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CG Big News : तेंदूपत्ता बोनस घोटाला.! EOW ने 14 आरोपियों के खिलाफ पेश किया 4500 पेज का चालान..मामले की जांच जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. तेंदूपत्ता बोनस घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने 14 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में लगभग 4500 पेज का चालान पेश किया है. बता दें कि इस मामले में EOW ने तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल समेत 11 आरोपियों (4 वनकर्मी व 7 प्रबंधक) को गिरफ्तार किया है. मामले में ईओडब्ल्यू की जांच जारी है.

वहीं, जांच में सामने आया है कि तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2021-22 के तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक में संग्राहकों को दी जाने वाली राशि 7 करोड़ का बंदरबांट किया था. अशोक पटेल ने वन विभाग के अधिकारियों और प्राथमिक लघुवनोपज समितियों के प्रबंधकों व पोषक अधिकारियों के साथ मिलकर इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया था. अब तक ईओडब्ल्यू ने तेंदूपत्ता बोनस गबन मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है.

दरअसल, प्रकरण में अब तक की विवेचना में 17 समितियों में से 8 दूरस्थ समितियों के संबंध में जांच की गई, जिस पर 3,92,05,362 रुपए का गबन कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाना पाया गया. उपरोक्त वर्णित आरोप में आज कुल 14 आरोपी लोकसेवक वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) अशोक कुमार पटेल, 04 वनकर्मी / पोषक अधिकारी (चैतूराम बघेल, देवनाथ भारद्वाज, मनीष कुमार बारसे, पोड़ियामी इड़िमा (हिडमा) एवं 09 समिति प्रबंधक (पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु, मोह. शरीफ, सीएच रमना (चिटटूरी), सुनील नुप्पो, रवि कुमार (रवि कुमार गुप्ता), आयतू कोरसा, मनोज कवासी, राजशेखर पुराणिक उर्फ राजू, बी.संजय रेड्डी) के विरूद्ध विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में लगभग 4500 पेज का चालान पेश किया.

फिलहाल, बस्तर क्षेत्र के घोर नक्सल एवं अति संवेदनशील आदिवासी बहुल क्षेत्र में तेंदूपत्ता वहां के निवासियों की आजीविका का अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है. इसके माध्यम से वे अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं. प्रकरण की विवेचना अंतर्गत मड़ईगुड़ा, गोलापल्ली, किस्टाराम, जगरगुण्डा, चिंतलनार, चिंतागुफा, भेज्जी, कोंटा तथा पोलमपल्ली के दूरस्थ अंदरूनी एवं पहुंचविहीन मार्गों में जाकर ग्रामीणों से पूछताछ करने पर ग्रामीणों ने बोनस स्कीम के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की और प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य दिए. इस मामले में अन्य 09 समितियों के संबंध में जांच जारी है.

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*श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का तीर्थयात्रा हेतु प्रस्थान — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं*

रायपुर : 15-Jul-2025 / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया।

इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।

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*राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार*

रायपुर, :15-Jul-2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

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*पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय निलम्बित*  

जशपुर :????????-????????????-???????????????? :लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के उप संचालक ने कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों,  निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया है।
           कलेक्टर जिला जशपुर के पत्र 26 जून 2025 के अनुसार कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को सौपे गये पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों,  निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण कलेक्टर, जिला जशपुर के द्वारा कारण बताओं सूचना जारी किया गया था, जिसका जवाब समाधान कारक नही पाया गया। 
       श्री साय का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 03 के सर्वथा विपरीत है।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) (क) के अन्तर्गत श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। निलम्बन काल में श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग सरगुजा नियत किया गया है। निलम्बन अवधि में श्री लालमन साय, एम.आई एस. प्रशासक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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*निर्माण कार्यों में देरी पर कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करने दिए निर्देश.....कार्यस्थल पर कार्य सूचना पटल अवश्य करें स्थापित*

