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गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

रायपुर 15 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।

बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है। 
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है। 

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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“गौ तस्करों के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा जंगल ऑपरेशन: डीआईजी-एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह 50 से ज्यादा जवानों के साथ पैदल पहुंचे पहाड़ी जंगलों में, तस्करी के गुप्त रास्ते किए ब्लॉक — गांवों में बनी ‘पुलिस मितान टीम’ से अपराधियों पर कसी जाएगी नकेल”

नारायणपुर क्षेत्र के जंगलों में संभावित तस्करी मार्ग सील, गांवों में “पुलिस मितान टीम” गठित कर ग्रामीणों को जोड़ा गया पुलिस से

जशपुर, 15 मार्च 2026।
जिले में गौ तस्करी पर रोक लगाने के लिए जशपुर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में थाना नारायणपुर क्षेत्र के जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान डीआईजी-एसएसपी स्वयं करीब 50 से अधिक पुलिस बल के साथ पैदल दुर्गम जंगलों और पहाड़ी रास्तों पर पहुंचे और गौ तस्करी के संभावित मार्गों का निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान ग्राम किनकेल, खरवाटोली और पाकरकुंदर के जंगलों में पुलिस टीम ने गहन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तस्करी के संभावित रास्तों को चिन्हित कर उन्हें ब्लॉक कर दिया है और इन मार्गों पर लगातार निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से किनकेल, चट्टान पारा और पाकरकुंदर गांवों में “पुलिस मितान टीम” का गठन भी किया गया। यह टीम क्षेत्र में होने वाली गौ तस्करी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का काम करेगी, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें गौ तस्करी रोकने, नशे के दुष्प्रभाव से बचने तथा बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस दौरान गांव के युवाओं के साथ रोजगार के अवसरों को लेकर भी चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए यातायात नियमों का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और ओवरस्पीड से बचने की समझाइश भी दी गई।

डीआईजी-एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने के लिए जशपुर पुलिस विशेष प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में कवर्धा जिले में पुलिस एकेडमी जैसी पहल से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले थे और उसी तर्ज पर जशपुर के सुदूर क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।

अचानक पुलिस अधिकारियों को पहाड़ियों से पैदल गांवों में पहुंचते देखकर ग्रामीण भी आश्चर्यचकित रह गए। पुलिस को अपने बीच इस तरह सक्रिय देखकर ग्रामीणों का विश्वास और मजबूत हुआ तथा उन्होंने अपराध रोकने में पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया।

इस सर्च अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, नारायणपुर थाना प्रभारी एएसआई उमेश प्रभाकर, सन्ना थाना प्रभारी उप निरीक्षक संतोष सिंह, मनोरा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश पुरैना, साइबर सेल निरीक्षक आशीष तिवारी सहित उनकी टीम तथा रक्षित केंद्र जशपुर के जवान और नवआरक्षक शामिल रहे।

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महतारी वंदन योजना से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर,महिलाएं अपनी छोटी मोटी जरूरतों को कर रही पूरी 

जशपुरनगर 15 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

जिला जशपुर के ग्राम देवगुड़ा निवासी श्रीमती परमिला प्रजापति ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की राशि से अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही वे घर की छोटी-छोटी जरूरतों को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं।

उन्होंने बताया कि इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है और अब वे स्वयं निर्णय लेती हैं कि इस राशि का उपयोग किस प्रकार करना है। श्रीमती परमिला प्रजापति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटरनरी यूनिट वैन को मैदानी क्षेत्रों के लिए किया रवाना 


जशपुर 15 मार्च 2026/ जिले में टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए रविवार को जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने पशुपालन विभाग  की मोबाइल वेटरनरी यूनिट वैन के दल को रवाना किया गया।

दल 15 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक कुल 45 दिनों तक चलेगा। जिले में इस व्यापक टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिले के 3,80,000 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूरे जिले में 58 विशेष दलों का गठन किया गया है जो घर- घर जाकर टीकाकरण कार्य करेंगे। 

इस महाभियान में कुल 629 कार्यकर्ता जिसमे विभागीय कर्मचारी एवं पशु सखी टीकाकरण एवं भारत पशुधन ऐप में एंट्री का कार्य करेंगे।

