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CG Breaking : कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी पर CM साय का तंज..कहा- 'अभी तो जांच जारी है, न जाने और कितनों का नंबर लगेगा'..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो जनता के लिए परेशानी खड़ा करती ही है. 5 साल सरकार चलाए तो जनता को धोखा दिए. पांच सालों में अनेक घोटाले हुए इसलिए जेल जा रहे हैं. अभी तो जांच जारी है, न जाने और कितने लोगों का नंबर लगेगा.

वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि ED केंद्रीय एजेंसी है, देश की प्रतिष्ठित संस्थान है. ED ने सोच समझकर ही कोई कार्रवाई की है. कांग्रेस के लोग जो करना है, उसके लिए स्वतंत्र हैं.

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने शुक्रवार को जन्मदिन के अवसर पर शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था. इस पर आज कांग्रेस की बैठक हुई, और सर्वसम्मति से ईडी की कार्रवाई के साथ सरकार और उद्योगपति के विरोध में 22 जुलाई को प्रदेश व्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया.

फिलहाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा करते हुए कहा कि (ईडी की कार्रवाई) यह बीजेपी के सोची-समझी रणनीति है. मेरा बेटा जो राजनीति में भी नहीं उसे भी टारगेट किया है. ईडी की इस अवैधानिक कार्रवाई का सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है.

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CG Big News : छत्तीसगढ़ की बेटी लेखा नेताम ने बढ़ाया प्रदेश का मान.! राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में शुमार कोण्डागांव से निकली एक होनहार बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। बंधापारा की रहने वाली लेखा नेताम ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित 54वीं केंद्रीय विद्यालय राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 52 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया।

बता दें कि यह प्रतियोगिता 16 से 20 जुलाई तक नोएडा में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। लेखा नेताम की यह जीत केवल उनके परिवार या जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।

आईटीबीपी की ट्रेनिंग बनी सफलता की सीढ़ी

ज्ञात हो कि, लेखा नेताम कोण्डागांव स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 41वीं वाहिनी से प्रशिक्षित हैं। उनके कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ-साथ उन्हें मिले सैन्य स्तर के अनुशासन और प्रशिक्षण ने इस मुकाम तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। प्रशिक्षक उदय सिंह यादव और नारायण सोरेन ने लेखा को तकनीकी और मानसिक रूप से इस स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया।

कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन ने बढ़ाया हौसला

वहीं, इस उपलब्धि के पीछे ITBP के क्षेत्रीय मुख्यालय भुवनेश्वर के उप महानिरीक्षक श्री संजीव रोलबा और 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह का कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन भी सराहनीय रहा। इन अधिकारियों के समर्थन और प्रेरणा ने लेखा जैसी प्रतिभाओं को एक नई दिशा दी है।

नक्सल क्षेत्र में खेल की नई रोशनी

दरअसल, कोण्डागांव जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में ITBP द्वारा संचालित ये खेल प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए एक आशा की किरण बनकर उभरे हैं। ये न केवल उन्हें खेलों में करियर बनाने का अवसर दे रहे हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन की ओर भी प्रेरित कर रहे हैं।

फिलहाल, लेखा नेताम की यह जीत इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, सही मार्गदर्शन और कठिन मेहनत से कोई भी युवा, चाहे वह कितनी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से क्यों न आया हो, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल कर सकता है।

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*मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ......फार्मास्यूटिकल इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम*

नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार :

मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 19 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की  इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से श्री कोमलचंद चोपड़ा, श्री अनिल देशलहरा और श्री उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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*पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

महारानी अहिल्याबाई होलकर ने समाज में प्रशासन, न्याय और जनकल्याण की अनुकरणीय व्यवस्था एवं उदाहरण प्रस्तुत किए – मुख्यमंत्री श्री साय

पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर का संपूर्ण जीवन समाज कल्याण हेतु रहा समर्पित

रायपुर, 19 जुलाई 2025/ पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर का संपूर्ण जीवन समाज कल्याण हेतु समर्पित रहा। वह इंदौर की न केवल महारानी थीं, बल्कि न्यायप्रिय, धार्मिक एवं निष्पक्ष प्रशासक भी थीं। उन्होंने देशभर में धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणादायक हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित पुण्यश्लोक लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन समारोह में कही।

श्री साय ने आगे कहा कि हम सभी लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मना रहे हैं। इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश एवं प्रदेश में उनकी स्मृति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

सुशासन, सनातन और संस्कृति के लिए समर्पित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के जीवन पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति लोगों तक उनके महान कृतित्व को पहुंचाने में सहायक होगी। राजमाता अहिल्याबाई होलकर हमारे गौरवशाली इतिहास की महान प्रेरणापुंज हैं। उनके जीवन चरित्र से वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार किया। तीन दशकों तक उन्होंने होलकर राजवंश का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रशासन, न्याय और जनकल्याण की अनुकरणीय व्यवस्था प्रदान की। दक्षिण में कांची, उत्तर में बद्रीनाथ, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका तक, हर स्थान पर उनके पुण्य कार्यों की छाप मिलती है। वे इंदौर की महारानी थीं, परंतु उन्होंने अपने को किसी भौगोलिक सीमा में नहीं बाँधा। देश के विभिन्न हिस्सों में उन्होंने मंदिरों का निर्माण, धर्मशालाओं की स्थापना की और धर्म की पताका सदैव लहराई।

