ताजा खबरें


बड़ी खबर

विधायक जशपुर ने किया अभ्यारण्य में बसे गांवों का दौरा, ग्रामीणों को बताईं सरकारी योजनाएं: मुफ्त राशन, गैस, शौचालय समेत कई योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा

बच्छरांव पंचयात के खरवाटोली चौक से हाई स्कूल चौक तक सी सी सड़क निर्माण की  घोषणा की

नारायणपुर :- जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत गुरुवार को पत्थलगड़ी क्षेत्र ग्राम पंचायत बच्छरांव  पहुंव कर ग्रामीणों की समस्या सुनी और मोदी सरकार और विष्णु  के द्वारा चलाये जा रहे योजना का लाभ लेने प्रेरित किया। विधायक श्रीमती रायमुनी भगत गुरुवार को जनसंपर्क दौरा कार्यक्रम के तहत बगीचा के बच्छरांव के पंचयात भवन परिसर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं को लेकर काफी गंभीर है। केंद्र एवं राज्य सरकार ने कई तरह के  योजना लाकर  गरीब महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है, वह सराहनीय है। इसके अलावा अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं अपने आप में मिशाल हैं। पूर्ववर्ती सरकारों को गरीबों व महिलाओं के बारे में सोचने की फुर्सत ही नहीं थी।

      विधायक ने गिनाई सरकार की योजनाएं

विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि आज  गांव के लोग समस्या लेकर जशपुर पहुंचे मेरे से क्षेत्र का दुख देखा नही गया। मैं तुरन्त गांव वालों के साथ गायलुंगा के डेंगुरजोर नाला देखने गयी,और स्थल का मुआयना किया,जल्द ही रायपुर पहुंच वन मंत्री से बात कर डेंगुरजोर नाला में पुल निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व की सरकार और वर्तमान सरकार में बहुत फर्क है। भाजपा सरकार ने किसानों से  31 सौ रुपये में धान खरीदी की है भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी सरकार है जो गरीबो की दुख दर्द को समझती है। गांव गांव में पीएम आवास दे रही है प्रत्येक ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंची है हर जगह पीएम सड़क से जोड़ा जा रहा  है। सरकार की मंशा है कि  गांव के गरीबो की आर्थिक स्थिति में सुधार हो जिसके लिए सरकार कई योजना चला रही है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार प्रति माह दे रही है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने कुछ नही किया। सिर्फ गोबर खरीद कर घोटाला किया। किसानों को खाद के जगह रेता(बालू) भर कर दिया । छत्तीसगढ़ में विष्णु की सरकार में सबसे अच्छा काम हो रहा है।  जमीन रजस्ट्री को सरल किया गया, तत्काल नामांतरण की सुविधा दीया गया। किसानों को साल में 6 हजार केन्द्र की भाजपा सरकार दे रही है। जीरो व्याज में मुद्रा लोन मिल रहा है। जनमन योजना चलाई जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र की सभी समस्याओं को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन, जमीन से सम्बंधित कार्य, आर्थिक विकास का  लाभ लेने कहा।सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणो को जागरुक रहने की बात कही। भाजपा सरकार सभी वर्गों के विकास के बारे में सोंचती है। इसी के चलते पीएम मोदी अपनी हर योजनाओं में गांव के विकास की चर्चा करते हैं। उनकी इसी सोंच की देन है कि गांव में एक दर्जन से अधिक योजनाएं चल रही हैं।उनका प्रत्येक प्रयास जनहित और क्षेत्र की प्रगति को समर्पित होता है। विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने ग्राम बच्छरांव पंचयात के खरवाटोली चौक से हाई स्कूल चौक तक सी सी सड़क निर्माण की  घोषणा की

