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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद उठाया सीएम हेल्पलाइन का फोन, आम नागरिक से की सीधी बात; 1076 बनेगी जनता और सरकार के बीच भरोसे की सबसे बड़ी कड़ी

रायपुर 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

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जनदर्शन में उमड़ी जनता की उम्मीदें, कलेक्टर रोहित व्यास ने 57 आवेदनों पर की सीधी सुनवाई, अधिकारियों को दिया समयबद्ध समाधान का सख्त निर्देश

जशपुरनगर 09 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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एक कॉल और सरकार आपके द्वार! मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च की सीएम हेल्पलाइन 1076, अब 24 घंटे सुनी जाएगी जनता की हर शिकायत

रायपुर, 9 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग श्री राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा समाधान अभियान: आपसी समझौते से निपटेंगे वर्षों पुराने विवाद, 31 जुलाई तक करें आवेदन, अगस्त में लगेगी विशेष लोक अदालत

*सर्वोच्च न्यायालय का समाधान समारोह 2026*

*आपसी सहमति से होगा लंबित मामलों का त्वरित निराकरण*

*विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन* 

*पारिवारिक, चेक बाउंस, भू-अधिग्रहण सहित विभिन्न मामलों को मिलेगा समाधान का अवसर*

जशपुरनगर 09 जून 2026/ न्याय को सरल, सुलभ एवं सहभागी बनाने की दिशा में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष पहल 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जिसकी परिणति 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत के रूप में होगी। समाधान समारोह का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति, संवाद और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण करना है। इस प्रक्रिया के तहत पक्षकारों को न्यायालयीन विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का अवसर मिलेगा। विशेष लोक अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित ऐसे मामलों को शामिल किया जाएगा, जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव है। इनमें पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक बाउंस मामले, भू-अधिग्रहण संबंधी प्रकरण, आपराधिक सुलहनीय मामले, श्रम संबंधी विवाद तथा अन्य राजीनामा योग्य मामले शामिल हैं। किसी भी मामले का निराकरण दोनों पक्षों की सहमति से ही किया जाएगा।

       समाधान समारोह के अंतर्गत 21 अप्रैल 2026 से ही सुलह एवं संवाद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। लोक अदालत के आयोजन से पूर्व पक्षकारों के बीच सुलह का प्रयास करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में संबंधित पक्षकार एवं उनके अधिवक्ता भाग ले सकते हैं। सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में किया जाएगा, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों की सहायता करेंगे। पक्षकार इन बैठकों में सशरीर अथवा वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं। अपने ऐसे मामले, जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 में शामिल करने के लिए विशेष गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक पक्षकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। गूगल फॉर्म एवं विस्तृत जानकारी माननीय सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट https://www.sci.gov.in पर उपलब्ध है। साथ ही गूगल फॉर्म लिंक :
https://forms.gle/pRWbif6wAPrcgMsZ8   है।

        समाधान समारोह से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित वन स्टॉप सेंटर (वार रूम) से संपर्क किया जा सकता है। वार रूम इंचार्ज से 011-23115652 एवं 011-23116464 पर तथा सी.आर.पी. निदेशक से 011-23115652 एवं 011-23116465 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त भवन परिसर के बी ब्लॉक स्थित कक्ष क्रमांक 806 एवं 808 में संचालित वन स्टॉप सेंटर के लैंडलाइन नंबर 011-23116464 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ई-मेल के माध्यम से speciallokadalat2026@sci.nic.in पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इच्छुक पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जशपुर अथवा तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण पत्थलगांव, कुनकुरी एवं बगीचा में संपर्क कर भी आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं सभी संबंधित पक्षों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सके।

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जशपुर में सड़क परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने कलेक्टर का सख्त एक्शन, मुआवजा से लेकर ब्लैक स्पॉट सुधार तक दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर, 09 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिले में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़क निर्माण परियोजनाओं में तेजी लाने एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों की समन्वय बैठक ली। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारतमाला परियोजना, वन विभाग, पुलिस विभाग, खाद्य विभाग एवं सेतु विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। 
     बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने एनएचएआई, भारतमाला परियोजना सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पेड़ कटाई की स्वीकृतियां, कानून-व्यवस्था संबंधी विषयों तथा निर्माण कार्यों में आ रही अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिग्रहित भूमि से संबंधित लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को मुआवजा वितरण एवं अन्य मामलों से संबंधित सिविल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने को कहा।
         बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने वन क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत आवश्यक पेड़ कटाई एवं अन्य वन स्वीकृतियों की भी जाकारी ली और संबंधित विभागों को वन विभाग से  समन्वय स्थापित कर नियमानुसार प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, चमकती चेतावनी लाइटें एवं अन्य आवश्यक तकनीकी सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने भी सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन पर विशेष बल देते हुए चिन्हित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्य एवं सुरक्षा संकेतकों की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान की जानकारी दी और अधिकारियों से आम नागरिकों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने को कहा। बैठक में भारतमाला परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जशपुर पुलिस का अनूठा प्रयास: रील बनाकर जागरूकता फैलाने वाले प्रतिभागियों को एसएसपी ने किया सम्मानित, युवाओं को बताया बदलाव का वाहक

जशपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन, विशेषकर युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को नई ऊर्जा मिली है। "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" थीम पर आयोजित द्वितीय चरण की रील मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को मंगलवार को पुलिस कार्यालय जशपुर में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। विजेताओं को नगद पुरस्कार, हेलमेट, प्रमाण-पत्र और 3 लीटर पेट्रोल प्रदान कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की गई।

जशपुर पुलिस द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। प्रतियोगिता में जिलेभर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रीलों के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकार को देखते हुए पुलिस विभाग ने उनके प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की।

डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे हेलमेट एवं सीट बेल्ट जागरूकता अभियान के तहत यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। अभियान का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों के मन में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया।

प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद पुलिस कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में विजेताओं को आमंत्रित किया गया। समारोह के दौरान विष्णु बागान निवासी शिक्षक सैयद कैसर हुसैन को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ₹2001 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया। उन्होंने अपनी रील में सड़क सुरक्षा के महत्व को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया था। वहीं मनोज कुशवाहा ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर ₹1001 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट हासिल किया। तीसरे स्थान पर रहे नवाटोली निवासी अक्षय कुमार यादव को ₹501 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान विजेताओं ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाकर काफी हद तक रोका जा सकता है। विजेताओं ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें, बल्कि समाजहित के विषयों पर जागरूकता फैलाने में भी अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों तक संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में यदि युवा अपनी रचनात्मकता का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। रील मेकिंग प्रतियोगिता इसी सोच का परिणाम है, जिसमें युवाओं ने सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.आर. चौहान, प्रतियोगिता के विजेताओं के परिजन, मित्र और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने के लिए लगातार प्रयासरत है। रील मेकिंग और सेल्फी प्रतियोगिता जैसे नवाचारों से युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है और वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ रहे हैं।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। एक छोटी सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है। जशपुर पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके।

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जशपुर में 14 जून को बिछेगी शतरंज की बिसात, दिमागी जंग में चमकेगी युवा प्रतिभाएं; चेस प्रतियोगिता में विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार, पंजीयन की अंतिम तिथि 10 जून

जशपुरनगर। जिले में शतरंज के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। जशपुर चेस क्लब के तत्वावधान में आगामी 14 जून (रविवार) को एक दिवसीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन गर्ल्स विजय भूषण सिंहदेव पीजी कॉलेज, जशपुर में होगा, जहां जिले भर के शतरंज प्रेमी अपनी रणनीति और बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन करेंगे।

आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह रैपिड प्रारूप में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 25 मिनट का समय दिया जाएगा। प्रतियोगिता में कितने राउंड होंगे, इसका निर्णय प्रतिभागियों की संख्या के अनुसार किया जाएगा। सभी खिलाड़ियों को सुबह 9 बजे तक रिपोर्टिंग करनी होगी, जिसके बाद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा।

प्रतियोगिता को रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए आकर्षक नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई है। प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को 1500 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 700 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रवेश शुल्क मात्र 100 रुपये रखा गया है। खिलाड़ी शुल्क का भुगतान नकद या ऑनलाइन दोनों माध्यमों से कर सकते हैं। प्रतियोगिता में पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए इच्छुक खिलाड़ियों को समय रहते अपना नाम दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतियोगिता केवल जशपुर जिले के खिलाड़ियों के लिए आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता के माध्यम से जिले में शतरंज खेल को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजीकरण एवं अन्य जानकारी के लिए इच्छुक खिलाड़ी डॉ. अशोक (9981509622) तथा अंकित साहू (6263272651) से संपर्क कर सकते हैं। प्रतियोगिता को लेकर जिले के शतरंज खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

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धान से हटकर दूसरी फसलों पर मिलेगा 15 हजार रुपये प्रति एकड़, 240 ई-बसों को हरी झंडी; साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसलों से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है। 

