एग्रीस्टैक में हर खसरा-खाते का कराएं पंजीयन, तभी मिलेगा कृषि योजनाओं का लाभ : कलेक्टर
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एग्रीस्टैक में हर खसरा-खाते का कराएं पंजीयन, तभी मिलेगा कृषि योजनाओं का लाभ : कलेक्टर

जशपुरनगर, 31 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के किसानों को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान और किसान हितैषी सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए एग्रीस्टैक के अंतर्गत किसान पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसान के नाम एक से अधिक खाते अथवा अलग-अलग खसरे दर्ज हैं तो सभी को उसकी एग्रीस्टैक प्रोफाइल से जोड़कर पंजीयन कार्य पूर्ण करें।

 *पात्र किसान योजना के लाभ से नहीं होना चाहिए वंचित*

कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान, कृषि आदान सामग्री और अन्य किसान हितैषी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक में किसान का पंजीयन महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को पंजीयन कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत पात्र किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी अथवा पंजीयन संबंधी कारणों से कोई भी पात्र किसान शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न हो।

*राजस्व और कृषि विभाग मिलकर करें पंजीयन कार्य*

कलेक्टर ने राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव स्तर पर किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी देने के साथ ही भूमि अभिलेख, आधार अथवा अन्य आवश्यक जानकारी में त्रुटि होने पर उसका समयबद्ध निराकरण कराने को कहा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक में किसान पंजीयन महज औपचारिकता नहीं, बल्कि किसानों को शासन की कृषि योजनाओं और सेवाओं से डिजिटल रूप से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों की कृषि संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी और योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

*सीएससी, सहकारी समिति या पोर्टल से करा सकते हैं पंजीयन*

किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC), सहकारी समिति अथवा एग्रीस्टैक पोर्टल www.cgfr.agristack.gov.in के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन के लिए बी-1/खतौनी, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और आधार लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है। पंजीयन में किसी प्रकार की समस्या या सहायता के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी अथवा CSC केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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