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राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 07 दिसंबर

जशपुरनगर 06 दिसंबर 2025/ कलेक्टर  एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री रोहित व्यास और कार्यपालन अधिकारी एवं उपाध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री अभिषेक कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा अनुशंसित ‘‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम‘‘ अंतर्गत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नई दिल्ली की पहल पर आयोजित राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 07 दिसंबर 2025 को किया गया है। परीक्षा जिले में सुबह 10ः00 बजे से  शाम 5ः00 बजे तक आयोजित होगी, जिसमे शिक्षार्थी अपनी सुविधानुसार निर्धारित समय के भीतर शामिल हो सकेंगे। 
   जिला परियोजना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिंन्हा ने बताया कि जिले में शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 907 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जिले से इन केन्द्रो पर उल्लास प्रवेशिका के 07 अध्याय का अध्ययन कर 200 घंटे पूर्ण कर चुके एवं वर्तमान में अध्ययनरत कुल 14200 शिक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होगें। 
  परीक्षा की मॉनिटरिंग के लिए जिला एवं विकास खण्ड स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा कंन्ट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। जिले के 08 विकास खण्डों के समस्त विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों में जोनवार प्राचार्य, संकुल शैक्षिक समन्वयक, केन्द्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक सह मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। 
  परीक्षा पूर्व जन जागरूकता एवं शिक्षार्थियों को केन्द्र तक लाने हेतु घर-घर जाकर हल्दी चावल बांटकर महापरीक्षा अभियान का न्यौता हमारे ग्राम प्रभारी एवं स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायत स्थित कोटवार से मुनादी भी करायी जा रही है। हमारे जिले के समस्त ग्राम प्रभारियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, रोजगार सहायक एवं आंगनबाड़ी कार्यकताओं द्वारा दिवार लेखन, पोस्टर, नारा लेखन, एवं शिक्षार्थी पर्ची बांटी जा रही है शिक्षार्थी पर्ची जिसमें महापरीक्षा अभियान का दिनांक, दिन, समय, एवं केन्द्र का नाम लिखा हुआ है। इस प्रकार समस्त विकास खण्डों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर शिक्षार्थियों को न्यौतापाती किया जा रहा है साथ ही जिला परियोजना अधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों में पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश विकास खण्डों के समस्त विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। 
  जिला परियोजना अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि उक्त कार्यक्रम में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के  ऐसे महिला, पुरूष शिक्षार्थियों को सम्मिलित किया जा रहा है, जो शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं। स्वयंसेवी शिक्षक इन शिक्षार्थियों को उल्लास प्रवेशिका के 07 अध्याय को 200 घंटे में अध्यापन करा कर पूर्ण कराते हैं। परीक्षा तीन घंटे की होगी जिसमें तीन भाग - पढ़ना, लिखना, और अंक गणित प्रत्येक भाग 50 अंकों का होगा। प्रत्येक भाग में न्यनतम 20 अंक लाने पर परीक्षार्थी उत्तीर्ण माने जाएंगे। सफल शिक्षार्थियों को एनआईओएस द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

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निर्वाचन नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण : दावा आपत्ति 16 दिसम्बर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक,मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को


जशपुरनगर 06 दिसम्बर 2025/भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में चलाये जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। 
              उप जिला निर्वाचन अधिकारी जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 16 दिसम्बर 2025 एवं 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जारी संशोधित कार्यक्रम अनुसार 11 दिसम्बर 2025 को गणना पत्रक सत्यापन, 16 दिसम्बर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, 16 दिसम्बर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति, 16 दिसम्बर 2025 से 07 फरवरी 2026 तक सुनवाई और सत्यापन कार्य एवं 14 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन निर्धारित है।

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प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित खरीफ एवं रबी दलहनी-तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन जिले के नौ समितियों में होगी

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ जिले के किसान भी अपनी दलहन-तिलहन की फसलों को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राईस सपोट स्कीम के तहत अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, चना, मसूर एवं सरसो का विक्रय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के माध्यम से कर सकेंगे। उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसका पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।
    उपार्जन की अवधि मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन के लिए 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक, अरहर एवं सरसों के लिए 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक एवं चना एवं मसूर के लिए 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग, सन्ना, पड्रापाठ, तपकरा, कोनपरा, घरजियाबथान एवं गला में किया जाएगा।  अरहर 8000,  मूंग 8700,  उड़द 7800, मूंगफली 7283,  सोयाबीन 5328,  चना 5875, मसूर 7000,  एवं सरसों 6200, की दर से खरीदी की जाएगी।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से हादसे में अपना एक पैर गवां चुके पुरेन्द्र का रायपुर में लगेगा नया कृत्रिम पैर,मुख्यमंत्री के प्रति किया आभार व्यक्त

