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50 साल बाद खुलेगा सरईपानी नहर का सरकारी रिकॉर्ड! 15 किमी अधिग्रहित जमीन का होगा सीमांकन, पांच गांवों की सिंचाई व्यवस्था को मिलेगी स्थायी सुरक्षा

बगीचा, जशपुर। लगभग 50 वर्ष पहले बनी सरईपानी व्यपवर्तन योजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वर्षों से सिंचाई का आधार बनी 15 किलोमीटर लंबी नहर की अधिग्रहित भूमि का अब राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाएगा। जल संसाधन विभाग ने तहसीलदार बगीचा को पत्र भेजकर नहर की अधिग्रहित जमीन का राजस्व नक्शे में विधिवत चिन्हांकन कराने और सीमा चिन्ह स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।

यह कार्रवाई सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन के बाद तेज हुई है। विभाग ने कार्यपालन अभियंता जल संसाधन और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजते हुए संयुक्त रूप से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सरईपानी व्यपवर्तन योजना का निर्माण वर्ष 1975 में हुआ था। इसका स्टॉप डैम कदमटोली-घुघरी में स्थित है, जहां से निकलने वाली मुख्य नहर और उसकी शाखाएं महुआडीह समेत पांच गांवों के सैकड़ों किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाती हैं। वर्ष 2025 में नहर की सीसी लाइनिंग कर उसका आधुनिकीकरण भी किया गया, जिससे जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई।

राजस्व अभिलेखों में नहर की अधिग्रहित भूमि का स्पष्ट दर्ज होने से शासकीय भूमि सुरक्षित रहेगी, सीमांकन और अतिक्रमण से जुड़े विवादों पर रोक लगेगी तथा भविष्य में सिंचाई परियोजनाओं के संचालन और विस्तार के लिए सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

प्रशासन इसे जल संसाधन और राजस्व विभाग के समन्वित प्रयास के रूप में देख रहा है। वहीं क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि इस पहल से पांच दशक पुराने रिकॉर्ड वर्तमान स्थिति के अनुरूप अपडेट होंगे और सरईपानी व्यपवर्तन योजना का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ आने वाले वर्षों में सिंचाई व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

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मानसून में हरियाली का बड़ा अभियान: उद्योगों की होगी जवाबदेही तय, 12 जुलाई को मंत्री ओ.पी. चौधरी लेंगे समीक्षा बैठक

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ राज्य में मानसून-2026 के दौरान प्रमुख औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित वृक्षारोपण गतिविधियों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में 12 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे बेबीलॉन कैपिटल, जी.ई. रोड, रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर स्तर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में मानसून-2026 के दौरान किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव, निगरानी व्यवस्था तथा उद्योगवार एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 08 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में औद्योगिक इकाइयों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में अब विभागीय मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्ययोजना पर आवश्यक मार्गदर्शन देंगे।

बैठक का उद्देश्य उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में हरित आवरण का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाना तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना है।

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कोलकाता से गूंजी छत्तीसगढ़ पर्यटन की धमक, वैश्विक मंच पर दिखा प्रदेश का दम... निवेश से लेकर पर्यटकों तक खुलेंगे नए रास्ते

