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जिले को मिली एक और बड़ी सौगात, सीसीरिंगा से महलंग सहसपुर सड़क की निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के पहल से मिली 6 करोड़ 91 लाख रुपए की मंजूरी, 


जशपुरनगर 20 सितम्बर 2025 : जिले के सड़कों की तस्वीर तेजी से बदल रही है, प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों से जिले के विकास कार्यों में लगातार नई कड़ियाँ जुड़ रही हैं।ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत संरचना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है।इस बार जिले के लिए जिस कार्य को मंजूरी मिली है, वह है सीसरिंगा से महलंग होते हुए सहसपुर मार्ग 6.5 किलोमीटर का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 6 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।लंबे समय से क्षेत्रवासियों की यह मांग पूरी होने जा रही है।इस सड़क निर्माण से न केवल ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। किसानों को अपनी फसलों और उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी।साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में भी तेज़ और सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सौगात मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस सौगात से गांव-गांव में विकास की गति और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

राहगीरों को मिलेगी कीचड़ और धूल से निजात

लंबे समय से राहगीरों और ग्रामीणों की समस्या अब खत्म होने जा रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल भरी गर्मी के मौसम में उठने वाली परेशानी से अब लोगों को निजात मिलेगी। क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति और तेजी से हो रहे विकास कार्यों से लोगों को बेहतर सुविधा मिलने वाली है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बरसात के समय कच्ची सड़कों पर चलना बेहद कठिन हो जाता था। कीचड़ और गड्ढों की वजह से न केवल राहगीरों को दिक्कत होती थी बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को भी आवागमन में भारी दिक्कत झेलनी पड़ती थी।सड़क निर्माण हो जाने से क्षेत्र वासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।

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मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात.....प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, श्री पूरन दास, श्री कौशलेश तिवारी, श्री हेमंत सिन्हा, श्री दिनेश चंद्र, श्री संतोष चंदेल, श्री प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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ग्रामीणों की इस मांग पूरा होने पर पूरा गांव में मनाया जमकर जश्न, बाजे - गाजे के साथ किनको जताया आभार......जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुरनगर 19 सितम्बर 2025 : जिले के फरसाबहार क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

ग्रामीणों ने खुशी में बजाए बाजे-गाजे

ईब नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हर्ष और उल्लास का माहौल बन गया। जगह-जगह बाजे-गाजे के साथ जश्न मनाया गया। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और युवाओं ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर दी है।इस मौके पर बाबी यादव,चंपावती सिंह,शिवपूजन साय,नितेश यादव,शरीफ साय, समल साय,देवकरण नायक, डीसी साय,देवानंद साय, उजीत साय सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मिलेगा आवागमन का बेहतर विकल्प

क्षेत्र के डीडीसी वेदप्रकाश भगत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि इस पुल के निर्माण के बाद दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा सहित धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी कम हो जाएगी। अब लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

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श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में ग्राम नारायणपुर के धान मन्डी केंद्र में किया गया पौध-रोपण

नारायणपुर :19 सितम्बर 2025 : प्रदेश में चलाए जा रहे पौध-रोपण कार्यक्रम “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति ने स्कूली बच्चों संग धान मंडी परिसर में पौध-रोपण किया।
    सरकार द्वारा चलित अभियान ‘एक-पेड़-माँ-के -नाम’ अभियान के तहत आज आदिम जाति सेवा समिति के सभी स्टाफ ओर स्कूली बच्चों के साथ मिलकर मंडी केंद्र पर पौधारोपण व वृक्षाएपन किया गया। सभी सदस्यों ने मंडी परिसर को हरित बनाने व आस पास हरियाली लाने को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए पौधारोपण व वृक्षारोपण किया। समिति की वरिष्ठ कर्मचारी, सदस्य व समूह  ने भी अभियान में भाग लेकर वृक्षारोपण किया और पर्यावरण को हरित व प्रदूषण रहित रखने का संदेश दिया। प्रम्बधक सुरेश त्रिपाठी विकास जैन(विक्की)दिलीप ताम्रकार,सन्तु राम ने सभी को एक एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया।

