पुलिस की क्राइम मीटिंग में एसएसपी का सख्त संदेश, लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण कर पीड़ितों को दिलाएं त्वरित न्याय
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पुलिस की क्राइम मीटिंग में एसएसपी का सख्त संदेश, लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण कर पीड़ितों को दिलाएं त्वरित न्याय

रायगढ़, 11 जुलाई। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मासिक क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जिले के सभी अनुविभागों के थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, नकबजनी, महिला अपराध, पॉक्सो, गुम इंसान, मर्ग और अन्य गंभीर प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर शीघ्र चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

बैठक की शुरुआत रायगढ़ अनुविभाग के थानों की समीक्षा से हुई, जिसके बाद खरसिया और धरमजयगढ़ अनुविभाग के प्रत्येक थाना क्षेत्र में दर्ज लंबित अपराध, शिकायतों, गुमशुदगी और मर्ग प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा की गई। एसएसपी ने विवेचकों से लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी ली और अनुसंधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

क्राइम मीटिंग में इस बार तीन प्रमुख विषयों पर विशेष फोकस रखा गया। पहला, लंबित अपराधों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण; दूसरा, जिले की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाना; तथा तीसरा, मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना।

बैठक के दौरान वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह माह का तुलनात्मक रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया गया। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए अपराधों के निराकरण की गति बढ़ाने, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तेज करने तथा जुआ, सट्टा, अवैध शराब, बदमाशों की निगरानी और विभिन्न माइनर एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली का अंतिम उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना है और यह तभी संभव है जब विवेचना समय-सीमा में पूरी कर मजबूत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं।

मानसून को देखते हुए एसएसपी ने यातायात व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने सड़क क्षति, जलभराव और वाहनों के खराब होने से उत्पन्न जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात शाखा को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और संबंधित विभागों के समन्वय से रोड इंजीनियरिंग में आवश्यक सुधार कर यातायात को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने पर बल दिया।

क्राइम मीटिंग में जिले के प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को भी शामिल किया गया। एसएसपी ने उनके प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा सीसीटीएनएस सहित पुलिस की सभी तकनीकी प्रणालियों में दक्षता हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद आयोजित विशेष कार्यशाला में डीएसपी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसंधान में छोटी-सी चूक भी आरोपी को न्यायालय में लाभ पहुंचा सकती है, इसलिए प्रत्येक विवेचक को वैज्ञानिक और विधिक दृष्टिकोण अपनाते हुए जांच करनी चाहिए।

बैठक में महानदी से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को कोटवारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखने, अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पहले से कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।

क्राइम मीटिंग में नगर पुलिस अधीक्षक , डीएसपी , एसडीओपी , एसडीओपी , ट्रैफिक डीएसपी , रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

बैठक के अंत में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जनता को समय पर न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रत्येक विवेचना गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और कानून सम्मत हो, यही रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।

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