वह सनातन की ध्वजवाहिका रहीं। जब महारानी अहिल्याबाई का नाम आता है तो हाथों में शिवलिंग लिए हुए उनकी तस्वीर सजीव हो उठती है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के प्रतीक काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। जब औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को नष्ट किया, तब यह घटना हिंदू समाज के लिए अत्यंत आघातकारी थी। उस समय माता जीजाबाई ने शिवाजी महाराज से कहा था कि काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हमारा सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। पेशवा माधवराव ने भी अपनी वसीयत में लिखा था कि उनकी इच्छा है कि काशी विश्वनाथ मंदिर फिर से बने। यह यशस्वी कार्य राजमाता अहिल्याबाई होलकर के कर-कमलों से संपन्न हुआ।

उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कर लाखों आस्थावान हिंदुओं के सपनों को साकार किया। वे हरिद्वार से गंगाजल मंगवाकर उसे कांचीपुरम के शिव मंदिर में अर्पित करवाती थीं। उन्होंने पुरी में धर्मशाला तथा द्वारका में भी धार्मिक निर्माण कार्य करवाए। जिस प्रकार आदि शंकराचार्य जी ने सनातन परंपरा को जोड़ते हुए चार धाम की स्थापना की, उसी परंपरा में राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव साय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रस्तावना विश्व मांगल्य सभा की श्रीमती निकिता ताई द्वारा प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक श्री किरण देव साय, श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय सहित बड़ी संख्या में विधायकगण, सांसदगण, निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात*

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं छूएंगी आकाश, आधुनिक तकनीक से होंगे खिलाड़ी पारंगत

छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के लिए होगा कार्य

रायपुर, 19 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।

श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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श्रीमती कौशल्या विष्णुदेवसाय जी की गरिमामयी उपस्थिति में विकासखण्ड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन बच्चों को किताबें सायकिल किया गया वितरण


फरसाबहार, 19 जुलाई: विकासखण्ड फरसाबहार में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीया श्रीमती कौशल्या विष्णुदेवसाय जी थीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
 कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम का संचालन सजेस फरसाबहार के छात्र प्रत्यूष तिवारी एवं छात्रा आकांक्षा भगत के द्वारा किया गया है | इसके पश्चात एकलव्य विघालय एवं सजेस फरसाबहार के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
इस अवसर पर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का तिलक, चंदन एवं मुंह मीठा कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया एवं उन्हें नवीन पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, सायकल आदि सामग्री वितरित की गई। 
    मुख्य अतिथि द्वारा बच्चों को आशीर्वचन देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं। उक्त कार्यक्रम में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं , शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं पालक शामिल हुए।
     इस शुभ अवसर पर शैक्षिक उत्कृष्टता प्रदान करने वाले शिक्षकों एवं विभाग से समस्त वर्ग के कर्मचारियों उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
        इस सफल आयोजन ने न केवल बच्चों को प्रेरित किया, बल्कि शिक्षकों एवं पालकों के मन में भी शिक्षा के प्रति नई आशा एवं संकल्प को जन्म दिया।


      इस अवसर पर श्री वेद प्रकाश भगत, जिला पंचायत सदस्य , श्री मुक्तेश्वर साय (मंडल अध्यक्ष  ) ,श्रीमती हेमंती भरत साय, जनपद पंचायत अध्यक्ष, भजन साय निज सचिव मा मुख्यमंत्री जी श्रीमती संध्या सिंह  अध्यक्ष शिक्षा समिति , श्री फेंटा चौधरी युवा मंडल अध्यक्ष, श्री दीपक चौहान युवा मंडल अध्यक्ष, श्री योगेश मिश्रा, श्रीमती राधिका पैंकरा, श्री ठाकुर राम, श्री शिव कुमार पैंकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
     जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भटनागर, विकासखण्ड अधिकारी श्री दुर्गेश देवांगन, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक श्री देवेन्द्र कुमार सिंह, ABEO श्री रविंद्रनाथ साय, प्रभारी BPO श्री दादू प्रसाद चन्द्रा जी, श्री प्रभाकांत सरोज एवं तहसीलदार सुश्री ज्योत्सना कोलहारी , श्री प्रदीप कुमार कुजूर प्राचार्य श्री हेमंत कुमार निकुंज  व्याख्याता एवं समस्त विद्यालय के अधिकारी कर्मचारी एवम् शिक्षक शिक्षिकाओं का कार्यक्रम आयोजित करने में सराहनीय योगदान रहा। इसके साथ ही एकलव्य विद्यालय के पूरे स्टाफ में भी उक्त कार्यक्रम हुए सफल संचालन हेतु बेहतर प्रयास किया उक्त कार्यक्रम में संकुल शैक्षिक समन्वयक के द्वारा भी सहयोग कर सभी छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों को भोजन कराया गया।
        कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि महोदय के द्वारा एक पेड़ मां के नाम के तहत विद्यालय परिसर में आम का पौधा  लगाया गया।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के सपनों को मिल रही नई उड़ान.....सीख रहे हैं सैटेलाइट की बारीकियां

