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*स्वामी आत्मानंद नवीन आदर्श उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में “नो प्लास्टिक अभियान” का आयोजन*

जशपुर : स्वामी आत्मानंद नवीन आदर्श उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में शनिवार को “नो प्लास्टिक अभियान” बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य श्री विनोद गुप्ता के प्रेरक संदेश से हुई। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज हमारे पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें तथा कपड़े, कागज और जूट के थैलों जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि “अगर आज कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।”

अभियान के अंतर्गत विद्यालय प्रांगण से एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो जैन मंदिर मार्ग होते हुए जशपुर बस स्टैंड तक गई और फिर विद्यालय लौट आई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारे लगाए और जनता को प्लास्टिक के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यालय को समाज से जोड़ना और जनसामान्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसी कड़ी में विद्यार्थियों द्वारा नारे लेखन, पोस्टर निर्माण, भाषण तथा नुक्कड़ नाटक जैसे विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्लास्टिक के दुष्प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

शिक्षकों में श्री बी. भौमिक, श्रीमती रोहिणी सिन्हा, श्री समीर, श्री सुरेश टण्डी, श्री विकास पांडे, श्री निरंजन कुजूर, श्रीमती सावित्री भगत, श्रीमती सविता बाई, श्रीमती सादिया जबी, श्रीमती संगीता यादव, कु. अंजू वंदना तिर्की एवं कु. पुष्पलता सिदार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों को अपने घरों, मोहल्लों और समाज में “नो प्लास्टिक अभियान” को आगे बढ़ाने की शपथ दिलाई।

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मुख्यमंत्री जिस विद्यालय में कर चुके हैं अध्ययन,वँहा पहुंची श्रीमती कौशल्या साय .... बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए  राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य

जशपुरनगर, /  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगिया में आज संकुल स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का  शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर  किया। कार्यक्रम में छात्रों ने स्वागत गीत गाकर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अतिथियों  ने नवप्रवेशी बच्चों को पारंपरिक रूप से तिलक  लगाकर एवं मुँह मीठा कराकर स्वागत किया और सभी का उत्साहवर्धन करने के साथ शुभकामनाएं भी दी। अतिथियों द्वारा बच्चों को  गणवेश  प्रदान किया गया साथ ही सरस्वती साईकल योजना के तहत छात्राओं को साईकिल का वितरण भी किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। 
     इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए  राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  उन्होंने लोगों से बच्चों को प्राथमिकता के साथ विद्यालय भेजने, साफ-सफाई का ध्यान रखने, समय का सदुपयोग करने की अपील की साथ ही  शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि वे निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान करें। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी अध्ययन कर चुके हैं।
      शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता  ने भी अपने संबोधन में छात्रों को जीवन में शिक्षा का महत्व के बारे में बताते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में  वन विभाग द्वारा चरण पादुका का वितरण भी किया गया।  इस दौरान श्रीमती हीरामती पैंकरा , जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता,बीडीसी श्री अटल बिहारी,  सरपंच श्रीमती राजकुमारी साय,   एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामजीत साय,  रेंजर श्रीमती  प्रभावती चौहान ,श्री रवि यादव, प्रभारी  प्राचार्य श्री कौशिक, शिक्षकगण, अभिभावक और अन्य लोग मौजूद रहे। आभार प्रदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री गोपाल राम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री धनवंत यादव ने किया।

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*संभागीय संयुक्त संचालक ने सिविल अस्पताल पत्थलगॉव  का किया आकस्मिक निरीक्षण...अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को अवैतनिक अवकाश किये जाने और लपरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी करने दिया निर्देश*