ग्राम पंचायत बच्छरांव के जागरूक सरपंच शंकर बरला  ने विधायक श्रीमती रायमुनी भगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक मेडम सदैव क्षेत्र के चहुंमुखी विकास हेतु प्रतिबद्ध रहते हैं। उनका प्रत्येक प्रयास जनहित और क्षेत्र की प्रगति को समर्पित होता है। खरवाटोली चौक से स्कूल चौक तक सी सी सड़क की घोषणा की है इस विकास कार्य की स्वीकृति से गांव में खुशी का माहौल है। जनसामान्य को विश्वास है कि विधायक मेडम जी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत बच्छरांव आने वाले दिनों में और विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा। इस कार्यक्रम में महावीर यादव,संभु सिंह,श्रीमती सुनीता बरला,पवन सिंह,मण्डल अध्यक्ष हरीश यादव,शिव यादव,मुरली यादव सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

और भी

*सहकारी समितियों में कार्यशाला का आयोजन कर,अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में किसानों को फसल बीमा की दी जा रही जानकारी*


 
जशपुर, 25 जुलाई 2025/ अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में जशपुर के किसानों को फसल बीमा एवं उसकी उपयोगिता के संबंध में जानकारी देने के लिए जिले के 24 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में कैलेंडर बना कर आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में फसल बीमा के संबंध में कार्यशाला का आयोजन जा रहा है। इन कार्यशालाओं में समिति के किसानों को फसल बीमा कराने से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से चर्चा कर समझाया गया। जिसमें सभी किसानों द्वारा फसल बीमा कराने हेतु उत्साह दिखाया गया। इस कार्यशाला में सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ समिति के कर्मचारी एवं क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।

और भी

*कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री ने एयर एनसीसी के छात्रों से मुलाकात कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की......नवोदय विद्यालय में 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन की मिली स्वीकृति*


     
जशपुरनगर, 25 जुलाई 2025/ जिले के युवाओं के लिए आसमान की ऊंचाइयों में अपना कैरियर बनाने का अवसर अब जशपुर में भी उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप जशपुर स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय को 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यह जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी। 
   मुख्यमंत्री ने विद्यालय के एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच‌ लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने एनसीसी दिवस समारोह के दौरान इच्छा व्यक्त की थी कि छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल के सकारात्मक परिणामस्वरूप मार्च माह में जशपुर आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं। 

*प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को मिलते हैं रोजगार के बेहतर अवसर* 

वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें  लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।

और भी

*बगिया केम्प कार्यालय से मुख्यमंत्री श्री साय ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखा कर किया रवाना*

जशपुर, 25 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया स्थित कैम्प कार्यालय से आधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा सीएसआर निधी से प्रदत्त इस एम्बुलेंस में बेसिक लाइफ स्पोर्ट सिस्टम के साथ अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। यह एम्बुलेंस मनोरा में लोगों की सुविधा के लिए रखी जायेगी। इसकी सेवाएं पूरे जिले में ली जा सकेंगी। एम्बुलेंस के माध्यम से समय सीमा के अंदर आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन सेवा उपलब्ध होने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों की इससे तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री से की पहल पर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। शासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और उन्नत बनाने के लिए कृतसंकल्पित होकर कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा 50 बिस्तर के मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता दीदियों को किया सम्मानित, कहा – देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में निभा रही हैं अहम भूमिका*

जशपुर, 25 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें।

उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं।

इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित*

रायपुर, 25 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने श्री नीरज शर्मा, श्री अजय कुमार कुशवाहा और श्री शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है।

इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है।

इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के श्री रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

और भी

Police को मिली बड़ी कामयाबी - अवैध कफ सिरप जब्तः 44 हजार की नशीली दवाओं के साथ दो गिरफ्तार, झारखंड गुमला से लेकर पहुंचे थे बेचने के लिए

जशपुर :- अवैध नशीली सिरप के खिलाफ पुलिस ने  बड़ी कार्रवाई की है। नशीली दवा से जुड़े अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस किब यह कार्रवाई आवश्यक भी है।पकड़े गए दो आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। 

            पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चौकी कोतबा पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख़्ता सूचना मिली थी, कि  ग्राम कोतबा हाई स्कूल पारा का रहने वाला आरोपी मनीष सिंह , अपने एक साथी आरोपी मो. शाहिद खान के साथ हीरो होंडा मोटर साइकल क्रमांक CG14 बी 1267 में दो थैले में अवैध रूप से भारी मात्रा में प्रतिबंधित ऑनरेक्स कोडीन कफ सिरफ की शीशी को भर कर, बिक्री हेतु गांझियाडीह से लैलूंगा जिला रायगढ़ की ओर ले जा रहे हैं।जिस पर चौकी कोतबा पुलिस के द्वारा सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, तत्काल ग्राम रोकबहार, गांधी चौक के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, कि इसी दौरान गांझियाडीह की ओर से मुखबिर के बताए अनुसार एक संदिग्ध हीरो होंडा मोटर साइकल क्रमांक CG14 बी 1267 में दो व्यक्ति, बैठ कर आता दिखाई देने पर, पुलिस के द्वारा तत्काल घेराबंदी कर उक्त संदेही वाहन को रोककर, उसमें बैठे दोनों संदेहियों की तलाशी ली गई, तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास रखे दो थैलों में कार्टून के डब्बे में 22 लीटर 800 ml,228 नग प्रतिबंधित ऑनरेक्स कोडीन कफ सिरफ की शीशी मिली, जिस पर पुलिस के द्वारा दोनों संदिग्ध आरोपियों से, उक्त प्रतिबंधित कफ सिरफ के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांग करने पर, उनके द्वारा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिस पर पुलिस के द्वारा दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर, उनके कब्जे से 228 नग प्रतिबंधित अवैध नशीली ऑनरेक्स कोडीन कफ सिरफ  के साथ तस्करी में प्रयुक्त मोटर सायकल को भी जप्त कर लिया गया है। जप्त कफ सिरफ की बाजार में कीमत लगभग 44 हजार रु से अधिक है।
            पुलिस की पूछताछ पर दोनों आरोपियों के द्वारा बताया गया कि उनका नाम क्रमशः1. मनीष सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी कोतबा, हाईस्कूल पारा जिला जशपुर (छ. ग) ।
2. मो.शाहिद खान, उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम रोकबहार जिला जशपुर (छ.ग)।  के रहने वाले हैं, वे गुमला झारखंड से अवैध रूप से उक्त प्रतिबंधित नशीली कफ सिरफ, ऑनरेक्स कोडीन को लाकर, बिक्री हेतु लैलूंगा (रायगढ़) ले जा रहे थे, जिसके सम्बन्ध में पुलिस की जांच जारी है, अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।
       पुलिस की पूछताछ पर दोनों आरोपियों मनीष सिंह व शाहिद खान के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर चौकी कोतबा में 21 (C) एन .डी .पी .एस . एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
          मामले की कार्यवाही व नशीली कफ सिरफ सहित आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक राकेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक अपलेजर खेस, प्रधान आरक्षक अजय खेस, आरक्षक बूटा सिंह व पवन पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत् पुलिस के द्वारा कोतबा क्षेत्र से प्रतिबंधित नशीली ऑनरेक्स कोडीन कफ सिरफ के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, नशे के कारोबार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा, ऑपरेशन आघात लगातार जारी रहेगा।

और भी

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के प्रयास से जल्द होगा तीन पंचायत के ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण,सड़क जीर्णोद्धार सहित डेंगुरजोर नाला में होगा पुल का निर्माण

