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साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की नई पहल—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “खौफ- द डिजिटल वार” फिल्म की सराहना कर दिया बड़ा संदेश, सोशल मीडिया पर किया साझा

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने साइबर जागरूकता पर आधारित फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” की सराहना की*

*एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

 11 अप्रैल, 2026 रायगढ़ । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह द्वारा निर्मित एवं अभिनीत शॉर्ट फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा करते हुए देशवासियों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में फिल्म में डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की सराहना करते हुए इसे समयानुकूल पहल बताया। 

       इसी कड़ी में CMO छत्तीसगढ़ के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी उक्त फिल्म को साझा कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और सतर्कता बरतने का संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें फिल्म द्वारा उठाए गए मुद्दों की प्रशंसा की गई।

        इस पहल पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का प्रोत्साहन और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी सदैव प्रोत्साहित करते आये हैं । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से प्राप्त हुए आशीर्वचन पर फिल्म की पूरी टीम उत्साहित है।  उनकी ओर से फिल्म को सोशल मीडिया पर साझा किया जाना जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
     
         गौरतलब है कि रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया गया है। आगामी कार्ययोजना के तहत इस फिल्म को जिले के सिनेमाघरों एवं मल्टीप्लेक्स में निशुल्क प्रदर्शित किए जाने के लिए संचालकों से समन्वय किया गया है। हाल ही में घरघोड़ा स्थित एके सिनेमा में फिल्म का निःशुल्क प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भी इस फिल्म का प्रदर्शन कर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया जा रहा है।

           इस शॉर्ट फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर फ्रॉड जैसे अपराधों के प्रति सचेत करना है, ताकि लोग समय रहते सतर्क रहकर ठगी का शिकार होने से बच सकें। फिल्म के माध्यम से दिया गया जागरूकता संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और लोग इसे समझकर अपने दैनिक जीवन में सतर्कता अपनाएं, यही इसका प्रमुख उद्देश्य है।

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खारंग नदी हादसे के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध रेत उत्खनन पर कसी लगाम, ट्रैक्टर मालिक पर FIR, पूरे जिले में सख्त निगरानी अभियान शुरू

*खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई*

*ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानी*

रायपुर,11 अप्रैल 2026/ बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

      बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।

        प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।

      खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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“घर-घर पहुंचेगा जनगणना 2027 का महाअभियान—1 मई से 30 मई तक चलेगी मकानों की गणना, हर छत और हर सुविधा का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

रायपुर, 11 अप्रैल 2026/भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

             डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
            स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

*इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी*

    प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

     प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

           जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

*निगरानी*

 जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

       जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

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शादी की खुशियां अगले ही दिन मातम में तब्दील: टेंट सामान लेकर जा रहा नवविवाहित युवक दर्दनाक हादसे का शिकार, ब्रेक फेल ट्रैक्टर पलटने से रास्ते में ही हुई मौत, तीन साथी गंभीर घायल

जशपुर, 11 अप्रैल 2026। जिले के सीमावर्ती कापू थाना क्षेत्र के ठाकुरपोड़ी गांव में शनिवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने शादी की खुशियों को देखते ही देखते मातम में बदल दिया। टेंट सामान से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें दबकर एक नवविवाहित युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान देवांगन सिदार के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज एक दिन पहले ही बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद बचे टेंट सामान को लौटाने के लिए देवांगन अपने तीन दोस्तों के साथ ट्रैक्टर से पास के गांव जा रहा था। रास्ते में एक ढलान पर अचानक ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वाहन चालक का नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया और ट्रैक्टर पलट गया।

हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर में सवार चारों युवक उसके नीचे दब गए और बुरी तरह घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने देवांगन सिदार की हालत बेहद नाजुक देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

वहीं, हादसे में घायल तीनों अन्य युवकों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनकी स्थिति फिलहाल गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे ठाकुरपोड़ी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस घर में एक दिन पहले तक शादी की खुशियां, हंसी-खुशी और जश्न का माहौल था, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। नवविवाहिता के हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि उसके सुहाग का साया हमेशा के लिए उठ गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। पत्थलगांव पुलिस ने मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