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत  ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। "प्रधानमंत्री जी के मंशानुसार देश में पशुओं के स्वास्थ्य और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। एफ.एम.डी. (खुरपका-मुँहपका) रोग से पशुओं को बचाना अत्यंत आवश्यक है ताकि हमारे किसान और पशुपालक आर्थिक नुकसान से बच सकें।"

शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य 

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ जिला जशपुर डॉ. महेश सिंह बघेल ने अभियान की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि खुरपका-मुँहपका एक विषाणु जनित रोग है इसका टीकाकरण ही एकमात्र बचाव का तरीका है। 

15 मार्च से जिले के
सभी विकासखंडों के गाँवों में टीकाकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें घर घर जाकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। इस अभियान का उद्देश्य जिले को एफ. एम.डी. मुक्त बनाना है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का शत प्रतिशत टीकाकरण एवं भारत पशुधन ऐप एंट्री में आवश्यक सहयोग करेंगे। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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एमबीबीएस अंतर्गत पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया के लिए होगा शिविर का आयोजन,साइबर ठगों से बचने पॉवर कंपनी ने की उपभोक्ताओं से अपील

रायपुर, 15 मार्च 2026/बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है। 

            छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।

             कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है। 

             छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।

              पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।

           छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।

           साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

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साइबर ठगों से बचने की पॉवर कंपनी ने की उपभोक्ताओं से अपील,विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी

रायपुर, 15 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।

          छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी श्री भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।

          मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी  के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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वन विभाग की तत्परता से टली बड़ी वन क्षति,जशपुर वनमंडल में दो स्थानों पर लगी आग पर रातों-रात पाया गया नियंत्रण

जशपुरनगर 15 मार्च 2026/ जशपुर वनमंडल अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर लगी वनाग्नि को वन विभाग की त्वरित कार्यवाही से समय रहते नियंत्रित कर लिया गया है। इसके फलस्वरूप बड़ी वन क्षति होने से बचाव हो गया है। यह कार्यवाही डीएफओ जशपुर के निर्देशन में की गई। वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशिकुमार ने बताया कि 14 मार्च 2026 की रात्रि में दुलदुला वन परिक्षेत्र के रानीबंध क्षेत्र तथा बगीचा वन परिक्षेत्र के अहिनमाड़ा जंगल में आग लगने की सूचना दूरभाष के माध्यम से वन विभाग को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण के लिए कार्यवाही प्रारंभ की गई।
दुलदुला वन परिक्षेत्र अंतर्गत रानीबंध क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिलते ही परिक्षेत्र के वन अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रात्रि में ही त्वरित प्रयास करते हुए आग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसी प्रकार बगीचा वन परिक्षेत्र के अहिनमाड़ा जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी बगीचा सुश्री यशस्वी मौर्य, प्रशिक्षु भा.व.से. स्वयं वन अमले के साथ मौके पर पहुंचीं। लगातार प्रयास करते हुए रात्रि लगभग 12 बजे तक आग को आसपास के वनों में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।

     वन विभाग की तत्परता और समन्वित प्रयासों के कारण दोनों स्थानों पर आग को शीघ्र नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी वन क्षति नहीं हुई। विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है, ताकि आग की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को भी वनों में आग लगने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा उनसे वन संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई है। विभाग ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे वनों में आग न लगाएं तथा कहीं भी आग लगने की घटना दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।


    वनाग्नि की सूचना देने के लिए नागरिक संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए

सन्ना वन परिक्षेत्राधिकारी का दूरभाष नंबर 9302959850, मनोरा वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 9893283085,     जशपुर वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 7999374719, दुलदुला वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 9406042064, तपकरा वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 6267954237, कुनकुरी वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 9424182112, कांसाबेल वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 9098098347, बगीचा वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 8826088150 तथा पत्थलगांव वन परिक्षेत्राधिकारी का नंबर 8770575577 है।
वन विभाग ने कहा है कि वनों में जानबूझकर आग लगाने अथवा आग लगाते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 79 तथा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
वन विभाग जशपुर ने सभी नागरिकों से वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।

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बादलखोल अभ्यारण्य धधक रहा, जंगल में रोज लग रही आग… विभाग मौन! सड़कों तक पहुंची लपटें, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल” 

 

