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“हरी-भरी नाशपाती ने बदली किसानों की तकदीर” : जशपुर के सन्ना क्षेत्र में फलोत्पादन से बढ़ रही समृद्धि, किसानों की आय में हुआ बड़ा इजाफा

जशपुर 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
 
इसी कड़ी में तहसील सन्ना क्षेत्र के आस पास के किसान नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं।

करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के श्री अनिल एक्का ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की योजना और नाबार्ड योजना का लाभ लेकर स्वयं की निजी भूमि लगभग 4 से 5 एकड़ में नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं नाबार्ड ने उन्हें खेत में कुआं मोटर पंप की सुविधा उपलब्ध कराया एवं समय-समय पर कृषि वैज्ञानिक परीक्षण कर और बेहतर उत्पादन के अनेकों उपाय एवं सलाह भी लेते हैं।

जिससे उनके नाशपाती की फसल उत्पादन वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है नाशपाती की फसल की मांग छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों एवं पड़ोसी राज्यों में भी है। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई इसके लिए  मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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नक्सल मुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत : 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला

रायपुर 26 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

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“12 साल सेवा, सुशासन और विकास के नाम” — प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान, कहा- भारत बना वैश्विक ताकत, छत्तीसगढ़ को मिली विकास की नई रफ्तार

रायपुर 26 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

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अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक

नई दिल्ली 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार में कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त एक्शन: सड़क, बांध, बैराज, छात्रावास और आश्रम निर्माण कार्यों की हुई मैराथन समीक्षा, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और तय समय-सीमा में हर परियोजना पूरी करने के दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर, 26 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जशपुर, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल संसाधन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागों द्वारा संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए पूर्ण, अपूर्ण, प्रारंभ एवं अप्रारंभ कार्यों की समीक्षा की तथा सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
    प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जशपुर एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विभाग अंतर्गत संचालित सड़क निर्माण एवं अन्य कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बरसात से पूर्व कार्यों में और भी तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सड़क निर्माण एवं मरम्मत संबंधी आवेदनों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने बांध, बैराज, नहर प्रणाली, एनीकट एवं स्टॉप डैम सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं समय-सीमा की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
     आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने छात्रावास निर्माण, आश्रमों के अनुरक्षण सहित विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी निर्माण ऐप में नियमित रूप से अपलोड करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

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सुशासन तिहार 2026 का बड़ा जनसमस्या समाधान अभियान: सरबकोम्बो और अमडीहा में 27 मई को लगेंगे विशेष शिविर, 28 गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा मौके पर राहत और त्वरित निराकरण का लाभ

जशपुरनगर 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 मई 2026 को बगीचा जनपद के ग्राम सरबकोम्बो और फरसाबहार जनपद के अमडीहा में शिविर लगाए जाएंगे। दोनों शिविरों में कुल 28 गांवों के ग्रामीण शामिल होंगे। सरबकोम्बो शिविर में 12 गांवों सरबकोम्बो, बुटंगा, गायलुंगा, कलिया, बच्छरांव, रमसमा, साहीडांड, करमा, कुदमुरा, रनपुर, तम्बाकछार एवं पंडरीपानी के ग्रामीण अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसी प्रकार अमडीहा के शिविर में 16 गांवों अमडीहा, बाम्हनमारा, जबला, जामबहार, घुमरा, बांसाझाल, पुराईनबंध, समडमा, केरसई, कोहपानी, लठबोरा, साजबहार, सिंगीबहार, सुण्डरु, तपकरा एवं उपरकछार के ग्रामीण अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
      सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके।  
       कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

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“सुशासन तिहार” में दिखी सुशासन की नई तस्वीर: गांव-गांव पहुंचकर प्रशासन ने सुनी जनता की समस्याएं, नारायणपुर शिविर में आवास, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, श्रम कार्ड, डबरी, फलदार पौधों और आजीविका योजनाओं की सौगात से ग्रामीणों के चेहरे खिले