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उद्योग-श्रम समन्वय से बदलता छत्तीसगढ़: श्रमिक सशक्तिकरण, औद्योगिक क्रांति और समावेशी विकास की नई गाथा—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मंत्री लखनलाल देवांगन की दूरदर्शिता से रजत जयंती वर्ष में रच रहा प्रगति का स्वर्णिम इतिहास

रायपुर 11 अप्रैल 2026 /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

         2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

        श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

         उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न  योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है। 

        औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

        नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

         सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

         उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

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“पांडुलिपियाँ बचेंगी तो बचेगा इतिहास, बचेगी हमारी पहचान—मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से भावुक और प्रेरक आह्वान, ज्ञान की अमूल्य धरोहर को डिजिटल युग में सुरक्षित करने जनभागीदारी का महाअभियान

रायपुर 11 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है। 

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

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जशपुर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा: डीआईजी की सख्त बैठक के बाद एक्शन मोड में पुलिस, NDPS से लेकर ट्रैफिक उल्लंघन तक हर मोर्चे पर कड़ी कार्रवाई के संकेत-तीन सवारी बाइक सवारों और मालवाहक में सवारी ढोने वालों पर कसेगा शिकंजा

जशपुर 11 अफ़्रैल 2026 :  जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और लंबित मामलों के तेजी से निराकरण के उद्देश्य से आज पुलिस कार्यालय जशपुर में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने एक अहम अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, लोक अभियोजन अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी ने अनुविभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग एवं शिकायतों की बारीकी से समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण किया जाए तथा पुराने मामलों को अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

बैठक में एनडीपीएस एक्ट के मामलों को लेकर विशेष रूप से गंभीरता दिखाई गई। जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विपिन शर्मा ने “चेन ऑफ कस्टडी” की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि मादक पदार्थ की जब्ती से लेकर न्यायालय में पेशी तक हर कदम पर विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैंपलिंग, तौल, सीलिंग, लेबलिंग, पंचनामा और मालखाना प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर आरोपी को न्यायालय से लाभ दिला सकती है। विवेचना अधिकारियों को यह भी बताया गया कि स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति, दस्तावेजों में त्रुटियां, समय-स्थान का उल्लेख न होना और एफएसएल रिपोर्ट में देरी जैसी कमियां अक्सर केस को कमजोर बना देती हैं, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत करना अनिवार्य है।

डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले में गौ-तस्करी, गांजा तस्करी, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीली दवाओं के कारोबार पर पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतरराज्यीय मार्गों और प्रमुख चेक-पोस्ट पर सघन चेकिंग और नाकाबंदी कर अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही मुखबिर तंत्र को और अधिक सक्रिय करने, विश्वसनीय नेटवर्क बढ़ाने और सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। नशे में वाहन चलाने, ओवर स्पीड, बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया है। मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने वालों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

डीआईजी ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी फरियादी थाना या चौकी से निराश होकर वापस न लौटे। सभी शिकायतों पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो तथा आम जनता के साथ शालीन और सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने थाना प्रभारियों को पैदल मार्च, कॉम्बिंग गश्त और क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन में सुरक्षा का माहौल मजबूत होना चाहिए। साथ ही निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने और उनकी नियमित चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि विवेचना कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए और लंबित पीएम तथा एफएसएल रिपोर्ट को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाए। स्पष्ट संकेत दिए गए कि अब जशपुर पुलिस अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

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अटल वयो अभ्युदय योजना बनी वरदान: जिले के 12 बुजुर्गों की आंखों में लौटी रोशनी, AIIMS रायपुर में सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन से खिला चेहरा