जशपुर नगर, 19 जुलाई25/ कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि और नवाचार क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टूडेंट सैटेलाइट ट्रेनिंग वर्कशॉप की शुरुआत हुई। चलने वाली इस छह दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिल रहा है।

कार्यशाला में जिले के 50 होनहार विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर मिला है। प्रशिक्षण का संचालन इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन से आए विशेषज्ञ शिव सिंह भदोरिया और उनकी टीम के द्वारा किया जा रहा है।

वर्कशॉप का मुख्य आकर्षण — सैटेलाइट मेकिंग की पूर्ण अवधारणा

कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्टूडेंट सैटेलाइट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख भागों और अवधारणाओं को शामिल किया गया है:

 सैटेलाइट के प्रमुख भाग:
1. पावर सिस्टम – सौर पैनल, बैटरी और पावर मैनेजमेंट यूनिट, जो उपग्रह को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
2. कम्युनिकेशन सिस्टम – एंटीना और ट्रांससीवर, जिससे उपग्रह धरती से डेटा भेज और प्राप्त कर सकता है।
3. ऑनबोर्ड कंप्यूटर (OBC) – उपग्रह का मस्तिष्क, जो सभी कार्यों और सेंसर को नियंत्रित करता है।
4. पेलोड – वैज्ञानिक यंत्र या सेंसर, जो विशिष्ट मिशन उद्देश्यों की पूर्ति करता है (जैसे कैमरा, टेम्परेचर सेंसर आदि)।
5. स्ट्रक्चर – सैटेलाइट का ढांचा जो सभी घटकों को सहारा देता है और उन्हें सुरक्षित रखता है।
6. एडीसीएस (Attitude Determination and Control System) – सैटेलाइट की दिशा और स्थिति नियंत्रित करने वाला सिस्टम।
7. थर्मल कंट्रोल सिस्टम – तापमान को संतुलित रखने के लिए आवश्यक सामग्री और तकनीक।

अवधारणाएं जो विद्यार्थियों को सिखाई जा रही हैं:
1. सैटेलाइट का कार्य कैसे होता है और यह कक्षा (orbit) में कैसे स्थापित होता है।
2. माइक्रो सैटेलाइट एवं क्यूब सैट जैसी श्रेणियां।
3. पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाले उपग्रहों की गति और उनके उपयोग।
4. सैटेलाइट डेटा का उपयोग — मौसम पूर्वानुमान, संचार, भू-मानचित्रण आदि में।
5. प्रोटोटाइप बनाना और प्रैक्टिकल मॉडल पर कार्य करना।

यह अभिनव पहल न केवल विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में प्रेरित कर रही है, बल्कि उनके अंदर वैज्ञानिक सोच, टीमवर्क और रचनात्मकता भी विकसित कर रही है।  उल्लेखनीय है कि आईडीवाईएम फाउंडेशन अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अभी तक 5 लाख विद्यार्थियों को जोड चुका है, यह इसरो से रजिस्टर्ड एक ट्यूटर संस्था है। कार्यक्रम में  इग्नाइटिंग ड्रीम ऑफ़ यंग माइंड्स फाउंडेशन के प्रेम प्रकाश देवांगन और दुर्गेश कुमार ट्रेनर के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा क्षेत्र में श्रमदान कर स्वच्छता के लिए कर रहा जागरूक .....झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़कर तत्काल अस्पताल पहुंचने की भी जानकारी दी गई 

जशपुर 19 जुलाई 25/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा अंतर्गत ग्राम आसनपानी मरंगी दूरस्थ अंचलों और दुर्गम बसाहट विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा ग्राम में सर्प दंश से बचाव जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें घर एवं आंगन की साफ सफाई , पलंग पर सोने की सलाह, तत्काल अस्पताल आने एवं पूर्ण विश्वास के साथ इलाज लेने की सलाह दी गई। स्वच्छता एवं स्वच्छ रहने के अनुभव साझा और टीम बगीचा के द्वारा श्रमदान किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा स्वच्छ वातावरण निर्मित करते हुए सर्प दंश की घटनाओं में कमी लाने के साथ मृत्यु दर में कमी लाने  का विशेष प्रयास किया जा रहा है।

 जागरूकता अभियान के साथ श्रमदान का कार्य प्राथमिकता के साथ ग्राम पंचायतों में लगातार जारी रखा जाएगा।

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बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं श्रीमती करुणा गुप्ता

जशपुर, 19 जुलाई 2025/ ग्राम पंचायत पतराटोली विकासखंड दुलदुला की श्रीमती करुणा गुप्ता बिहान योजना के एकता महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाली सशक्त महिला के रूप में उभर रही हैं।

समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर वे गांव के तालाब में सामूहिक मछली पालन कार्य कर रही हैं, वहीं व्यक्तिगत रूप से उन्होंने पहले से संचालित अपनी बर्तन दुकान को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹2 लाख का ऋण प्राप्त कर विस्तार दिया। अब वे थोक और खुदरा स्तर पर बिक्री कर रही हैं और इससे उन्हें सालाना लाखों रुपए की आमदनी हो रही है।

