ऑपरेशन शंखनाद का असर: गौ तस्करी मामले में फरार वाहन मालिक गिरफ्तार, जशपुर पुलिस ने भेजा जेल
जशपुर। गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना लोदाम क्षेत्र में गौ तस्करी के मामले में घटना के बाद से फरार चल रहे बोलेरो पिकअप वाहन के मालिक मो. इम्तियाज (40 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भलमंडा स्थित नेशनल हाईवे से बोलेरो पिकअप (क्रमांक JH-01-FP-3193) में गौवंशों को अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना पर लोदाम पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन पुलिस को देखकर तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए। मौके से 9 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया था।
मामले की विवेचना के दौरान जब्त वाहन के आधार पर उसके मालिक मो. इम्तियाज की पहचान हुई, जो लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच 10 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जशपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जनवरी 2026 से अब तक 852 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। इस अवधि में 71 प्रकरण दर्ज कर 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त 26 वाहनों को जब्त किया गया है।
जुलाई माह में भी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। 1 से 10 जुलाई के बीच चार अलग-अलग मामलों में 57 गौवंशों को मुक्त कराकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बागबहार में गौवंश वध मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी, दोकड़ा क्षेत्र में 10 मवेशियों के साथ तीन तस्करों की गिरफ्तारी, मनोरा के डहुकोना जंगल से 26 गौवंशों की बरामदगी तथा डडगांव में 21 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाने जैसी प्रमुख कार्रवाई शामिल हैं। कुछ मामलों में फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के विरुद्ध पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी, वाहन मालिक या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