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राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे ग्रीन कॉरिडोर:एक पेड़ माँ के नाम सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण...तरक्की की राह के साथ साथ हरियाली की छांव भी – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर. 19 सितम्बर 2025. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर दो लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97 हजार 145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46 हजार 141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23 हजार 020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16 हजार 847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14 हजार 400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5406 पौधे रोपे गए हैं। 

राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें काफी संख्या में बड़े फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुन्दर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल दो लाख दो हजार 959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए जा चुके हैं।

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आदि कर्मयोगी अभियान  के अंतर्गत आदि सेवा केंद्र का रनपुर में भव्य उद्घाटन.....आदि सेवा केंद्र से ग्रामीण सीधे अपनी बात रख सकेंगे : शंभूनाथ चक्रवर्ती-अध्यक्ष माटी कला बोर्ड......देखिए पूरी खबर

नारायणपुर : 19 सितम्बर 2025 : आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत, बगीचा विकासखंड के स्थित ग्राम पंचयात रनपुर में आदि सेवा केंद्र का उद्घाटन माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। इस मौके पर सरपंच श्रीमति अनिमा एक्का,उपसरपंच श्री राजेंद्र चौहान,सचिव महेन्द्र बरला,मनोज नायक एवं समस्त पंच गण एवं ग्रामवासी उपस्थिति रहे।

इस अवसर पर माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि केन्द्र सरकार की आदि कर्मयोगी अभियान  शासन अभियान के तहत किया गया है केंद्र सरकार की आदि कर्मयोगी अभियान का मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों के सुदूरवर्ती जन जातीय गांवों में विकास को आगे बढ़ाना तथा जनता से जुड़े विकास को गति प्रदान करने की है।ग्रामीण समस्याओं को लेकर नियमित रूप से ग्राम सभा का आयोजन होगा. सड़क, बिजली, पानी, नल-जल योजना, शिक्षा व आवास समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव केंद्र को भेजे जायेंगे  उन्होंने कहा कि योजनाओं को सफल बनाने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है. इस अभियान को जिला प्रशासन हर समस्या पर गंभीरता से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्र से ग्रामीण सीधे अपनी बात रख पायेंगे, जिससे पारदर्शिता और कार्य की गति दोनों बढ़ेगी. गांव में शिविर लगाकर जाति प्रमाण पत्र व राशन कार्ड में नाम जोड़ने जैसे कार्य भी किये जायेंगे,यह सेवा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में समर्पण और सेवा भाव को बढ़ावा देगा, जिससे समुदाय का विकास सुनिश्चित हो सके।

  इस सेवा केंद्रों के माध्यम से विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार वितरण, बैंकिंग सेवाएँ, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार संबंधी जानकारी तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाना है। आदि सेवा केन्द्र के शुभारंभ से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है ताकि अब गाँव में ही आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में सेजेस फरसाबहार में हुआ वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का समापन....जिले के आठ विद्यालयों में आयोजित कार्यशाला में 1371 विद्यार्थी हुए लाभान्वित

जशपुर 19 सितम्बर 2025 : 

जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का आयोजन सेजेस फरसाबहार में किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला जिले के आठ विद्यालयों में 11 सितंबर से 18 सितंबर तक आयोजित हुई। 

18 सितंबर को सेजेस फरसाबहार के 209 विद्यार्थियों ने कार्यशाला में भाग लिया। इससे पूर्व 17 सितंबर को बगीचा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महादेवडांड में कार्यशाला आयोजित हुई जिसमें 402 विद्यार्थी सम्मिलित हुए।
 
कार्यशाला के लिए आए हुए ट्रेनर और डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को पैसे के महत्व, बजट बनाने की आदत, नियमित बचत, इमरजेंसी फंड और इन्वेस्टमेंट की मूल बातें समझाईं। उन्होंने बैंकिंग की बुनियादी प्रक्रियाएँ जैसे सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा पर भी जानकारी साझा की। कार्यशाला में स्मार्ट स्पेंडिंग करने के तरीके, जरूरत और चाहत में भेद, एडवरटाइजमेंट और पीयर प्रेशर , सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान व चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ, लोन और क्रेडिट स्कोर प्रबंधन, ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय, म्यूचुअल फंड व शेयर बाजार का परिचय और पोंजी स्कीम, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। पूरे प्रशिक्षण को गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के जरिए रोचक और इंटरएक्टिव बनाया गया, ताकि विद्यार्थी सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में आसानी से लागू कर सकें। इस कार्यशाला में मैत्री स्कूल की ओर से उत्कर्ष मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम में  बीईओ दुर्गेश देवांगन के सहयोग से आयोजित हुआ। 