स्वरोजगार के इस प्रयास से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई हैं और अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। श्रीमती गुप्ता ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।

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अचानक मौसम बदला, आकाशीय बिजली गिरने से चार मवेशियों की मौत

नारायणपुर : - नारायणपुर थाना के ग्राम पंचायत साहीडाँड़ में जंगल में चरने गए मवेशियों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। चारों मवेशी दो किसान के थे,जिससे उसे बड़ी आर्थिक क्षति हुई है।

ग्राम साहीडाँड़ निवासी सिबल राम एक बैल दो बछिया और अमृत टोप्पो एक शनिवार की दोपहर 2 बजे मवेशियों को चराने पास के जंगल की ओर ले गया था। लेकिन अचानक बारिश के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दो ग्रामीण की चार मवेशी आ गई और मौके पर ही चोरों की मौत हो गई। जबकि दोनों व्यक्ति थोड़ी दूरी एक घर पर शरण लिया था। इस वजह से दोनों व्यक्ति आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बच गया।
घटना की जानकारी थाना नारायणपुर को दी गई। आकाशीय बिजली एक साल पेड़ को चीरते हुए अंदर घुस गई। इसी पेड़ की नीचे बारिश से बचने चारो मवेशी शरण लिए हुए था। पर मवेशी मालिक को क्या पता था कि कभी भी मवेशी के  ऊपर गाज गिर सकती है

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*48 मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से स्वीकृत हुए 2 करोड़ 3 लाख 59 हजार रुपए, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा......*

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार जिले के 48 प्राचीन व जनआस्था से जुड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 2 करोड़ 3 लाख 59 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में मंदिरों के विकास, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से न केवल धार्मिक आस्था के केंद्रों को नवजीवन मिलेगा, बल्कि यह योजना स्थानीय रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त बनाएगी। गाँव-गाँव में बसे श्रद्धा स्थल अब शासन की योजना से भव्य और सुव्यवस्थित रूप में पुनर्निर्मित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन ने धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने जिले के विभिन्न मंदिर का जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृति दी है– ग्राम जामटोली हनुमान मंदिर केन्दपानी 3 लाख रुपए,
ग्राम जामटोली हनुमान मंदिर 2 लाख,ग्राम सिरिमकेला नगेराटुकु मंदिर 5 लाख,ग्राम गट्टीबूढ़ा हनुमान मंदिर रायटोली 3 लाख,ग्राम खटगा हनुमान मंदिर रोतियाटोली 3 लाख,ग्राम दोकड़ा हनुमान मंदिर खुटीटोली 5 लाख,ग्राम दोकड़ा राधाकृष्ण मंदिर डेंबुटोली 5 लाख, ग्राम दोकड़ा हनुमान मंदिर डुमरटोली 3 लाख,ग्राम चेटबा हनुमान मंदिर 5 लाख,ग्राम चेटबा गायत्री मंदिर 5 लाख, ग्राम चेटबा श्रीराम मंदिर नारायण बहली 5 लाख, ग्राम देवरी शिव मंदिर फॉस्कोटोली 5 लाख,ग्राम कटंगखार शिव मंदिर जमुन्दा 5 लाख,ग्राम नारियरडांड हनुमान मंदिर कोगाबहरी 5 लाख, ग्राम शब्दमुंडा छातेस्वर महादेव मंदिर 3 लाख, ग्राम पतरापाली के बजरंगबली मंदिर गरियादोहर 5 लाख, ग्राम कोहलनझरिया जगन्नाथ मंदिर 5 लाख,ग्राम खुटगांव बुढ़ा महादेव शिव मंदिर 5 लाख, ग्राम तुमला शिव मंदिर महादेव गुड़ी 5 लाख,ग्राम सिंगीबहार जगन्नाथ मंदिर 5 लाख ,ग्राम सपाडांड, पंचायत केरसई - बजरंगबली मंदिर 5 लाख,ग्राम अमडीहा - बजरंगबली मंदिर 5 लाख,ग्राम डुमरिया - शिव मंदिर कालादरहा 2 लाख,ग्राम बोखी- शिव मंदिर लकराघरा 3 लाख,
पंचायत अमडीहा में शिव मंदिर कदलकछार 3 लाख,
ग्राम पुराइनबंध में कृष्ण मंदिर 5 लाख,ग्राम साजबहार में शिव मंदिर 5 लाख, ग्राम समडमा में शिव मंदिर 5 लाख,ग्राम केन्दईबाहर- काली दुर्गा मंदिर 5 लाख,ग्राम हेठघिंचा - राधाकृष्ण मंदिर 5 लाख ,ग्राम धौरासाड- शिव मंदिर 3लाख ,ग्राम पगुराबहार - मंदिर (सरईटोली) 3 लाख,ग्राम रायकेरा - शिव मंदिर महादेव टोंगरी 5 लाख, ग्राम पण्डरापाठ - नागेश्वर धाम मंदिर 4.79 लाख, ग्राम सन्ना गायत्री मंदिर 5 लाख, ग्राम मनोरा - शिव मंदिर 3 लाख,ग्राम बटुराबहर श्री राम मंदिर 5 लाख,कुनकुरी थाना परिसर मंदिर 3 लाख,ग्राम दोढ़ीबहर - शिव मंदिर 5 लाख रुपए,ग्राम गिनाबहार में हनुमान मंदिर 3 लाख,
ग्राम भेलवटोली बजरंगबली मंदिर में 5 लाख, ग्राम जोरातराई - शिव मंदिर चिटकवाइन 5 लाख, ग्राम सिंदरीमुंडा- श्री राधाकृष्ण मंदिर पुटूकेला 5 लाख,ग्राम गोरिया - हनुमान मंदिरकोरवाबहारी 5 लाख,ग्राम हेठकापा - शिव मंदिर नोनपानी 3 लाख, ग्राम गोरिया - शिव मंदिर में कुम्हारटोली 3 लाख, ग्राम पंचायत कुनकुरी वार्ड 4 - लक्ष्मी भोलेनाथ मंदिर 5 लाख, श्री जगन्नाथ मंदिर रायकेरा के जीर्णोद्धार के लिए 4 लाख 80 हजार रुपए की लागत से मंदिरों का विकास,संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