नारायणपुर :- बरसात के दिनों में टापू बन जा रहे डेंगुरनाला के बहाव का अवलोकन करने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत खुद पानी में उतर बहाव का अवलोकन की।इस दौरान उन्होंने मौके से ही वन मंत्री केदार कश्यप से दूरभाष में जानकारी देते हुए वस्तु स्थिति से अवगत कराई और मांग किया कि जल्द ही इसका त्वरित निराकरण किया जाये। वन मंत्री केदार कश्यप ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण किया जायेगा।
ज्ञात हो कि बगीचा विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत डेंगुरनाला बरसात के दिनों में टापू बन जाता है,तीन पंचायतों के लिए प्रमुख मार्ग बगीचा ब्लाक में स्थित डेंगुरजोर नाला में पुल का न होना सबसे बड़ी समस्या है इतना ही नहीं यहां सड़क के जर्जर होने से आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।गत दिनों बारिश के पानी से उत्पन्न स्थिति से टापू बना डेंगुरजोर नाला में नवजात शिशु और महिला को दो लोगों के सहारे नाला को पार करते वीडियो वायरल हुआ था,जिसे देख जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत का दिल पसीज गया और मानवता का परिचय देते हुए विधायक श्रीमती भगत डेंगुरजोर नाला देखने पहुंची।यहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और वस्तु स्थिति का जानकारी लिया।ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि ग्राम पंचायत बुटूंगा,कलिया और गायलुंगा के लिए एकमात्र आवागमन का मार्ग यही है जो जर्जर स्थिति में है,इसी मार्ग पर डेंगुरजोर नाला स्थित है जिसमें पुलिया के अभाव के कारण यह टापू सा निर्मित हो जाता है जिस कारण यहां आवागमन बाधित होता है और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों की समस्या सुन जशपुर विधायक तत्काल डेंगुरजोर नाला पहुंची और यहां पानी में उतर मौके का अवलोकल किया।
मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा के बाद विधायक श्रीमती भगत ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह समस्या ग्रामीणों के लिए अत्यधिक गंभीर है। उन्होंने शासन प्रशासन से मिलकर यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि डेंगुरजोर नाला में प्राथमिकता के आधार पर पुल का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाएगा। विधायक ने कहा कि गांववालों को यह समस्या वर्षों से झेलनी पड़ रही है और अब समय आ गया है कि इस पर स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

                          क्या है मामला

गुरुवार को दोपहर ग्रामीणों ने विधायक श्रीमती रायमुनी भगत को ग्रामीणों ने उनके निवास पहुंचकर बताया कि हम सभी जनता जगह जगह आवेदन देकर हार मान चुके है आप हमारे विधायक है सड़क पुल की समस्या का समाधान अब आपके हाथों में है,जिसमें उन्होंने मौके पर पहुंच कर मुआयना कर आश्वासन दिया कि जल्द ही मुख्यमंत्री, वन मंत्री से मिलकर सड़क को सुगम बनवा देंगे। 
गायलुंगा के उपसरपंच शिव यादव,बच्छरांव सरपंच शंकर राम बरला,संभु सिंह साहीडाँड़ ने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के पास पहुंच कर सड़क और पुल की स्थिति से अवगत कराया एवं गत दिनों नवजात शिशु और महिला को दो लोगों के सहारे नाला को पार करते वीडियो भी दिखाया गया,इस पीड़ा ने जशपुर  विधायक श्रीमती भगत को झकझोर दिया। उन्होंने एक पल भी देरी न करते हुए 90 किमी का सफर कर तत्काल मौके पर पहुंच कर डेंगुरजोर नाला में उतर कर पानी के बहाव का अवलोकन किया।उन्होंने तत्काल वन मंत्री से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया। श्रीमती भगत ने ग्रामीणों को पूरा आश्वासन दिया कि बहुत जल्द यंहा पुलिया के निर्माण किया जाएगा। वहीं सड़क की जर्जर हालत को देखते हुए विभाग के सम्बंधित अधिकारी को जमकर क्लास लगाई और शीघ्र ही सड़क मरम्मत का निर्देश दिया। क्षेत्र के ग्रामीणों ने पूर्व में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के आश्वासनों से थकी लीला की पुकार पर अब एक वास्तविक राहत मिलती दिख रही है।
पिछले कई दशकों से ग्रामीणों के द्वारा इस क्षेत्र के डेंगुरजोर नाला में पुल निर्माण की मांग की जा रही है। अभ्यारण्य के बीच मे बसे तीन पंचायत तक पहुंचने के लिए एकमात्र रास्ता जो नाले से गुजरता है, वह बारिश के दिनों में हमेशा भरा रहता है जिससे दो पहिया वाहन तक गांव में प्रवेश नहीं कर सकते।नाला को पार करने के पहले और बाद कीचड़ भरी सड़क को पार करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इस सड़क पर  बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।  कच्ची सड़क होने के कारण यह पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। आने-जाने वाले बाइक या आटो कीचड़ में फंस कर कई बार पलट चुके हैं। इस रास्ते से गुजरना खतरा मोल लेने के बराबर है। ग्रामीणों के अनुसार, पुल के अभाव में न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में देरी होती है, बल्कि उनके दैनिक जीवन की कई अन्य गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।यहां की खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पहुंचती है,जिससे गर्भवती महिलाओं और बीमार ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