रायगढ़, 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नारायणपुर स्थित हाई स्कूल प्रांगण में सोमवार को शाम 4 बजे से 7 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के कुल 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर में शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया।
     शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत किए। विभागीय अधिकारियों द्वारा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिलना उनके लिए बेहद सुविधाजनक रहा। 
    शिविर में पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक शिविर नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है। उपाध्यक्ष श्री सिदार ने कहा कि पहले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनें तथा समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा बच्चों की शिक्षा, महिला स्वावलंबन और आजीविका से जुड़ी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की। 
              इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती सौभागी गुप्ता, श्रीमती शशिकला यादव, सरपंच नारायणपुर श्रीमती निराली खेस सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें एनआरएलएम अंतर्गत 2 “लखपति दीदी” का सम्मान किया गया तथा 1 बैंक लिंकेज चेक वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को नए आवास की प्रतिकात्मक चॉबी सौंपी गई। इसके अलावा 5 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 5 हितग्राहियों को आजीविका डबरी, उद्यानिकी विभाग द्वारा 11 फलदार पौधों का वितरण, श्रम विभाग द्वारा 2 श्रम कार्ड, 3 वृद्धजनों को छड़ी, आदिम जाति सेवा समिति मर्यादित लिबरा के माध्यम से 2 हितग्राहियों को केसीसी लोन तथा मत्स्य विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किया गया।

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जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर जशपुर में उठी बड़ी आवाज, विहार मार्गों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल, पुलिस समन्वय और विशेष संरक्षण व्यवस्था की मांग तेज

जशपुरनगर। श्री खण्डेलवाल दिगम्बर जैन समाज, जशपुरनगर ने मध्यप्रदेश के रीवा जिले में जैन साध्वी संघ के साथ हुई दुखद दुर्घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई हैं। समाज ने इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

समाज की ओर से जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई 2026 को रीवा कलेक्ट्रेट भवन के सामने राष्ट्र संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिष्याओं आर्यिका श्री 105 श्रद्धामति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी के साथ हुई दुर्घटना ने पूरे जैन समाज को आहत किया है। समाज ने कहा कि यह केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं मानी जा सकती, बल्कि उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।

ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निःशस्त्र एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार की सुरक्षा या आधुनिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनके साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।जैन समाज ने प्रमुख रूप से घटना की SIT अथवा न्यायिक जांच, संबंधित CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई तथा यदि किसी षड्यंत्र के तथ्य सामने आएं तो कठोर धाराएं लगाने की मांग की है।

इसके साथ ही “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग करते हुए समाज ने विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।समाज ने केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाए जाने की भी मांग की है, जिसमें पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षा SOP तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष प्रावधान शामिल हों।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संत आत्मरक्षा के साधनों का उपयोग नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं, इसलिए उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर “Sant Security Coordination Cell” तथा आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है।

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सड़क हादसों पर सख्त हुए मुख्य सचिव विकासशील : बोले— एक भी जान नहीं जानी चाहिए, ब्लैक स्पॉट से लेकर कैशलेस इलाज तक हर मोर्चे पर तेज़ कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 25 मई 2026/  मुख्य सचिव श्री विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।  

*ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष जोर*

               मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए ताकि हादसों की आशंका खत्म हो सके।
 
 *सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की योजनाओं की समीक्षा*

              बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राईव योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।  मुख्य सचिव ने सर्वाेच्च न्यायालय की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

*ईव्ही चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के निर्देश*

             मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्धारित स्थलों पर तत्काल ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी भी दी जाती है। 

*घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज*

             मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मिलना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने इस योजना के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने को कहा।  

              बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खेती-किसानी के लिए मिलेगा पर्याप्त डीजल

रायपुर 25 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को  डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा विजन : महानगरों की तर्ज पर नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में विकसित होगी आधुनिक अधोसंरचना, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से तय होंगे विकास कार्य,