स्वीकृति की जानकारी मिलते ही विभिन्न ग्रामों के पुजारियों, समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के सांस्कृतिक गौरव को सहेजने वाला है। जिससे धार्मिक आस्था के केंद्रों को नवजीवन मिलेगा।

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*"यशस्वी जशपुर" कार्यक्रम के अंतर्गत इतिहास विषय के व्याख्याताओं का  उन्मुखीकरण संपन्न 

जशपुर :  कलेक्टर रोहित व्यास  और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित "यशस्वी जशपुर" कार्यक्रम के अंतर्गत इतिहास विषय के व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में विषयगत ओरिएंटेशन, संशोधित पाठ्यक्रम की समझ, शिक्षण में आने वाली विषय-विशेष की चुनौतियों का समाधान, और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के द्वारा शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु हाई और हायर सेकंडरी विद्यालय के सभी विषय के व्याख्याताओं का उन्मुखीकरण कराया जा रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र प्रेमी ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों के शैक्षणिक कर्तव्यों, शिक्षा के बदलते स्वरूप और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावों पर प्रकाश डाला।
       विकास पांडेय ने शिक्षकों को "कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर नवाचार की ओर बढ़ने" हेतु एक प्रेरणादायक सत्र प्रस्तुत किया, जो शिक्षकों के मनोबल और नवाचारशील दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है।
डॉ. मिथलेश पाठक ने अपने व्याख्यान में इतिहास के व्यापक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कक्षा 12वी के पाठक्रम सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर राष्ट्रीय आंदोलन, भारत-पाक विभाजन, और संविधान निर्माण तक के विषयों की गहन चर्चा की। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इतिहास की आवश्यकता और अंग्रेज इतिहासकारों के भारतीय इतिहास पर प्रभाव पर भी चर्चा की।
जयेश सौरभ  टोपनो ने वर्ष 2025–26 के  संशोधित पाठ्यक्रम पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि अब राज्य बोर्ड द्वारा एन सी ई आर टी के राष्ट्रीय एकीकृत ढांचे के अनुरूप ही पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किन अध्यायों को हटाया गया है और "छत्तीसगढ़ का इतिहास" को किस तरह से एक प्रमुख अध्याय के रूप में पुनः शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान इतिहास विषय में 100 प्रतिशत परिणाम लाने वाले व्याख्याताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। व्याख्याता महेश केरकेट्टा ने इतिहास में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों की रणनीति और अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों को परिणामोन्मुखी योजना बनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के सफल संचालन यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय के द्वारा कराया गया। अंत में, सभी उपस्थित शिक्षकों ने सत्र 2025–26 में 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने का संकल्प लेते हुए बच्चों को समर्पित शिक्षण की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम हेतु बनाये गए समय सारिणी अनुसार फीडबैक सहित ऑनलाइन पोस्ट टेस्ट लिया गया।

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*छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित.....विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम*

रायपुर, 18 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य की आर्थिक स्थिरता और सतत विकास को सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह विधेयक राज्य के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विधेयक के उद्देश्यों, प्रावधानों और इससे होने वाले लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 दस्तावेज तैयार किया है, जिसके अंतर्गत राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी कड़ी में राज्य की वित्तीय दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष फंड स्थापित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संसाधनों से होने वाली आय में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2001-02 से 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पूंजीगत व्यय में भी लगभग 43 गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत तथा वर्ष 2023-24 में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय से अर्थव्यवस्था को मल्टीप्लायर इफेक्ट मिलता है, जिससे एक रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था को तात्कालिक रूप से 2.45 रूपए और दीर्घकाल में 3.14 रूपए का लाभ मिलता है। इसी दृष्टिकोण से यह फंड राज्य के पूंजीगत व्यय को सुदृढ़ करने सहायक होगा।