रायपुर, 11 जुलाई 2026। देश के पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ)-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने प्रभावी और आकर्षक सहभागिता दर्ज कराते हुए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है। 10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विशेष थीम पर आधारित भव्य पवेलियन स्थापित किया गया है, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन, इको-टूरिज्म तथा आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
टीटीएफ-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के स्टॉल का उद्घाटन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री श्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष, थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया। अतिथियों ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों, जनजातीय संस्कृति तथा पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
भारत के सबसे बड़े बी 2 बी ट्रैवल ट्रेड आयोजनों में शामिल टीटीएफ पर्यटन उद्योग से जुड़े राज्यों, देशों, ट्रैवल एजेंसियों, होटल, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर्स तथा पर्यटन विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है। इस मंच के माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध स्थापित होते हैं, पर्यटन पैकेज विकसित किए जाते हैं तथा घरेलू और विदेशी पर्यटकों तक पर्यटन स्थलों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है। पूर्वी भारत के सबसे बड़े पर्यटन बाजार में आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी एवं पूर्वाेत्तर भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव पर्यटन की ओर आकर्षित होते हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ इस वर्ष बोर्ड में पंजीकृत छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों के लगभग 28 टूर ऑपरेटर्स, होटल संचालक, होम-स्टे संचालक एवं पर्यटन उद्यमी भी सहभागिता कर रहे हैं। पवेलियन में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव, बस्तर की जनजातीय संस्कृति, राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट्स तथा विभिन्न पर्यटन परिपथों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई जा रही है।
आयोजन में प्रत्यक्ष बी2बी बैठकों तथा पर्यटन निवेश एवं सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों और पर्यटन विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश, संयुक्त पर्यटन पैकेजों के विकास, विपणन सहयोग तथा पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की रणनीतियों पर सार्थक चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल का संदेश लेकर इस आयोजन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और जनजातीय पर्यटन का अद्भुत संगम है। टीटीएफ जैसा राष्ट्रीय मंच राज्य को देश और दुनिया के पर्यटन उद्योग से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ तक लाना, स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना तथा राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करना है। उन्होंने सभी टूर ऑपरेटर्स, पर्यटन उद्यमियों और यात्राप्रेमियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने अपने प्रस्तुतीकरण में राज्य की पर्यटन संभावनाओं, पर्यटन बोर्ड की योजनाओं तथा पर्यटन व्यवसाय से जुड़ने के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीयन कर टूर ऑपरेटर्स राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकते हैं। बोर्ड पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिक से अधिक टूर ऑपरेटर्स से अपने पर्यटन पैकेजों में छत्तीसगढ़ को शामिल करने तथा स्वयं राज्य का भ्रमण कर इसकी संभावनाओं से परिचित होने का आग्रह किया।
इस वर्ष टीटीएफ-2026 में पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार, अनेक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संस्थानों तथा पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात, ओडिशा, राजस्थान, गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, असम, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों एवं पर्यटन बोर्डों की सक्रिय सहभागिता रही। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूर्वी भारत सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए पर्यटन साझेदार विकसित करने, निवेश आकर्षित करने तथा राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है।

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मुख्य सचिव की उच्च स्तरीय बैठक में संचालन एवं रखरखाव नीति पर मंथन, ग्राम सभाओं में होगी अनिवार्य समीक्षा, भविष्य में वाटर मीटर लगाने पर भी विचार।

रायपुर, 11 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और सुचारू संचालन को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

*पंचायतों को हस्तांतरित होगी व्यवस्था*

         बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं का सफल संचालन शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण घरों में प्रतिदिन नल से शुद्ध जल मिले, इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए पंचायतों को हर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इन योजनाओं का रखरखाव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से होगा, जिससे जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

*सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं में चर्चा अनिवार्य*

         पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का सही संचालन और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति जांचने के लिए सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर अनिवार्य रूप से चर्चा सुनिश्चित की जाए।

*वाटर मीटर लगाने और वित्तीय प्रबंधन पर विचार*

       बैठक के दौरान योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। योजनाओं के रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन और उचित जल शुल्क निर्धारण पर चर्चा हुई। जल की बर्बादी (क्षति) को कम करने और बेहतर राजस्व प्राप्ति के लिए भविष्य में बजट प्रावधानों के अनुसार वाटर मीटर लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेयजल की गुणवत्ता का मूल्यांकन, विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था, अनुपालन और सामुदायिक भागीदारी लेखा परीक्षा को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।

       बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ नीति के प्रारूप और उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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शाला प्रवेश उत्सव में मंत्री राजेश अग्रवाल ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह, कहा— शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव

रायपुर, 11 जुलाई 2026।  पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के पी. एम. श्री स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर, अध्ययन सामग्री वितरित कर तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नवीन शैक्षणिक सत्र के सफल एवं प्रेरणादायी होने की मंगलकामना की।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आज का विद्यार्थी ही कल के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माता बनेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।