जशपुर :कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में सभी जनपद पंचायतों के कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए धीमी गति से संचालित कुछ विकास कार्यों पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए स्वीकृति उपरांत समय सीमा में अप्रारम्भ कार्यों पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ऐसे कार्य जिनमें राशि जारी होने के उपरांत कार्य में प्रगति नहीं है। ऐसे कार्यों से ठेकेदार को हटाकर ब्लैकलिस्ट करते हुए जारी राशि की वसूली संबंधित कार्य एजेंसी से करने के निर्देश दिए। ऐसे कार्यों को अन्य व्यक्ति को प्रदान कर जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के प्रत्येक कार्य पर चर्चा कर उनकी स्थिति की जानकारी ली।
       इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी निर्माण कार्यों के स्थलों पर सूचना पटल स्थापित कर उसमें कार्य के संबंध में कार्य का नाम, कार्य एजेंसी, लागत, प्रारम्भ दिनांक, कार्य की अवधि आदि जानकारी अवश्य रूप से लोगों की जानकारी हेतु अंकित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों की विस्तृत जानकारी एवं प्रगति निरंतर फील्ड में जाकर जिओ टैगिंग फ़ोटो के साथ अपलोड करने के भी निर्देश दिए। 
        कलेक्टर ने क्षमता विकास के लिए निरंतर समीक्षा करने एवं कोई भी कार्य 3 वर्ष पूर्व के शेष ना रहें इसके लिए सरपंच एवं सचिवों के साथ समीक्षा करते हुए तीव्र गति से कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, एसडीओ आरईएस, कनिष्ठ अभियंता सहित पंचायतों में संचालित विभिन्न योजना के अधिकारी उपस्थित रहे।

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शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए हिन्दी और गणित के  व्याख्याताओं का उन्मुखीकरण संपन्न 

जशपुर नगर, : यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले में विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देश पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में आयोजित हुए उन्मुखीकरण में जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्यापन कराने वाले हिंदी और गणित विषय के व्याख्याता शामिल हुए।
यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर के निर्देशन में आयोजित किया गया। ‘यशस्वी जशपुर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से जोड़ना और पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।
कार्यक्रम में ‘यशस्वी जशपुर’ के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने शिक्षकों को माइंड मैपिंग, कंफर्ट जोन से ग्रोथ जोन तक के सफर और आत्मविश्वास बढ़ाने के विषय पर मार्गदर्शन दिया। कंफर्ट जोन से निकलकर किस प्रकार शिक्षक चुनौती लेकर शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि करते सकते हैं, उन्होंने यह समझाया। और यह भी बताया कि यदि शिक्षक अपने मानसिक दायरे से बाहर आकर सीखने और सिखाने की नई पद्धतियों को अपनाएं, तो शिक्षा में व्यापक सुधार संभव है।
ब्रेनस्टॉर्मिंग, उपचारात्मक शिक्षण समूह चर्चा के साथ कार्यशाला में गणित विषय पर गणितीय प्रश्नों को हल करने की सरल ट्रिक्स, टीएलएम के माध्यम से प्रभावशाली शिक्षण, पाठ्यपुस्तकों के कठिन बिंदुओं पर समूह चर्चा भी की गई। हिंदी विषय में शिक्षण के दौरान आने वाली विषयगत कठिनाइयों का समाधान, शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने हेतु रणनीतियों पर बात गई।
इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, मास्टर ट्रेनर संजय दास, राजेन्द्र प्रेमी, अश्विनी सिंह, सुभाष चौरसिया, भूमिका बाघव, प्रदीप भगत,कौशिल्या भट्टर सहित जिले के सभी हिंदी एवं गणित विषय के व्याख्याता उपस्थित रहे।

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*"स्कूटी दीदी" बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक –छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री*

रायपुर :????????-????????????-???????????????? : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।

एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।

एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।

वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।

एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।

एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।

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*रेत खनन में पारदर्शिता : छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप*

रायपुर : ???????? जुलाई ???????????????? : राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।

पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रता

राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।

वैध खदानों की संख्या में वृद्धि

वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।

IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खनन

प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।

अवैध खनन पर सख्त कार्यवाही

वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं।

विवादों पर त्वरित कार्यवाही

राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत

15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।

भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलन

छत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट ,राजस्व सम्बंधित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Sawan Recipes : सावन में फलाहारी का स्वाद बढ़ेगा दोगुना..बनाएं स्वादिष्ट खीर

Different Types of Kheer Recipes: सावन व्रत में बनाएं साबूदाना और मखाना खीर जैसी स्वादिष्ट फलाहारी रेसिपीज। जानिए आसान और झटपट बनने वाली खीर की विधि के बारे में।

आज सावन का पहला सोमवार है। लोग इस दिन भगवान शिव की पूजा करके दिनभर व्रत रहते हैं। सावन का महीना लगभग 1 महीने तक चलेगा। अगर आप सावन का व्रत रख रहे हैं तो फलाहारी में स्वाद को बढ़ाने के लिए आप विभिन्न प्रकार की मीठी खीर भी शामिल कर सकते हैं। आईए जानते हैं कुछ स्वादिष्ट खीर की रेसिपी के बारे में जो आप सावन व्रत के दौरान ट्राई कर सकते हैं।

 बनाएं साबूदाने की स्वादिष्ट की खीर

साबूदाने की खीर बनाने के लिए आपको साबूदाना 3 से 4 घंटे पहले पानी में भिगोकर रखना है। अब इसके बाद क्रीम वाला दूध एक पैन में चढ़ाएं और उबाल आने तक चलाते रहे। इसके बाद भीगे हुए साबूदाने से पानी निकाल कर साबूदाने को दूध के साथ पकाएं। इसके बाद स्वादानुसार शक्कर मिलाएं। आप चाहे तो गुड़ भी मिला सकती हैं लेकिन कभी भी उबलते हुए दूध में गुड़ डालने की गलती ना करें। इसके बाद काजू, बादाम से साबूदाना की खीर को गार्निश करें। तैयार है व्रत के लिए स्वादिष्ट साबूदाना खीर।

झटपट बन जाएगी मखाना खीर

इंग्रीडिएंट्स: 1 छोटा चम्मच देसी घी अपनी पसंद के मेवे 1/2 कप (100 ग्राम मखाना) 500 मिलीलीटर दूध 1/2 कप चीनी इलायची पाउडर

एक पैन में एक टेबल स्पून घी डालें और उसमें कटे हुए बादाम और काजू को डालकर हल्का फ्राई कर लें और एक प्लेट में निकाल लें। उसी पैन में मखाने को डालकर फ्राई कर लें। मखाना फ्राई करने के बाद ठंडा हो जाएगा तो आप इसे आसानी से क्रश कर सकते हैं। इसके बाद एक पैन में दूध लेकर उसको तब तक उबाले जब तक कि वह हल्का सा रिड्यूस ना हो जाए। अब इसमें क्रश किए हुए मखाने डालें और कुछ देर तक पकाएं। आप चीनी पिसी हुई भी डाल सकते हैं। इसके बाद जब आप थोड़ी देर तक चलाते रहेंगे तो दूध और मखाना मिलाकर गाढ़ा हो जाएगा। अब आंच बंद कर दें और फ्राई किए हुए बादाम और काजू को खीर में डाल दें। तैयार है स्वादिष्ट मखाने की खीर।

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CG Breaking : शून्य काल में अवैध रेत खनन का मुद्दा..विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने चर्चा की ग्राह्यता को किया अस्वीकार, विपक्ष का सदन से बहिर्गमन..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. विधानसभा में आज विपक्ष ने शून्य काल में रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा लाया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, लगातार प्रदेश में अवैध रेत खनन पुलिस ओर माइनिंग वालों की देखरेख में चल रहा है. खदानों में गोली चल रही है. जिंदा आदमियों पर ट्रक चढ़ा दिए जा रहे हैं, इसे स्वीकृत कर चर्चा कराई जाए. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की ग्राह्यता को अस्वीकार किया. इसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया.