फंड के प्रमुख प्रावधान और लाभ

वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड खनिज संसाधनों से प्राप्त वार्षिक राजस्व का न्यूनतम 1 प्रतिशत और अधिकतम 5 प्रतिशत तक निवेश की व्यवस्था करेगा। फंड से प्राप्त लाभांश को पुनः फंड में निवेश किया जाएगा। इस फंड का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिए ही किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही मूल राशि से आहरण किया जा सकेगा, वह भी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक। फंड की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत नियम बनाए जाएंगे, जिनमें फंड प्रबंधन, निवेश प्रक्रिया और अनुमति योग्य निवेश साधनों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

राज्य के लिए ऐतिहासिक पहल

श्री ओपी चौधरी ने कहा कि ऐसा फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ संभवतः देश का पहला राज्य है। मुख्य बजट 2025-26 में इस फंड के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिला खनिज न्यास निधि का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज समेत कई जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।

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*मुख्यमंत्री 19 जुलाई को एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का करेंगे उद्घाटन*

रायपुर, 18 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 19 जुलाई को नवा रायपुर, अटल नगर के सेक्टर-5 में एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। 

छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और चिकित्सा नवाचार का हब बनाने की दिशा में एस्पायर फार्मास्यूटिकल इकाई का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ अभियान का हिस्सा है। यह संस्थान अनुसंधान, विकास और निर्यात के लिए भविष्य में छत्तीसगढ़ का केंद्र बनेगा। यह हाई-टेक फार्मा इकाई न केवल नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित है, बल्कि यह राज्य के औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी एक नई दिशा देगी। यह यूनिट फार्मास्युटिकल्स निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगी और राज्य को वैश्विक औषधि मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगी। यह इकाई अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित तथा स्वचालित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन इकाई हैै। इस इकाई में लगभग 100 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अति विशिष्ट अतिथि, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और सांसद श्री विजय बघेल, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, अजय चन्द्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, गुरू खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन, संतप अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इसी प्रकार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ अधोसंरचना एवं विकास निगम के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर दुर्ग श्रीमती अलका बाघमार, महापौर धमतरी श्री रामू रोहरा, अपैक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेन्द्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव एवं सिडबी के महाप्रबंधक श्री प्रमोद कुमार विजयवर्गीय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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CG Big News : एक महत्वपूर्ण कदम.! जनविश्वास विधेयक पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़..अब आपराधिक मुकदमा नहीं, लगेगा जुर्माना..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जनविश्वास विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। यह विधेयक राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कई ऐसे कानूनों को संशोधित करना है, जो नागरिकों और कारोबारियों द्वारा की गई छोटी-मोटी त्रुटियों को भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी मेें शामिल थे।

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस विधेयक को विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर, छत्तीसगढ़ अब मध्य प्रदेश के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने जनविश्वास विधेयक पारित किया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार व्यवसाय को आसान बनाने के साथ-साथ गैर अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यापारियों एवं आम नागरिकों न्यायालयीन मुकदमे से संरक्षित करना और एक सुगम व्यावसायिक एवं जिम्मेदारी पूर्ण वातावरण तैयार करना है। यह विधेयक दंड देने के बजाय व्यवसाय को दिशा देने और ऐसी नीति बनाने में सहायक है, जो व्यावहारिक और संवेदनशील हों।

वहीं, इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किए गए छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर जुर्माने (शास्ति) के दायरे में लाता है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और अदालतों पर बोझ कम होगा, साथ ही नागरिकों को छोटी गलतियों के लिए आपराधिक मामलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस विधेयक में छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, और छत्तीसगढ़ सहकारिता सोसायटी अधिनियम से संबंधित 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

दरअसल, विधेयक का लक्ष्य उद्यमियों को नियामकीय सूचनाओं से संबंधित देरी के लिए आपराधिक मुकदमे के डर से मुक्ति दिलाना है। अब ऐसे मामलों में केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा, जिससे व्यापार व्यवसाय में आसानी होगी। विधेयक में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। सार्वजनिक स्थल पर शराब के उपभोग के मामले में पहली बार सिर्फ जुर्माना और इसकी पुनरावृत्ति के मामले में जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।

फिलहाल, नगरीय प्रशासन विभाग के अधिनियम के तहत मकान मालिक द्वारा किराया वृद्धि की सूचना नहीं दिए जाने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के प्रावधान को संशोधित कर अब अधिकतम 1,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है। इसी तरह किसी सोसायटी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन दाखिल करने के मामले में विलंब की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान को संशोधित कर नाममात्र के आर्थिक दंड में बदल दिया गया है। विशेषकर महिला समूहों के मामलों में इसे और भी न्यूनतम रखा गया है। यदि कोई संस्था गलती से सहकारी शब्द का उपयोग कर लेती थी, तो उसे आपराधिक मुकदमे और दंड के प्रावधान के स्थान पर अब केवल प्रशासनिक आर्थिक दंड का प्रावधान है।

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Jashpur News : जरूरी कदम उठाने के निर्देश.! कलेक्टर ने पालकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की..पढ़ें पूरी ख़बर

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों और इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों की उपस्थिति पर विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षाओं में जिन स्कूलों में आपेक्षिक परीक्षा परिणाम नहीं आए हैं उन स्कूलों के प्राचार्यों को इसमें आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए।