पी. एम. श्री स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी का इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय दौरा, अनुसंधान सुविधाओं और धान जर्मप्लाज्म बैंक का लिया विस्तृत जायजा

रायपुर,  11 जुलाई 2026/कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं का अवलोकन भी किया।
 इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव भी उनके साथ मौजूद थे। श्री परदेशी ने इंदिरा गांधी  कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि एवं किसानों की समृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि श्री परदेशी के कृषि उत्पादन आयुक्त का दायित्व संभालने के पश्चात कृषि विश्वविद्यालय में यह उनका पहला दौरा था।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित विभिन्न अधोसंरचनाओं, सुविधाओं, अनुसंधान योजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में लगाई गई औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया तथा इसमें गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने टिशू कल्चर लैब में केला, गन्ना, बांस आदि फसलों के ऊतक प्रवर्धित पौधों में भी रूचि दर्शायी। उन्होंने कृषि संग्रहालय में प्रदर्शित प्रारूपों का भी अवलोकन किया। श्री परदेशी ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी अवलोकन किया तथा इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वहां कृषि संग्रहालय तथा विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित उत्पादों के विक्रय हेतु स्थापित विक्रय केन्द्र का भी अवलोकन किया। 
कृषि उत्पादन आयुक्त ने डाॅ. आर. एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा बायोटेक पार्क का भी अवलोकन किया और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने वहां भारत के सबसे बड़े तथा विश्व के दूसरे सबसे बड़े धान जनन द्रव्य संग्रह का अवलोकन किया। कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने उन्हें बताया कि इस जर्मप्लाजम सेन्टर में चावल की 23 हजार 250 परंपरागत किस्मों के जनन द्रव्य को संग्रहित तथा संरक्षित किया गया है। इनमें से कई किस्में औषधीय तथा पोषक गुणों से भरपूर हैं। इन किस्मों का उपयोग धान की नई उन्नत किस्मों के विकास के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां अन्य फसलों की 6 हजार से अधिक किस्मों का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब के अवलोकन के दौरान संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप सहित बम्बू टिश्यू कल्चर को लेकर किए जा रहे नए प्रयोगों को देखा। उन्होंने वहां स्थापित फाइटोसेनेटरी लैब का भी अवलोकन किया।
इसके पूर्व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में कुलपति डाॅ गिरीश चंदेल ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त के कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न घटकों, अधोसंरचनाओं, शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने किसानों की बेहतरी हेतु विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। बैठक में कुलसचिव, संचालक अनुसंधान, निदेशक शिक्षण, निदेशक विस्तार सेवांए, अधिष्ठाता छात्र कल्याण सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की बेटी ने अंतरिक्ष विज्ञान में रचा इतिहास, महासमुंद की रागनी साहू 'इंटरनेशनल मून मिशन' के लिए बनीं प्रदेश की इकलौती राष्ट्रीय फाइनलिस्ट

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन 'शक्तिसैट' (ShaktiSat) के लिए 'नेशनल फाइनलिस्ट' के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से चुनी गईं इकलौती छात्रा हैं।

*देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं*

           इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के बाद 'केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट' का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपना स्थान पक्का किया है। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इन्नोवेशन) और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।

*108 देशों के छात्र मिलकर बनाएंगे चंद्र उपग्रह*

           'मिशन शक्तिसैट' एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा। दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा।

*इसरो (ISRO) द्वारा 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग*

         विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो (ISRO) द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर होगा। यहाँ रागनी को इसरो व IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।

*नीति आयोग से सम्बद्ध है मिशन*

         यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन 'स्पेस किड्ज इंडिया' की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।

*कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई*

          इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में संवेदनशील पुलिस का मानवीय चेहरा: डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़ित महिला को मिला नया जीवन

