्ति के द्वारा चोरी कर लिया गया है।, आसपास पता साजी किए कहीं पता नहीं चला।
      रिपोर्ट पर थाना सन्ना में चोरी के लिए बी एन एस की धारा 303(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर चोरों का पतासाजी करना शुरू कर दिया गया,चूंकि एक ही गांव में लगातार तीन किसानों की मोटर पंप चोरी हुई थी, अतः मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, चोरों की पता साजी हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा पुलिस के द्वारा विवेचना दौरान संभावित संदेहियों से भी पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि, घटना दिनांक को दो संदेहियों क्रमशः फ़िरु राम नगेसिया व  नंद लाल नागवंशी को घटना स्थल के पास घूमते हुए देखा गया था, जिस पर पुलिस के द्वारा उन्हें हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो उन्होंने चोरी करना स्वीकार किया, पुलिस ने आरोपी चोर फ़िरु राम नगेसिया व नंद लाल नागवंशी की निशानदेही पर चोरी के तीनों पंप को बरामद कर लिया है। आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
                मामले की विवेचना व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी सन्ना उप निरीक्षक श्री बृजेश यादव, प्रधान आरक्षक विजय खूंटे, सुमन टोप्पो, रविन्द्र एक्का,आरक्षक अभय कुमार चौबे, मनोज कुमार जांगड़े व प्रवीण खलखो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
            मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने ग्राम कवई में  तीन सिलसिलेवार हुई, पंप चोरी का खुलासा करते हुए, दो चोरों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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तेंदूपत्ता संग्राहको के लिए सरकार ने एक और वादा किया पूरा  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से 21 जून को तपकरा से करेंगे प्रदेशव्यापी चरण पादुका योजना का शुभारंभ

 

संग्राहक परिवारों को किया जा रहा है 745 करोड़ रूपये का पारश्रमिक भुगतान

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 जून को जशपुर जिले के तपकरा में आयोजित वृहद एवं भव्य कार्यक्रम में चरण पादुका वितरण योजना प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस मौके पर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को चरण पादुका प्रदान करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार का राज्य के तंेदूपत्ता संग्राहकों से किया गया एक और वादा पूरा होगा। 

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किये जाने का वादा किया था, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ की संवेदनशील सरकार द्वारा पुनः शुरू की जा रही यह योजना राज्य के तंेदूपत्ता संग्राहक परिवारों की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह योजना सीधे-सीधे राज्य के 12 लाख 40 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को लाभ पहुंचाएगी, जिन्हें चरण पादुका का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय और सुविधा पहुंचाना है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था और वनोपज आधारित आजीविका में अमूल्य योगदान है। चरण पादुका योजना हमारे संकल्प पत्र का वादा था, जिसे हम पूरा करने जा रहे है। यह सिर्फ चरण पादुका का वितरण नहीं, बल्कि  संग्राहक परिवार के स्वाभिमान और सुरक्षा का प्रतीक है। 

चरण पादुका वितरण योजना की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार तंेदूपत्ता संग्राहक परिवारों की आवश्यकता, सम्मान और गरिमा का ध्यान रख रही है। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को सम्मान देना है, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाली संग्राहक महिलाओं की सुविधा सुनिश्चित करना भी है।

745 करोड़ रुपये की तेंदूपत्ता खरीदी

छत्तीसगढ़ राज्य में इस साल तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य बीते अप्रैल के तृतीय सप्ताह से शुरू हुआ था, जो अब सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। राज्य की 902 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 10,631 फड़ों में संग्रहण का कार्य किया गया। हालांकि इस वर्ष असमय वर्षा, तूफान और ओलावृष्टि के कारण फसल प्रभावित हुई, परंतु इसके बावजूद 11.40 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों ने अपनी लगन और मेहनत से 13.54 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण और फड़ों में विक्रय किया, जिसका कुल क्रय मूल्य 745 करोड़ रूपये है। इस राशि का भुगतान संग्राहकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। अब तक 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सीधे संग्राहकों के खाते में अंतरित की जा चुकी है, शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

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शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली : शिक्षा, संस्कार और सफलता की अनोखी पाठशाला....प्रवेश प्रारम्भ

जशपुर नगर : जशपुर नगर से सन्ना रोड पर मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास का आदर्श केंद्र बन चुका है। नया शैक्षणिक सत्र 2025-26 प्रारंभ हो चुका है और विद्यालय में प्रवेश के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यदि आप अपने बच्चों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो यह विद्यालय बच्चों के लिए सर्वोत्तम विकल्प है।

