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*महतारी वंदन योजना से महिलाएं बन रही है आत्मनिर्भर :आर्थिक संबल के साथ गढ़ रहीं बेहतर कल....*

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। 

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

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*पहाड़ी कोरवाओं के लिए चिरायु योजना बन रही वरदान,इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाज*

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति  के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है। 
     
जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी। 

     इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री  अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया। 

      इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

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*फिशरीज के नये युग की शुरूआत : हसदेव डुबान में बनेगा पहला एक्वा पार्क......उत्पादन प्रोसेसिंग से लेकर एक्वा टूरिजम से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय* 

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। 

कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। 

*एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री साय* 

इस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है। 

*अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभ*

हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9  मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य श्री दीपक राम मांझीवार, श्री अमर सिंह मांझीवार और श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 

एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।

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*ग्रामीण क्षेत्र की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लर्निंग लाइसेंस एवं एच.एस.आर.पी. शिविर का आयोजन 23 जुलाई को पंचायत भवन बछरांव में* 

जशपुरनगर 21 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सड़क सुरक्षा में जागरूकता लाने के प्रयास से 23 जुलाई 2025 बुधवार को  लर्निंग लायसेंस शिविर एवं एच.एस.आर.पी. (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) शिविर का आयोजन बगीचा विकासखण्ड के पंचायत भवन बछरांव में किया गया है।  
           जिला परिवाहन अधिकारी ने बताया है कि 23 जुलाई 2025 दिन बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय जशपुर पूर्ण रूप से बंद रहेगी। किसी भी प्रकार का शासकीय कार्यों का संपादन नहीं किया जायेगा। उन्होंने समस्त आवेदकों से अपील की है कि लर्निंग लाइसेंस के लिए किसी भी लोक सेवा केन्द्र और च्वाईस सेंटर से ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं या परिवहन विभाग की वेवसाईट  parivahan.gov.in से स्वयं ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं एवं 23 जुलाई 2025 का स्लॉट (अपॉइंटमेंट) लेकर पंचायत भवन बछरांव में उक्त तिथि को आवेदन के साथ उपस्थित होकर इस शिविर का लाभ ले सकते हैं।
             सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत समस्त श्रेणी के मोटर वाहनों पर एच.एस.आर.पी. लगवाया जाना अनिवार्य किया गया है। समस्त वाहन मालिकों आर.सी. कार्ड एवं मोबाईल नम्बर के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित होकर नम्बर प्लेट के लिए ऑनलाईन आवेदन करा सकते हैं।

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CG News : प्रेरणा की मिसाल बनीं ड्रोन दीदी गोदावरी साहू..राज्यपाल ने स्मृति चिन्ह और ₹10000 की प्रोत्साहन राशि भेंट की..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई पहचान बना चुकी ड्रोन दीदी गोदावरी साहू को आज राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी भेंट की और उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे ग्रामीण महिलाओं के लिए सच्ची प्रेरणा हैं। इस अवसर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

दरअसल, मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव की निवासी गोदावरी साहू नमो ड्रोन दीदी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीकों को अपनाया और ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, डीएपी खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना शुरू किया। इससे न केवल फसलों की पैदावार बेहतर हुई, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हुई।

फिलहाल, राज्यपाल ने कहा कि गोदावरी साहू की यह यात्रा बताती है कि अगर संकल्प और नवाचार हो तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं और दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती हैं। गोदावरी न सिर्फ अपने जीवन को संवार रही हैं, बल्कि आसपास के किसानों की प्रगति में भी भागीदार बन चुकी हैं।

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CG Big News : महिला ने रचा इतिहास.! 16 हजार विलुप्त हो रही छत्तीसगढ़ पारंपरिक संस्कृति साड़ियां फ्री में बांट दी..गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुई शामिल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/भिलाई। छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती पारंपरिक संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए भिलाई की समाजसेवी शांता शर्मा ने एक अनोखी पहल कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अब तक 16 हजार महिलाओं और बेटियों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक अंडी लुगरा साड़ी भेंट की है।