रायपुर, 11 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डॉयल-112 की सतर्क एवं त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर मानव जीवन की रक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया है। डॉयल-112 टीम ने सर्पदंश की शिकार एक महिला को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग एक बजे डॉयल-112 गौरेला फाल्कन-1 को ग्राम जमुनिया टोला, धनौली से एक महिला के सर्पदंश की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉयल-112 में तैनात आरक्षक श्री रामदयाल आयाम एवं चालक श्री गोपाल पुरी तत्काल आपातकालीन वाहन लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हुए। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि ग्राम जमुनिया टोला, धनौली निवासी 55 वर्षीय श्रीमती सोनकुंवर पनिका को रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सर्प ने काट लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉयल-112 टीम ने बिना किसी विलंब के पीड़िता को परिजनों के साथ ईआरवी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से महिला की जान बच गई और वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित आपातकालीन सहायता प्रणाली केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की प्रत्येक घड़ी में नागरिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। डॉयल-112 की प्रशिक्षित टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया, आधुनिक संचार व्यवस्था और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम धनौली में सर्पदंश की शिकार एक युवती को डॉयल-112 की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाया गया था। लगातार दूसरी सफल कार्रवाई ने जिले में डॉयल-112 के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस ने वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे जमीन पर सोने के बजाय चारपाई या बिस्तर का उपयोग करें, रात्रि में मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा घर एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें ताकि सर्पों के प्रवेश की संभावना कम हो। यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक, टोने-टोटके अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाते हुए तत्काल डॉयल-112 अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से डॉयल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी आपातकालीन सहायता शीघ्रता से पहुंच सके। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यह घटना दर्शाती है कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से न केवल आपात स्थितियों का प्रभावी प्रबंधन हो रहा है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

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डिजिटल सुशासन की मिसाल: सेवा सेतु से ग्रामीणों को घर के पास मिल रही पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं, बीजापुर की अंकिता ओयम को बिना भागदौड़ समय पर मिला विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ शासन की महत्वाकांक्षी श्सेवा सेतुश् पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन की मजबूत मिसाल बन रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से लोगों को अब शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन सहित अनेक प्रमाण-पत्र अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रहे हैं।

*डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया होने के कारण अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी*

        बीजापुर जिले के ग्राम भुसापुर, तहसील उसूर की निवासी अंकिता ओयम को भी सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से समय पर विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने तहसील कार्यालय उसूर स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका शीघ्र निराकरण किया गया और उन्हें समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र का वितरण सेवा सेतु केन्द्र की मैनेजर श्रीमती मंजुलता दुर्गम एवं श्री शंकर मोडियम द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होने के कारण अंकिता को किसी प्रकार की अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी।

*सेवा सेतु केन्द्र ग्रामीण लोगों के लिए बेहद उपयोगी सुविधाजनक*

      अंकिता बताती हैं कि पहले विवाह पंजीयन जैसे कार्यों के लिए कई बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। लेकिन सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन करना आसान रहा और निर्धारित समय के भीतर उन्हें प्रमाण-पत्र मिल गया। इससे उनके जरूरी कार्य भी बिना किसी परेशानी के पूरे हो सके। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केन्द्र ग्रामीण लोगों के लिए बेहद उपयोगी सुविधा है। इससे शासकीय सेवाएं घर के नजदीक, पारदर्शी और समय पर मिल रही हैं, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ा है।

*डिजिटल प्रशासन को मजबूत और पारदर्शी बनाने प्रभावी*

        राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति, स्थानीय निवास, विवाह पंजीयन सहित अनेक शासकीय सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिकों को सरल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

*हितग्राही की प्रतिक्रिया*

        अंकिता ओयम, ग्राम भुसापुर, तहसील उसूर निवासी ने बताया कि सेवा सेतु केन्द्र में विवाह पंजीयन की पूरी प्रक्रिया बहुत आसान रही। मुझे समय पर प्रमाण-पत्र मिल गया, जिससे मेरे सभी जरूरी काम बिना किसी परेशानी के पूरे हो गए। इसके लिए मैं शासन-प्रशासन और सेवा सेतु केन्द्र की पूरी टीम का हृदय से धन्यवाद देती हूँ।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुनर्वास नीति से सुकमा में बदली 25 आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी, मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण बना आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का मजबूत माध्यम