172 सीटों पर प्रवेश प्रारंभ : संवारें अपने बच्चे का भविष्य

इस सत्र विद्यालय में कुल 172 सीटें रिक्त हैं। कक्षा 1 में 40 सीटें, कक्षा 2 में 37, कक्षा 3 में 29, कक्षा 4 में 37 और कक्षा 5 में 29 सीटें उपलब्ध हैं। विद्यालय की प्रधान पाठिका श्रीमती फिरदौस खानम और शिक्षक मुकेश कुमार ने जानकारी दी कि पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभिभावक मोबाइल नंबर 9406269786 या 6263793075 पर संपर्क करके पंजीयन करा सकते हैं। विद्यालय पूर्णतः शासकीय है और यहाँ किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप श्रेष्ठ शिक्षा का केंद्र

शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली नई शिक्षा नीति 2020 के मूल्यों के अनुरूप बच्चों को मातृभाषा हिंदी में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर रहा है। यहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती बल्कि बच्चों के बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि यह विद्यालय जशपुर जिले के उत्कृष्ट शासकीय विद्यालयों में गिना जाता है।

फ्री सुविधाएँ, बेहतरीन माहौल

विद्यालय में शासन द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाएँ विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। प्रत्येक बच्चे को मुफ्त यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, मध्यान्ह भोजन, कक्षा 3 से ऊपर की एससी/एसटी बालिकाओं को छात्रवृत्ति, मिलेट बार बिस्कुट और खेल सामग्री दी जाती है। विद्यालय परिसर स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी आदर्श है। सत्र 2024-25 से यहाँ बालवाड़ी की शुरुआत हो चुकी है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा को और सुदृढ़ किया गया है।

अतिरिक्त गतिविधियाँ : रचनात्मकता और आत्मविश्वास का विकास

यहाँ बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई नहीं कराई जाती बल्कि उनकी प्रतिभा और रचनात्मकता को निखारने के लिए विशेष गतिविधियाँ कराई जाती हैं। हर शनिवार को बैगलेस डे के रूप में मनाया जाता है, जिसमें हस्तशिल्प, पताशिल्प, मरकम, आर्ट क्राफ्ट, पेपर बैग मेकिंग, वेस्ट टू बेस्ट और मिट्टी के खिलौने बनाने जैसी गतिविधियाँ होती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य विद्यालय और जवाहर उत्कर्ष की तैयारी भी कराई जाती है। साथ ही बच्चों को अंग्रेजी बोलचाल सिखाने के लिए नियमित इंग्लिश स्पोकन क्लास भी आयोजित की जाती है।

अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकगण : सफलता की मजबूत नींव

विद्यालय के शिक्षकगण पूरी तरह समर्पित और प्रशिक्षित हैं। प्रधान पाठिका फिरदौस खानम ने बताया कि सभी शिक्षक प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे CCRT उदयपुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अंग्रेजी शिक्षण को मजबूत बनाने के लिए श्री मुकेश कुमार ने SCERT रायपुर से ELTI प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उसका लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।

सपनों को साकार करने वाला शिक्षण संस्थान

शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि एक ऐसी पाठशाला है जहाँ बच्चों के भविष्य की नींव रखी जाती है। यहाँ शिक्षा को जीवन के मूल्यों से जोड़कर पढ़ाया जाता है ताकि बच्चे जागरूक नागरिक, संस्कारी और आत्मनिर्भर बन सकें।
शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों का प्रवेश कराएँ और उनका भविष्य संवारें 
यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा गुणवत्ता से परिपूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण में अध्ययन करे तो शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली आपके लिए आदर्श विकल्प है। विद्यालय जशपुर नगर से सन्ना रोड पर केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ पहुँचने की सुविधा सरल है ।

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बुचू राम का सपना हुआ पूरा,जनमन आवास के पक्के मकान में रहते है सुकुन से ,मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद 

जशपुरनगर / हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो। जिसे पूरा करने के लिए वह जीवन भर मेहनत करता है। 

आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए स्वयं का पक्का आवास बना पाना एक सपने जैसा होता है उस सपने को पूरा करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत गरीब लोगो को स्वयं का आवास बनवाने के सपने को साकार कर रहीे है।
           मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में भी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। जशपुर जिले में पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जनमन आवास और पीएम आवास योजना का लाभ मिला है। 
          बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पण्ड्रापाठ के श्री बुचू राम के पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नि और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने बच्चो के साथ सुकुन से रह रहे हैं।
           