वहीं इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इस अद्वितीय उपलब्धि की घोषणा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया प्रमुख मनीष बिश्नोई ने भिलाई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने शांता शर्मा को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

दरअसल शांता शर्मा ने बताया कि यह पहल उन्होंने अपनी संस्था रूपाली महतारी गुड़ी के माध्यम से शुरू की। उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, विशेषकर अंडी लुगरा साड़ी को एक बार फिर समाज में स्थान दिलाना है। वे विभिन्न अवसरों पर जैसे कि छत्तीसगढ़ की सेवा में अग्रणी महिलाओं का सम्मान, नवरात्रि के दौरान नवकन्या भोज या पारंपरिक त्योहारों में इन साड़ियों के साथ छत्तीसगढ़ी गहने भी भेंट में देती रही हैं।

 

फिलहाल इस अभियान की शुरुआत शांता ने पहली साड़ी संगीता शर्मा को भेंट कर की थी और हाल ही में 16 हजारवीं साड़ी लता ऋषि चन्द्राकर को भेंट कर उन्होंने इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम किया। शांता शर्मा का यह कार्य न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने की एक सराहनीय कोशिश भी है। उनके इस प्रयास से निश्चित रूप से अंडी लुगरा साड़ी को फिर से पहचान मिलेगी और यह आम जनजीवन में फिर से प्रचलन में आएगी।

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आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को मिला भोजन का अधिकार .......जिले में 2 लाख 63 हजार से अधिक राशनकार्डधारी हितग्राहियों को दिया जा रहा खाद्यान्न 

विशेष लेख : सहायक संचालक श्रीमती नूतन सिदार

जशपुनगर 21 जुलाई 2025/ किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी आवश्यकता होती है भोजन और आवास‌ इसमें से एक आवश्यकता तो ऐसी है जिसके बिना जीवन संभव नहीं और वह है भोजन
इन आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील सोच रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन और आवास की सुविधा उपलब्ध काई जा रही है।

  खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के तहत् गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के साथ सभी परिवारों को भोजन का अधिकार सुनिश्चित करने तथा पात्रता अनुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया। जिसके अतंर्गत जशपुर जिले में 61,472 अन्त्योदय परिवारों को प्रतिमाह 35 किलो चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार 1,83,521 प्राथमिकता राशन कार्ड धारियों को 1 से 2 सदस्यों के लिए 10 किलो प्रति सदस्य के मान से प्रतिमाह एवं 3 से 5 सदस्य वाले परिवार को 35 किलो एवं 5 से अधिक सदस्य वाले परिवारों को 7 किलो चावल प्रति सदस्य प्रतिमाह प्रदाय किया जा रहा है। 670 एकल निराश्रित एवं 217 निःशक्तजन राशनकार्ड पर 10 किलो चावल प्रतिमाह निःशुल्क प्रदाय किया जा रहा है।
               राज्य शासन के निर्णय अनुसार जनवरी 2024 से दिसम्बर 2028 तक समस्त अन्त्योदय तथा प्राथमिकता कार्डधारियों हेतु चावल की उपभोक्ता दर निःशुल्क होगी। 
जिले में कुल 2 लाख 63 हजार 195 राशनकार्ड प्रचलित है जिनको खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
इनमें 17 हजार 315 एपीएल कार्ड भी शामिल हैं।
सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत जिले में 17,315 सामान्य परिवारों (आयकरदाता एवं गैर आयकरदाता) को भी खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। सामान्य राशनकार्डों में खाद्यान्न की पात्रता 1 सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो, 3 या 03 से अधिक सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो खाद्यान्न प्रतिमाह जिसकी उपभोक्ता दर 10 रूपये प्रतिकिलो निर्धारित
की गई है।


              मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार राज्य शासन और जिला प्रशासन जशपुर में  महिला सशक्तिकरण के दिशा में भी सार्थक पहल हो रहा है। इसके लिए शासन के निर्देशानुसार राशनकार्ड हेतु प्रत्येक परिवार की वरिष्ठ एवं वयस्क महिला को परिवार का मुखिया बनाया गया है। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के आबंटन राशन सामग्री के समयबद्ध भण्डारण एवं उचित मूल्य दुकानों में उपलब्धता बनाये रखने के साथ-साथ संपूर्ण वितरण व्यवस्था की बेहतर निगरानी के उददेश्य से छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू किया गया है। 
            
सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले में कुल 494 उचित मूल्य की दुकानें संचालित है। जिसके माध्यम से हितग्राही लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें सहकारी समिति द्वारा 08, महिला स्व सहायता समूह द्वारा 54, ग्राम पंचायत द्वारा 423, नगरीय निकाय द्वारा 09  उचित मूल्य की दुकाने संचालित है।

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*खलिहान में अभ्यास कर जिले के पांच खिलाड़ियों ने जीता गोल्ड........कुश्ती और एथलेटिक्स के खिलाड़ी तैयार कर रहे अंकित मिंज, सुबह-शाम दे रहे निशुल्क प्रशिक्षण.....*

नारायणपुर : संसाधन के नाम पर सुविधाएं शून्य, पर हौसला चमकने का है। इसी हौसले के साथ नारायणपुर क्षेत्र के पांच खिलाड़ियों ने नेशनल गेम में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनके कोच अंकित मिंज खलिहान और नारायणपुर के खेल ग्राउंड में कुश्ती और एथलेटिक के खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं।

स्कूल गेम्स एंड एक्टिविटी डेवलपमेंट फेडरेशन का सेकेंड नेशनल चैम्पियनशिप 15 जुलाई को राजीव गांधी स्पोटर्स कॉम्पलेक्स दिल्ली में आयोजित हुआ। जिसमें जशपुर जिले के पांच खिलाड़ियों ने पहला स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में कुश्ती के तीन खिलाड़ी प्रतीक भगत (65 किलोग्राम कैटेगरी), नरेन्द्र यादव (75 किग्रा कैटेगरी) और दुर्गेश राम (60 किग्रा कैटेगरी) के हैं। वहीं एथलेटिक्स में भाला फेंक में जीवन किशोर तिर्की और तावा फेंक में पुरुषोत्तम राम ने पहला स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि इनके कोच अंकित मिंज भी साल 2024 में इसी नेशनल फेडरेशन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। वर्तमान में अंकित मिंज से 11 खिलाड़ी खेलों की बारीकियां सीख रहे हैं। अंकित खिलाड़ियों को सुबह-शाम मुफ्त में ट्रेनिंग दे रहे हैं। पांच खिलाड़ियों के नेशनल गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद अब इस इलाके के खिलाड़ी इंटरनेशनल गेम्स की की तैयारी तैयारी कर रहे हैं।

ग्रामीण और आदिवासी बच्चों में स्टेमिना की कोई कमी नहीं: ट्रेनर अंकित

एथलेटिक्स के खेलों में प्रैक्टिस के साथ स्टेमिना की अहम भूमिका रहती है। आम तौर पर शहर में लोग स्टेमिना बढ़ाने के लिए कई तरह के सप्लीमेंट लेते हैं। पर ग्रामीण और आदिवासी बच्चों में स्टेमिना की कोई कमी नहीं है। कोच अंकित मिंज बताते हैं,कि ग्रामीण क्षेत्र के  बच्चे बचपन से ही खेतों में काम कर, जंगल पहाड़ों में जाकर मजबूत रहते हैं। उनका स्टेमिना का जवाब नहीं है। प्रैक्टिस और संसाधन मिले तो बच्चे नेशनल व इंटरनेशनल गेम में भी देश का झंडा ऊंचा कर सकते हैं।