और भी

CG Road Accident : दर्दनाक हादसा.! ट्रक ने बाइक सवारों को रौंदा..एक युवती समेत 3 की मौत..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोरिया। बैकुंठपुर NH-43 पर खरवत चौक के पास बीती सड़क हादसे में एक युवती समेत 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. हादसा रात लगभग 1 बजे हुआ. सूचना मिलते ही चरचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत घायलों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.

दरअसल, तीनों एक ही बाइक पर सवार थे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले. पुलिस ने एक युवक की पहचान कर ली है और उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है, जबकि अन्य दो की पहचान के प्रयास जारी हैं.

फिलहाल, पुलिस ने शवों को सुरक्षित रखवाकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं, हादसे के बाद ट्रक और उसका चालक मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है.

और भी

Jashpur News : ऑपरेशन मुस्कान.! गुम हुई गूंगी नाबालिग बच्ची को पुलिस ने सकुशल परिजनों से मिलवाया..पढ़ें पूरी ख़बर

जशपुरनगर। जशपुर पुलिस ने "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत एक सराहनीय कार्य करते हुए गुमशुदा गूंगी नाबालिग बच्ची को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाया। यह बच्ची बस में चढ़कर अनजाने में सन्ना पहुंच गई थी, जहां मानवीय संवेदनाएं दिखाते हुए बस परिचालक ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। घटना कुछ इस प्रकार है कि एक गूंगी नाबालिग बच्ची, जो किसी कारणवश अपने घर से भटक गई थी, एक बस में चढ़कर जशपुर से सन्ना पहुंच गई।

वहीं बच्ची अपनी स्थिति किसी को बता पाने में असमर्थ थी। लेकिन बस परिचालक हाफिज खान ने बच्ची की हालत को समझते हुए सराहनीय निर्णय लिया। उन्होंने उसे अन्यत्र कहीं उतारने के बजाय सन्ना पुलिस के हवाले किया। 

दरअसल बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सन्ना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची की पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की। बच्ची के शारीरिक संकेतों और आसपास के थानों से समन्वय के जरिए उसके परिजनों तक पुलिस ने पहुंच बनाई। कुछ ही घंटों के भीतर बच्ची को सुरक्षित उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।

फिलहाल इस मानवीय कार्य में बस परिचालक और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सभी ओर सराहना हो रही है। "ऑपरेशन मुस्कान" के अंतर्गत इस तरह के प्रयास गुमशुदा बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में एक मिसाल बनते जा रहे हैं। जशपुर पुलिस ने फिर एक बार यह सिद्ध किया है कि सेवा और सुरक्षा ही उनके कर्तव्य का मूल है।

और भी

*"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत महाकुल यादव समाज ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में उठाया गया अनुकरणीय कदम.....*

 जशपुरनगर। श्रावण मास के पावन अवसर पर महाकुल यादव समाज द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत गिरी गोवर्धन धाम, फरसाबहार तहसील, जशपुर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में मातृसम्मान, श्रद्धा और चेतना को जागृत करना था।इस अभियान का नेतृत्व प्रदेश महाकुल यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमेश्वर यादव एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश यादव के आह्वान पर किया गया, जिनके मार्गदर्शन में सैकड़ों लोगों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की। समाज के लोगों ने अपनी माँ के नाम पर वृक्ष लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महाकुल यादव समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्यजन भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष श्री अशोक यादव, नरसिंह यादव , मुरली यादव , हिमसागर खुटिया,जयराम खुटिया सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों का भी सराहनीय योगदान रहा।इस मौके पर
डीडीसी श्री वेदप्रकाश भगत एवं मंडल अध्यक्ष श्री मुक्तेश्वर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।

पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों की प्रेरणा

यह वृक्षारोपण अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैला रहा है, बल्कि समाज में माँ जैसे आदर्श प्रतीकों के प्रति सम्मान एवं भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूती दे रहा है।“एक पेड़ माँ के नाम” का यह भावपूर्ण संदेश आज एक जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है।

और भी

*भगवान भोले की कृपा बनी रहे और हमारा देश व छत्तीसगढ़ सतत् रूप से विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे : मुख्यमंत्री*

रायपुर, 24 जुलाई 2025/ सावन मास के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आज बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी द्वारा किए जा रहे शिव महापुराण कथा का श्रवण भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और हमारा देश और छत्तीसगढ़ सतत् रूप से विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कि भगवान श्री भोलेनाथ के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। हमारी सरकार की नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। 

इस अवसर पर फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित 01 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन 22 जुलाई से प्रारंभ हुआ था और इसका समापन आज 24 जुलाई को विधिपूर्वक किया गया। पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। भक्तगण पूर्ण श्रद्धा, निष्ठा और भक्ति भाव से पार्थिव शिवलिंग निर्माण में सहभागी रहे। पूजन एवं अनुष्ठान का आयोजन प्रतिष्ठित विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्र सम्मत विधियों के अनुसार किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

और भी

*हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव का उत्सव है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

हरेली पर्व किसान, खेत-खलिहान और गोधन की पूजा का अवसर है – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

हरेली पर्व हमारी धरती, परिश्रम और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक – उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव

हरेली पर्व हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और कृषि संस्कृति को संरक्षित रखने की प्रेरणा देता है – राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर, 24 जुलाई 2025//
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और कृषि परंपरा से जुड़े पर्व हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री के निवास कार्यालय में पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया, साथ ही गौरी-गणेश, नवग्रहों और कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की जीवनशैली, मेहनतकश किसानों की आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बच्चों में गेड़ी जैसी पारंपरिक विधाओं के प्रति आकर्षण बनाए रखना हमारी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा है। हमें चाहिए कि हम ऐसे पर्वों के माध्यम से अपनी नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोड़ें।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली पर्व किसान, खेत-खलिहान और गोधन की पूजा का पर्व है। मान्यता है कि आज के दिन शिव-पार्वती स्वयं भू-लोक में आकर किसानों की खेती-किसानी को देखने आते हैं। हरेली से ही छत्तीसगढ़ में त्योहारों की श्रृंखला की शुरुआत होती है।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की आत्मा से जुड़ा पर्व है। यह हमारी धरती, परिश्रम और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमारे किसानों की आस्था और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को दर्शाता है।

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। हरेली जैसे पर्व हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और कृषि संस्कृति को जीवंत रखने की प्रेरणा देते हैं। इस पर्व में गेड़ी चलाने की प्रतियोगिता बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। साथ ही गोधन को पौष्टिक आहार देकर ग्रामीणजन पशुधन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

इस अवसर पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की प्रस्तुति, गेड़ी चढ़ने की प्रतियोगिता और लोकनृत्यों ने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम स्थल छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकपरंपरा की झलक से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में  पारंपरिक कृषि औजारों की पूजा कर प्रकृति और कृषि परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प दोहराया।

और भी

*हरेली उत्सव में सीएम निवास में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर*