जशपुरनगर / संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सरगुजा संभाग डॉ अनिल कुमार शुक्ला  के द्वारा विगत दिवस आज दिनांक 11 जुलाई को सिविल अस्पताल पत्थलगॉव  का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा अव्यवस्थित पाया गया, साफ -सफाई का अभाव पाया गया। संस्था में दवाईयों का रखरखाव अस्त-व्यस्त पाया गया । स्टोर एवं दवाईयों के डब्बे पर मेनुफेक्चरिंग डेट व एक्सपायरी डेट अंकित नहीं पाया गया। जन मानस के लाभ हेतु प्रदर्शित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के फ्लेक्सी एवं बैनर उक्त संस्था में बहुत कम पाया गया, जिससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का जन मानस को लाभ प्राप्त हो सके एवं
शासन के योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो । 
          संभागीय संयुक्त संचालक डॉ अनिल कुमार शुक्ला ने कहा  कि संस्था में एन.सी.डी. अंधत्व निवारण मलेरिया, टीबी, एएनसी के लक्ष्य के विरूद्ध शत्-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जावे । संस्था में एनबीएसयू हेतु एक ही फोटोथेरेपी मशीन होने के कारण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मशीन उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रम हेतु संधारित रजिस्टर व्यवस्थित नहीं पाया गया जिसे व्यवस्थित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। ब्लड स्टोरेज यूनिट में आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये सामाजिक संगठनों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर शिविर आयोजित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने संस्था में नियमित रूप से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और डायलिसिस यूनिट में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुये इसे दूर किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया।
       सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान नित्यानंद यादव आरएचओ एक दिवस, प्रियांश साहू वार्ड ब्वाय 02 दिवस नीलम तिर्की, नर्सिंग सिस्टर 02 दिवस अनुज साहू एस. टी. एस. 01 दिवस अनुमपा टोप्पो एक दिवस मनीषा तिर्की एक दिवस को अनुपस्थित पाये जाने के कारण इनका उक्त दिवस हेतु अवैतनिक किये जाने हेतु निर्देशित किया। तथा राजेश चौहान के द्वारा एक दिवस का अग्रिम में दैनिक उपस्थिति पंजी में अंकित करने के कारण इन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही बी.ई.टी.ओ श्री एन. पी. चौधरी के द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में रूची नहीं लेने के कारण इन्हें कारण बताओ नोटिस पत्र जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक को  अधीनस्थ समस्त संस्थाओं का नियमित भ्रमण करने हेतु निर्देशित किया गया तथा खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी को भ्रमण कर सभी सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा गया।

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शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए भौतिकी और विज्ञान के शिक्षकों का हुआ उन्मुखीकरण – डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने कराए कई हैंड्स ऑन एक्सपेरिमेंट ‌

जशपुर :कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले में गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 10वीं में  विज्ञान और 12वीं में भौतिकी के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यशाला सेजेस हिंदी माध्यम जशपुर में जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर की उपस्थिति में आयोजित किया गया। 

कार्यशाला में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने 15 से अधिक रोचक व सरल वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से यह समझाया कि किस प्रकार जटिल भौतिकी के सिद्धांतों को विद्यार्थियों को प्रभावशाली ढंग से समझाया जा सकता है।
उन्होंने बल, गति, घर्षण, पृष्ठ तनाव जड़त्व, संवेग ऊर्जा संरक्षण, अपवर्तन, वायुदाब,  घूर्णन गति, अपकेन्द्रीय बल, उष्मा संचरण, ध्वनि, स्थैतिक एवं गतिज घर्षण, और न्यूटन के नियमों आदि से जुड़े प्रयोग शिक्षकों से कराए और कक्षा अध्यापन में  इन्हें शामिल कैसे करें, यह बताया ‌।

प्रयोगों में सामान्य वस्तुओं जैसे – रस्सी, प्लास्टिक की बोतल, मोमबत्ती, पानी, बर्फ, गेंद, पेंडुलम, स्प्रिंग, स्पोक, बैलून, ग्लास, मोबाइल, लेंस, दर्पण, एलईडीबल्ब, पेपर पेन , फनल प्लास्टिक बॉल‌ आदि का उपयोग कर भौतिकी के कई कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट किया गया।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने  मानव मस्तिष्क साइकोलॉजी के जोन मैपिंग को समझाया। कंफर्ट जोन, फियर जोन, लर्निंग जोन और ग्रोथ जोन के विषय में बताते हुए कंफर्ट जोन से निकलकर चुनौतियां लेते हुए अपने जीवन के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को भी बेहतर बनाने पर बात की।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर, रोजगार अधिकारी दुर्गेश्वरी सिंह, नायब तहसीलदार रोहित गुप्ता, यशस्वी जशपुर से संजीव शर्मा एवं अवनीश पाण्डेय सहित‌ विकासखंड शिक्षा अधिकारी , बीआरसीसी और जिले के विज्ञान और भौतिकी के व्याख्याता उपस्थित रहे। इस प्रकार की व्यावहारिक प्रस्तुति से विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे कठिन अवधारणाओं को भी आसानी से समझ सकेंगे।

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शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव के सभी पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को करा दिया गया.....जांच टीम ने पाया कि स्कूल में  वर्ष 24-25 सभी पुस्तकें कर दी गई है वितरण 

जशपुर 12 जुलाई 25/ एसडीएम पत्थलगांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय इंदिरा गांधी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव का प्राप्त शिकायत के संबंध में 
 