बता दें इसके साथ ही कलेक्टर ने इस शैक्षणिक सत्र में जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम दर्ज हुई है उन पर नाराजगी जाहिर करते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा की अगर इसमें सुधार नहीं किया जाता है तो संबंधित स्कूल के प्राचार्यों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने पालकों से अपील करते हुए कहा की अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए नियमित रूप से स्कूल भेजें। 

ज्ञात हो कि स्कूल ही वह माध्यम है जहां बच्चें पढ़ाई कर अपने आने वाला कल को सुंदर बना सकते हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद से स्कूलों में शिक्षकों की कमी की जो समस्या थी, उसे दूर कर लिया गया है। कलेक्टर व्यास ने स्कूलवार बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा के दौरान अगले सत्र में इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए और कहा कि आपेक्षिक परीक्षा परिणाम नहीं आने पर संबंधित स्कूल के प्राचार्यों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने प्राचार्यों को निर्देश दिए की जो बच्चे किसी कारणवश स्कूल नहीं आ रहे हैं उसके घर जाकर उनसे संपर्क कर स्कूल आने के लिए प्रेरित करें इसके साथ ही उनके पालकों को भी इस बारे में जागरूक करें। सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बच्चों को रोजाना स्कूल आने के लिए बच्चों को जागरूक करने हेतु सहायता लें।

आगे कलेक्टर ने कहा की अपने काम को एक मिशन की तरह मान कर चलें। हमें आने वाले कल के लिए बच्चों को भविष्य संवारना है इस मंशा के साथ कार्य करे तो परिणाम और भी बेहतर होंगे। इसके अलावा कलेक्टर ने स्कूल संबंधी गतिविधियों को विनोबा ऐप पर दर्ज करने और इसे लगातार अपडेट रखने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने एक पेड़ मां के नाम के तहत स्कूलों में पौधारोपण को कार्य प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे के साथ ट्री गार्ड भी लगाएं, ताकि इसकी सुरक्षा हो सके।

वहीं कलेक्टर व्यास ने निर्देश दिए कि पुस्तकालय से बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रदान करें और किसी महापुरूष की जीवनी के बारे में बोलने के लिए प्रेरित करे इससे उसमें प्रतिभा का विकास होगा। इसके साथ ही खेल समाग्रियों को निकटत्म छात्रावास में सुपुर्द करें ताकि इसका समुचित उपयोग हो सके। इसके अलावा कलेक्टर ने संपर्क स्मार्ट क्लास, साइंस क्लब, अटल टिंकरिंग लैब और प्रयोगशाला की सुदृढ़िकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिस विद्यालय में साइंस क्लब की गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई है वहां इसे जल्द कराने के निर्देश प्राचार्याे को दिए। 

दरअसल कलेक्टर व्यास ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा अधिकारियों को सतत रूप से स्कूलों को दौरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल पहुंच मार्ग में पुल-पुलिया और सड़क निर्माण नहीं होने से स्कूल आने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है तो इसका प्रस्ताव बना कर प्रस्तुत करें।

फिलहाल बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए की कोटपा एक्ट और नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूल के बाउंड्री वॉल से 100 मीटर के दायरे में तक नो टोबैको जोन घोषित किया गया है। अगर कोई विक्रय करते हुए पाया जाता है तो इस संबंध में अधिकारियों को सूचित करें। कलेक्टर ने बताया कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की तरफ से जिले में खेल मैदान को डेवलप किया जाना है। यह कार्य जन सहयोग से होगा। उन्होंने अधिकारियों से जिले के 20 खेल मैदानों की जानकारी देने को कहा जिसे डेवलप किया जा सकता है।

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Jashpur Breaking : जशपुर के तपकरा क्षेत्र में फिर से गौवंश की हत्या.! 49 किलो गोमांस के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार..बाकी फरार..पढ़ें पूरी समाचार

तपकरा/जशपुरनगर ।। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तपकरा क्षेत्र में फिर से गौवंश की हत्या का मामला सामने आया है।ताजा मामले में पुलिस ने तपकरा थाना क्षेत्र के 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में ग्रामीणों की अहम भूमिका बताई जा रही है। ग्रामीणों के सहयोग से आरोपियों को 49 किलो गोमांश के साथ पकड़ा गया है। हांलाकि अन्य आरोपी फरार होने में सफल हो गए।

बता दें कि, आरोपियों के विरूद्ध चौकी करडेगा थाना तपकरा में अप.क्र. 53/25 धारा छ.ग. पशु परि. अधि. 2004 की धारा 4, 5, 10 एवं कृषक पशु क्रूरता अधि. 11 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।आरोपियों की पहचान सुधीर कुजूर उम्र 48 साल निवासी मयूरचुंदी खरवाडीपा थाना तपकरा एवम वीरसिंह कुजूर उम्र 55 साल निवासी मयूरचुंदी खरवाडीपा थाना तपकरा के रूप में हुई है।