यह सुविधाएं मिलने पर और आगे बढ़ेंगे खिलाड़ी

एथलेटिक्स के खेलों के लिए जशपुर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की भारी कमी है।  नारायणपुर क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष कई खेलों के खिलाड़ी स्टेट ओर नेशनल स्तर में भाग लेकर पदक लाते रहें है।यदि यंहा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए सुविधा के तौर पर आउटडोर जिम, नेशनल लेवल का जेवलिन, नेशनल लेवल का डिस्कस, नाइट प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड में फ्लड लाइट और पीने का पानी की सुविधा मिले, तो और अधिक संख्या में खिलाड़ी रूचि लेंगे और खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल*

रायपुर, 20 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।”

मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं।

उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर श्रीमती रेणु पारीख, श्री मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।

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*भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में 2047 तक राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 20 जुलाई 2025/ शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ।

सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*प्रदेश को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा – स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास*

रायपुर, 20 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है। 

मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई।

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।

रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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छात्रावास में भी बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर किया जाएगा कार्य : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर संकल्प जशपुर में छात्रावास अधीक्षकों का हुआ उन्मुखीकरण प्रशिक्षण

जशपुर नगर : कलेक्टर रोहित व्यास एवं सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रावास अधीक्षकों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर के सभागार में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधीक्षकों की नेतृत्व क्षमता को विकसित करना, छात्रावासों में शिक्षा की गुणवत्ता को उन्नत बनाना तथा विद्यार्थियों में स्व-अध्ययन को बढ़ावा देना रहा।
इस प्रशिक्षण का संचालन डिप्टी कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में किया गया। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने प्रशिक्षण सत्र में  छात्रावास अधीक्षकों को प्रशिक्षित किया। जिसमें उन्होंने नेतृत्व कौशल, भावनात्मक समझ, व्यवहार प्रबंधन, और छात्रों के साथ संवाद पर भी मार्गदर्शन दिया। इस सत्र में व्याख्याता श्री संजय दास ने भी सह-प्रशिक्षक के रूप में सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने माइंड मैपिंग के माध्यम से अधीक्षकों को आत्म-चिंतन की आवश्यकता बताई। जिससे वे अपने छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बना सकें। इसमें "कंफर्ट ज़ोन" से "ग्रोथ ज़ोन" तक की मानसिक यात्रा के विषय में बताया गया। अधीक्षकों को यह भी बताया गया कि कैसे व्यक्ति अपने कंफर्ट ज़ोन में रहते हुए सीमित क्षमताओं के साथ कार्य करता है, जबकि फीयर ज़ोन में वह चुनौतियों से घबराता है, लर्निंग ज़ोन में नई चीजें सीखता है और अंततः ग्रोथ ज़ोन में पहुँचता है। इससे न केवल अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से विकसित होंगे बल्कि छात्रावासों में नवाचार और प्रेरणादायक वातावरण का निर्माण होगा, जिससे छात्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन को लेकर अधीक्षकों से शैक्षणिक अनुशासन, नियमित अध्ययन, छात्रावास में रात्रिकालीन स्वाध्याय, डेली स्टडी रूटीन जैसे व्यवहारिक उपायों पर भी चर्चा हुई। सत्र के प्रारंभ में ब्रेनस्टॉर्मिंग के साथ नई शिक्षा नीति पर भी बात की गई। प्रशिक्षण के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा और अवनीश पांडेय , संजय दास , राजेंद्र प्रेमी भी उपस्थित रहे।

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*दस या अधिक श्रमिक रखने वाले दुकान संचालकों को 14 अगस्त तक कराना होगा पंजीयन....श्रम पहचान संख्या, पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना होगा अनिवार्य*