रायपुर, 25 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगमों के लिए प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना को मजबूत करने, जन सुविधाओं का विस्तार करने तथा विकास कार्यों को गति देने का माध्यम बनेगी। योजना के जरिए छोटे और मध्यम शहरों में भी सुव्यवस्थित शहरी विकास की नई आधारशिला रखी जाएगी।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज योजना के प्रथम चरण के लिए प्रदेशभर के 32 नगरीय निकायों का चयन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कार्यों के चयन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता निर्धारण के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय (संभागीय) कार्यालयों के संयुक्त संचालकों की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियों का गठन भी किया गया है। समितियों को आगामी 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन, स्थल निरीक्षण कर प्राथमिकता के क्रम में सूची तैयार करते हुए अनुमानित राशि की जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय के लिए पांचों राजस्व संभागों में कार्यों के चयन एवं मॉनिटरिंग हेतु संचालनालय के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

*पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को मिला अवसर*

आदर्श शहर समृद्धि योजना के पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के छह-छह, बिलासपुर संभाग के नौ तथा दुर्ग संभाग के पांच निकाय शामिल हैं।

बस्तर संभाग के अंतर्गत सुकमा नगर पालिका के साथ भोपालपटनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर नगर पंचायत को शामिल किया गया है। दुर्ग संभाग में पंडरिया और खैरागढ़ नगर पालिका के साथ गुरूर, घुमका और छुईखदान नगर पंचायतों का चयन किया गया है।

रायपुर संभाग के अंतर्गत कुरूद, महासमुंद, आरंग और बलौदाबाजार नगर पालिका तथा पिथौरा एवं चंदखुरी नगर पंचायत को योजना में शामिल किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग में सूरजपुर, पत्थलगांव और मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के साथ लखनपुर, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायतों को शामिल किया गया है।

बिलासपुर संभाग के अंतर्गत तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, जांजगीर-नैला और सक्ती नगर पालिका के साथ बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया नगर पंचायत को योजना के प्रथम चरण में शामिल किया गया है।

*सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज से स्मार्ट सुविधाओं तक होगा समग्र विकास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप आदर्श शहर समृद्धि योजना केवल आधारभूत निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में समग्र विकास मॉडल के रूप में कार्य करेगी। योजना के अंतर्गत सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सुझाव, शिकायत निवारण तथा रिपोर्टिंग प्रणाली जैसे कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे।

*स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से होंगे कार्यों का चयन*

योजना के तहत शहरों की स्थानीय आवश्यकताओं और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। नगर पालिका अथवा नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को समिति का सदस्य-सह-सचिव बनाया गया है।

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा सरगुजा संभाग के लिए गठित पांच सदस्यीय समितियों में दो-दो कार्यपालन अभियंता और एक सहायक अभियंता सदस्य होंगे, जबकि बस्तर संभाग की चार सदस्यीय समिति में एक कार्यपालन अभियंता तथा एक सहायक अभियंता सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। निकाय अध्यक्षों, पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से शहरों की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता तय कर कार्यों का चयन किया जाएगा।

*"हमारी सुशासन सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आदर्श शहर समृद्धि योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना, जन सुविधाओं और रोजगार के नए अवसरों को सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार छोटे शहरों को भी बड़े शहरों की तरह सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा यह योजना प्रदेश के शहरी विकास को नई गति और नई दिशा देने का काम करेगी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*"आदर्श शहर समृद्धि योजना राज्य के छोटे और मध्यम शहरों के व्यवस्थित विकास की महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज, स्मार्ट सुविधाओं, हरित क्षेत्र और नागरिक सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यों के चयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन कर प्रक्रिया को पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया गया है तथा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के हर नगर में नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है - उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव*

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दिल्ली दरबार में छत्तीसगढ़ की गूंज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की अहम मुलाकात में विकास, सुशासन और राज्यों के तालमेल पर मंथन

नई दिल्ली, 25 मई 2026।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा  गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