 

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ एक दुःखद हादसे में अपना एक पैर खो चुके श्री पुरेन्द्र यादव को रायपुर में नया कृत्रिम पैर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार उनका संपूर्ण इलाज तथा कृत्रिम पैर लगाने का समस्त व्यय शासन द्वारा वहन किया जाएगा। यह संवेदनशील पहल दैनिक मजदूरी से जीवनयापन करने वाले श्री पुरेन्द्र के लिए उनके जीवन में एक नई उम्मीद और उत्साह का संचार करने वाली है।
     ग्राम मयुरचुन्दी, तहसील दुलदुला निवासी श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के नाम कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, किंतु एक दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान डॉक्टरों की सलाह पर उनका एक पैर काटना पड़ा। दूसरे पैर की हड्डी तीन स्थानों से टूटी हुई है, जिस पर अभी भी रॉड लगी है। इस कारण वे चलने-फिरने में पूर्णतः असमर्थ हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति ने उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है, क्योंकि घर में उनके अतिरिक्त कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। 
    श्री पुरेन्द्र ने कैंप कार्यालय से कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि वे पुनः अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन की मुख्यधारा में लौट सकें। उनकी स्थिति को गंभीरता से समझते हुए कैंप कार्यालय ने तुरंत संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी और रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की। श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त हुए कहा कि शासन की इस  पहल ने उनके जीवन में फिर से विश्वास, साहस और आशा की किरण जगाई है।

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मुख्यमंत्री के सुशासन में प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से जारी,जिले के 46 केन्द्रों में की जा रही खरीदी,किसानों को मिल रहा है उनकी मेहनत का उचित मूल्य

जशपुर 6 दिसंबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे ग्राम गिद्धादाड़ निवासी किसान श्री अरविंद नायक ने बताया कि “मुख्यमंत्री जी ने हम किसानों के लिए खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मैं यहां 50 बोरी धान लेकर आया हूं। समर्थन मूल्य पर खरीदी से हमें वास्तविक लाभ मिल रहा है और हमारी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। शासन के प्रति धन्यवाद प्रकट करता हूं।”

केंद्र में पेयजल, तिरपाल, मापजांच, किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धान खरीदी कार्य का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामकथा पोस्टर एवं कैलेंडर का किया विमोचन

रायपुर, 06 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी श्री रामकथा कार्यक्रम हेतु तैयार किए गए पोस्टर एवं कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया।

प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि श्री रामकथा का आयोजन 28 दिसंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक दुर्ग जिले के जामुल नगर में किया जाएगा।  प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को इस पावन आयोजन में सादर आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मंच के संरक्षक श्री दिलेश्वर उमरे, संयोजक श्री ईश्वर उपाध्याय, तथा श्री जागेश्वर मल सोनी, श्री उमेश निर्मलकर, श्री नेत राम साहू, श्री जितेंद्र साहू, श्री इंद्रजीत उपाध्याय, श्री वैभव उपाध्याय सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने छात्र दुर्घटना बीमा योजना के तहत जशपुर में प्रभावित विद्यार्थियों के परिजनों को आर्थिक सहायता का चेक किया प्रदान

जशपुर 06 दिसम्बर 2025 : 

जशपुर में छत्तीसगढ़ शासन की छात्र दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के प्रभावित विद्यार्थियों के परिजनों को आर्थिक सहायता का चेक जशपुर विधायक रायमुनि भगत के द्वारा प्रदान किया गया। यह योजना दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित विद्यार्थियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शासन के द्वारा चलाई गई है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। 

इस अवसर पर सहायक संचालक श्रीमती सरोज खलखो तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो उपस्थित रहीं।  जिन विद्यार्थियों के परिजनों को सहायता राशि दी गई, उनमें कु. भगवती बाई कक्षा 12वीं, शास. उ.मा.वि. कस्तुरा, अनुज खाखा कक्षा 11वीं, शास. उ.मा.वि. सरबकोम्बो, चाँदनी बाई कक्षा 10वीं, शास. उ.मा.वि. सरबकोम्बो, कु. बालेश्वरी नाग कक्षा 4थी, शास. प्रा. शा. डीपाटोली तथा अमृत साय  कक्षा 3री, शास. आश्रम शाला बगिया शामिल हैं।

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इस सहकारी समिति में पुराना धान लाते पकड़ा गया किसान, अभद्र व्यवहार पर बी.एन.एस.एस. के तहत मामला किया गया दर्ज,  पढ़े विस्तार से.......

