**सहायक शिक्षकों के साथ बड़ा अन्याय! त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किए बिना विकल्प भरने का आदेश अव्यावहारिक, शिक्षक फेडरेशन ने सरकार से उठाए तीखे सवाल
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**सहायक शिक्षकों के साथ बड़ा अन्याय! त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किए बिना विकल्प भरने का आदेश अव्यावहारिक, शिक्षक फेडरेशन ने सरकार से उठाए तीखे सवाल


जशपुर 
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी तथा जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता , महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं का वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने संबंधी 9 जून 26 को सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश औचित्यपूर्ण नहीं है।
        उन्होंने बताया कि शासकीय कर्मचारियों के लिए क्रमोन्नति योजना मध्यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवा में प्रथम नियमित नियुक्ति से एक ही वेतनमान में 12 एवं 24 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने की स्थिति में क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया गया था। जोकि 19/4/99 से प्रभावशील था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ के आदेश 24/4/2006 के द्वारा शिक्षक संवर्ग सहायक शिक्षक वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था।साथ ही,शिक्षक 5000-8000 को 5500-9000,व्याख्याता 5500-9000 को 6500-10500 तथा 7500-12500 का क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत हुआ था।
          उन्होंने बताया कि वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन का आदेश 28 अप्रैल 2008 (वित्त निर्देश 11/2008) के द्वारा तत्समय प्रभावशील क्रमोन्नति योजना को संशोधित कर 1 अप्रैल 2006 से समयमान वेतन योजना लागू किया गया था।  परिशिष्ट-1 में प्रारंभिक वेतनमान 4000-6000 (5200-20200+2400) का प्रथम उच्चतर वेतनमान 4500-7000 (5200-20200 +2800) तथा द्वितीय उच्चतर वेतनमान 5000-8000 (9300-34800 +4200) है। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश 24/4/2006 के द्वारा शिक्षक संवर्ग सहायक शिक्षक का वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश 10/3/2017 द्वारा  10 वर्ष एवं 20 वर्ष पश्चात प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति स्वीकृत हुआ था।

     फेडरेशन का प्रश्न है कि यदि सहायक शिक्षक क्रमोन्नति योजना का विकल्प लेता है तो उसे अन्य शासकीय सेवक के समान तृतीय उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। यदि समयमान योजना का विकल्प लेता है तो उसे स्वीकृत नहीं होगा क्योंकि *सहायक शिक्षक को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ  स्वीकृत ही नहीं हुआ है।* ऐसे स्थिति में समयमान वेतनमान का विकल्प लेना संभव ही नहीं है।जबकि उच्च वर्ग शिक्षक,व्याख्याता,प्राचार्य को समयमान वेतनमान का लाभ पूर्व स्वीकृत है।उल्लेखनीय है कि समयमान वेतनमान के लाभ हेतु सेवाकाल की गणना सेवा में प्रवेश की तिथि से किया जाता है।छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत होने के पश्चात ही विकल्प लेने अंतिम तिथि में वृद्धि करने का माँग मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव,सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं सचिव स्कूल शिक्षा से किया है।

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