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बगिया के श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में ऐतिहासिक आयोजन, दो दिन में बने 63211 पार्थिव शिवलिंग, 24 जुलाई को होगा आयोजन का समापन

जशपुरनगर। जशपुर जिला अंतर्गत बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित 100108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप ले चुका है। बीते दो दिनों में श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भावना से अब तक 63,211 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण पूर्ण हो चुका है।इस विशेष पूजन कार्यक्रम का समापन गुरुवार, 24 जुलाई 2025 को किया जाएगा। समापन अवसर तक 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे श्रद्धालुजन मिलकर पूर्ण करने में जुटे हैं।

पूजा में जुटीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय

इस महापर्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय लगातार अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने विधि-विधान और वैदिक रीति से पूजा-अर्चना संपन्न कराते हुए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। उनका संयम, श्रद्धा और संकल्प इस आयोजन को एक विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है।

शिव महापुराण कथा का दिव्य वाचन

कार्यक्रम के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक उत्थान हेतु प्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री द्वारा शिव महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा में भगवान शिव की महिमा, भक्ति मार्ग का महत्व और शिवलिंग पूजन की विशेषता का सारगर्भित वर्णन श्रद्धालुओं को आत्मिक आनंद से सराबोर कर रहा है।

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*मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की : प्रदेश में 137 विशेष शिविरों के माध्यम से 7669 दिव्यांगों का स्वास्थ्य परीक्षण, 6671 को प्रदाय किए गए कृत्रिम व सहायक उपकरण*

रायपुर, 23 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य तभी साकार हो सकते हैं, जब समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि समय की माँग है कि शतप्रतिशत दिव्यांगजनों को कौशलयुक्त बनाया जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लंबित पेंशन प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सेवा-भावना के साथ प्राथमिकता में रखा जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर उनका अधिकार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और निराश्रितों के कल्याण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृद्धाश्रमों, अनुदान प्राप्त दिव्यांग संस्थाओं और पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और सुदृढ़ किया जाए। दिव्यांगजनों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार हुनरमंद बनाकर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे वे स्व-रोजगार के अवसरों से जुड़ सकेंगे और समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।

समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बैठक में कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर मिलने वाले बेघर, बेसहारा, घुमंतू, दिव्यांग, बच्चे और महिलाएं यदि पुनर्वास की आवश्यकता में हों, तो उन्हें तत्काल पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पेंशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करते हुए पात्र हितग्राहियों को वरीयता के आधार पर पेंशन का लाभ दिया जाए। साथ ही विभागीय हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तृतीय लिंग समुदाय के पंजीयन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा उन्हें राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित कर यूडीआईडी (UDID) पंजीयन और मेडिकल बोर्ड से प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी गति देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी जरूरतमंद बच्चे, महिलाएं, युवा या बुजुर्ग कृत्रिम अंग, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राइसायकल या फिजियोथेरेपी जैसी आवश्यकताओं से जूझ रहे हों, उन्हें संबंधित उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति बिना सहारे के न रहे, यह शासन की प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक में कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदाय योजना, सामर्थ्य विकास योजना, निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं सहित समाज कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर विमर्श किया गया।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीते एक वर्ष में प्रदेशभर में कुल 137 दिव्यांग विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से 7669 दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 6671 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं। इससे उनके जीवन में आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

बैठक में  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और श्री राहुल भगत, समाज कल्याण सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*अब तक 3 लाख से अधिक नैनो डीएपी की बोतलों का भंडारण : खेतों में डेमो देकर किसानों को सिखाया गया नैनो डीएपी का वैज्ञानिक प्रयोग*

रायपुर, 23 जुलाई 2025/ चालू खरीफ मौसम में खेती-किसानी हेतु ठोस डीएपी खाद की संभावित कमी की पूर्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा वैकल्पिक खादों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में तरल नैनो डीएपी एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। इसके प्रयोग से किसानों को प्रति एकड़ धान की फसल में लगभग 75 रुपए का सीधा लाभ प्राप्त हो रहा है।

राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा अब तक 3 लाख 5 हजार से अधिक नैनो डीएपी की बोतलों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इनमें से 82 हजार 470 बोतलें डबल लॉक केंद्रों में, 1 लाख 41 हजार 389 बोतलें प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में तथा 48 हजार बोतलें निजी क्षेत्र में भंडारित हैं। वर्तमान में इफको कंपनी के पास 33 हजार से अधिक नैनो डीएपी की बोतलें शेष उपलब्ध हैं। आधा लीटर की एक नैनो डीएपी बोतल सहकारी समितियों में किसानों के लिए 600 रुपए की दर पर उपलब्ध कराई जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। एक बोरी (50 किलो) ठोस डीएपी की कीमत 1,350 रुपए है, जिसकी तुलना में नैनो डीएपी के प्रयोग से प्रति एकड़ 75 रुपए की बचत होती है। यह संयोजन पोषण की दृष्टि से एक बोरी ठोस डीएपी के समतुल्य होता है।

नैनो डीएपी के उपयोग हेतु किसानों को जागरूक किया गया है। उन्हें डेमो देकर इसकी विधि भी सिखाई गई है। राज्य सरकार ने समय रहते ठोस डीएपी की कमी की आशंका को भांपते हुए नैनो डीएपी के उपयोग को लेकर किसानों के बीच एक सघन जागरूकता अभियान चलाया। कृषि विभाग के मैदानी अमले, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की सहायता से खेतों में ठोस डीएपी के साथ नैनो डीएपी के संयुक्त प्रयोग की विधियाँ किसानों को समझाई गईं।

गांव-गांव जाकर आयोजित कृषि चौपालों एवं "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो डीएपी से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो डीएपी के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं।

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बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य : मुख्यमंत्री

रायपुर, 23 जुलाई 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज  मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।

बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री पी. एस. एल्मा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, शोक संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर, 23 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

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स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में शाला प्रवेश उत्सव : जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने लडडू खिलाकर किया बच्चों का स्वागत और क्या हुआ पढ़िए…..

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में  उत्साहपूर्ण शाला प्रवेशोत्सव का हुआ आयोजन

नवप्रवेशी बच्चों का तिलक-मिठाई के साथ हुआ भव्य स्वागत।

-घोषणा-

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने किया सायकिल स्टैंड निर्माण के लिए 2 लाख की  घोषणा

खेल मैदान के लिए 10 लाख की घोषणा

स्कूल में मंच निर्माण के लिए 3 लाख की घोषणा

रानिकोम्बो में लाईब्रेरी के लि एक लाख की घोषणा

सामुदायिक शौचालय की जल्द स्वीकृति दिलाने की  घोषणा 

नारायणपुर:  23 जुलाई 2025 : स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, नारायणपुर में शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, विशिष्ट अतिथि पूर्व मण्डल अध्यक्ष  संतोष  सहाय और शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष संतन राम ने शिरकत की।

नवप्रवेशी बच्चों का हार्दिक स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत से हुई। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर  विद्यालय में विधिवत प्रवेश कराया। स्कूल के छात्राओं ने मधुर स्वागत गीत एवं आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में उत्सव का माहौल बनाया। बच्चों के उत्साह और गीत की मधुरता ने सभी का मन मोह लिया।

प्रेरणादायी उद्बोधन और घोषणाएं

मुख्य अतिथि सालिक साय ने नवप्रवेशी बच्चों को बधाई देते हुए प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा, “यह दिन आपके जीवन का नया अध्याय है। मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपने सपनों को उड़ान दें।” उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि आज आप विद्यार्थियों के लिए सरकार कुर्सी पुस्तक गणवेश दे रही है हम्हारे समय मे हमलोग जमीन पर बैठ कर पढ़ाई करते थे। आप लोग की तरह ही मैं भी किसान पुत्र हु,उस समय गांवों में मोमबत्ती ओर लालटेन में हम पढ़ते थे। आप सभी अच्छे से पढ़ाई करें,माता पिता सपना ओर उम्मीद के साथ स्कूल भेजते है उनके सपनों को साकार करना आप लोगो का कर्तव्य है। आपके विधायक प्रदेश के मुख्यमंत्री है टॉप टेन की सूची में आकर पालक ,मुख्यमंत्री और क्षेत्र का नाम रोशन करें।जशपुर जिले का विकास तेजी से हो रहा है यंहा मेडिकल कालेज,200 बिस्तर का अस्पताल जैसे  कई विकास कार्य स्वीकृत हो चुका है। ट्रायबल(आदिवासी) यूनिवर्सिटी जशपुर जिले में होना आवश्यक है जिसकी मांग हम सबको मिलकर करना है। बच्चों को कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ जीवन में ऊंचाइयां हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में वाऊंड्रीवाल के लिए मुख्यमंत्री जी से शीघ्र ही बात कर निर्माण कराया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मण्डल अध्यक्ष संतोष सहाय ने नव प्रवेशी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और शिक्षको से आग्रह किया कि शिक्षा का दान करें बच्चों को रुचि के अनुसार अध्ययन कराएं। सरकार 12 वीं तक निशुल्क विद्यार्थियों को ओर छात्राओं को कॉलेज तक निशुल्क शिक्षा सरकार की योजना है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संकल्प लेकर चलना है।

        शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष सन्तन राम ने नवप्रवेशी बच्चों को नियमित अध्ययन और विद्यालय में उपस्थिति के लिए प्रोत्साहित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आभार प्रदर्शन और समापन

कार्यक्रम का समापन स्कूल के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा आभार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों का इस आयोजन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

उपस्थित गणमान्य
समारोह में जनपद सदस्य श्रीमती शोभा देवी बंग,छक्कन राम भगत सरपंच रानीकोम्बो, रामकृत नायक,गोपाल यादव,अरुण महन्ती,राहुल बंग,भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भूषण वैष्णव, बालेश्वर चक्रेश, आलोक गर्ग, रामविलास राम एवं समस्त पालक गण,शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन की तैयारी के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश :  25 सप्ताह तक मनाया जाएगा रजत जयंती

 

जशपुर 23 जुलाई 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर आगामी छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष आयोजन की तैयारियां  के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अवसर पर  रजत जयंती जिले में
 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 25 सप्ताहों तक मनाया जाना है।

रजत जयंती वर्ष का आयोजन दो चरणों में होगा। पहला चरण 15 अगस्त 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक होगा। दूसरा चरण 01 नंवबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक होगा। रजत जयंती वर्ष के आयोजन के अवसर पर राज्य शासन के सभी विभागों द्वारा अपने साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उनकी विभागीय योजनाओं एवं राज्य में 25 वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों का समावेश होगा।‌

 कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने विभाग की उपलब्धियों पर आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

 जिला स्तर पर  विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती का उत्सव, युवा, अन्नदाता व नारी पर आधारित होगी, जिसमें इनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में जनभागीदारी, सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित आम जनमानस की सक्रियता और सहभागिता से जनगौरव और देशभक्ति को बढ़ावा देने के  उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विरासत और विश्वास का संगम होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। 

 कलेक्टर ने रजत जयंती कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण गतिविधियों को शामिल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान विभागों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का समावेश होना चाहिए। रजत जयंती वर्ष कार्यक्रम ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर आयोजित होंगे। 

 रजत जयंती के कार्यक्रम में प्रदर्शनी, जनसम्पर्क भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यिक संगोष्ठी सहित विद्यालय और महाविद्यालय में प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। आयोजन की सफलता के लिए राज्य शासन के सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने खेती बाड़ी के सीजन को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों से सोसायटी में खाद बीज की उपलब्धता की जानकारी ली उन्होंने किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने आश्रम छात्रावास के नोडल अधिकारीयों को अपने निर्धारित आश्रम छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालय के कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका संधारण, कर्मचारियों का समय वेतनमान, लंबित पेंशन, अनुकम्पा नियुक्ति लंबित ई डब्लू आर के प्रकरणों सहित उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को इस कार्य को गंभीरता से लेकर पूर्ण करना है।

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*छत्तीसगढ़ में सड़कों का बुना जा रहा जाल, सीएम श्री साय बोले- विकास के नए रास्ते खोलेंगी रोड....18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम* 

रायपुर 22 जुलाई 2025 :
छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है। 

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 

राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है। 

*दो आर्थिक गलियारे*

विशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है। 

*एल डब्ल्यू ई और जनमन योजना*

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।त्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है। 

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*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज....लक्ष्य का 75 प्रतिशत हुई बोनी*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 10.20 लाख मीट्रिक टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 21 जुलाई 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 446.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।  

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समस्त स्त्रोतों से 7.88 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 7.22 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 146 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 10.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 70 प्रतिशत है।     