श्री बुचू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दिवार वाला पुराना घर था, जिसके उपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारो तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नही दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और उन्होने मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली। पहली बार में मुझे यकीन नही हुआ लेकिन मैने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते मे पैसे आ गये थे। उन्होंने बताया कि घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। सरकार को शुक्रगुजार करते हुए बुचू राम ने कहा कि जिन्होने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिंदगी में रोशनी लाने का काम किया।

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जिले में 10 जून से 15 अक्टूबर के मध्य नदियों से खनिज रेत का उत्खनन पूर्णतः प्रतिबंधित

जशपुरनगर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन व परिवहन की रोकथाम हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक विगत दिवस कलेक्टोरेट सभागार   में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर, एसडीओ फारेस्ट, एसडीओ पुलिस, परिवहन अधिकारी, खनि अधिकारी, सहायक खनि अधिकारी एवं खनि निरीक्षक उपस्थित थे। 
         कलेक्टर श्री व्यास द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भण्डारण पर खनिज, राजस्व, परिवहन, वन एवं पर्यावरण विभाग को संयुक्त रूप से जांच कर कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। भार क्षमता से अधिक खनिज परिवहन तथा बिना तारपोलीन ढंके खनिजों के परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया। पर्यावरणीय विभाग द्वारा जारी गाइडलाईन के अनुसार जिले में 10 जून से 15 अक्टूबर 2025 के मध्य नदियों से खनिज रेत का उत्खनन पूर्णतः प्रतिबंधित होने के कारण जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन पर विशेष निगरानी के संबंध में खनिज, राजस्व एवं परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया।

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जशपुर की युवतियों को सशक्त बनाने के लिए छात्राओं को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, व्यवसायिक और पेशेवर कौशलों का दिया जाएगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

जशपुरनगर  / फ्री कोचिंग एवं बिजनेस एजुकेशन नव गुरूकुल में प्रवेश प्रारंभ हो गया। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नवाचार की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए जशपुर जिला प्रशासन ने नव गुरूकुल  फाउंडेशन के सहयोग से जिले की युवतियों को एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है। स्थानीय प्रतिभाशाली युवतियों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने और उन्हें रोजगारोन्मुखी तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से यह शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय है, जिसमें छात्राओं को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, व्यवसायिक और पेशेवर कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
           
नव गुरूकुल का यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवतियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने का संकल्प रखती हैं। प्रशिक्षण की अवधि 18 से 21 महीने की होगी, जिसमें छात्राओं को निःशुल्क हॉस्टल, लैपटॉप, इंटरनेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पाठ्यक्रम को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि प्रतिभागी प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद आत्मविश्वास के साथ रोजगार की दुनिया में प्रवेश कर सकें।
           अब तक जशपुर जिले की 100 से अधिक छात्राएं इस कार्यक्रम में शामिल हो चुकी हैं, जिनमें से 50 से अधिक छात्राएं देश की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे कि टीएलपी, लॉजिक्स हण्ट, जेएनजे टेक्नोलॉजिस्ट एण्ड सर्विसेस, क्लाउडथाट आदि में सफलतापूर्वक चयनित हो चुकी हैं। इन छात्राओं को 12 से 25 हजार मासिक वेतन प्राप्त हो रहा है, जिसमें औसत वेतन 15 से 20 हजार के बीच है। विशेष बात यह है कि इस कार्यक्रम में भाषा को कोई बाधा नहीं माना जाता। केवल मौलिक अंग्रेज़ी ज्ञान पर्याप्त है। यह कार्यक्रम केवल महिलाओं के लिए है और अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है।
          प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी रखी गई है। सबसे पहले एक स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जो 8वीं कक्षा स्तर के गणितीय विषयों जैसे कि पैटर्न्स, प्रतिशत, कार्य और समय तथा रैखिक समीकरणों पर आधारित होगा। प्रवेश परीक्षा 20 जून 2025 को आयोजित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार परीक्षा में भाग ले सकती हैं या https://admissions.navgurukul.org/partnerLanding/jashpur  लिंक पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकती हैं परीक्षा प्रातः 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक में परीक्षा की तिथि 20 जून 2025 और केंद्र सेजेस हिन्दी माध्यम विद्यालय जशपुर है। जो उम्मीदवार स्क्रीनिंग में उत्तीर्ण होंगी, वे लर्निंग राउंड में भाग लेंगी, जिसमें उनकी सोचने की क्षमता, सीखने का दृष्टिकोण, और टीम के साथ संवाद जैसे गुणों का आकलन किया जाएगा। पात्रता के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए (अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है) और उसके परिवार की वार्षिक आय 5 लाख से कम होनी चाहिए। सभी चयनित प्रतिभागियों को यह प्रशिक्षण और सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जाएंगी, ताकि किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर युवा को पीछे न रहना पड़े। अधिक जानकारी के लिए मो.नं. 9528194379 व  7999546881पर संपर्क किया जा सकता है।