रायपुर, 24 जुलाई 2025/  छत्तीसगढ़ की धरती पर जब भी कोई त्योहार आता है, तो वह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं होता, बल्कि वह जीवनशैली, परंपरा, स्वाद और सामाजिक सौहार्द का पर्व बन जाता है। इसी श्रृंखला में प्रदेश के प्रमुख कृषि पर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास में पारंपरिक स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। प्रदेश की अतुलनीय पाक परंपरा को जीवंत करते हुए यहां आगंतुकों के स्वागत के लिए विशेष रूप से ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा और चौसेला जैसे दर्जनों पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी।

बांस की सूप, पिटारी और दोना-पत्तल में परोसे गए इन व्यंजनों ने न केवल स्वाद, बल्कि प्रस्तुतीकरण में भी लोकजीवन की आत्मा को उजागर किया। अतिथियों ने गर्मागर्म पकवानों का स्वाद लेते हुए राज्य की पारंपरिक पाककला की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं भी इन व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की  हरेली तिहार केवल खेती-किसानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी लोकसंस्कृति, हमारी परंपरा और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है। इन पारंपरिक व्यंजनों में हमारी माताओं-बहनों की मेहनत, सादगी और स्वाद की समृद्ध परंपरा छिपी है, जो हमारी असली पहचान है। यह आयोजन न केवल हरेली पर्व की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह प्रमाणित करता है कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी मिट्टी, उसके स्वाद और उसकी परंपराओं में रची-बसी है।

इस अवसर पर परिसर का हर कोना छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सौंधी खुशबू से सराबोर था। कहीं ढोल-मंजीरों की थाप पर लोक नृत्य होते दिखे तो कहीं व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचती रही। परंपरागत वेशभूषा में सजे ग्रामीण कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जीवंत और आत्मीय बना दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और आमजनों ने इस आयोजन को एक स्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बताया।

और भी

*मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: श्री साय ने गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का किया अभिषेक......गाय और बछड़े को लोंदी खिलाकर दिया पशुधन संरक्षण का संदेश*

रायपुर, 24 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। 
पहली बार मुख्यमंत्री निवास में हरेली के पूजन में भिलाई की ग्रेजुएट सुश्री धनिष्ठा शर्मा ने अपने बड़े भाई श्री दिव्य शर्मा के साथ भगवान शिव के अभिषेक में मंत्रोच्चार किया, इससे मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनके परिजनों सहित मौजूद सभी अतिथि प्रभावित हुए।

हरेली के पूजा-पाठ में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेती किसानी के कामों में उपयोग होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व दूसरे कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर हरेली उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के किसानों समेत समस्त छत्तीसगढ़ वासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन संरक्षण के संदेश के साथ गाय और बछड़े को पारंपरिक लोंदी और हरा चारा खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली पर्व केवल किसानों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन से जुड़े हमारे गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है। इस दिन गाय एवं अन्य मवेशियों को गेहूं के आटे, नमक और अरंडी के पत्तों से तैयार लोंदी खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे पशुओं को कई प्रकार की बीमारियों से बचाव मिलता है और उनकी सेहत बेहतर रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में पशुओं को परिवार का सदस्य माना गया है। हरेली का यह पर्व हमें पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं से जुड़ें और पशुधन की देखभाल एवं सुरक्षा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिवेश और पूजा-पद्धति के साथ लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

और भी

*मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी परंपराओं की झलक, पारंपरिक कृषि यंत्रों के साथ बिखरी सांस्कृतिक छटा*

रायपुर, 24 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की खुशबू लिए हरेली तिहार का पारंपरिक उत्सव आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निवास में विधिवत रूप से आरंभ हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ प्रत्येक अवसर और कार्य के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग होता आया है। हरेली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ऐसे ही पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों की झलक देखने को मिली, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं।

*काठा*

सबसे बाईं ओर दो गोलनुमा लकड़ी की संरचनाएँ रखी गई थीं, जिन्हें ‘काठा’ कहा जाता है। पुराने समय में जब गाँवों में धान तौलने के लिए काँटा-बाँट प्रचलन में नहीं था, तब काठा से ही धान मापा जाता था। सामान्यतः एक काठा में लगभग चार किलो धान आता है। काठा से ही धान नाप कर मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाता था।