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।

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*समन्वित प्रयासों से सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही।

नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, जशपुर नगर गम्हरिया मार्ग पर बांकी नदी पर उच्च स्तरीय पूल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के  कार्य के लिए 4 करोड़ 59 लाख की दी प्रशासकीय स्वीकृति.......* 

जशपुर 22 जुलाई 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल से जशपुर से गम्हरिया मार्ग पर बाकी नदी उच्च स्तरीय पूल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 59 लाख 93 हजार रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सड़कों का विस्तार पूल पुलिया का निर्माण, अधोसंरचना के कार्य स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।

लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ आवागमन में सुविधा हो इसके लिए जर्जर सड़कों को सुधारा जा रहा है और पूलिया का निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की जा रही है।

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*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु.......*

जशपुरनगर। पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री फलेश्वर महादेव मंदिर बगिया में 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के रूप में 22 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगा।कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत रूद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन एवं महाआरती में भाग लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूरे आयोजन को शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराने हेतु ओडिशा से आए प्रतिष्ठित पंडितों की टीम द्वारा विधिविधान से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन संपन्न कराया जा रहा है। इस अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।विशेष आकर्षण के रूप में श्रीधाम गहिरा की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी 'शास्त्री' द्वारा तीन दिवसीय शिव महापुराण कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महिमा, पार्वती विवाह एवं रुद्रावतार की अद्भुत गाथाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट एवं भक्ति ध्वनि से सुसज्जित किया गया है।

    24 जुलाई को होगा समापन

इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का  24 जुलाई को समापन होगा, जिसमें महापूजन, भंडारा एवं पूर्णाहुति के साथ महाआरती आयोजित की जाएगी।

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*महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई ......राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया।

वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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*वनमंडल के गजरथ ने 29 स्कूल पहुंचकर 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों को  हाथियों के व्यवहार की दी जानकारी* 


 
जशपुरनगर 22 जुलाई 2025/ जशपुर वनमण्डल के गजरथ ने अब तक फरसाबहार विकासखण्ड क्षेत्र के 29 स्कूलों में पहुंचकर लगभग 4059 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधियों की जानकारी दी है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार  गजरथ यात्रा निरंतर जारी है, विगत दिवस 21 जुलाई को गज रथ फरसाबहार विकासखण्ड के स्कूलों में पहुंचकर कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्रों को जागरूक किया है। 
        
विदित हो कि 21 जून 2025 को जशपुर वनमण्डल के गज रथ  यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया है। गज रथ  यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि के संबंध में विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्र-छात्राअें को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है।

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*एकादशी पर्व पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में दीप प्रज्वलन का हुआ आयोजन, महाआरती में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब..*

दोकड़ा : एकादशी पर्व के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भव्य दीप प्रज्वलन एवं महाआरती कार्यक्रम का आयोजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं और भगवान श्रीजगन्नाथ जी की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।कार्यक्रम की शुरुआत संध्या बेला में मंदिर शिखर में दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सैकड़ों दीपों से मंदिर परिसर को जगमगा दिया। श्रद्धालु द्वारा भजन कीर्तन एवं  ‘हरे कृष्णा’, ‘जय जगन्नाथ’ जैसे भक्तिपूर्ण जयघोषों से गूंज उठा।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने मंदिर समिति के सदस्यों एवं उपस्थित ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और मंदिर की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित करते हैं।

   महाआरती के पश्चात मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में दोकड़ा एवं आसपास के ग्रामों से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके आगमन से यह आयोजन और भी गरिमामय बन गया।

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चैतन्य की गिरफ्तारी पर सांसद संतोष पांडे का पूर्व सीएम बघेल पर तीखा हमला..कहा- भूपेश बघेल और उनके बेटे ने समाज सेवा नहीं, बल्कि.,पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में सियासी बयानबाज़ी के बीच कांग्रेस की ओर से किये जा रहे प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल और उनके बेटे ने समाज सेवा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के खजाने को घर में भरने का काम किया है।

दरअसल, सांसद संतोष पांडे ने कहा कि कांग्रेसी आज भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं। क्या भूपेश बघेल और उनका बेटा समाज सेवा कर रहे थे? 2 हजार 500 करोड़ रुपये लगाकर नहीं, छत्तीसगढ़ के खजाने में जो पैसा जाता, उसको मिलबांट कर अपने घर में भरने का काम किया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और 22 आबकारी के निलंबित अधिकारियों ने मिलकर यह काम किया है। ईडी के अनुसार अपराध में यह सभी शामिल हैं।