जाँच की गई जिसमें श्री प्रांजल मिश्रा तहसीलदार पत्थलगांव एवं बी आर सी की पत्थलगांव उपस्थित में 
 विद्यालय में प्राप्त, वितरित एवं शेष पुस्तकों का मिलान किया गया। प्राप्त पुस्तके के अनुसार वितरित एवं शेष पुस्तकों की संख्या सही पाया गया। 

विद्यालय के प्राचार्य द्वारा दी गई जानकारी अनुसार किताबें शेष नहीं बची पाई गई। 

उन्होंने बताया सत्र 2024.25 की सभी पुस्तकें वितरण कर दी गई कोई पुस्तक नहीं बचा है।

साफ सफाई के दौरान प्रतिदिन कचरा निकलता है उसे ही जलाने का अवशेष पाया गया। यह पंचनामा एसडीएम की टीम और सदस्यों एवं शिक्षकों के मध्य तैयार कर सभी को पढ़‌कर सुनाया गया तथा हस्ताक्षर किया गया।

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*छोटे व्यापारियों को मिलेगा प्रोत्साहन: दस साल से अधिक लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियां होगी खत्म*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।

एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।
जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।

कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।

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*छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम:मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित*

रायपुर, // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।

श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।

रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।

विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।

कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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*नक्सलवाद से लोकतंत्र की ओर लौटता बस्तर: 24 घंटे में 45 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण...बंदूक की गोली नहीं, अब विकास की बोली गूंज रही: मुख्यमंत्री*

रायपुर /छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें  मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।

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CG Big News : गरीब-किसान पर नहीं पड़ेगा बिजली दर में बढ़ोतरी का प्रभाव : सीएम साय

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दर में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है. बिजली दर में वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. 

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी का किसानों और गरीबों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गरीबों को हॉफ बिजली का लाभ देते हैं. घरेलू बिजली में 10 से 20 पैसा प्रति यूनिट बढ़ा है.

फिलहाल  किसानों के लिए बिजली बिल में 50 पैसे बढ़ाए गए हैं, लेकिन सरकार 3 HP में 3 हजार यूनिट फ्री दे रही है. सरकार वह पैसा बिजली विभाग देती है.

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CG Big News : छोटे व्यापारियों को राहत.! 10 साल पुराना बकाया होगा माफ..40 हजार से अधिक व्यापारियों को मिलेगा लाभ..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे।

बता दें कि बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।

हालांकि, एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।

वहीं, जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।

दरअसल, कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।

फिलहाल, विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।

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जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय की पहल से सारूकछार में लगा नया ट्रांसफार्मर, ....अंधेरे में जूझ रहे ग्रामीणों को मिली रोशनी,

जशपुरनगर। ग्राम पंचायत पुसरा के सारूकछार (बगईटोली) में ट्रांसफार्मर की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब राहत मिली है। ग्रामीणों द्वारा तीन दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को आवेदन देकर नए ट्रांसफार्मर की मांग की गई थी। आवेदन मिलने के तत्काल बाद श्री साय ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में त्वरित कार्रवाई कर विद्युत आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जाए।श्री साय के निर्देशों पर तेजी से कार्य करते हुए विभाग द्वारा गांव में 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। इससे गांववासियों को बिजली की समस्या से निजात मिली है और अब खेती-बाड़ी, घरेलू कामकाज एवं बच्चों की पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।

   ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि श्री साय हमेशा जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हैं और समय पर समाधान कराना उनकी प्राथमिकता रहती है।जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि प्रदेश में विष्णुदेव साय की सरकार में लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है ,ग्रामीणों को सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है।शासन की योजनाओं से लोगों को प्राथमिकता के साथ उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।

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जिले के प्रतिभावान बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा संकल्प ....जया और  नीता  ने संकल्प पहुंचकर जताया आभार 