*खुमरी*

सिर को धूप और वर्षा से बचाने हेतु बांस की पतली खपच्चियों से बनी, गुलाबी रंग में रंगी और कौड़ियों से सजी एक घेरेदार संरचना ‘खुमरी’ कहलाती है। यह प्रायः गाय चराने वाले चरवाहों द्वारा सिर पर धारण की जाती है। पूर्वकाल में चरवाहे अपने साथ ‘कमरा’ (रेनकोट) और खुमरी लेकर पशु चराने निकलते थे। ‘कमरा’ जूट के रेशे से बना एक मोटा ब्लैंकेट जैसा वस्त्र होता था, जो वर्षा से बचाव के लिए प्रयुक्त होता था।

*कांसी की डोरी*

यह डोरी ‘कांसी’ नामक पौधे के तने से बनाई जाती है। पहले इसे चारपाई या खटिया बुनने के लिए ‘निवार’ के रूप में प्रयोग किया जाता था। डोरी बनाने की प्रक्रिया को ‘डोरी आंटना’ कहा जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ में खेतों की मेड़ों पर कांसी पौधे उग आते हैं, जिनके तनों को काटकर डोरी बनाई जाती है। यह डोरी वर्षों तक चलने वाली मजबूत बुनाई के लिए उपयोगी होती है।

*झांपी*

ढक्कन युक्त, लकड़ी की गोलनुमा बड़ी संरचना ‘झांपी’ कहलाती है। यह प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ में बैग या पेटी के विकल्प के रूप में प्रयुक्त होती थी। विशेष रूप से विवाह समारोहों में बारात के दौरान दूल्हे के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, पकवान आदि रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता था। यह बांस की लकड़ी से निर्मित एक मजबूत संरचना होती है, जो कई वर्षों तक सुरक्षित बनी रहती है।

*कलारी*

बांस के डंडे के छोर पर लोहे का नुकीला हुक लगाकर ‘कलारी’ तैयार की जाती है। इसका उपयोग धान मिंजाई के समय धान को उलटने-पलटने के लिए किया जाता है।

और भी

आज मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक तरीके से हरेली तिहार उल्लास के साथ होगा विशेष आयोजन....कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला जैसे विविध होंगे आयोजन 

रायपुर, 24 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में लोकजीवन की विविध रंगतें, सांस्कृतिक विरासत और किसानों के प्रति सम्मान का भाव सजीव रूप में प्रकट होगा। हरेली त्यौहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों से सजाया गया है। पारंपरिक तोरण, हरियाली से सजे द्वार और ग्रामीण शिल्प कला से समृद्ध इस वातावरण में हरेली की वास्तविक आत्मा को अनुभव किया जा सकेगा।

आयोजन में छत्तीसगढ़ के विविध अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य, राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। सावन की फुहारों के बीच सावन झूला और सवनाही रामायण पाठ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। यह कार्यक्रम ना केवल एक सांस्कृतिक आयोजन होगा, बल्कि यह प्रदेश की लोकभावना और पारंपरिक धरोहर का जीवंत उत्सव भी होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आयोजन में शामिल होकर कृषि यंत्रों एवं औजारों की पूजा करेंगे, जो हरेली पर्व की मुख्य परंपरा रही है। पारंपरिक से लेकर आधुनिक यंत्रों की एक विस्तृत प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की कृषि परंपराओं और यांत्रिकी प्रगति से परिचय मिलेगा।

कार्यक्रम में बच्चों के लिए परंपरागत खेल और  लोककला प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही हैं। हरेली तिहार को इस बार केवल एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण, परंपरा और प्रगति के मिलन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली पर्व केवल खेती और हरियाली का नहीं, बल्कि हमारे लोकजीवन, परंपरा और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का उत्सव है। हमारी सरकार इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकसंस्कृति को न केवल संरक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि उसे सार्वजनिक जीवन के केंद्र में लाने की प्रेरक पहल भी है।

और भी

प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री श्री साय ने हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ*

रायपुर, 23 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।

श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।

और भी