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राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा एक्शन — “हर आवेदन का तय समय में शत-प्रतिशत निराकरण करें”, स्वामित्व योजना और किसान पंजीयन में लापरवाही पर सख्त चेतावनी

जशपुरनगर, 25 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित एसडीएम एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
   कलेक्टर श्री व्यास ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीणों को उनके मकान एवं भूमि का वैधानिक अधिकार प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्य को गंभीरता, सतर्कता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने एग्रीस्टेक योजना के तहत सभी भूमिधारक किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के पंजीयन से उन्हें कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। 
      बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गैर-विवादित राजस्व प्रकरणों, जैसे फौती नामांतरण एवं आपसी सहमति से बंटवारा आदि का निराकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण सचिवालय के आयोजन के दौरान संबंधित सचिव एवं पटवारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कर प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण करें। बैठक में कलेक्टर ने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। उन्होंने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी मौजूद रहे।

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सड़क हादसों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन — बिना हेलमेट, ओवरस्पीड और बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट सुधार और स्कूल बस सुरक्षा पर प्रशासन हुआ अलर्ट

जशपुरनगर 25 मई 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने बैठक में कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी स्तरों पर कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह पहल जिले में दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि एम्बुलेंस समय पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र उपचार मिल सके। साथ एनएच के अंतर्गत रहने वाले एम्बुलेंस को भी सक्रिय रखने कहा, जिससे हाईवे क्षेत्र में दुर्घटना होने पर टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल करने से तुरंत एंबुलेंस सुविधा पहुंचाई जा सके। कलेक्टर ने स्कूल खुलने से पहले सभी स्कूल बसों की फिटनेस टेस्ट, ड्राइवरों का सत्यापन आदि कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में नाबालिक छात्र दोपहिया वाहनों का उपयोग न करे, इसके लिए स्कूल प्रबंधन को सजग कर निगरानी करने के निर्देश दिए। 
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


*यातायात नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई* -

कलेक्टर श्री व्यास ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस वाहन न चलाए। साथ ही परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल एवं कॉलेजों में लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं विधिवत लाइसेंस प्राप्त कर सकें। साथ सुशासन तिहार के शिविरों में भी लर्निंग लाइसेंस बनाई जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उनके कार्यालयों में आने वाले कर्मचारी हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।


*ब्लैक स्पॉट सुधार पर फोकस* -

बैठक में जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट जैसे लोरो बगीचा, बधिमा, केसरा, भीमसीला, हर्राडीपा एवं चराईडांड की समीक्षा करते हुए वहां सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़कों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए जाने और मरम्मत नहीं किए जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि पर एनएच के अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई। साथ ही एनएच के सड़कों पर दुर्घटना रोकने सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने विशेष रूप से श्री नदी पर स्थित संकरे पुल के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप लगाने, स्पीड नियंत्रण उपाय लागू करने एवं सोलर लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। कलेक्टर ने सड़कों पर मार्किंग, साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप आदि आवश्यक यातायात संकेतकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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रनपुर, तिलंगा, बदरचूवां और जामटोली में लगे शिविरों में पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला योजनाओं का लाभ, स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर आयुष्मान कार्ड तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध

जशपुर 25 मई 2026/ भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जशपुर में जनजातीय 
गरिमा उत्सव 2026 जन भागीदारी अभियान के तहत "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान   ग्राम पंचायत रनपुर ग्राम तिलंगा, ग्राम बदरचूआं ,जामटोली  अन्य गांवों में शिविर लगाया गया।

शिविर में अधिकारियों द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और ग्रामवासियों को केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।
और उनकी समस्याओं का भी समाधान किया गया।

ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।

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“जशपुर को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन का निर्णायक अभियान”: कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश, स्कूलों के आसपास गुटखा-तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, मेडिकल स्टोर्स और हाईवे ढाबों की होगी व्यापक जांच