जशपुर,20 जुलाई 2025/ प्रदेश के सभी दुकानों और स्थापनाओं के लिए श्रम विभाग द्वारा दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शतों) अधिनियम, 2017 के अंतर्गत    10 या 10 से अधिक श्रमिक अथवा कर्मचारी  नियोजित होने पर श्रम पहचान संख्या पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में श्रम पदाधिकारी जशपुर ने बताया कि कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शतों) अधिनियम, 2017 तथा इसके अंतर्गत निर्मित छ०ग० दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियम) नियम 2021 को प्रदेश में 13 फरवरी 2025 से प्रभावशील किया गया है। जिसके परिपालन में सभी दुकानों और स्थापनाओं को श्रम पहचान संख्या पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। 10 या 10 से अधिक श्रमिक व कर्मचारी नियोजित करने वाले दुकानों और संस्थाओं को श्रम विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। श्रम विभाग के पोर्टल में 14 अगस्त 2025 तक संबंधित दुकानदार को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस तिथि के बाद पंजीयन करने पर विलंब शुल्क देना होगा। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 के अंतर्गत ऐसे पूर्व से पंजीकृत समस्त दुकान एवं स्थापनायें जिनमें 10 या 10 से अधिक श्रमिक अथवा कर्मचारी नियोजित हों को 6 माह के भीतर अर्थात् 14 अगस्त 2025 तक ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर दुकान एवं स्थापनाओं का पंजीयन कराने एवं श्रम पहचान संख्या प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर निर्धारित शुल्क में छूट प्रदान की गई है।    
        अधिनियम के प्रभावशीलता के 6 माह अर्थात् 14 अगस्त 2025 के बाद निर्धारित शुल्क का 25 प्रतिशत विलंब शुल्क के साथ पंजीयन प्रमाण-पत्र सह श्रम पहचान संख्या प्रदाय किये जाने के निर्देश दिये गये है। इसी प्रकार कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948, तथा कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 के अंतर्गत पंजीकृत दुकान एवं स्थापनाओं को इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत माना जावेगा, किन्तु उन्हें 14 अगस्त 2025 के पूर्व श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने हेतु श्रम विभाग के पोर्टल https://shramevjayate.cg.gov.in/ पर ऑनलाईन आवेदन करने पर कोई पंजीयन शुल्क देय नहीं होगा।

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Jashpur Police Transfer : SSP  के द्वारा की  गई कार्यवाही: बदले गए दो थाने सहित एक चौकी के प्रभारी.... साथ ही चार सहायक उप निरीक्षकों को भी किया गया तबादला---देखें लिस्ट

 

जशपुर : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से दो थानों क्रमशः थाना सन्ना, थाना आस्ता व  चौकी कोतबा के प्रभारी अधिकारियों की अदला बदली की गई है, थाना प्रभारी सन्ना उप निरीक्षक श्री बृजेश यादव को चौकी प्रभारी कोतबा, चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक श्री राकेश कुमार सिंह को थाना प्रभारी आस्ता व थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह को थाना प्रभारी सन्ना के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
             थाना प्रभारियों के साथ साथ चार सहायक उप निरीक्षकों को भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के द्वारा स्थानांतरित किया गया है, जो निम्नानुसार है,सहायक उप निरीक्षक नीता कुर्रे को थाना पत्थलगांव से थाना कांसाबेल, सहायक उप निरीक्षक खिरोवती बेहरा को थाना कांसाबेल से थाना तपकरा, सहायक उप निरीक्षक संत कुमार चौहान को यातायात पत्थलगांव से रक्षित केंद्र जशपुर तथा सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह को यातायात जशपुर से यातायात पत्थलगांव स्थानांतरित किया गया है।

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में विभिन्न स्व सहायता समूह से 1 लाख 24 हजार से अधिक महिलाएं जुड़कर‌ कर बनी है आत्मनिर्भर

जशपुर 20 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी विकास खंड में 11 हजार 559 स्व सहायता समूह का गठन किया गया है जिसमें 1 एक लाख 24 हजार 117 महिला सदस्य जुड़े हुए हैं। और विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गए हैं।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें स्व सहायता समूह को 703 ग्राम संगठन एवं 32 संकुल संगठन के माध्यम से संगठित किया गया है. गठित स्व सहायता समूह सदस्यों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास भी किए जा रहे हैं।