रायपुर, 11 जुलाई 2026/  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में राज्य सरकार की पुनर्वास और कौशल विकास नीति के तहत एक सराहनीय पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सुकमा में मशरूम उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

*15 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम संपन्न*

          कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस 15 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम में 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें समाज में एक सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।

*विशेषज्ञों ने सिखाए वैज्ञानिक खेती के गुर*

         प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को ऑयस्टर मशरूम की वैज्ञानिक खेती की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) कराया गया। युवाओं को बेहद सरल तरीके से तकनीकी जानकारियां दी गईं, जिसके तहत धान के पुआल (पैरा) की तैयारी और उपचार रकने के बाद मशरूम के स्पॉन (बीज) का सही उपयोग कर पॉलीबैग तैयार करना और नमी का संतुलन बनाए रखना, फसल की वैज्ञानिक तरीके से तुड़ाई, पैकेजिंग और स्थानीय बाजार में उसकी बिक्री करना शामिल था ।

*कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा*

        कृषि विशेषज्ञों ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि मशरूम उत्पादन एक ऐसा लाभकारी व्यवसाय है जिसे बहुत कम लागत, कम जगह और बेहद कम समय में शुरू किया जा सकता है। विशेषकर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से इसे अपनाकर युवा हर महीने एक नियमित और अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

*बाजार में बढ़ती मांग और सेहत के लिए फायदेमंद*

       प्रशिक्षण में मशरूम के पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक अत्यंत पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन-डी तथा कई आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कम वसा (लो फैट) और कम कैलोरी होने के कारण आज के समय में बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह स्वरोजगार का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है।

      इस पहल से न केवल आत्मसमर्पित युवाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि वे एक नए आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में अपना जीवन बिता सकेंगे।

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ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती ने बदली किसान की तस्वीर, 30 हजार की लागत पर 70 हजार का अतिरिक्त मुनाफा

रायपुर, 11 जुलाई 2026/  देश और राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों के बीच श्राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजनाश् छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम कचनूर से एक बेहद प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जहाँ एक किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती (प्दजमतबतवचचपदह) अपनाकर शानदार अतिरिक्त लाभ कमाया है।

*खाली पड़ी जमीन का किया सटीक सदुपयोग*

            ग्राम कचनूर के प्रगतिशील किसान श्री पोटाम गणेश ने अपनी 2.20 हेक्टेयर कृषि भूमि पर ऑयल पाम के पौधे लगाए हैं। चूँकि ऑयल पाम के पौधों को पूरी तरह विकसित होकर फल देने में कुछ वर्षों का समय लगता है, तब तक पौधों के बीच की जमीन खाली रहती है। इस खाली भूमि का सही उपयोग करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग की सलाह पर बीच में मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती करने का स्मार्ट फैसला लिया।

*30 हजार रूपए की लागत में 70 हजार रूपए का शुद्ध मुनाफा*

         पोटाम गणेश का यह निर्णय आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित हुआ। मूंगफली की इस अंतरवर्तीय फसल से उन्हें जो परिणाम मिला उससे वह उत्साहित है। कुल उत्पादन मूल्य लगभग एक लाख रुपए मिला किन्तु खेती में लागत मात्र 30 हजार रुपये लगा और शुद्ध मुनाफा 70 हजार रुपये मिला।

*शुरुआती वर्षों में किसानों को संबल देती है यह तकनीक*

         अपनी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही पोटाम गणेश ने कहा, ऑयल पाम के शुरुआती वर्षों में जब तक मुख्य फसल तैयार नहीं होती, तब तक अंतरवर्तीय फसल लेने से हमारी नियमित आय बनी रहती है। इससे खेती की लागत निकालना बहुत आसान हो जाता है और आर्थिक मजबूती मिलती है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य साथी किसानों से भी अपील की है कि वे इस आधुनिक खेती पद्धति को अपनाएं।