कार्यशाला में संस्था के प्राचार्य प्रदीप कुमार कुजूर, शिक्षक अमृत सिंह, हेमंत निकुंज, शिक्षिका अनुभूति सिंह और शिवानी तिवारी सहित संस्था के कई शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

जिले में आयोजित कार्यक्रमों का समन्वय यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश‌ पांडेय ने किया।

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पीएम सूर्यघर से सूरज देगा बिजली, बदलेगा जिंदगी का हर कोना....सिर्फ विटामिन डी नहीं, जीवन का आधार है सुरज की रोशनी

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और हर घर तक स्वच्छ, सस्ती एवं निरंतर बिजली पहुँचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल नागरिकों को बिजली बिल से हमेशा के लिए राहत दिला रही है, बल्कि परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी क्रांतिकारी योगदान दे रही है। छत्तीसगढ़ में इस योजना का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में अत्यंत प्रभावी और संवेदनशील ढंग से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति तेज हुई है। 

देश की “पावर कैपिटल” कहलाने वाले कोरबा जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का प्रभाव विशेष महत्व रखता है। यहाँ अनेक परिवार इस योजना का लाभ उठाकर हर महीने बचत कर रहे हैं और बिजली बिल आने जाने के झमेले से मुक्त हो रहे हैं। इन्हीं में से एक प्रेरक उदाहरण हैं नकटीखार, कोरबा निवासी रंजीत कुमार है, जिन्होंने अपने परिवार के जीवन में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है।

श्री रंजीत कुमार जो एसईसीएल, कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, मेहनतकश व्यक्ति हैं।  हर महीने आने वाला बिजली बिल, परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई के खर्चों के बीच बिजली बिल अक्सर उनके बजट को बिगाड़ देते थे। यही कारण था कि जब प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाने का निश्चय किया। दो माह पहले आवेदन करके उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल सिस्टम लगवाया। जिसकी कुल लागत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपए रही, 78 हजार रुपए केंद्र सरकार की सब्सिडी पहले ही मिल चुकी है। शेष राशि में उन्होंने सस्ती व आसान दर पर लोन लेकर तथा कुछ नकद भुगतान देकर किया। सिर्फ कुछ हफ्तों में ही यह निवेश उनके जीवन के लिए सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ। पहले जहां उनके घर का बिजली बिल हर महीने एक हजारों रुपए तक पहुँच जाया करता था, वहीं अब सौर ऊर्जा से चल रहे घर का मासिक बिल मात्र 130 रुपए आ रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण की भी बड़ी मित्र है। सौर ऊर्जा से न केवल कोयला और डीज़ल जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, बल्कि वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में, जहाँ कोयला आधारित बिजली उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, वहां सौर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग पर्यावरण संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान है। परिवारों को बिजली बिल से मुक्तिमिल रही है, घरों में रोशनी और उपकरणों का संचालन संभव हो रहा है, लोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।

श्री कुमार और उनके परिवार ने बताया “अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। सौर पैनल ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होती और घर के उपकरण भी बिना रुकावट चलते हैं। 
आज उनका घर न केवल रोशन है बल्कि ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक आदर्श भी बन गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के सशक्त क्रियान्वयन से आमजन का जीवन बदल रहा है। यह योजना उन हजारों परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अब तक बिजली का स्थाई उपाय ढूंढ रहें थे। पीएम सूर्यघर योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता, आर्थिक मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा की राह दिखाई है।

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करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी....जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त

 रायपुर, 19 सितंबर 2025/राज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था।
        राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं।
          26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।
           मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है।
      जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