जशपुर : जशपुर में  संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान  जशपुर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर जनजाति वर्ग के  प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है । 
     कलेक्टर रोहित व्यास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के प्रतिभावान बच्चों  को निः शुल्क गुणवत्तायुक्त शिक्षा देकर जे ई ई और नीट की कोचिंग करा रहा है  इसी की बदौलत यहाँ से अपना अध्यन पूर्ण कर बच्चे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश पाने में सफल हो रहे है । 
इस संस्थान से पास होने वाली पत्थलगांव  के कृषक परिवार की बालिका जया पराह अब डॉक्टर जया पराह बन गई है और इसी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किलकिला में डॉक्टर के रूप में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है । इसने संकल्प से पास होने के बाद  चिकित्सा महाविद्यालय राजनंदगांव में एम बी बी एस में प्रवेश प्राप्त किया था । डिग्री प्राप्त करने के बाद इसे डॉक्टर के  रूप में कार्य करने के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ । नियुक्ति पत्र प्राप्त होने उपरांत  जया संकल्प जशपुर आई और अपनी उपलब्धि की जानकारी प्राचार्य विनोद गुप्ता और स्टाफ को दी  और सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा  कि यदि संकल्प संस्थान नहीं होता तो वह डॉक्टर नहीं बन पाती । उसने कहा कि जिस तरह संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कार्य कर रहा है उसी तरह में भी अपने क्षेत्र में जिले के लोगों के लिए कार्य करूंगी । 
इसी तरह जशपुर  निवासी नीता सिंह  ने भी संकल्प से पास होने के बाद एन आई टी रायपुर में प्रवेश प्राप्त किया और डिग्री प्राप्त  कर देश की प्रतिष्ठित कंपनी एल एण्ड टी  में बतौर इंजीनियर नौकरी प्राप्त की । ये भी संकल्प आई और प्राचार्य एवं स्टाफ को अपनी उपलब्धि की जानकारी दी । नीता ने कहा कि उसने यह नहीं सोचा था कि संकल्प में अपनी पढ़ाई  कर वो इंजीनियर बन कर देश की प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी प्राप्त कर पाएगी । नीता सिंह ने संकल्प में पढ़ाई कर कक्षा दसवीं की बोर्ड  परीक्षा में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया था । 
    ज्ञात हो जया पराह और नीता सिंह दोनों ही एक ही बैच में संकल्प में प्रवेश लिया था और दोनों ही आपस में पक्की सहेली है ।दोनों ने संकल्प जशपुर पहुच कर व्याख्याताओं  के प्रशिक्षण  में उपस्थित होकर सभी शिक्षकों से अपने अनुभव  साझा  करते हुए बताया कि यह सफलता उनके परिश्रम, माता-पिता के सहयोग, संकल्प शिक्षण संस्थान के मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का परिणाम है कि  वो इस मुकाम में पहुचने में सफल हुई ।
इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा , अवनीश पांडे , संकल्प के अश्विनी सिंह , दिलीप सिंह , ज्योति श्रीवास्तव , प्रभात मिश्रा , ममता सिन्हा, दीपक ग्वाला, राजेंद्र प्रेमी , मनीषा भगत , सीमा गुप्ता , शांति कुजूर सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था ।

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साप्ताहिक बाजार का हाल बेहाल : नारायणपुर बाजार का टिन शेड हुआ जर्जर...मरम्मत पर किसी का ध्यान नही

नारायणपुर : नारायणपुर में मंगलवार को लगने  वाला साप्ताहिक बाजार शेड की हालत जर्जर हो चुकी है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। टिन शेड बहुत पुराने और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं,भरी बरसात में दुकानदारों को खुले में सामान बेचना पड़ रहा है, और ग्राहकों को भी खरीददारी करने में असुविधा हो रही है दरअसल बाजार को देख रेख करने वाला सही प्रबंधन नहीं है, जिससे यह और भी बदतर हो गया है।प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक में बाजार की नीलामी होती है इसके बावजूद शेडों की मरम्मत नहीं की जा रही है, जिससे सवाल उठना लाजमी है कि बाजार नीलामी का पैसा आखिर जाता कहां है


नारायणपुर के साप्ताहिक बाजार का हाल बेहाल है। बाजार स्थल में बने शेड जर्जर तो हैं ही कचड़ों से भी भरे पड़े हैं। हाट में कोई सामान कहा बेचा जाय इसके लिए न तो कोई प्रबंधन है न कोई बाजार का हाल देखने वाला है।टिन शेड टूटने के कारण बारिश का पानी टपकता है। व्यापारी टूटे हुए टिन के शेड में तिरपाल लगाकर दुकान लगाने के लिए विवश हैं। पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नारायणपुर में लगने वाले साप्ताहिक हाट के हाल और व्यवस्था में सुधार होगा। परन्तु आज पर्यन्त तक बाजार ठेकेदार और न ही किसी  जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान देना मुनासिब समझा ।