रायगढ़, 5 दिसंबर 2025। जिले में धान खरीदी की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर लगातार कड़ाई व विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में आज 05 दिसंबर को सेवा सहकारी समिति केशला में निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें कृषक द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन लेकर लाए गए धान की गुणवत्ता और उसकी वास्तविकता पर संदेह उत्पन्न हुआ।
जिला स्तरीय एवं उपार्जन केन्द्र के नोडल अधिकारियों ने जब संबंधित धान की जांच की, तो पाया गया कि कृषक श्री हिमांचल चौहान द्वारा लाया गया धान पुरानी रबी फसल का है। निरीक्षण में धान की नमी मात्र 12.2 प्रतिशत पाई गई, जबकि मौके पर कृषक ने स्वयं स्वीकार किया कि धान पूर्व सीजन का है। यह जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई और तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी लैलूंगा को मौके पर बुलाया गया।
तहसीलदार लैलूंगा द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि श्री हिमांचल चौहान ने मोबाइल ऐप के माध्यम से 100 क्विंटल का टोकन कटवाकर धान लाया था। जब पुराने धान को नियमों के अनुसार जप्त किया गया, तो कृषक द्वारा न केवल सहयोग से इंकार किया गया, बल्कि समिति परिसर में अभद्र व्यवहार भी किया गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कृषक ने जप्त धान और ट्रैक्टर को पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी तक दे डाली। इसके बाद वह मौके से धान और ट्रैक्टर वहीं छोड़कर फरार हो गया।
अमानक धान तथा ट्रैक्टर को तहसीलदार लैलूंगा द्वारा नियमानुसार जप्त कर समिति प्रबंधक की सुपुर्दगी में दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कृषक द्वारा किया गया यह कृत्य परिशांति भंग होने की आशंका उत्पन्न करने वाला है।
इस पूरे प्रकरण के आधार पर संबंधित कृषक के विरुद्ध थाना लैलूंगा में 126/135(3) बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में धान के अवैध परिवहन, भंडारण तथा मिलावट की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीदी में लगे अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है ताकि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और ईमानदार बनी रहे।
जिला प्रशासन ने कृषकों से अपील की है कि वे स्वच्छ और मानक के अनुरूप धान ही लेकर आएं तथा खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या गलत जानकारी देने से बचें।

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75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत,मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर 5 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”

*प्रमुख टूर पैकेज*

*रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)*

इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

*रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)*

धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।

*रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)*

इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।

*रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)*

यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

*टूर पैकेज की विशेषताएं*

प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।

*स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा*

इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

*मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 9 दिसंबर 2025 को करेंगी हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान,छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल का विशेष रूप से गौरव

कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025, मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 के माध्यम से वर्ष 2023 और 2024 के विशिष्ट शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस वर्ष के समारोह में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिन्हें जगदलपुर से धातुकला (बेल मेटल) में अद्वितीय कौशल के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की स्थापना 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिल्पियों को पहचान देना है जिनके अद्वितीय कौशल ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। “शिल्प गुरु” पुरस्कार, जो 2002 में आरंभ किए गए, हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान हैं और उन शिल्प गुरुओं को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने परंपरागत कला में असाधारण निपुणता, नवाचार और संरक्षण का परिचय दिया है।
यह समारोह राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। इस दौरान देशभर में विविध गतिविधियाँ—हस्तकला प्रदर्शनी, विषयगत कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा, जन-जागरूकता पहल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों—का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को बढ़ाना है।
भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण संरक्षक है, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी है। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को पहचान, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सशक्तिकरण और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को सुदृढ़ करना और शिल्प समुदायों को सशक्त बनाना है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है, विकास का नया युग प्रारंभ हो चुका है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 5 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा, और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सली हिंसा के समाप्त होते ही बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और स्थिरता की मजबूत नींव स्थापित हो रही है। वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में अब तेजी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, पर्यटन और आजीविका के नए आयाम खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बस्तर अब परिवर्तन की राह पर है, और आने वाले वर्षों में वहां विकास की गंगा बहेगी।"