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यशस्वी जशपुर अंतर्गत कलेक्टर ने प्राचार्यों की ली समीक्षा बैठक.....बच्चों को अच्छे परिणामों के साथ विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने हेतु करें प्रोत्साहित- कलेक्टर

जशपुर 19 सितंबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में यशस्वी जशपुर कार्यक्रम अंतर्गत प्राचार्यों की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित की गई। इस बैठक में स्कूलों में व्यवस्था सुधार करने हेतु उन्होंने विद्यालयवार सभी प्राचार्यों से उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें वृद्धि करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने अपने ग्राम के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर प्रतिदिन स्कूल में उपस्थिति के संबंध में उन्हें व्हाट्सप्प या अन्य माध्यम से जागरूक करते हुए जन भागीदारी से बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने को कहा। उन्होंने अब तक पूर्ण किये गए पाठ्यक्रम की स्थिति की समीक्षा करते हुए तिमाही परीक्षाओं तक आधे से अधिक पाठ्यक्रम को पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में प्रायोगिक कक्षाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने अटल टिकरिंग लैब एवं सभी प्रयोगशालाओं को व्यवस्थित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए एवं नियमित रूप से प्रयोग करवाने को कहा।
           उन्होंने अजीज प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा शासकीय स्कूलों से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक या डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं के लिए लाई गई स्कॉलरशिप योजना में सभी पात्र बालिकाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए उन्होंने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने विकासखण्ड में स्थित महाविद्यालयों से संपर्क कर पात्र बालिकाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
          उन्होंने विज्ञान संकाय में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विज्ञान प्रतिभा खोज अंतर्गत विद्यार्थी विज्ञान मंथन द्वारा स्कॉलरशिप प्राप्ति हेतु पंजीयन करवाने तथा इंस्पायर अवार्ड के तहत उनका पंजीयन करवाने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ आने वाले स्कूलों की नियमित जांच करने को कहा। उन्होंने स्थापित किये जा रहे संकल्प स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी को सुव्यवस्थित करने एवं इनका नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभा साइंस क्लब निर्माण, डिजिटल क्लास रूम संचालन, अटल टिकरिंग लैब संचालन एवं लाइब्रेरी के प्रबंधन हेतु नियुक्त किये गए नोडल अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का पालन ना करने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न कार्यों के निष्पादन में निष्क्रियता के लिए प्रगति आने तक सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
         उन्होंने बच्चों में शिक्षा के स्तर को उठाने के लिए सभी प्राचार्यों को नियमित रूप से विद्यालय में संचालित कक्षाओं का निरीक्षण कर समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों को प्रदान किये गए विज्ञान किट, खेल समाग्री एवं पुस्तकों को बच्चों को वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों को बच्चों को अनुशासन सिखाने को कहा। कलेक्टर ने विभा विज्ञान क्लब के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।
           छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत विद्यालयों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए  सुघ्घर विद्यालय अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। जिसके तहत राज्य स्थापना दिवस के पूर्ण सभी स्कूलों के खराब समानों का निस्तारण के साथ विद्यालय को स्वच्छ एवं सुसज्जित भी किया जाएगा। जिसकी जांच निष्पक्ष अधिकारियों द्वारा निर्धारित मापदंडों के  आधार पर करते हुए उन्हें पुरुस्कृत भी किया जाएगा।
          कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा पर सभी का ध्यान आकृष्ट करते हुए सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को हेलमेट अवश्य लगाने के निर्देश दिए। इसकी जांच नियमित रूप से प्राचार्यों को करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में वाहन से आने वाले छात्रों का अवश्य रूप से लर्निंग लाइसेंस बनवाने एवं बिना हेलमेट के प्रयोग हेतु निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मद्यपान ना करने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने बच्चों को 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के अच्छे परिणामों के साथ विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता, सभी बीईओ एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।

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जिले के आयुष शिविरों में निःशुल्क काढा वितरण,  योगाभ्यास और औषधी पौध रोपण कर लोगों को दिया जा रहा स्वास्थ्य लाभ