जशपुरनगर 11 अप्रैल 2026/ संचालक समाज कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वपूर्ण एवं महत्त्वकांक्षी अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत जिले से फरसाबहार, बगीचा जनपद क्षेत्र एवं जनक वृद्धआश्रम जशपुर से कुल 54 वरिष्ठ नागरिकों का चयन मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु किया गया था। जिसमें से 06 वरिष्ठ नागरिकों का 22 मार्च को रायपुर स्थित AIIMS में सफलता पूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। इसी प्रकार 01 वरिष्ठ नागरिकों को चश्मा प्रदाय किया गया और 01 वरिष्ठ नागरिक का बी०पी० एवं शुगर होने के कारण से ऑपरेशन नहीं किया गया। 
             
इसी कड़ी में बगीचा जनपद अंतर्गत 25 मार्च 2026 को 13 हितग्राहियों को जन प्रतिनिधियों द्वारा फूल माला एवं शाल से स्वागत कर मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु एआईआईएमएस रायपुर रवाना किया गया। जिसमें से देवरी बाई 72 वर्ष, राजपति 65 वर्ष, मालती देवी 66 वर्ष मुनेश्वरी 66 वर्ष लक्ष्मनिया बाई 71 वर्ष खुदुराम 65 वर्ष पेटरा 71 वर्ष कुवर 66 वर्ष का सफलता पूर्वक ऑपरेशन किया गया एवं कौशल्या बाई 71 वर्ष, कपूर राम 74 वर्ष एवं चरण राम 65 वर्ष को बी०पी० एवं शुगर होने के करण ऑपरेशन नहीं किया गया।
          इस प्रकार अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत एआईआईएमएस रायपुर में कुल 19 वरिष्ठ नागरिको में 12 वरिष्ठ नागरिकों का मोतियाबिंद का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ एवं 02 को चश्मा दिया गया। वर्तमान में इन सभी का जिला अस्पताल जशपुर में फॉलो अप करवाया गया।

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प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

रायपुर, 11अप्रैल 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है। 

मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी। 

मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।

संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।

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सुबह से भटकते रहे मरीज के परिजन, नहीं मिला समाधान बल्कि मिली डांट-फटकार — वायरल वीडियो ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल,सिविल सर्जन ने ऑपरेटर जीवनदीप कर्मी श्रीमती मोती चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी  कर 5 दिन में मांगा जवाब

जशपुर 11 अप्रैल 2026/ सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने श्रीमति मोती चौहान (ऑपरेटर जीवनदीपकर्मी) जिला चिकित्सालय जशपुर को मरीज के परिजनो के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने के संबंध मे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 5 दिन का दिया समय।

सिविल सर्जन ने नोटिस में उल्लेख किया है कि सोशल मिडिया फेसबुक में प्रकाशित/अपलोड विडियो वायरल के को संज्ञान में लेते हुए दिनांक 08.04.2026 को सोशल मिडिया में प्रसारित विडियो में यह ज्ञात हो रहा है, कि मरीज के परिजन के साथ आयुष्मान कार्ड को चालू करने के संबंध में आपके द्वारा मरीज के परिजन के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। विडियो मे यह परिलक्षित हो रहा है कि मरीज सुबह से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन अरोगय योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कांऊटर में बार-बार अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहा है, किन्तु आपके द्वारा किसी प्रकार की समस्या होने का शांतिपूर्वक निदान न बताया जाकर संबधित से अभद्रतापूर्ण चिलाकर बात किया जा रहा है जो कि पूर्णतः करना छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। चूंकि आप एक शासकीय कार्यालय में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे है, कदाचित यह व्यवहार मान्य नहीं है। 

अतः इस संबंध में अपना लिखित स्पष्टीकरण 05 दिवस में मेरे समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।

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पाकरगांव में भीषण अग्निकांड —बेहरा टेंट हाउस का विशाल गोदाम बना आग का गोला, लाखों रुपये का सामान पलभर में जलकर राख, इलाके में मचा हड़कंप

जशपुर/पत्थलगांव। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब बेहरा टेंट हाउस के गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा टेंट, पर्दे, कुर्सियां, सजावटी सामग्री सहित लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोदाम के पीछे कचरा जलाया जा रहा था और उसी दौरान उठी चिंगारी ने पास स्थित गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। टेंट हाउस में रखी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लेने में जुट गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए घंटों बाद आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक गोदाम में रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो चुका था, जिससे संचालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