जशपुर 15 मार्च:-  जिले के प्रसिद्ध बादलखोल अभ्यारण्य इन दिनों आग की घटनाओं से जूझ रहा है। प्रतिदिन जंगल के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह और दोपहर में लगने वाली आग को समय रहते बुझाने में विभाग पूरी तरह असफल साबित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार रविवार सुबह कुरहाटीपना ओर बुटूंगा क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जंगल में आग लगा दी गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और जंगल के भीतर से फैलते हुए कलिया रेंगले प्रधानमंत्री सड़क तक पहुंच गई। सड़क किनारे तक आग पहुंचने के बाद भी उसे बुझाने में देरी होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आग सड़क किनारे तक पहुंच चुकी थी तब भी वन विभाग के नाकेदार और दरोगा मौके पर आग बुझाने के लिए सक्रिय नजर नहीं आए। लोगों के मुताबिक, यदि समय रहते प्रयास किए जाते तो आग को जंगल के अंदर ही नियंत्रित किया जा सकता था।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दिन के समय जब जंगल में निगरानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब अधिकांश कर्मचारी नही दिखाई देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जंगल की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी निभाई कब जाती है।

मामले में एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब घटना के संबंध में  संवाददाता को कुरहाटीपना और बुटूंगा के बीच में लगी आग की तस्वीरें मिलीं, तो उन्होंने बादलखोल अभ्यारण्य के अधिकारियों को फोटो भेजकर जानकारी दी। परन्तु इस पर भी उच्च अधिकारी ने यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि आग कहां लगी है और फोटो किस स्थान की है, जिससे विभागीय जिम्मेदारी पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

उधर सर्किल और संबंधित बीट के नाकेदार व दरोगा द्वारा आग बुझाने में हुई देरी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। जंगल में आग लगने से हजारों छोटे-छोटे पौधे, वन्यजीव और पक्षियों के आवास नष्ट होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  वर्तमान गेम रेंजर को लेकर रेंज के कर्मचारियों में तालमेल की कमी चल रही है। हालांकि इसका कारणों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है, लेकिन विभाग के भीतर तालमेल की कमी की चर्चा जरूर सामने आ रही है।

वन एवं पर्यावरण से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि जंगल में आग की घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में बादलखोल अभ्यारण्य के बड़े हिस्से को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अब बड़ा सवाल यही है कि जंगल में बार-बार लग रही आग को रोकने के लिए वन विभाग कब सक्रिय होगा और आने वाले समय मे जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी या नहीं।

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नदी की तेज धारा को चुनौती देकर प्रसूता की जान बचाने वाली साहसी महिला बिफनी बाई का भव्य सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर छूट गया था सम्मान, ‘सजल’ टीम ने जिला मुख्यालय जशपुर में किया गर्मजोशी से अभिनंदन

जशपुर, 15 मार्च। साहस, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल बनीं बिफनी बाई को आखिरकार वह सम्मान मिल ही गया जिसकी वे हकदार थीं। 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किन्हीं कारणों से उपस्थित नहीं हो पाने के कारण उन्हें उस दिन सम्मानित नहीं किया जा सका था, लेकिन सामाजिक संस्था “सजल” की टीम ने यह संकल्प लिया था कि उनके संघर्ष और साहस को सम्मान जरूर मिलेगा।

इसी कड़ी में आज सुबह जब बिफनी बाई जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचीं तो सजल की टीम ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें मोमेंटो, साड़ी, बुके, श्रीफल और सम्मान राशि के लिफाफे के साथ सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बिफनी बाई भावुक हो उठीं और उन्होंने सजल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस दौरान सजल के सदस्यों ने उनसे उस साहसिक घटना के बारे में फिर से पूछा, तो उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को अपनी पीठ पर बांधकर नदी पार कराई थी। यदि उस समय उन्होंने त्वरित निर्णय लेकर ऐसा साहसिक कदम नहीं उठाया होता, तो प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की जान पर बन सकती थी।

दरअसल, “सजल” नामक यह समूह 15 सदस्यों का एक सामाजिक ग्रुप है, जिसके सदस्य हर महीने कुछ राशि जमा करते हैं। इस राशि का उपयोग जरूरतमंद और संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए किया जाता है। समाज सेवा की इसी भावना के साथ यह समूह हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करता है।