ज्ञात हो कि, मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनाँक 17.07.2025 को ग्राम मयूरचुंदी के जागरूक ग्रामीणों से एसडीओपी कुनकुरी को सूचना मिला कि ग्राम मयूरचुंदी खरवाडीपा का सुधीर कुजूर अपने साथीगणों के साथ एक घर में गौ-वंश का वध कर उसके मांस को विक्रय करने एवं भक्षण करने के उद्देष्य से तैयार कर अपने घर में रखा हुआ है, इस सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी एवं चौकी करडेगा, उपरकछार से संयुक्त पुलिस स्टाॅफ को मौके पर कार्यवाही हेतु रवाना किया गया, पुलिस स्टाॅफ द्वारा मौके पर जाकर घेराबंदी कर दबिश देकर सुधीर कुजूर एवं वीरसिंह कुजूर को अभिरक्षा में लिया एवं उनके कब्जे से गौ-मांस, उसके अवशेष घटना में प्रयुक्त लोहे का औजार, तराजू बाट इत्यादि जप्त किया गया। 

वहीं, आरोपी सुधीर कुजूर ने पूछताछ दौरान अपने मेमोरंडम कथन में बताया कि दिनांक 16.07.2025 के शाम लगभग 07 बजे वह अपने काला रंग के बैल को अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने नव निर्मित मकान में टंगिया से वारकर वध कर दिया एवं उसका मांस को भक्षण करने एवं विक्रय करने हेतु रखा था, आरोपियों ने उसके अवशेष को जमीन में दफन कर दिया। आरोपी के मेमोरंडम कथनानुसार 49 किलोग्राम गौ-मांस, काटने का औजार, तराजू बाट इत्यादि पेश करने पर जप्त किया गया है एवं गौ-मांस खरीदने वाले ग्राहक वीरसिंह कुजूर के कब्जे से 02 किलो गौ-मांस जप्त कर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार हैं। आरोपीगण सुधीर कुजूर एवं वीरसिंह कुजूर के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उन्हें दिनांक 17.07.2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।        

दरअसल, विवेचना कार्यवाही एवं गिरफ्तारी में एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी, स.उ.नि. दिलबंधन भगत, स.उ.नि. भुनेष्वर भगत, प्र.आर. 385 अजय कुजूर लकड़ा, प्र.आर. 228 राजेन्द्र राम, प्र.आर. 418 भगत राम गोरे, आर. 581 धिरेन्द्र मधुकर, आर. 596 शोभनाथ सिंह, आर. 583 षिवषंकर राम का विशेष योगदान रहा है। 

फिलहाल, मामले में एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि- "ग्राम मयूरचुंदी के जागरूक ग्रामीणों की सूचना पर गौ-वंश कर वध कर उसका मांस बनाने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार हो गये हैं, उनकी सघनता से पतासाजी की जा रही है। अपने आस-पास इस तरह का घटना घटित हो रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल मुझे या फिर नजदीकी थाना/चौकी में देवें। ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा।"

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CG Big News : शराब घोटाला मामला.! हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री कवासी लखमा को लगा झटका..जमानत याचिका खारिज..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। लखमा की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया है। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में इस याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए लखमा को जमानत नहीं दी जा सकती है।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इसी साल 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में EOW ने भी केस दर्ज किया है और गिरफ्तारी की। जिसकी जांच के बाद चार्ज शीट पेश की गई। कवासी लखमा ने अपने वकील हर्षवर्धन के माध्यम से अलग-अलग याचिका दायर की है। शुक्रवार को EOW की गिरफ्तारी के केस में बेल पर सुनवाई हुई, जिसमें तर्क दिया गया कि साल 2024 में केस दर्ज किया गया था, जिसमें डेढ़ साल बाद गिरफ्तारी की गई है, जो गलत है। इस दौरान कभी उनका पक्ष ही नहीं लिया गया। लेकिन जब उन्हें गिरफ्तारी का शक हुआ और अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, तब अरेस्ट कर लिया गया।

हालांकि, कोर्ट को यह भी बताया गया कि केवल बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है। जबकि, उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। पूर्व मंत्री को राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाने का आरोप लगाया गया है।

दरअसल, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान EOW की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि चार्जशीट के मुताबिक कवासी लखमा के बंगले में हर महीने 2 करोड़ रुपए कमीशन पहुंचता था। शराब घोटाला सिंडीकेट की तरह चलता था, जिसमें अधिकारी से लेकर मंत्री तक कमीशन लेते थे। EOW के अधिकारियों ने लखमा के 27 करीबियों से बयान लेकर इस बात का साक्ष्य इकट्‌ठा किया है। जिसमें उनकी भूमिका और मिलीभगत के सारे साक्ष्य मौजूद हैं।

पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये

वहीं, शराब घोटाला मामले की जांच में अबतक यह पता है कि पूर्व मंत्री लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को क्रियान्वित किया गया। इस घोटाले से हासिल की गई रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक और अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घोटाले की जांच जारी है।

21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा

ज्ञात हो कि, शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ED ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी।

क्या है शराब घोटाला?

वहीं, तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है। इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ईडी (ED) ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था।

दरअसल, ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया। उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 3200 करोड़ का घोटाला हुआ। इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था।

फिलहाल, 30 जून की चार्जशीट से पहले 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साईं ब्रेवरीज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

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