टेंट हाउस संचालक नित्या बेहरा ने बताया कि कचरा जलाने के दौरान उठी चिंगारी से यह हादसा हुआ, जिससे उनका लाखों का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार प्रांजल मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और आगजनी का मामला दर्ज कर लिया गया है।

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सारूडीह में क्रिकेट का शानदार आगाज़—कौशल्या साय की गरिमामयी मौजूदगी में रात्रिकालीन टूर्नामेंट का शुभारंभ, उद्घाटन मैच में नागरिक इलेवन ने प्रशासन इलेवन को 4 रन से हराया

जशपुरनगर, 10 अप्रैल 2026।
सारूडीह चाय बागान रोड का मैदान गुरुवार की रात खेल, उत्साह और जनसैलाब का गवाह बना, जब स्वर्गीय विकास शर्मा की स्मृति में आयोजित जिला स्तरीय रात्रिकालीन नॉकआउट क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।

रात करीब 8:30 बजे उनके मैदान पहुंचते ही आयोजन समिति ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान हुई भव्य आतिशबाजी ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। चारों ओर तालियों और जयघोष के बीच उनके करकमलों से प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया गया।

आखिरी ओवर तक सांसें थामे रहा उद्घाटन मुकाबला

शुभारंभ के बाद खेला गया उद्घाटन मैच प्रशासन इलेवन और नागरिक इलेवन के बीच जबरदस्त रोमांच लेकर आया। 10-10 ओवर के इस मुकाबले में दोनों टीमों ने दमदार प्रदर्शन किया।

प्रशासन इलेवन की कप्तानी आईएएस अधिकारी अंकित फटकरे ने की, जिनके साथ हरिओम दुबे, विश्वास राव मस्के, समीर बड़ा जैसे अधिकारी मैदान में उतरे।
वहीं नागरिक इलेवन की कमान विजय आदित्य सिंह जूदेव के हाथों में रही, जिनकी टीम में अरविंद भगत, राजा सोनी, राहुल गुप्ता सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे।

नागरिक इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 82 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में प्रशासन इलेवन ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन टीम 77 रन तक ही पहुंच सकी। इस तरह नागरिक इलेवन ने 4 रन से शानदार जीत दर्ज कर दर्शकों का दिल जीत लिया। हर चौके-छक्के पर गूंजती तालियों ने मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया।

आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा मैदान खचाखच भरा रहा। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में फ्रेंड्स क्लब, जशपुर की टीम की भूमिका सराहनीय रही। अध्यक्ष विनय भगत, उपाध्यक्ष रूपेश नायक, कोषाध्यक्ष संदीप भगत, सचिव प्रिंस भगत, उपसचिव विशाल शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने समर्पण के साथ कार्य किया।

साथ ही मृत्युंजय पाठक, अतुल मूंदड़ा, सम्यक जैन, संदीप सिन्हा, प्रहलाद भगत, संजय खूंटे, ज्ञान भगत, मुनेश्वर सिंह, पप्पू शर्मा, गगन यादव, गौरव भगत, सागर नायक, शत्रुघ्न बघेल, प्रतीक तिग्गा, रवि एक्का, रोहित साहू, नितेश भगत, हर्ष, शिवानंद, अंशुल भगत, अभिमन्यु पाण्डेय, रुद्र, शिवम, विवेक नायक, आदित्य टोप्पो, अमन भगत, विजय पैंकरा, राजा गुप्ता, रोहित भगत, नवीन सहित सभी का योगदान उल्लेखनीय रहा।विशेष रूप से वैभव सिन्हा (डाबू) की सक्रियता और समर्पण इस आयोजन की सफलता की मजबूत कड़ी साबित हुई।

      यह आयोजन खेल के साथ-साथ सामाजिक एकता, युवा जोश और उत्सव की भावना का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया, जहां क्रिकेट के बहाने पूरा क्षेत्र एक मंच पर नजर आया।

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स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला — वाइस चांसलर मीट-2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा विजन, स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक-पारंपरिक चिकित्सा के संगम से बदलेगा प्रदेश का भविष्य