जशपुरनगर 25 मई 2026/ जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक और सख्त कार्ययोजना लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि एनडीपीएस और कोटपा एक्ट के तहत मादक पदार्थों के अनुचित उपयोग करने वालों पर लगातार कार्रवाई करे। कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गएओKB हैं, ताकि जरूरतमंद लोग आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

*नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई* -

कलेक्टर एवं एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने, नियमित चेकिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास के दायरे में गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

*मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की सख्त जांच*-

बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया कि मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम* -

कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नशे की लत से ग्रसित पाया जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में रहकर उपचार लेना होगा। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह पहल जिले को नशामुक्त बनाने और सुरक्षित, स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

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ऐतिहासिक लाल किले से गूंजा जनजातीय स्वाभिमान का महासंकल्प : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— प्रकृति के साथ जीने की कला और संतुलित विकास का सबसे बड़ा संदेश देता है जनजातीय समाज

नई दिल्ली 24 मई 2026/ देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का विराट संगम देखने को मिला, जब भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पारंपरिक समुदायों के लोग एक मंच पर एकत्र हुए। जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्री केदार कश्यप एवं श्री रामविचार नेताम भी उपस्थित थे। 

कार्यक्रम स्थल पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट की। लाल किले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और जनजातीय संस्कृति के विविध रंगों से सजा यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की मूल सांस्कृतिक चेतना और जनजातीय पहचान के संरक्षण का राष्ट्रीय संदेश बनकर उभरा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में देशभर से आए जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों और लोगों से आत्मीय मुलाकात की तथा अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का रक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का कार्य किया है। आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट और असंतुलित विकास की चुनौतियों से जूझ रही है, तब जनजातीय जीवन दर्शन मानवता को टिकाऊ और प्रकृति-सम्मत विकास का रास्ता दिखा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति के साथ सहअस्तित्व और संतुलन का जीवन जीता आया है तथा उनकी संस्कृति और परंपराएं भारत की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ में  लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है, जो केवल प्राकृतिक संपदा का प्रतीक नहीं, बल्कि जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपरा का जीवंत आधार भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है। भगवान बिरसा मुंडा तथा छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों ने अपनी संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष, साहस और बलिदान का अद्वितीय इतिहास रचा है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय प्रतिभा, परंपरा, खेलकौशल और पहचान को राष्ट्रीय मंच देने का सशक्त प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक शक्ति, सामूहिकता और प्रतिभा को नई पहचान मिल रही है तथा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी समाज की संस्कृति उसकी भाषा से जीवित रहती है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी जनजातीय भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में विशेष पहल की जा रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा, सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी रह सके। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की पहचान, इतिहास और सामूहिक स्मृति का आधार भी होती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आगे कहा कि बस्तर से सरगुजा तक देवगुड़ी जैसे पारंपरिक आस्था केंद्रों के संरक्षण और विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना केवल परंपरा को बचाने का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और उनकी पहचान को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। राज्य सरकार इस दिशा में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की। लाल किला मैदान  मांदर, ढोल, पारंपरिक लोकधुनों और सांस्कृतिक उत्साह से गूंजता रहा। विविध जनजातीय परंपराओं, रंगों, वेशभूषाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से सजा यह आयोजन देश की विविधता में एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रभावशाली प्रतीक बनकर सामने आया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भी महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का जीवन दर्शन, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक जीवन की भावना और सांस्कृतिक अनुशासन आधुनिक विकास मॉडल को मानवीय और संतुलित दिशा दे सकते हैं। लाल किला मैदान में आयोजित यह राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम केवल एक आयोजन बनकर सीमित नहीं रहा, बल्कि जनजातीय समाज की एकता, स्वाभिमान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और प्रकृति-सम्मत विकास के राष्ट्रीय संकल्प का सशक्त घोष बनकर उभरा।

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एवरेस्ट फतह कर लौटी छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास की बिगड़ी तबीयत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तुरंत दिए हरसंभव मदद के निर्देश

रायपुर 25 मई 2026/ जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता श्रीवास की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता श्रीवास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।

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