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। 

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया। 

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी। 

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केरे गांव की बदली तस्वीर: प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने होमस्टे मॉडल की सराहना की, ग्रामीण पर्यटन से खुल रहे रोजगार के नए द्वार

जशपुर 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है।  

सोमवार को प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जशपुर विकास खंड के ग्राम केरे गांव में संचालित होम स्टे का अवलोकन किया और पारंपरिक भोजन, और अन्य गतिविधियों की जानकारी ली।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जिला प्रशासन के सफल प्रयासों का परिणाम है, जिसने इस गांव को अपनाकर यहां 5 होमस्टे स्थापित किए हैं तथा स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे प्रबंधन एवं अतिथि सेवा का समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया है।

हाल ही में महुआ होमस्टे, केरे में ठहरे अतिथियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता केरे गांव में  अतिथियों के  आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें ताजे, पौष्टिक एवं घर के बने भोजन का स्वाद चखने को मिला। 

प्रभारी सचिव ने भोजन की गुणवत्ता, ठहरने की सुविधा और मेजबानों के आत्मीय व्यवहार की सराहना की।

यह अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव को एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिला प्रशासन, जशपुर, इस पहल के माध्यम से केरे गांव में विकसित हो रही सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय आजीविका के नए अवसरों को महत्वपूर्ण मानता है। इस तरह के प्रयास न केवल ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को एक जिम्मेदार और समावेशी दिशा प्रदान करते हैं।

सकारात्मक अनुभवों और बढ़ती पहचान के साथ, केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित पर्यटन विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनने की दिशा में अग्रसर है। ‎

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26/11 के गुमनाम स्वास्थ्य योद्धाओं को मिला राष्ट्रीय सम्मान, रायपुर में ‘भारत भाग्य विधाता’ की भव्य स्क्रीनिंग में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कंगना रनौत ने किया साहस, सेवा और समर्पण को सलाम

रायपुर 9  जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।

इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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आज का राशिफल : सिंह-मिथुन समेत कई राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, नौकरी-व्यापार में उन्नति के योग, धन लाभ और मान-सम्मान में होगी वृद्धि, जानिए आपकी राशि क्या कहती है

आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आया है। चंद्रमा की शुभ स्थिति और अन्य ग्रहों के अनुकूल प्रभाव से नौकरी, व्यापार, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि कुछ राशियों को वाणी और खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

♈ मेष : कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव, रुके काम होंगे पूरे

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और सफलता से भरा रहेगा। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध या साझेदारी लाभदायक सिद्ध हो सकती है।

पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं।

आर्थिक स्थिति: धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं।
प्रेम जीवन: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।
स्वास्थ्य: ऊर्जा और आत्मविश्वास भरपूर रहेगा।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: लाल

♉ वृषभ : आर्थिक मामलों में मिलेगी मजबूती, सम्मान बढ़ेगा

आज आपका व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करेगा। सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि से संबंधित सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। व्यापारियों को निवेश संबंधी निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।

आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
प्रेम जीवन: दांपत्य जीवन में सामंजस्य रहेगा।
स्वास्थ्य: खानपान संतुलित रखें।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद

♊ मिथुन : करियर में उन्नति के प्रबल संकेत

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से जिस अवसर की प्रतीक्षा थी, वह प्राप्त हो सकता है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की सराहना होगी।

व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ की संभावना।
प्रेम जीवन: प्रेम संबंधों में निकटता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम रहेगा।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा

♋ कर्क : परिवार और करियर दोनों में मिलेगा संतोष

आज का दिन कर्क राशि वालों के लिए संतुलित और लाभकारी रहेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

आर्थिक स्थिति: रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना।
प्रेम जीवन: संबंधों में भावनात्मक मजबूती आएगी।
स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्याओं से सावधान रहें।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: क्रीम

♌ सिंह : भाग्य का मिलेगा साथ, बड़े निर्णय लेने के लिए अनुकूल दिन

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्योदय का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर प्राप्त होंगे। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।

यात्रा के योग बन रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। सामाजिक कार्यों में सक्रियता बढ़ेगी।

आर्थिक स्थिति: निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है।
प्रेम जीवन: प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

♍ कन्या : मेहनत का मिलेगा पूरा फल

कन्या राशि वालों को आज अपने परिश्रम का उचित परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी क्षमता और नेतृत्व कौशल की प्रशंसा होगी।