*स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय*

*आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री श्री साय*

*मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य*

*सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भ*

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन - सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्री

रायपुर 10 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

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कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई—खाद, बीज और दवा दुकानों पर छापा-जांच, अनियमितता पर 10 दुकानों को थमाया नोटिस

*जशपुरनगर 10 अप्रैल 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार किसानों को सही समय पर सही दर पर खाद एवं बीज उपलब्ध हो इस हेतु कृषि विभाग के उप संचालक सहित समस्त मैदानी अमले द्वारा निजी क्षेत्र के खाद, बीज एवं दवा दुकानों का सतत् रूप से निरीक्षण किया जा रहा है।
         खरीफ विपणन वर्ष 01 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। अब तक खरीफ उर्वरक का लक्ष्य 26675 मे.टन के विरूद्ध में जिले में अबतक 11306 मे.टन का उर्वरक भण्डारण कर 149 मे. टन खाद का वितरण किया जा चुका है। 
           इस तारतम्य में उप संचालक कृषि द्वारा जिले के कुल 10 दुकानों का स्वयं के द्वारा निरीक्षण किया गया एवं कमी यथा उर्वरक दर का डिस्पले नहीं होना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाना, किसानों को खाद विक्रय करने का रजिस्टर संधारण नहीं किया जाना, किसानों को खाद विक्रय की रसीद नहीं दिया जाना आदि अनियमितता पाये जाने पर 10 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें में. अन्नपूर्णा खाद भण्डारण पत्थलगांव, श्री राम सेल्स पत्थलगांव, ओमप्रकाश अवग्रवाल बगीचा, संजय अग्रवाल, बगीचा, नीशांत ट्रेड्स कांसाबेल, विनायक एग्रो कोतबा, न्यू आदेर्श कृषि केन्द्र, कोतबा, बालाजी खाद भण्डार पत्थलगांव, राहुल कृषि केन्द्र सन्ना एवं जैन कृषि केन्द्र सन्ना शामिल हैं। 
             जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को शासकीय दर पर एवं बोई जाने वाली फसल के रकबे के अनुसार ही उर्वरक का विक्रय करने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि किसी दुकानदार के द्वारा उक्त निर्देश का पालन नहीं करने पर उर्वरक अधिनियम के तहत् वैधानिक कार्यवाही यथा लाईसेंस निरस्तीकरण, एफ.आई. आर की कार्यवाही की जावेगी। साथ ही किसान भाई जब भी आपके द्वारा निजी दुकान से उर्वरक एवं अन्य आदान सामग्री क्रय की जाती है, तो शासकीय दर पर ही खरीदी कर रसीद लेने की अपील की जाती है। जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरक की कालाबाजारी, गैर कृषि उपयोग, जमाखोरी, अधिक कीमत पर विक्रय एवं अमानक उर्वरकों के विक्रय जैसे अवैध कार्यवाही रोकने के लिए जिले के सभी निजी एवं शासकीय 187 दुकानों को कृषि विभाग के मैदानी अमलों को नामजद डयटी लगाई गई है।

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स्थापना दिवस के अवसर पर नारायणपुर में भाजपा का आयोजन, जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी, बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल


नारायणपुर 10 अफ़्रैल 2026 : भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस (6 से 12 अप्रैल) के पावन अवसर पर चल रहे ‘गांव चलो–बस्ती चलो’ अभियान के अंतर्गत ग्राम नारायणपुर में एक भव्य, गरिमामयी एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एवं भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत कुनकुरी के उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्रीमती संतोषी बंदे जी, वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री जटाराम प्रजापति जी, श्री राजेंद्र यादव जी, श्री खीरी यादव जी, श्री भउवा राम जी, श्री कलेश्वर चौहान जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का श्रीफल एवं अंगवस्त्र से सम्मान कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की। साथ ही समाज के प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कर योजनाओं से वंचित लोगों तक लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अभियान के तहत गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा घर-घर भाजपा का ध्वज लगाकर संगठन के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों में अपार उत्साह देखने को मिला। “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। सभी ने संगठन के साथ मिलकर विकास और सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस सफल आयोजन में श्री भुनेश्वर यादव जी, श्री मुकेश प्रजापति जी, श्री वीरेश सनमानी जी, श्री गोपाल प्रसाद यादव जी, भाजयुमो मंडल मंत्री श्री अरुण कुमार मोहंती जी, श्री जनक राम जी सहित क्षेत्र के अनेक कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
 