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केबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय। इन फैसलों पर लगी मुहर : देखें

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके  निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

1 मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।

2 मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

 छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा। 

 CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है। 

3 मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।

 यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा। 

 यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी।

4 मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया। 

5 उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

6 जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।

 ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

7 मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि - नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। 

8 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। 

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ब्रेकिंग न्यूज: साय कैबिनेट की बैठक शुरू;सरकार ले सकती है बड़े फैसले,कई अहम फैसलों पर लगेगी मुहर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन में कैबिनेट की बैठक शुरू,जिसमें विभिन्न कार्यों को लेकर निर्णय लिये जाएंगे खरीफ सीजन फसल उत्पादन किसानों को खाद बीज,शिक्षा सहित कई अहम फैसले होने की संभावना है।

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बगीचा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आए फरियादी के साथ एक परिवार के पांच सदस्यों ने की जमकर मारपीट ,पुलिस के मना करने पर पुलिस वालों से करने लगे धक्का मुक्की,आरक्षक को पालतू कुत्ते से कटवाया.....SSP ने दी सख्त हिदायत, गुंडा गर्दी किसी भी कीमत पर नहीं की जाएगी बर्दाश्त

जशपुर :- बगीचा थाना परिसर में घुसकर एक परिवार ने रिपोर्ट करने आये ग्रामीण से जमकर मारपीट की है।मामले में बगीचा पुलिस ने हमलावर पिता पुत्र मां बेटी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
           पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार  प्रार्थी दीपक जयसवाल निवासी बगीचा, जो कि थाना में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने आया था,  उसी समय आरोपी सागिर हुसैन , साबिर हुसैन, जाकिर हुसैन तथा उसके घर की महिलाएं थाना पहुंचकर थाना परिसर में ही प्रार्थी दीपक जयसवाल व उसके भाई तथा उसके साथ आए व्यक्तियों के साथ हाथ मुक्का से मारपीट शुरू कर दिए । मारपीट होता देखकर थाना पहरा  ड्यूटी में तैनात  ,आरक्षक क्रमांक 644 धनेश्वर राम के द्वारा आरोपीगणों को प्रार्थी व उसके साथियों के साथ थाना परिसर में मारपीट करने से मना किया गया, जिस पर आरोपीगण उत्तेजित होकर आरक्षक धनेश्वर मिंज के साथ झूमा झटकी करने  लगे, जिससे आरक्षक धनेश्वर राम गिर गया, तभी बीच बचाव करने आए थाना के स्टाफ प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह व एएसआई राजकुमार पैकरा के साथ भी आरोपियों के द्वारा धक्का मुक्की की गई।  आरोपियों ने अपने पालतू कुत्ते को इशारा करते हुए, पुलिस वालो को काटने हेतु कहने पर ,पालतू कुत्ते ने आरक्षक धनेश्वर राम के पैर में  गंभीर रूप से काट लिया ।जिससे धनेश्वर राम घायल हो गया  ।मौके पर अन्य पुलिस स्टाफ के पहुंचने पर आरोपीगण थाना से भाग गए  थे। 


           पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों के विरुद्ध बी एन एस की धारा 296,351(2), 118(1), 191(2), 132  के तहत अपराध पंजीबद्ध कर  विवेचना में लिया गया व घटना के संबंध में  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह को सूचित करने पर उनके द्वारा  मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए, पुलिस के साथ झूमा झटकी और आरक्षक धनेश्वर राम के पालतू कुत्ते से काटने से  गंभीर रूप से घायल होने से तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी  बगीचा को निर्देश दिया गया I 
           आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु  विशेष टीम के द्वारा प्रातः रेड कार्यवाही कर आरोपीगण को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार कर ,न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है ।
              मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में  थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक संतलाल आयाम , एएसआई उमेश प्रभाकर ,  एएसआई बैजंती किंडो , एएसआई नरेश मिंज , प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह  , आरक्षक विनोद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्रमशः 1. जाकिर हुसैन पिता रियाज मोहमद 55 साल 
2. सागीर हुसैन पिता जाकिर हुसैन 22 साल 
3. रिजवाना खातून पति जाकिर हुसैन 42 साल 
4. सहेला खातून पिता जाकिर हुसैन 23 साल 
5. सबीना खातून पिता जाकिर हुसैन 25 साल  सभी निवासी कोरिया कर्मा, थाना बरही, जिला हजारीबाग (झारखण्ड)  वर्तमान निवास -  बस स्टैंड पारा बगीचा वार्ड नंबर 07 थाना बगीचा जिला जशपुर

मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जावेगा, थाना परिसर में पुलिस के साथ विवाद करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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कलेक्टर के साप्ताहिक बैठक में नदारत रहे नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय और कृषि विभाग के उप संचालक एम आर भगत को कारण बताओ नोटिस हुआ जारी 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर आगामी 21 जून को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 21 जून को रणजीता स्टेडियम में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे इसके लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई उसका सभी गंभीरता से पालन करेंगे।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महाविद्यालय के बच्चों, जनप्रतिनिधिगण,
समाज सेवी और एनजीओ, मीडिया के पत्रकारों के साथ आम नागरिकों को योग दिवस पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया हैं। 

कलेक्टर ने ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत , नगरीय निकाय और सभी विभागों के अधिकारियों को समाज कल्याण के अंतर्गत yoga.ayush.gov.in और yoga-sangam में पंजीयन करवाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का जशपुर ,दुलदुला, कुनकुरी और तपकरा में विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे इसके सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अनुपस्थित नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय और कृषि विभाग के उप संचालक श्री एम आर भगत को बैठक में अनुपस्थित होने के कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने योग दिवस के कार्यक्रम के लिए कार्यक्रम स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल, बिजली, पानी, बैठक व्यस्था , जनरेट, बेरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था के सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और साप्ताहिक समय सीमा के लम्बित प्रकरणों की गहन समीक्षा किए और निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

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आदिवासी गांवों की तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार.....दंतेवाड़ा में शुरू हो रही कोल्ड स्टोरेज की सुविधा,किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

*दंतेवाड़ा में शुरू हो रही कोल्ड स्टोरेज की बड़ी सुविधा*

रायपुर /दंतेवाड़ा जिले में खेती और जंगल से मिलने वाली उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने के लिए एक बड़ी शुरुआत की जा रही है। जिले के पातररास गांव में केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पहली बार एक ऐसा आधुनिक केंद्र बनाया जा रहा है जहां कोल्ड स्टोरेज, खाद्यान्न और वनोपज को खराब होने से बचाने के लिए रेडिएशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल होगा। यह कार्य प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत हो रहा है। यह पूरे देश में सरकारी स्तर पर बनने वाली अपनी तरह की पहली सुविधा है। इस परियोजना से बस्तर की तस्वीर बदलेगी। 

*अब उपज नहीं होगी बर्बाद, बढ़ेगी आमदनी*

बस्तर क्षेत्र में इमली, महुआ, जंगली आम, देशी मसाले और मोटे अनाज जैसे बाजरा जैसी उपज होती है। लेकिन सही तरीके से उन्हें संरक्षित रखने और बेचने की सुविधा नहीं होने से हर साल 7 से 20 प्रतिशत उपज खराब हो जाती है। अब जो सुविधा बन रही है, उसमें कोल्ड स्टोरेज, फ्रीजर, रेडिएशन मशीन, और सामान ढोने के लिए बड़े ट्रक होंगे। इससे ये चीजें लम्बे समय तक सुरक्षित रखी जा सकेंगी। उत्पादों का टिकाऊपन बढ़ेगा, बर्बादी रुकेगी और किसानों को ज्यादा दाम मिलेंगे।

*क्या-क्या होगा इस सुविधा में*

इस परियोजना की लागत करीब 25 करोड़ रुपये है और इसे जिला परियोजना आजीविका कॉलेज सोसायटी चला रही है। यह संस्था खासतौर पर आदिवासी इलाकों में रोजगार बढ़ाने के लिए बनी है। पातररास गांव में बनने वाली इस परियोजना में 1500 मीट्रिक टन की क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज, 1000 मीट्रिक टन का फ्रोजन स्टोरेज, 5 छोटे-छोटे कोल्ड रूम,फलों को जल्दी ठंडा करने के लिए ब्लास्ट फ्रीजर,पकने वाली चीजों के लिए अलग चौंबर,रेडिएशन मशीन जिससे चीजें लंबे समय तक खराब न हों, सामान ले जाने वाले 3 बड़े ट्रक तथा बिजली बचाने के लिए 70 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगेगा।