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों का साहस — इन तीनों की संयुक्त शक्ति से छत्तीसगढ़ न केवल नक्सलवाद से मुक्त होगा, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ विकासशील राज्यों में अग्रणी बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह नया छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि, विश्वास और विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।

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मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

रायपुर 5 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन कर लिया आशीर्वाद,प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायगढ़, 5 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरुपीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया।
          मुख्यमंत्री श्री साय ने वर डॉ.कुमार विक्रम साहू और वधू डॉ.हेम पुष्पा साहू को नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्व की कामना भी की। इस अवसर पर लोक सभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो एवं श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, श्री अरुणधर दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने भी गुरु दर्शन का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी, वर के पिता श्री बिंदेश्वर साहू और वधू के पिता राजेश साहू सहित उनके परिवारजन मौजूद रहे।

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जिले के युवाओं के लिए स्किल कैम्प का आयोजन 6 दिसंबर से,युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार का सुनहरा मौका

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रोजगार से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडों में स्किल कैम्प आयोजित किए जाएंगे। जिनमें युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण, निःशुल्क आवासीय सुविधा तथा प्रशिक्षण उपरान्त 10,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कैम्पों में फायर फाइटर, ट्रेवल कंसलटेंट, लैब तकनीशियन, एनिमेटर (कंप्यूटर प्रशिक्षण), कस्टमर केयर सीनियर एक्जीक्यूटिव (कॉल सेंटर), सिक्यूरिटी गार्ड सहित कई रोजगारपरक ट्रेडो में पंजीयन किया जा सकेगा।

      सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण जशपुर ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में आयोजित होने वाले इन स्किल कैम्पों का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित किया गया है। मनोरा विकासखंड में 6 दिसम्बर  को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प आयोजित होगा। इसी प्रकार 8 दिसम्बर को दुलदुला  विकासखंड में सीईओ जनपद हॉल में कैम्प होगा। कुनकुरी विकासखंड में 10 दिसम्बर को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प रखा गया है। इसी क्रम में फरसाबहार में 12 दिसम्बर को, कांसाबेल में 15 दिसम्बर को, बगीचा में 17 दिसम्बर को एवं पत्थलगांव में 19 दिसंबर 2025 को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प आयोजित किए जाएंगे। योजना के तहत सभी बेरोजगार युवक-युवतियों से अपील की गई है कि वे अपने विकासखंड में निर्धारित तिथि को स्किल कैम्प में उपस्थित होकर पंजीयन करवाएँ और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7697584747 पर संपर्क किया जा सकता है।

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सालों से टपकती छत और असुरक्षा से मिली मुक्ति, हजारों गरीबों को सपना हो रहा सच, मिल रहा पक्का आवास, अब तक लगभग 83 हजार मकानों का निर्माण पूर्ण


जशपुरनगर, 05 दिसंबर 2025/ खपरे की छत, बारिश में टपकता पानी, सर्प-बिच्छुओं का खतरा और आर्थिक तंगी इन समस्याओं के बीच वर्षों तक ग्रामीण परिवार पक्के आवास का सपना संजोए बैठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों को सुरक्षित और पक्का आवास प्रदान करने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना लागू हुई, जिसने देशभर के लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने प्रथम कैबिनेट में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी प्रदान की थी। जिसका क्रिनावयन तेजी से प्रदेश में किया जा रहा है। 

*प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का तेजी से हो रहा क्रियान्वयन*

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली 13,000 हितग्राहियों को नए घरों का महागृह प्रवेश कराया। यह उन परिवारों के लिए वर्षों पुराने सपने के पूरे होने जैसा क्षण था, जो लगातार कच्चे मकान की दिक्कतों से जूझ रहे थे। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2016 से वित्तीय वर्ष 2025- 26 तक 1,12,506 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 82,881 मकान पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह वर्ष 2024 से वित्तीय वर्ष 2025- 26 तक स्वीकृत 50,722 आवासों में से 23,970 का निर्माण पूरा हो गया है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 2,038 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 984 मकान पूर्ण कर लिए गए हैं।