फिलहाल, उन्होंने आगे कहा कि भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया के नाम पर प्रदेश को ठगने का काम किया है। साथ ही कहा कि सदाचार के संग देवइया, छत्तीसगढ़ कभी भ्रष्टाचार में साथ नहीं दे सके।

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आज कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी.! खनिज संपदा की लूट और जंगल बचाने प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी..पीसीसी चीफ बैज ने आम जनता से की अपील..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Breaking News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा की लूट और जंगलों की कटाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने राज्यव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदेश के पांचों संभागों के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर चक्का जाम किया जाएगा। यह आर्थिक नाकेबंदी प्रदेश की जनता के द्वारा छत्तीसगढ़ के संसाधनों की लूट का प्रतिकार होगा।

हालांकि उन्होंने कहा, इस नाकेबंदी से एम्बुलेंस तथा स्कूल वाहनों को अलग रखा गया है। हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संपदा को बचाना है। रायपुर में मुंबई, कोलकाता नेशनल हाईवे पर वीआईपी चौक तेलीबांधा, तथा बिलासपुर, रायपुर हाईवे पर सांकरा, आरंग, अभनपुर, तिल्दा, खरोरा में नाकेबंदी की जाएगी। इसी प्रकार प्रदेश के सभी शहरों में चक्का जाम नाकेबंदी होगी। अडानी छत्तीसगढ़ की संपदा को लूट रहा तथा उसका विरोध करने वालों के यहां ईडी की छापेमारी करवा रहा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र की गिरफ्तारी अडानी और भाजपा की साजिश है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आर्थिक नाकेबंदी कर भाजपा सरकार के संरक्षण में अडानी के द्वारा जो यहां की खनिज संपदा को लूटा जा रहा है, उसका विरोध होगा। आम जनता से अपील है कि वह भी जंगल कटाई के विरोध में आयोजित इस आर्थिक नाकेबंदी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले। तानाशाही भाजपा सरकार को मुंहतोड़ जवाब दें, अडानी की दादागिरी के खिलाफ खड़े हों और प्रदेश को अडानी से मुक्त कराने कांग्रेस की लड़ाई में सहभागी बनें।

दरअसल, दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार प्रदेश के जंगलों की कटाई की अनुमति देकर वन संपदा, खनिज संपदा की लूट की छूट अडानी को दी है। भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रही जंगलों की कटाई और खनिज संपदा की लूट को रोकने के लिए पूरा प्रदेश एकजुट है। प्रदेश की खनिज संपदा को अडानी जैसे पूंजीपति ट्रकों में भरकर प्रदेश से बाहर ले जा रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ को जो आर्थिक नुकसान हो रहा है, साथ ही यहां का पर्यावरण भी नष्ट हो रहा है। आदिवासी वर्ग एवं आम जनता हसदेव एवं तमनार के हरे-भरे जंगलों की कटाई के विरोध में लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता भी जंगलों को बचाने की मुहिम में लगे हुए हैं, लेकिन भाजपा की सरकार पुलिस तंत्रों का दुरुपयोग करके जंगल कटाई का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है, उन पर लाठियां चला रही है, उनका लहू बहा रही है।

फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार अडानी की गोद में बैठ गई है। अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के नागरिकों को जख्मी कर रही है। विरोध करने वालों के खिलाफ ईडी, सीबीआई, आईटी, एसीबी, ईओडब्ल्यू और स्थानीय पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है। लोकतंत्र में मिले आंदोलन के अधिकार को खत्म कर रही है, तानाशाही स्थापित कर रही है। लेकिन कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता डरेंगे नहीं। प्रदेश की समृद्धि, संस्कृति और संसाधनों को बचाने के लिए डटकर मुकाबला करेंगे। आर्थिक नाकेबंदी प्रदेश की खनिज संपदा को बचाने की मुहिम है। हमारा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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प्रधानमंत्री सूर्य घर आम नागरिकों के लिए वरदान : बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि

रायपुर,21जुलाई 2025:
 प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी  राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने  बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।

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