जशपुरनगर 19 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे राज्य में रजत जयंती का आयोजन किया जा रहा है।
          इसी कड़ी में  आयुष विभाग के द्वारा 15 अगस्त 2025 से 26 जनवरी 2026 तक समस्त आयुष संस्थाओं में विभागीय गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शासकीय आयुर्वेद औषधालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष), आयुष विंग, आयुष पॉलीक्लीनिक, स्पेश्लाइज्ड थेरपी सेंटर, स्पेशलिटी क्लीनिक में निःशुल्क काढा वितरण, सामूहिक योगाभ्यास, औषधी पौधारोपण, एवं स्वाथ्य शिविरों का आयोजन शामिल हैं।

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रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ के तहत जिले के सभी 32 क्लस्टरों में सुनी गई महिलाओं की सफलता की प्रेरणादायी कहानियां

जशपुरनगर, 19 सितंबर 2025/ दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मबल और सफलता की कहानियों को सामने लाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त मंच बन गया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को किया गया।  इस कार्यक्रम का दूसरे एपिसोड का प्रसारण गुरुवार 18 सितंबर को पूरे प्रदेश में किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी 32 क्लस्टरों में महिलाओं की प्रेरणादायी सफलता की कहानियाँ सुनी गईं। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने भी ग्रामीण महिलाओं के साथ बैठकर इस कार्यक्रम को सुना।
   कार्यक्रम में विभिन्न जिलों की उन महिलाओं की कहानियाँ साझा की गईं जिन्होंने स्व-सहायता समूहों और योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। इस कार्यक्रम में  कबीरधाम जिले की बुधवारिन बाई बैगा, जिन्होंने पीएम जनमन आवास योजना के तहत मकान प्राप्त किया।
श्रीमती सुकरती बाई बैगा, जो डीलर दीदी बनकर सफल हुईं। सुरजपुर जिले की श्रीमती विद्यावती सिंह और पुष्पा यादव, जिन्होंने समूह से ऋण लेकर आवास निर्माण सामग्री का कारोबार में  सफलता हासिल की और बिलासपुर जिले की श्रीमती अनिता गंधर्व, जिन्होंने रानी मिस्त्री बनकर किस तरह अपनी पहचान बनाई। सफलता की इन सभी कहानियों ने प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का कार्य किया।
    दीदी के गोठ कार्यक्रम का प्रसारण प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रसारित इस मासिक रेडियो कार्यक्रम से संबंधित किसी भी जिज्ञासा या प्रश्न के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 233 2398 पर दोपहर 12 से 3 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

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ग्रामीणों को अब जान हथेली में रखकर नहीं करना पड़ेगा नदी पार....मुख्यमंत्री के निर्देश पर केराकोना–बैगाटोली मार्ग ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य शुरू....कार्य एजेंसी को सख्त निर्देश गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नही ..पढ़ें पूरी खबर

जशपुर/नारायणपुर- 19 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिले में विकास कार्यों की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इसी कड़ी में 5 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से अब केराकोना से बैगाटोली मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है।

उच्च स्तरीय पुल निर्माण हो जाने से राहगीरों को मिलेगी बड़ी राहत

इस पुल के बन जाने से राहगीरों को आवागमन में सुगमता होगी। लंबे समय से ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों को बारिश के मौसम में नदी पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पुल के निर्माण से अब लोगों को सालभर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

अप्रैल 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस पुल और पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक पुलों की मिली मंजूरी

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जिले में अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है। इन पुलों के बनने से सैकड़ों गाँव सीधे मुख्य मार्गों और बाज़ारों से जुड़ेंगे, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों में गति आएगी।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

ईब नदी पर पुल निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल उनके जीवन में नई राह खोलेगा और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है।

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जागरूक शिक्षक संघ ने किया शिक्षक सम्मान समारोह का बहिष्कार ....केंद्र एवं राज्य सरकार के वित्त विभाग से बैंक प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग 