     ज्ञात है कि ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले साप्ताहिक हाटों का वहा के जनजीवन पर बड़ा महत्व है। गाव के किसानों से लेकर साहूकारों तक के लिए खरीद-बिक्री का यह बेहतर जगह होता है। इन साप्ताहिक हाटों में गाव के लोगों के हर जरूरत की चीजें मिल जाया करती हैं। ग्रामीण जीवन का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बाद भी साप्ताहिक हाट बदहाली में हैं। प्रत्येक वर्ष  इन हाटों की नीलामी भी होती रही है। शासन की ओर से किसानों के लिए शेड भी बनाए गए हैं। लेकिन शेड अब जर्जर हो गए हैं।  पंचायत प्रतिनिधि लाखों रुपये विकास कार्यों में खर्च कर दे रहे हैं, लेकिन साप्ताहिक हाटों को दुर्दशा से उबारने के लिए कोई पहल नहीं किया जा रहा है। आखिर हर साल लाखों रुपए में बाजार की नीलामी होती है वह पैसा बाजार में उपयोग न होकर कहां होता है यह बड़ा सवाल है।

       बाजार जाने मार्ग में कीचड़ ही कीचड़

नारायणपुर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में थाना और वन विभाग के वाऊंड्रीवाल की तरफ से जाने वाला मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। कीचड़ युक्त मार्ग होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। व्यापारी भी परेशान हैं। ज्यादातर महिलाओं को कीचड़ में फिसलकर गिरने का डर हमेशा बना रहता  हैं क्षेत्र के ग्रामीणों, व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क व शेड को दुरुस्त कराने की मांग की है।

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नई बिजली दरें संतुलित, ग्रामीण-आदिवासी, सभी के लिए हितकारी तथा विकासपरक....औसतन घरेलू दर में मात्र 10 से 20 पैसे तक वृद्धि

रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार प्रेषण केन्द्र के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु विद्युत दरों का अनुमोदन किया गया। वितरण कंपनी के एमडी श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि समेकित रूप से विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो नगण्य है। कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों में दर वृद्धि की गई है जिसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है, अतः इससे कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अस्थायी कनेक्शनों, आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों, प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायतें बढ़ाई गई है या यथावत् रखी गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7 रू. 2 पैसे पड़ती है जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 4 रू. 10 पैसे की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। नई विद्युत दरों की कुछ विशेषताओं को उल्लेखित किया गया है। निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स में प्रयुक्त होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है।

राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।

कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कृषि पंपों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, अतः यह भार राज्य शासन स्वयं वहन करेगा। गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है एवं इसी श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है। गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वॉट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है।

पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए निम्न दाब इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग इकाईयों हेतु इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् रू.7.02 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् रू. 6.32 प्रति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि नियामक आयोग द्वारा महिला सशक्तिकरण हेतु पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग संबंधी गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है। आफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है जो कि पहले की अपेक्षा कम है।

इस तरह सम्यक रूप से यह नई दरें कृषि-ग्रामीण आदिवासी सहित सभी श्रेणी के प्राथमिकता श्रेणी वाले उपभोक्ताओं के लिए हितकारी तथा विकासपरक हैं। इन्हें काफी संतुलित एवं संतोषजनक कहा जा सकता है।

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CG Breaking : मानसून सत्र को लेकर बनेगी रणनीति..13 जुलाई को होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक 13 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह बैठक कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शाम 4 बजे नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में होगी।

फिलहाल, बैठक में 14 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस विधायकों द्वारा रणनीति तैयार की जाएगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधानसभा सत्र के दौरान खाद की कमी, युक्तियुक्तकरण, बिजली बिल में बढ़ोतरी, पेड़ों की कटाई सहित कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा, जिसमें विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

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CG Big News ; सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता..जंगल में छिपाकर रखे नक्सलियों के सामान समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/गरियाबंद/सुकमा. भारी बारिश के बीच सुरक्षा बलों का नक्सल ऑपरेशन जारी है. सर्चिंग में निकली जवानों की टीम को सफलता मिली है. मैनपुर व जुगाड़ क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर टीम रवाना हुई थी. इस दौरान जंगल में 3 जगहों पर गाड़कर रखे नक्सलियों का सामान बरामद किया. जुगाड़ इंदागांव क्षेत्र में जवानों की सर्चिंग जारी है. सुकमा में भी जवानों ने नक्सलियों की विस्फोटक सामग्री बरामद की है.

वहीं, डीआरजी व सीआरपीएफ की टीम ने कोंटा के पीलावाया के जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाई गई विस्फोटक सामग्री बरामद की है. मौके से कोडेक्स वायर, डेटोनेटर समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है. इसकी पुष्टि एसपी किरण चव्हाण ने की.