इस कार्यक्रम में अनीता स्मृति पुरस्कार, संघर्षशील महिला पुरस्कार, लेखन पुरस्कार और खेल से जुड़े पुरस्कार महिलाओं को प्रदान किए जाते हैं। सजल सदस्य ममता सिन्हा ने बताया कि आने वाले वर्ष में भी इससे भी बड़ा और वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि समाज में प्रेरणादायी कार्य करने वाली महिलाओं को मंच मिल सके और उनके कार्यों को पहचान मिल पाए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले वर्ष सजल समूह अपने क्षेत्र में बच्चों के लिए विशेष और सराहनीय कार्य करने वाले दो शिक्षकों को भी “सजल सम्मान” से नवाजेगा।

इस अवसर पर सजल के सदस्य ज्योति श्रीवास्तव, सीमा गुप्ता, रेखा सिंह, ममता सिन्हा, हेमा शर्मा, अभिलाषा गुप्ता, ज्योति साहनी, सरिता साहू, रीना सोनी, शशि साहू, मंजुला झा, किरण महतो, डॉली कुशवाहा, नीतू श्रीवास्तव और सुलोचना महापात्रे उपस्थित रहीं।

साहस और सेवा की मिसाल बनी बिफनी बाई का सम्मान न केवल एक महिला के संघर्ष को सलाम है, बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

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15 मार्च 2026 का भविष्यफल : सूर्य के प्रभाव से बढ़ेगा आत्मविश्वास, नौकरी-व्यापार में मिल सकते हैं नए अवसर, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

 आज का राशिफल : 15 मार्च 2026 (रविवार)

आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नई संभावनाओं और अवसरों के संकेत दे रही है। सूर्य का प्रभाव मजबूत रहने से आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा से जुड़े लोगों को मेहनत का फल मिलने की संभावना है। वहीं कुछ राशियों को खर्च और निर्णय में संयम बरतने की सलाह दी जा रही है। पारिवारिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने पर संबंध मजबूत होंगे। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

मेष (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह और सकारात्मकता से भरा रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापारियों को किसी नए सौदे से लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान से बचने के लिए आराम भी जरूरी है।

वृषभ (Taurus)
आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और कार्यशैली की सराहना हो सकती है। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

मिथुन (Gemini)
मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन व्यस्तता भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। व्यापार में विस्तार की योजना बना सकते हैं। छात्रों को पढ़ाई में अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मित्रों के साथ किसी यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें, विशेषकर खान-पान पर ध्यान दें।

कर्क (Cancer)
कर्क राशि वालों को आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। परिवार से जुड़े कुछ मामलों में धैर्य और समझदारी से निर्णय लेना होगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत के अनुसार परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें और अनावश्यक खर्च से बचें। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार से सहयोग मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से दूर रहना जरूरी है।

सिंह (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन सफलता और सम्मान दिलाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यकुशलता की सराहना होगी। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। व्यापारियों के लिए दिन लाभदायक रहेगा और नए संपर्क बन सकते हैं। सामाजिक क्षेत्र में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

कन्या (Virgo)
कन्या राशि वालों को आज निर्णय लेते समय सावधानी बरतनी होगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन धीरे-धीरे परिणाम अनुकूल होंगे। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मेहनत बढ़ाने की जरूरत है। स्वास्थ्य के मामले में दिन सामान्य रहेगा, लेकिन नियमित दिनचर्या बनाए रखना जरूरी है।

तुला (Libra)
तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहेगा। व्यापार और नौकरी दोनों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। मित्रों और रिश्तेदारों के साथ मेल-मिलाप हो सकता है। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई योजनाओं और अवसरों का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सराहना मिल सकती है। व्यापारियों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। किसी यात्रा या नए प्रोजेक्ट से फायदा होने की संभावना है। परिवार का सहयोग मिलेगा और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।

धनु (Sagittarius)
धनु राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और साहस बढ़ाने वाला रहेगा। कठिन कार्यों को भी आत्मविश्वास के साथ पूरा कर पाएंगे। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई में सफलता के योग बन रहे हैं। धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

मकर (Capricorn)
मकर राशि के लोगों को आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत और लगन से किए गए कार्यों का अच्छा परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और तनाव से दूर रहें।

कुंभ (Aquarius)
कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी साबित हो सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं और नई आय के स्रोत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके विचारों को महत्व मिलेगा। मित्रों और सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक कार्यों में सक्रियता बढ़ सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी।

मीन (Pisces)
मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास और नई उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

 रविवार के दिन प्रातः सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें, साथ ही गुड़ या गेहूं का दान करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

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दोकड़ा मंडल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान का शुभारंभ, कार्यकर्ताओं को संगठन सशक्त बनाने का संदेश....