छुरिया //- 
          स्थानीय विकासखंड स्तरीय आयोजित होने वाली शिक्षक सम्मान समारोह विवादों का कारण बन गया है। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महासचिव बीरेंद्र साहू, नरेंद्र तिवारी, जिलाध्यक्ष राजकुमार साहू एवं ब्लाक अध्यक्ष अमर दास बंजारे सहित सभी प्रदेश, जिला, ब्लाक पदाधिकारीयों एवं सदस्यों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि उक्त मामले में बैंक प्रबंधक छुरिया रवि देवांगन की शिकायत केंद्र एवं राज्य सरकार के वित्त विभाग से करके संबंधित बैंक प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग है।
       संगठन के पदाधिकारीयों ने बताया कि चूंकि छुरिया ब्लाक का विकासखंड स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बैंक प्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा छुरिया द्वारा आयोजन हेतु फंडिंग की जा रही है। परंतु इसमें विकासखंड के चुनिंदा मात्र दो शिक्षक संगठनो के पदाधिकारीयो को ही अतिथि बनाकर आमंत्रित किया गया है। साथ ही विकासखंड के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को ही पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। 
        उक्त मुद्दे पर छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने अपनी गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि विकासखंड में लगभग पंद्रह सौ से अधिक शिक्षक पदस्थ है। जिसमें एलबी संवर्ग व नियमित शिक्षक सम्मिलित हैं। इसमें अधिकांश शिक्षकों का खाता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में है। विकासखंड शिक्षा कार्यालय से उनका वेतन उक्त बैंक खाते में प्रत्येक माह जमा होता है। 
       उक्त बैंक के माध्यम से अनेक शिक्षकों ने पर्सनल एवं होम लोन ले रखा है जिनका प्रतिमाह ब्याज बैंक प्रबंधन को जाता है। इससे बैंक प्रबंधन को ब्याज के माध्यम से लाखों करोड़ों रुपए की कमाई होती है। ऐसे में जब विकासखंड के शिक्षकों को सम्मानित करने की बात आई तब बैंक प्रबंधन द्वारा कुछ चुनिंदा शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी के माध्यम से यह आयोजन किया जा रहा है। जिससे यह आयोजन विवादों के घेरे में आ गया है।
         विकासखंड में अनेक शिक्षक संगठन है जिसमें छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ, अनुसूचित जाति जनजाति विकास संघ, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ सहित अनेक कर्मचारी संगठन।
           जिनके सदस्यों का खाता संबंधित बैंक में है। लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा सिर्फ छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ही कुछ चुनिंदा पदाधिकारी को ही अतिथि के रूप में आमंत्रण कार्ड में नाम सम्मिलित किया गया है।
        जब इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ को हुई तब संगठन ने यह पता किया कि यह आयोजन किसके द्वारा किया जा रहा है...???? जिसमें जानकारी प्राप्त हुई कि इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा फंडिंग की जा रही है। जिस पर संगठन ने नाराजगी जाहिर करते हुए बैंक प्रबंधन की शिकायत केंद्र एवं राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा कर संबंधित शाखा प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग की है।
        संगठन ने यह भी कहा है कि यदि उक्त आयोजन रद्द नहीं हुआ या आयोजन रद्द कर इसको सही ढंग से आयोजित नहीं किया गया तो यहां से शिक्षकों का पूरा खाता बंद कर अन्य बैंक के माध्यम से खाता संचालन किया जाएगा।
      छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने बताया कि प्रदेशभर के अनेक शिक्षकों का विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में खाता संचालित होता है। परंतु बैंक प्रबंधन द्वारा सभी संगठनों को सम्मानित न कर एवं कार्यक्रम के आयोजन में सभी संगठनों को महत्व न देकर सिर्फ अपने खास और चुनिंदा संगठनों को ही आयोजन में आमंत्रित कर शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के बीच आपस में फूड डालने की कोशिश की गई है।
       जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बात उल्लेखनीय है कि खाता संचालन की बारी आती है तब अधिकांश शिक्षकों का खाता बैंक में संचालित होता है परंतु जब सम्मान की बात आती है तो कुछ चुनिंदा शिक्षकों को ही क्यों सम्मानित किया जाता है ...??? क्योंकि जितने भी खाता धारी बैंक में है उन सभी शिक्षकों को सम्मान किया जाना चाहिए।
*विकासखंड मुख्यालय छुरिया के बजाय डोंगरगढ़ में आयोजन -*
                      संगठन ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि छुरिया विकासखंड स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय स्तर पर न करके ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 24 किलोमीटर दूर डोंगरगढ़ में किया जा रहा है। जिससे कि शिक्षकों को आने-जाने में लगभग दिक्कत होगी।
        यह आयोजन ब्लॉक मुख्यालय छुरिया में होना था जिससे कि ब्लॉक के शिक्षकों को आने जाने में आसानी होती। साथ ही छुरिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा स्थानीय विधायक व पूर्व विधायक आदि को मुख्य अतिथि बनाया जाता। तथा स्थानीय पत्रकारों एवं विभिन्न समाजसेवी नागरिकों को भी इसमें आमंत्रित किया जाना था। 
          संगठन ने मांग किया है कि यदि उक्त आयोजन रद्द कर नए सिरे से विकासखंड स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन होनी चाहिए जिससे सभी शिक्षक आसानी से कार्यक्रम में पहुंच सके। अन्यथा बैंक प्रबंधन का घेराव कर धरना प्रदर्शन की जाएगी साथ ही संबंधित कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी बैंक प्रबंधन की होगी।