*गरीबों को सपना हो रहा सच, मिल रहा पक्का आवास

जिले में निवासरत हजारों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्का मकान प्रदान किया गया है, जिससे वे सम्मानपूर्वक  और सुरिक्षत जीवन जी रहे हैं, इनमें से मनोरा विकासखंड के ग्राम बुमतेल के श्री लखन उरांव वर्षों तक कच्चे मकान में रहते थे। बरसात में छत से पानी टपकना, तेज हवा-ठंड में बच्चों को सुरक्षित रखना और बार-बार मरम्मत करवाना उनकी रोजमर्रा की समस्या थी। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर उनके लिए राहत की सांस लेकर आया। समय पर निर्माण पूरा होने के बाद आज उनका परिवार सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक घर में रह रहा है। इसी तरह ग्राम बाधरकोना के श्री मणिभूषण मिंज बताते हैं कि पक्का मकान मिलने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। बरसात में दीवारें गीली होने का डर, छत से पानी टपकना और सांप-बिच्छुओं से खतरा अब नहीं रहा। अब उनका परिवार नए घर में सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी रहा है। 
    पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। कड़ाके की ठंड और विषैले जीवों के खतरे के बीच कच्चे घरों में रहना बेहद कठिन था। पक्का आवास मिलने के बाद इन परिवारों ने पहली बार सुरक्षित और स्थायी जीवन का अनुभव किया है। इनमें से बगीचा विकासखंड के ग्राम पंड्रापाठ के श्री पहारु राम को पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। समय पर राशि और सामग्री मिलने से उनका घर शीघ्र तैयार हो गया। श्री पहारु राम कहते है यह घर हमारे लिए जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। अब मेरा परिवार मौसम की मार से सुरक्षित है। यह सिर्फ मकान नहीं, सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में दिव्यांग नंदलाल और विनीत को प्रदान किया गया ट्राई सायकल,खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

जशपुरनगर, 05 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ असहाय, पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के संकल्प के साथ निरंतर सक्रिय है ताकि, समाज के हर वर्ग को न्याय, राहत और विकास का लाभ मिल सके।
      इसी क्रम में आज ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव के दो दिव्यांगजन श्री नंदलाल और श्री विनीत राम अपनी शारीरिक असमर्थता से जुड़ी परेशानियां लेकर कैंप कार्यालय पहुंचे। दोनों ने आवेदन देकर बताया कि चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। साथ ही उन्होंने ट्राई सायकल प्रदान करने की मांग की।
     कैंप कार्यालय ने उनके प्रति संवेदना प्रकट करते हुए तत्परता से उनके लिए ट्राई सायकल उपलब्ध कराई। ट्राई सायकल प्राप्त कर दोनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब तक उन्हें अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने कई काम स्वयं कर सकेंगे। दोनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर लेकर आई है।

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खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास

जश्सपुरनगर 05 दिसंबर 2025/ राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकारण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया।
                निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थीं।
        
टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की।

*2025 : जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुंकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वीअपी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

*जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार*
         जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।

जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

 जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

*महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना*
        अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों  जैसे महुआ चवनप्राश,महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद  के विकास कार्य को विस्तार से समझा।
        टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।
           वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया उन्होंने जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद, तथा जय जंगल एफपी सी के निदेशक श्री समर्थ जैन के योगदान को रेखांकित किया।
निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।
        
 इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

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जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को,जशपुर जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी होंगे शामिल

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 07 दिसम्बर 2025 को राज्य के 16 जिलों में किया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। यद्यपि परीक्षा का आयोजन 16 जिलों तक सीमित है, किन्तु इसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। जशपुर जिले के 12 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा संचालन की सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। परीक्षा के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने आवंटित परीक्षा केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) एवं फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र से सत्यापन में कोई बाधा न आए। परीक्षा प्रारंभ होने के तीस मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, अतः अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि परीक्षा प्रातः 12 बजे आरंभ होने के कारण केंद्र का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद हो जाएगा।

     वस्त्र संबंधी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में उपस्थित होना है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी अथवा गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना वर्जित रहेगा। केवल साधारण बिना पॉकेट वाला स्वेटर पहनने की अनुमति होगी, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान उतारकर जांच करवानी होगी। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक धारण करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सामान्य समय से अधिक पहले पहुंचना होगा, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी, जबकि कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना पूर्णतः प्रतिबंधित है। परीक्षा कक्ष में संचार उपकरण, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल-पॉइंट पेन ही साथ लाने की अनुमति होगी।

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