दोकड़ा 14 मार्च ।जिले के दोकड़ा मंडल के बगिया ग्राम में आयोजित द्वि-दिवसीय मंडल स्तरीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के प्रथम दिवस का प्रशिक्षण कार्यशाला उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा राष्ट्र सेवा के संकल्प को लेकर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों का तिलक-चंदन लगाकर स्वागत के साथ हुई। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण किया गया तथा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर वंदे मातरम् के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं अतिथि के रूप में पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा श्री सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री श्री मनीष अग्रवाल, प्रशिक्षण प्रभारी श्री पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री दिनेश प्रसाद चौधरी, श्री उमाशंकर भगत, श्री विजय शर्मा एवं दोकड़ा मंडल अध्यक्ष श्री रवि यादव उपस्थित रहे।सभी वक्ताओं ने प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए कहा कि संगठन की शक्ति कार्यकर्ताओं से ही बढ़ती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, जनसेवा को सर्वोपरि मानने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही भाजपा कार्यकर्ताओं का मूल उद्देश्य है। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, विचारधारा और जनसंपर्क के विभिन्न आयामों की जानकारी दी जा रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरामती पैंकरा, जनपद अध्यक्ष कांसाबेल श्रीमती सरिता भगत, जिला मंत्री भाजपा श्री आलोक सारथी, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री मोतीराम भगत, श्री चिन्तामणि सिंह, श्री गुलाब सिंह, श्री बम्फोर सिंह, श्री उपेन्द्र नाथ सिंह, श्री गौतम यादव, श्री दसमत साय, श्री गजेंद्र बागे, श्री देवदत सिंह, श्री रामकुमार रवानी, श्रीमती जयंती सिंह, श्रीमती इगनसिया एक्का सहित सभी मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारीगण एवं सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ कार्यकर्ता बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं में भाजपा की विचारधारा “राष्ट्र हित सर्वोपरी”, देश सेवा की भावना, संगठन के प्रति समर्पण तथा शासन को जनसेवा का माध्यम मानने का भाव और अधिक सशक्त करने का संकल्प लिया गया।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास आज से शुरू, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर प्रदेश के बॉक्सिंग पदाधिकारी और खिलाड़ियों द्वारा भव्य स्वागत, रायपुर-बिलासपुर में संवाद और खेल गतिविधियों को देंगे नई दिशा

रायपुर 14 मार्च 2026 :
भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र 14–15–16 मार्च को तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। वे आज शाम दिल्ली से प्रस्थान कर रात्रि लगभग 8 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुँचेंगे, जहाँ प्रदेश के बॉक्सिंग पदाधिकारी, खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उनका भव्य स्वागत करेंगे।

इस प्रवास के दौरान डॉ. राकेश मिश्र रायपुर एवं बिलासपुर में बॉक्सिंग फेडरेशन के पदाधिकारियों, खेल संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों से मुलाकात कर संवाद करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ में बॉक्सिंग फेडरेशन को और अधिक सशक्त बनाने, युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के विषय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और मार्गदर्शन देने की है। इसी उद्देश्य से वे अपने प्रवास के दौरान खिलाड़ियों से सीधे संवाद कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस अवसर पर डॉ. मिश्र आगामी “सागी रामकृष्णम राजू ट्रॉफी – अंडर-23 पुरुष एवं महिला ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026” को लेकर भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 से 22 मार्च 2026 तक आंध्र प्रदेश के भीमावरम स्थित एसआरकेआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित होने जा रही है, जिसमें देशभर से युवा मुक्केबाज़ भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और भारतीय बॉक्सिंग को नई ऊर्जा मिलेगी। डॉ. मिश्र ने खिलाड़ियों से अनुशासन, समर्पण और कठोर अभ्यास के साथ प्रतियोगिता की तैयारी करने का आह्वान किया।