यह सुविधा हर साल 10 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा उपज को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी और इसका फायदा दंतेवाड़ा के अलावा बस्तर, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव और नारायणपुर जैसे जिलों के किसानों और वनोपज संग्राहकों को मिलेगा। इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की योजना से तथा 14.98 करोड़ रुपये जिला खनिज निधि से व्यय किये जायेंगे। अब तक इस तरह की प्रोजेक्ट के ज्यादातर काम निजी कंपनियों ने किए हैं, लेकिन पहली बार सरकार खुद ऐसी सुविधा बना रही है, जिससे आदिवासी इलाकों में सरकारी योजनाओं के भरोसे को भी मजबूती मिलेगी।

*रोजगार और आमदनी में होगा इजाफा*

इस सुविधा से प्रतिवर्ष लगभग 8.5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा किसानों, वनोपज संग्रहणकर्ताओं और स्थानीय युवाओं को मिलेगा, क्योंकि यहां काम करने के लिए लोगों की जरूरत होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और कई लोगों को अपने गांव में ही रोजगार मिल सकेगा। यह पहल वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों में स्थायी रोजगार और शांति की दिशा में भी मददगार साबित होगी।

*जल्द ही होगा काम शुरू, तैयार है बाजार*

इस सुविधा के लिए जमीन मिल चुकी है और रेडिएशन तकनीक देने वाली संस्था बीआरआईटी के साथ समझौता भी हो चुका है। काम पूरा होने में करीब 24 महीने लगेंगे, यानी 2 साल में सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने रायपुर और विशाखापत्तनम जैसे बड़े शहरों में बाज़ार भी तैयार कर लिए हैं, जहां से बस्तर के बने प्रोडक्ट्स को देश-विदेश में भेजा जाएगा। खास बात ये है कि बस्तर के नाम से खास ब्रांड तैयार करने की योजना भी बन रही है, ताकि यहां के उत्पादों की पहचान अलग बने और ज्यादा दाम मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नही, बल्कि आदिवासी भाई-बहनों के भविष्य की नींव है। हमारे वनोपज संग्राहकों और किसानों को अब अपने उत्पाद का बेहतर दाम मिलेगा, सामान लंबे समय तक खराब नहीं होगा और वे सीधे बड़े बाजार से जुड़ सकेंगे। यह पूरी व्यवस्था बस्तर के लोगों के लिए, बस्तर के लोगों द्वारा चलाई जाएगी।

यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि अगर नीति, सरकारी संसाधन और लोगों की मेहनत साथ आ जाएं, तो गांव की अर्थव्यवस्था भी चमक सकती है। यह मॉडल अब दूसरे आदिवासी इलाकों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा, जहां जनजातीय समुदायों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल सके। यह परियोजना बस्तर की तस्वीर को नया आयाम देगी।

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मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल.....सामाजिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रूपये की घोषणा

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय श्री कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 

इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

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सार्थक एवं रक्षक अभियान का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ,,,,,,पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। 

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों की ली समीक्षा बैठक,,,,,,सभी एसडीएम को अपने तहसीलों का नियमित निरीक्षण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

जशपुरनगर / कलेक्टर रोहित व्यास ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, खाता विभाजन, अभिलेख शुद्धता, राजस्व के लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। 
         कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों के अंतर्गत प्राप्त समस्त आवेदनों को प्राप्ति के उपरांत जल्द से जल्द ऑनलाइन एंट्री करते हुए समय सीमा में आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार प्रविष्टियां, नक्शा अपडेट, वन अधिकार पत्र के प्रकरणों को विशेष ध्यान देकर निराकरण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को भू अर्जन के प्रकरणों की भी जानकारी लेते हुए उनका निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व (एसडीएम) को नियमित रूप से तहसीलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
           उन्होंने समीक्षा के दौरान शासकीय विभागों, विभिन्न सामाजिक संगठनों को भूमि आबंटन की स्थिति की भी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने असर्वेक्षित ग्रामों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जल्द से जल्द सर्वे कार्य करवाने को कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम ओंकार यादव, आकांक्षा त्रिपाठी, ऋतुराज बिसेन, नंदजी पांडेय सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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