इस कार्यक्रम के ग्राम प्रभारी भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल मंत्री श्री अरुण मोहंती जी रहे, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
       ग्राम नारायणपुर में आयोजित यह कार्यक्रम संगठन की मजबूती का प्रतीक होने के साथ-साथ “विकास और विश्वास” की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना।

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कुनकुरी में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर — एक ही शिविर में बना प्रमाण-पत्र, मिला यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण और योजनाओं का लाभ; 75 दिव्यांगजनों ने उठाया लाभ


 
जशपुरनगर 10 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत दिवस 08 अप्रैल को दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाया गया। इसके अलावा पेंशन योजनाओं सहायक उपकरण, दिव्यांग ऋण इत्यादि हेतु आवेदन भी लिया गया। 
        
      शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष  और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे। शिविर में  दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण सुगम्य केन श्री चन्द्रशेखर खत्री 60 वर्ष ग्राम नारायणपुर निवासी दृष्टि वाधित 100 प्रतिशत प्रदान किया गया एवं 10 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके साथ ही 5 दिव्यांगजन ने दिव्यांग पेंशन की जानकारी व दिव्यांग ऋण की जानकारी प्राप्त की। उक्त शिविर में 75 दिव्यांगजन उपस्थित हुए।

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दातुन लेने गए थे… मौत घर तक नहीं लौटने दी”: कुनकुरी के जंगल में हाथी का कहर, 83 साल के बुजुर्ग को पटक-पटककर मार डाला, गांव में दहशत और सन्नाटा 

नारायणपुर 10 अफ़्रैल 2026 । सुबह की साधारण दिनचर्या कब आखिरी सफर बन जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। नारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर कुसुमडार गांव में कल गुरुवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गई, जब दातुन तोड़ने जंगल गए 83 वर्षीय बुजुर्ग बुधनाथ राम चौहान को जंगली हाथी ने बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुनकुरी रेंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिलासपुर कुसुमडार निवासी बुधनाथ राम चौहान (83 वर्ष) कल गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे अपने घर से दातुन तोड़ने के लिए निकले थे। वे बेलजोरा नाला पार कर महज 800 मीटर दूर स्थित गिद्दाबहार जंगल पहुंचे थे, जहां पहले से ही दो जंगली हाथी विचरण कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि जैसे ही बुजुर्ग दातुन तोड़ने में व्यस्त थे, अचानक उनका सामना हाथियों से हो गया। हाथियों को सामने देख जान बचाकर भागने का प्रयास करने लगा,लेकिन उम्रदराज होने के कारण बुधनाथ राम चौहान तेज़ी से भाग नहीं सके।

इसी बीच एक हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से जकड़ लिया और जोर से पटक दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ओर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कुनकुरी अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया गया।

वन विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी बनाए हुए है।

इलाके में अब भी मंडरा रहा खतरा

जिस स्थान पर यह दर्दनाक हादसा हुआ है, वहां अब भी दो जंगली हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। इसे देखते हुए वन विभाग ने गांव में मुनादी कर लोगों को उस क्षेत्र में जाने से सख्ती से मना किया है।ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

 कल सुबह 10 बजे की घटना है समीप के नाला में  नहाने गया  उससे पहले दातुन के लिए नाला किनारे जंगल मे गया था जंहा उसका सामना हाथी से हो गया ओर हाथी ने सूंड़ से पटक कर जान ले लिया, शव को पीएम कराकर परिवार को सुपुर्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि 25 हजार दे दी गई है।

                                          सुरेन्द्र होता 

                             वन परिक्षेत्राधिकारी -कुनकुरी 

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