डॉ. मिश्र ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान खिलाड़ियों और पदाधिकारियों के साथ होने वाले संवाद से प्रदेश में बॉक्सिंग खेल को नई दिशा और गति मिलेगी तथा देशभर में बॉक्सिंग के विकास के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।

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कोरोना में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को मजबूत करेगी एमबीबीएस योजना,उपभोक्ताओं को मिलेगा 758 करोड़ रुपए का सीधा लाभ

रायपुर, 14 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत और संजीवनी बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी तथा अन्य कारणों से बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी।

यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लगभग 758 करोड़ रुपए तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के दौरान प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी के कारण कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों को और अधिक कठिनाई में डाल दिया। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

इस योजना से उपभोक्ताओं को न केवल बकाया बिजली बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने पुराने बकाये का निराकरण करने का अवसर भी मिलेगा। योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप, सभी बिजली वितरण केंद्रों तथा संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं।

राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें तथा भुगतान के दौरान किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया जाए।

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लालमती ने मजबूत इरादों के साथ बनाई अपनी खुद की पहचान ,शटरिंग प्लेट के कार्य का कर रही बेहतर संचालन 

जशपुर 14 मार्च 2026/ जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती आज ग्रामीण क्षेत्र की उन प्रेरणादायी महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपने मजबूत इरादों और शासन की योजनाओं के लाभ से अपने जीवन की दिशा बदली है। पहले मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली लालमती आज सफल उद्यमी के रूप में गांव में एक नई पहचान बना चुकी हैं।

श्रीमती लालमती वर्ष 2020 में प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। वह बताती हैं कि उन्हें जब बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली कि इसके माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिलता है, तब उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे।

लालमती ने सबसे पहले उद्योग विभाग से लोन लेकर छत ढलाई में उपयोग होने वाले शटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया। फिर जनवरी 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें साधन संस्था द्वारा तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया गया। आज उनके पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं और इस व्यवसाय से  उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। 

उन्होंने आगे बताया कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत वर्तमान में बन रहे आवास से मुझे अधिक से अधिक जगह पर प्लेट्स की माँग है। जिससे मेरी आय में और वृद्धि हुई है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का आभार जताया।

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नेशनल लोक अदालत पूरे छत्तीसगढ़ के समस्त न्यायालय में आयोजित किया गया 

जशपुर 14 मार्च 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार / राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन से पूरे छत्तीसगढ़ के समस्त जिला एवं तालुका के न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के स्तर तक सभी न्यायालयों में दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत वर्ष 2026 का पहला नेशनल लोक अदालत था, इस हेतु माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर के अनुमोदन पर जशपुर जिले में कुल 13 खण्डपीठ का गठन किये गये थे। जिसमें खण्डपीठ क्रमांक-01 श्री सतेन्द्र कुमार साहू, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक-02 श्री राकेश बिहारी घोरे माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय जशपुर, खण्डपीठ कमांक-03 श्री संतोष कुमार तिवारी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पत्थगलगांव, खण्डपीठ कमांक-04 श्री भानुप्रताप सिंह त्यागी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ कमांक-05 श्री एस.ए. पटवर्धन, माननीय जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक 06 श्री बलराम कुमार देवांगन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ क्रमांक-07 श्री जर्नादन खरे अपर जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक-08 श्रीमती जनार्दन खरे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर खण्डपीठ क्रमांक 09 श्रीमती सुमन सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक 10 श्री नरेन्द्र कुमार तेन्दुलकर वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट

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प्रदेश में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को मिली नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री साय,जशपुर के बालाछापर स्थित गौधाम भी शामिल

जशपुरनगर 14 मार्च 2026/ राज्य में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर से गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिनमें जशपुर जिले के बालाछापर स्थित गौधाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य में शासकीय भूमि पर स्थित सभी गौधाम सुरभि गौधाम के नाम से जाने जाएंगे। इस अवसर पर जशपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का ऑनलाइन माध्यम से अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष श्री मदन सोनी, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित पशुसखी, पशुपालक किसान, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सरकार इसे संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में गौधाम योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे बेसहारा गौवंश की देखभाल के साथ-साथ गौसेवा की परंपरा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

     जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।

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गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ

रायपुर 14 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के  कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ: प्रदेश में गोधन संरक्षण को मिला नया आधार

*गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”*

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर 14 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।

तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।

छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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