*राष्ट्रीय मिशन से मिल रहा है तकनीकी मार्गदर्शन*

       उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयलदृऑयल पाम योजना के अंतर्गत जिला स्तर पर किसानों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक सहयोग और उन्नत खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना न केवल किसानों की व्यक्तिगत आय को बढ़ा रही है, बल्कि खाद्य तेलों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने और तिलहन उत्पादन बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

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जन्मजात होंठ की गंभीर विकृति से मिली आज़ादी, बीजापुर जिला अस्पताल में सफल सर्जरी ने 22 वर्षीय भीमे हेमला की ज़िंदगी बदली, चेहरे पर लौटी मुस्कान और आत्मविश्वास

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) एक आम समस्या है, जिसमें बच्चे के ऊपरी होंठ या तालू के ऊतक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। यह दरार केवल होंठ पर हो सकती है या नाक तक जा सकती है। सर्जरी द्वारा इसे 90ः से 100ः तक ठीक किया जा सकता है।

            बीजापुर जिले के दूरस्थ बासागुड़ा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय भीमे हेमला जन्म से होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित थीं। इस कारण उन्हें भोजन करने, निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में काफी परेशानी होती थी। यह समस्या उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती थी।

            उपचार के लिए भीमे हेमला ने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया। यहां कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।

            सर्जरी के बाद भीमे हेमला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब उन्हें बोलने, निगलने और सामान्य रूप से भोजन करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। सफल उपचार से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने की ओर आगे बढ़ रही हैं।

             जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल बीजापुर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसका लाभ अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले में मिल रहा है।

             जिला अस्पताल बीजापुर में इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का प्रमाण है। इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।

*हितग्राही की प्रतिक्रिया*

            भीमे हेमला, बासागुड़ा निवासी ने बताया कि वो जन्म से इस समस्या से परेशान थी। जिला अस्पताल बीजापुर में मेरा सफल इलाज हुआ। अब मैं आसानी से बोल सकता हूं और खाना खा सकती हूं। मेरे चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ सरकार एवं डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।

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एआई तकनीक से बदलेगी छत्तीसगढ़ की ग्रामीण सड़कों की तस्वीर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा फैसला; हर महीने होगी वीडियो मॉनिटरिंग, गड्ढों की पहचान कर होगी त्वरित मरम्मत

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

*हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच*

        समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

*सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता*

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

*कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट*

        इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

        इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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ओबीसी आयोग की अहम सुनवाई में कई मामलों का निपटारा, मलार समाज की ओबीसी में शामिल होने की मांग पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 11 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में आज विभिन्न जिलों से प्राप्त गंभीर शिकायतों और आवेदनों पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई आयोग कार्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा एवं आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू की उपस्थिति में मामलों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी संबंधित पक्षकारों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

*मलार समाज को ओबीसी में शामिल करने की मांग*

        सुनवाई के दौरान सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर एवं जशपुर जिलों से आए मलार समाज के लगभग 50 से 60 प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने के संबंध में एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया। समाज के लोगों ने एकमत होकर इस प्रक्रिया के प्रति अपना लिखित समर्थन दर्ज कराया, जिस पर  अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने प्रकरण का अवलोकन कर अधिकारियों को नियमानुसार आगामी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

*प्रमुख मामलों पर हुई सुनवाई और निर्देश*

         आवेदक श्री हरिशंकर साहू द्वारा सामाजिक बहिष्कार किए जाने की शिकायत पर जिला गरियाबंद के ग्रामीण साहू संघ (मुरमुरा) के पदाधिकारी आयोग के समक्ष हाजिर हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि आवेदक को समाज की मुख्यधारा में पुनः ससम्मान शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में आयोग के पदाधिकारियों के समक्ष प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया गया।

        श्री जागेश्वर यदु द्वारा भू-अधिग्रहण के बदले मिली नौकरी से सेवा समाप्त किए जाने की शिकायत पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह सेवा संबंधी विवाद होने के कारण केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर आयोग ने आवेदक को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु कैट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की उचित जानकारी दी।

        श्री प्रदीप जायसवाल ने छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में पदों की समतुल्यता निर्धारण और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी विषयों से आयोग को अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर पर समतुल्यता निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