व्यापार में लाभ के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक मामलों में समझदारी से निर्णय लेने की आवश्यकता है। संतान की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है।

आर्थिक स्थिति: धन आगमन के संकेत।
प्रेम जीवन: साथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: थकान और तनाव से बचें।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हरा

♎ तुला : रचनात्मक कार्यों में सफलता, विवादों का होगा समाधान

आज तुला राशि वालों के लिए सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता के संकेत हैं। कला, मीडिया, लेखन और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है।

पुराने विवाद समाप्त होने की संभावना है। परिवार में खुशहाली का वातावरण रहेगा।

आर्थिक स्थिति: खर्चों पर नियंत्रण रखें।
प्रेम जीवन: रिश्तों में मधुरता आएगी।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गुलाबी

♏ वृश्चिक : सावधानी और धैर्य से मिलेगा लाभ

वृश्चिक राशि वालों को आज जल्दबाजी से बचने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लेने पर सफलता मिलेगी।

पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक मामलों में संयम बनाए रखें।

आर्थिक स्थिति: धन लाभ के अवसर मिलेंगे।
प्रेम जीवन: भावनात्मक संतुलन बनाए रखें।
स्वास्थ्य: रक्तचाप और तनाव पर ध्यान दें।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: मैरून

♐ धनु : शुभ समाचार और नई उपलब्धियों का दिन

धनु राशि के जातकों को आज करियर और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है।

आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
प्रेम जीवन: विश्वास और समझ बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: यात्रा में सावधानी रखें।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीला

♑ मकर : तरक्की के अवसर, सम्मान में वृद्धि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन विशेष लाभकारी रहने वाला है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं।

समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

आर्थिक स्थिति: निवेश लाभदायक रहेगा।
प्रेम जीवन: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: कमर और जोड़ों के दर्द से सावधान रहें।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नीला

♒ कुंभ : नई योजनाओं से मिलेगा लाभ

कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन रचनात्मकता और नवाचार से भरा रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में नई योजनाओं पर कार्य शुरू हो सकता है।

मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

आर्थिक स्थिति: आय में बढ़ोतरी संभव।
प्रेम जीवन: मित्रता प्रेम में बदल सकती है।
स्वास्थ्य: पर्याप्त विश्राम करें।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: आसमानी

♓ मीन : आध्यात्मिक उन्नति और पारिवारिक सुख का दिन

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मानसिक शांति और संतोष प्रदान करने वाला रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

नौकरी और व्यवसाय में स्थिरता बनी रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

आर्थिक स्थिति: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
प्रेम जीवन: संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति और सकारात्मकता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: पीला

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सुशासन तिहार की समीक्षा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सख्त संदेश: पीएम आवास, सूर्यघर योजना, लंबित राजस्व प्रकरणों और कुपोषण उन्मूलन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

रायपुर 8 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

*राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश*

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

*किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

*महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस*

बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

*स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा*

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

*शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल*

मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

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चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन, आयुर्वेदिक परंपराओं के संरक्षण और स्वस्थ-सशक्त बाल्य जीवन के निर्माण का दिया संदेश

रायपुर, 8 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री विनोद चंद्राकर, श्री पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय मछुआरा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, हसदेव-बांगो में 37 करोड़ का एक्वा पार्क, मत्स्य पालकों को दुर्घटना बीमा, गंगरेल क्षेत्र में मछली पालन को नई मंजूरी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा

रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर, महासचिव श्री ओमप्रकाश धीवर, श्री नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन, रायपुर बनेगा देश की उभरती जल क्रीड़ा प्रतिभाओं का सबसे बड़ा मंच

रायपुर 8 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्य सचिव की सख्ती: प्राथमिकता वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सभी विभागों के सचिवों से की प्रगति की समीक्षा

रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

           बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली। 

          बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

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35 करोड़ की लागत से बन रहे अत्याधुनिक जगदेव राम उरांव चिकित्सालय का प्रभारी सचिव ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और रफ्तार की सराहना

रायपुर, 8 जून 2026/जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

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हरित जशपुर की ओर बड़ा कदम: 80 हजार सीड बॉल से बंजर और पहाड़ी क्षेत्रों में फैलाई जाएगी हरियाली, महिलाओं-ग्रामीणों ने संभाली पर्यावरण संरक्षण की कमान

रायपुर, 08 जून 2026/ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मानसून के दौरान बंजर, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद तथा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वनीकरण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के अंतर्गत आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं।

ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए सीड बॉल निर्माण को प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक रूप से हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट एवं बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन और गति मिल रही है।

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