वहीं इससे पहले उमेश पटेल ने कहा, माइनिंग के अधिकारियों को जब पूछा जाता है तो वो कहते हैं कि हमें ऊपर से आदेश है कि इन्हें नहीं पकड़ना है. पत्रचार के बाद भी कार्यवाही नहीं की जा रही है. रेत माफियों ने रायगढ़ जिले के मांड नदी का कोई किनारा नहीं छोड़ा है. यहां धड़ल्ले से अवैध उत्खनन चल रहा है इसलिए इस पर चर्चा करना बहुत जरूरी है.

वहीं देवेंद्र यादव ने कहा, आज के समय में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं. पूरी मिलीभगत के साथ अवैध रेत खनन का काम किया जा रहा है. इस पर चर्चा कराना बेहद जरूरी है. दिलीप लहरिया ने कहा, महानदी में कई जगहों पर रेत की सप्लाई बारिश में भी नहीं हो पा रही है. रेत माफिया चाकूबाजी करते हैं, समस्या गंभीर है, इसलिए हम चाहते हैं कि इस पर चर्चा हो. रामकुमार ने कहा, ऐसे विषय में चर्चा कराना बेहद आवश्यक है.

फिलहाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, यह निर्माण से संबंधित है. रेत खनन में माफिया सरकार को अपने जेब में रखकर दादागिरी के साथ नदियों को खाली कर रहे हैं. आपके जिले में गोलियां चला रही है, यह विषय बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है इसलिए इसमें चर्चा कराना जरूरी है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, स्थगन की सूचना आज प्राप्त हुई. उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की गृह्यता को अस्वीकार किया. इसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया.

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*मुख्यमंत्री की पहल से रजत जयंती वर्ष में आस्था और सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक पहल : आज रामलला दर्शन योजना के विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर करेंगे शुभारंभ*

रायपुर :छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’  जन जन के जीवन से जुड़ रही है।

इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर  मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, सीनियर डीसीएम श्री अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी – साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई।  इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन हेतु नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

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CG Breaking : श्री रामलला दर्शन योजना.! आज रायपुर से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन..CM साय दिखाएंगे हरी झंडी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ जन जन के जीवन से जुड़ रही है।

वहीं, इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम दयानंद, सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

वहीं, प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

दरअसल, उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई। इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फिलहाल, विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन के लिए नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

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CG Breaking : चमत्कार.! सावन के पहले सोमवार में शिवपुराण कथा के दौरान शिवलिंग के पास पहुंचे नाग देवता..दर्शन करने श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर। सावन के पहले सोमवार को कांकेर जिले के ग्राम रामपुर जुनवानी में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां शिवपुराण पाठ के दौरान मंदिर में स्थित शिवलिंग के पास अचानक नागदेवता सामने दर्शन दिए । जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

दरअसल, श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन मास के पहले सोमवार को नागदेवता का शिवलिंग के पास दिखना अत्यंत शुभ संकेत है। लोगों ने इसे भोलेनाथ की कृपा बताया और आस्था और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की।

फिलहाल, यह अद्भुत दृश्य काफी देर तक उपस्थित रहा और किसी को नुकसान पहुंचाए बिना नाग धीरे-धीरे वहां से चला गया। अब इस चमत्कारी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

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नए विधानसभा परिसर में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत जी ने एक पेड़ मां के नाम के तहत किया पौधा रोपण 

रायपुर : ????4 जुलाई ???????????????? : । जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत  नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई,यहां उन्होंने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधारोपण किया।
      ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन विधानसभा में रखा गया।यहां मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों के द्वारा पौधारोपण करते हुए गुलमोहर का पौधा लगाया।इस दौरान जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने भी पौधारोपण किया।

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राहुल गांधी से आदिवासी नेताओं की मुलाकात पर मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को घेरा..कहा- क्या दीपक बैज ये पूछने की हिम्मत दिखा पाए कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस ने.,पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। राहुल गांधी की ओर से आज ही में दिल्ली में आयोजित आदिवासी नेताओं के साथ विशेष बैठक को लेकर वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को सवालों में घेर दिया है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों पर कोई ठोस बात रखी, या यह बैठक भी सिर्फ परंपरागत चरणवंदना और औपचारिकता बनकर रह गई?