दरअसल, जिला गरियाबंद के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. इंदागांव एरिया के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर गुरुवार को गरियाबंद पुलिस, कोबरा 207 वाहिनी एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम थाना मैनपुर व थाना जुगाड़ एरिया में सर्चिंग गस्त के लिए रवाना हुई थी. सुरक्षाबलों के जवानों ने एरिया सर्चिंग के दौरान जंगल में नक्सलियों द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर डंप किया हुआ दैनिक उपयोगी के समान एवं राशन सामग्री बरामद किया.

पुलिस ने की आत्मसमर्पण करने की अपील

फिलहाल, गरियाबंद पुलिस ने माओवादियों से अपील की है कि शासन के आत्मसमर्पण नीति के तहत समाज के मुख्यधारा से जुड़ें. नजदीकी थाना, चौकी, कैम्प एवं दूरभाषा नम्बर 94792-27805 पर संपर्क कर आत्मसमर्पण कर सकते हैं. आत्मसमर्पण के बाद सुविधा – सुख, शांति, बिना डर, स्वतंत्रता के साथ जीवन बिता सकेंगे. स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण की सुविधा, निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, आवास की सुविधा, शासकीय नौकरी का लाभ दिया जाएगा.

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*सरकार की प्राथमिकता कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे: श्रीमती कौशल्या साय.....विद्यालय में पौधरोपण कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल: शौर्य प्रताप सिंह जूदेव*


 
जशपुरनगर, /शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में आज  विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव मौजूद रहे। अतिथियों  ने नवप्रवेशी बच्चों को पारंपरिक रूप से तिलक  लगाकर एवं मुँह मीठा कराकर स्वागत किया और सभी का उत्साहवर्धन करने के साथ शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश  प्रदान की और  सरस्वती साईकल योजना के तहत छात्राओं को साईकिल का वितरण भी किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। भी किया गया ।
    इस अवसर पर श्रीमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने जीवन में सफलता की ऊँचाइयों को छू सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। श्रीमती साय ने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरस्वती साइकिल जैसी योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं।
      श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में  शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उपयोग कर स्मार्ट क्लास बनाएं जा रहे है, ताकि बच्चों को कठिन विषय सहजता से समझ आ सके। उन्होंने विद्यालय में पौधरोपण जैसे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, बल्कि बच्चों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाता है।
     कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष  श्री राजकुमार सिंह, उपाध्यक्ष श्री रविंद्र गुप्ता, सभी जनपद सदस्य, जनप्रतिनिधिगण अभिभावक ,तहसीलदार श्री राहुल कौशिक, नायब तहसीलदार श्री राजेश यादव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी ,सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जनपद सीईओ, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थी व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सबसे बड़ी कार्यवाही : भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दिया संदेश.....22आबकारी अधिकारियों को किया तत्काल निलंबित

रायपुर, / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रूपए के बहुचर्चित शराब घोटाले में साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई को किसी भी राज्य द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इन अधिकारियों पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार कर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से चल-अचल संपत्तियां भी बनाने का आरोप है। 

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिये संचालित हो रहा था, जिसमें आरोपी आबकारी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। 
इसका खुलासा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने बिना देर के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविन्द कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक आयुक्त आबकारी प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजुश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष कोसम, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलख राम कसेर, सोनल नेताम और जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं। 

गौरतलब है कि पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं और एक-एक कर सभी दोषी जेल भेजे जा रहे हैं। केवल शराब घोटाला ही नहीं, राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला और तेंदूपत्ता घोटाले जैसे मामलों की भी गहराई से जांच करवा रही है, जिनमें किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। बीते दो वर्षों में ACB ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण है। 

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत जेम पोर्टल से खरीददारी को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई है, 350 से अधिक सुधारों के जरिये निवेश की राह भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आसान बनाई गई है, इसी क्रम में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से एनओसी की प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आबकारी विभाग में FL-10 नीति को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और देशी-विदेशी मदिरा की बोतलों पर अब नासिक मुद्रणालय से छपने वाले होलोग्राम अनिवार्य किए गए हैं ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसी तरह खनिज ट्रांजिट पास की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, लकड़ियों की ई-नीलामी प्रणाली लागू की गई है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार ने PSC-2021 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी है, जिसमें आयोग के तत्कालीन चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, भारतमाला योजना और सीजीएमएससी घोटालों की जांच भी EOW को सौंपी गई है, जिनमें दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस पारदर्शी कार्रवाई में आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के विभिन्न स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि यह घोटाला पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था, घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार का उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना है।

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