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छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम जुड़ा रेल नेटवर्क से : लोगों को मिली सस्ती और सुलभ रेल सेवा, यात्रियों को होगा लाभ : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 18 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में नई रेल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की आवागमन सुविधा में वृद्धि करते हुए राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम मेमू नई ट्रेन सेवा तथा रायपुर-अभनपुर 2 मेमू रेल सेवा का राजिम तक विस्तार भी प्रारंभ किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर की ओर रवाना हुए। सस्ती एवं सुलभ नई रेल सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस नई रेल सेवा से राजिम सहित गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के लोगों को भी राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग, राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुविधाजनक और किफायती बन गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से लगातार 19 महीनों से विकास की गति निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी और अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेलवे की लगभग 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में रेल सेवाओं का तीव्र विस्तार और विकास सुनिश्चित हो रहा है।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी संजय साहू, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष श्री महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित हो गई है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को ‘निर्मल भारत रेलवे स्टेशन’ के नाम से देश के 103 रेलवे स्टेशनों को मॉडिफाई करने के लिए चयनित किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं और 32 स्टेशन भी इस योजना में जोड़े गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनसे रेल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी। बस्तर को भी इससे लाभ हो रहा है और रावघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 140 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है।

रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में बाहर से साधु-संत एवं पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रायपुर से राजिम आने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और विश्व पटल पर राजिम का नाम और अधिक रोशन होगा।

महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने नई रेल सेवा के लिए लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अब राजिम से रायपुर आना बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालु एवं पर्यटक यात्री अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक भी यात्रा कर सकेंगे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक किया जाएगा। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोरों—राजिम और रायपुर—से संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, कुनकुरी नगर को मिलेगी नई पहचान, छठघाट तालाब विकास हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपए की मिली मंजूरी...

जशपुरनगर 18 सितंबर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश से जशपुर जिले में निरंतर विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। जिले की जनता की मांगों और समस्याओं का समाधान करते हुए मुख्यमंत्री लगातार अधोसंरचना, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नए कार्यों की शुरुआत कर रहे हैं।इसी कड़ी में राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान अंतर्गत कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र में अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत छठघाट तालाब के विकास कार्य के लिए 5 करोड़ 17 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

कुनकुरी के छठघाट तालाब होगा सुसज्जित

इस स्वीकृत राशि से तालाब का सौंदर्यीकरण, किनारों का सुदृढ़ीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। इसके पूरा हो जाने पर छठघाट तालाब न सिर्फ धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से और भव्य होगा, बल्कि नगर की खूबसूरती और पहचान भी बनेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक जिले और नगर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर नगरों की अधोसंरचना तक हर क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठघाट तालाब का विकास कुनकुरी नगर की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेगा और आने वाले समय में यह नगरवासियों के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा।


नगरवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

छठघाट तालाब विकास कार्य की स्वीकृति मिलते ही क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य नगर की पहचान को निखारने के साथ-साथ सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों को भी और भव्य बनाएगा।

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