        आवेदक श्री रामसुन्दर का बयान दर्ज किया गया, परंतु अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उसे आगामी तिथि पर पुनः तलब किया गया है। चूंकि यह मामला आपसी विवाद और मारपीट से संबंधित था, इसलिए आयोग ने आवेदक को संबंधित पुलिस थाने में नियमानुसार शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। सुनवाई के दौरान श्री अंबिका प्रसाद, श्री फगुन दास और श्रीमती जोगेश्वरी वर्मा के अनुपस्थित रहने के कारण आयोग ने उन्हें आगामी पेशी तिथि में दोबारा उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है।

*संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत*

        सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष  श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित और पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

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सरकारी नौकरी के साथ खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आसमान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ऐतिहासिक फैसले से 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का भविष्य होगा सुरक्षित, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने जताया आभार

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव श्री विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

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स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां

रायपुर, 11 जुलाई 2026/प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।
 
स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

 इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

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आज का दिन किस राशि के लिए बनेगा सबसे शुभ और किसे लेना होगा हर फैसला सोच-समझकर? ग्रहों की चाल में छिपा है बड़ा संदेश, पढ़ें आज का राशिफल

मेष (Aries)
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अनियमित खानपान से बचें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए अनुकूल समय है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों से मुलाकात आनंददायक रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अवसर मिल सकते हैं।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यस्थल पर धैर्य और संयम बनाए रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
करियर के क्षेत्र में अच्छी प्रगति के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। व्यापारियों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी में वरिष्ठों का विश्वास बढ़ेगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra)
भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)
आज अनावश्यक विवादों से दूर रहें। खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। नौकरी और व्यापार में सामान्य स्थिति रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)
करियर और व्यवसाय में नई संभावनाएं बनेंगी। यात्रा के योग हैं, जो लाभदायक साबित हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में स्थिरता बनी रहेगी। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। निवेश के लिए दिन ठीक है, लेकिन विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज धैर्य और विवेक से लिए गए निर्णय लाभदायक रहेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। आज किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। जरूरतमंदों की सहायता, बुजुर्गों का सम्मान और सकारात्मक सोच दिन को अधिक शुभ बना सकती है। ग्रहों के प्रभाव से अधिकांश राशियों के लिए करियर, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में संतुलित एवं सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

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सरगुजा संभाग के सभी जिलों में किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्धों और अन्य राज्यों के फरार आरोपियों के खिलाफ चलेगा व्यापक सत्यापन अभियान, आईजी दीपक कुमार झा के सख्त निर्देश पर पुलिस करेगी घर-घर जांच

अंबिकापुर। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा ने संभाग के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, मुसाफिरों तथा अन्य राज्यों के फरार आरोपियों के विशेष सत्यापन अभियान के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले में पुलिस टीम बीट और वार्ड स्तर पर व्यापक जांच करेगी।

यह निर्णय हाल ही में सामने आए उस मामले के बाद लिया गया है, जिसमें झारखंड के धनबाद निवासी हत्या का फरार आरोपी और गैंगस्टर साबीर आलम वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में पहचान छिपाकर रह रहा था। आरोपी को झारखंड हाईकोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार इस मामले में स्थानीय स्तर पर उसे शरण मिलने के संकेत भी मिले हैं।

आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों को बीट और वार्डवार विभाजित कर जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किए जाएं। पुलिस किरायेदारों, होटल-ढाबों, ईंट भट्ठों, उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, घुमंतू लोगों, फेरीवालों और मुसाफिरों का सत्यापन करेगी। मकान मालिकों से किरायेदारों की पूरी जानकारी ली जाएगी और जानकारी छिपाने या सहयोग नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा सूची के अपराधियों तथा जिला बदर किए गए व्यक्तियों की भी नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में इस अभियान की निगरानी के लिए एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मोहल्ले या वार्ड में कोई संदिग्ध व्यक्ति, बाहरी अपराधी या फरार आरोपी निवास कर रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से सत्यापन अभियान में सहयोग करने और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की है।

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