राज्यसभा में आदिवासी प्रतिनिधित्व को लेकर उठाए सवाल

मंत्री कश्यप ने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए तीन सदस्य भेजे, लेकिन उनमें से एक भी छत्तीसगढ़ का आदिवासी नहीं था. दीपक बैज ने वहां सवाल उठाया कि क्या दीपक बैज ने राहुल गांधी से यह पूछने की हिम्मत की कि आदिवासी नेताओं को कांग्रेस ने राज्यसभा भेजने लायक क्यों नहीं समझा?

उन्होंने कहा, “तीनों राज्यसभा सीटें बाहरी नेताओं को दे दी गईं, क्या यह छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं है?”

पिछली सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप

वहीं, केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश सरकार के दौरान तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वन अधिकारों और डीएमएफ फंड जैसे मामलों में आदिवासियों के हक को नजरअंदाज किया गया, लेकिन तब कांग्रेस के आदिवासी नेता मौन रहे. उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ना तब कुछ कहा और ना ही अब कुछ कर पा रहे हैं.

धर्मांतरण और सुरक्षा मुद्दों पर भी साधा निशाना

वहीं, भाजपा नेता ने बस्तर और सरगुजा में कथित धर्मांतरण के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के समय इस विषय पर आई प्रशासनिक रिपोर्ट्स को नजरअंदाज किया गया. “बस्तर के कमिश्नर और सुकमा एसपी की चिट्ठियों में खतरनाक हालात की बात थी, लेकिन उनपर कार्रवाई के बजाय धूल जमने दी गई,” मंत्री कश्यप ने कहा.

आदिवासी नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

दरअसल, केदार कश्यप ने पूछा कि अगर कांग्रेस के ये आदिवासी नेता अपने ही शासनकाल में जनहित के मुद्दे नहीं उठा सके, तो अब राहुल गांधी के सामने बोलने की अपेक्षा करना हास्यास्पद है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “बैज दिल्ली जाकर ‘सर नमस्ते’ करके ही लौट आए होंगे.”

दरअसल, आज राहुल गांधी ने दिल्ली में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के आदिवासी कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी. बैठक में जल, जंगल, जमीन, धर्मांतरण, शिक्षा, और आदिवासी धर्म कोड जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी. कांग्रेस नेताओं ने आदिवासी नेतृत्व को सशक्त करने, और सरगुजा-बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाने की मांग भी रखी थी.

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रॉबर्ट वाड्रा की ED में पेशी.!सांसद बृजमोहन अग्रवाल का तीखा हमला, कहा- 'जैसी करनी वैसी भरनी'..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा की प्रवर्तन निदेशालय (ED) में पेशी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “जैसी करनी वैसी भरनी”, यह कथनी कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

वहीं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के इतिहास की सबसे भ्रष्ट पार्टी रही है। केवल नेता ही नहीं, उनके रिश्तेदार और नजदीकी भी भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा का मामला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। कांग्रेस की राजनीति सिर्फ और सिर्फ सत्ता में रहकर देश को लूटने और अपने स्वार्थ सिद्ध करने तक सीमित रही है।

वहीं, बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज देश की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि किस प्रकार एक परिवार ने पूरे देश की राजनीति को अपनी निजी संपत्ति बनाने का माध्यम बना लिया था।

दरअसल, उन्होंने कहा कि जब कानून अपना काम करता है तो कांग्रेस उसे राजनीतिक प्रतिशोध बताने लगती है, जबकि सच्चाई यह है कि कानून के शिकंजे में वे लोग आ रहे हैं जिन्होंने देश की संपत्ति को लूटा है।

फिलहाल, सांसद बृजमोहन ने दो टूक कहा कि भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, भ्रष्टाचार करने वालों को कानून का सामना करना ही पड़ेगा।

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*मिशन मोड में  विष्णु देव की सरकार का अभियान,मलेरिया पर करारा प्रहार..... ‘शून्य मलेरिया’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम*

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।

25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।

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