 महिलाओं को कृषि के माध्यम से बीज उपचार, प्राकृतिक खाद, द्रव जीवामृत, घन जीवामृत, ब्रह्मास्त्र, नीमस्त्र, का निर्माण एवं निरंतर प्रयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है, इस प्रकार से कृषि पशुपालन, मत्स्य पालन, किराना दुकान, ईट निर्माण, आदि विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजनाओं जिसमें मुख्यतः कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य पालन विभाग, रेशम विभाग,रोजगार गारंटी योजना, आदि में संचालित होने वाली योजनाओं से जोड़कर स्व सहायता समूह सदस्यों की आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामुदायिक निधि के द्वारा समूह सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही साथ बैंक के माध्यम से स्व सहायता समूह का बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लोन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में आजीविका गतिविधि हेतु राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

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*श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर बगिया में पावन श्रावण मास में होगा तीन दिवसीय भव्य शिव अनुष्ठान,,,,100108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ.....*

जशपुरनगर।श्रावण मास, जो भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, इस बार ग्राम बगिया के लिए विशेष आध्यात्मिक सौगात लेकर आया है।श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर, जो कि मैनी नदी के पवित्र तट पर स्थित है, वहां 22 जुलाई से 24 जुलाई 2025 तक एक भव्य 100108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है।इस तीन दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह ग्राम बगिया को आध्यात्मिक ऊर्जा से भी भर देगा।इस कार्यक्रम का शुभारंभ पहला दिन – 22 जुलाई, दिन मंगलवार 100108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण आरंभ होगा साथ शिवलिंगों में प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।
एवं भक्तों द्वारा पूजन, मंत्रोच्चार, आरती और विसर्जन संपन्न होगा।वहीं दूसरा दिन 23 जुलाई,दिन बुधवार को पुनः पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा के साथ विधिवत पूजन, सायंकाल में विशेष शिव महाआरती व विसर्जन होगा, वहीं तीसरे दिन  24 जुलाई दिन गुरुवार को अंतिम चरण का शिवलिंग निर्माण प्राण-प्रतिष्ठा और शिव पूजन महायज्ञ, हवन एवं पूर्णाहुति भव्य आरती एवं विशाल भंडारा प्रसादी वितरण किया जायेगा।इस अवसर पर सभी श्रद्धालुजनों से सपरिवार उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है। मंदिर परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्र को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, तथा भजन-कीर्तन की भी विशेष व्यवस्था की गई है।इस आयोजन के पीछे प्रेरणा बनीं हैं श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय, जो ग्राम व समाज के धार्मिक आयोजनों में सदैव अग्रणी रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रावण मास शिवभक्ति का सर्वोत्तम समय है। पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह महायज्ञ जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने वाला है। हम सभी शिव भक्तों को इस अद्भुत अवसर पर आमंत्रित करते हैं।

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मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृति......साथ ही 56 पदों  की भी मिली स्वीकृति 

 


जशपुर 20 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदाय स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है।

कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।

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Jashpur News : आकाशीय बिजली का कहर.! चपेट में आया खेत में रोपा लगा रहा किसान..मौके पर हुई मौत..पढ़ें पूरी खबर

सन्ना/जशपुरनगर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है यहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 38 वर्षीय किसान की मौके पर ही मौत हो गई है वहीं सन्ना पुलिस घटनास्थल पहुंचकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है। 

फिलहाल, इस संबंध में सन्ना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चंपा सचिव मनरखन राम ने बताया कि मृतक जंग साय नगेसिया पिता सुखराम नगेसिया उम्र 38 वर्ष अपने खेत में रोपा लगाने गया हुआ था,

बता दें, इस दौरान दोपहर के लगभग 3:00 बजे तेज बारिश हुई और इसी बीच आकाशीय बिजली की चपेट में मृतक आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई फिलहाल सन्ना पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई कर रही है ।

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